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Table of Contents

मुलेठी के फायदे (Mulethi ke Fayde)


मुलेठी (Mulethi) हमारी रसोई में तो होती ही है, लेकिन क्या आप जानते हैं ये सिर्फ मिठास बढ़ाने वाली चीज़ नहीं है? आयुर्वेद में मुलेठी को औषधीय गुणों से भरपूर जड़ी-बूटी माना जाता है. आइए जानें मुलेठी (Mulethi) के कुछ कमाल के फायदे:

मुलेठी गले की समस्या दूर करे (Muleth Gale ki Samasya Door Kare):

सर्दी-जुकाम या गले में खराश होने पर मुलेठी (Mulethi) को चूसने से आराम मिलता है.

यह भी पढ़े- इन बीमारियों में मुलेठी की चाय से बेहतर कुछ भी नहीं, जानिए इसके अद्भुत फायदे

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मुलेठी पाचन क्रिया को दुरुस्त करे (Mulethi Pachan Kriya ko Durust Kare):

मुलेठी (Mulethi) पाचन एंजाइमों को बढ़ाकर पेट फूलना, गैस और अपच जैसी समस्याओं से छुटकारा दिलाने में मदद करती है.

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मुलेठी इम्यूनिटी बढ़ाए (Mulethi Immuntiy Badhaye):

मुलेठी (Mulethi) में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं, जिससे बीमारियाँ कम होती हैं.

मुलेठी थायरॉइड में फायदेमंद Mulethi is beneficial in thyroid


मुलेठी एक आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है जिसमें कई औषधीय गुण होते हैं। मुलेठी में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं। इन गुणों के कारण मुलेठी थायरॉइड के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकती है।

मुलेठी की चाय Liquorice tea


मुलेठी की चाय बनाकर पीने से थायरॉइड के लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है। मुलेठी की चाय बनाने के लिए एक चम्मच मुलेठी पाउडर को एक कप पानी में उबाल लें। जब पानी आधा रह जाए तो इसे छानकर पी लें।

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मुलेठी खून में शुगर को कंट्रोल करे (Mulethi Khoon mein Sugar ko Control Kare):

मुलेठी (Mulethi) में पाए जाने वाले कुछ तत्व खून में शुगर के लेवल को नियंत्रित करने में मददगार हो सकते हैं. (ध्यान दें: ये दवा का विकल्प नहीं है, डायबिटीज़ होने पर डॉक्टर की सलाह जरूर लें)

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मुलेठी मुंह की बदबू दूर करे (Mulethi Munh ki Badboo Door Kare):

मुलेठी (Mulethi) का सेवन मुंह की दुर्गंध को दूर करने में भी लाभदायक माना जाता है.

मुलेठी से खूनी बवासीर में आराम (Mulethi Khooni Bawadir mein Aaram):

कुछ अध्ययनों के अनुसार, मुलेठी (Mulethi) खूनी बवासीर की समस्या को कम करने में भी मदद कर सकती है.

इन फायदों के अलावा भी मुलेठी (Mulethi) के और कई गुण बताए जाते हैं. लेकिन याद रखें, किसी भी चीज़ का ज्यादा सेवन नुकसानदायक हो सकता है. इसलिए मुलेठी का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

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हिंदुओं के बढ़ते प्रभाव से ईर्ष्या
अमरिका की राजनीति और सामाजिक जीवन में हिंदुओं का तेजी से प्रभाव बढ़ रहा है।
यह स्थानीय लोगों के साथ विरोधी देशों को भी रास नहीं आ रहा है। इनके चलते, वहां के सनातन धर्म और हिंदुओं के प्रति नफरत फैलाई जा रही है। गैर - हिंदुओं द्वारा सोशल मीडिया का सहारा ले कर, हिंदू धर्म की मान्यताओं, रीतिरिवाज, प्रतीक चिन्हों, पूजा विधियों को ले कर लगातार अभद्र टिप्पणियां की जा रही हैं। भारत - विरोधी होने के चलते, विभिन्न आतंकी संगठनों द्वारा इसीलिये हिंदुओं को डराने - धमकाने के लिए हिंदू - धर्मस्थलों पर हमलो में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
-नरेश कानूनगो, देवास, म.प्र.
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अमरीका में हिंदू अल्पसंख्यक
भारत में हिन्दू बहुसंख्यक हैं। अतः कट्टरवाद पनप नहीं सकता किन्तु विदेशों में हिन्दू अति अल्पसंख्यक हैं, इसलिए कट्टरवादी गतिविधियां विशेषतः हिन्दू धर्म स्थलों पर हमले करने में ये कामयाब हो जाते हैं। कट्टरवादी भूल जाते हैं कि विकसित देशों में उच्च स्तरीय राजनीतिक जननेता हिन्दू मूल के हैं।
मुकेश भटनागर, भिलाई, छत्तीसगढ़
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राजनीतिक, सामाजिक या धार्मिक कारण
यह बहुत चिंताजनक है। धार्मिक स्थलों पर हमले आम तौर पर समुदाय की भावनाओं और अनिवार्यताओं के प्रति असहमति के परिणाम के रूप में होते हैं। इसके पीछे राजनीतिक, सामाजिक या धार्मिक आस्था से संबंधित कई कारक हो सकते हैं।
संजय माकोड़े बैतूल
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हिंदुओं को नहीं करते पसंद
भारत में बढते हिंदूवाद व राष्ट्रवाद को अमरीका में कुछ हिंदूविरोधी पसंद नहीं करते। वे सनातन धर्म को नीचा दिखाना चाहते हैं। कुछ कुठित व्यक्ति व संगठन हिंदू धर्मस्थलों पर हमला कर रहे हैं।
अशोक आमेटा, उदयपुर
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कट्टरपंथी विचारधारा का प्रभाव
अमरीका में हालिया समय में उग्रवादिता तथा कट्टरपंथियों की संख्याओं में वृद्धि हुई है।इस प्रकार की विचारधारा के लोग अल्पसंख्यकों खासकर हिंदुओं को निशाना बना रहे है। यहां तक कि भारतीय छात्र भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
राहुल कुमार पालीवाल, राजसमंद
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भारतवंशियों को हतोत्साहित करने के लिए हमले
अमरीका में चुनाव नजदीक हैं। कुछ कट्टरपंथी लोग भारतवंशियों को हतोत्साहित करने के लिए हिंदू मंदिरों पर हमले करवा रहे हैं। यह उनकी बौखलाहट है। अमरीका में किसी भी धर्म के अपमान की निंदा होनी चाहिए। अमरीका को उन उपद्रवियों को सजा देनी चाहिए।
-बलवीर प्रजापति, हरढा़णी जोधपुर
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अतिवादी लोग करवा रहे हिंदू मंदिरो पर हमले
खालिस्तान के समर्थक कट्टरवादी अराजक तत्वों के कारण अमेरिका में हिंदू धर्म स्थलों पर हमले की घटनाएं बढ़ रही हैं। हर एक कम्युनिटी में अतिवादी लोगों का समूह पाया जाता है। ईसाई समुदाय भी हिंदुओं को विशेष पसंद नहीं करता है। इनकी शह भी खालिस्तानियों को हो सकती है।
ललित महालकरी, इंदौर

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अमरीका में बढ़ा हिंदू राष्ट्रवाद
अमेरिका में हिंदू राष्ट्रवाद के बढ़ने के कारण हिंदू धर्म स्थलों पर हमले बढ़ रहे हैं। खालिस्तान भारत और अमेरिका के संबंधों को पटरी से उतारना चाहता है। खालिस्तान अमेरिका की आड़ में हिंदू धर्मस्थलों को तोड़कर हिसा भड़का रहा है। हिंदु संगठन बड़े पैमाने पर दुनिया भर में सांस्कृतिक धार्मिक सामाजिक बौद्धिक रचनात्मक गतिविधियां चला रहे हैं उन्हें खालिस्तान रोकना चाहता है ।
लहर सनाढ्य, उदयपुर राजस्थान

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अक्सर गंभीर मानसिक बीमारियों जैसे स्किजोफ्रेनिया और बाइपोलर डिसऑर्डर के इलाज में इस्तेमाल की जाने वाली दवाओं के दुष्प्रभाव भी सामने आते हैं. ये दवाएं दिमाग के कैमिकल संतुलन को तो ठीक करती हैं, लेकिन मोटापा और शरीर में शुगर का लेवल बढ़ा देती हैं. जिसकी वजह से कई बार मरीज दवा लेना बंद कर देते हैं.

कीटोजेनिक डाइट मानसिक बीमारियों में फायदेमंद Ketogenic diet beneficial in mental illnesses

लेकिन अब स्टैनफोर्ड मेडिसिन के डॉक्टरों द्वारा की गई एक शुरुआती स्टडी में पाया गया है कि कीटोजेनिक डाइट (Ketogenic Diet) दवाओं के साथ-साथ इन बीमारियों से जूझ रहे लोगों की मानसिक और शारीरिक सेहत को सुधारने में मदद कर सकती है. ये रिसर्च "साइकियाट्री रिसर्च" जर्नल में प्रकाशित हुआ है.

शोधकर्ताओं में से एक डॉक्टर शेबानी सेठी का कहना है कि ये नतीजे काफी उत्साहजनक हैं. इससे मानसिक बीमारियों के इलाज के नए रास्ते खुल सकते हैं.

शेबानी सेठी ने बताया कि उन्हें सबसे पहले इस डाइट और मानसिक बीमारी के कनेक्शन का पता तब चला जब वह एक मोटापा क्लिनिक में काम कर रही थीं. वहां उन्होंने एक ऐसे स्किजोफ्रेनिया के मरीज को देखा जिसकी दवाईयों पर भी कोई असर नहीं हो रहा था. लेकिन कीटोजेनिक डाइट (Ketogenic Diet) लेने के बाद उसकी मानसिक परेशानियां कम हो गईं.

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मिर्गी के दौरे कम करने में भी कीटोजेनिक डाइट फायदेमंद Ketogenic diet is also beneficial in reducing epileptic seizures

इसके बाद उन्होंने इस बारे में और रिसर्च करना शुरू किया. हालांकि स्किजोफ्रेनिया के इलाज में कीटोजेनिक डाइट (Ketogenic Diet) के इस्तेमाल पर बहुत कम रिसर्च मौजूद थे. लेकिन मिर्गी के दौरे कम करने में इस डाइट के काफी फायदे बताए गए थे.

शेठी कहती हैं कि मिर्गी के इलाज में कीटोजेनिक डाइट (Ketogenic Diet) दिमाग की कोशिकाओं की उत्तेजना को कम करके काम करती है. इसलिए उन्होंने सोचा कि इस डाइट को मानसिक बीमारियों में भी आजमाया जा सकता है.

कुछ सालों बाद शेबानी सेठी ने "मेटाबॉलिक साइकियाट्री" (Metabolic psychiatry) नाम से एक नया क्षेत्र विकसित किया. इस क्षेत्र में मानसिक सेहत को शरीर में एनर्जी उत्पादन के नजरिए से देखा जाता है.

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अपने चार महीने के शुरुआती अध्ययन में डॉ सेठी की टीम ने 21 ऐसे वयस्क मरीजों को शामिल किया गया जिन्हें स्किजोफ्रेनिया या बाइपोलर डिसऑर्डर था, वो एंटी-सायकोटिक दवाएं ले रहे थे और उनका मेटाबॉलिज्म असामान्य था. उदाहरण के तौर पर उनका वजन बढ़ गया था, शरीर में शुगर का लेवल सही नहीं था, ट्राइग्लिसराइड्स का लेवल ऊंचा था.

इन मरीजों को एक खास डाइट दी गई जिसमें 10% कैलोरी कार्ब्स से, 30% प्रोटीन से और 60% फैट से आती थी. उन्हें कैलोरी गिनने की जरूरत नहीं थी.

शेठी ने बताया कि इस डाइट में मुख्य रूप से साबुत, बिना प्रोसेस्ड फूड जैसे प्रोटीन और हरी सब्जियों को शामिल किया गया था, और फैट को कम करने की जरूरत नहीं थी. उन्होंने मरीजों को कीटो-फ्रेंडली खाने के तरीके भी बताए. साथ ही उन्हें कीटो कुकबुक और एक हेल्थ कोच की सलाह भी दी गई.

रिसर्च टीम हर हफ्ते मरीजों के खून में कीटोन लेवल चेक करके उनकी डाइट को फॉलो करने का पता लगाती रही. (कीटोन वो एसिड होते हैं जो शरीर तब बनाता है जब वो एनर्जी के लिए ग्लूकोज की बजाय फैट का इस्तेमाल करता है.) ट्रायल के अंत तक 14 मरीज पूरी तरह से डाइट को फॉलो कर रहे है।

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Lok Sabha Election 2024 : राजस्थान में विभिन्न राजनैतिक दलों से आए पूर्व सांसद, पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक, प्रधान, जिला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्यों सहित 314 नेताओं ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ग्रहण की।

ये हुए भाजपा में शामिल
इस अवसर पर भाजपा प्रदेश सह-प्रभारी विजया राहटकर, जॉइनिंग कमेटी के संयोजक अरूण चतुर्वेदी और भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष नारायण पंचारिया, प्रदेश महामंत्री जितेन्द्र गोठवाल और श्रवण सिंह बगड़ी ने गंगानगर के पूर्व सांसद एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शंकर पन्नू, पूर्व विधायक जे पी चंदेलिया, नंदकिशोर महरिया, शिमला देवी बावरी, फतेहपुर विधानसभा प्रत्याशी पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष मधुसूदन भिंडा, गंगानगर से प्रत्याशी रहे पृथ्वीपाल सिंह, झुंझुनूं से पूर्व प्रत्याशी रहे राजेन्द्र भामू, पिलानी से पूर्व प्रत्याशी कैलाश मेघवाल, ब्राह्मण महासभा के प्रदेश सचिव विजय कौशिक, पूर्व जिलाध्यक्ष झुंझुनूं सुभाष शर्मा, पूर्व जिला उपाध्यक्ष गुलाब कंवर, कांग्रेस के महामंत्री रहे नरेन्द्र इंदौरिया, जेजेपी यूथ विंग के प्रदेशाध्यक्ष प्रतीक महरिया, युवा ब्राहमण महासभा के प्रदेश महामंत्री निखिल इंदौरिया और ब्यावर से प्रत्याशी रहे इंद्र सिंह बाघावास सहित सैंकड़ों नेताओं को भाजपा का दुपट्टा पहनाकर सदस्यता ग्रहण कराई गई।

'राजस्थान में बनेगी जीत की हैट्रिक'
सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश सह-प्रभारी विजया राहटकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजय रथ को आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश का हर वर्ग साथ है। युवा, महिला, गरीब और किसान सभी वर्गों का पीएम मोदी की नीतियों पर विश्वास है। राजस्थान में भाजपा की डबल इंजन सरकार भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में बेहतर काम कर रही है, तो वहीं भाजपा का संगठन प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी के नेतृत्व में सभी को साथ लेकर चल रहा है। प्रदेश की जनता ने ठान लिया है कि राजस्थान में तीसरी बार सभी 25 सीटों पर भाजपा को विजयी बनाकर हैट्रिक बनाएंगे।

यह भी पढ़ें- मदन दिलावर पर भड़के सचिन पायलट, कहा - राजस्थान में अधिकांश सीटों पर कांग्रेस जीतेगी

वैज्ञानिकों ने नींद की कमी, बेरोजगारी और दिल की बीमारी के बीच संबंध खोजा है। अमेरिकी शोधकर्ताओं ने पाया है कि जो लोग बेरोजगार हैं, उनका बीमा नहीं है या उन्होंने हाईस्कूल से ज्यादा पढ़ाई नहीं की है, उन्हें पूरी नींद नहीं आती है और दिल की बीमारी का खतरा ज्यादा रहता है।

अमेरिकी हार्ट एसोसिएशन की पत्रिका में प्रकाशित इस अध्ययन में एशियाई अमेरिकियों, जिनमें भारतीय मूल के वयस्क भी शामिल हैं, पर शोध किया गया। अध्ययन में पाया गया कि इन सामाजिक कारणों और दिल की बीमारी के खतरे के बीच का संबंध अलग-अलग समूहों में काफी भिन्न था।

अध्ययन में शामिल शोधकर्ताओं का कहना है कि सिर्फ संबंध पाए जाने का मतलब यह नहीं है कि सामाजिक कारणों ने सीधे तौर पर बीमारी का खतरा बढ़ाया है। अध्ययन में 6,395 एशियाई लोगों का डाटा शामिल किया गया था। इनमें से 22 प्रतिशत भारतीय मूल के वयस्क थे।

भारतीय मूल के वयस्क समूह में 20 प्रतिशत लोगों को पूरी नींद नहीं आने की संभावना पाई गई और 42 प्रतिशत लोगों में शारीरिक गतिविधि नाकाफी होने का पता चला। ये दोनों ही दिल की बीमारी के लिए खतरे की वजह मानी जाती हैं।

अध्ययन में यह भी पाया गया कि सभी एशियाई समूहों के लिए "स्वास्थ्य के लिए खराब सामाजिक कारकों का स्कोर एक यूनिट बढ़ने के साथ उच्च रक्तचाप का जोखिम 14 प्रतिशत, नींद की कमी का जोखिम 17 प्रतिशत और टाइप 2 मधुमेह का जोखिम 24 प्रतिशत ज्यादा हो जाता है। ये सभी चीजें दिल की बीमारी का खतरा बढ़ा देती हैं।"

अध्ययन के मुख्य लेखक यूजीन यांग, जो अमेरिका के वाशिंगटन स्कूल ऑफ मेडिसिन में प्रोफेसर हैं, का कहना है कि "स्वास्थ्य के लिए कई सामाजिक कारण एक दूसरे से जुड़े होते हैं, मसलन आस-पड़ोस का वातावरण, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य सेवाओं का इस्तेमाल।"

उन्होंने यह भी कहा कि "दक्षिण एशियाई मूल के लोगों में दुनियाभर में दिल की बीमारी कम उम्र में होने का खतरा ज्यादा होता है और हाल ही में पाया गया है कि उनमें दिल की बीमारी से होने वाली मौतों का आंकड़ा गैर-हिसपैनिक श्वेत लोगों से भी ज्यादा है। एशियाई उप-समूहों में दिल की बीमारी के खतरे में अंतर क्यों होता है, इसकी बेहतर समझ दिल की बीमारी के खतरे को कम करने और लोगों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए बहुत जरूरी है।"

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CUET PG 2024 Answer Key Download: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) 4 अप्रैल को CUET PG परीक्षा की आंसर-की रिलीज कर सकती है। ऐसे छात्र जिन्होंने इस साल यह परीक्षा दी है, वो आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आंसर-की चेक कर सकते हैं।

गलत जवाब पर आपत्ति दर्ज करा सकते हैं छात्र


एनटीए की ओर से कल जो आंसर-की जारी किया जाएगा, वो फाइनल नहीं है। 4 अप्रैल को जारी होने वाली आंसर-की प्रोविजनल है, जिसका अर्थ है कि छात्र इस पर आपत्ति जता सकते हैं। छात्र आंसर-की देखें और उसे डाउनलोड कर लें। यदि उन्हें लगता है कोई जवाब गलत है तो वे इस पर आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। प्रति सवाल 200 रुपये का शुल्क देना होगा।


यह भी पढ़ें- कम उम्र में कर ली नौकरी, अब करना चाहते हैं पढ़ाई…IIM दे रहा है एमबीए करने का मौका


छात्रों के आपत्ति दर्ज करने के बाद एनटीए की ओर से इस पर विचार किया जाएगा। यदि एनटीए को लगता है कि कोई आपत्ति सही है तो आंसर-की में सुधार किया जाएगा और उसे फिर से जारी किया जाएगा। यह फाइनल आंसर-की होगा, जिसके आधार पर छात्र अपना स्कोर जोड़ सकेंगे।

ऐसे देखें आंसर-की (CUET PG 2024 Answer Key)

  • सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट pgcuet.samarth.ac.in. पर जाएं
  • यहां 'CUET UG 2024 Answer Key' लिंक पर क्लिक करें
  • इसके बाद एक पेज खुलेगा जिसमें आंसर-की दिखेगी
  • आप इस आंसर-की को डाउनलोड

कब हुई थी CUET PG परीक्षा? (CUET PG Exams 2024)


करीब 157 विषयों के लिए 11 मार्च से लेकर 28 मार्च तक CUET PG परीक्षाएं आयोजित की गई थी। यह परीक्षाएं ऑनलाइन मोड में हुई थीं। इस साल सीयूईटी-पीजी परीक्षा के लिए कुल 4,62,589 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन किया था।

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Written By Anjali Tomar

जयपुर। एक मां ही होती है जो अपने बच्चों के लिए हद से गुजर जाती है। अपने बच्चों के लिए वह कुछ भी कर सकती है। ऐसी ही एक मां हैं प्रतिभा भटनागर। मनोवैज्ञानिक सलाहकार और विशेष शिक्षक प्रतिभा ने कड़ी मेहनत और संघर्ष से अपने स्पेशल चाइल्ड की परवरिश इस तरह की कि उन्हें राजस्थान शासन सचिवालय में सरकारी नौकरी मिल चुकी हैं और वह यहां तक पंहुचने वाले प्रदेश के पहले ऐसे युवा है जिन्हें ऑटिज्म हैं। एक मां के संघर्ष की कहानी उन्हीं की जुबानी... वर्ष 1992 में अक्षय का जन्म हुआ। जब चार साल का था तब पता चला कि वह ऑटिस्टिक है। तब समझ आ गया था कि विशेष योग्यजन के रूप में उसका जीवन मुश्किलों से भरा होगा, क्योंकि उस समय ऑटिज्म को लेकर आमजन में जागरूकता ही नहीं थी। तब ऐसे बच्चों को स्कूल में एडमिशन देने का भी कानून नहीं था। ऐसे में हमें सभी मोर्चों पर संघर्ष करना पड़ा। मैं अपनी सरकारी नौकरी छोडकऱ अक्षय की देखभाल में जुट गई क्योंकि उसकी देखभाल के साथ उसे समाज में उचित स्थान दिलाना था। पहले स्कूल फिर कॉलेज में एडमिशन के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी। जिससे वह सामान्य बच्चों के साथ पढ़ सका। इस सफर में उसकी टीचर्स ने सपोर्ट किया।

कर रहीं जागरूकता लाने का प्रयास

प्रतिभा बताती हैं कि वह आमजन को भी ऑटिज्म के प्रति जागरूक करने का प्रयास कर रही हैं। वह कहती हैं कि आज अक्षय है तो कल कई और ऐसे ही बच्चे होंगे, जो ऑटिस्टिक होंगे। उन्हें समाज में उनका हक दिलवाने के लिए आज मैं दूसरों को जागरूक करने का प्रयास कर रही हूं। सचिवालय में भी कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ वर्कशॉप करती हूं, जिससे वह ऑटिज्म के बारे में जान और समझ सकें।

जीते कई Award's

प्रतिभा के प्रयासों का नतीजा है कि उन्हें विशेष योग्यजन निदेशालय, राजस्थान सरकार की ओर से रोल मॉडल (ऑटिज्म श्रेणी) से सम्मानित किया गया। विश्व विकलांगता दिवस पर रोल मॉडल ( ऑटिज्म श्रेणी) राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया। चेन्नई में केविनकेयर एबिलिटी मास्टरी अवॉर्ड मिला। वह निर्वाचन विभाग, राजस्थान की ओर से जयपुर जिले का ब्रांड एंबेसडर बने। वह अब तक 4 मेडल राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक चैंपियनशिप में 2019 से 2021 तक प्राप्त कर चुके हैं। इसके साथ ही स्टेट पैरा एथलेटिक्स में अक्षय के पास छह स्वर्ण पदक हैं।

हिंदी साहित्य का देश-विदेश में जाना-पहचाना नाम है मनीषा कुलश्रेष्ठ। राजस्थान के जोधपुर में जन्म लेने वाली मनीषा कुलश्रेष्ठ ने हिंदी साहित्य के बड़े फलक पर अपना नाम दर्ज किया है। कथा यूके सम्मान, राजस्थान का प्रतिष्ठित बिहारी पुरस्कार, राजस्थान साहित्य अकादमी का सम्मान रांगेय राघव सम्मान, वनमाली कथा सम्मान, कृष्ण प्रताप कथा सम्मान सहित कई बड़े सम्मान इनके हिस्से रहे हैं। उपन्यास शिगाफ, मल्लिका, सोफिया, शालभंजिका, स्वप्नपाश, कहानी संग्रह कठपुतलियां, कुछ भी तो रूमानी नहीं, किरदार, बौनी होती परछाइयां, यात्रा वृतान्त 'होना अतिथि कैलाश का' और कई विधाओं में मनीषा कुलश्रेष्ठ के नाम कई किताबें हैं। हाल ही में इनका नया कहानी संग्रह राजपाल से आया है 'वन्या'। जंगल का हरापन और आदिवासियों की जीवंतता के साथ इसकी कहानियां हर किसी की जुबां पर हैं। वहीं दूसरी ओर देश में अपनी तरह का कथा शिविर 'कथाकहन' की संस्थापक के तौर पर वे नए लेखकों के बीच खासी चर्चित हैं। उनके कथा संसार की कुछ बातें जानते हैं, उन्हीं से....

सवाल- नया कहानी संग्रह खासा चर्चित हो रहा है। 'वन्या' की कहानियों में घना जंगल है, यह जंगल क्या लेखक के भीतर भी होता है?

