>>: Digest for August 07, 2021

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Table of Contents


जवाहर कला केंद्र की ओर से आजादी का अमृत महोत्सव के तहत 6 से 8 अगस्त तक ऑनलाइन और ऑफलाइन कार्यक्रमों की एक श्रृंखला का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों की श्रंखला की शुरुआत जेकेके के कृष्णायन में 6 से 8 अगस्त तक रोजाना सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक स्क्रीन राइटर और डायरेक्टर सौरभ रत्नू द्वारा 3 दिवसीय स्क्रीनप्ले राइटिंग वर्कशॉप के साथ होगी। वर्कशॉप में फिल्म और टेलीविजन के लिए स्क्रीनप्ले की संरचना के बेसिक्स, फिल्म और टेलीविजन राइटिंग में नाटकीय रणनीतियों का विश्लेषण करना, सही स्क्रिप्ट फॉर्म लागू करना और मूल स्क्रिप्ट राइटिंग के विभिन्न चरणों में रचनात्मक रूप से जोडऩे आदि के बारे में सिखाया जाएगा। वर्कशॉप में भाग लेने के इच्छुक लोग https://forms.gle/DtK9kiDHZRRtKcjt9 पर रजिस्टर कर सकते हैं।

हाउ टू बिल्ड ए क्रिएटिव स्टार्टअप पर ऑनलाइन टॉक
पार्टनर इनक्यूबेशन चिंतन बख्शी के साथ 6 अगस्त को हाउ टू बिल्ड ए क्रिएटिव स्टार्टअप विषय पर एक ऑनलाइन टॉक आयोजित की जाएगी। टॉक का आयोजन दोपहर 3 बजे से शाम 4.30 बजे तक जेकेके के फेसबुक पेज (@jawaharkalakendra.jaipur) और यूट्यूब चैनल पर होगा।
कूल बॉयज बैंड द्वारा पैट्रियोटिक रॉक कॉन्सर्ट
शुक्रवार को शाम 6 बजे से प्रसिद्ध बैंड कूल बॉयज़ द्वारा देशभक्ति गीतों पर रॉक कॉन्सर्ट मां तुझे सलाम की प्रस्तुति होगी। यह आयोजन जेकेके के डोम एरिया में होगा। कॉन्सर्ट में पुराने और नए देशभक्ति के गाने होंगे जिनमें बॉलीवुड के पसंदीदा गाने भी शामिल होंगे।

क्राफ्ट क्रिएटिव एंटरपे्रन्योर्स के साथ ऑनलाइन पैनल चर्चा
7 अगस्त को दोपहर 3 से 4.30 बजे तक क्राफ्ट क्रिएटिव एंटरपे्रन्योर्स के साथ ऑनलाइन पैनल चर्चा का आयोजन होगा। यह चर्चा जेकेके के फेसबुक पेज (@jawaharkalakendra.jaipur)और यूट्यूब चैनल (Jawahar Kala Kendra Jaipur) पर आयोजित होगी। वक्ताओं में शॉनफिल्ट की मालविका अग्रवाल, क्लेबोटिक की दीक्षा गुप्ता, रॉयल इंडिफैब की मेघा अग्रवाल और कोष की निधि तोमर शामिल होंगी। चर्चा का संचालन डॉ.पल्लवी टाक करेंगीं।

जयपुर। राम मंदिर चंदे को लेकर एक बार फिर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने एक बार फिर भाजपा और आरएसएस पर जुबानी हमला बोला है। पीसीसी चीफ डोटासरा ने कहा कि भाजपा और आरएसएस को विकास के मुद्दों से कोई मतलब नहीं है ये केवल धर्म के आधार पर लोगों को बांटकर राजनीति करने में विश्वास रखते हैं।

पीसीसी चीफ ने गुरूवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बात करते हुए कहा कि राम मंदिर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से जो कि 130 करोड़ देशवासियों की सहमति से बन रहा है। इसमें भी भाजपा राजनीति कर रही है। राम मंदिर के निर्माण में भाजपा का एक पैसा भी नहीं लग रहा है यह तो चंदे में धंधा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी सूचनाएं आ रही है ये राजस्थान में लोगों को चंदे की रसीद तक नहीं दे रहे हैं।

डोटासरा ने कहा कि राजस्थान की जनता इसकी सच्चाई जानना चाहती है कि राम मंदिर के नाम पर राजस्थान से कितना चंदा एकत्रित हुआ और कितने लोगों को चंदे की रसीदें दी गईं है।

डोटासरा ने कहा कि जैसे पीएम केयर्स फंड में सीएसआर के नाम से बड़ी-बड़ी कंपनियों से लाखों करोड़ों रुपए ले लिए उसका कोई अता-पता नहीं है वह किस चीज में खर्च कर रहे हैं। इसी तरह राम मंदिर के नाम पर लिए के चंदे को भगवान राम के नाम से आरएसएस और बीजेपी के नेता अपना घर भर रहे हैं।


कटारिया ने किया भगवान राम का अपमान
पीसीसी चीफ डोटासरा ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया का ये कहना है कि अगर भाजपा नहीं होती तो राम समुंदर में होते, ये दर्शाता है कि भाजपा के नेता कितने घमंड में हैं। कटारिया ने भगवार राम का अपमान किया और करोड़ों लोगों की आस्था को चोट पहुंचाई है, भाजपा नेताओं के खिलाफ जनता में आक्रोश है यह सिर्फ राम के नाम का वोट लेते हैं लेकि कभी राम के नहीं हुए।

25 सांसदों का पीएम के सामने मुंह नहीं खुलता
पीसीसी चीफ ने कहा कि प्रदेश की जनता ने राजस्थान से 25 सांसद चुनकर भाजपा को दिए हैं लेकिन ये 25 सांसद प्रदेश की जनता के लिए केंद्र सरकार से कोई बड़ी योजनाएं लाने में नाकाम साबित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 25 सांसदों का मुंह भाजपा आलाकमान और पीएम मोदी के सामने नहीं खुलता है।

उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सरकार अपने वादे निभाने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है, डोटासरा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा कि था कि वो अपने पांच साल के कार्यकाल का हिसाब देंगे लेकिन आज सात साल हो गए, प्रधानमंत्री ने सात साल तो दूर की बात एक साल का ही हिसाब नहीं दिया।

उपचुनाव में करेंगे जीत दर्ज
पीसीसी चीफ डोटासरा ने कहा कि धरियावाद और वल्लभ नगर उपचुनाव की तैयारियों को लेकर बैठक ली है, किन मुद्दों को लेकर चुनाव में जाना है उस पर चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में भाजपा विपक्ष की भूमिका निभाने में असफल रही है, केंद्र की बीजेपी सरकार ने जनता का बेड़ा गर्क कर दिया है। केंद्र सरकार महंगाई और स्वास्थ्य के मुद्दे पर विफल रही है। कृषि कानूनों को लेकर जनता में रोष है।

इन्हीं सब मुद्दों को लेकर चुनाव में जाएंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में सरकार ने बेहतरीन काम किया है, चिरंजीवी योजना, किसान मित्र योजना जैसी लोककल्याणरी योजनाओं से जनता खुश है और उपचुनावों में जनता फिर से कांग्रेस को अपना आशीर्वाद देगी।

जयपुर. हैरिटेज नगर निगम में बिगड़ी सफाई व्यवस्था और सफाई कर्मचारियों के बंटवारे में हो रहे भेदभाव को लेकर भाजपा पार्षदों ने मुख्यालय में धरना दिया।
पार्षद कुसुम यादव ने कहा कि पिछली बार महापौर मुनेश गुर्जर से मुलाकात कर समस्याओं के निस्तारण की मांग की थी। उन्होंने एक सप्ताह में व्यवस्था दुरुस्त करने की बात कही थी, लेकिन आठ दिन बीत जाने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि निगम गंदी गलियों की सफाई कराने में असमर्थ साबित हो रहा है। जो काम तीन माह पहले हो जाना चाहिए, वह अब तक शुरू नहीं हो पाया है। इसकी वजह से स्थानीय निवासियों को कई तरह की बीमारियां का डर भी बना हुआ है।
पार्षद महेश कलवानी ने कहा कि हेरिटेज नगर निगम के सभी क्षेत्रों में गंदगी का अंबार है। महापौर का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। इस दौरान पूर्व पार्षद एवं चेयरमैन अजय यादव भाजपा महिला मोर्चा जयपुर शहर अध्यक्ष अनुराधा माहेश्वरी, पार्षद अमर गुर्जर, विमल अग्रवाल, प्रकाश शर्मा, घनश्याम चंदलानी, किशोर मोतियानी, इंद्रराज नैनीवाल, सुरेश नावरिया, आदि धरने में शामिल हुए।



जयपुर, 5 अगस्त
पिछले कई दिनों से हो रही बरसात के बाद प्रदेश में कई जगह बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। बुधवार को जयपुर के फागी कस्बे में कानोलाव बांध की पाल टूट गई जिससे कई कॉलोनियों में पानी भर गया और फागी से चकवाड़ा जाने वाला मार्ग भी टूट गया। बांध की पाल टूटने की सूचना मिलते ही सिविल डिफेंस की टीम वहां रवाना हुई। बांध की भराव क्षमता 5 फीट है लेकिन इसमें सात फीट पानी आ गया था। वहीं चंबल में आई बाढ़ से धौलपुर जिले के कई गांवों में जन जीवन अस्तव्यस्त हो गया। राजधानी जयपुर में आज मौसम के मिजाज बदले बदले रहे। दिन भर उमस से लोगों को परेशान किए रखा। कई बार बादल आए लेकिन कई जगह बरसे तो कई जगह बिना बरसे चले गए, बीच बीच में रह रह कर धूप भी निकलती रही। जयपुर में गुरुवार सुबह 8 बजे से शाम पांच बजे तक 8.4 मिमी बरसात रिकॉर्ड की गई, वहीं कोटा में 17.2 मिमी और सवाई माधोपुर में 29.5 मिमी बरसात रिकॉर्ड हुई। पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक बरसात झालावाड़ के अकलेरा में 154 मिमी हुई। मौसम विभाग के मुताबिक शुक्रवार से राज्य में वर्षा की गतिविधियों में कमी होगी लेकिन भरतपुर, धौलपुर, करौली जिलों में एक दो स्थानों पर भारी बरसात हो सकती है जबकि शेष प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा। 7 अगस्त से 10 अगस्त के दौरान पूर्वी राजस्थान के कुछ स्थानों पर हल्के से मध्यम बरसात हो सकती है जबकि पश्चिमी राजस्थान में छुटपुट स्थानों पर हल्के से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 11 अगस्त से आगामी एक सप्ताह के दौरान राज्य के अधिकांश भागों में बारिश की गतिविधियों में कमी रहने की संभावना है। सप्ताह के दौरान पूर्वी राजस्थान में सामान्य के आसपास और पश्चिमी राजस्थान में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है।
वहीं 13 अगस्त से 19 अगस्त तक राज्य के अधिकांश भागों में बारिश की कमी रहने तथा सामान्य से कम वर्षा दर्ज होने की संभावना है। 20 अगस्त के आसपास राज्य में बारिश की गतिविधियों में पुन: बढ़ोतरी हो सकती है।
तापमान में बढ़ोतरी
बरसात में कमी आने के बाद राजधानी जयपुर सहित प्रदेश के विभिन्न भागों में दिन के तापमान में बढ़ोतरी हुई है। राजधानी जयपुर में दिन का तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं अजमेर, बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर,बीकानेर आदि शहरों के दिन के तापमान में भी वृद्धि हुई। सभी स्थानों का तापमान 30 डिग्री को पार कर गया जो दो दिन पहले तक 30.0 डिग्री सेल्सियस से कम था। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान श्रीगंगानगर का 40.7 डिग्री सेल्सियस रहा।
प्रदेश के विभिन्न भागों का अधिकतम और न्यूनतम तापमान
अजमेर 32.4 25.0
जयपुर 33.0 25.5
कोटा 31.5 25.2
डबोक 31.6 25.0
बाड़मेर 38.2 26.4
जैसलमेर 38.2 25.1
जोधपुर 35.7 25.1
बीकानेर 38.7 27.4
चूरू 37.4 25.3
श्रीगंगानगर 40.7 29.8
भीलवाड़ा 33.0 25.0
वनस्थली 32.8 25.6
अलवर 33.6 27.8
पिलानी 36.3 26.1
सीकर 35.0 22.5
चित्तौडगढ़़ 32.0 24.5
फलौदी 40.2 26.2
सवाई माधोपुर 33.6 24.8
धौलपुर 32.6 25.3
करौली 34.3 26.6
नागौर 35.2 24.6
टोंक 33.7 25.1
बूंदी 31.8 24.9

