सहकारी उपभोक्ता होलसेल भंडार तथा क्रय-विक्रय सहकारी समितियों में भरे जाएंगे रिक्त पद
-राजस्थान सहकारी भर्ती बोर्ड जयपुर की ओर से ऑनलाइन भर्ती परीक्षा आयोजित
-इम्तिहान देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों के चेहरे पर नजर आया उत्साह
हनुमानगढ़. सहकारिता विभाग की ओर से संचालित सहकारी उपभोक्ता होलसेल भंडारों व क्रय-विक्रय सहकारी समितियों में रिक्त पद जल्द भरे जाएंगे। भर्ती को लेकर आवेदन की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद शनिवार को प्रदेश में राजस्थान सहकारी भर्ती बोर्ड जयपुर की ओर से ऑनलाइन भर्ती परीक्षा भी आयोजित की गई। राजस्थान सहकारी भर्ती बोर्ड व टीसीएस एजेंसी के संयुक्त तत्वावधान में ऑनलाइन परीक्षा संपन्न हुई।
इसमें अभ्यर्थियों ने उत्साह से भाग लिया। जिला मुख्यालय पर गुरुसर के पास स्थित टाइम्स पब्लिक स्कूल में दो पारियों में परीक्षा संपन्न हुई। पहली पारी में सुबह दस से बारह बजे हुई परीक्षा में कुल 180 अभ्यर्थियों में 130 अभ्यर्थी उपस्थित हुए। इसी तरह दोपहर दो से शाम चार बजे तक दूसरी पारी में आयोजित परीक्षा में 180 में से 133 अभ्यर्थियों ने उपस्थित होकर परीक्षा दी।
परीक्षा देकर बाहर आए अभ्यर्थियों में काफी उत्साह देखने को मिला। परीक्षा संचालन को लेकर नियुक्त अधिकारी सहकारी भूमि विकास बैंक हनुमानगढ़ के सचिव पीडी चारण ने बताया कि राजस्थान सहकारी बोर्ड की ओर से आयोजित उक्त परीक्षा के माध्यम से क्रय विक्रय सहकारी समितियों व सहकारी उपभोक्ता होलसेल भंडारों में बी श्रेणी के स्टॉफ की भर्ती होगी। परीक्षा केंद्र पर व्यवस्था संभालने वाले टाइम्स स्कूल के चेयरमैन सागरमल लडढ़ा ने बताया कि परीक्षा को लेकर बनाए गए ऑनलाइन सेंटर में कुल २५० कम्प्यूटर लगाए गए थे। टीसीएस की निगरानी में ऑनलाइन तरीके से परीक्षा करवाई गई।
नहीं आया नकल का मामला
जिला मुख्यालय पर हुई परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। दोनों पारियों में कोई नकल का मामला सामने नहीं आया। परीक्षा संचालन संबंधी व्यवस्था की निगरानी को लेकर सहकारिता विभाग के उप रजिस्ट्रार दीपक कुक्कड़, केंद्रीय सहकारी बैंक श्रीगंगानगर के एमडी भूपेंद्र ज्याणी व सहकारी भूमि विकास बैंक हनुमानगढ़ के सचिव पीथदान चारण को नियुक्त किया गया था।
ताकि नहीं हो बेरोजगारों के साथ अन्याय
राजस्थान सहकारी भर्ती बोर्ड की ओर से सरकार के निर्देश पर समितियां/ क्रय विक्रय/सहकारी भंडारों में रिक्त पदों पर भर्ती की परीक्षा शनिवार को संपन्न हुई। इस परीक्षा को लेकर सहकारिता क्षेत्र से जुड़े कुछ लोगों का आरोप है कि उक्त परीक्षा में बैठने वाले अभ्यार्थियों के साथ एक तरह से अन्याय ही हुआ है। क्योंकि जिले में अधिकांश क्रय-विक्रय सहकारी समितियों की आर्थिक हालत ज्यादा अच्छी नहीं है। जिले का एक मात्र सहकारी भंडार भी मेडिकल व्यवसाय पर आधारित है। सरकार की गाइड लाइन के अनुसार प्रतिवर्ष कारोबार के आधार पर कर्मचारियों की संख्या का आंकलन किया जाना था। परंतु भर्ती के लिए पदों की संख्या की गणना वर्ष 2013 को आधार मानकर की गई है। वर्ष 2013 में जिले में चंद ही समितियां हुआ करती थी, लेकिन अब इनकी संख्या काफी अधिक हो गई है। गांव-गांव में ग्राम सेवा सहकारी समिति कारोबार करने लगी है। इससे व्यवसाय कम हो रहा है। जिले की सभी क्रय विक्रय/भंडार एक सम्मान नहीं हैं। जिले में कर्मचारियों को कहीं चौथा तो कहीं पांचवां तो कहीं छठा वेतनमान मिल रहा है। सातवें वेतनमान के लिए आज तक पुराने कर्मचारी मांग कर रहे हैं, परंतु हालात खराब बताकर वेतन नहीं दिया जा रहा है। जल्दबाजी में की जाने वाली भर्तियों पर सरकार की ओर से पुन: विचार करना चाहिए।