>>: जानिए इस बार रेगिस्तानी इलाके में क्यों होगा नहरी पानी का बंटवारा

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-पौंग व भाखड़ा बांध के जल स्तर के हिसाब से निर्धारित होगा पंजाब, हरियाणा तथा राजस्थान के अगले माह का शेयर
-जैसलमेर में होगी बीबीएमबी की बैठक, मार्च के शेयर का होगा निर्धारण
हनुमानगढ़. भाखड़ा व्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) की बैठक इस बार चंडीगढ़ की बजाय जैसलमेर में होगी। इसकी तैयारियों में जल संसाधन विभाग के अधिकारी जुट गए हैं। 16 फरवरी को धोरों के बीच होने वाली इस अहम बैठक में मार्च के शेयर का निर्धारण किया जाएगा। पानी के बंटवारे को लेकर हो रही उक्त बैठक में पंजाब, हरियाणा व राजस्थान के अधिकारी शामिल होंगे। राजस्थान का प्रतिनिधित्व जल संसाधन विभाग हनुमानगढ़ के मुख्य अभियंता अमरजीत सिंह मेहरड़ा करेंगे। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार राजस्थान में बैठक होने से प्रदेश को आंशिक रूप से फायदा मिल सकता है। हालांकि शेयर का निर्धारण बांधों के जल स्तर के हिसाब से किया जाएगा। गत महीने के मुकाबले इस महीने पानी की आवक में कुछ सुधार भी हुआ है। इससे मार्च के शेयर में कुछ सुधार होने की उम्मीद है।
वर्तमान में इंदिरागांधी नहर को तीन में एक समूह में चलाया जा रहा है। किसान इस नहर को चार में दो समूह में चलाने की मांग कर रहे हैं। लेकिन शेयर में कमी होने के चलते नहर को किसानों की मांग के अनुसार नहीं चलाया जा रहा है। मार्च में गेहूं की पकाई के लिए पूरा पानी देने की मांग किसान लंबे समय से कर रहे हैं। इस बैठक के संपन्न होने के बाद ही पता चल पाएगा कि मार्च में कितना पानी नहरों में चलेगा। इंदिरागांधी नहर से राजस्थान के हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, बीकानेर, नागौर, जैसलमेर, जोधपुर, चूरू सहित प्रदेश के बारह जिलों को जलापूर्ति हो रही है। इससे करीब तीन करोड़ लोगों की प्यास बुझ रही है। लाखों बीघा भूमि सिंचित हो रही है। इस स्थिति में प्रदेश के इन जिलों में नहरी पानी की काफी अहमियत रहती है।

इतनी आवक व निकासी
13 फरवरी 2024 को भाखड़ा बांध का लेवल 1605.26 फीट था। इसमें 5115 क्यूसेक व 14866 क्यूसेक पानी की निकासी हो रही थी। वहीं पौंग बांध का लेवल 1343.55 फीट था। इसमें आवक 3602 क्यूसेक तथा निकासी 17002 क्यूसेक हो रही थी। बांधों में आवक और निकासी का मूल्यांकन करके आगे के शेयर का निर्धारण किया जाएगा।

.......फैक्ट फाइल....
-पंजाब, हरियाणा व राजस्थान से निकलने वाले इंदिरागांधी नहर की कुल लंबाई 649 किमी है। इसमें सबसे ज्यादा क्षेत्रफल राजस्थान में 445 किमी है।
-इस नहर से हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर, चूरू व नागौर सहित प्रदेश के 12 जिलों की प्यास बुझ रही है।
-1958 में इंदिरागांधी फीडर का निर्माण शुरू हुआ था।
-11 अक्टूबर 1963 में राजस्थान में पहली बार इंदिरागांधी नहर की नौरंगदेसर वितरिका में पानी प्रवाहित किया गया था।
-नहरी क्षेत्रों से राजस्थान में 6000-7000 करोड़ का उत्पादन हो रहा है।

....वर्जन....
होगा शेयर निर्धारित
इस बार बीबीएमबी की बैठक जैसलमेर में रखी गई है। उक्त बैठक पहले चंडीगढ़ में होती रही है। इस अहम बैठक में अगले महीने के शेयर का निर्धारण किया जाएगा।
-शिवचरण रैगर, अधीक्षण अभियंता, जल संसाधन विभाग हनुमानगढ़

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