जयपुर। हाड़ौती में गुरुवार को भी झमाझम बारिश का दौर जारी रहा। कोटा जिले में नदी-नाले उफान पर हैं। कोटा में पूरे मानसून की औसत बारिश का कोटा पूरा हो चुका है। मध्यप्रदेश में हो रही भारी बारिश से गुरुवार को सांगोद क्षेत्र में बह रही परवन नदी उफान पर रही। बपावर स्थित परवन की पुलिया पर पानी आने से मार्ग बंद हो गया। जिससे मार्ग पर वाहनों का आवागमन ठप हो गया।

झालावाड़ जिले में परवन व छापी नदियों का पानी घुसने से सारोला क्षेत्र में छापीहैड़ा व हथौली गांव टापू बन गए हैं। कई ग्रामीण फंसे हुए हैं। एसडीआरएफ की टीम उन्हें रेस्क्यू कर रही है। कालीसिंध बांध के चार गेट 13 मीटर खोले कर 48960 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। कालीसिंध नदी का पानी पुलिया पर आने से एक दर्जन गांवों का संपर्क कटा हुआ है। खानपुर की रूपली नदी में उफान के चलते चांदखेड़ी जैन मंदिर चारों ओर से पानी से घिर जाने से श्रद्धालु और यात्री मंदिर में फंस गए। मंदिर दोनों और से नदी के पानी से घिरा हुआ है।

मौसम विभाग अगले दो सप्ताह यानी की 6 से 19 अगस्त तक के लिए पूर्वानुमान जारी किया है। जिसके अनुसार अगले दो सप्ताह मानसून कमजोर ही रहेगा। बारिश में कमी आएगी। 6 अगस्त से प्रदेश में बारिश कम होगी। 7-10 अगस्त के दौरान पूर्वी राजस्थान के कुछ स्थानों पर हल्के से माध्यम बारिश होगी। पश्चिमी राजस्थान में छुटपुट स्थानों पर हल्के से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 11 अगस्त से आगामी एक सप्ताह के दौरान राज्य के अधिकांश भागों में बारिश की गतिविधियां कम होंगी। सप्ताह के दौरान पूर्वी राजस्थान में सामान्य के आस - पास एवं पश्चिमी राजस्थान में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है। 20 अगस्त के आसपास राज्य में पुन: बारिश हो सकती है। आगामी 24 घंटों के दौरान कोटा, बूंदी, टोंक, सवाईमाधोपुर, झालावाड़, बारां जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है।

जयपुर के फागी कस्बे में कानोलाव बांध की पाल टूट गई जिससे कई कॉलोनियों में पानी भर गया और फागी से चकवाड़ा जाने वाला मार्ग भी टूट गया। बांध की पाल टूटने की सूचना मिलते ही सिविल डिफेंस की टीम वहां रवाना हुई। बांध की भराव क्षमता 5 फीट है लेकिन इसमें सात फीट पानी आ गया था। जयपुर में मौसम के मिजाज बदले बदले रहे। दिन भर उमस से लोगों को परेशान किए रखा। कई बार बादल आए लेकिन कई जगह बरसे तो कई जगह बिना बरसे चले गए, बीच-बीच में रह-रह कर धूप भी निकलती रही।

खेत पर जाते समय बहा किसान, बालक डूबा
जिले के कैथून क्षेत्र में नहर पार करते समय किसान प्रभूलाल पानी में बह गया। वह खेत पर जाने के लिए नहर पार कर रहा था। वहीं कनवास उपखण्ड क्षेत्र में गरमोड़ी गांव के सत्यप्रकाश (9) पुत्र रामलटूर धाकड़ की पानी में डूबने से मृत्यु हो गई।

यहां हुई भारी बारिश
पिछले 24 घंटों में झालावाड़, बारां, टोंक, कोटा और बूंदी जिलों में कहीं-कहीं भारी व अति भारी बारिश हुई। सर्वाधिक बारिश 154 मिमी अकलेरा, झालावाड़ में दर्ज की गई।

जयपुर। प्रदेश के शेष बचे 12 जिलों में 6 जिलों में जिला परिषद और पंचायतों के चुनाव की घोषणा राज्य निर्वाचन आयोग ने कर दी है। प्रदेश के भरतपुर, दौसा, जयपुर, जोधपुर, सवाईमाधोपुर और सिरोही जिले में पंचायत और जिला परिषदों के चुनाव 3 चरणों में होंगे।

पहले चरण के लिए मतदान 26 अगस्त, दूसरे चरण के लिए 29 अगस्त और तीसरे चरण के लिए 1 सितंबर को मतदान होगा, जबकि 4 सितंबर को इन जिलों के मुख्यालय पर मतगणना होगी। तीनों चरणों के लिए मतदान सुबह 7.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक होगा।

राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव तारीखों का ऐलान करने के साथ ही इन सभी 6 जिलों के जिला परिषद और पंचायत समिति निर्वाचन क्षेत्रों में संहिता लागू हो गई है जो चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने तक जारी रहेगी। 6 जिलों के लिए घोषित किए गए चुनाव में 200 जिला परिषद सदस्य, 1564 पंचायत समिति सदस्य, 6 जिला प्रमुख, उप जिला प्रमुख, 78 प्रधान और उप प्रधानों के लिए चुनाव होना है। पंचायत और जिला परिषद सदस्यों के चुनाव ईवीएम से कराए जाएंगे।

6 जिलों में 77 लाख से ज्यादा मतदाता
जिन 6 जिलों में जिला परिषद और पंचायतों के चुनाव घोषित किए हैं उन जिलों में 77 लाख 94 हजार 3 सौ मतदाता हैं, जिनमें से 41 लाख 23 हजार 30 पुरुष, 36 लाख 71 हजार 246 महिलाएं व 24 अन्य मतदाता हैं। इधर कोविड 19 संक्रमण से बचाव के लिए आयोग की ओर से अब प्रत्येक मतदान बूथ पर मतदाताओं की संख्या 1000 की गई है। पूर्व में एक मतदान बूथ पर सामान्यतः 1100 मतदाताओं की सीमा निर्धारित थी। प्रत्येक बूथ पर 1000 मतदाताओं की संख्या के अनुसार 6 जिलों में 10604 मतदान बूथ स्थापित किए जाएंगे।

11 अगस्त से नामांकन
6 जिलों में पंचायत और जिला परिषद चुना के लिए 11 अगस्त को अधिसूचना जारी होगी और इसी के साथ नामांकन भी शुरू हो जाएंगे। नामांकन की अंतिम तिथि 16 अगस्त है, जबकि नामांकन की जांच 17 अगस्त होगी। वहीं, नाम वापसी की अंतिम तिथि 18 अगस्त दोपहर 3 बजे तक होगी।

चुनाव चिन्हों का आवंटन 18 अगस्त दोपहर 3 बजे के बाद किया जाएगा। . पहले चरण के लिए मतदान दलों की रवानगी 25 अगस्त को होगी, जबकि दूसरे चरण के लिए मतदान दलों की रवानगी 28 अगस्त और तीसरे चरण के लिए मतदान दलों की रवानगी 31 अगस्त को होगी।


चुनावी रैली और सभाओं पर प्रतिबंध
चुनाव में कोविड संक्रमण को देखते हुए चुनावी रैलियों, जनसभाओं पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। उम्मीदवार केवल 5 समर्थकों के साथ घर-घर जाकर जनसंपर्क कर सकेंगे। इसके अलावा प्रत्याशियं के वाहनों के लाउड स्पीकरों पर भी बैन रखा गया है।

प्रत्याशियों के चुनाव खर्च की सीमा भी तय की गई है। जिला परिषद सदस्य के चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों के लिए डेढ़ लाख और पंचायत समिति सदस्य के लिए 75 हजार रुपए की खर्च सीमा निर्धारित की है।


कोविड की कड़ाई से पालना के निर्देश
राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव में कोरोना प्रोटोकॉल की सख्ती के साथ पालना कराने के भी निर्देश दिए हैं। इसके अलावा चुनाव कार्य और मतदान दलों में नियुक्त किए जाने वाले कार्मिकों को कोरोना वैक्सीन की कम से कम एक डोज लग चुकी हो। ऐसे में चुनाव कार्य या मतदान दल में शामिल किए जाने वाले कार्मिकों को प्राथमिकता के आधार पर शिविर का आयोजन कर उनका टीकाकरण करने को कहा गया है।

जयपुर। वल्लभनगर और धरियावद विधानसभा सीटों पर अभी उपचुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है लेकिन सत्तारूढ कांग्रेस ने चुनाव जीतने के लिए रणनीति पर मंथन शुरू कर दिया है। कांग्रेस ने दोनों सीटों के लिए सात- सात सदस्यों की कोऑर्डिनेशन कमेटी बनाई है। गुरूवार दोपहर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा की अध्यक्षता में इन कमेटियों की पहली बैठक हुई।