जवाब- 'वन्या' में जंगल से ज्यादा मेरा जंगल प्रेम है। बचपन से ही जंगल किड रही हूं। पेरेंट्स का भी ऐसी जगह ट्रांसफर होता रहा, जो जंगलों से घिरे थे। बचपन ही छोटी सादड़ी, प्रतापगढ़, सीतामाता सेंचुरी के आसपास बीता। वहां की कहानियां सुनते—सुनाते जंगलों से आत्मिक रिश्ता बन गया और आदिवासियों से भी। शादी के बाद भी पति की लगातार ऐसी जगह पोस्टिंग हुई, जैसे असम, अरुणचल प्रदेश। ऐसे में आदिवासियों से लगातार लगाव रहा। उनके जीवन को देखना, जीवन मूल्यों को, दर्शनों को समझना होता रहा। मैं प्रकृति प्रेमी हूं तो मुझे जंगल प्रिय हैं, जंगल से निकली कहानियां भी और वहां रहने वाले मनुष्य भी, जिनकी वजह से जंगल बचे हुए हैं। इसी तरह निश्चय ही एक बहुत बड़ा जंगल लेखक के भीतर होता है। जहां बहुत तरह के पात्र, घटनाएं, बहुत से अनाम चेहरे, चरित्र होते हैं। बहुत से दृश्यों का एक धुंधलका होता है। रहस्य होता है। उनमें से निकलकर जो कोलाज बनता है, मैं कहूंगी कि वो जो कोलाज है, वही कहानियां होते हैं।

सवाल- युवा कथाकारों से आपकी घनिष्ठता आपको अलग बनाती है। साहित्य की पीढ़ियों को जोड़ने में इसे कितना जरूरी मानती हैं?

जवाब- हमेशा मैं युवाओं के बीच में रही हूं। मुझे उनसे एक ऊर्जा मिलती है। मुझे अच्छा लगता है कि मैं उनके कथानकों को, उनके कहन के ढंग को सीखूं। हमारी पीढ़ी साहित्य में आगे जा चुकी है। अब नई पीढ़ी और उसके बाद वाली पीढ़ी में भी, उनके मुंह से उनकी कहानियां सुनना चाहूंगी। उनसे जुड़ना चाहूंगी। साहित्य की पीढ़ियों को जोड़ना जरूरी मानती हूं। क्योंकि मैं आई थी तब मुझे मेरे वरिष्ठों ने हाथों हाथ लिया था। मुझे लगता है कि प्रतिभाओं को पहचानना आना चाहिए। रही बात कि युवा कितना जुड़ना चाहते हैं? तो अगर आपकी आंखें और बांहें खुली रखेंगे, तो युवा आपसे जुड़ना चाहेंगे। पीढ़ियों के बीच जो अंतराल बना रहता है, उसे पीछा छुड़ाना चाहिए।


सवाल- 'कथाकहन' क्या किसी कमी को पूरा करने की कोशिश है या सपने की तरह? क्या आपको लगता है कि देश में ऐसे शिविरों की कमी है?

जवाब- कथाकहन एक कमी की तरह था, जब मैं आई थी तो मुझे गाइडेंस देने वाला कोई नहीं था। या कथानक, द्वंद्व, भाषा, कहानी के आरंभ या अंत पर बात करने जैसा कोई नहीं था। लेकिन जब मैं 'संगमन' से जुड़ी, वहां जब अनोपचारिक तौर पर कहानी पर बात होती थी, तो एकलव्य की तरह हम सीखा करते थे। मुझे लगा कि क्यों ना माहिर लेखकों को और जो नये लेखक कुछ सीखना चाहते हैं, उन्हें इकट्ठा करके दोनों को आपस में मिलाया जाए। तो कथाकहन इस कमी की ही पूर्ति है। सपना और भी आगे का है। जब कथाकहन से निकले लेखक दुनिया के आकाश पर छा जाए। अज्ञेय के समय में भी ऐसे शिविर होते थे। अब सीधे ऐसे शिविर नहीं होते। असल कमी कॉलेज शिक्षा में है। जहां साहित्य तो पढ़ाया जाता है, लेकिन रचनात्मकता की कोई क्लास नहीं होती। तो लगता है कि राइटिंग स्किल्स भी साहित्य में एक विषय होना चाहिए।

जीवन में वो कौनसा दिन या पल था, जब आपने अपने लिए लेखक होने को चुन लिया?
मैंने भारत के सबसे रूमानी और खूंरेज़ इतिहास के पन्नों पर दर्ज़ शहर चित्तौड़गढ़ में अपनी कलम – पट्टी पकड़ी थी। मीरां के गीत जहां अनपढ़ स्त्रियां सहज ही गाती हों। यह मेरा अखंड विश्वास है कि इतिहास के खंडहरों के साये में जो लोग जन्म लेते हैं, उनकी रग़ों में अजीब किस्म की रूमानियत रिस आती है। वह छतों पर सोने का आपसी भरोसे वाला समय था। सफेद चादरों वाले ठंडे बिस्तरों पर अंताक्षरी खेली जाती, कहानियां सुनी और सुनाई जाती। बस यहीं से गहरा लगाव हुआ कहानी के कहानीपन से। यों लगता है कहानियां तो हमेशा से मुझमें रही, फिर मैंने कहना सीख लिया। कश्मीर हो या असम, मैं कहीं भी रहूं, राजस्थान मेरी रगों में बहता रहा है। मेरी कहानियों में वह लौट–लौट कर आता है… कभी समूचा तो कभी कोलाज बनकर।

सवाल-आपने कई विदेश यात्राएं भी की हैं, साहित्यिक यात्राएं भी। क्या भारतीय लेखन विदेशों में पसंद किया जा रहा है?
जवाब— भारतीयता के प्रति ललक तो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर है, लेकिन हम अपने लेखन में भारतीयता को उसके मूल रूप से कितना ला पा रहे हैं? अगर लेखन मौलिक है और अंतर्राष्ट्रीय अपील का है तो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पसंद किया जाता है। लेकिन हिंदी लेखन वहां तक पहुंचे उसमें अनुवादों की कमी बहुत बड़ी समस्या है। लेकिन वहां रह रहे पाकिस्तानी हिंदी-उर्दू साहित्य में खूब रुचि लेते हैं। इंग्लैंड में लेखक होना एक बहुत सम्मान का विषय है, स्कॉटलैंड में मैंने राईटर्स म्यूज़ियम देखा। यॉर्कशायर में एमिली ब्रोंटे का घर, स्ट्रेटफोर्ड में शेक्सपियर का घर और बाथ में जेन ऑस्टेन का घर देखा जहां उनके सामान सहेजे रखे थे। और भारत में लेखक मानो सबसे अंतिम प्रतिनिधि हो समाज का, कोई तवज्जोह ही नहीं। प्रेमचंद जी का घर, निर्मल जी के घर उपेक्षित पड़े हैं। लंदन में शेक्सपियर, चार्ल्स डिकेन्स के पुराने पब तक सहेज कर रखे हैं। वहां जाकर एक सुकून मिला कि लेखक होना उल्लेखनीय तो है।

KVS Class-1 Admission Big Alert: केंद्रीय विद्यालय कक्षा 1 में दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हर साल की तरह इस साल भी बड़ी संख्या में अभिभावकों ने आवेदन किया है। केवीएस में कक्षा एक में दाखिले के लिए ऑनलाइन अप्लाई करना होता है। वहीं हायर क्लास के लिए आवेदन की प्रक्रिया ऑफलाइन होती है।


केंद्रीय विद्यालय में एडमिशन पाने के लिए कुछ शर्तों को पूरा करना होता है। वहीं फॉर्म भरने समय किसी प्रकार की गलती न करें। आज के इस खबर में हम आपको बताएंगे कि केंद्रीय विद्यालय कक्षा-1 में एडमिशन (KVS Class-1 Admission) के लिए क्या करना चाहिए।


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किन बच्चों को मिलेगा प्रवेश, KVS ने जारी किया अलर्ट


केंद्रीय विद्यालय ने सभी अभिभावकों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है। इसके तहत अभिभावकों को सूचित किया गया है कि जो माता-पिता अपने बच्चों का एडमिशन केंद्रीय विद्यालय में कराना चाहते हैं वो केवीएस मोबाइल ऐप के जरिए आवेदन न करें। KVS कक्षा-1 में सिर्फ उन्हीं छात्रों को प्रवेश मिलेगा जिन्होंने केंद्रीय विद्यालय संगठन की वेबसाइट kvsangathan.nic.in के जरिए आवेदन किया है। ऐप से आवेदन करने वालों का फॉर्म रिजेक्ट कर दिया जाएगा।

कक्षा-1 में एडमिशन (KV Admission Class-1st Age Limit)


केंद्रीय विद्यालय में कक्षा-1 में एडमिशन लेने के लिए बच्चों की न्यूनतम उम्र 6 वर्ष (KV Class-1 Admission Age) होनी चाहिए। इससे कम उम्र के बच्चों को एडमिशन नहीं दिया जाएगा। वहीं कक्षा 9वीं और 11वीं के बच्चों के लिए उम्र सीमा निर्धारित नहीं की गई है।

क्या है KVs?


केंद्रीय विद्यालय एक सरकारी स्कूल है जो केंद्रीय विद्यालय संगठन समूह द्वारा चलाया जाता है। इनका संचालन केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा किया जाता है। भारत के विभिन्न राज्यों में करीब 1249 केवीएस हैं। केंद्रीय विद्यालय संगठन की स्थापना 15 दिसंबर 1963 को हुई थी।

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राजस्थान सरकार ने एक आदेश जारी कर प्रदेश में मानव अंग प्रत्यारोपण के फर्जी एनओसी मामले एवं निजी अस्पताल में अंग प्रत्यारोपण प्रकरण के संबंध में जांच के लिए चिकित्सा शिक्षा आयुक्त की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी गठित की है। यह समिति 15 दिवस में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव, चिकित्सा शिक्षा, शुभ्रा सिंह ने बताया कि चिकित्सा शिक्षा आयुक्त की अध्यक्षता में गठित इस उच्च स्तरीय कमेटी में रजिस्ट्रार राजस्थान मेडिकल कौंसिल, मानव अंग एवं उत्तक प्रत्यारोपण के प्राधिकृत अधिकारी, वरिष्ठ विधि परामर्शी तथा शासन उप सचिव चिकित्सा शिक्षा को सदस्य एवं नोडल अधिकारी-एनओटीपी को सदस्य सचिव के रूप में नामित किया गया है।

विस्तृत अध्ययन कर आवश्यक सुझाव करेगी पेश



यह समिति अंग प्रत्यारोण की फर्जी एनओसी प्रकरण, निर्धारित प्रावधानों के तहत मानव अंग प्रत्यारोपण के लिए पंजीकृत सभी निजी अस्पतालों के संबंध में निदेशक जनस्वास्थ्य द्वारा गठित निरीक्षण दलों के माध्यम से प्राप्त सत्यापित रिकॉर्ड की विस्तृत जांच करेगी। इसके साथ ही राज्य स्तरीय अधिप्रमाणन समिति की कार्य प्रणाली का परीक्षण कर लाइव ट्रांसप्लांट की मॉनिटरिंग के लिए एसओपी तैयार करने एवं एनओसी प्रक्रिया का विस्तृत अध्ययन कर आवश्यक सुझाव भी प्रस्तुत करेगी।

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15 दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश



उल्लेखनीय है कि अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य शुभ्रा सिंह ने स्वत: प्रसंज्ञान लेते हुए मानव अंग प्रत्यारोपण की फर्जी एनओसी एवं निजी अस्पताल में अंग प्रत्यारोपण प्रकरण के संबंध में जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित कर 15 दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे।

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जयपुर। करणी विहार थाना इलाके के जगदम्बा नगर में मंगलवार को मामूली कहासुनी के बाद सीएमओ में तैनात इंस्पेक्टर के बेटे ने एक ठेले वाले पर बल्ले से ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमले में गंभीर रूप से घायल को आरोपी पिता के साथ एसएमएस अस्पताल में भर्ती करवाने के बाद फरार हो गया। देर रात तीन बजे घायल ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। पूरी वारदात मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और पूछताछ कर रही है।

डीसीपी (वेस्ट) अमित कुमार ने बताया कि हत्या का शिकार मोहनलाल (35) मूलतः आगरा फिलहाल जगदम्बा नगर के पास रहता था। वह करीब दस साल से सब्जी का ठेला लगाकर परिवार का गुजारा कर रहा था। मोहन मंगलवार रात करीब दस बजे मंदिर के पास गया था। जहां पड़ोस में रहने वाले क्षितिज शर्मा से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। उसके बाद मोहन पैदल रवाना हो गया।

उसके पीछे-पीछे क्षितिज स्कूटी लेकर चल रहा था। इसके बाद क्षितिज ने स्कूटी घर में खड़ी की और बल्ला लेकर बाहर निकला। गुस्साए क्षितिज ने घर के गेट के पास मोहन के सिर पर बल्ले से एक के बाद एक वार शुरू कर दिए। वह तब तक हमला करता रहा जब तक कि पीड़ित बेहोश होकर न गिर पड़ा।

 

हो-हल्ला सुनकर क्षितिज के पिता इंस्पेक्टर प्रशांत भी बाहर आ गए। गेट के सामने मोहन को लहूलुहान देख सारा माजरा भांप गए। तुरंत ही बेटे को समझाकर साइड में ले गए। इसके बाद इंस्पेक्टर ने घर से कार निकाली और पत्नी, बेटा-बेटी के सहयोग से घायल मोहन को उठाकर अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। आरोपी क्षितिज के पिता इंस्पेक्टर प्रशांत शर्मा सीएम सिक्योरिटी में तैनात हैं।

पिता का भी हो चुकी मौत
मोहन के पिता का कुछ समय पहले मौत हो चुकी है। परिवार में मां और चार बहनें है। इनमें तीन बहनों की शादी हो चुकी है। उधर, पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजन को सुपुर्द कर दिया।

जयपुर। जवाहर सर्कल थाना पुलिस ने आईपीएल क्रिकेट मैच में सट्टा लगा रहे एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से एलईडी टीवी, तीन मोबाइल जब्त किए। पुलिस को उसके पास से 1 करोड़ 15 लाख रुपए का हिसाब किताब मिला है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।
पुलिस कमिश्नर बीजू जार्ज जोसफ ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी स्वराज जैन नंदपुरी मालवीय नगर का रहने वाला है। थानाप्रभारी विनोद सांखला ने बताया कि 2 अप्रेल को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक नंदपुरी मालवीय नगर में ऑनलाइन सट्टा खेला जा रहा है। इस पर पुलिस ने मकान में दबिश दी तो एक व्यक्ति आईपीएल मैच सुपर जॉइन्ट वर्सेज आरसीबी के बीच चल रहे क्रिकेट मैच पर सट्टा खेलता हुआ दिखा। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से एलईडी टीवी और मोबाइल बरामद कर लिया। इस पूरे मामले में एसआई शेरसिंह, कांस्टेबल लोकेन्द्र और आशाराम की सराहनीय भूमिका रही है।

भारत दुनिया में खाद्य तेलों का सबसे बड़ा आयातक है। भारत में खाद्य तेल की खपत की वर्तमान दर घरेलू उत्पादन दर से अधिक है। इसलिए, देश को मांग और आपूर्ति के बीच के अंतर को पूरा करने के लिए आयात पर निर्भर रहना पड़ता है। वर्तमान में भारत अपनी खाद्य तेल की मांग का लगभग 60 फीसदी आयात के माध्यम से पूरा करता है। द सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार 2022-23 (नवंबर-अक्टूबर) के दौरान भारत ने 16.47 मिलियन टन खाद्य तेलों का आयात किया, जिसका मूल्य 1.38 लाख करोड़ (16.65 बिलियन अमेरिकी डॉलर) है। यह आंकड़ा खाद्य तेल उत्पादन में आत्मनिर्भरता की आवश्यकता पर जोर देता है। भारत में प्राथमिक उत्पादित खाद्य तेल का लगभग एक तिहाई हिस्सा रेपसीड और सरसों का है, जो इसे देश की प्रमुख खाद्य तिलहन फसल हैं। खाद्य तेल आयात पर निर्भरता कम करने के लिए सरसों सबसे आशाजनक तिलहन फसल है।

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सरसों मॉडल फार्म अभियान, भारत तिलहन उत्पादन में बनेगा आत्मनिर्भरता

द सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया और सॉलिडेरिडाड की ओर से 2020-21 में शुरू किया गया सरसों मॉडल फार्म प्रोजेक्ट अब भारत को तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता बनने की दिशा में सहायक सिद्ध हो रहा है। अब तक पांच राज्यों में 3500 से अधिक सरसों मॉडल फार्म स्थापित किए गए हैं, जिससे 1,22,500 से अधिक किसानों को लाभ मिला हैं। सरसों मॉडल फार्म अभियान में किए गए प्रयासों के कारण अनुकूल मौसम में भी भारत में प्रतिवर्ष सरसों के उत्पादन में जोरदार बढ़ोतरी देखी जा रही है। 2020-21 में 8.6 मिलियन टन, 2021-22 में 11.00 मिलियन टन और 2022-23 में 11.35 मिलियन टन सरसों का उत्पादन किया गया है। इसके अलावा प्रतिवर्ष सरसों की बुआई क्षेत्रफल में भी विस्तार हुआ है। 2020-21 में इसे 6.70 मिलियन हेक्टेयर दर्ज किया गया था, वहीं 2022-23 में यह बढ़कर 8.80 मिलियन हेक्टेयर तक पहुंच गया। वर्ष 2023-24 सीज़न में सरसों का उत्पादन 12.0 मिलियन टन और 10 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र में बुआई के सर्वकालिक उच्च स्तर को छूने की संभावना है, जिससे खाद्य तेलों की घरेलू आपूर्ति में वृद्धि संभव है।

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पांच राज्यों में 3500 मॉडल फार्म स्थापित

सरसों मॉडल फार्म प्रोजेक्ट 2020-21 में राजस्थान के पांच जिलों में 400 मॉडल फार्म के साथ शुरू किया गया था। 2021-22 में परियोजना को 500 अतिरिक्त मॉडल फार्म के साथ राजस्थान और मध्य प्रदेश में इसका विस्तार किया गया। 2022-23 में 1234 मॉडल फार्म विकसित किए गए हैं। इस साल राजस्थान और मध्यप्रदेश के साथ ही परियोजना का विस्तार अयोध्या और संगरूर में भी किया गया हैं। 2023-24 में वाराणसी और कर्नाटक में सरसों मॉडल फार्म प्रोजेक्ट शुरू किया गया। इस तरह पांच राज्यों में अब तक 3500 से अधिक मॉडल फार्म स्थापित किए जा चुके हैं।

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क्या है सरसो मॉडल फार्म प्रोजेक्ट

सरसो मॉडल फार्म प्रोजेक्ट के तहत, सरसों के मॉडल फार्म विकसित किए जाते हैं, जिसमें खेत की तैयारी, बीज तैयार करने, बुवाई प्रबंधन, पोषक तत्व प्रबंधन, उर्वरक, पौधों के विकास प्रबंधन, सिंचाई का समय निर्धारण और कटाई आदि में किसानों को सहायता दी जाती है। यह मॉडल फार्म आसपास के सभी किसानों के लिए एक आदर्श के रूप में काम करते हैं। इस प्रक्रिया के माध्यम से किसानों को सरसों के उत्पादन में उन्नत एवं वैज्ञानिक तकनीक को समझने में मदद मिलती है, जिससे फसल उत्पादन में वृद्धि संभव होती है। तकनीकी-आर्थिक सहयोग के अतिरिक्त परियोजना के तहत किसानों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के लिए प्रत्येक ब्लॉक में किसान फील्ड स्कूल की व्यवस्था भी की गई है। यह किसान फील्ड स्कूल एक सशक्त सामुदायिक संस्था के रूप में कार्य करते हैं जहां किसान एक दूसरे के साथ अपनी समझ को साझा करते हैं। किसान फील्ड स्कूल के माध्यम से किसानों में कृषि से संबंधित तकनीकी ज्ञान और समझ को विकसित करने के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण उत्पादन प्राप्त करने और मार्केट लिंक के माध्यम से आय में वृद्धि भी सुनिश्चित करता है। इसके अतिरिक्त किसानों को डिजिटल एप्लिकेशन-आधारित कृषि प्रणाली से भी जोड़ा गया है, ताकि पर्यावरण परिवर्तन के कारण फसलों को होने वाले नुकसान से बचाव किया जा सके।

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देश में बढ़ेगी किसानों की आजीविका

द सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अजय झुनझुनवाला का कहना है कि इस प्रोजेक्ट ने न केवल सरसों उत्पादन वृद्धि में सहयोग किया है, बल्कि पूरे देश में किसानों की आजीविका बढ़ाने का मार्ग भी प्रशस्त किया है। हम सकारात्मक परिणामों से प्रोत्साहित है और इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है, जो भारत में कृषि क्षेत्र की समृद्धि में योगदान देती है। हम सरसों के उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि देख रहे हैं, जो खाद्य तेल में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के भारत के लक्ष्य के अनुरूप है। एसईए रेप-मस्टर्ड प्रमोशन काउंसिल के अध्यक्ष विजय डाटा और सॉलिडरीडाड एशिया के महाप्रबंधक डॉ. सुरेश मोटवानी ने कहा कि यह प्रोजेक्ट भारत की आयात तेलों पर निर्भरता कम करने और खाद्य सुरक्षा में योगदान देने में सहायक सिद्धह होगा।

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जयपुर। करणी विहार थाना इलाके के जगदम्बा नगर में मंगलवार को मंदिर के पास गली में घूमने की बात को लेकर मामूली कहासुनी के बाद इंस्पेक्टर के बेटे ने एक व्यक्ति पर बल्ले से हमला कर दिया, जिससे वह बेहोश हो गया। मारपीट करने के बाद आरोपी ने पिता के साथ बेहोश पड़े घायल व्यक्ति को एसएमएस अस्पताल में भर्ती करवाया उसके बाद फरार हो गया। हादसे में घायल व्यक्ति की मंगलवार रात करीब तीन बजे अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है जहां पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
डीसीपी (वेस्ट) अमित कुमार ने बताया कि मृतक मोहनलाल (35) आगरा का रहने वाला था और यहां जगदम्बा नगर के पास रहता था। मोहन करीब दस साल से सब्जी का ठेला लगाकर अपने परिवार का गुजारा कर रहा था। मोहन मंगलवार रात करीब दस बजे मंदिर के पास गया था। जहां पर पड़ोस में रहने वाले क्षितिज शर्मा से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। उसके बाद मोहन पैदल रवाना हो गया। उसके पीछे-पीछे क्षितिज स्कूटी लेकर चल रहा था। क्षितिज स्कूटी घर में खड़ी की और बल्ला लेकर बाहर निकला। घर के गेट के पास मोहन के सिर पर बल्ले से ताबड़तोड़ वार कर दिया जिससे वह बेहोश होकर सड़क पर गिर गया। क्षितिज के पिता प्रशांत घर से बाहर आए और बेटे को समझाकर साइड में ले गए। इसके बाद इंस्पेक्टर ने घर से कार निकाली और पत्नी, बेटा-बेटी के सहयोग से घायल मोहन को उठाकर अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। आरोपी क्षितिज के पिता इंस्पेक्टर प्रशांत शर्मा सीएम सिक्योरिटी में तैनात हैं।


जयपुर। प्रदेश में पिछले वर्ष रूठे रहे मानसून का असर शहर की 50 लाख से ज्यादा की आबादी की लाइफ लाइन बीसलपुर बांध पर दिख गया है। जल संसाधन विभाग की ओर से मंगलवार को बांध की भराव स्थिति की ताजा स्थिति के आंकडे जारी किए तो जलदाय विभाग के इंजीनियरों में खलबली मच गई। बीसलपुर बांध में 40 प्रतिशत पानी ही बचा है और अप्रेल के महीने से ही शहर की पेयजल व्यवस्था लडखड़ाने लगी है। शहर के कई इलाकों में अभी से कम दबाव से पानी की सप्लाई हो रही है। अब चिंता यही है कि भीषण गर्मी के तीन महीने कैसे निकलेंगे।

अभी से गहराया जल संकट
शहर के विद्याधर नगर, सांगानेर, प्रताप नगर, जगतपुरा, परकोटा क्षेत्र समेत कई इलाकों में अभी से पानी का संकट गहरा रहा है। जलदाय विभाग सुबह -शाम पानी की सप्लाई तो कर रहा है लेकिन यह सप्लाई कम दबाव से हो रही है। सरकारी टैंकर नाकाफी साबित हो रहे हैं और लोग प्राइवेट टैंकर मंगा कर किसी तरह अपनी पेयजल जरूरतें पूरी कर रहे हैं। जलदाय विभाग होली के बाद बीसलपुर सिस्टम से एक करोड़ लीटर पानी बढ़ाया लेकिन यह नाकाफी साबित हो रहा है।

पिछले वर्ष एक अप्रेल तक 70 प्रतिशत भरा था बांध
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष मानसून रूठा रहा और बांध में पानी की आवक ज्यादा ज्यादा नहीं हुई। 2022 के मानसून में बांध में पानी की जबरदस्त आवक हुई और मानसून समाप्ति पर 30 सितंबर को बांध में 1095 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी था। लेकिन 2023 में मानसून के दौरान बांध में पानी की आवक बेहद कम रही और मानसून समाप्ति पर 30 सितंबर को बांध में महज 754 मिलियन क्यूबिक मीटर ही पानी था।

फैक्ट फाइल

बांध की कुल भराव क्षमता
1095.84 एमक्यूएम

1 अप्रेल 2024 को बांध में पानी-443.05 एमक्यूएम
1 अप्रेल 2023 को बांध में पानी-757 एमक्यूएम

