>>: Digest for August 07, 2021

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नागौर. जयमल जैन पौषधशाला में जयमल जैन श्रावक संघ की ओर से चल रहे कार्यक्रम के तहत चातुर्मास में चल रहे प्रवचन में जयगच्छीय जैन साध्वी बिंदुप्रभा ने कहा कि शिष्ट पुरुषों के आचार की प्रशंसा करनी चाहिए। व्याकरण की दृष्टि से शिष्ट का मतलब अनुशासित होता है। इसे हम दूसरे शब्दों में अनुशासन में चलने वाला कह सकते हंै। उद्धरण देते हुए समझाया कि पशुओं की तर्ज पर मूर्ख मनुष्यों पर भी डंडों का प्रयोग किया जाता है। शिक्षित ज्ञानी और नीतिनिष्ट को डंडे से नहीं चलाया जाता है। यही नही, भय का अस्त्र भी उन पर प्रभावहीन रहता है। यह केवल ज्ञान-विवेक नामक तत्व से ही चालित व अनुशासित होते हैं। ज्ञानियों , वृद्ध पुरुषों की एवं गुरुओं की सेवा में रहकर विनय पूर्वक शिक्षा, सदाचार एवं अनुभव का लाभ प्राप्त करने वाला अपना अनुशासन स्वयं करता है। स्वयं अपने कर्तव्य का निर्णय करता है। ज्ञान प्राप्त कर अनुभव का खजाना मिलने पर कर्तव्य भावना से उस पर आचरण करने वाला ही शिष्ट पुरुष है। साध्वी ने कहा कि केवल पोथी पढऩे वाला पंडित नहीं होता। विवेक के साथ कर्तव्य का निर्णय करने की बुद्धि की योग्यता से परिपूर्ण व्यक्तित्व का आचार ऊंचा होता है। ऐसे शिष्ट व्यक्ति से समाज भी पोषित व शोभित होता है। राष्ट्र का नैतिक बल ऊंचा उठता है।
जयमल जाप प्रतिदिन जारी
प्रवचन में पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीपक सैनी, तीजादेवी पींचा, रेखा सुराणा एवं सुशीला नाहर ने दिए। दोपहर में महाचमत्कारिक जयमल जाप का अनुष्ठान किया गया। प्रकाशचंद, प्रदीप, विवेक बोहरा की ओर से प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के विजेता को पुरस्कृत किया गया। प्रवचन तथा जय जाप की प्रभावना वितरित की गयीं। आगंतुकों के भोजन का लाभ महावीरचंद, पारस भूरट ने लिया। संचालन संजय पींचा ने किया। इस मौके पर लहराबाई ललवानी, गुणवंती जैन, मंजूदेवी ललवानी, के.रेखा सुराणा आदि श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहें।

नागौर. जिला पशु क्रूरता निवारण समिति की बैठक में पशु क्रूरता से जुड़े विषयों पर चर्चा करने के साथ ही इस संबंध में प्रभावी कार्रवाई किए जाने पर बल दिया गया। इसमें एडीएम मोहनलाल खटवालिया ने कहा कि पशु एवं पक्षियों के प्रति किसी भी प्रकार की क्रूरता यथोचित नहीं है। पशुओं को एक साथ दूसरे दूसरी जगहों पर ले जाने के दौरान वाहनों में क्षमता से पशुओं को नहीं भरना चाहिए। ऐसा होने पर फिर यह कार्रवाई के दायरे में आ जाता है। इसमें ग्राम पंचायत स्तर तक इसके प्रावधानों की जानकारियों से ग्रामीणों को अवगत कराया जाए। जनप्रतिनिधियों की मदद से लोगों को इसके प्रति जागरुक किया जाए। एडीएम खटवालिया ने नगरपरिषद को निर्देशित किया कि वह शहर में बेसहारा भटकते गोवंश के लिए अभियान चलाकर इनको पकडऩे के साथ टैग लगवाने का कार्य करे। इनकी समुचित देखभाल के लिए इनको गोशाला या कांजी हाउस में भेज दिया जाए। गोशालाओं व कांजी हाउस की समुचित व्यवस्था चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए जाने के साथ बेसहार गोवंशों को भी गोशाला रखे। इनके पोष्टिक आहार की उपलब्धता पर भी पूरा ध्यान दिया जाना चाहिए। पशुपालन विभाग कुचामन के उप निदेशक डॉ. सीआर मेहरड़ा ने बताया कि पशुओं के साथ क्रूर व्यवहार एवं वन्य जीव व पशु पक्षियों का शिकार करना अपराध की श्रेणी मे आता है। उन्होने इस संबंध मे जीव जन्तुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम के बारे मे विस्तार से जानकारी दी। पर्यावरण प्रेमी हिम्मताराम भांभू ने कहा कि खेतों में कंटीला तार व झटका मशीन आदि लगा दिए जाते हैं। इसमें फंसकर पशु जख्मी होते रहते हैं। इस संबंध में प्रभावी कार्रवाई किए जाने का आग्रह किया।
स्वास्थ्य कार्यकर्ता बने ई-ग्राम प्रभारी
नागौर. मुख्यमंत्री इ्र्र-ग्राम परियोजना के संदर्भ में पंचायत समिति नागौर क्षेत्र के ई-ग्राम प्रभारियों की बैठक नगरपरिषद के सभागार में हुई। इसमें पंचायत समिति क्षेत्र नागौर में, पंचायत राज विभाग के ग्राम विकास अधिकारी व कनिष्ठ सहायक, राजस्व विभाग के पटवारी, चिकित्सा विभाग के स्वास्थ्य कार्यकर्ता को ई-ग्राम प्रभारी नियुक्त किया गया । समीक्षा बैठक में े आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के संजय कुमार सोनी सहायक सांख्यिकी अधिकारी ने मुख्यमंत्री ई-ग्राम परियोजना के अन्तर्गत आने वाले विभागो की मूलभूत सुविधाएं तथा उनके द्वारा दी जा रही सेवाओं के सम्बन्ध में पीपीटी के माध्यम से जानकारी दी। ब्लॉक सांख्यिकी अधिकारी विक्रम सिंह ने ई-ग्राम प्रभारियों को समय पर सूचना देने के लिए पाबन्द किया गया। ई-ग्राम पोर्टल के माध्यम से बताने के साथ साथ ई-ग्राम योजना के प्रपत्रो को भरने के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दी गयी। सांख्यिकी निरीक्षक सुरेश जाखड. कनिष्ठ सहायक सुरजमल सांखला आदि मौजूद थे।