बैठक में उपचुनाव जीतने की रूपरेखा और रणनीति पर मंथन किया गया। दोनों समितियों के कुल 14 सदस्यों में से 8 सदस्य ही इस बैठक में शामिल हुए। मंत्री प्रमोद जैन भाया, उदयलाल आंजना, विधायक गणेश घोगरा, लाखन मीणा, रामलाल मीणा और पूर्व सांसद रघुवीर मीणा इस बैठक में शामिल नहीं हुए, जबकि परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, मंत्री अशोक चांदना,अर्जुन बामणिया, विधायक महेंद्र सिंह मालवीय, दयाराम परमार, कांग्रेस नेता दिनेश खोडनिया और धर्मेंद्र राठौड़ बैठक में मौजूद रहे।

संभावित नामों पर हुआ मंथन
जानकारों की माने तो बैठक में दोनों विधानसभा सीटों पर पांच-पांच संभावित दावेदारों के नामों पर चर्चा हुई। इसके अलावा उपचुनाव में स्थानीय मुद्दों और भाजपा को घेरने की रणनीति पर मंथन हुआ है।

इसके अलावा पीसीसी चीफ डोटासरा ने धरियावाद और वल्लभ नगर के लिए गठित चुनाव समितियों को जल्द ही चुनाव वाले क्षेत्रों में जाकर स्थानीय कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ बैठकें करने के निर्देश दिए हैं। चर्चा ये भी है गुरूवार को आधे सदस्य नहीं आने के चलते कमेटियों की दूसरी बैठक जल्द बुलाने को भी कहा गया है।

दोनों सीटों पर करेंगे जीत दर्ज
बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि सरकार ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में कोरोना का शानदार प्रबंधन किया है। पार्टी ने एकजुट होकर सहाड़ा और सुजानगढ़ में जीत दर्ज की थी, धरियावाद और वल्लभ नगर में भी कांग्रेस पार्टी शानदार जीत दर्ज करेगी। राजस्थान की जनता का आशीर्वाद कांग्रेस का साथ है, राजस्थान को नंबर वन बनाना सरकार का उद्देश्य है, विकास और जनहित से जुड़े मुद्दे पर चुनाव लड़ेंगे।

वहीं खेल मंत्री अशोक चांदना ने कहा कि पहले ये धारणा बनी हुई थी कि कांग्रेस को कांग्रेस ही हरा सकती है, लेकिन ये धारणा गलत साबित हुई है, बीते तीन सीटों पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने एकजुटता के साथ उपचुनाव लड़ा और सहाड़ा और सुजानगढ़ में कांग्रेस ने जीत दर्ज की है और राजसमंद में भी हार का अंतर कम किया, इस बार दोनों सीटों पर भी पार्टी पूरी एकजुटता और ताकत से चुनाव लड़ेगी और जीत दर्ज करेगी।



जयपुर, 5 अगस्त
राजस्थान विश्वविद्यालय (Rajasthan University) के संघटक कॉलेजों (constituent colleges)में प्रथम वर्ष में एडमिशन की प्रक्रिया (Admission process ) 9 अगस्त से शुरू होगी। महाराजा, महारानी, कॉमर्स और राजस्थान चारों संघटक कॉलेजों में प्रवेश के लिए 19 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकेंगे। इसके बाद 25 अगस्त को पहली सूची जारी की जाएगी। राजस्थान विश्वविद्यालय की केंद्रीय प्रवेश समिति के संयोजक प्रो.एसएल शर्मा ने गुरुवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। जिसके मुताबिक राजस्थान विश्वविद्यालय के संघटक राजस्थान कॉलेज, कॉमर्स कॉलेज, महाराजा कॉलेज और महारानी कॉलेज 25 अगस्त को प्रवेश के लिए पहली सूची जारी करेंगे। पहली सूची में प्रवेश के बाद रिक्त रही सीटों पर प्रवेश के लिए बाद में अन्य सूचियां भी जारी की जा सकती हैं। गौरतलब है कि इन चारों संघटक कॉलेजों में कुल 7 हजार सीटों पर एडमिशन होने हैं। इस बार राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और सीबीएसई बोर्ड ने बिना परीक्षा के ही पिछली कक्षा के अंकों और आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर विद्यार्थियों का परिणाम जारी किया है। जिसके चलते राजधानी जयपुर से ही एक लाख से अधिक विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में पास हुए हैं। ऐसे में इस बार इन कॉलेजों में एडमिशन की कटऑफ काफी अधिक जाने की संभावना है।

जयपुर। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने दिल्ली में राजस्थान के सांसदों की बैठक से पहले केन्द्रीय मंत्रियों से मुलाकात की। इन मुलाकात के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। बैठक से पहले केंद्रीय मंत्रियों से मिलकर पूनिया कौनसा सियासी संदेश देना चाह रहे हैं। पूनिया के इस रुख से उनके विरोधी खेमे के नेता सक्रिय हो गए हैं। पूनिया ने दिल्ली प्रवास के पहले दिन केंद्रीय रेल एवं दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ शिष्टाचार भेंट की। इसके अलावा केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट व केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल से भेंट कर पूनियां ने प्रदेश के विभिन्न जनहित के मुद्दों पर चर्चा की।

गड़करी से मुलाकात
पूनिया ने गुरुवार को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी से मुलाकात की। उन्होंने दिल्ली-मुम्बई के बीच बन रहे एक्सप्रेस-वे विकसित, जयपुर-दिल्ली नेशनल हाइवे के नवीनीकरण सहित कई कार्यों के लिए धन्यवाद दिया।

जयपुर। दिल्ली के नांगल गांव में रेप की शिकार हुई 9 साल की बच्ची के परिवार की फोटो सोशल मीडिया पर लगाने के मामले में भाजपा ने गुरुवार को जयपुर में हल्ला बोला। भाजपा प्रदेश मंत्री जितेंद्र गोठवाल ने अशोक नगर थाना में राहुल गांधी के खिलाफ परिवाद दिया।

इससे पहले गोठवाल समर्थकों के साथ अंबेडकर सर्किल से पैदल रवाना हुए। हाथों में तख्तियां लिए कार्यकर्ता राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अशोक नगर थाना पहुंचे। यहां थानाधिकारी सुरेंद्र कुमार ने परिवाद लेने से इंकार कर दिया, जिस पर गोठवाल और भाजपा कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। काफी जद्दोजहद के बाद थानाधिकारी ने राहुल गांधी के खिलाफ परिवाद लिया। इस मौके पर भाजपा के वरिष्ठ नाहर सिंह माहेश्वरी, जयपुर शहर महिला मोर्चा अध्यक्ष अनुराधा माहेश्वरी, युवा मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष नरेंद्र पिलानिया, एससी मोर्चा प्रदेश के प्रभारी मुकेश किराड़, कविराज सेठी, जयपुर देहात दक्षिण जिला उपाध्यक्ष बृजेश लाटा समेत कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।भाजपा का दावा है कि राहुल गांधी ने बलात्कार पीड़िता की परिवार के साथ मुलाकात की और इसके बाद मुलाकात की फोटो अपने टि्वटर अकाउंट पर शेयर की।


राहुल गांधी ने उड़ाया लोकतंत्र का मखौल
राजस्थान भाजपा प्रदेश मंत्री जितेंद्र गोठवाल ने कहा कि कांग्रेस बात-बात पर लोकतंत्र और संविधान की दुहाई देती है। उसके आला नेता राहुल गांधी ने कानून का मखौल बनाया है। उनमें परिपक्वता की कमी है। दिखावे की राजनीति करने वाली कांग्रेस ने लोकप्रियता प्राप्त करने के प्रयास में यह भी नहीं देखा कि वह पीड़िता और उसके परिवार के साथ अन्याय कर रही है और उनके कानूनी अधिकारों का हनन किया जा रहा है।



जयपुर, 5 अगस्त
कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए गठित की गई समिति का राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ लोकतांत्रिक और पशु चिकित्सा कर्मचारी संघ ने विरोध किया है। महासंघ के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष बनवारी शर्मा, और पशु चिकित्सा कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष अजय सैनी ने कहा कि सरकार को कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से करना चाहिए। बनवारी शर्मा और अजय सैनी ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से कियाजाना चाहिए। पूर्ववर्ती सरकार ने डीसी सामन्त कमेटी का गठन किया था, वर्तमान सरकार ने सामन्त कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं कर एक नई कमेटी का गठन किया है जो कर्मचारियों के साथ अन्याय है। महासंघ और संघ इसकी ङ्क्षनदा करता है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश के विभिन्न कर्मचारी एवं अधिकारी संगठनों की मांगों के परीक्षण के लिए उच्च स्तरीय समिति के गठन को मंजूरी दी है। यह समिति वेतन विसंगति, वेतन सुधार, पदोन्नति के अवसरों, एसीपी, भत्तों की निरंतरता एवं उपयोगिता, योग्यता, दायित्वों, वित्तीय भार इत्यादि के परिप्रेक्ष्य में विभिन्न अधिकारी एवं कर्मचारी संगठनों जैसे पटवारी, मंत्रालयिक और कांस्टेबल आदि की मांगों का अन्य राज्यों में प्रचलित व्यवस्थाओं से तुलनात्मक अध्ययन, विश्लेषण एवं परीक्षण कर आवश्यक अनुशंसा करेगी। भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी खेमराज चौधरी इस समिति के अध्यक्ष होंगे तथा सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी विनोद पांड्या समिति के सदस्य एवं संयुक्त सचिवए वित्त (नियम) सदस्य सचिव होंगे। उल्लेखनीय है कि वित्त और विनियोग विधेयक 2021-22 पर चर्चा के जवाब में मुख्यमंत्री गहलोत ने कर्मचारी.अधिकारी संगठनों की मांगों के संबंध में उच्च स्तरीय समिति गठित करने की घोषणा की थी।

जयपुर। प्रदेश में दुपहिया वाहन खरीदने वालों को भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा स्थापित मानकों का हेलमेट भी निःशुल्क मिलेगा। इस संबंध में परिवहन विभाग ने गुरूवार को एक आदेश जारी किए। इसके तहत सभी प्रादेशिक और जिला परिवहन अधिकारियों को आदेशों की पालना वाहन निर्माताओं, डीलर्स से सुनिश्चित कराने के लिए निर्देशित किया गया है।

परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने बताया कि प्रदेश में दुपहिया वाहनों चालकों की सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता सड़क सुरक्षा है। इसलिए वाहन क्रेताओं को हेलमेट उपलब्ध कराने के लिए आदेश जारी हुए हैं। उन्होंने बताया कि हेलमेट निःशुल्क उपलब्ध कराने के संबंध में 5 फरवरी 2020 को हुई बैठक में फैडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के सदस्यों ने सहमति प्रदान की थी।

