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बेहोश यश को कमरे में बंद कर बच्चों को स्कूल छोडऩे गया था बबलू घोसी, बाद में आकर मारी कुल्हाड़ी Sunday 04 February 2024 03:36 PM UTC+00 समलैंगिक संबंध बनाने का विरोध करने पर यश (17) के सिर पर रसूल मोहम्मद उर्फ बबलू घोसी ने सरिए का वार किया। अभी वो आगे कुछ सोचता, इससे पहले ही बच्चों को स्कूल छोडऩे के लिए वो कमरे में ताला लटका कर चला गया। बाद में आया तब तक होश में आए यश पर कुल्हाड़ी से वार कर बबलू घोसी ने उसे मौत के घाट उतार दिया। सूत्रों के अनुसार बबलू घोसी ने हत्या के बाद मृतक का मोबाइल फॉरमेट करके श्मशान में फैंका तो यश की बाइक भी तीन-चार दिन अपने ही घर में छिपाए रखी। मुख्य आरोपी बबलू घोसी से पूछताछ के बाद यह उजागर हुआ है। असल में ग्यारहवीं के छात्र यश के साथ पढऩे वाले एक अन्य नाबालिग छात्र ने ही बबलू घोसी से उसकी जान-पहचान कराई थी। इस जान-पहचान को करीब छह महीने हो चुके थे। यश का साथी उसे पहले भी कई बार बबलू घोसी के पास ले जा चुका था। 19 जनवरी को सुबह व्हाट्सएप पर आए संदेश में बबलू घोसी ने यश को अपने घर बुलाया। पहली बार तो यश ने मना कर दिया, फिर कुछ मिनट बाद मैसेज देकर वहां पहुंच गया। अपनी बाइक पर गए यश को अपने बाड़े के पास बने कमरे में बबलू ने बुलाया। इस दौरान उससे गलत हरकत की तो यश ने उसे धकिया दिया। इस दौरान बबलू ने पास ही रखे सरिए से उसके मारा तो वो बेहोश हो गया। इस बीच उसे अपने बच्चों को स्कूल छोडऩे का ध्यान आया तो वो कमरे में ताला लटका कर चला गया। कुछ समय बाद वापस आया और कमरा खोलने पर यश को होश में पाया। यश ने कुछ बोला तो बबलू घोसी ने पास ही रखी कुल्हाड़ी से उसे मौत के घाट उतार दिया। हालांकि इन दोनों के बीच पैसे लेन-देन की बात भी सामने आ रही है। सूत्र बताते हैं कि अभी तक हत्या के दौरान किसी के शामिल होने की बात सामने नहीं आई है। हत्या के बाद बबलू घोसी ने अपने ही अतिक्रमण वाले बाड़े में यश की मोटरसाइकिल छिपा दी। करीब तीन-चार दिन बाद वो मोटरसाइकिल सारणवास-सलाऊ रोड के पास एक पार्क में फेंक आया। यही नहीं इधर कोतवाली थाना पुलिस ने भी दो बार उससे पूछताछ की तो वो मासूम बन गया और यश के उसके घर नहीं आने की बात कही। इतना ही नहीं बबलू घोसी ने यश के मोबाइल को फॉरमेट कर पास ही श्मशान में फेंक दिया, जिसे भी पुलिस ने बरामद कर लिया है। घिनोने खेल के दलदल में कई नाबालिग सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यश के दो नाबालिग स्कूली साथी उसे बबलू घोसी तक ले गए थे। बबलू घोसी के साथ करीब आठ-दस ऐसे लोगों का ग्रुप था जो समलैंगिक सम्बंध के आदतन थे। इस ग्रुप के लोग स्कूल के कम उम्र के बच्चों को अपने जाल में फंसाते और फिर उन्हें नशे के साथ होटल में खाना-खिलाते, यहां तक की रकम और गिफ्ट भी देते थे। महेंद्र चारण समेत ऐसे कई अन्य नाम भी हैं जो इस कृत्य में शामिल थे। नाबालिग को नशा उपलब्ध कराने की भी बात सामने आई है। जिस स्कूल में यश पढ़ता था, उस स्कूल के दो-तीन अन्य साथी भी घोसी के चंगुल में थे। बबलू घोसी से हुई पूछताछ में करीब तीन दर्जन लोगों के नाम सामने आए हैं जिनके बबलू से नजदीकियां थी। बबलू के साथ रहने वाले तीन-चार अन्य भी महिलाओं जैसा व्यवहार करते थे। इतना बड़ा अतिक्रमण और प्रशासन मूक बना रहा सूत्रों का कहना है कि नया दरवाजा, प्रताप सागर की पाल के पास बबलू घोसी ने बड़ा अतिक्रमण कर रखा है। इसका मकान/बाड़ा समेत बड़ी जगह को घेरने पर प्रशासन की ओर से नहीं की गई कार्रवाई भी सवाल खड़ा करती है। इस अतिक्रमण को हटाने की मांग पर डॉ हापूराम चौधरी समेत अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों ने आवाज बुलंदी की, लेकिन तकनीकी कारणों से प्रशासन ने कुछ दिन बाद इसे हटाने का आश्वासन दिया। इनका कहना मुख्य आरोपी बबलू घोसी को आठ फरवरी तक रिमाण्ड पर लिया है। इस खेल में शामिल करीब आठ जनों से पुलिस पूछताछ कर रही है। एक पुलिसकर्मी के बेटे महेंद्र चारण का भी नाम सामने आया है, उसे भी तलाश रहे हैं। पुलिस किसी को नहीं बख्शेगी। -नारायण टोगस, एसपी नागौर |
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