1 अप्रेल 2022 को बांध में पानी-1095 एमक्यूएम

Big change in rajasthan government office: राजस्थान के मुख्य सचिव सुधांशु पंत के निर्देशों के बाद अब राजस्थान के तमाम सरकारी कार्यालयों में आज से ड्रेस कोड लागू कर दिया गया है। पिछले सप्ताह भी इस तरह के ऑर्डर निकले थे लेकिन चुनिंदा सरकारी कार्यालयों के लिए, लेकिन अब इस आदेश को तमाम सरकारी कार्यालयों में लागू कर दिया गया है और इसकी पालना के लिए सख्ती बरतने के लिए भी कहा गया है। ऐसे में अगर ड्रेस कोड की अवहेलना की जाती है तो कर्मचारी को नोटिस भी दिया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले मुख्य सचिव ने कार्यालयों में खाने के मेन्यू को लेकर भी बदलाव किया था। राजस्थान के करीब आठ लाख से भी ज्यादा सरकारी कर्मचारियों को इस तरह के आदेशों का पालन आज से ही करना होगा।

दरअसल अब राजस्थान भर के सरकारी कार्मिक जींस - टीशर्ट और अन्य तरह की अशोभनीय ड्रेस पहनकर नहीं आ सकेंगे। महिलाओं को साड़ी या सलवार सूट में आना होगा और वहीं पुरुष कर्मचारियों को पेंट और शर्ट में आना होगा। इनके रंग और प्रिंट भी ज्यादा भड़कीले ना हों, इस पर भी नजर रखने को कहा गया है। दरअसल सीएम भजन लाल शर्मा के निर्देश के बाद राजस्थान के कार्यालयों में इस तरह का ड्रेस कोड जारी किया जा रहा है।

इस मामले को लेकर पिछले दिनों बैठक हुई थी और इस बैठक में ये तय किया गया था कि सभी राजकीय कार्यालय में अधिकारी और कर्मचारी गरिमापूर्ण पोशाक, अनुशासन, शिष्टाचार और नैतिकता की पालना सुनिश्चित करेंगे। सीएस के निर्देश के बाद सभी कार्यालय में गरिमापूर्ण पोशाक में उपस्थित होना सुनिश्चित किया जाएगा।

इससे पहले सरकारी कार्यालयों में खाने के मेन्यू को भी मुख्य सचिव के दखल के बाद बदल दिया गया था। सरकारी कार्यालयों में अब रोस्टेड चना, रोस्टेड मूंगफली, मखाने और मल्टीग्रेन डाइजेस्टिव बिस्किट ही उपलब्ध करवाए जाएंगे। बैठकों के दौरान भी अल्पाहार में यही मंगाया जाएगा। साथ ही कांच की बोतलें और कांच के गिलास रखे जाएंगे ।

Rajasthan News : हाइकोर्ट ने अशोक गहलोत सरकार के समय कांग्रेस के 81 विधायकों के इस्तीफे से जुड़े मामले में 3 तत्कालीन मंत्री शांति धारीवाल, महेश जोशी व रामलाल जाट, तत्कालीन सरकारी उप मुख्य सचेतक महेन्द्र चौधरी, तत्कालीन विधायक रफीक खान व संयम लोढा को पक्षकार बना लिया। इससे अब इनको भी नोटिस जाएगा। इस मामले में अंतिम बहस अगस्त में तय की गई है।

मुख्य न्यायाधीश एमएम श्रीवास्तव व न्यायाधीश भुवन गोयल की खंडपीठ ने बुधवार को तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र सिंह राठौड़ की जनहित याचिका पर यह आदेश दिया। राठौड़ की ओर से शांति धारीवाल सहित तीन तत्कालीन मंत्रियों व तीन अन्य तत्कालीन विधायकों को पक्षकार बनाने के लिए प्रार्थना पत्र पेश किया गया था, जिसे कोर्ट ने सोमवार को स्वीकार कर लिया। इस प्रार्थना पत्र में कहा था कि इन 6 तत्कालीन विधायकों ने अपने व 75 अन्य विधायकों के इस्तीफे 25 सितंबर 2022 को स्पीकर को सौंपे थे।

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प्रार्थना पत्र के अनुसार इन तत्कालीन 6 विधायकों के जवाब से सामने आ सकेगा कि 81 विधायकों ने किसके दबाव में विधानसभा स्पीकर को इस्तीफे सौंपे थे। याचिकाकर्ता की ओर से यह भी प्रार्थना पत्र पेश किया गया था कि इस्तीफा देने के बाद इन 81 विधायकों ने वेतन भत्तों के तौर पर करीब 18 करोड रुपए प्राप्त किए, जिसके संबंध में आदेश दिया जाए। इसके अलावा स्पीकर के समक्ष लंबित इस्तीफों के संबंध में निर्णय करने की अधिकतम समय सीमा तय की जाए।

 

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SI Paper Leak Case : जयपुर। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने राजस्थान पुलिस अकादमी (RPA) में प्रशिक्षण ले रहे 11 थानेदारों को और गिरफ्तार किया है। जबकि परीक्षा से पहले पेपर लेकर थानेदार परीक्षा में पास होने वाले जोधपुर कमिश्नरेट के एक कांस्टेबल अभिषेक बिश्नोई को भी गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में मैरिट सूची में टॉप टेन में सूची में चार शामिल हैं और मैरिट में 100 के अंदर आने वाले 9 आरोपी शामिल हैं।

एडीजी वी.के. सिंह ने बताया कि आरोपियों में कुछ ने परीक्षा से पहले पेपर प्राप्त किया, कुछ ने खुद की जगह डमी अभ्यर्थी बैठाया और कुछ ने अन्य अनुचित साधन उपयोग में लेकर नकल की थी। अभी आरपीए में प्रशिक्षण ले रहे थानेदारों की भूमिका की जांच चल रही है। गिरफ्तार आरोपियों में से किसी ने 15 लाख तो किसी ने 20 लाख रुपए पेपर लीक करने वाले गिरोह को दिए।

अब तक पूरे मामले में 32 थानेदार गिरफ्तार हो चुके, जिनमें तीन आरोपी वो भी शामिल हैं, जिन्होंने उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा पास तो कर ली थी, लेकिन जॉइन करने नहीं आए थे। जबकि पेपर लीक से जुड़े गिरोह के 7 लोग भी गिरफ्तार किए गए। अभी गिरोह के कई लोग फरार चल रहे हैं। अब तक इस प्रकरण में कुल 39 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।

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काबिल विद्यार्थियों के साथ धोखाधड़ी कर ये बने थानेदार

गिरफ्तार आरोपी का नाम पता मैरिट में रैंक इस शहर में था परीक्षा केन्द्र
सुरेन्द्र कुमार बगड़िया निवासी सीकर 03 जयपुर
दिनेश बिश्नोई निवासी जोधपुर के कुड़ीभगतासनी 06 कोटा
कांस्टेबल अभिषेक बिश्नोई निवासी जोधपुर के लूणी 08 जयपुर
मालाराम बिश्नोई निवासी बाड़मेर के डोलीकला 10 बीकानेर
राकेश जाट निवासी झुंझुनूं के मालीगांव 13 कोटा
सुभाष बिश्नोई निवासी जोधपुर के गुढ़ा विश्नोईयान 28 जयपुर
अजय बिश्नोई निवासी जोधपुर के विनायकपुरा भवाड़ 55 जयपुर
जयराज सिंह निवासी बीकानेर में राजपूतों को मोहल्ला सुरधाना 79 जयपुर
मनीष बेनीवाल निवासी बीकानेर के नोखा स्थित जागंलू 100 जयपुर
मंजू बिश्नोई निवासी बाड़मेर के धौरीमन्ना 411 जयपुर
चेतन सिंह मीणा निवासी टोंक के अलीनगर 610 जयपुर
हरखू चौधरी निवासी बाड़मेर के भाकरपुर 1655 बीकानेर

400 से अधिक शिकायतें, 40 थानेदारों की भूमिका की जांच

वी.के. सिंह ने बताया कि पिछले करीब 15 दिन में एसओजी को उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा 2021 से संबंधित 400 से अधिक शिकायतें मिल चुकी है, जिनमें परीक्षा में विभिन्न अनुचित साधनों का उपयोग कर थानेदार बनने से संबंधित है। एसओजी के एएसपी रामसिंह शेखावत, भवानी शंकर मीणा, चिंरजीलाल मीणा, महावीर सिंह, उपाधीक्षक शिव कुमार भारद्वाज, शकील अहमद, नियाज खान, निरीक्षक यशवंत सिंह, हरीपाल सिंह, नेमीचंद, मनीष चारण, एकता, मुकेश खरडिया, ओमप्रकाश मातवा, सुरेश, गुरमेल सिंह व रामफूल ने पिछले 10 दिन से दिन रात प्रशिक्षु थानेदारों के खिलाफ सबूत जुटाने की कार्रवाई की और उसके बाद बुधवार शाम को प्रशिक्षण लेने वाले 11 थानेदार व जोधपुर कमिश्नरेट के कांस्टेबल को गिरफ्तार किया गया। उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा से मामले की जांच से जुड़ी एसआईटी की पूरी टीम अभी भी 40 से अधिक प्रशिक्षु थानेदारों के खिलाफ मिले सबूतों की तस्दीक करने में लगी है। अनुसंधान में जिनके खिलाफ सबूत मिलेंगे, उनको गिरफ्तार किया जाएगा।

सबका आका एक...जगदीश बिश्नोई

पेपर लीक मामले में मास्टर माइंड सबका आका है। आरोपी जगदीश ने उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा का पेपर लीक करवाया और उसके बाद साथी यूनिक भांभू व शिवचरण को दिया। यहां से पेपर भूपेन्द्र सारण, शेर सिंह मीणा व फरार चल रहे सुरेश ढाका तक पहुंचा और फिर इन्होंने अपने कई गुर्गों को पेपर भेजकर परीक्षार्थियों को पढ़ाया।

पत्नी ने मुकदमा दर्ज करवाया तो नहीं बन सका थानेदार

जोधपुर कमिश्नरेट के कांस्टेबल अभिषेक बिश्नोई उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा का पेपर लेकर पास तो हो गया, लेकिन उसकी पत्नी ने उसके खिलाफ दहेज प्रताडऩा का मामला दर्ज करवा रखा है। इसके चलते वह थानेदार का प्रशिक्षण जॉइन नहीं कर पाया। वहीं गिरफ्तार प्रशिक्षु थानेदार मंजू व हरखू की जगह महिला डमी अभ्यर्थी ने परीक्षा दी थी। दोनों की जगह परीक्षा देने वाली डमी अभ्यर्थी को भी तलाशा जा रहा है।

Rajasthan Weather Update : प्रदेश में बुधवार को पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिला। राज्य के कई जिलों में तेज हवा के साथ आंधी आई और बूंदाबांदी दर्ज की गई। हवा में नमी के कारण दिन के तापमान में भी दो से तीन डिग्री तक तापमान में गिरावट दर्ज की गई। प्रदेश में सबसे अधिक दिन का पारा कोटा में 39 डिग्री दर्ज किया गया। सबसे कम दिन का तापमान माउंट आबू में 29 डिग्री सेल्सियस रहा। राजधानी जयपुर में दिन का तापमान 35.8 डिग्री दर्ज किया गया। राजधानी में सुबह पारा चढ़ा लेकिन शाम पांच बजे बाद अचानक मौसम बदला। आसमान में बादल छाए। शाम को ठंडी हवा चली। रात आठ बजे तक चार डिग्री गिरकर 31.8 डिग्री दर्ज किया गया।

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मौसम केन्द्र के अनुसार नया पश्चिमी विक्षोभ 5-6 अप्रेल को हिमालय क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है, जिसका असर राजस्थान के कुछ भागों में दिखने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में मौसम शुष्क रहेगा।


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Jaipur Lok Sabha Election 2024: जयपुर में लोकसभा सीट पर प्रत्याशियों का प्रचार जोर-शोर से चल रहा है। प्रत्याशियों के पास प्रचार के लिए 14 दिन शेष बचे हैं। ऐसे में जयपुर लोकसभा सीट की आठ विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार करना प्रत्याशियों के लिए चुनौती से कम नहीं है। जयपुर सीट पर करीब 22.87 लाख मतदाता हैं। यानी पूरे मतदाताओं तक पहुंचने के लिए प्रत्याशियों को रोज करीब डेढ़ लाख लोगों से संपर्क करना होगा। लेकिन यह संभव नहीं लग रहा है। ऐसे में प्रत्याशी ऐसा स्थान चुन रहे हैं, जहां एक साथ सैकड़ों या हजारों लोगों से मुलाकात हो सके। इसके लिए वे किसी बड़े मंदिर, बाजार के बीच चाय की थड़ी या पार्क में जा रहे हैं। यहां घंटों बैठकर मतदाताओं से वोट मांग कर रहे हैं। जयपुर लोकसभा सीट की बात करें तो प्रत्याशी गोविंददेवजी मंदिर, अक्षरधाम मंदिर, ताड़केश्वर जी, मोतीडूंगरी मंदिर जा रहे हैं। इसके अलावा सेंट्रल पार्क, सिटी पार्क सहित बड़े इलाकों के पार्कों में जाकर भी प्रचार कर रहे हैं।

 

प्रचार में गर्मी बन रही अड़चन
लोकसभा चुनाव के समय बढ़ता तापमान भी प्रत्याशियों के प्रचार में अड़चन पैदा कर रहा है। जयपुर में इन दिनों तापमान 35 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है। इससे बचने के लिए प्रत्याशियों को सुबह पांच बजे उठकर पार्क की दौड़ लगानी पड़ रही है। वहीं, शाम को मंदिरों में जाना पड़ रहा है। इसके अलावा बड़ी कॉलोनियों में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जहां एक साथ सैकड़ों की संख्या में लोगों को बुलाया जा रहा है।

 

सोशल मीडिया पर एक्टिव

कम समय में अधिक लोगों तक पहुंचने के लिए प्रत्याशी सोशल मीडिया का भी सहारा ले रहे हैं। सुबह-शाम के प्रचार की पोस्ट सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही है। प्रत्याशी के साथ प्रचार में लगी टीम शहर की कॉलोनियों के ग्रुप में भी प्रचार कर रही है।

 

हर मकान पर दस्तक देना भी चुनौती

राजधानी जयपुर में 50 लाख आबादी पर करीब 8.15 लाख मकान हैं। आठ विधानसभा के हिसाब से प्रति क्षेत्र औसत करीब 81500 मकानों का है। ऐसे में आगामी 14 दिन में हर प्रत्याशी को रोजाना करीब 3400 मकानों तक पहुंचना होगा।

 

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जयपुर लोकसभा सीट पर मतदाताओं की नजर

विधानसभा पुरुष महिला कुल
हवामहल 138397 124991 263399
विद्याधर नगर 184482 170990 355475
सिविल लाइंस 127670 120637 248325
किशनपोल 102220 93752 248325
आदर्श नगर 143502 129902 273430
मालवीय नगर 112522 107550 220072
सांगानेर 190228 1744119 364357
बगरू 191830 174476 366313
कुल 1190851 1096417 2287350

सुविचार
त्याग वहीं करें जहां उसकी कदर हो.. क्योंकि कहते हैं कि दोपहर में दिया जलाने से अंधकार नहीं दीये का वजूद खत्म होता है

 

आज क्या ख़ास?

- लोकसभा चुनाव के दूसरा चरण के लिए नामांकन का आज आखिरी दिन, जालोर-सिरोही से कांग्रेस के वैभव गहलोत, और चित्तौड़गढ़ से उदयलाल आंजना, तो बाड़मेर-जैसलमेर से निर्दलीय रविंद्र सिंह भाटी भरेंगे पर्चा

- लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र जारी है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धुंआधार प्रचार अभियान, आज बिहार के जमुई और पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में फूंकेंगे चुनावी बिगुल, भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में करेंगे वोट अपील

- भाजपा घोषणा पत्र कमिटी की बैठक आज नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में, इधर कल जारी होगा कांग्रेस का घोषणा पत्र

- यूपी में समाजवादी पार्टी नेता इरफान सोलंकी से जुड़े आगजनी केस में आज फैसला सुना सकता है MP-MLA कोर्ट

- एनटीए की ओर से जेईई-मेंस के दूसरे सेशन की परीक्षाएं आज से, 11 लाख से अधिक अभ्यर्थी होंगे शामिल, 12 अप्रेल तक कुल 11 पारियों में होगी परीक्षा

काम की खबरें

- राजस्थान में पेपर लीक प्रकरणों पर एक्शन में SOG, थर्ड ग्रेड टीचर को किया गिरफ्तार, डमी कैंडिडेट बनकर 20 से अधिक दी थी परीक्षाएं

- आयकर दाताओं की संख्या के आधार पर देश में चौथे पायदान पर पहुंचा राजस्थान, देश में भी बढ़ रहे आयकर रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या, पिछले 5 साल में करीब 85 फीसदी आयकर दाताओं की हुई वृद्धि

- वर्ष 2024 में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7.5 प्रतिशत रहने की संभावना, विश्व बैंक ने जताया है अनुमान

- दिल्ली हाईकोर्ट ने सीएम अरविंद केजरीवाल की याचिका पर अपना फैसला रखा सुरक्षित, गिरफ्तारी और रिमांड से जुड़े आदेशों को दी गई है चुनौती

- दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी का दावा, 'जेल में बंद दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल का तेज़ी से घट रहा वजन- शुगर की भी बीमारी', इधर जेल प्रशासन ने नकारे तमाम दावे

- 6 महीने बाद तिहाड़ जेल से छूटे आप नेता व राज्यसभा सांसद संजय सिंह, सुप्रीम कोर्ट ने शर्तों के साथ दी ज़मानत, जांच अधिकारी को लोकेशन शेयर करने, दिल्ली-एनसीआर छोड़ने पर सूचित करने, पासपोर्ट जमा कराने और शराब नीति केस पर बयानबाजी नहीं करने के आदेश

- दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के विरोध में आम आदमी पार्टी 7 अप्रैल को देशभर में रखेगी सामूहिक उपवास, दिल्ली के जंतर-मंतर में एकजुट होंगे आप सरकार के मंत्री, विधायक, सांसद और पार्टी नेता

- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दिल्ली में 'घर-घर गारंटी' अभियान की शुरुआत की

- लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने यूपी की दो सीटों पर जारी की सूची, मथुरा में भाजपा प्रत्याशी हेमा मालिनी के सामने उतारा मुकेश डांगर को, तो सीतापुर से राकेश राठौड़ को दिया टिकट

- महाराष्ट्र में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संजय निरुपम का पार्टी से निष्कासन, स्टार प्रचारकों की सूची से भी हटाया नाम, टिकट नहीं मिलने से नाराज थे निरुपम

- बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम व भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी को गले का कैंसर- नहीं लड़ेंगे लोकसभा चुनाव, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बीमारी के बारे दी जानकारी

- अमेठी की वोटर बनी केंद्रीय मंत्री व अमेठी सांसद स्मृति ईरानी, गौरीगंज तहसील में आवास बनवाने के बाद बना वोटर कार्ड, वे इस लोकसभा सीट से तीसरी बार हैं भाजपा प्रत्याशी

- यूपी के लखनऊ स्थित चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कस्टम की कस्टडी से फरार हुए सोना तस्करों पर FIR दर्ज

- राजस्थान में दिखने लगा पश्चिमी विक्षोभ का असर, कुछ ज़िलों में तीन डिग्री तक गिरा दिन का तापमान, कई जगहों पर आंधी के साथ हुई बारिश

- आइपीएल क्रिकेट में कोलकाता ने दिल्ली को 106 रन से दी करारी शिकस्त, सुनील नरेन ने 39 गेंदों पर 85 रन की खेली आतिशी पारी, केकेआर ने बनाया था 272 रन का विशाल स्कोर

PM Modi Rajasthan Visit : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 5 अप्रेल को चूरू में चुनावी सभा से पहले वहां यमुना जल प्रोजेक्ट को लेकर अफसरों की टीम सक्रिय हो गई। जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों की टीम बुधवार को चुरू के हासियावास गांव पहुंची और इसके आस-पास के बड़े एरिया में वॉक-थ्रू सर्वे शुरू कर दिया। इसी गांव में यमुना के पानी के भराव के लिए 350 मिलियन क्यूबिक मीटर क्षमता का रिजर्व वायर बनना है और यहीं से शेखावटी के तीनों जिलों में पानी पहुंचेगा। इनमें चूरू , सीकर और झुंझुनूं जिले शामिल है। इस बीच जयपुर में जल संसाधन विभाग और रेलवे के अफसरों के बीच बैठक हुई, जिसमें रेलवे लाइन के नजदीक से ताजेवाल हैड से पानी की लाइन लाने पर चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक उच्च स्तर पर मिले निर्देश के बाद विभाग ने प्रधानमंत्री के चूरू आने से पहले प्रारंभिक सर्वें शुरू किया है।

इन तीनों जिलों में 24 विधानसभा सीट, भाजपा की झोली में 7 ही...
चूरू लोकसभा से सीकर और झुंझुनूं दो लोकसभा सीट सटी हुई है। इन तीनों लोकसभा क्षेत्र में 24 विधानसभा सीट शामिल है। इनमें से 16 कांग्रेस ने जीती और भाजपा के खाते में 7 सीट ही आई। जबकि, एक सीट बसपा ने जीती थी। भाजपा पीएम की सभा के जरिए चूरू की सभी आठ और झुंझुनूं की चार विधानसभा सीटों को कवर करना चाह रही है। सीकर लोकसभा सीट चूरू से सटी होने के कारण असर यहां भी रहेगा।

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प्रोजेक्ट को यूं समझें : 263 किमी. लम्बाई, 342 हेक्टेयर जमीन अवाप्त होगी
- राजस्थान के चूरू , सीकर, झुंझुनूं जिले को हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज (ताजेवाले हैड) से 577 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी मिल सकेगा।
- इसके लिए ताजेवाला हैड से चूरू के हासियावास गांव तक सीधे पानी की लाइन बिछाई जाती है तो इस रूट की लम्बाई 263 किलोमीटर होगी। इसके लिए 342 हेक्टेयर जमीन पूरी तरह अवाप्त करनी होगी और 631 हेक्टेयर जमीन में से आंशिक अवाप्ति की जाएगी।

- जमीन अवाप्ति कम से कम हो, इसके लिए जल संसाधन विभाग ने विकल्प तलाशा है। इस रूट पर कई जगह रेलवे लाइन बीच में आएगी। रेलवे लाइन के नजदीक (रेलवे की जमीन) ही पाइप लाइन बिछाना चाह रहे है, ताकि जमीन अवाप्ति कम करनी पड़े। हालांकि, इस स्थिति में पाइप लाइन की लम्बाई 37 किलोमीटर बढ़ जाएगी। यानि, रूट की लम्बाई 300 किलोमीटर हो जाएगी। इसमें करीब डेढ़ सौ किलोमीटर लम्बाई में रेलवे लाइन गुजर रही है।
- प्रोजेक्ट की प्रारंभिक लागत करीब 20 हजार करोड़ रुपए आंकी गई है। हालांकि, डीपीआर बनने के बाद स्थिति साफ होगी।

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दिल्ली में खत्म हुआ विवाद
केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत की मौजूदगी में 17 फरवरी को दिल्ली में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर के बीच विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने के लिए एमओयू हुआ था।

Kanwatiya Hospital : जयपुर। राजधानी के शास्त्री नगर स्थित कांवटिया अस्पताल में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां खुले में एक महिला का प्रसव हुआ है। राहत की बात यह है कि जच्चा और बच्ची दोनों स्वस्थ हैं और हैरानी की बात है कि प्रसूता को 2 घंटे तक संभाला ही नहीं गया। जबकि उसके परिजन चिकित्सक व स्टाफ से हाथ जोड़कर मिन्नतें करते रहे। चौंकाने वाली बात है कि राजधानी जयपुर में ऐसे हालात हैं तो ग्रामीण इलाकों में कैसे हालात होंगे? घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

हुआ यह है कि बैनाड़ निवासी अशोक वर्मा पत्नी नीलम (26) को प्रसव पीड़ा होने पर शाम पौने पांच बजे कांवटिया अस्पताल लेकर पहुंचे थे। जहां ड्यूटी डॉक्टर ने उन्हें करीब डेढ़ घंटे बाद जनाना अस्पताल रैफर कर दिया। गर्भवती महिला प्रसव पीड़ा से कराह रही थी लेकिन उनका दिल नहीं पसीजा।

पति ने कई बार मिन्नतें की, लेकिन डॉक्टरों ने रेफर कर अपनी जिम्मेदारी खत्म करने की बात कह कर पल्ला झाड़ लिया। थक-हार पति व अन्य परिजन गर्भवती महिला को लेकर मुख्य द्वार के पास बैठ गए। अस्पताल की एंबुलेंस से जनाना अस्पताल पहुंचाने के लिए महिला के पति ने गुहार लगाई थी।

 

परिजनों का आरोप-धक्का देकर बाहर निकाला

परिजनों का आरोप है कि उन्हें धक्का देकर बाहर निकल दिया गया। इसके करीब 20 से 25 मिनट बाद पौने सात बजे नीलम ने प्रसव पीड़ा झेलते हुए खुले में बच्चे को जन्म दिया। इसकी भनक लगते ही स्टाफ के पसीने छूट गए और आनन- फानन में जच्चा-बच्चा को अस्पताल में भर्ती किया गया।

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लोगों ने जताई नाराजगी, कार्रवाई की मांग

घटना की जानकारी मिलते ही विधायक गोपाल शर्मा अस्पताल पहुंचे। इस दौरान लोगों ने नारेबाजी कर अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। साथ ही उन्होंने जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। वहीं विधायक ने हर संभव मदद का आश्वासन देने के साथ ही दोषियों पर कार्रवाई करवाने की बात कही।