खाचरियावास ने बताया कि वाहन विक्रेता वाहन के प्रथम विक्रय के समय मोटर यान अधिनियम, 1988 की धारा नियम 129 के तहत हेलमेट उपलब्ध कराने हैं। वाहन निर्माताओं, डीलर्स द्वारा प्रावधानों की पालना नहीं करना सड़क सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत गंभीर दोष की श्रेणी में आता हैं। विक्रय के समय हेलमेट उपलब्ध नहीं कराने पर विक्रेताओं के विरूद्ध नियमानुकूल कार्यवाही की जाएगी।


जयपुर। राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश में जिला परिषद और पंचायत चुनाव की घोषणा कर दी है। इसके तहत 6 जिलों में जिला परिषद सदस्यों और 78 पंचायत समितियों में चुनाव होंगे। चुनाव तीन चरणों में होंगे। पहले चरण का मतदान 26 अगस्त, दूसरा चरण 29 अगस्त और तीसरे चरण का मतदान 1 सितंबर को होगा। परिणाम 4 सितम्बर को आएंगे। इसके बाद जिला प्रमुख और प्रधान के लिए मतदान 6 सितम्बर और उप प्रमुख और उप प्रधान के लिए 7 सितम्बर को होगा। इनमें 78 लाख मतदाता हैं, जो कोरोना के मौजूदा हालात के बीच वोटिंग के लिए पहुंचेंगे। इन सभी छह जिलों के जिला परिषद एवं पंचायत समिति निर्वाचन क्षेत्रों में आचार संहिता लागू हो गई है। हालांकि, श्रीगंगानगर जिले में सार्दुलशहर पंचायत समिति का पुनर्गठन नहीं होने के कारण वहां चुनाव टाल दिए। आपको बता दें कि इन चुनावों की घोषणा उस समय की गई है, जब केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने तीसरी लहर की आशंका जताई है।

इन जिलों में होंगे चुनाव
भरतपुर, दौसा, जयपुर, जाेधपुर, सवाई माधोपुर और सिरोही जिलों में कुल 200 जिला परिषद सदस्यों के चुनाव के लिए मतदान होगा। इनके अलावा इन्हीं जिलों की 78 पंचायत समितियों में भी वोटिंग होगी, जिसमें कुल 1564 सदस्य चुने जाएंगे।

ये रहेगा चुनाव कार्यक्रम

(1.) जिला परिषद व पंचायत समिति चुनाव
-चुनाव की अधिसूचना 11 अगस्त को जारी की जाएगी और उसी दिन से नामांकन पत्र भरे जाएंगे।
-16 अगस्त को नामांकन पत्र भरने की अंतिम तिथि और 17 अगस्त को नामांकन पत्रों की जांच होगी।
-18 अगस्त तक नाम वापस लिए जा सकेंगे और उसी दिन चुनाव चिह्नों का आवंटन होगा।
-26 अगस्त को पहले चरण, 29 अगस्त को दूसरे चरण और एक सितंबर को तीसरे चरण के लिए मतदान होगा। मतदान समय प्रात: 7.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक रहेगा।
-मतगणना 4 सितम्बर को सुबह 9 बजे से जिला मुख्यालय पर होगी।

(2.) जिला प्रमुख-उप्रमुख और प्रधान-उपप्रधान चुनाव
-जिला प्रमुख और पंचायत समितियों में प्रधान के चुनाव के लिए नामांकन 6 सितम्बर को सुबह 10 से 11 बजे तक भरे जाएंगे। इस दिन अपराहृन 11.30 बजे नामांकन पत्रों की जांच होगी। अभ्यर्थी अपना नाम दोपहर एक बजे तक वापस ले सकेंगे।
-एक से अधिक उम्मीदवार होने पर उसी दिन दोपहर 3 से शाम 5 बजे तक मतदान होगा। शाम 5 बजे बाद मतदान का परिणाम घोषित किया जाएगा।
-जिला परिषद में उप प्रमुख और पंचायत समितियों में उप प्रधान के चुनाव के लिए 7 सितम्बर को इसी तरह की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

खर्च सीमा की तय
जिला परिषद सदस्य के लिए चुनाव लड़ने पर खर्च की सीमा 1.50 लाख रुपए निर्धारित की गई है, जबकि पंचायत समिति सदस्य का जो व्यक्ति चुनाव लड़ेगा उसके लिए चुनाव प्रचार की खर्च सीमा अधिकतम 75 हजार रुपए रहेगी।

इन जिलों की पंचायत समितियों में भी होंगे चुनाव
1. पहला चरण
जयपुर : कोटपूतली, पावटा, शाहपुरा, विराटनगर, जालसू, आमेर, झोटवाड़ा
भरतपुर : बयाना, वैर, भुसावर, रूपवास
दौसा : सिकराय, बैजूपाड़ा, महुवा
जोधपुर: फलौदी, बाप, घंटियाली, केरू, मंडोर, ओसियां, तिंवरी
सवाईमाधोपुर : बामनवास, गंगापुरसिटी
सिरोही : आबू रोड, रेवदर

2. दूसरा चरण
जयपुर : फागी, माधोपुराजपुरा, किशनगढ़ रेनवाल, जोबनेर, सांभरलेक, दूदू, मौजमाबाद, गोविंदगढ़
भरतपुर : कामां, पहाड़ी, नगर, डीग
दौसा : नांगल राजावतान, लवान, रामगढ़ पचवारा, लालसोट
जोधपुर : शेरगढ़, बालेसर, सेखाला, चामू, लोहावट, बापिनी, आऊ, देचू
सवाईमाधोपुर : बौंली, मलारना डूंगर
सिरोही : सिरोही, पिण्डवाड़ा

3. तीसरा चरण
जयपुर : तूंगा, बस्सी, आंधी, कोटखावदा, सांगानेर, जमवारामगढ़, चाकसू
भरतपुर : कुम्हेर, नदबई, उच्चैन और सेवर
दौसा : बसवा, दौसा, बांदीकुई, सिकंदरा।
जोधपुर : भोपालगढ़, बावड़ी, बिलाड़ा, पीपाड़शहर, लूणी, धवा
सवाईमाधोपुर : सवाई , खंडार, चौथ का बरवाडा
सिरोही : शिवगंज

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरूवार को अपने निवास पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्री आर्थिक सुधार सलाहकार परिषद की दूसरी बैठक ली। बैठक में यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल, जलदाय मंत्री बीडी कल्ला और शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा भी शामिल हुए।

बैठक में मुख्यमंत्री सीएम गहलोत के सलाहकार गोविंद शर्मा, आईआईएम अहमदाबाद के निदेशक प्रो. इरोल डिसूजा, जेएनयू की प्रोफेसर कविता सिंह, राज्यसभा सदस्य राजीव गौड़ा औक दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक मंगू सिंह ने अहम सुझाव दिए।

अगला बजट कृषि को समर्पित होगा
आर्थिक सुधार सलाहकार परिषद को बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल है, जिसने राजस्व में बड़ी गिरावट के बावजूद अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए अपने खर्च में वृद्धि की है। साथ ही बजट घोषणाओं को पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूरा करने के प्रयास किए हैं। हमारा वर्तमान बजट स्वास्थ्य को समर्पित रहा और प्रदेश में चिकित्सा का आधारभूत ढांचा मजबूत हुआ। इसी प्रकार अगला बजट कृषि क्षेत्र को समर्पित होगा।

केंद्र से नहीं मिल पा रहा भुगतान
आर्थिक सुधार सलाहकार परिषद को बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि 15वें वित्त आयोग ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2020-21 के लिए विभाज्य पूल से राजस्थान को 50 हजार करोड़ रूपए देने का अनुमान लगाया था, लेकिन वास्तविक हस्तांतरण करीब 32 हजार करोड़ रूपए ही रहा।

इसी प्रकार जीएसटी मुआवजे का भी केंद्र की ओर से पूरा भुगतान राज्यों को नहीं किया जा रहा है। जल सहित विभिन्न परियोजनाओं में पहले केंद्र और राज्य का अनुपात 90ः10 होता था, जो अब 50ः50 पर आ गया है। पेट्रोल और डीजल पर करों के डिविजिबल पूल में से राज्यों को मिलने वाले हिस्से को भी लगातार कम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों का तत्काल समाधान जरुरी है नहीं तो राज्यों के विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

कोविड में किया बेहतर प्रबंधन
सीएम ने कहा कि राज्य सरकार ने कोविड की पहली और दूसरी लहर का बेहतरीन प्रबंधन किया है। प्रदेश में अब प्रतिदिन 1.50 लाख आरटी-पीसीआर टेस्ट करने की क्षमता हासिल कर ली गई है। ऑक्सीजन बेड 149 प्रतिशत, आईसीयू 64 प्रतिशत और वेंटीलेटर बेड 87 प्रतिशत तक बढ़े हैं।

ग्रामीण स्तर तक चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत किया गया है। हर परिवार को स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराने और इलाज के खर्च से मुक्त करने के लिए मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई साल में सरकारी क्षेत्र में 90 हजार से अधिक भर्तियां की गई हैं और 81 हजार भर्तियां प्रक्रियाधीन हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में अंग्रेजी माध्यम के 1200 विद्यालय शुरू किए हैं।

राजस्थान को मिले विशेष राज्य का दर्जा
सीएम ने कहा कि राजस्थान की भौगोलिक परिस्थितियां काफी जटिल हैं। ऎसे में यहां सर्विस डिलीवरी की लागत अन्य राज्यों के मुकाबले काफी अधिक आती है। इन हालात में राजस्थान को विशेष राज्य का दर्जा मिलना चाहिए, लेकिन केंद्र सरकार ने इस दिशा में अभी तक कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया है।

उन्होंने कहा कि तमाम चुनौतियों के बावजूद हमारा प्रयास है कि प्रदेश के सतत विकास के लिए आर्थिक सुधारों के साथ ही गवर्नेंस के मॉडल में भी बदलाव लाएं। इससे पहले परिषद के उपाध्यक्ष अरविंद मायाराम ने स्वागत परिषद की ओर से राजस्थान के समग्र विकास के लिए तय किए गए बिंदुओं पर प्रकाश डाला।