नागौर. कृषि उपज मंडी समिति के सभागार में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना , कृषि प्रसंस्करण कृषि व्यवसाय एवं कृषि निर्यात प्रोत्साहन नीति, इलेक्ट्रोनिक-नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट परियोजना जागरूकता बैठक हुई। कृषकों को नीति के प्रावधानों एवं योजना अंतर्गत दिए जाने वाले विभिन्न प्रकार के अनुदानों एवं योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया आदि पर विस्तार से चर्चा की गई। मण्डी सचिव रघुनाथ राम सिंवर एवं विजिटिंग ऑफिसर शिशुपाल सिंह चौधरी ने राजस्थान कृषि प्रसंस्करण, कृषि व्यवसाय एवं कृषि निर्यात प्रोत्साहन नीति, 2019 के प्रमुख प्रावधान जैसे पूंजीगत निवेश अनुदान में कृषि प्रसंस्करण उद्योगों एवं आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए कृषक एवं उनके संगठनों को परियोजना लागत का 50 प्रतिशत अनुदान देय, ब्याज अनुदान में संचालन लागत कम करने के बारे में बताया गया। इसके लिए भारतीय रिर्जव बैंक से मान्यता प्राप्त वित्तीय संस्थान व अनुसूचित बैंको से साावधि ऋण लिए जाने पर पांच प्रतिशत की दरें पांच वर्ष तक प्रसंस्करण उद्योगों के लिए अधिकतम 50 लाख रू. एवं आधारभूत संरचना इकाईयों के लिए 100 लाख रू. ब्याज अनुदान व परिवहन अनुदान में राज्य में उत्पादित ताजा फल एवं सब्जियों तथा फूलों, मसालों एव प्रसंस्कृत कृषि उत्पादों, अप्रसंस्कृत कृषि उत्पादों क निर्यात पर अनुदार पर बिंदुवत समझाया गया।
खाद्य उद्योग उन्नयन योजना की भी दी जानकारी
मण्डी एनालिस्ट पवन तंवर ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि आत्मनिर्भर भारत वोकल फॉर लोकल के सपने को पूरा करने के लिए इस योजना की परिकल्पना की गई है। इसमें व्यक्तिगत सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को 10.00 लाख रूपये प्रति यूनिट की अधिकतम सीमा के साथ पात्र परियोजना लागत के 35 प्रतिशत की दर से क्रेडिट-लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी प्रदान की जाएगी। लाभार्थी का अंशदान परियोजना लागत का कम से कम 10 प्रतिशत होना चाहिए। इसके लिए शेष बैंक से ऋण होना चाहिए। इस योजना के तहत् एक जिला एक उत्पाद के अन्तर्गत नागौर जिले के लिए पान मैथी को चुना गया है। अत: पान मैथी से जुड़े व्यापारी इसका लाभ उठा सकते हैं। ई-नाम परियोजना में हुए नये परिवर्तन के बारे में जानकारी देने के साथ ही ई-नाम प्रयोगशाला में ग्रेन मोर्फोलोजि मशीन, ऑयल टेस्टींग मशीन में गुणवता, परीक्षण करके फसल की गुणवता जांच रिर्पोट की जानकारी दी गई। इस दौरान मण्डी समिति व्यापार मण्डल के अध्यक्ष मुलचन्द भाटी, स्पाईस बोर्ड सदस्य भोजराज सारस्वत, पान मैथी व्यापार मण्डल के अध्यक्ष रामस्वरूप चाण्डक, नरेन्द्र संखलेचा, प्रकाश भाटी, मनीष बंसल, उम्मेदसिंह राजपुरोहित, विष्णु चाण्डक, मुकेश मित्तल, मनमोहन अग्रवाल, कैलाश अटल, रामावतार चाण्डक, अशोक राठी,स्वदेश बांठिया, सुरेश बजाज,रामप्रसाद, मनोज धारणीया, मुकेश पारिक, घनश्याम करवा आदि उपस्थित थे।