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Birth Certificate Letest News: अब जन्म स्थान व जन्म तिथि के प्रमाण के लिए केवल जन्म प्रमाण पत्र ही मान्य होगा। यह अनिवार्यता एक अक्टूबर 2023 के बाद जन्मे बच्चों के लिए लागू की गई है। जन्म एवं मृत्यु पंजीयन कानून में एकल माता-पिता व अविवाहित मां द्वारा गोद लिए गए बच्चे, अनाथ, सरोगेसी से जन्मे बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने में आने वाली समस्याओं का समाधान भी कर दिया गया है।

 

जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र को लेकर शिकायतों पर सुनवाई के लिए अलग से एक सिस्टम बनाया जाएगा। जन्म एवं मृत्यु पंजीयन से संबंधित नए नियमों में प्रावधान किया गया है कि घर पर जन्म या मृत्यु के मामले में प्रमाण पत्र के लिए रजिस्ट्रार को 30 दिन में सूचना देनी होगी।

 

ऐसे मामले में प्रमाण पत्र के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा, लेकिन सूचना देने में 30 दिन से लेकर एक साल तक की देरी होने पर 50 रुपए बिलंब शुल्क लगेगा और पंजीकरण भी जिला रजिस्ट्रार की अनुमति से ही हो सकेगा। एक साल से अधिक समय तक पंजीकरण नहीं कराने पर सौ रुपए का बिलंब शुल्क लगेगा और उसकी अनुमति भी कार्यपालक मजिस्ट्रेट ही दे सकेगा।

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लोकसभा चुनाव 2024 से ऐन पहले कांग्रेस को लगातार झटके लग रहे हैं। इसी क्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता रहे प्रो. गौरव वल्लभ ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। वल्लभ ने अपने इस्तीफे के बारे में सार्वजनिक जानकारी आज सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शेयर की। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को लिखे पत्र को साझा करते हुए इस्तीफे के कारणों का भी खुलासा किया।

गौरतलब है कि प्रो. गौरव वल्लभ अपने अब तक के राजनीतिक करियर के दौरान कांग्रेस पार्टी के कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। लंबे समय तक उन्होंने बतौर राष्ट्रीय प्रवक्ता का ज़िम्मा संभालते हुए मीडिया के तमाम मंचों में कांग्रेस का पक्ष रखा और विरोधियों पर हमलावर रहे।

राजस्थान में इसलिए रहे चर्चा में
प्रो. गौरव वल्लभ राजस्थान की राजनीति में भी खासा चर्चा में रहे। दरअसल, कांग्रेस ने उन्हें वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान उदयपुर विधानसभा सीट पर टिकट थमाकर प्रत्याशी बनाया था। हालांकि वे पार्टी की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे और चुनाव हारकर दूसरे नंबर पर रहे। वल्लभ को निकटतम प्रत्याशी भाजपा के ताराचंद जैन ने 32 हज़ार 771 वोटों से शिकस्त दी थी।

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'मैं नहीं कर सकता...'
इस्तीफे की जानकारी शेयर करते हुए प्रो. गौरव वल्लभ ने अपनी 'एक्स' पोस्ट में लिखा, 'कांग्रेस पार्टी आज जिस प्रकार से दिशाहीन होकर आगे बढ़ रही है, उसमें मैं ख़ुद को सहज महसूस नहीं कर पा रहा। मैं ना तो सनातन विरोधी नारे लगा सकता हूं और ना ही सुबह-शाम देश के वेल्थ क्रिएटर्स को गाली दे सकता हूं। इसलिए मैं कांग्रेस पार्टी के सभी पदों व प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूं।'

खत में लिखी 'मन की बात'
प्रो. गौरव वल्लभ ने अपने इस्तीफे में लिखा, 'भावुक हूं और मन व्यथित है। काफी कुछ कहना चाहता हूं, लिखना चाहता हूं और बताना चाहता हूं। लेकिन मेरे संस्कार ऐसा कुछ भी कहने से मना करते हैं। फिर भी मैं आज अपनी बातों को आपके समक्ष रख रहा हूं, क्योंकि मुझे लगता है कि सच को छुपाना भी अपराध है। ऐसे में मैं अपराध का भागी नहीं बनना चाहता।'

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उन्होंने कहा, 'जब मैंने कांग्रेस पार्टी ज्वाइन की थी, तब मेरा मानना था कि कांग्रेस देश की सबसे पुरानी पार्टी है। यहां पर युवा और बौद्धिक लोगों के आइडिया की क़द्र होती है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में मुझे यह महसूस हुआ कि पार्टी का मौजूदा स्वरूप नए आइडिया वाले युवाओं के साथ खुद को एडजस्ट नहीं कर पाती।'

राम मंदिर का ज़िक्र...
गौरव वल्लभ ने कहा, 'अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर कांग्रेस के रुख से मैं क्षुब्ध हूं। मैं जन्म से हिंदू और कर्म से शिक्षक हूं, पार्टी के इस स्टैंड ने मुझे हमेशा असहज किया। पार्टी और गठबंधन से जुड़े कई लोग सनातन के विरोध में बोलते हैं। इन दिनों पार्टी गलत दिशा में आगे बढ़ रही है। एक ओर हम जाति आधारित जनगणना की बात करते हैं तो वहीं दूसरी ओर संपूर्ण हिंदू समाज के विरोधी नजर आ रहे हैं।'

फल में विटामिन, खनिज, और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो स्वस्थ जीवनशैली को बनाए रखने में मदद करते हैं।कमरख (Star Fruit) एक फल है । इसे स्टार फ्रूट भी कहा जाता है। यह फल आकार में तारे की तरह होता है और रंग में हरा होता है। इसमें बीज भी होते हैं।

कमरख (Star Fruit) विटामिन C, एंटीऑक्सीडेंट्स, और अन्य पोषण तत्वों का अच्छा स्रोत है। यह एक औषधीय फल है। इसका स्वाद खट्टा-मीठा होता है।

कमरख खाने के फायदे: Benefits of eating Kamarkha (Star Fruit)

1. विटामिन C का स्रोत:
कमरख (Star Fruit) विटामिन C का अच्छा स्रोत होता है, जो शरीर की रोगों से सुरक्षा में मदद करता है और इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है। इसके अलावा, यह त्वचा के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है।

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2. एंटीऑक्सीडेंट्स:
इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं जो शरीर को कैंसर और अन्य बीमारियों से लड़ने और इंफेक्शन से बचाने में सहायक हो सकते हैं।

3. फाइबर का स्रोत:
कमरख (Star Fruit) में फाइबर होता है जो पाचन को सुधारने में मदद कर सकता है और साथ ही आपको लैकोरिया, कब्ज, और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से बचाने में मदद कर सकता है।

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4. इम्यून सिस्टम को मजबूत करना:
इसमें मौजूद विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा, कमरख (Star Fruit) में अन्य पोषण तत्व भी हो सकते हैं जैसे कि एंथोसायनिंस जो एक प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं और इंफेक्शन से बचाव में मदद कर सकते हैं।

5. कोलेस्ट्रॉल कम करता है:
कमरख (Star Fruit) कोलेस्ट्रॉल को कम करके रक्त लिपिड स्तर को कम करने में मदद कर सकते हैं। इसकी उच्च फाइबर सामग्री और कम वसा सामग्री के कारण कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करता है। कमरख को चटनी बनाकर भी सेवन किया जा सकता है।

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6. सूजन कम जाती है:
कमरख (Star Fruit) विटामिन सी और अन्य खनिजों का एक समृद्ध स्रोत है जो सूजन संबंधी त्वचा समस्याओं को कम करने में मदद कर सकता है। इसकी सूजनरोधी और एंटीसेप्टिक गुणों की वजह से यह गले की खराश और खांसी में भी सहायक हो सकता है।

अन्य फायदे:

- कमरख (Star Fruit) मधुमेह रोगियों के लिए भी फायदेमंद हो सकता है।
- यह हृदय स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा माना जाता है।
- कमरख (Star Fruit) वजन घटाने में भी मदद कर सकता है।

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कमरख का सेवन कैसे करें: How to consume Kamarkha

- आप कमरख को कच्चा खा सकते हैं।
- आप इसका जूस बनाकर भी पी सकते हैं।
- आप इसे सलाद में भी मिला सकते हैं।
- कमरख का सेवन करते समय ध्यान रखें:

यदि आपको किडनी की बीमारी है, तो कमरख का सेवन न करें।
यदि आपको कमरख से एलर्जी है, तो इसका सेवन न करें।
कमरख एक स्वादिष्ट और पौष्टिक फल है। इसका सेवन आपके स्वास्थ्य के लिए कई तरह से फायदेमंद हो सकता है।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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लोकसभा चुनाव में ये पहली बार है जब कांग्रेस पार्टी को कुछ सीटों पर अपने खुद के प्रत्याशी ढूंढने से भी नहीं मिल रहे हैं। सीकर और नागौर में जहां अन्य दलों के साथ गठबंधन करने पर मजबूर होना पड़ा, वहीं डूंगरपुर-बांसवाड़ा में आखिरी समय तक ना तो अपनी ही पार्टी का कोई जिताऊ उम्मीदवार मिला और ना ही किसी अन्य दल के साथ गठबंधन पर ही मुहर लग पाई।

कभी गढ़... अब सबसे कमज़ोर
प्रदेश की डूंगरपुर-बांसवाड़ा लोकसभा सीट एक वक्त में कांग्रेस पार्टी का गढ़ मानी जाती थी। यहां पर आदिवासियों का अच्छा-खासा वोट बैंक पार्टी के पक्ष में ही माना जाता रहा। लेकिन अब इस क्षेत्र में राजनीतिक तस्वीर और परिस्थिति बदली-बदली सी दिख रही है। कमज़ोरी की नौबत का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि देश की सबसे पुरानी और बड़ी पार्टी का दम हांकने वाली पार्टी को इस सीट पर एक उम्मीदवार तक नहीं मिल पा रहा है।

नामांकन के अंतिम दिन तक सस्पेंस
डूंगरपुर-बांसवाड़ा लोकसभा सीट पर कांग्रेस पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार को लेकर नामांकन के अंतिम समय तक सस्पेंस बरकरार रहा। यहां तक कि क्षेत्रीय दलों से गठबंधन कर संयुक्त प्रत्याशी उतारे जाने को लेकर भी स्थिति साफ़ नहीं हो सकी। जानकारी के अनुसार कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने क्षेत्र में कैंप किया हुआ है और स्थानीय नेताओं के साथ उम्मीदवार उतारे जाने को लेकर चर्चा-मंथन जारी है।

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कांग्रेस का सिंबल पहुंचा बांसवाड़ा!
नामांकन के आखिरी दिन तक उम्मीदवार को लेकर बने रहे सस्पेंस के बीच कांग्रेस पार्टी का सिंबल बांसवाड़ा पहुंचने की भी चर्चा है। सूत्रों के अनुसार डूंगरपुर-बांसवाड़ा लोकसभा सीट के साथ ही बागीदौरा विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए कांग्रेस का सिंबल बांसवाड़ा पहुँचाया गया है। ऐसे में इन सीटों पर कांग्रेस के प्रत्याशी उतारे जाने की भी संभावना अंतिम समय तक बनी रही।

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कद्दावर नेता के जाने का असर
डूंगरपुर-बांसवाड़ा सीट पर कांग्रेस का बुरा हाल इस क्षेत्र में पार्टी के कद्दावर नेता रहे महेंद्र जीत सिंह मालवीय के भाजपा में जाने के कारण देखा जा रहा है। कांग्रेस छोड़कर भाजपा गए मालवीय को हाथों-हाथ टिकट मिला और प्रत्याशी बन गए। उनके जाने के बाद कांग्रेस को उनके कद का कोई नेता इस क्षेत्र में नहीं मिल पा रहा है, जिससे उसकी मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं।

Written By Anjali Tomar

स्कूल टाइम से ही मुझे एंकरिंग का शौक था। समर वेकेशन में एंकरिंग क्लास जाती थी। साल 2011 की बात है तब मेरे पास पहली बार फिल्म 'अग्निपथ' के लिए ऑफर आया मैंने आडिशन दिया और सलेक्ट हो गई। उसके बाद एक-एक कर साउथ की कई फिल्मों में भी काम किया।
अब मुझे लगता है कि किसी भी भाषा की फिल्म हो ऑडियंस वास्तविकता को ज्यादा पसंद कर रही है यह कहना है भोपाल की अभिनेत्री कनिका तिवारी का। अपनी सफलता की कहानी बयां करते हुए कनिका ने कहा कि उन्होंने बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिस्ट्रेशन किया। हिंदी, तमिल और कन्नड़ सहित कई अन्य भाषाओं की फिल्म करने के बाद समझ में आया कि एक्टिंग और कॉन्फिडेंस हम किसी से सीख नहीं सकते। यह काम करते-करते आता है। वह कहती हैं कि किसी भी काम को करने के लिए टैलेंट और लक दोनों ही महत्त्वपूर्ण होते हैं। फिल्म इंडस्ट्री में काम मिलना आसान नहीं। उन्हें जो काम मिला, दिल से किया।रट-रट कर
दिए शॉट्स
साउथ की फिल्में करने की बात पर कनिका ने बताया कि शुरुआत में परेशानी हुई थी। क्योंकि यह दक्षिण भारत की भाषाएं नहीं आती थी। डायरेक्टर उन्हें हिंग्लिश भाषा में स्क्रिप्ट दिया करते थे। जिसे रात को रटती फिर सुबह शूट करती थी। कुछ दिनों में भाषा तो समझ आ गई लेकिन बोलना नहीं आया।
फिल्मों पर फोकस
कनिका के मुताबिक उनके पास कई शोज के ऑफर हैं लेकिन उनका ध्यान फिल्मों और वेबसीरीज पर है क्योंकि टीवी सीरियल टाइम कन्ज्यूमिंग होते है,ं लेकिन फिल्में करते हुए खुद के लिए भी समय मिल जाता है। घूमने की शौकीन कनिका कहती हैं कि वह चाहें कितना भी घूम लें लेकिन सुकून उन्हें घर में ही मिलता है।ऑनलाइन शुरू की पढ़ाईकनिका ने बताया कि उनका सपना बिजनेस करने का था, लेकिन फिल्म में काम करने लगी। ऐसे में पढ़ाई छूटती चली गई। जब वह 'अग्निपथ' कर रही थीं तो फिल्म में उनकी मां का रोल करने वाली जरीना वहाब ने कहा, तुम बहुत कम उम्र में फिल्म इंडस्ट्री में आ गई हो, काम तो जीवन में आपको मिलता रहेगा लेकिन पढ़ाई करने का टाइम मिले ये जरूरी नहीं है।' जरीना की बात सुनने के बाद उन्होंने फिर से पढ़ाई शुरू की और ऑनलाइन पढऩे लगी।

Career Advice Tips: प्रोफेशनल जीवन में ग्रोथ हर व्यक्ति को चाहिए। लेकिन इसके लिए सदैव सक्रिय रहना होता है और ढेरों प्रयत्न करने होंगे। सिर्फ पढ़ाई और डिग्री की दम पर कार्यक्षेत्र में ऊंचाई हासिल नहीं की जा सकती। पढ़ाई और डिग्री के अलावा भी आपको अन्य दिशाओं में प्रयास करने होंगे। आइए, आज जानेंगे ऐसे कुछ टिप्स (Tips For Career Growth) जिनकी मदद से आप अपने काम में शीर्ष पर पहुंच सकेंगे।

गुरु की खोज करें (Career Tips)


जीवन में आगे बढ़ने के लिए गुरु की जरूरत सदैव है। ऐसे में आप कार्यक्षेत्र पर भी गुरु की तलाश करें। दफ्तर में आपके गुरु की भूमिका गूगल (Google Learning) निभा सकता है। साथ ही आप किसी सीनियर से सीख सकते हैं।


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कड़ी मेहनत से मिलेगी सफलता


सफलता रूपी ताले की चाबी कड़ी मेहनत है। किसी में काम या क्षेत्र में शीर्ष पर पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत जरूरी है। आप अपने कार्य में लगनशील रहें। दफ्तर में जो टास्क मिले उसे निर्धारित समय पर पूरा कर लें। काम में बेस्ट देने की कोशिश करें। नियमित अभ्यास और कड़ी मेहनत से दफ्तर में आपकी एक अलग पहचान बन जाएगी, जिससे प्रमोशन (How To Get Promotion) पाने में आसानी होगी।

अपनी सीमाएं तय करें (Fix Your Duty)


जीवन में आप हर एक चीज के पीछे नहीं भाग सकते। ऐसे में हमें अपनी सीमाएं तय करनी होती है। हर काम के पीछे भागने से आप किसी एक काम पर फोकस नहीं कर पाएंगे। ऑफिस में सभी की नजर में अच्छा बनने के लिए ऐसा बिल्कुल न करें। इसका प्रभाव आपकी क्षमता पर पड़ेगा। अपनी शक्ति और कमजोरियों के हिसाब से अपनी सीमाएं तय करें।

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अनुशासन के मंत्र को अपनाएं (Mantra For Career Growth)


जीवन में सफलता पाने का मूल मंत्र है अनुशासन। फिर चाहे स्कूल-कॉलेज वाला जीवन हो या दफ्तर की बात हो, एक अनुशासित व्यक्ति ही अपने लक्ष्य को प्राप्त कर पाता है। समय के पाबंद बनें। समय पर दफ्तर पहुंचना और समय पर सारे काम निपटाना जरूरी है।

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सवाल करें (Do Ask Questions)


कई लोग शर्मीले स्वभाव के होते हैं। ऐसे लोग किसी से मदद नहीं मांग पाते हैं, न ही सवाल कर पाते हैं। कार्यक्षेत्र में सवाल करना एक हुनर है और हर व्यक्ति को सवाल करना चाहिए।

प्रमोशन पाने वाले लोगों को फॉलों करें (How To Get Promotion)


अगर आप अपने करियर में प्रमोशन पाने (How To Get Promotion) की सोच रखते हैं, तो प्रमोशन पाने वाले लोगों को जरूर फॉलो करें। उनकी कार्यशैली को करीब से देखिए। आपको उनके जैसा नहीं बनना है बल्कि उनसे गुण सीखकर और भी आगे निकलना है। हालांकि, अपने सीनियर्स के साथ विनम्र रहें।

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Jalore Lok Sabha Seat : जालोर लोकसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर वैभव गहलोत चुनाव लड़ रहे हैं। वैभव गहलोत राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे हैं। अब एक सवाल जनता में है कि क्या पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट, वैभव गहलोत के लिए चुनाव प्रचार करेंगे। तो इस बात का खुलासा करते हुए सचिन पायलट ने कहा, पहले कुछ भी हुआ, लेकिन वे अशोक गहलोत के पुत्र के लिए सौ फीसदी प्रचार करेंगे। चर्चा में था कि अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच बहुत समय से मतभेद था। पर लगता है कि अब यह मतभेद खत्म हो गया है। 2020 में सामने आए मतभेदों और अशोक गहलोत के 'निकम्मा-नकारा' कहने को लेकर सचिन पायलट ने कहा कि जवाब देने के लिए उन्हें उकसाया गया, लेकिन मैंने शब्दों में गरिमा रखी और आगे बढ़ने का फैसला किया।

उन्होंने कहा कि वे गर्व से कह सकते हैं कि उन्होंने कभी ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जो किसी सार्वजनिक शख्सियत के लिए अशोभनीय हों, कभी ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जो अपमानजनक हो, क्योंकि बचपन से ही मुझमें निहित मूल्य प्रणाली ने सम्मान करना सिखाया है। परिस्थितियां कुछ भी रही हों।

जैसा पार्टी ने कहा, वैसा हीं किया, भूल गया

सचिन पायलट ने पिछले साल दिल्ली में हुई बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि जब वे पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व एआईसीसी प्रमुख राहुल गांधी के साथ बैठे थे। तब उन्हें माफ करने, भूलने और आगे बढ़ने के लिए कहा गया था। वैसा ही किया, यही पार्टी और राज्य के लिए समय की जरूरत थी।

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अच्छा प्रदर्शन करेगी कांग्रेस

सचिन पायलट ने स्वयं, अशोक गहलोत व गोविंद डोटासरा के चुनाव नहीं लड़ने को लेकर कहा कि यह निर्णय सीईसी का होता है। इस चुनाव में कांग्रेस अच्छा प्रदर्शन करेगी और उम्मीद है कि इंडिया गठबंधन के साझेदारों को सरकार बनाने के लिए बहुमत मिलेगा।

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NEET MDS 2024 Result Download: नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (एनबीईएमएस) ने मास्टर ऑफ डेंटल सर्जरी (NEET MDS 2024) के लिए आयोजित प्रवेश परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है। ऐसे छात्र जो इस परीक्षा में शामिल हुए थे, वो अपना परिणाम आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर चेक कर सकते हैं।

12 अप्रैल को जारी होगा स्कोरकार्ड (NEET MDS Scorecard)


उम्मीदवार 12 अप्रैल से आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। नीट एमडीएस (NEET MDS 2024) स्कोर कार्ड डाउनलोड करने के लिए लॉगिन क्रेडेंशियल जैसे पंजीकरण संख्या और पासवर्ड का उपयोग करें।


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कब हुई थी परीक्षा? (NEET MDS 2024 Exam)


नीट एमडीएस परीक्षा का आयोजन 18 मार्च को किया गया था। यह परीक्षा कंप्यूटर आधारित मोड में हुई थी। परीक्षा सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक एक ही पाली में आोयजित की गई थी। नीट एमडीएस परीक्षा का आयोजन देश भर के 259 डेंटल कॉलेजों में उपलब्ध लगभग 6,228 मास्टर ऑफ डेंटल सर्जरी (एमडीएस) सीटों के लिए हुआ था।

परीक्षा में एक सवाल को माना गया गलत (NEET MDS 2024)


मिली जानकारी के अनुसार, नीट एमडीएस (NEET MDS 2024) प्रश्न पत्र में एक प्रश्न को तकनीकी रूप से गलत माना गया था। परीक्षा में बैठने वाले सभी उम्मीदवारों को इस प्रश्न के लिए पूरे अंक मिलेंगे चाहे उन्होंने इसे बनाया हो या नहीं।

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नीट एमडीएम कटऑफ (NEET MDS Cutoff 2024)


नीट एमडीएस ने सभी श्रेणी के लिए कटऑफ जारी किया है।

  • सामान्य और ईडब्लूएस श्रेणी- 50 फीसदी (263 अंक)
  • एससी, एसटी, ओबीसी और पीडब्लूडी श्रेणी- 40 फीसदी (230 अंक)
  • सामान्य पीडब्लूडी श्रेणी- 45 फीसदी (246 अंक) है

कैसे चेक करें परिणाम (NEET MDS 2024 Result Download)

  • परिणाम चेक करने के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट natboard.edu.in पर जाएं
  • होम पेज पर 'NEET MDS 2024 Result' लिंक दिखेगा, इसे क्लिक करें
  • नोटिस में दिए गए रिजल्ट लिंक को चुनें
  • जरूरी डिटेल्स डालें और रिजल्ट वाला पेज खुल जाएगा
  • भविष्य के लिए इसे डाउनलोड कर लें
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पिछले 24 घंटे में राजस्थान (Rajasthan Weather Update) के चूरू जिले में कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ बूंदाबांदी (Rain In Rajasthan) हुई तो शेष स्थानों पर मौसम शुष्क रहा। वहीं अजमेर, बीकानेर, जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, संभाग के अधिकांश स्थानों पर अधिकतम तापमान 35-37 डिग्री सेल्सियस रहा। सबसे ज्यादा तापमान (Today Temprature) कोटा संभाग में 39°C दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले 5 दिन राजस्थान में किसी प्रकार की हीटवेव (Heatwave Alert) नहीं चलेगी।

लेकिन राजस्थान समेत देशभर के अधिकांश राज्य इस बार भीषण गर्मी से तपेंगे। मार्च-अप्रैल में ही राजस्थान में जून-जुलाई वाली गर्मी का अहसास होने लगा है। ऐसे में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) नई दिल्ली ने अप्रैल से जून तक का फोरकास्ट जारी किया है। इसमें राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश समेत मध्य और दक्षिण भारत के राज्यों में भीषण गर्मी पड़ने की आशंका जताई है। राजस्थान गर्मी का सबसे ज्यादा असर पश्चिमी बेल्ट जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर, जालोर, पाली और बाड़मेर में रहता हैं ऐसे में इन हिस्सों का तापमान सामान्य से ज्यादा रहने की आशंका को देखते हुए रेड जोन में रखा है।

अप्रैल से जून तक सर्वाधिक तापमान में रहने वाले राजस्थान के जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, जालोर, पाली, बीकानेर, श्रीगंगानगर, चूरू, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, भरतपुर, धौलपुर और करौली जिले को रेड जोन में रखा है और बाकी सभी जिले येलो जोन में रहेंगे।

Rajasthan News : जयपुर। राजस्थान में भजनलाल सरकार लगातार नए-नए फैसले ले रही है। इसी कड़ी में अब भजनलाल सरकार ने नया फरमान जारी करते हुए राजस्थान के सभी सरकारी कार्यालयों में जींस-टी शर्ट पर बैन लगा दिया है। सरकारी कर्मचारी अब दफ्तरों में जींस-टी शर्ट पहनकर नहीं आ सकेंगे। अगर आदेश की अवहेलना की तो कर्मचारियों पर एक्शन होगा।

दरअसल, मुख्य सचिव सुधांश पंत ने 27 मार्च को सीनियर ऑफिसर्स मीटिंग में निर्देश दिए थे कि सरकारी दफ्तरों में जींस, टी शर्ट और अन्य अशोभनीय वेशभूषा का उपयोग नहीं किया जाएं। सीएस के निर्देश पर अब जीएडी संयुक्त सचिव नीतू राजेश्वर ने राजस्थान के सभी सरकारी कार्यालयों में जींस-टी शर्ट पर रोक लगाने के आदेश दिए है।