जयपुर/फागी। तीन दिन से लगातार हो रही बारिश फागी में कहर बरपा रही है। तहसील कार्यालय के पीछे गुरुवार तड़के कानोलाव बांध टूटने से देवनगर कॉलोनी में बढ़े जलस्तर के बाद लोग पाल को दुरुस्त कराने के लिए दौड़े, तब तक कई कॉलोनियों में पांच फीट तक पानी भर गया। सूचना पर पहुंची सिविल डिफेंस की टीम ने पानी से घिरे मकानों से 29 लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। जल भराव क्षेत्र में करीब तीन हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। बांध की पाल में करीब 20 फीट टूटने के बाद प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। करीब सात सौ बीघा क्षेत्रफल में फैले बांध का पानी जयपुर रोड भी पहुंच गया।

ग्रामीणों की मानें तो करीब चार बजे बांध की पाल टूटने से पानी का सैलाब बस्तियों की ओर आ गया। जिससे कृषि मंडी के पास गुर्जरों की ढाणी, मुसलमानों का मोहल्ला व देवनगर कॉलोनी जलमग्न हो गई। वहीं सुल्तानिया रोड व दूदू रोड पर करीब चार फीट पानी भरने से आवागमन बाधित हो गया। पानी में करीब सात लाख का चारा बह गया। देवनगर कॉलोनी में पानी धर्मचंद सैन, रामचंद्र गुर्जर, गौरू ब्रह्मभटï्ट सहित दर्जन से अधिक लोगों के कच्चे मकान धराशायी हो गए।

सिविल डिफंस टीम ने संभाली कमान
बांध टूटने के बाद कॉलोनियां जलमग्न की सूचना पर सिविल डिफेंस की टीम फागी पहुंची और प्रभावित इलाके में पानी में फंसे 29 लोगों व मवेशियों को सुरक्षित निकाला। टीम के भीम सिंह ने बताया कि कई कच्चे मकान में फंसे वृद्ध महिला-पुरुषों को काफी मशक्कत के बाद निकाला गया। तेज बहाव में कई पशुपालकों के मवेशी बह गए, कुछ को बचा लिया गया।

करीब 10 घंटे बाद टूटी पाल का देसी जुगाड़
पंचायत प्रशासन ने जेसीबी मशीन, मिट्टी से भरे कट्टों के साथ अन्य सामग्री डालने की 10 घंटे तक मशक्कत के बाद पानी रोका गया लेकिन इसका पुख्ता इंतजाम नहीं हो पाया। सरपंच ओमप्रकाश खवास, सीताराम पारीक व भाजपा मंडल अध्यक्ष रंगलाल गुर्जर सहित बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने बबूल के पेड़ों को जड़ सहित उखड़वाया और 20 फीट के कटाव पर डालने के साथ लोहे के चद्दर डाले और बिजली के टूटे पोल डालकर पाल को दुरुस्त कराया।

जयपुर, 5 अगस्त
प्रदेश में पिछले कई दिनों से चल रही तेज बरसात के कारण अब तक 3 लाख 69 हजार 174 हेक्टेयर क्षेत्र में फसल प्रभावित हुई है। जिसे ध्यान में रखते हुए कृषि मंत्री लालचंद कटारिया (Agriculture Minister Lalchand Kataria) ने अतिवृष्टि से प्रभावित फसलों (crops affected by rain) का सर्वे कर किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Prime Minister Crop Insurance Scheme) के तहत मुआवजा (compensation) दिलवाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग की ओर से करवाए गए प्रारंभिक सर्वे के मुताबिक भारी बारिश से हाड़ौती अंचल और सवाई माधोपुर जिले में फसलों को काफी नुकसान हुआ है। कोटा, बारां और बूंदी जिलों में सोयाबीन और उड़द तथा सवाई माधोपुर जिले में बाजरा एवं उड़द की फसल में ज्यादा नुकसान हुआ है। राज्य में सोयाबीन 1 लाख 60 हजार 264 हेक्टेयर और उड़द 98 हजार 660 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रभावित हुई है।
कहा कितना नुकसान
कोटा जिले में 1 लाख 3 हजार 257 हेक्टेयर, बूंदी में 99 हजार 26 हेक्टेयर, बारां में 76 हजार 199 हेक्टेयर क्षेत्र
सवाई माधोपुर जिले में 23 हजार 60 हेक्टेयर में बाजरा एवं 18 हजार 47 हेक्टेयर में उड़द सहित 61 हजार 387 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों को नुकसान हुआ है। इसके साथ ही जयपुर, सीकर, नागौर, करौली, झालावाड़, अलवर, टोंक और भरतपुर जिलों में भी कहीं कहीं ज्यादा बारिश होने से फसलों को नुकसान हुआ है। जयपुर जिले की सांगानेर, फागी, चाकसू और कोटखावदा तहसीलों में 2 हजार 920 हेक्टेयर, सीकर जिले की दांतारामगढ़ तहसील में 3 हजार 992 हेक्टेयर तथा नागौर जिले की कुचामन सिटी और नावां तहसीलों में 7 हजार 357 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है। इसी तरह करौली जिले में 9 हजार 664, टोंक में 4 हजार 140, भरतपुर की डीग तहसील में 764, झालावाड़ जिले की मनोहरथाना, रायपुर एवं खानपुर तहसीलों में 398 हेक्टेयर, अलवर जिले की कोटकासिम तहसील में 70 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलें प्रभावित हुई हैं। कटारिया ने अधिकारियों को प्रभावित किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत नियमानुसार मुआवजा दिलवाने की कार्यवाही प्रारंभ करवाने के निर्देश दिए हैं, जिससे किसानों को राहत दी जा सके। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र काश्तकार फसल बीमा मुआवजे से वंचित नहीं रहना चाहिए।

जयपुर। प्रताप नगर टोंक रोड़ स्थित पिंजरपोल गोशाला गेट के बाहर लगे ट्रांसफार्मर के नीचे पानी भर गया था। ट्रांसफार्मर के पास जलभराव होने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता था। जानकारी के अनुसार गोशाला गेट के बाहर से जलदाय विभाग की पाइप लाइन कई महीनों से लीकेज होने के कारण ट्रांसफार्मर के पास जलभराव हो गया। जिससे आसपास के लोगों के भय का वातावरण बना हुआ था। स्थानीय लोगों की ओर से पिछले कई महीनों से जनप्रतिनिधियों व प्रशासन को अवगत कराने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही थी।

पत्रिका डॉट कॉम पर 4 अगस्त 2021 को 'पाइप लाइन लीकेज का पानी ट्रांसफार्मर के नीचे भरा' शीर्षक से समाचार प्रकाशित होने के बाद जलदाय विभाग के अधिकारियों के साथ नगर निगम हरकत में आया और पानी लीकेज को ठीक कर पानी की बर्बादी को रोका गया। पाइप लाइन लीकेज होने से ट्रांसफार्मर के नीचे गड्ढे में ट्रैक्टर से मलबा डालकर कर जगह को समतल कर ठीक किया गया है। गोशाला समिति के साथ स्थानीय व्यापारियों ने पत्रिका डॉट कॉम का आभार जताया।

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जयपुर 5 अगस्त। ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग (Rural Development and Panchayati Raj Department) की प्रमुख शासन सचिव अर्पणा अरोड़ा (Principal Secretary to Government Aparna Arora) ने ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नवगठित पंचायत भवनों (newly formed panchayat buildings) के लिए जो भूमि चिह्नित की जाए वह ऐसी होनी चाहिए जो पर्यावरण के अनुकूल भवन बन सके साथ ही फलदार और छायादार पेड़ पौधों के लिए जगह हो।
गुरुवार को विभाग की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक में उन्होंने शासन सचिव मंजू राजपाल को भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने और शासन सचिव ग्रामीण विकास केके पाठक को कन्वर्जेन्स की राशि की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उ उन्होंने चूरू,नागौर,बाड़मेर, सवाई माधोपुर सहित अन्य कई जिलों में विकसित पोषण वाटिकाओं की सराहना की व इस प्रकार की पोषण वाटिकाएं अन्य जिलों में विकसित करने पर जोर दिया व कहा कि इन पोषण वाटिकाओं से ग्राम जन का स्वास्थ्य बेहतर रह सकेगा।

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत वित्तीय वर्ष 2021-22 के लक्ष्यों की स्वीकृति प्रारम्भ करने के लिए सभी जिलों को आवास प्लस के माध्यम से चयनित परिवारों की वरियता इसी माह निर्धारित कर 30 सितम्बर तक समस्त स्वीकृतियां जारी करना सुनिश्चित करने के साथ ही योजना के लाभार्थियों को अन्य योजनाओं सौभाग्य, उज्जवला, जलजीवन मिशन, महात्मा गांधी नरेगा एवं श्रमिक कार्ड आदि का लाभ भी दिलवाए जाने के निर्देश दिए।
उन्होंने राजीव गांधी जल संचय योजना के व्यापक प्रचार.प्रसार की योजना बनाने के साथ श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूरर्बन मिशन, सीमान्त क्षेत्र विकास कार्यक्रम, विधायक एवं सांसद विकास क्षेत्र, डांग, मगरा, मेवात क्षेत्र विकास योजना,,मुख्यमंत्री जन भागीदारी, मुख्यमंत्री जिला नवाचार निधि योजना, महात्मा गांधी आदर्श ग्राम योजना एवं सांसद आदर्श ग्राम योजना, एवं महात्मा गांधी जन भागीदारी विकास योजना की भी समीक्षा की व अधिकारियों को निर्देश दिए। शासन सचिव ग्रामीण विकास केकेपाठक ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से ग्रामीण विकास विभाग के विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी।
बैठक में मनरेगा आयुक्त अभिषेक भगोतिया, शासन उप सचिव गोपाल सिंह सहित ग्रामीण विकास के विभाग के प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।

जयपुर. कोरोना की विषम परिस्थितियों में सफाईकर्मियों ने बेहतर तरीके से काम किया। शहर को साफ रखकर कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोका। इनके प्रयासों की जितनी सराहना की जाए कम है। यह कहना है है राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की सदस्य अंजना पंवार का। वे गुरुवार को ग्रेटर नगर निगम मुख्यालय पहुंचीं। ईसी हॉल में हुए कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत का सपना सही मायने में तब ही पूरा होगा जब अधिकारी सफाई कर्मचारियों की समस्या का समाधान मन से करते हुए उन्हें तत्काल राहत प्रदान करेंगे।
बैठक में जिला कलक्टर अंतर सिंह नेहरा, आयुक्त यज्ञमित्र सिंह देव सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

ये निर्देश दिए
—पंवार ने सफाई कर्मचारियों की पदोन्नति और अनुकम्पा नियुक्ति के मामलों का एक माह की तय समय सीमा में निस्तारण करने के निर्देश दिए।
—सफाई कर्मचारियों के लिए हर तीन माह में विशेष कैम्प लगाकर स्वास्थ्य परीक्षण करवाया जाए।
—निगम के हाजरीगाहों में महिला सफाई कर्मचारियों के लिये चैजिंग रूम की व्यवस्था करवाई जाए।
—सफाई कर्मचारियों के रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती करवाने के प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजने के निर्देश भी दिए।