- मोबाइल से ली जाएगी श्रमिकों की उपस्थिति

- समय की बचत के साथ कागजी कार्यों में आएगी कमी

- प्रथम चरण में पंचायत समिति की पांच ग्राम पंचायतों में होगा लागू

प्रदेशभर में नरेगा फर्जीवाड़े की मिल रही शिकायतों व नरेगा योजना में हो रहे फर्जीवाड़े रोकने के लिए सरकार ने एमएमएस सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया है। इसे लेकर सरकार पंचायत राज विभाग के ईजीएस आयुक्त अभिषेक भगोतिया ने प्रदेशभर के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को आदेश जारी कर मनरेगा योजना में पारदर्शिता लाने के लिए आगामी 13 अगस्त से मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए हैं। जानकारों की माने तो एमएमएस व्यवस्था लागू होने से मस्टररोल में पारदर्शिता, नरेगा उपस्थिति का ऑनलाइन रिकॉर्ड, डेटा एन्ट्री में लगने वाले समय की बचत, कागजी रिकॉर्ड में कमी सहित श्रमिकों के भुगतान का कार्य शीघ्रता से होगा तथा नरेगा फर्जीवाड़े पर भी रोक लगेगी।

यह होगा सिस्टम

प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्रगतिरत कार्यों पर लगाए गए मेट के मोबाइल का रजिस्टे्रशन नरेगा सॉफ्ट के पीओ लॉगिन से किया जाएगा। रजिस्टे्रशन के बाद मेट द्वारा प्रतिदिन प्रात: 11 बजे से पहले श्रमिकों की उपस्थिति एवं कार्यस्थल का फोटो एमएमएस एप के माध्यम से लेकर मनरेगा सॉफ्टवेयर पर प्रतिदिन अपलोड किया जाएगा। वहीं एमएमएस के माध्यम से श्रमिकों की उपस्थिति पखवाड़े के मध्य से प्रारंभ नहीं की जाएगी। पखवाड़ा प्रारम्भ दिनांक से समाप्ति दिनांक तक प्रतिदिन एमएमएस के माध्यम से उपस्थिति दर्ज की जाएगी। पंचायत समिति में कम से कम 5 ग्राम पंचायतों में 13 अगस्त से एमएमएस के माध्यम से उपस्थिति लेने का कार्य शुरू किया जाएगा।

पंाच ग्राम पंचायतों का होगा चयन

योजना के प्रथम चरण में प्रदेश की प्रत्येक पंचायत समिति में पांच-पांच ग्राम पंचायतों का चयन किया जाएगा। यहां विधिवत तरीके एमएमएस सिस्टम लागू किया जाएगा, बाद में धीरे-धीरे सभी पंचायतों में यह व्यवस्था लागू होगी। खींवसर, नागौर नहीं बल्कि प्रदेशभ में नरेगा में फर्जीवाड़े पर बड़े पैमाने पर जिला प्रशासन से लेकर राज्य सरकार तक शिकायतें पहुंच रही थी। जिसे लेकर सरकार ने गड़बड़ झाले पर नकेल कसने के लिए यह व्यवस्था लागू की है। योजना के तहत पूर्व में मेटों का रजिस्टे्रशन किया जाएगा।

कर रहे गांवों का चयन

मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा पंचायत समिति की पांच पंचायतों में मनरेगा योजना में एमएमस सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए गांवों के चयन करने की तैयारी चल रही है। शीघ्र ही इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा

- वेदप्रकाश शर्मा, विकास अधिकारी, खींवसर

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