 

जानिए जीएडी का आदेश

सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश में कहा गया है कि सभी सरकारी कार्यालयों में गरिमापूर्ण पोशाक के साथ आना सुनिश्चित करें और जींस, टी शर्ट व अन्य अशोभनीय वेशभूषा का उपयोग नहीं किया जाएं। साथ ही सभी सरकारी दफ्तरों में अधिकारियों और कर्मचारियों से गौरव पूर्ण पोशाक, अनुशासन, शिष्टाचार और नैतिकता की पालना के लिए कहा गया है।

 

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परिवहन विभाग और निगम में भी जींस-टीशर्ट बैन

बता दें कि परिवहन विभाग ने मंगलवार को ही परिवहन मुख्यालय सहित राजस्थान के सभी परिवहन कार्यालयों में कार्मिकों के जींस-टीशर्ट पहनकर आने पर रोक लगाई थी। इससे पहले राजस्थान की बिजली कंपनियों ने दफ्तरों में जींस-टीशर्ट पहनकर नहीं आने को लेकर आदेश जारी किया था।

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जयपुर. सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) के ग्लोबल ऑपरेशन्स सेंटर ने सोना तस्करी के मामले में वांटेड शौकत अली को सऊदी अरब से डिपोर्ट करवाया है। आरोपी को बुधवार रात मुंबई एयर पोर्ट पर लाया गया, जहां से उसे एनआईए ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। एनआईए ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया था। एनआईए के पत्र पर सीबीआई ने इंटरपोल जनरल सेक्रेटेरिएट से आरोपी के खिलाफ 13 सितम्बर 2021 रेड नोटिस जारी करवाया था। पूर्व में इंटरपोल के माध्यम से की गई कड़ी निगरानी पर उसके सऊदी अरब में होने का पता चला था।

आरोपी शौकत एनआईए के वर्ष 2020 के एक मामले में अभियोजन के लिए वांछित था। जयपुर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 3 जुलाई 2020 तस्करी की गई सोने की ईंटों के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 22 सितम्बर 2020 को मामला दर्ज किया था। जांच में सामने आया कि शौकत अली सऊदी अरब से भारत में सोने की ईंटों की तस्करी में लिप्त था।

जयपुर. अधूरे निर्माण पर ही गुरुकुल विश्वविद्यालय सीकर की मौका रिपोर्ट देने के मामले में सुविवि के तत्कालीन कुलपति प्रोफेसर अमेरिका सिंह को जयपुर की अशोक नगर थाना पुलिस ने क्लीनचिट दे दी है। सरकार की ओर से दर्ज कराई कई एफआईआर में पुलिस ने एफआर पेश कर दी है। उल्लेखनीय है कि राज्यपाल के आदेश पर हुई न्यायिक जांच में अमेरिका सिंह को पूर्व में ही राहत मिली चुकी थी।
गुरुकुल विश्वविद्यालय की मौका रिपोर्ट का यह मामला उस समय विवाद में आया था, जब विश्वविद्यालय को लेकर विधानसभा में बिल पेश किया गया था। विपक्ष की ओर से राजेन्द्र राठौड़ ने यह मामला उठाया और बताया कि मौके पर भवन ही नहीं बना है और विश्वविद्यालय का बिल सदन में पेश किया गया। उस जांच रिपोर्ट पर सवाल उठाए, जिसके आधार पर बिल पेश किया गया था। तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने इस मामले में बिल वापस ले लिया और बाद में सरकार की ओर से ही अशोक नगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। यह एफआईआर जांच कमेटी के प्रभारी अमेरिका सिंह व अन्य के खिलाफ कराई गई थी।

सरकार की इस कार्रवाई के साथ ही राज्यपल कलराज मिश्र ने न्यायिक जांच के आदेश दिए थे। इस न्यायिक जांच में अमेरिका सिंह को क्लीन चिट दी गई थी। इस जांच रिपोर्ट में ही अशोकनगर थाने जयपुर में दर्ज एफआईआर को निरस्त करने की अनुशंसा की थी। हालांकि पहले पुलिस ने पड़ताल जारी रखी। इसके बाद कानूनी राय ली गई। कुछ सप्ताह पहले इस मामले में एफआर लगाने का निर्णय लिया गया।


बिना किसी दवा के कैसे ठीक हुई डायबिटीज How diabetes was cured without any medicine

Reverse diabetes without medication : एक भारतीय मूल के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) ने हाल ही में बताया कि कैसे उन्होंने बिना किसी दवा के अपनी मधुमेह (Diabetes) को ठीक कर लिया। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (एससीएमपी) के अनुसार, Amoli Enterprises Ltd. के सीएफओ रवि चंद्रा को 51 साल की उम्र में टाइप 2 मधुमेह (Type 2 Diabetes) का पता चला था। उस समय, उनके डॉक्टर ने उन्हें बीमारी के लिए दवा लेना शुरू करने की सलाह दी थी। हालांकि, उन्होंने इसके बजाय दौड़ना शुरू कर दिया, जिसने उनकी रक्त शर्करा (Blood sugar) के स्तर को केवल तीन महीनों में सामान्य होने में मदद की। उन्होंने अखबार को बताया कि उन्हें कभी भी दवा लेने की जरूरत नहीं पड़ी।

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सिर्फ तीन महीने में सामान्य हुआ ब्लड शुगर लेवल Blood sugar level became normal in just three months


Reverse diabetes without medication : एससीएमपी की रिपोर्ट के अनुसार, 2015 में 51 साल की उम्र में चंद्रा को टाइप 2 मधुमेह (Type 2 diabetes) का पता चला था। उनके डॉक्टर ने उन्हें दवा लेने की सलाह दी थी, लेकिन उन्होंने दवा लेने के बजाय दौड़ना शुरू कर दिया। खास बात यह है कि नियमित रूप से दौड़ना शुरू करने के सिर्फ तीन महीने बाद ही उनका ब्लड शुगर (Blood sugar) लेवल जो पहले 8 था, वह घटकर सामान्य रेंज 6.80 पर आ गया।

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चंद्रा ने तब से दौड़ना जारी रखा है और अब तक 29 दौड़ लगा चुके हैं, जिनमें 12 मैराथन, 5 हाफ मैराथन, 7 10 किलोमीटर दौड़ और 100 किलोमीटर की हांगकांग ऑक्सफैम ट्रेलवॉकर जैसी कई लंबी दौड़ शामिल हैं।

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नियमित व्यायाम
और दौड़ से मिली सफलता Success achieved through regular exercise and running

Reverse diabetes without medication : मिस्टर चंद्रा ने बताया, "मुझे लगता था कि जैसे ही मैंने दवा लेना शुरू किया, खुराक बढ़ती रहेगी। मुझे यह भी अनुभव हुआ कि अपनी फिटनेस स्तर को सुधारने से मधुमेह (Diabetes) को नियंत्रित किया जा सकता है। इसके अलावा, मेरा काम बहुत ही तनावपूर्ण था और मैंने सोचा कि नियमित व्यायाम करने से मुझे शांति मिलेगी।" इससे प्रकट होता है कि वे अपने स्वास्थ्य की देखभाल में सक्रिय रूप से शामिल होना चाहते थे। उन्होंने अपनी समस्याओं को समझा और उसका समाधान खोजने के लिए कई पहल की।


उन्होंने बताया कि सबसे पहले 2011 में दौड़ लगाना शुरू किया था, उनके एक दोस्त से प्रेरित होकर, जो 100 से भी ज्यादा मैराथन दौड़ चुका है। लेकिन, एक घटना के बाद, उन्होंने दौड़ना बंद कर दिया, जब तक उन्हें पता नहीं चला कि उन्हें मधुमेह (Diabetes) है। उन्होंने फिर से दौड़ने का फैसला किया, तो उन्होंने एक नया तरीका अपनाया।

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उन्होंने बताया कि "मैंने एक किलोमीटर चलने से शुरुआत की, और फिर 10 किलोमीटर के लिए दौड़ना-चलना-दौड़ना किया। जल्द ही, मेरी सहनशक्ति बढ़ गई, और मैं हफ्ते में तीन से चार बार बिना रुके 10 किलोमीटर दौड़ने में सक्षम हो गया।"

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हफ्ते में छह दिन 8 से 9 किलोमीटर की दौड़ 8 to 9 kilometer run six days a week

अब, वह बताते हैं कि काम पर जाने से पहले वह हफ्ते में छह दिन 8 से 9 किलोमीटर दौड़ते हैं। शनिवार को, काम के बाद, वह एक लंबी दौड़ पर जाते हैं, अक्सर लैंटाऊ द्वीप पर अपने पसंदीदा रास्ते पर, तुंग चुंग से, जहां वे रहते हैं, डिज़नीलैंड और हांगकांग अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे तक। "यह 21 किमी का रास्ता है और बहुत सुंदर है। मुझे समुद्र के किनारे दौड़ना अच्छा लगता है।"

अधिकतम एरोबिक फ़ंक्शन तकनीक का किया उपयोग Utilized maximum aerobic function technology

श्री चंद्रा ने यह भी बताया कि वह मैक्सिमम एरोबिक फंक्शन (Maximal aerobic function) तकनीक का उपयोग करके दौड़ते हैं। इसमें उम्र और अन्य कारकों के आधार पर किसी व्यक्ति के लिए विशिष्ट कम तीव्रता वाली एरोबिक हृदय गति पर प्रशिक्षण शामिल है। उन्होंने बताया, "इस पद्धति का उपयोग करने से मुझे सामान्य से धीमी गति से दौड़ने में मदद मिली है, जिससे मुझे चोट-मुक्त रखा गया है।"

अब तक लगभग 20,000 किलोमीटर की दौड़ लगा चुके हैं

उन्होंने अनुमान लगाया है कि उन्होंने दौड़ना शुरू करने के बाद से अब तक लगभग 20,000 किलोमीटर दौड़ लगाई है। वह दौड़ लगाने को एक लत और प्रेरणादायक दोनों मानते हैं। उनके 29 और 24 साल के बच्चे भी अपने पिता को सफल होते देख दौड़ लगाने के लिए प्रेरित हुए।

उन्होंने बताया कि वह आम तौर पर सिर्फ शाकाहारी भोजन ही खाते हैं, कभी-कभी मछली या चिकन खाते हैं। उनका ज्यादातर नाश्ता दही चावल, इडली या डोसा के रूप में कार्बोहाइड्रेट से बना होता है। अपने दोपहर और रात के भोजन में, वह अक्सर पके हुए सब्जियों के साथ परोसे गए चावल खाते हैं। वह नाश्ते के रूप में फल का भी सेवन करते हैं और लंबी दौड़ और दौड़ के लिए ईंधन के रूप में सेब और संतरे का इस्तेमाल करते हैं।

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जयपुर-चौमूं राजमार्ग पर राजावास पुलिया के पास बुधवार शाम करीब 7 बजे चलती कार में आग लगने से चालक जिंदा जल गया। मृतक बुधवार सुबह ही तमिलनाडु के रामेश्वरम से घूमकर आया था। इसके बाद पिता से मिलने गांव चला गया। शाम को वापस लौटते समय कार में आग लग गई और चालक की मौत हो गई।

दौलतपुरा पुलिस ने बताया कि कार चौमूं से जयपुर की ओर जा रही थी। अज्ञात कारणों के चलते कार में आग लग गई। आग के विकराल रूप धारण करने से चालक अंदर फंस गया और अन्य वाहन चालकों ने उसे बचाने का काफी प्रयास किया, लेकिन विफल रहे। राजमार्ग पर करीब पौन घंटे तक कार जलती रही। इसके बाद फायर ब्रिगेड पहुंची और करीब आधा घंटे में काबू पाया।

इसके बाद कार चालक मुकेश कुमार शर्मा (46) निवासी घिनोई व हाल निवासी लोहा मंडी के शव को बाहर निकाला। घटना के बाद करीब 2 घंटे तक राजमार्ग बाधित रहा। आग पर काबू पाने के बाद पुलिस ने यातायात सुचारू करवाया।

 

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चालक मुकेश लोहा मंडी में बेसन पिसाई का कार्य करता था। उसके दो पुत्र हैं , एक 10वीं में और दूसरा 12वीं में पढ़ता है। पुलिस ने शव को कावंटिया अस्पताल भिजवाया है। सूचना के बाद एफएसएल टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए।

चालक को नहीं बचा पाए....
प्रत्यक्षदर्शी ढाबे पर काम करने वाले राहुल ने बताया कि सड़क पर एक कार जल रही थी। चालक कार से निकलने को तड़प रहा था। हमने गेट खोलने की कोशिश की, लेकिन खुल नहीं पाया। इस दौरान आग ने विकराल रूप ले लिया और पास जाना भी मुश्किल हो गया। जिससे कार चालक जिंदा जल गया।

रामेश्वरधाम घूमकर आया था....

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मृतक के भाई सुरेश ने बताया की भाई मुकेश कुमार शर्मा व भाभी बुधवार सुबह ही तमिलनाडु के रामेश्वरम से घूमकर आए थे। मुकेश सुबह पत्नी को छोड़कर पिता भागीरथ से मिलने गांव घिनौई चला गया। जहां से शाम को वापस जयपुर आ रहा था। जहां राजावास पुलिया से पहले ही एक होटल के सामने कार में अचानक आग लग गई। जिसमें उसकी जिंदा जलने से मौत हो गई।

जयपुर/करौली. कैलादेवी में 6 अप्रेल से कैलामाता का चैत्र लक्खी मेला शुरू होगा, जिसे लेकर तैयारियां पूरी हो गई हैं। सुरक्षा की दृष्टि से मेला क्षेत्र में 305 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाएगी।
वैसे तो मेला 6 अप्रेल से शुरू होगा, लेकिन आस्थाधाम में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया है। बीते दो-तीन दिन से आस्थाधाम में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ गई है। जिससे रौनक छाने लगी है। कस्बे की 500 से अधिक होटल-धर्मशालाओं में भी यात्रियों की आवक के मद्देनजर तैयारियां की हैं।

भंडारों की तैयारियां शुरू, लगाए पांडाल
सैकड़ों किलोमीटर की पदयात्रा करके कैलामाता के दरबार में आने वाले पदयात्रियों और अन्य यात्रियों के लिए जगह-जगह भंडारे लगाए जाएंगे। इसके लिए धार्मिक, सामाजिक संगठनों की ओर से तैयारियां की जा रही हैं। करौली में पुरानी कलक्ट्री सर्किल, फकीरा की बगीची, बरखेड़ा नदी के समीप, कैलादेवी मोड़, राजौर सहित अन्य अन्य स्थानों पर पांडाल लगा दिए गए हैं। जिनमें भंडारे शुरू होंगे। इसके अलावा विश्राम स्थल, चिकित्सा सुविधा, पेयजल आदि के भी धार्मिक व सामाजिक संगठनों द्वारा प्रबंध किए जा रहे हैं। गौरतलब है कि कैलामाता के चैत्र लक्खी मेले में प्रतिवर्ष से लाखों श्रद्धालु माता के दर्शनों को आते हैं। दर्शनार्थियों को सुगमता से दर्शन करने के लिए सुविधायुक्त रेङ्क्षलग की व्यवस्था के साथ मंदिर परिसर एवं समस्त मेला क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था मंदिर ट्रस्ट ने की है। मंदिर परिसर सहित मेला क्षेत्र में निर्धारित जोन एवं घाटों पर मंदिर ट्रस्ट पर्याप्त मात्रा में सफाई कार्मिक लगाए गए हैं। वहीं कालीसिल घाट, भट्टा तिराहा, मंदिर परिसर आदि स्थानों पर चल शौचालय स्थापित किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर मंदिर ट्रस्ट की ओर से 350 सुरक्षाकर्मी, अस्थायी गार्ड लगाए जाएंगे तथा सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में 305 सीसीटीवी कैमरों से व्यवस्थाओं एवं असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। कालीसिल नदी के घाटों पर गोताखोरों की व्यवस्था रहेगी। यात्रियों की सुविधा के लिए जगह-जगह सूचना बोर्ड, संकेत चिन्ह, आवश्यक टेलीफोन नम्बरों की सूची के बोर्ड लगाए गए हैं।

ई-रिक्शा की सुविधा मिलेगी
मेले में पहुंचने वाले वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग दर्शनार्थियों को ट्रस्ट की ओर से ई-रिक्शा के जरिए माता के मंदिर तक पहुंचाया जाएगा। विवेक द्विवेदी ने बताया कि रोडवेज बस स्टैण्ड से 11 ई-रिक्शा का संचालन किया जाएगा।

भीड़ अधिक होने पर कैलामाता के दर्शनों का बढ़ेगा समय
चैत्र लक्खी मेले को लेकर श्री कैलादेवी मंदिर ट्रस्ट की ओर से भी तैयारियां की गई हैं। मंदिर ट्रस्ट के कार्यकारी अधिकारी किशनपाल जादौन, मुख्य परिचालन अधिकारी विवेक द्विवेदी, प्रबंधक प्रशासन चन्द्रकांत कुड़तकर, मेला अधिकारी संतोष ङ्क्षसह एडवोकेट ने बुधवार को आयोजित पत्रकारवार्ता में जानकारी दी कि चैत्र लक्खी मेले में कैलामाता के दर्शनों का समय प्रात: 4 बजे से रात्रि 9 बजे तक निरंतर रहेगा। यदि भीड़ अधिक होगी तो दर्शन समय रात्रि 10 बजे तक बढ़ाए जाएंगे।

महकेगी केवड़े की सुगंध

माता के दर्शनों के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं पर गंगाजल केवड़ा मिश्रित चरणामृत की व्यवस्था रहेगी। इसके लिए पाइप लाइन से केवड़ा मिश्रित गंगाजल दर्शनार्थियों पर फुहारों के रूप में बरसेगा, जिससे कई किलोमीटर की यात्रा करके पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को शीतलता मिलने के साथ परिसर केवड़े की सुगंध से महकेगा। इसके साथ ही कूलर-पंखा की व्यवस्था होगी और दर्शनार्थियों को पानी की बोतल भी दी जाएगी।

प्रसाद के लिए राशि रहेगी निर्धारित
इस बार मंदिर ट्रस्ट ने स्वयं के स्तर पर मंदिर ट्रस्ट द्वारा नियंत्रित भोग-प्रसाद की 70 दुकानों का संचालन शुरू किया है, जिन पर अलग-अलग दर से प्रसादी मिलेगी। प्रसाद के साथ 250 एमएल की पानी की बोतल भी नि:शुल्क दी जाएगी। इससे श्रद्धालुओं को भी राहत मिलेगी।

राजनीति में नेता अवसरवादी
राजनीति में कोई किसी का नही होता। अपने मतलब के लिए नेता कुछ भी करते हैं। ये अवसरवादी होते हैं। यदि उन्हें फायदा हो रहा हो वो अंधविश्वास को बढ़ावा देेने से भी नहीं चूकते। लोगों की आस्था से खिलवाड कर अपनी सत्ता को बनाए रखना ही एकमात्र मकसद होता है। चुनाव जीतने के लिए लोगों की भावनाओं से इन्हें कोई मतलब नहीं होता।
—अशोक कुमार शर्मा, जयपुर
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भक्ति और विश्वास की जगह अंधभक्ति व अंधविश्वास
धर्म और राजनीति दो अलग अलग विषय हैं। सत्ता में आने के लिए राजनीति में धर्म का इस्तेमाल अधिक होने लगा है। धर्म से जुडी बातों पर भोलेभाले लोग आसानी से विश्वास कर लेते हैं। राजनेता इसी का फायदा उठाते हैं। देश की जनता को बहका कर उन्हें अंधविश्वास के गहरे दलदल में डाल देते हैं। धार्मिक स्थलों पर मन की शांति मिलती है लेकिन अस्पताल और स्कूल—कॉलेज की भी उतनी ही आवश्यकता है। भक्ति और विश्वास के स्थान पर अंधभक्ति व अंधविश्वास ने उसकी जगह ले ली है। इससे विकसित देश की परिकल्पना करना निरर्थक होगा।
— शंकर गिरि, रावतसर, हनुमानगढ़ (राजस्थान)
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राजनेताओं में वैज्ञानिकता होना जरूरी
नेता अपने फायदे व स्वार्थ सिद्धि के लिए अंधविश्वास ही नहीं, बल्कि समाज, जाति, धर्म में राजनैतिक द्वैष फैलाने से भी नहीं हिचकते हैं। अपने समीकरण साधने के लिए उपद्रव का माहौल भी उत्पन्न कर देते हैं। उन्हें राजनीतिक रोटियां सेंकनी हैं। राजनेता में वैज्ञानिकता होना आवश्यक है। देश की शासन सत्ता संचालित करने वाले लोग भी अंधविश्वास को प्रोत्साहित करगें तो भारत अन्य देशों की प्रतिस्पर्धा में पिछड जाएगा।
-बलवीर प्रजापति, हरढा़णी जोधपुर
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अंधविश्वासों से देश का थम जाएगा विकास
विविधताओं से भरे भारत में, अनेक कुप्रथायें और कुरीतियां फैली हुई हैं। नेताओं को इन्हें दूर कर, वैज्ञानिकता का प्रचार करना चाहिए। लेकिन इससे उलट वे अपने फायदे के लिए इन अंधविश्वासों को बढ़ावा देते हैं। मजे की बात, यह कि जनता भी इन अंधविश्वासों से सहमत होती नजर आती है। गिने—चुने बुद्धिजीवी लोग ही इसका नाममात्र विरोध करते हैं। न ही बहुसंख्यक जनता और नेता इन अंधविश्वासों व रूढिवादी मान्यताओं को दूर करने के प्रयास करते नजर आते हैं। विकसित होते भारत के लिए यह अंधविश्वास पीछे ले जाने वाले हैं।
-नरेश कानूनगो, देवास, म.प्र.
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जनता की कमजोरी भांपने में नेता कुशल
नेता लोग चुनाव जीतने और अपने वर्चस्व को बनाए रखने के लिए ऐसे हथकंडे अपनाते हैं। वोट पाने की खातिर ये जनता की नब्ज टटोलने में माहिर हैं। लोगों को जाति, धर्म, मजहब तथा अंधविश्वास के आधार पर बांटने में सफल हो जाते हैं। इससे इन नेताओं को वोट मिल जाते हैं। जनता को जागरूक होना होगा अपने मताधिकार का सही उपयोग करना होगा।
— गजेंद्र चौहान, कसौदा, जिला डीग
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शिक्षा की कमी से अंधविश्वास को बल
अधिकांश जनता में तर्कशक्ति का अभाव रहता है। अशिक्षित और कम शिक्षित जनता नेताजी की हर हिदायत मानने को तैयार रहती है। ऐसी सामाजिक परिस्थितियों का फायदा दूरदृष्टि तार्किक नेता उठाने से नहीं चूकते। स्थानीय नेता, स्थानीय जनता का मनोविज्ञान समझते हैं। नेता, चुनाव जीतने के लिए अंधविश्वास का पूरा— पूरा सहारा लेते हैं।
मुकेश भटनागर, भिलाई, छत्तीसगढ़
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धार्मिक अंधविश्वास की जडें गहरी होने का फायदा नेताओं को
चुनाव जीतने के लिए नेता जाति, धर्म व अंधविश्वास को अपना हथियार बनाते हैं। ऐसा करके सत्ता प्राप्त करने में कामयाब हो जाते हैं। देश में समस्याओं को दूर करने के लिए कई पापड बेलने पडते हैं। धार्मिक अंधविश्वास को फैलाकर आसानी से वोट हासिल किए जा सकते हैं। जनता की इसी नासमझी का फायदा उठाकर नेतालोग चुनाव जीत जाते हैं। कई स्थानों पर धार्मिक अंधविश्वास की जडें इतनी गहरी हैं कि यदि कोई इनका विरोध भी करना चाहे तो उसे नास्तिक मानकर दुत्कार दिया जाता है। युवाओं को सी मार्गदर्शन करने वाले नेताओं की जरूरत है।
—अमित मांकेश, भरतपुर
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अंधविश्वास फैलाने में छिपा है नेताओं का स्वार्थ
नेता, वोट बैंक की राजनीति और अपना स्वार्थ सिद्ध करने के लिए अंधविश्वास को बढ़ावा देते हैं। वे अपने राजनीतिक फायदे के लिए शिक्षित व्यक्तियों को भी अंधविश्वास के इस कुचक्र में फंसा लेते है। समाज में अंधविश्वास फैलाकर वोट मांगने वाले इन नेताओं का आमजन को बहिष्कार करना चाहिए।
— प्रकाश भगत, कुचामन सिटी, नागौर
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जयपुर. श्री प्रेमभाया मंडल समिति की ओर से आयोजित 84 वां त्रि-दिवसीय श्री प्रेमभाया महोत्सव गुरुवार को नगर संकीर्तन के साथ संपन्न हुआ। नगर संकीर्तन बुधवार शाम 7 बजे जयलाल मुंशी का रास्ता स्थित युगल कुटीर से शुरू हुआ, जो परकोटे के विभिन्न मार्गों से होते हुए सुबह वापस युगल कुटीर पहुंचा। नगर संकीर्तन में घर-घर से पुष्पवर्षा कर श्री प्रेमभाया सरकार की आरती उतारी गई। भजन गायकों ने भक्त युगल किशोर शास्त्री की रचनाओं से परकोटे में भक्ति रस बरसाया।