जयपुर. शहर के प्रमुख बाजारों में से एक एमआइ रोड पर पिछले सात दिन से स्ट्रीट लाइट बंद हैं। स्थानीय व्यापारी लगातार शिकायत कर रहे हैं, लेकिन सुनवाई करने की बजाय सीमा विवाद खड़ा हो गया है। हैरिटेज नगर निगम के विद्युत शाखा के अधिकारियों का कहना है कि ग्रेटर निगम की टीम सही करेगी। एमआइ रोड व्यापार मंडल के महासचिव सुरेश सैनी ने बताया कि गुरुवार को ग्रेटर महापौर शील धाभाई से बात की तो उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र हैरिटेज निगम में आता है। सैनी ने बताया कि यह वार्ड 150 का हिस्सा है, इसके बाद भी ग्रेटर नगर निगम लाइट सही नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि वैशाली नगर में चोरी होने के बाद व्यापारियों में डर है।
इधर, ग्रेटर निगम विद्युत शाखा के अधिकारियों का कहना है कि गुरुवार को जेवीवीएनएल की आपूर्ति ठप थी। इस वजह से लाइट नहीं आ रही। सात दिन से स्ट्रीट लाइट न जलने की कोई जानकारी नहीं है।

स्मार्ट सिटी : बदलती 'योजना', सपना अधूरा

— समस्या बरकरार, नए कामों पर फोकस
— 9 बाजार बनाने थे स्मार्ट, सरकार बदली तो अटका काम
— चारदीवारी के दो ही बाजार बन पाए आधे—अधूरे स्मार्ट
— जो काम हुए, उन पर उठने लगे सवाल

जयपुर। राजधानी का स्मार्ट सिटी (Smart City) बनने का सपना 'राजनीति' के चलते पूरा होता नजर नहीं आ रहा है। राज्य में कांग्रेस की सरकार बनते ही स्मार्ट सिटी के कामों की योजना बदलती गई। जयपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड (Jaipur Smart City Limited) ने चारदीवारी के 9 बाजारों को स्मार्ट बाजार बनाने की योजना बनाई। दो बाजारों में स्मार्ट रोड का काम भी शुरू हुआ, लेकिन प्रदेश में सरकार बदलते ही स्मार्ट बाजार का सपना दो बाजार तक ही अटक कर रह गया। अब दो बाजार भी पूरी तरह से स्मार्ट नहीं हो पा रहे है। वहीं अब स्मार्ट सिटी में स्वतंत्र निेदेशकों की नियुक्ति को केन्द्र के स्थगित कर दिया है।

गुलाबी शहर को स्मार्ट सिटी के शामिल होने के बाद खासकर परकोटे के लोगों को सुविधाओं का विस्तार होने की उम्मीद जगी। स्मार्ट सिटी के तहत किशनपोल बाजार को सबसे पहले स्मार्ट बाजार बनाने का काम शुरू हुआ, लेकिन बाजार में व्यापारियों के साथ यहां आने वालों को आज भी स्मार्ट सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। वहीं दूसरा स्मार्ट बनाने के लिए चांदपोल बाजार में काम शुरू हुआ। दोनों बाजारों में स्मार्ट बाजार के नाम पर सिर्फ सीसी रोड बना दी गई, नए लाइट पोल लगा दिए गए। इनमें आधा—अधूरा काम हुआ। बाजार में आज भी समस्या बरकरार है। हकीकत में बाजार में आज भी कचरा डिपो बने हुए है। दोपहर तक इन डिपो पर कचरा पड़ा रहता हैं।


हाल ए किशनपोल
काम हुए
— स्मार्ट रोड के नाम पर सीसी सड़क बनाई गई।
— बाजार में फुटपाथ बना दिए गए, दुकानों के बाहर गार्डन बना पौधे लगा दिए।
— वाईफाई सुविधा शुरू की, लेकिन फिर से बंद हो गई।

काम अधूरे
— वाईफाई का काम अधूरा
— बरामदों की मरम्मत का काम अधूरा
— पार्किंग व्यवस्था ठीक नहीं हुई

ये बने परेशानी, व्यापारी चाहते है हल
— पानी निकासी की सही व्यवस्था नहीं, बारिश में बरामदों में भर रहा पानी
— बाजार में महाराजा स्कूल के बाहर, खूंटेटा का रास्ता के नुक्कड, नमक मंडी के बाहर सड़क पर भर रहा पानी
— बाजार में टॉयलेट नहीं बने
— पार्किंग व्यवस्था नहीं होने से तीन—तीन दिन तक बाजार में गाड़ियां खड़ी रहती है।
— बाजार में 3 जगह कचरा डिपो बने हुए है, जो हटने चाहिए

हाल ए चांदपोल
काम हुए :
— स्मार्ट बाजार के नाम पर सिर्फ सीसी रोड बनी
— लाइट के हेरिटेज लुक के पोल लगाए गए
— डिवाइडर पर रैलिंग लगा कर कलर किया

काम अधूरे
— वाइफाई का काम अधूरा
— कैमरे लगाए, लेकिन अभी चालू नहीं
— पार्किंग के स्थान तय नहीं, एलइडी बोर्ड भी नहीं लगाए गए।
— बरामदों में लाइटिंग का काम अधूरा, बिजली के तार खुले पड़े हैं
— बरामदों की मरम्मत का काम अधूरा
— बाजार में ड्रेनेज का काम अधूरा

ये बने परेशानी, व्यापारी चाहते है हल
— बाजार में 4 जगह कचरा डिपो, जो हटने चाहिए
— ई रिक्शाओं की संख्या निर्धारित होनी चाहिए, एक ही कलर के ई—रिक्शा होने चाहिए
— बाजारों में लो फ्लोर बसें बंद होनी चाहिए

इनका भी पूरा लाभ नहीं
— स्मार्ट सिटी के तहत परकोटे के बरामदों की मरम्मत का काम चल रहा है, लेकिन काम की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे है। मरम्मत के बाद भी बारिश में बरामदें टपकने लगे।
— स्मार्ट टॉयलेट बनाए गए, लेकिन पानी का पर्याप्त इंतजाम नहीं कर पाए, अधिकतर टॉयलेट बंद पड़े।
— बाजार में फसाड़ वर्क हुआ, लेकिन पहली ही बारिश ने फसाड़ वर्क को फीका कर दिया।
— डब्ल्यूटीपी के पास नाले पर कियोस्क बनाए गए, लेकिन अभी तक उनका उपयोग नहीं किया गया।

स्मार्ट सिटी : बदलती 'योजना', सपना अधूरा

— समस्या बरकरार, नए कामों पर फोकस
— 9 बाजार बनाने थे स्मार्ट, सरकार बदली तो अटका काम
— चारदीवारी के दो ही बाजार बन पाए आधे—अधूरे स्मार्ट
— जो काम हुए, उन पर उठने लगे सवाल

जयपुर। राजधानी का स्मार्ट सिटी (Smart City) बनने का सपना 'राजनीति' के चलते पूरा होता नजर नहीं आ रहा है। राज्य में कांग्रेस की सरकार बनते ही स्मार्ट सिटी के कामों की योजना बदलती गई। जयपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड (Jaipur Smart City Limited) ने चारदीवारी के 9 बाजारों को स्मार्ट बाजार बनाने की योजना बनाई। दो बाजारों में स्मार्ट रोड का काम भी शुरू हुआ, लेकिन प्रदेश में सरकार बदलते ही स्मार्ट बाजार का सपना दो बाजार तक ही अटक कर रह गया। अब दो बाजार भी पूरी तरह से स्मार्ट नहीं हो पा रहे है। वहीं अब स्मार्ट सिटी में स्वतंत्र निेदेशकों की नियुक्ति को केन्द्र के स्थगित कर दिया है।

गुलाबी शहर को स्मार्ट सिटी के शामिल होने के बाद खासकर परकोटे के लोगों को सुविधाओं का विस्तार होने की उम्मीद जगी। स्मार्ट सिटी के तहत किशनपोल बाजार को सबसे पहले स्मार्ट बाजार बनाने का काम शुरू हुआ, लेकिन बाजार में व्यापारियों के साथ यहां आने वालों को आज भी स्मार्ट सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। वहीं दूसरा स्मार्ट बनाने के लिए चांदपोल बाजार में काम शुरू हुआ। दोनों बाजारों में स्मार्ट बाजार के नाम पर सिर्फ सीसी रोड बना दी गई, नए लाइट पोल लगा दिए गए। इनमें आधा—अधूरा काम हुआ। बाजार में आज भी समस्या बरकरार है। हकीकत में बाजार में आज भी कचरा डिपो बने हुए है। दोपहर तक इन डिपो पर कचरा पड़ा रहता हैं।


हाल ए किशनपोल
काम हुए
— स्मार्ट रोड के नाम पर सीसी सड़क बनाई गई।
— बाजार में फुटपाथ बना दिए गए, दुकानों के बाहर गार्डन बना पौधे लगा दिए।
— वाईफाई सुविधा शुरू की, लेकिन फिर से बंद हो गई।

काम अधूरे
— वाईफाई का काम अधूरा
— बरामदों की मरम्मत का काम अधूरा
— पार्किंग व्यवस्था ठीक नहीं हुई

ये बने परेशानी, व्यापारी चाहते है हल
— पानी निकासी की सही व्यवस्था नहीं, बारिश में बरामदों में भर रहा पानी
— बाजार में महाराजा स्कूल के बाहर, खूंटेटा का रास्ता के नुक्कड, नमक मंडी के बाहर सड़क पर भर रहा पानी
— बाजार में टॉयलेट नहीं बने
— पार्किंग व्यवस्था नहीं होने से तीन—तीन दिन तक बाजार में गाड़ियां खड़ी रहती है।
— बाजार में 3 जगह कचरा डिपो बने हुए है, जो हटने चाहिए

हाल ए चांदपोल
काम हुए :
— स्मार्ट बाजार के नाम पर सिर्फ सीसी रोड बनी
— लाइट के हेरिटेज लुक के पोल लगाए गए
— डिवाइडर पर रैलिंग लगा कर कलर किया

काम अधूरे
— वाइफाई का काम अधूरा
— कैमरे लगाए, लेकिन अभी चालू नहीं
— पार्किंग के स्थान तय नहीं, एलइडी बोर्ड भी नहीं लगाए गए।
— बरामदों में लाइटिंग का काम अधूरा, बिजली के तार खुले पड़े हैं
— बरामदों की मरम्मत का काम अधूरा
— बाजार में ड्रेनेज का काम अधूरा

