>>: श्रीलाल गुंजल और दो अन्य के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट

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तालेड़ा. बूंदी. कोटा डेयरी के पूर्व अध्यक्ष श्रीलाल गुंजल और दो अन्य के खिलाफ छह साल पहले एक जने को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में तालेड़ा के न्यायिक मजिस्ट्रेट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। तीनों को आगामी 8 अप्रेल को अदालत में तलब किया गया है। श्रीलाल कोटा-बूंदी लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी प्रहलाद गुंजल का बड़ा भाई है।


तालेड़ा थाने में दर्ज प्रकरण के अनुसार नया बरधा निवासी बंशीलाल सैनी ने 19 मई 2018 को सल्फास खा लिया था। उसकी दो दिन बाद कोटा के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई।


इस मामले में 22 मई 2018 को मृतक की पत्नी संजू बाई और पुत्र अभिषेक ने पुलिस को शिकायत दी। शिकायत के साथ उन्होंने बंशीलाल के हस्ताक्षर युक्त एक स्टॉम्प पत्र की प्रति भी पेश की। स्टॉम्प पत्र में बंशीलाल ने आरोप लगाया था कि कोटा डेयरी के तत्कालीन अध्यक्ष श्रीलाल गुंजल, सुपरवाइजर प्रभुलाल गोचर और गोपाल गुर्जर ने पिछले आठ माह से उसे परेशान कर रखा है। वे जब चाहे तब उसका दूध संग्रहण केन्द्र [बीएमसी] बंद कर देते। पैसे देने के बाद उसे चालू करते थे। आखिरकार उसने पैसे देने से मना कर दिया तो उन्होंने उसके पास से संग्रहण केन्द्र हटा हो गया। इस बात से आहत होकर उसने सल्फास खा लिया। सैनी ने तीनों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की।

 

इस मामले की जांच कोटा रेंज कार्यालय की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक [अपराध और सतर्कता] उमा शर्मा ने की। उन्होंने जांच में कोटा डेयरी के तत्कालीन अध्यक्ष श्रीलाल गुंजल, अरनेठा निवासी प्रभुला गोचर और लेसरदा निवासी गोपाल गोचर के खिलाफ भारतीय दण्ड संहिता की धारा 306 और 120 बी के तहत अपराध प्रमाणित माना। जांच में तीनों के खिलाफ सैनी को धमकाना, संग्रहण केन्द्र छोडऩे के अत्यधिक दबाब बनाना, केन्द्र से आने वाले दूध की गुणवत्ता कम बनाना, उस पर जुर्माना लगाने जैसे तथ्य प्रमाणित पाए गए। जांच अधिकारी ने माना कि तीनों ने सैनी को सामाजिक, प्रशासनिक और मानसिक रूप से इस कदर प्रताडि़त किया कि उसे अपनी आजीविका खोने का संकट उत्पन्न हो गया। इसके चलते सैनी के पास आरोपियों ने आत्महत्या के अतिरिक्त अन्य कोई विकल्प नहीं छोड़ा।


इस मामले में उच्च न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने तालेड़ा के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष तीनों आरोपियों के खिलाफ गत 25 अक्टूबर को धारा 306 और 120 बी के तहत आरोप पत्र पेश किए थे। अदालत ने तीनों के खिलाफ प्रसंज्ञान लेकर तलब किया था, लेकिन पिछली कई पेशियों पर उपस्थित नहीं होने पर तीनों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए। इस प्रकरण में आगामी सुनवाई 8 अप्रेल को है।

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