समिति के प्रवक्ता लोकेश शर्मा ने बताया कि नगर संकीर्तन युगल कुटीर जयलाल मुंशी के रास्ते से प्रारंभ होकर जाट के कुए का रास्ता, गोपीनाथ जी का मंदिर, बारह भाइयों का चौराहा, नाहरगढ़ रोड, चांदपोल बाजार, छोटी चौपड़, त्रिपोलिया, बड़ी चौपड़ जौहरी बाजार, गोपाल जी का रास्ता, लाल जी सांड का रास्ता, अजायबघर का रास्ता, खूंटेटो का रास्ता, खेजड़ो का रास्ता से खजाने वालों के रास्ते होते हुए गुरुवार सुबह 7 बजे युगल कुटीर पहुंचा। इसके साथ ही श्री प्रेमभाया सरकार का 84 वें भक्ति संगीत समारोह का समापन हुआ।

लोकसभा चुनाव 2024 में राजस्थान की 'सुपर हॉट' सीट नागौर से एक बार फिर 'सुपर हॉट' अपडेट आया है। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस हॉट सीट को साधने के लिए शनिवार 6 अप्रेल के लिए राजस्थान दौरे पर आ रहे हैं। हालांकि प्रधानमंत्री का ये दौरा नागौर की धारा पर ना होकर अजमेर के पुष्कर में होना तय हुआ है।


गौरतलब है कि नागौर लोकसभा सीट अजमेर संभाग में ही आती है, लिहाज़ा प्रधानमंत्री अपने पुष्कर सभा के ज़रिए अजमेर के साथ-साथ नागौर सीट को भी साधेंगे। यही नहीं इसी सभा से प्रधानमंत्री भीलवाड़ा और टोंक के मतदाताओं तक भी पहुंच बनाएंगे।

नागौर नहीं, अजमेर पर 'मुहर'

जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजस्थान दौरे और यहां होने वाली सभाओं को लेकर केंद्रीय संगठन के नेताओं के बीच लगातार मंथन जारी है। जयपुर ग्रामीण की कोटपूतली सभा के बाद अब दो और सभाओं को फाइनल किया गया है। इसके तहत 5 अप्रेल को चूरू और उसके ठीक अगले ही दिन 6 अप्रेल को अजमेर लोकसभा सीट की पुष्कर में जनसभा रखी गई है।

बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री की पुष्कर में तय हुई सभा से पहले कई अन्य विकल्पों पर मंथन चला। इनमें अजमेर के ही मकराना और सुरसुरा के विकल्पों पर भी चर्चा होने की बात सामने आई। इसके अलावा नागौर में परबतसर और मंगलाना में सभा रखने पर भी विचार हुआ। लेकिन आखिरकार अजमेर संभाग में अजमेर के पुष्कर में प्रधानमंत्री की सभा पर मुहर लगी और नागौर इस दौरे से वंचित रह गया।

बताया तो यहां तक जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नागौर में ही दौरा करने को लेकर स्थानीय नेताओं और प्रशासन ने प्रारम्भिक तैयारियां करनी शुरू भी कर दीं थीं, लेकिन जब पुष्कर में सभा होने का आधिकारिक कार्यक्रम रिलीज़ हुआ तब जाकर तैयारियों पर विराम लगा।

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सभी प्रत्याशी दिख सकते हैं एक मंच पर
जानकारी में ये भी सामने आया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पुष्कर की सभा के दौरान अजमेर संभाग में भाजपा के सभी लोकसभा प्रत्याशी मौजूद रहेंगे। अगर ऐसा हुआ तो प्रधानमंत्री के साथ एक ही मंच पर भाजपा के अजमेर प्रत्याशी भागीरथ चौधरी, नागौर प्रत्याशी डॉ ज्योति मिर्धा, भीलवाड़ा प्रत्याशी दामोदर अग्रवाल और टोंक-सवाई माधोपुर प्रत्याशी सुखबीर सिंह जौनापुरिया की भी मौजूदगी दिख सकती है।

सबसे ज़्यादा डिमांड में प्रधानमंत्री

भाजपा प्रत्याशियों में सबसे ज़्यादा डिमांड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभाओं की हो रही है। इसके लिए प्रत्याशी अपने दिल्ली तक के संपर्कों को भुनाने में जुटे हैं। प्रधानमंत्री के अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी डिमांड में रहने वाले टॉप स्टार प्रचारकों में हैं।

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... इधर युद्ध स्तर पर तैयारी शुरू

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 6 अप्रेल को पुष्कर आएंगे। उनका मेला मैदान में भाजपा के अजमेर सीट से प्रत्याशी भागीरथ चौधरी के समर्थन में जनसभा को संबोधित करने का कार्यक्रम है। सभा की तैयारियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं।

बुधवार को एसपीजी के अधिकारियों ने होटल पुष्कर सरोवर में प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत व अन्य के साथ बैठक की तथा सभा स्थल व अस्थायी हेलीपैड का जायजा लेकर पुख्ता व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए। एसपीजी के अधिकारियों ने एसपी देवेन्द्र कुमार बिश्नोई, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक शर्मा सहित नगर पालिका, जलदाय, बिजली सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ होटल सरोवर में बैठक ली।

भाजपा नेताओं का दौरा

प्रधानमंत्री की पुष्कर यात्रा को यात्रा को लेकर जल संसाधन मंत्री रावत, राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नति प्राधिकरण अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत, देहात जिलाध्यक्ष देवीशंकर भूतड़ा, शहर अध्यक्ष रमेश सोनी, पूर्व मेयर धर्मेन्द्र गहलोत, पुष्कर पालिकाध्यक्ष कमल पाठक आदि ने मेला मैदान सभा स्थल का जायजा लिया तथा एसपीजी के अधिकारियों से डोम बनाने पर चर्चा कर निर्देश दिए।

तीन डोम बनेंगे

पीएम की सभा के लिए मेला मैदान में तीन बडे डोम बनाए जाएंगे। एसपीजी अधिकारियों ने सुरक्षा के अनुसार डोम बनाने के निर्देश दिए।

RJ Lok Sabha Election 2024 : लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले कांग्रेस को लगातार मिल रहे झटकों के बीच आज पार्टी को एक और तगड़ा झटका लगा है। अपने तीखे तेवर और बेबाक अंदाज के लिए मशहूर वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता प्रोफेसर गौरव वल्लभ ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। इसकी जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी। पार्टी से इस्तीफा देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस दिशाहीन होकर आगे बढ़ रही है। पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में गौरव वल्लभ को कांग्रेस ने उदयपुर से मैदान में उतारा था, जहां से वह हार गए थे।

राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पार्टी आगे बढ़ रही है, उसमें मैं खुद को सहज महसूस नहीं कर पा रहा हूं। मैं न तो सनातन विरोधी नारे लगा सकता हूं और न ही सुबह-सुबह देश के वेल्थ क्रिएटर्स को गाली दे सकता हूं। इसलिए, मैं पार्टी के सभी पदों व प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूं।

वहीं, अब इसे लेकर उन्हें कांग्रेस नेताओं के हमलों का सामना करना पड़ रहा है। जयपुर शहर लोकसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार और पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे प्रताप सिंह खाचरियावास ने उनपर निशाना साधते हुए सख्त आलोचना की है। खाचरियावास ने हमला बोलते हुए कहा कि वल्लभ पाप के ही नहीं, बल्कि नर्क के भी भागीदार बनोगे।

एक्स पर लिखे एक पोस्ट में खाचरियावास ने कहा गौरव वल्लभ जैसे लोग पाप के भागीदार बनेंगे, भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में कहा है कि युद्ध शुरू होने के बाद जो परिवार को छोड़कर सामने वाले की सेना में शामिल हो जाता है, वह नर्क का भागीदार है।

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उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ने खाचरियावास को जयपुर शहर से लोकसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी बनाया है। पिछले साल राजस्थान विधानसभा 2023 के लिए हुए चुनाव में कांग्रेस ने गौरव वल्लभ को उदयपुर से टिकट दिया था। हालांकि, वल्लभ भाजपा उम्मीदवार ताराचंद जैन से चुनाव हार गए थे। जैन को जहां 97 हजार 466 मत, जबकि गौरव को 64 हजार 695 मत मिले थे।

Infertility in India :

Rising Infertility in Indian Couples : भारत में बच्चे पैदा करने में परेशानी का सामना करने वाले जोड़ों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यह एक जटिल समस्या है जिसके पीछे कई कारण हो सकते हैं. आइए इन कारणों को और उनके समाधानों को समझने का प्रयास करें।

शारीरिक कारण (Biological factors):

महिलाओं में इनफर्टिलिटी (Infertility in Women):

अंडाणु कम बनना (Reduced Egg Production):

उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं में अंडाणुओं का बनना कम होता जाता है। इससे गर्भधारण करने में परेशानी हो सकती है।

हार्मोन्स का असंतुलन (Hormonal Imbalance):

पीसीओएस (PCOS) जैसी स्थितियां हार्मोनल असंतुलन पैदा कर सकती हैं, जिससे अंडाणु का निकलना (ovulation) रुक सकता है।

माहवारी में दिक्कत (Irregular Periods):

अनियमित या दर्दनाक माहवारी अंडाणु के निकलने में समस्या का संकेत हो सकती है।

गर्भाशय या फैलोपियन ट्यूब में समस्या (Uterine or Fallopian Tube Blockages): गर्भाशय में गांठें (fibroids) या फैलोपियन ट्यूब में रुकावट शुक्राणु को अंडाणु तक पहुंचने से रोक सकती हैं।

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पुरुषों में इनफर्टिलिटी (Infertility in Men):

शुक्राणुओं की संख्या या गतिविधि कम होना (Low Sperm Count or Motility):

कम शुक्राणुओं की संख्या या उनकी कमजोर गतिविधि गर्भाधान में बाधा डाल सकती है।

शुक्राणुओं का आकार असामान्य होना (Abnormal Sperm Morphology):

असामान्य आकार के शुक्राणु अंडाणु को निषेचित करने में सक्षम नहीं हो सकते हैं।

जीवनशैली कारण (Lifestyle factors):

गलत खानपान (Unhealthy Diet): संतुलित आहार न लेना, जरूरत से ज्यादा फैट और फास्ट फूड का सेवन प्रजनन क्षमता को कमजोर कर सकता है।

धूम्रपान (Smoking): सिगरेट पीने से पुरुषों और महिलाओं दोनों में ही प्रजनन क्षमता कम हो जाती है।

शराब (Alcohol): ज्यादा शराब पीना शुक्राणुओं की संख्या और गतिविधि को कम कर सकता है।

व्यायाम की कमी (Lack of Exercise): नियमित व्यायाम न करने से वजन बढ़ सकता है, जो प्रजनन क्षमता को प्रभावित करता है।

प्रदूषण (Pollution): प्रदूषण के संपर्क में आने से हार्मोन्स असंतुलित हो सकते हैं और शुक्राणुओं की गुणवत्ता कम हो सकती है।

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अन्य कारण (Other factors):

आनुवांशिक समस्याएं (Genetic Problems): कुछ आनुवांशिक रोग प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं।
देर से शादी करना (Late Marriage): उम्र बढ़ने के साथ प्रजनन क्षमता कम हो जाती है।

क्या करें (What to Do):

समस्या जल्दी पहचानें (Early Diagnosis): अगर आप 35 साल से ऊपर हैं और 6 महीने से ज्यादा समय से गर्भधारण करने में परेशानी हो रही है, तो डॉक्टर से परामर्श लें। जल्दी जांच कराने से डॉक्टर समस्या की पहचान कर उसका इलाज कर सकते हैं।

स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं (Adopt a Healthy Lifestyle): संतुलित आहार लें, नियमित व्यायाम करें, धूम्रपान और शराब का सेवन कम करें।

तनाव कम करें (Reduce Stress): तनाव प्रजनन क्षमता को कम कर सकता है।

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राजस्थान की बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा सीट इस वक्त की 'सुपर हॉटेस्ट' सीट बनी हुई है। दरअसल, यहां ज़्यादातर सीटों की तरह भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों के बीच सीधा मुकाबला नहीं है। एक मजबूत माने जा रहे निर्दलीय प्रत्याशी के चुनाव मैदान में उतरने से अब ये मुकाबला त्रिकोणीय और दिलचस्प हो चला है।

गौरतलब है कि बाड़मेर-जैसलमेर सीट पर लोकसभा चुनाव में केंद्रीय राज्य मंत्री व मौजूदा सांसद कैलाश चौधरी भाजपा प्रत्याशी हैं, तो वहीं कांग्रेस ने चुनाव से ऐन पहले राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी छोड़कर पार्टी में शामिल हुए उम्मेदाराम बेनीवाल को प्रत्याशी बनाया है। इधर, इन दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों को टक्कर देने के लिए शिव विधानसभा सीट से मौजूदा विधायक रविंद्र सिंह भाटी भी मुक़ाबले में बने हुए हैं।

कौन कितना अमीर?... संपत्ति का हुआ खुलासा

नामांकन दाखिल करने के साथ ही भाजपा प्रत्याशी कैलाश चौधरी और कांग्रेस प्रत्याशी उम्मेदाराम बेनीवाल की संपत्तियों का खुलासा भी हो गया है। जबकि तीसरे निर्दलीय प्रत्याशी रविंद्र सिंह भाटी ने आज (4 अप्रेल, गुरुवार) को नामांकन दाखिल किया है, जिसका ब्यौरा आने का इंतज़ार है।



करोड़पति हैं कांग्रेस प्रत्याशी उम्मेदाराम

बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी उम्मेदाराम बेनीवाल करोड़पति है। उनके पास कुल सम्पत्ति 10 करोड़ से अधिक है। वहीं पत्नी के पास भी 59 लाख रुपए की कुल संपत्ति है। इसमें बैंक में जमा, कंपनियों और सोसायटी और शेयर मार्केट आदि में निवेश के अलावा आभूषण व भूमि आदि शामिल है। प्रत्याशी के पास दो ट्रैक्टर है।

इसके अलावा बेनीवाल ने अपने पास छह करोड़ से अधिक स्वयं व पत्नी के नाम 58 लाख रुपए से ज्यादा के दायित्व भी बताए हैं। यह जानकारी उन्होंने लोकसभा चुनाव के लिए दाखिल किए नामांकन के साथ पेश शपथ-पत्र में दी है।

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साल 2022-23 में उम्मेदाराम ने कुल 56 लाख 87 हजार 306 रुपए की आय रिटर्न में दिखाई है। इसी तरह पत्नी की आयकर विवरणी में 16 लाख 81 हजार 200 रुपए आय दर्शाई है। प्रत्याशी बेनीवाल के हाथ में 15 लाख 64 हजार 700 रुपए है। वहीं पत्नी के हाथ में 5 लाख 97 हजार 400 रुपए बताए है।

इतनी है कुल सकल आय

प्रत्याशी बेनीवाल के पास कुल सकल आय 10 करोड़ 73 लाख, 33 हजार 916 रुपए है। वहीं पत्नी की कुल सम्पत्ति का सकल मूल्य 59 लाख 49 हजार 766 रुपए बताई गई है। स्वयं के साथ पत्नी की आय का स्रोत कंपनी डायरेक्टर, व्यापार व कृषि बताया है।

भाजपा प्रत्याशी के पास नहीं वाहन, 5 साल में सम्पत्ति बढ़ी 11 लाख रुपए

बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा क्षेत्र से भाजपा के प्रत्याशी व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी की संपत्ति पांच साल में करीब 11 लाख रुपए बढ़ी है। उनके नाम से कोई वाहन रजिस्टर्ड नहीं है। यह जानकारी उन्होंने नामांकन के शपथ पत्र में दी है।

केंद्रीय मंत्री के पास बैंक में जमा धन और आभूषण आदि मिलाकर कुल 23 लाख 95 हजार 545 रुपए सकल राशि है। इसी तरह उनकी पत्नी रूपो देवी के पास आभूषण व बैंक आदि में जमा राशि के रूप में 17 लाख 72 हजार 389 रुपए का सकल धन है।

वर्ष 2022-23 में केंद्रीय मंत्री ने आयकर विवरिणी में 11 लाख 73 हजार 935 रुपए आय दर्शाई गई है। वर्तमान में स्वयं के हाथ में कुल नकदी 4 लाख 80 हजार व पत्नी के हाथ में 3 लाख 60 हजार रुपए बताई है। केंद्रीय मंत्री के पास 10 तोला सोने के आभूषण है। वहीं पत्नी के पास 37 तोला सोने के जेवरात है। इसके अलावा गैर कृषि भूमि है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत 31 लाख रुपए बताई गई है। कृषि मंत्री ने आजीविका के ब्योरे में लोकसभा सदस्य के वेतन की जानकारी दी है।

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केंद्रीय मंत्री के पास वाहन नहीं

केंद्र में मंत्री कैलाश चौधरी के पास कोई वाहन नहीं है। नामांकन के साथ दाखिल शपथ पत्र में उन्होंने वाहन के कॉलम में शून्य दर्शाया है। इसी तरह उनकी पत्नी के नाम भी किसी तरह के वाहन का पंजीयन नहीं है।

पांच साल पहले 12.88 लाख थी सकल आय

पिछले लोकसभा चुनाव 2019 में शपथ पत्र में कैलाश चौधरी ने 2018-19 की आयकर विवरिणी में आय 3 लाख 15 हजार 450 रुपए दर्शाई गई थी। वहीं उनके स्वयं के पास 12 लाख 88 हजार 914 व पत्नी के पास 11 लाख 13 हजार 335 रुपए सकल आय बताई गई थी।

 

Rajasthan News: चौमूं-कालाडेरा-रेनवाल सड़क मार्ग स्थित जैफों की ढाणी के पास बने टोल प्लाजे के पास गैर मुमकिन नदी बहाव क्षेत्र में टोल प्रबंधन की ओर से खुदवाएं गए गड्ढों व खाइयों के खिलाफ चौमूं तहसीलदार ने कार्रवाई की। ग्रामीणों व ग्राम पंचायत की शिकायत के बाद मौके पर पहुंचे चौमूं तहसीलदार विजयपाल सिंह ने तीन जेसीबी से खुदवाई गई खाइयों व गड्ढों को बंद करवाया।


जानकारी अनुसार चौमूं-कालाडेरा-रेनवाल सड़क मार्ग स्थित जैफों की ढाणी के पास बने टोल प्लाजा के पास गैर मुमकिन नदी बहाव क्षेत्र में टोल प्रबंधन की ओर से वाहनों चालकों द्वारा लगातार टोल बचाकर निकलने पर पिछले करीब सवा माह पहले टोल प्रबंधन ने टोल के पास नदी बहाव क्षेत्र के करीब 40 से 50 मीटर के रास्ते में जेसीबी से गड्ढे व खाइयां खुदवा दी थी। जिसके चलते आवागमन का रास्ता बंद हो गया था।


इसके बाद ग्रामीणों व ग्राम पंचायत की ओर से तहसीलदार को शिकायत की गई। जिसके बाद तहसीलदार विजयपाल सिंह ने बुधवार शाम मौके पर पहुंचकर तीन जेसीबी से गड्ढों व खाइयों को बंद करवाया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गड्ढों में गिरने से कई मवेशी घायल हो गए हैं। साथ ही काश्तकारों को भी परेशानी हो रही थी। इस मौके पर कालाडेरा सरपंच अशोक शर्मा, गिरदावर रामगोपाल मीणा, पटवारी विकास यादव आदि मौजूद थे।


टोल प्रबंधन को किया पाबंद....

तहसीलदार ने टोल प्रबंधन के कार्मिकों को वापस नदी बहाव क्षेत्र में गड्ढे या खाइयां नहीं खुदवाने की हिदायत देते हुए पाबंद किया। उन्होंने टोल प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसा वापस करने पर उनके खिलाफ मामला दर्ज करवाया जाएगा। भूमि का सीमाज्ञान करने पर पाया कि टोल प्रबंधन की ओर से बनाया गया कार्यालय व अन्य भवन का आधा हिस्सा भी नदी क्षेत्र में पाया गया। तहसीलदार ने नोटिस देने की बात कही है।


इनका कहना है.....

गैर मुमकिन बहाव क्षेत्र में टोल प्रबंधन की ओर से जेसीबी से गड्ढे व खाइयां खुदवा दी थी। शिकायत के बाद जेसीबी से वापस भरवाकर टोल प्रबंधन को वापस नहीं खुदवाने के लिए पाबंद किया है।
-विजयपाल सिंह, तहसीलदार चौमूं


रोजाना सैकड़ों वाहन टोल के पास से टोल बचाकर निकल रहे थे, जिससे रोजाना हजारों रुपए का राजस्व का नुकसान हो रहा था। टोल प्लाजा भवन का निर्माण आरएसआरडीसी की ओर से करवाया गया है, जिसको लेकर उनके अधिकारी ही जवाब देंगे।
-विजेन्द्र सिंह, टोल मैनेजर कालाडेरा टोल प्लाजा

Sarkari Naukri In Health Department: अगर आप भी स्वास्थ्य विभाग में नौकरी करना चाहते हैं तो ये खबर आपके काम की है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने स्पेशलिस्ट ग्रेड III असिस्टेंट प्रोफेसर (न्यूरोलॉजी) के पदों पर भर्ती के लिए वैकेंसी निकाली है। इस भर्ती के तहत स्वास्थ्य एवं कल्याण विभाग में नौकरी के अवसर खुले हैं। इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अप्लाई करें। आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है।

उम्र सीमा, योग्यता और रिक्त पदों की जानकारी (Sarkari Naukri Eligibility)


यूपीएससी की इस वैकेंसी (UPSC Vacancy) के जरिए कुल 26 पदों पर भर्ती की जाएगी। यदि आप भी यूपीएससी की स्पेशलिस्ट ग्रेड III असिस्टेंट प्रोफेसर (Assistant Professor) पद के लिए आवेदन करना चाहते हैं तो आपकी अधिकतम उम्र 40 वर्ष होनी चाहिए। वहीं एससी/एसटी और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए अधिकतम आयु में छूट दी गई है। एससी/एसटी वर्ग के उम्मीदवार के लिए अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष है और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 43 वर्ष।


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इस सरकारी नौकरी (Sarkari Naukri) को पाने के लिए इच्छुक उम्मीदवार के पास MBBS की डिग्री होनी चाहिए। साथ ही संबंधित विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री व न्यरोलॉजी विषय में पीएचडी की डिग्री होनी चाहिए।

सैलरी (Sarkari Naukri Salary In Health Department)


यूपीएससी के इस सरकारी नौकरी (Sarkari Naukri) के तहत चयनित उम्मीदवारों को लेवल -11 के तहत 67,700 रुपये से 2,08,700 रुपये तक प्रति माह दिया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।


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नोट कर लें ये वेबसाइट


इच्छुक उम्मीदवार अप्लाई करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। आधिकारिक वबेसाइट का पता है- upsconline.nic.in

कैसे करें आवेदन?

  • आवेदन करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
  • होम पेज पर भर्ती लिंक होगा, इस पर क्लिक करें
  • संबंधित जानकारी भरें और डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें
  • आवेदन शुल्क का भुगतान करें
  • सभी जानकारी एक बार चेक कर लें और सबमिट बटन दबाएं
  • भविष्य के लिए फॉर्म डाउनलोड कर लें और प्रिंट आउट निकालें
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First human brain MRI scan :

फ्रांस के वैज्ञानिकों ने दिमाग की जांच करने वाली एक बहुत ही ताकतवर मशीन बनाई है! ये मशीन इतनी ताकतवर है कि दिमाग का इतना बारीकी से नक्शा बना सकती है जितना पहले कभी नहीं हो पाया. इससे हमें यह समझने में मदद मिलेगी कि हमारा दिमाग कैसे काम करता है और दिमाग से जुड़ी बीमारियों का इलाज ढूंढने में भी मदद मिलेगी.

कद्दू से इंसानों के दिमाग तक!

फ्रांस की परमाणु ऊर्जा आयोग (CEA) के वैज्ञानिकों ने सबसे पहले इस मशीन का इस्तेमाल 2021 में एक कद्दू की तस्वीर लेने के लिए किया था. अब उन्हें इंसानों के दिमाग को स्कैन करने की इजाजत मिल गई है. पिछले कुछ महीनों में, लगभग 20 स्वस्थ लोगों ने सबसे पहले इस नई मशीन में अपने दिमाग का स्कैन करवाया है. ये मशीन पेरिस के दक्षिण में पठार डे सैकले इलाके में स्थित है, जहां कई टेक्नोलॉजी कंपनियां और यूनिवर्सिटियां हैं.

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दस गुना ज्यादा ताकतवर!

इस मशीन का नाम इसेल्ट (Iseult) है. ये अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाली MRI मशीनों से 10 गुना ज्यादा ताकतवर है. अस्पताल वाली MRI मशीनें 3 टेस्ला की ताकत से काम करती हैं, जबकि इसेल्ट 11.7 टेस्ला की ताकत से काम करती है. टेस्ला चुंबकीय शक्ति को मापने की इकाई है. इसका नाम वैज्ञानिक निकोला टेस्ला के नाम पर रखा गया है.

दिमाग की नसों का भी पता लगाएगी ये मशीन!

इस ताकतवर मशीन से दिमाग की इतनी बारीकी से जांच की जा सकती है कि दिमाग को खून पहुंचाने वाली छोटी से छोटी नसों को भी देखा जा सकता है. साथ ही दिमाग के पिछले हिस्से की बनावट के बारे में भी ज्यादा जानकारी मिल सकेगी. ये ऐसी चीजें हैं जिन्हें पहले की MRI मशीनों से देखना मुश्किल था.

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अल्जाइमर जैसी बीमारियों पर भी रिसर्च! Alzheimer's disease and MRI

वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इस मशीन की मदद से अल्जाइमर और पार्किंसन जैसी बीमारियों को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलेगी. साथ ही मानसिक बीमारियों जैसे डिप्रेशन और स्किजोफrenia पर भी रिसर्च की जा सकेगी.