ये बने परेशानी, व्यापारी चाहते है हल
— बाजार में 4 जगह कचरा डिपो, जो हटने चाहिए
— ई रिक्शाओं की संख्या निर्धारित होनी चाहिए, एक ही कलर के ई—रिक्शा होने चाहिए
— बाजारों में लो फ्लोर बसें बंद होनी चाहिए

इनका भी पूरा लाभ नहीं
— स्मार्ट सिटी के तहत परकोटे के बरामदों की मरम्मत का काम चल रहा है, लेकिन काम की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे है। मरम्मत के बाद भी बारिश में बरामदें टपकने लगे।
— स्मार्ट टॉयलेट बनाए गए, लेकिन पानी का पर्याप्त इंतजाम नहीं कर पाए, अधिकतर टॉयलेट बंद पड़े।
— बाजार में फसाड़ वर्क हुआ, लेकिन पहली ही बारिश ने फसाड़ वर्क को फीका कर दिया।
— डब्ल्यूटीपी के पास नाले पर कियोस्क बनाए गए, लेकिन अभी तक उनका उपयोग नहीं किया गया।

नगर निगम पहुंचे मुख्य सचेतक, बनी सहमति
— हेरिटेज नगर निगम में सफाई कर्मचारियों की सभा
— सफाई कर्मियों की लंबित 8 सूत्रीय मांगों को हेरिटेज निगम प्रशासन माना
— सर्वश्रेष्ठ सफाई कर्मचारी को करेंगे सम्मानित और पुरस्कृत

जयपुर। सफाई कर्मचारियों (sweepers) ने अपनी 8 सूत्रीय मांग पत्र को लेकर गुरुवार केा हेरिटेज नगर निगम मुख्यालय (Heritage Municipal Corporation) में सभा की। इस बीच मुख्य सचेतक महेश जोशी भी सभा स्थल पहुंचे। इसके बाद नगर निगम प्रशासन और सफाई कर्मचारियों के बीच 7 सूत्रीय मांग पत्र पर सहमति हुई। इस दौरान सफाई कर्मचारियों को सफाई के अतिरिक्त अन्य कार्यों में नहीं लगाने और सर्वश्रेष्ठ सफाई कर्मचारी को सम्मानित और पुरस्कृत (rewarded) करने पर सहमति बनी।

संयुक्त वाल्मीकि एवं सफाइ श्रमिक संघ के नेतृत्व में सफाई कर्मचारियों ने अपनी 7 सूत्रीय मांगों को लेकर हेरिटेज निगम मुख्यालय में सभा की। इस दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगे नहीं मानने पर आंदोलन की चेतावनी दी। संघ के संरक्षक व मुख्य सचेतक महेश जोशी ने निगम मुख्यालय पहुंच कर महापौर मुनेश गुर्जर से वार्ता की। इसके बाद सफाई कर्मचारियों की सभा के बीच गए और नगर निगम प्रशासन व सफाई कर्मचारियों में सहमति करवाई। इस बीच सफाई कर्मचारियों को अन्य कामों से हटाकर सफाई कार्य में लगाने, स्थाईकरण हुए सफाई कर्मचारियों का बढ़ा हुआ वेतन मान देने, जीपीएस से संबंधित भुगतान करने और समर्पित अवकाश का भुगतान करने जैसी मांगों पर सहमति बनी। संघ के अध्यक्ष नंदकिशोर डंडोरिया ने बताया कि नगर निगम प्रशासन ने सफाई कर्मचारियों की मांगे मान ली है।

महापौर मुनेश गुर्जर ने बताया कि सफाई कर्मचारियों की जायज मांगों पर सहमति बन गई है। कुछ मांगों का निस्तारण अभी कर दिया है, बाकि की जैसे—जैसे बजट आएगा, निस्तारण कर दिया जाएगा।

जयपुर। मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की सुगबुगाहट के बीच प्रदेश के 6 जिलों में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव की घोषणा से अब मंत्रिमंडल फेरबदल विस्तार पर संशय के बादल मंडराने लगे हैं। अब मंत्रिमंडल विस्तार होगा या नहीं, इसे लेकर कांग्रेस के सियासी गलियारों में चर्चा चल पड़ी है।

दरअसल चर्चा इस बात की है कि आचार संहिता लागू होने के बाद क्या मंत्रिमंडल होगा या फिर इसे चुनाव तक टाला जाएगा। हालांकि जानकारों की माने तो राजस्थान अमुमन चुनाव के बीच अधिकांश समय सरकारों ने मंत्रिमंडल विस्तार को टालना ही उचित समझा है।

संवैधानिक बाध्यता नहीं
हालांकि जिला परिषद पंचायत चुनाव के चलते लागू की गई आचार संहिता के बीच मंत्रिमंडल नहीं करने को लेकर कोई संवैधानिक बाध्यता नहीं है, सरकार की इच्छा हो तो मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल कर सकते गहैं लेकिन राजस्थान में विधानसभा उपचुनाव हो या फिर पंचायतों और निकायों के चुनाव, आचार संहिता की पालना के चलते अभी तक मंत्रिमंडल विस्तार टाला ही गया है।

मंत्रिमंडल विस्तार पर विपक्ष उठा सकता है सवाल
दऱअसल पंचायत चुनाव के बीच मंत्रिमंडल विस्तार या फेरबदल होता है और संबंधित चुनाव वाले जिलों से विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाता है तो विपक्ष कांग्रेस पार्टी पर चुनाव में फायदा लेने के आरोप लगाते हुए सवाल खड़े कर सकता है।

सरकार के सामने ये भी परेशानी
बताया जाता है कि आचार संहिता के बीच मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल किया जाता है तो इससे कांग्रेस पार्टी और सरकार के लिए परेशानी भी खड़ी हो सकती है, दरअसल मंत्रिमंडल से बाहर किए जाने वाले मंत्री अगर चुनाव से संबंधित जिलों से हुए तो जिला परिषद और पंचायत चुनाव में पार्टी को इसका खमियाजा भुगतना पड़ सकता है।

अब कांग्रेस आलाकमान को करना है फैसला
इधर मंत्रिमंडल विस्तार किया जाए या नहीं इस पर अब अंतिम मुहर कांग्रेस आलाकमान को ही करनी है। अगर कांग्रेस आलाकमान पंचायत जिला परिषद चुनाव के बीच मंत्रिमंडल विस्तार को हरी झंडी देता है तो फिर मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है।

चुनाव घोषित होने से इन मंत्रियों को राहत
इधर पंचायत जिला परिषद चुनाव की घोषणा से उन मंत्रियों को राहत मिली है जिन पर मंत्रिमंडल से बाहर होने की तलवार लटकी हुई थी, इनमें जयपुर जिले से प्रताप सिंह खाचरियावास ,लालचंद कटारिया, दौसा से ममता भूपेश और भरतपुर से सुभाष गर्ग जैसे नाम प्रमुख हैं। गौरतलब है कि राज्य निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को भरतपुर, दौसा, जयपुर, जोधपुर, सवाईमाधोपुर और सिरोही में पंचायत और जिला परिषद चुनाव की घोषणा की है। पंचायत और जिला परिषद तीन चरणों में होंगे।


जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय में पिछले 11 साल अटके शिक्षकों के प्रमोशन का एक बार फिर रास्ता सरकार ने खोल दिया है। सरकार ने इसके लिए अब 30 सितंबर तक का समय दिया है। हालांकिविश्वविद्यालय ने दिसंबर का समय मांगा था। अब विश्वविद्यालय को 30 सितंबर से पहले सालों से अटके शिक्षकों के प्रमोशन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। यह विश्वविद्यालय के सामने चुनौती होगी। कारण है कि डेढ़ साल पहले भी सरकार ने समय दिया था। लेकिन विश्वविद्यालय इस दौरान प्रमोशन का काम नही कर पाई। विश्वविद्यालय में 272 शिक्षकों के प्रमोशन होने हैं।
गौरतलब है कि विश्वविद्यालय में 2012 में जो पदोन्नति प्रक्रिया शुरू की गई थी। वह यूजीसी के विनियम 2010 के अनुसार शुरू हुई थी। लेकिन इसके बाद यूजीसी की ओर से पदोन्नति के लिए विनियम 2018 जारी किया गया। इतना ही नहीं, अगस्त 2020 में सरकार ने इसे लागू करने के लिए विश्वविद्यालय को निर्देश भी दिए हैं, लेकिन इसे अपनाए बिना ही विनियम 2010 के अनुसार पदोन्नति प्रक्रिया की जा रही थी। इस पर आपत्ति दर्ज करवाई गई थी।
विशेषज्ञों का राय : यूजीसी के रेगुलेशन के विपरित
विशेषज्ञों का तर्क है कि हालांकि सरकार ने 30 सितंबर का समय दिया है। लेकिन यह यूजीसी की रेगुलेशन के विपरित है। यूजीसी के 2018 के रेगुलेशन में कहा गया कि पहले पात्र हुए शिक्षकों को उसी आधार पर पदोन्नति दी जा सकती है, लेकिन यूजीसी ने तीन साल की अवधि में इसे पूरा करने का प्रावधान किया था जो कि 18 जुलाई को समाप्त हो गया। लेकिन राज्य सरकार यूजीसी के समय सीमा के मामलों में संशोधन कर सकती है या नहीं। इस पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

15 अगस्त को घर-घर लहराएंगे तिरंगा, पायलट ने शुरू किया अभियान
— मेरा तिरंगा-मेरा गौरव अभियान शुरू
— पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने किया अभियान शुरू
— संस्कृति युवा संस्था की ओर से चलाया जाएगा अभियान
— 10 हजार परिवारों को निशुल्क बांटेंगे तिरंगा


जयपुर। 15 अगस्त (August 15) को घर—घर तिरंगा लहराने के लिए 'मेरा तिरंगा-मेरा गौरव अभियान' शुरू किया गया। इस अभियान की शुरुआत गुरुवार को पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट (Former Deputy Chief Minister Sachin Pilot) ने की। इस अवसर पर सचिन पायलट ने कहा है कि मेरा तिरंगा-मेरा गौरव अभियान में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी हो।
संस्कृति युवा संस्था के अध्यक्ष व तिरंगा अभियान के संयोजक पं. सुरेश मिश्रा ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस बार भी 'मेरा तिरंगा-मेरा गौरव' अभियान चलाया जाएगा। कोरोना काल में सार्वजनिक कार्यक्रम कम हो रहे हैं। ऐसी परिस्थिति मे जयपुर शहर में हर घर पर तिरंगा लहराए, इसलिए शहर में 10 हजार परिवारों को निशुल्क तिरंगा वितरित किया जाएगा। इस अभियान से जुड़ने के लिए संस्कृति युवा संस्था के प्रधान कार्यालय पंचवटी झखोरेष्वर मार्ग बनीपार्क जयपुर पर भी संपर्क किया जा सकता है। इस अवसर पर सर्व ब्राह्मण महासभा के युवा प्रदेश अध्यक्ष संदीप भातरा, पूर्व पार्षद मुकेश शर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