अभी आम लोगों के लिए नहीं

फिलहाल, आम लोगों के लिए इस मशीन का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा. ये मशीन बीमारियों की जांच के लिए नहीं बनाई गई है. लेकिन वैज्ञानिकों को इससे जो जानकारी मिलेगी, उसका इस्तेमाल भविष्य में अस्पतालों में किया जा सकता है. आने वाले कुछ महीनों में और स्वस्थ लोगों को इस मशीन में दिमाग का स्कैन करवाने के लिए चुना जाएगा.

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आइए अब इस मशीन के बारे में थोड़ा और विस्तार से जानें

मशीन कैसी दिखती है?
ये मशीन एक बड़े बेलनाकार (Cylinder) आकार की होती है, जो लगभग 5 मीटर लंबी और ऊंची होती है. इसके अंदर एक बहुत बड़ा चुंबक लगा होता है, जिसका वजन 132 टन होता है! ये चुंबक इतना ताकतवर होता है कि इसे चलाने के लिए 1500 एम्पियर की बिजली की जरूरत पड़ती है. इस बेलनाकार के बीच में एक ऐसा स्थान होता है जहां पर इंसान लेट सकता है. ये जगह लगभग 90 सेंटीमीटर चौड़ी होती है.

इतनी ताकतवर मशीन बनाने में कितना समय लगा?
इस मशीन को बनाने में फ्रांस और जर्मनी के इंजीनियरों को लगभग 20 साल लग गए. अमेरिका और दक्षिण कोरिया भी इतनी ही ताकतवर MRI मशीन बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इस ताकतवर मशीन का एक मुख्य लक्ष्य ये समझना है कि हमारा दिमाग कैसे काम करता है और दिमाग के कौन से हिस्से किन कामों के लिए जिम्मेदार होते हैं.

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weather update : मौसम लगातार बदल रहा है। मौसम विभाग का नया अलर्ट आया है कि 2 घंटे में राजस्थान के 3 जिलों में बारिश के साथ मेघ गर्जन होगी। इसके साथ ही मौसम विभाग ने आम जनता को चेताया है। मौसम विभाग का अपडेट है कि झुझुंनू, सीकर, जयपुर उत्तर और आस-पास के क्षेत्रों में कहीं-कहीं मेघ गर्जन के साथ हल्की वर्षा की संभावना है। मेघ गर्जन के समय सुरक्षित स्थानों की शरण लें। पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचें। बारिश रुकने का इंतजार करें। पिछले 24 घंटों में हनुमानगढ़, चूरू, झुझुंनू, सीकर व आसपास के क्षेत्र में मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश दर्ज की गई तथा अधिकांश स्थानों पर अधिकतम तापमान सामान्य दर्ज किया गया है।

साथ ही बीते 24 घंटों में राज्य के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के नीचे दर्ज हुए है। जो कि सामान्य की श्रेणी में है। सर्वाधिक अधिकतम तापमान कोटा में 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।

उत्तर-पूर्वी राजस्थान पर बना हुआ है एक परिसंचरण तंत्र



मौसम विभाग के अपडेट के अनुसार आज गुरुवार 4 अप्रैल को उत्तर-पूर्वी राजस्थान के ऊपर एक परिसंचरण तंत्र बना हुआ है। आज बीकानेर, कोटा, उदयपुर संभाग में बादल छाए रहने व कहीं-कहीं हल्की बारिश/बूंदाबांदी की संभावना है। 5-6 अप्रैल को कुछ भागों में बादल छाने व छुटपुट हल्की बारिश/बूंदाबांदी की संभावना है।

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राजस्थान में माउंट आबू में सबसे कम दिन का तापमान



राजस्थान में बुधवार को पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिला। राज्य के कई जिलों में तेज हवा के साथ आंधी आई और बूंदाबांदी दर्ज की गई। हवा में नमी के कारण दिन के तापमान में भी 2 से 3 डिग्री तक तापमान में गिरावट दर्ज की गई। प्रदेश में सबसे अधिक दिन का पारा कोटा में 39 डिग्री दर्ज किया गया। सबसे कम दिन का तापमान माउंट आबू में 29 डिग्री सेल्सियस रहा।

जयपुर के आसमान पर छाए हैं बादल



राजधानी जयपुर में दिन का तापमान 35.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया लेकिन शाम पांच बजे बाद अचानक मौसम बदल गया और आसमान में बादल छा गए थे। जयपुर का आज अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान करीब 21 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।

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JEE Main Session 2 Admit Card Download: एनटीए (National Testing Agency) ने अप्रैल महीने में होने वाली जेईई मेन परीक्षा सेशन-2 के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिया है। 8, 9 और 12 अप्रैल को होने वाली परीक्षा का एडमिट कार्ड जारी किया गया है। इससे पहले 4, 5 और 6 अप्रैल की परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी किया गया था। जो छात्र इस परीक्षा में बैठने वाले हैं, वो आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड (JEE Main Admit Card Download) कर लें।

12 अप्रैल को होगी पेपर-2 की परीक्षा (JEE Main Paper 2 Exam)


जेईई मेन परीक्षा पेपर-1 चार अप्रैल से शुरू होकर नौ अप्रैल तक चलेगी। वहीं 12 अप्रैल को पेपर-2 की परीक्षा होगी। बता दें कि जेईई मेन में पेपर-1 और पेपर-2 होता है। जेईई पेपर-1 के जरिए आप बी.टेक में एनआईटी (NIT), आईआईआईटी (IIIT), सीएफटीआईएस (CFTIs) और एसएफआईएस (SFIs) में एड्मिशन पा सकते हैं। वहीं पेपर-2 बी. आर्क, बी-प्लानिंग जैसे कोर्स ऑफर करता है। आसान शब्दों में कहें तो पेपर-1 इंजीनियरिंग के स्टूडेंट्स के लिए है और पेपर-2 आर्ट्स के स्टूडेंट्स के लिए।

4 अप्रैल से चल रही है जेईई मेन परीक्षा (JEE Main Session-2 Exam)


मालूम हो कि जेईई मेन परीक्षा सेशन-2 (JEE Main Session 2 Exam) चार अप्रैल से शुरू हो चुकी है। परीक्षा का आयोजन दो पालियों में किया जा रहा है। पहली पाली सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक।

ऐसे करें एडमिट कार्ड डाउनलोड (JEE Main Admit Card Download)

  • सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं jeemain.nta.ac.in
  • होमपेज पर 'JEE Main Admit Card Download' के लिंक पर क्लिक करें
  • एक नया पेज खुलेगा, जिस पर अपना लॉगिन डिटेल्स डालें और सबमिट कर दें
  • इतना करते ही आपका एडमिट कार्ड कंप्यूटर स्क्रीन पर दिख जाएगा
  • एडमिट कार्ड को भविष्य के लिए डाउनलोड कर लें
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इंसान ही ज्यादा बड़ा खतरा हैं
चूहों और चमगादड़ों को बीमारी फैलाने के लिए बरसों से दोषी ठहराया जाता रहा है। लेकिन, एक नए अध्ययन से चौंकाने वाला सच सामने आया है: असल में इंसान ही ज्यादा बड़ा खतरा हैं, जितने वायरस हम जानवरों को देते हैं, उससे दोगुने वायरस हम जानवरों से लेते हैं।

ज्यादातर मामलों में वायरस इंसानों से जानवरों में फैलते हैं

यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के शोधकर्ताओं ने वायरस जीनोम का विश्लेषण किया और पाया कि ज्यादातर मामलों में (64%) वायरस इंसानों से जानवरों (एंथ्रोपोनोसिस) में फैलते हैं। यह हमारी विशाल आबादी और वैश्विक पहुंच को देखते हुए समझ में आता है।

हमारी गतिविधियां भी इसके फैलाव में योगदान देती हैं। जंगलों को काटना और प्रदूषण जानवरों को तनाव देता है, जिससे वे हमारे ले जाने वाले वायरस के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाते हैं। इससे दोहरी परेशानी होती है: वायरस इन नए जानवरों में विकसित हो सकते हैं और संभावित रूप से वापस इंसानों में फैल सकते हैं या लुप्तप्राय प्रजातियों के लिए खतरा बन सकते हैं।

सह-लेखक प्रोफेसर फ्रांस्वा बल्लौक्स (यूसीएल जेनेटिक्स इंस्टीट्यूट) ने कहा: "हमें इंसानों को जूनोटिक कीड़े (जानवरों से मनुष्यों में फैलने वाले रोग) के सिंक के बजाय, मेजबानों के एक विशाल नेटवर्क में सिर्फ एक बिंदु के रूप में देखना चाहिए, जो लगातार रोगाणुओं का आदान-प्रदान करते हैं।"

"जानवरों और इंसानों के बीच दोनों दिशाओं में वायरस के संचरण की निगरानी और सर्वेक्षण करके, हम वायरस के विकास को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं और उम्मीद है कि भविष्य में होने वाली नई बीमारियों के प्रकोप और महामारियों के लिए अधिक तैयार रह सकते हैं, साथ ही साथ संरक्षण प्रयासों में भी मदद कर सकते हैं।"

अच्छी खबर? जिन वायरसों में विभिन्न प्रजातियों में फैलने की अधिक संभावना होती है, वे तेजी से उत्परिवर्तित होते हैं। इन उत्परिवर्तनों की निगरानी करके, वैज्ञानिक उन वायरसों की पहचान कर सकते हैं जिनमें जूनोटिक क्षमता (इंसानों को संक्रमित करने की क्षमता) अधिक होती है।

मुख्य लेखक और पीएचडी छात्र सेड्रिक टैन (यूसीएल जेनेटिक्स इंस्टीट्यूट और फ्रांसिस क्रिक इंस्टीट्यूट) ने कहा: "जब जानवर इंसानों से वायरस पकड़ते हैं, तो यह न केवल जानवर को नुकसान पहुंचा सकता है बल्कि संभावित रूप से उस प्रजाति के लिए संरक्षण संबंधी खतरा भी पैदा कर सकता है, लेकिन यह खाद्य सुरक्षा को भी प्रभावित करके इंसानों के लिए नई समस्याएं पैदा कर सकता है, अगर महामारी को रोकने के लिए बड़ी संख्या में पशुओं को मारना पड़े, जैसा कि हाल के वर्षों में H5N1 बर्ड फ्लू के साथ हो रहा है।"

"इसके अतिरिक्त, अगर इंसानों द्वारा ले जाने वाला कोई वायरस किसी नई जानवर प्रजाति को संक्रमित करता है, तो वायरस तब भी पनपता रह सकता है, भले ही इंसानों के बीच इसका खात्मा कर दिया जाए या यहां तक कि फिर से इंसानों को संक्रमित करने से पहले ही नए अनुकूलन विकसित कर ले।"

"यह समझना कि वायरस जीवन के व्यापक वृक्ष में विभिन्न मेजबानों में कूदने के लिए कैसे और क्यों विकसित होते हैं, हमें यह पता लगाने में मदद कर सकता है कि इंसानों और जानवरों में नई वायरल बीमारियां कैसे उभरती हैं।"

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Leg swelling kidney disease :

एक 14 साल के लड़के को पैरों और पेट में सूजन आने के बाद अस्पताल ले जाया गया। जांच के बाद पता चला कि उसे नेफ्रोटिक सिंड्रोम (Nephrotic Syndrome) नामक किडनी (Kidney) की बीमारी है। शुरुआती इलाज के बाद भी लड़के की हालत गंभीर हो गई और वह अस्पताल से निकलते समय बेहोश हो गया। उसे तुरंत इमरजेंसी ले जाया गया, जहां उसे नेफ्रोटिक सिंड्रोम (Nephrotic Syndrome) नामक गंभीर किडनी (Kidney) रोग का पता चला।

पैर में सूजन किडनी की बीमारी का शुरुआती संकेत Swelling in the leg is an early sign of kidney disease.

बहुत से लोग पैरों में सूजन को किडनी (Kidney) की समस्या का शुरुआती लक्षण नहीं मानते और इसे नजरअंदाज कर देते हैं। उन्होंने कहा, "पैरों में सूजन शरीर में अतिरिक्त पानी और नमक जमा होने का संकेत होता है। किडनी का मुख्य काम शरीर में पानी और नमक का संतुलन बनाए रखना होता है। लेकिन जब किडनी (Kidney) खराब हो जाती है, तो वह यह काम नहीं कर पाती। इससे हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) भी हो जाता है।

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नेफ्रोटिक सिंड्रोम Nephrotic Syndrome

नेफ्रोटिक सिंड्रोम (Nephrotic Syndrome) तब होता है जब शरीर मूत्र में अतिरिक्त प्रोटीन स्रावित करता है। किडनी में छोटी रक्त वाहिकाएं क्षतिग्रस्त हो जाती हैं जो शरीर में अपशिष्ट और अतिरिक्त पानी को फ़िल्टर करती हैं। पैरों में सूजन के अलावा, व्यक्ति को आंखों के आसपास सूजन, झागदार पेशाब और वजन बढ़ने का अनुभव हो सकता है।

जांच में पता चला कि लड़के को नेफ्रोटिक सिंड्रोम का एक गंभीर रूप, कोलैप्सिंग नेफ्राइटिस, था।

डॉक्टर बंसल ने बताया, "यह लड़का अपने पैरों में एक हफ्ते से सूजन की समस्या लेकर मेरे पास आया था। जांच में उसके पैरों और पेट में बहुत ज्यादा सूजन थी। उसके पिता ने बताया कि वह पहले ठीक था। उसे सिर्फ यही सूजन थी और कोई और परेशानी नहीं थी।

उन्होंने इस बीमारी के प्रबंधन में रक्त एल्बुमिन के स्तर को बनाए रखने और समय पर इलाज शुरू करने के महत्व पर प्रकाश डाला।

एक महीने के गहन इलाज के बाद, जिसमें मरीज को नसों में एल्बुमिन और रोग प्रतिरोधक क्षमता कम करने वाले इंजेक्शन दिए गए, उसकी हालत में धीरे-धीरे सुधार हुआ।

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गुर्दे का काम खराब होने या ब्रेन स्ट्रोक का खतरा Risk of kidney failure or brain stroke

डॉक्टर के अनुसार, अगर इलाज में देरी होती तो मरीज को गुर्दे का काम खराब होने या ब्रेन स्ट्रोक का खतरा हो सकता था। यह मामला किडनी की बीमारी के शुरुआती लक्षणों, जैसे कि पैरों में सूजन को पहचानने के महत्व को दर्शाता है। डॉक्टर बंसल ने इस बीमारी का सही निदान करने के लिए शुरुआती किडनी बायोप्सी की जरूरत पर बल दिया।

डायबिटीज के बढ़ते मामलों के साथ, किडनी खराब होने और नेफ्रोटिक सिंड्रोम के मामले भी बढ़ रहे हैं।

डॉक्टर ने इन दीर्घकालिक बीमारियों वाले मरीजों के लिए दीर्घकालिक देखभाल और नियमित जांच के महत्व पर जोर दिया ताकि जटिलताओं को कम किया जा सके।

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एक अध्ययन के अनुसार, मुंह में पाए जाने वाले सूक्ष्मजीव कैंसर को बढ़ावा दे सकते हैं और यह समय के साथ जानलेवा साबित हो सकता है। अध्ययनों से पता चलता है कि दांतों की देखभाल (Tooth Care) और कोलन कैंसर के खतरे के बीच संबंध है। शोधकर्ताओं का कहना है कि मुंह में कुछ प्रकार के बैक्टीरिया होना सामान्य है।

खराब ओरल हाइजीन और डायबिटीज, हृदय रोग और कैंसर के बीच भी संबंध पाया गया है

हाल ही में एक दंत चिकित्सक ने पाया कि दांत साफ न करने के नुकसान सिर्फ खराब मौखिक स्वास्थ्य से कहीं ज्यादा हो सकते हैं। दरअसल, खराब ओरल हाइजीन (Poor oral hygiene) और डायबिटीज, हृदय रोग और यहां तक कि कैंसर जैसी घातक बीमारियों के बीच भी संबंध पाया गया है। अमेरिका के फ्रेड हचिन्सन कैंसर सेंटर के शोधकर्ताओं ने पाया कि मुंह में पाए जाने वाले सूक्ष्मजीव निचली आंत तक जा सकते हैं और पेट के एसिड को सहन कर सकते हैं, फिर यह कोलोरेक्टल कैंसर के अंदर विकसित हो जाते हैं। शोधकर्ताओं ने 200 बाउल कैंसर के मामलों का मूल्यांकन किया और पाया कि आधे ट्यूमर में माइक्रोब मौजूद था।

मौखिक स्वास्थ्य आंत के कैंसर के खतरे से कैसे जुड़ा है?

अध्ययन के अनुसार, मुंह में पाए जाने वाले सूक्ष्मजीव कैंसर को बढ़ावा दे सकते हैं और यह समय के साथ जानलेवा साबित हो सकता है। अध्ययनों से पता चलता है कि दांतों की देखभाल और कोलन कैंसर (Colon cancer) के खतरे के बीच संबंध है। शोधकर्ताओं का कहना है कि मुंह में कुछ प्रकार के बैक्टीरिया होना सामान्य है। हालांकि, अगर उन्हें नियमित रूप से ब्रश करके साफ नहीं किया जाता है, तो वे कोलन में पहुंच सकते हैं और कैंसर का खतरा बढ़ा सकते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, मुंह में जो होता है वह शरीर के अन्य अंगों को भी प्रभावित कर सकता है। और दांतों की देखभाल न करने से अन्य अंगों को भी बीमार करने जैसी अप्रत्याशित समस्याएं हो सकती हैं। फ्यूसोबैक्टीरियम न्यूक्लीएटम नामक बैक्टीरिया कोलोरेक्टल कैंसर (Colorectal cancer) से पीड़ित लोगों के लिए स्थिति और खराब कर सकता है। पाए गए विभिन्न प्रकार के बैक्टीरिया होते हैं, लेकिन जब वे कोलन में प्रवेश करते हैं, तो वे स्थिति को काफी खराब कर सकते हैं।

 

अच्छे ओरल हेल्थ के फायदे Benefits of good oral health

अध्ययन बताते हैं कि अच्छा डेंटल केयर रूटीन आंत के बेहतर स्वास्थ्य और यहां तक कि स्वस्थ हृदय से भी जुड़ा होता है। ये परिणाम कई अध्ययनों द्वारा समर्थित हैं जिन्होंने मसूड़ों और दांतों में सूजन और हृदय रोगों और पाचन संबंधी परेशानी के बीच संबंध पाया। खोखों के अलावा, मधुमेह - एक लंबी स्थिति जो रक्त शर्करा के स्तर में वृद्धि से होती है - भी एक संभावना है। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह इस बात का संकेत है कि सभी उम्र के लोगों को नियमित रूप से दंत चिकित्सक के पास जाना चाहिए और हर सुबह दांतों को ब्रश करना चाहिए और फ्लॉस का भी इस्तेमाल करना चाहिए।

नियमित रूप से दंत जांच के लिए जाना भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे विकारों का समय पर निदान करने और उचित उपचार लेने में भी मदद मिल सकती है।

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UPSC Success Story: यूपीएससी द्वारा आयोजित की जाने वाली CSE (Civil Service Exam) में सफलता वही लोग हासिल कर पाते हैं, जिनमें बहुत साहस और धैर्य होता है। आज हम एक ऐसी ही IAS अधिकारी की कहानी बताएंगे जिनके जज्बे को लोग सलाम करते हैं। हम बात कर रहे हैं, सौम्या शर्मा (IAS Saumya Sharma) की। सौम्या ने 16 साल की उम्र में ही सुनने की शक्ति खो दी थी। लेकिन वो अपने लक्ष्य से डगमगाईं नहीं और यूपीएससी में सफलता प्राप्त किया।

लॉ पढ़ने के दौरान ही UPSC में बैठने का मन बनाया


आईएएस सौम्या शर्मा (IAS Saumya Sharma) मूल रूप से दिल्ली की रहने वाली हैं। उनकी शुरुआती पढ़ाई दिल्ली से हुई। वह शुरू से ही पढ़ाई में होशियार थीं। उन्होंने 12वीं के बाद ही सौम्या ने लॉ पढ़ने का मन बनाया और पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड लॉ कोर्स (Law Courses) में एडमिशन ले लिया। सौम्या की लॉ की पढ़ाई मशहूर नेशनल लॉ स्कूल (National Law School) से हुई है। इस दौरान ही उन्होंने यूपीएससी में बैठने का फैसला किया।

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मुख्य परीक्षा के दौरान तबियत खराब थी (UPSC Success Story)


सौम्या शर्मा ने 2017 में आल इंडिया 9वीं रैंक लाकर यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में पास किया। उन्होंने सिर्फ चार महीने की सेल्फ स्टडी में यूपीएससी क्रैक किया। बिना किसी कोचिंग के यूपीएससी (UPSC Success Story) की परीक्षा में 9वीं रैंक लाने के लिए सौम्या को खूब तारीफें मिली। हालांकि, ये उनके लिए इतना आसान नहीं था। सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के समय सौम्या की तबियत बहुत खराब थी। वो इतनी बीमार थीं कि उन्हें एक दिन तो दिन में तीन बार सलाइन चढ़ानी पड़ी।

UPSC निकालने के लिए कोचिंग की जरूरत नहीं


सौम्या ने मीडिया के सामने अपने विचार रखते हुए कहा था कि यदि किसी अभ्यर्थी को सेल्फ स्टडी के दम पर यूपीएससी परीक्षा पास करनी है तो वे बेशक ऐसा कर सकता है। कोचिंग (Coaching For UPSC Exams) की भूमिका केवल गाइड करने की होती है। लेकिन कोचिंग करने के बाद भी सेल्फ स्टडी जरूरी है।

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Sarkari Naukri At JNU Jobs: जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में आवेदन करने की अंतिम तारीख नजदीक है। अगर आप भी जेएनयू में नौकरी (JNU Jobs) पाना चाहते हैं तो जल्द अप्लाई करें। इस वैकेंसी के माध्यम से कुल 76 पदों पर भर्ती की जाएगी। बता दें, जेएनयू में असिस्टेंट प्रोफेसर, प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर के पदों पर भर्ती की जा रही है।

जानिए आवेदन करने की आखिरी तारीख (Sarkari Naukri)


सरकारी नौकरी (Sarkari Naukri) पाना हर किसी का सपना होता है। वहीं अब JNU मौका दे रहा है। जेएनयू के 76 पदों पर आवेदन करने की अंतिम तारीख 8 अप्रैल है। इच्छुक उम्मीदवार जल्द करें। आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अप्लाई करें।


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रिक्तियों का विवरण और आवेदन शुल्क (JNU Jobs)


बता दें, कुल पदों में से प्रोफेसर के लिए 36 सीट्स हैं, एसोसिएट प्रोफेसर के 33 सीट्स और असिस्टेंट प्रोफेसर के 7 सीट्स निर्धारित किए गए हैं। अप्लाई करने के लिए अनारक्षित वर्ग, ओबीसी और ईडब्लूएस कैटेगरी के उम्मीदवार को 2000 रुपये शुल्क देना होगा। वहीं आरक्षित, पीएच और महिला उम्मीदवार को किसी प्रकार का शुल्क देने की जरूरत नहीं है।

आवेदन प्रक्रिया और अन्य जानकारी (Sarkari Naukri)


आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन है। सभी उम्मीदवार को आधिकारिक वेबसाइट jnu.ac.in. पर जाकर ऑनलाइन अप्लाई करना होगा। अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट पर जाएं। वहीं बात करें इस पद के लिए आयु सीमा की तो विभिन्न वर्ग के लिए अलग-अलग आयु सीमा निर्धारित की गई है। सैलरी भी पद के अनुसार अलग-अलग है। अगर आपका चयन होता है तो आपकी सैलरी महीने के 57 हजार से लेकर करीब 2 लाख तक हो सकती है।

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Rajasthan News : राजस्थान में इन दिनों जंगली जानवरों खासकर पैंथर के रिहायशी इलाकों में आने की खबरें अक्सर सुनने को मिल रही हैं। धौलपुर जिले के मनियां इलाके के गांव मांगरौल में बुधवार को एक पैंथर आ गया और उसने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी। 20 से अधिक घंटे की मशक्कत के बाद वन विभाग की टीम पैंथर को रेस्क्यू करने में कामयाब रही। हालांकि, तब तक जंगली जानवर ने कम से कम दो ग्रामीणों को घायल कर दिया था, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

दो दिन पहले उदयपुर शहर के रिहायशी इलाकों में भी एक पैंथर घुस आया था। कवरेज के लिए गए पत्रकार पर भी पैंथर ने हमला कर दिया, लेकिन पत्रकार की सूझबूझ से पैंथर को पकड़ लिया गया।

इसी बीच बुधवार को उदयपुर शहर के सेक्टर 14 में एक घर में पैंथर घुस गया। इसके बाद वन विभाग की टीम ने उसे रेस्क्यू किया। डूंगरपुर, राजसमंद, अलवर समेत राजस्थान के कई हिस्सों से ऐसी खबरें सुनने को मिल रही हैं। शहर के रिहायशी इलाकों में लगातार पैंथर देखा जा रहा है।

आख़िर वे कौन से कारण हैं जिनकी वजह से जंगली जानवर, ख़ासकर पैंथर, रिहायशी इलाकों में आते रहते हैं?

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विशेषज्ञों ने इसके पीछे 3 प्रमुख वजहें बताई है :

1. अत्यधिक गर्मी, जंगलों में बढ़ते तापमान, जंगलों में आग लगने की घटनाएं और वनों की कटाई के कारण।

विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में पैंथर रिहायशी इलाकों में सामान्य से ज्यादा नजर आते हैं क्योंकि जंगल के अंदर का तापमान भी बढ़ जाता है। हवा का बहाव समतल क्षेत्रों की तुलना में कम होता है, इसलिए पैंथर राहत पाने के लिए रिहायशी इलाकों की ओर चले जाते हैं।

2. पैंथर भोजन की तलाश में आबादी वाले इलाकों में भी आते हैं।

कई बार जंगलों की तुलना में जंगली जानवरों को रिहायशी इलाकों में खाना ज्यादा आसानी से मिल जाता है। पैंथर जैसे जानवर के लिए रिहायशी इलाकों में जानवरों का शिकार करना आसान हो जाता है। इसलिए पैंथर आबादी वाले इलाकों में ज्यादा नजर आते हैं।

3. पैंथर का घने जंगलों की बजाय रिहायशी इलाकों में विचरण करने का स्वभाव।

पैंथर के स्वभाव को जानने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि पैंथर घने जंगलों की बजाय रिहायशी इलाकों में घूमना पसंद करता है।

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CBSE Exam 2024: सीबीएसई से आवेदन करने वाले बहुत सारे बच्चों का भविष्य संकट में आ गया है। डोमिसाइल से जुड़े प्रमाणपत्र मिलने में देरी की वजह से सीबीएसई ने छात्रों के प्रति सख्त रवैया अपनाते हुए परीक्षा से बाहर करने का फैसला लिया था। वहीं अब इन बच्चों की चिंता बढ़ गई है। ऐसे छात्रों ने सीबीएसई से लंबित परीक्षाओं के ऐलान की मांग की है।

छात्रों ने CBSE से लगाई गुहार


छात्रों की शिकायत है कि एडमिट कार्ड जारी करने के बाद भी उन्हें परीक्षा में बैठने नहीं दिया गया। डोमिसाइल संबंधित प्रमाणपत्र मिलने में देरी के कारण सीबीएसई ने छात्रों के प्रति यह सख्त रुख अपनाया। ऐसे छात्रों को परीक्षा हॉल से बाहर कर दिया गया और वे परीक्षा नहीं दे पाए। इन छात्रों में कई दिव्यांग छात्र भी थे।


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छात्रों को है भविष्य की चिंता


सभी दिव्यांग छात्रों ने अपनी मांग को लेकर सीबीएसई से गुहार लगाई। इनका कहना है कि बोर्ड परीक्षा नहीं होने के कारण वो विश्वविद्यालयों की परीक्षा नहीं दे पाएंगे, जिससे उनके भविष्य को काफी नुकसान पहुंचेगा। इस मामले में हाई कोर्ट में एक याचिका भी दायर की गई थी, जिसकी सुनवाई करते हुए कोर्ट ने बोर्ड को फटकार लगाई थी।

कब हुई थी परीक्षा? (CBSE Exam 2024)


मालूम हो कि सीबीएसई 10वीं (CBSE 10th Result 2024) कक्षा की परीक्षा 15 फरवरी 2024 से शुरू हुई थी। 15 फरवरी को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने देश के विभिन्न केंद्रों पर परीक्षा का आयोजन किया था। वहीं ये परीक्षा 13 मार्च को संपन्न हुई थी। परीक्षा का आयोजन केवल एक पाली में होता था, सुबह 10:30 से दोपहर 1:30 बजे तक। वहीं अब जल्द ही रिजल्ट आने वाला है।

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Good News : राजस्थान के सरकारी और निजी स्कूलों में 11 अप्रैल को अवकाश रहेगा। शिक्षा विभाग ने नया आदेश जारी किया है। 11 अप्रैल को ज्योतिबा फुले की जयंती है। शिक्षा विभाग ने वार्षिक कैलेंडर में फेरबदल करते हुए बुधवार को इस संबंध में आदेश जारी करते हुए ज्योतिबा फुले की जयंती के अवसर पर 11 अप्रैल को राजस्थान के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में छुट्टी की घोषणा की है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक आशीष मोदी की ओर से जारी आदेश के अनुसार 11 अप्रैल को सरकारी और निजी दोनों ही स्कूलों में छुट्‌टी रहेगी। ये छुट्‌टी स्कूल के छात्र, शिक्षक और स्टाफ सभी को मिलेगी। शिविरा कैलेंडर में फेरबदल कर दिया गया है।

शिविरा पंचांग में पहले से इस अवकाश के बारे में जानकारी नहीं दी गई थी। ऐसे में सूबे के स्कूलों में असमंजस की स्थिति थी। अब राज्य सरकार के आदेश पर शिक्षा विभाग ने स्कूलों में अवकाश की घोषणा कर दी है। ये आदेश हालांकि माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने जारी किए हैं लेकिन प्रदेश के प्राथमिक शिक्षा से जुड़े स्कूलों पर भी लागू होंगे।

10 अप्रैल को हुई ईद तो 2 छुट्टियां मिल जाएंगी



चांद के अनुसार ही ईद मनाई जाएगी। तो ईद 10 अप्रैल या 11 अप्रैल को हो सकती है। अगर 10 अप्रैल को ईद मनाई जाती है तो राज्य कर्मचारियों को 2 छुट्टियों का फायदा मिल जाएगा। वरना 11 अप्रैल को ईद होने पर एक ही छुट्टी होगी।

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शिविरा कैलेंडर महत्वपूर्ण आदेश पर ही होता है बदलाव



शिक्षा विभाग के कैलेंडर में सत्र शुरू होने से पहले छुट्टियां तय हो जाती हैं। उसके बाद शिविरा कैलेंडर बदलाव नहीं होता है। पर कई बार अचानक केंद्र या राज्य सरकार की तरफ महत्वपूर्ण आदेश आने पर इस शिविरा कैलेंडर में बदलाव किया जाता है। पूरे प्रदेश के स्कूल और शिक्षा विभाग का इसी को फॉलो करता है।

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रोटरी क्लब जयपुर एवं रोटरेक्ट क्लब व स्कूल ऑफ़ आर्किटेक्चर एवं दिगम्बर सोशल ग्रुप सन्मति जयपुर के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित रक्तदान शिविर में 101 यूनिट रक्तदान एकत्रित हुआ। इस अवसर पर रोटरी क्लब जयपुर के अध्यक्ष उजास चंद जैन, सचिव पीयूष जैन, सन्मति ग्रुप की और से मुख्य समन्वक़ दर्शन जैन, संस्थापक राकेश गोदिका, उपस्थित थे। रोटरेक्ट क्लब के प्रेसिडेंट आयुषी शर्मा और सचिव आयुष उपाध्यय, डीन नरेंद्र सिंह राठौड़, आयोजक अर्चना सिंह राठौड़, सह आयोजक शुभम प्रजापति के सहयोग के 101 लोगो ने रक्तदान किया। प्रधानाचार्य किरन सुधीर महाजनी एवं रो. पल्लवी सिंघवी ने भी रक्तदान करके सबका उत्साहवर्धन किया। रक्तदान शिविर में सभी लोगों ने बढ़चढ़कर भाग लिया। सभी रक्तदाताओं को हेलमेट, रोटरी मोमेंटो एवं सर्टिफिकेट प्रदान किया गया। अंत में रोटरेक्ट क्लब सचिव आयुष उपाध्याय ने शिविर के सफल आयोजन के लिये रोटरी क्लब जयपुर के अध्यक्ष रो.उजास चंद जैन, सचिव रो.पीयूष जैन ,राकेश गोदिका और दर्शन जैन का आभार व्यक्त किया।

आचार्य चैत्य सागर महाराज का बुधवार को मानसरोवर स्थित दिगंबर जैन मंदिर वरुण पथ पर मंगल प्रवेश हुआ।
संगठन मंत्री विनेश सोगानी ने बताया कि ऐतिहासिक मंगल प्रवेश के अवसर पर कावेरी पथ स्थित जनता स्कूल से चेतना पथ, स्वर्ण पथ, नीलम पथ होते हुए परम पूज्य गुरुदेव विशाल जुलूस के रूप साथ वरुण पथ मंदिर पहुंचे। जहां पर समाज द्वारा पूज्य गुरुदेव का पाद पक्षालन एवं आरती की गई। मंदिर में दर्शन के पश्चात सभागार भवन में विशाल धर्म सभा का आयोजन किया गया।

अध्यक्ष एमपी जैन ने बताया कि धर्म सभा का शुभारंभ वीरेश कुमार जैन ,पूरणमल अनोपड़ा द्वारा प्रस्तुत भजन से हुआ इसके पश्चात भगवान महावीर के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित करने का सौभाग्य सतीश कासलीवाल को प्राप्त हुआ। शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य अनिल और कुसुम दीवान को प्राप्त हुआ। धर्म सभा में उपस्थित साधर्मी बंधुओं को मंगल आशीर्वाद देते हुए शाश्वत मति माताजी ने कहा कि बंधुओं वरुण पथ की समाज का प्रबल पुण्य के कारण ही पूज्य गुरुदेव का यहां मंगल प्रवेश हुआ है। आप सब सौभाग्यशाली हैं कैसे महान संत का आपको मंगल आशीर्वाद मिलेगा और आप सबके जीवन में सफलता ही सफलता प्राप्त हो ऐसी में कामना करती हूं।

इस अवसर पर परम पूज्य आचार्य चैत्य सागर जी महाराज ने कहा कि वरुण पथ समाज साधुओं की सेवा के लिए जाना जाता है। वरुण पथ के समाज का सौभाग्य है कि उन्हें प्रत्येक वर्ष साधु संतों की सेवा करने का अवसर प्राप्त होता है। मेरा समाज के प्रत्येक परिवार से निवेदन है कि यहां की कमेटी द्वारा आयोजित दो दिवसीय विधान में प्रत्येक परिवार भाग लें। जिससे आपके सौभाग्य को और अधिक गति प्राप्त होगी समाज समिति के मंत्री ज्ञान बिलाल लाल ने बताया कि आचार्य के सान्निध्य में गुरूवार को प्रातः 8 बजे 64 रिद्धि विधान एवं 6 अप्रैल को ऋषि मंडल विधान का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन संगठन मंत्री विनेश सोगानी ने किया।

weather update : मौसम में आए दिन नए-नए बदलाव देखने को मिल रहे हैं। अप्रैल माह की शुरुआत से एक के बाद एक पश्चिम विक्षोभ आ रहे हैं। जिससे अप्रैल माह के शुरुआती दौर में मौसम खुशनुमा बना हुआ है। मौसम विभाग का नया अपडेट है कि राजस्थान में एक बार फिर पश्चिम विक्षोभ सक्रिय होने वाला है। इस वजह से प्रदेश के कई इलाकों में 5-6 अप्रैल को बारिश होने की संभावना है। बीते 24 घंटों में राज्य के अधिकांश भागों में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के नीचे दर्ज हुए है। जो कि सामान्य की श्रेणी में है। सर्वाधिक अधिकतम तापमान कोटा में 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। शाम 5 बजे आए मौसम केंद्र जयपुर के अपडेट के अनुसार बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और झुझुंनू के आस-पास कहीं-कहीं मेघ गर्जना के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 20-30 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

जयपुर के बारे में मौसम अलर्ट



राजधानी जयपुर में दिन का तापमान 35.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया लेकिन शाम पांच बजे बाद अचानक मौसम बदल गया और आसमान में बादल छा गए थे। जयपुर का आज अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान करीब 21 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।

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जयपुर। मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट द्वितीय ने SI भर्ती 2021 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार 11 प्रशिक्षु एसआई और एक कांस्टेबल को चार दिन की पुलिस रिमांड पर सौंप दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) को एसएमएस मेडिकल बोर्ड से उनका मेडिकल कराने और पुलिस हिरासत की अवधि के दौरान हर 24 घंटे में उनका मेडिकल कराने को कहा है।

एसओजी की ओर से कोर्ट में आरोपियों से कहा गया कि पैसों के लेनदेन समेत आगे की पूछताछ के लिए आरोपियों को 12 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा जाए। बचाव पक्ष के वकीलों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि एसओजी को हर आरोपी की रिमांड मांगते समय कारण बताना चाहिए। एसओजी नियमों की अनदेखी कर रही है। सभी आरोपियों की 12 दिन की रिमांड मांगी गई है। इसके अलावा गिरफ्तारी से पहले उन्हें सीआरपीसी की धारा 41ए के तहत नोटिस भी नहीं दिया गया।

 

एसओजी पर उत्पीड़न का आरोप

सुनवाई के दौरान कोर्ट के पूछने पर महिला अभ्यर्थी समेत कुछ अन्य आरोपियों ने एसओजी पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। आरोपियों की ओर से कहा गया कि अधिकारियों ने उनसे पूछताछ करने से पहले उनकी पिटाई की। इसके अलावा उन्हें न तो समय पर खाना-पानी दिया जा रहा है और न ही सोने दिया जा रहा है। उन्हें मानसिक रूप से भी प्रताड़ित किया जा रहा है। आरोपियों ने कहा कि एसओजी के पास हमारे खिलाफ कोई सबूत नहीं है। उन्होंने कहा कि 2 अप्रैल को पूछताछ के बहाने बुलाया गया और फिर अवैध हिरासत में रखा गया और 4 अप्रैल को कोर्ट में पेश किया गया।

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जामा मस्जिद जौहरी बाजार में शुक्रवार दोपहर 12 बजे से रमजान माह के जुमातुलविदा की नमाज जामा मस्जिद जौहरी बाजार में अदा की जाएगी। इस दौरान यातायात व्यवस्था सुबह दस बजे बजे से नमाज अदा होने तक लागू रहेगी।
- जौहरी बाजार, त्रिपोलिया बाजार, हवामहल बाजार, रामगंज बाजार, मिनर्वा सर्कल से म्यूजियम रोड एम.डी. रोड तक सभी प्रकार के वाहनों की पार्किग निषेध रहेगी।
- चारदीवारी के अंदर से संचालित होने वाली सभी सिटी/मिनी बसों को रामगढ मोड़,गलता गेट, घाटगेट, सांगानेरी गेट, अजमेरी गेट, संजय सर्कल से डायवर्ट कर समानान्तर मार्गो से संचालित की जाएगी।
- सांगानेरी गेट से बडी चौपड, बांदरवाल गेट के मध्य संचालित होने वाले सामान्य यातायात को डायवर्ट कर समानान्तर मार्गो से निकाला जाएगा।
- रामगंज चौपड़, सुभाष चौक, छोटी चौपड, घाटगेट से बड़ी चोपड़ व जोहरी बाजार की तरफ आने वाले सभी यातायात को आवश्यकतानुसार डायवर्ट कर समानान्तर मार्गो से निकाला जाएगा।
- बांदरवाल गेट से जलेबी चौक, नगर परिषद की मोरी, सार्दुल सिंह की नाल, गणगौरी बाजार की तरफ यातायात जा सकेगा।
- गणगौरी बाजार से चीनी की बुर्ज व सार्दूल सिंह की नाल से जलेबी चौक की तरफ किसी भी प्रकार का यातायात नहीं आ सकेगा।
- मिनर्वा सर्कल से धर्मसिंह सर्किल के बीच एम.डी. रोड़ पर चलने वाले यातायात को डायवर्ट कर समानान्तर मार्गों से निकाला जाएगा।

जयपुर। राजस्थान से मानवता को शर्मसार कर देने वाला मामला उस समय सामने आया जब जयपुर के कांवटिया अस्पताल के बाहर एक महिला डिलीवरी के लिए बेचैन रही लेकिन अस्पताल स्टाफ ने यह कहकर महिला को भर्ती नहीं किया कि महिला को जनाना अस्पताल जाना चाहिए। मामले में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए तीनों रेजिडेंट्स को निलंबित किया है। मामले की जांच के बाद ACS शुभ्रा सिंह ने तीन रेजिडेंट को माना दोषी, जिसमें बाद निलंबन के आदेश दिए।

 

2 घंटे से ज्यादा वक्त तक प्रसव के लिए कराहती रही महिला

दरअअसल, बुधवार ( 3मार्च) को प्रसव पीड़ा से बेचैन एक महिला जयपुर के कांवटिया अस्पताल के पास पहुंची और चिकित्सकों से महिला को भर्ती करने की अपील की। जहां ड्यूटी डॉक्टर ने उन्हें जनाना अस्पताल रैफर कर दिया। गर्भवती महिला प्रसव पीड़ा से कराह रही थी लेकिन उनका दिल नहीं पसीजा। पति ने कई बार मिन्नतें की, लेकिन डॉक्टरों ने रैफर कर अपनी जिम्मेदारी खत्म करने की बात कह कर पल्ला झाड़ लिया।

थक-हार पति व अन्य परिजन गर्भवती महिला को लेकर मुख्य द्वार के पास बैठ गए। अस्पताल की एंबुलेंस से जनाना अस्पताल पहुंचाने के लिए महिला के पति ने गुहार लगाई थी। लेकिन डॉक्टरों ने परिजनों की एक नहीं सुनी। मजबूर महिला का आखिरकार खुले में ही प्रसव हो गया। राहत की बात यह है कि जच्चा और बच्ची दोनों स्वस्थ हैं। हैरान वाली बात है कि राजधानी जयपुर में ऐसे हालात हैं तो ग्रामीण इलाकों में कैसे हालात होंगे? घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

 

 

लोगों ने जताई थी नाराजगी

 


घटना की जानकारी मिलते ही विधायक गोपाल शर्मा अस्पताल पहुंचे। इस दौरान लोगों ने नारेबाजी कर अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। साथ ही उन्होंने जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।

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जयपुर। मानसरोवर थाना पुलिस ने बाइक चुराने वाले दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी की बाइक बरामद की है। पुलिस पूछताछ में बदमाशों ने चार अन्य वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया है।
डीसीपी (साउथ) दिगंत आनंद ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी मुकेश उर्फ हरकेश मीणा और राजूलाल मीणा कटेवा नगर श्यामनगर का रहने वाला है। एसीपी संजय शर्मा ने बताया कि मुकेश प्रजापत ने रिपोर्ट दी। जिसमें बताया था कि 29 मार्च को नारायण विहार शराब के ठेके के पास से उसकी बाइक चोरी हो गई। पुलिस ने घटनास्थल के आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग चैक कर दो लड़कों को चिन्हित कर लिया। 4 अप्रेल को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो जने आतिश मार्केट में किसी काम से आए हुए है। इस पर पुलिस ने तलाश कर आरोपी राजूलाल और मुकेश को गिरप्तार कर लिया।

इस तरह देते है वारदात को अंजाम
थानाप्रभारी राजेन्द्र कुमार गोदारा ने बताया कि आरोपी दिन और रात के समय लावारिस खड़ी बाइक को टारगेट कर मास्टर चाबी से लॉक तोड़कर बाइक को चोरी कर ले जाते है। चोरी की बाइक को औने पौने दामों में बेचकर रुपयों को मौज मस्ती में खर्च कर देते है।

बेंगलुरु. ग्लोबल जॉब मैचिंग और हायरिंग प्लेटफॉर्म इनडीड ने एक नया एआई-पॉवर्ड उत्पाद लॉन्च किया, जो नियुक्ति की प्रक्रिया को सरल बनाकर उसमें तेजी लाएगा। इनडीड ने स्मार्ट सोर्सिंग के लिए एक एआई-पॉवर्ड टूल पेश किया है, जो नियोक्ताओं को इनडीड पर साझा किए गए प्रोफाइल और रिज़्यूमे के आधार पर लगभग 300 मिलियन कर्मचारियों में से एक सक्रिय प्रतिभा पूल का चयन करने में समर्थ बनाता है। इनडीड का एआई- पॉवर्ड मैचिंग इंजन व्यक्तिगत कौशल, अनुभव और योग्यता के आधार पर तुरंत नौकरी के लिए सबसे अच्छे उम्मीदवारों की सूची प्रदान करता है। नियोक्ता इन उम्मीदवारों के प्रोफाइल की समीक्षा कर सकते हैं, और उनसे सीधे संपर्क कर तुरंत उनकी नियुक्ति कर सकते हैं। इनडीड के एक सर्वे में सामने आया है कि आवश्यक कौशल वाले सही लोग चुनना नियोक्ताओं की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। भारत में, 76% नियोक्ताओं को आवश्यक कौशल वाले योग्य उम्मीदवार तलाशने के लिए काफ़ी संघर्ष करना पड़ता है। इनडीड की एआई-पॉवर्ड स्मार्ट सोर्सिंग योग्य उम्मीदवारों का एआई-जनरेटेड विवरण प्रदान करती है, जिससे नियोक्ताओं को नौकरी की आवश्यकताओं के अनुरूप अपने लिए सबसे उपयुक्त उम्मीदवार तलाशना आसान हो जाता है। इनडीड में सीनियर प्रोडक्ट डायरेक्टर, अभिषेक धस्माना ने कहा, हमें एक इनोवेटिव एआई-पॉवर्ड स्मार्ट सोर्सिंग पेश करने की खुशी है, जिससे भारत में नौकरी की मैचिंग और नियुक्ति प्रक्रिया में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने की हमारी प्रतिबद्धता प्रदर्शित होती है।

जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रशिक्षण पूरा होने पर राजस्थान न्यायिक सेवा के सिविल जज कैडर के 107 अधिकारियों को पहली पोस्टिंग दे दी, वहीं 279 न्यायिक अधिकारियों का तबादला कर दिया। इनमें से 34 न्यायिक अधिकारियों का जयपुर में तबादला किया गया है, वहीं 21 न्यायिक अधिकारियों को जयपुर में पहली पोस्टिंग दी।
हाईकोर्ट की ओर से जारी चार अलग-अलग आदेशों के अनुसार जयपुर महानगर-प्रथम क्षेत्र में लोकेश कुमार मीना को एनआई-13, तपस सोनी को एनआई-5, अनुभूति मिश्रा को एनआई-8, वैभव सोनी को एमएम-15,कंचन सिंह राजावत को एमएम-19, जफर अहमद कुरैशी को एनआई-2, नीलम सुलभ जैन को एमएम (दक्षिण), रेणु मोटवानी को एमएम (पूर्व), भानुप्रिया जैन को एनआई-4, रोहित शर्मा को एमएम-13, प्रतिष्ठा शर्मा को एनआई-3, मीनाक्षी बिलोची को एनआई-9, ललिता कुमारी को एनआई-1, अनुराधा परिहार को एमएम-4, हिमांशु चावला को एमएम-14, ललिता मीना को एनआई-11, सीमारानी को एनआई-7 न्यायालय में पीठासीन अधिकारी लगाया है, वहीं जयपुर महानगर-द्वितीय क्षेत्र में उपासना कावट को एनआई-4, जया अग्रवाल को एमएम-1, जफर अहमद कुरैशी को जेएम-1, तेजकिरण कौर चावला को एनआई-5, आर अनेजा को एनआई-9, फैसल खान को एनआई-1, नेहा खरे को एनआई-2, रविन्द्र कुमार को एनआई-8, नेहा चौहान को एनआई-13, पूजा मीना को एनआई-3, विनीत कुमार मीना को एनआई-10, ललित मीना को एनआई-11 व मेघना मीना को एनआई-12 न्यायालय में पीठासीन अधिकारी लगाया गया है। इसी तरह जयपुर जिला न्यायालय क्षेत्र में स्वाति चौधरी को अतिरिक्त सिविल जज एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट-चौमू, महेश कुमार कुमावत को न्यायिक मजिस्ट्रेट दूदू, विकास चौधरी को सिविल जज एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट चौमू, जयश्री लामोरिया को न्यायिक मजिस्ट्रेट सांभर, सिद्धार्थ भारद्वाज को न्यायिक मजिस्ट्रेट-प्रथम व ज्योति रखावत को न्यायिक मजिस्ट्रेट-फागी न्यायालय में पीठासीन अधिकारी लगाया गया है।
उधर, पहली पोस्टिंग पाने वाले न्यायिक अधिकारियों में से जयपुर महानगर-प्रथम क्षेत्र में अंजलि जानू को महानगर मजिस्ट्रेट-6, सांगरिका जाजू को महानगर मजिस्ट्रेट-3, ऋचा अग्रवाल को महानगर मजिस्ट्रेट-8, सौम्या कुमारी सिंह को महानगर मजिस्ट्रेट-18, हर्षवर्धन को महानगर मजिस्ट्रेट-7, खेतपाल सिंह को महानगर मजिस्ट्रेट-7, पार्वती को महानगर मजिस्ट्रेट-11, खुशबू परिहार को महानगर मजिस्ट्रेट-12, जानकी गुणावत को महानगर मजिस्ट्रेट-1 व शिवानी मीना को महानगर मजिस्ट्रेट-2 न्यायालय में पीठासीन अधिकारी लगाया गया है, जबकि जयपुर महानगर-द्वितीय क्षेत्र में दीक्षा गुप्ता को महानगर मजिस्ट्रेट-11, आयुषी गोयल को महानगर मजिस्ट्रेट-14, मोहित आनंद को महानगर मजिस्ट्रेट-15, लीमा यादव को महानगर मजिस्ट्रेट-7, आयुषी देवपुरा को महानगर मजिस्ट्रेट-3, अभिषेक त्रिपाठी को महानगर मजिस्ट्रेट-4, रश्मि दाधीच को महानगर मजिस्ट्रेट-9, अनिल चावला को महानगर मजिस्ट्रेट-10, विभा शर्मा को महानगर मजिस्ट्रेट-8, विजय कुमार सिरोहीवाल को महानगर मजिस्ट्रेट-5 व दामिनी प्रेम को महानगर मजिस्ट्रेट-2 न्यायालय में पीठासीन अधिकारी लगाया गया है। इनके अलावा जयपुर जिला न्यायालय क्षेत्र में सुरजीत सिंह को न्यायिक मजिस्ट्रेट-3 पद पर नियुक्ति दी गई है।

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