जयपुर. अपनी बाइक को कस्टमाइज कर बेचने के साथ ऑटोमोबाइल सेक्टर में शुरू किया बिजनेस कैसे 1.27 करोड़ की बेंटले कॉन्टिनेंटल बेचने तक पहुंच गया। इस कहानी के गवाह बने हैं मंजिल पठान। 30 साल की उम्र में मंजिल बिजनेस की दुनिया में बुद्धिमानी औ कुशलता से अपनी व्यापार क संचालन कर रहे हैं।

बचपन से ही मंजिल को कारों में दिलचस्पी थी। उन्होंने बताया कि मुझे बचपन से ही बाइक और उससे ज्यादा कारों का बहुत शौक था। कार को मूल रूप से अलग लुक्स देकर उन्हें बेचने के विचार में कुछ और नए आइडिया लागू किये और अपने बिजनेस को हिट किया। 2013 में, उन्होंने हैदराबाद में अपनी दूसरी शाखा खोली, वाहनों के लिए वर्कशॉप का आयोजन किया और उन्हें प्रॉफिट के साथ बेच दिया। मंजिल पठान कस्टम कार व्हील स्टूडियो के चहेते बन गए। मंजिल कहते हैं कि सीसीडब्ल्यूएस की सबसे बड़ी यूएसपी कार वर्कशॉप का कस्टमाइजेशन है जो पुरानी कारों को लुभावनी लुक देता है। प्रत्येक बिक्री से पहले कारों को गुणवत्ता जांच के 150 चरणों से गुजरना पड़ता है।

वर्ष 2007 में, उन्होंने टाटा स्काई के साथ मार्केटिंग प्रोफेशनल के रूप में काम करना शुरू किया। उन्होंने साबित किया कि झिझक शून्य सफलता लाती है और कोई भी काम छोटा नहीं होता। प्रत्येक मंच आपके व्यक्तित्व को सुधारता है और आपको एक नए क्षेत्र में बढ़ाने के लिए नए विचार उत्पन्न करता है। उन्होंने कम उम्र में ही काम करना शुरू कर दिया था और व्यापार जगत के बारे में कई खास बातें सीखी थीं। उत्कृष्ट अनुभव और क्षेत्र में अपने जुनून के साथ, उन्होंने अपना खुद का उद्यम बनाने का एहसास किया।

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अनुराग त्रिवेदी जयपुर. इंडिया के खिलाड़ी टोक्यो ओलंपिक में पदक जीतकर देश का मान बढ़ा रहे हैं। ऐसा ही मान शहर के डाक टिकट संग्रहणकर्ता जतनमल ढोर ने भी बढ़ाया था। 1983 में बैंकॉक में आयोजित डाक टिकट आलंपिक में कास्य जीता था। जतनमल ने बताया कि अजमेर के टिक इतिहास को लेकर कांस्य जीता था और न्यूजीलैंड में लार्ज सिल्वर मैडल प्राप्त हुआ। उन्होंने बताया कि अब तक लाखों डाक टिक का संग्रह किया जा चुका है। अजमेर का डाक इतिहास सन १८२० से १९४७ तक नामक पुस्तक को भी लिख चुका हूं और इसे इंटरनेशनल लेवल पर कई पदक मिल चुके हैं। उन्होंने बताया कि ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए भी कई तरह के डाक टिक संग्रह किए हुए हैं।

आजादी से पहले के डाक टिकट

उन्होंने बताया कि भारत की आजादी से पहले के और आजादी के बाद के कई विषयों के डाक टिकट मेरे पास उपलब्ध है। डाक टिकटों में सन १८५२ में सिंध प्रांत से जारी पहला डाक टिक और सन १८५४ में भारत से जारी पहले चार डाक टिक जिनमें आधा आना, एक आना, दो आना और चार आने का टिकट भी मौजूद है। इनमें अमरीका, ऑस्ट्रेलिया, इंगलैंड, फ्रांस, जर्मनी, इटली, हॉन्गकॉन्ग, स्पिटरलैंड, थाईलैंड के डाक टिकट भी संग्रह में शामिल है।

सिक्कों का संग्रह

ढोर को सिक्कों को संग्रह करने का भी शौक है। इनके पास सिक्कों में विशेष रूप से मुगलकाल से शाहजहां, औरंगजेब, अकबर, जहांगीर, शाहआलम और ब्रिटिशकाल में महारानी विक्टोरिया, एडवर्ड सप्तम, जार्ज पंचम, जार्ज षष्टम और स्वाधीन भारत से लेकर वर्तमान तक के हजारों सिक्के मौजूद हैं।

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अहमदाबाद. देश की अग्रणी फार्मास्युटिकल कंपनी में से एक एमक्योर फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड अपने इंजेक्टेबल मैन्यूफेक्चरिंग बिजनेस पर पूरा फोकस कर रही है। कंपनी ने इनोवेशन पर अपना ध्यान केंद्रित करते हुए फरवरी 2018 में साणंद के पास अपनी उन्नत इंजेक्टेबल मैन्यूफेक्चरिंग फेसिलिटी शुरू थी, जिससे ब्रांड के लिए कई गुना क्षमता वृद्धि हो सके। इस सुविधा में तीन प्रोडक्शन लाइनें हैं। एमक्योर फार्मा के एमडी सतीश मेहता ने कहा, 'साणंद प्लांट हमारी विश्व स्तरीय सुविधाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य इंजेक्टेबल कैटेगरी में प्रभावी लागत प्रबंधन सुनिश्चित करना है। भारत के लिए आवश्यकताओं को पूरा करने के अलावा, इस सुविधा में निर्मित उत्पादों को संयुक्त राज्य अमेरिका, यूरोप, यूके और कनाडा सहित दुनिया भर के विभिन्न देशों में भी आपूर्ति की जाती है। यह विनिर्माण और इंजीनियरिंग जैसे कार्यों में 300 से अधिक कुशल कर्मचारियों को रोजगार देता है, और 100 से अधिक सदस्यों के साथ इसकी एक मजबूत गुणवत्ता नियंत्रण टीम भी है जो लगातार सभी जांचों का पर्यवेक्षण और पूरा करती है।

तीन प्रोडक्शन लाइनें
अनुभवी और योग्य प्रबंधन जैसे डॉ. दीपक गोंडालिया (प्रेसीडेंट, इंटरनेशनल मैन्यूफेक्चरिंग) और इजाबेला माजिक (सीनियर वाइस प्रेसीडेंट) के नेतृत्व में साणंद प्लांट में तीन प्रोडक्शन लाइनें हैं। इनमें से दो प्रोडक्शन लाइनों का उपयोग टर्मिनली स्टरलाइज्ड प्रोडक्ट्स की मैन्यूफेक्चरिंग के लिए किया जाता है। तीसरी प्रोडक्शन लाइन उन्नत आइसोलेटर आधारित बैरियर तकनीक से लैस है जो लिक्विड और लियोफिलाइज्ड उत्पादों के निर्माण में सक्षम है।

जयपुर. टाटा स्टारबक्स प्राइवेट लिमिटेड ने जयपुर में अपने दो नए स्टोर की शुरुआत के साथ राजस्थान में अपने आगमन की घोषणा की। कंपनी के 19 शहरों में224 स्टोर्स हो गए हैं। यह दो नए स्टोर जयपुर में सी-स्कीम और मालवीय नगर में आेपन किए हैं। टाटा स्टारबक्स प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ सुशांत दाश ने कहा कि राजस्थान में हमारी शुरुआत टाटा स्टारबक्स के लिए बेहद गर्व का क्षण है। दोनों स्टोर्स में कंपनी ने शाही इतिहास और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने की कोशिश की है। स्टोर की आंतरिक सजावट में स्थानीय और विशेष रुप से तैयार किए गए कला के नमूनों को एकीकृत किया गया है। ब्रांड के सिग्नेचर मर्चेंडाइज के लिए एक बड़े क्षेत्र के साथ क्राफ्ट बार को अहम स्थान दिया गया है। वहीं आंतरिक सीटिंग रूम में 12 पॉटरी प्लेट्स शामिल किया गया। अंदर के बैंक्वेट एरिया में एक राजस्थानी टेक्स्टाइल इस्टॉलेशन मौजूद है जिसे जयपुर स्थित कारीगरों ने अपने हाथों से बनाया गया है। नए स्टारबक्स स्टोर्स ग्राहकों को स्टारबक्स बीवरेज की एक विस्तृत रेंज पेश करते हैं, जिसमें ऑलटाइम फेवरेट, जैसे कि कैफे मोचा, जावा चिप फ्रापुचिनो, सिग्नेचर हॉट चॉकलेट और कैरामेल मैकिएटो शामिल हैं।

जयपुर। वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बावजूद शुक्रवार को देश में पेट्रोल के दाम लगातार 20वें दिन नहीं बदले। डीजल के मूल्य में भी लगातार 21वें दिन कोई बदलाव नहीं किया गया। इससे पहले शनिवार (17 जुलाई) को कंपनियों ने पेट्रोल के दाम 31 पैसे बढ़ाए थे और डीजल के दामों में स्थिरता रखी थी। जयपुर में अभी पेट्रोल 108.71 रुपए प्रति लीटर और डीजल 99.02 रुपए प्रति लीटर है। 30 जुलाई को समाप्त सप्ताह में अमेरिका के तेल भंडार में वृद्धि होने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की जा रही है। पेट्रोल-डीजल के मूल्यों की रोजाना समीक्षा होती है और उसके आधार पर हर दिन सुबह छह बजे से नई कीमतें लागू की जाती हैं। इस साल कंपनियों ने 67वीं बार बढ़े पेट्रोल के दाम बढ़ाए है। इस बढ़ोतरी के बाद जुलाई माह के 17 दिनों में ही जयपुर में पेट्रोल 3.17 रुपए महंगा हो चुका है, जबकि डीजल के दाम 73 पैसे बढ़ चुके हैं। इस तरह साल 2021 में डीजल के दाम 63 बार बढ़े हैं, तो 5 बार कम भी हुए हैं और पेट्रोल के दाम 67 बार बढ़ चुके हैं और 5 बार कम हो चुके हैं। तेल कंपनियों ने 67 बार में पेट्रोल के दाम 20.14 रुपए प्रति लीटर बढ़ा दिए हैं और 63 बार में 18.71 रुपए की बढ़ोतरी डीजल के भावों में की है। साथ ही 5 बार में पेट्रोल के दाम 95 पैसे घटाए भी हैं और पांच बार में डीजल के दाम भी 92 पैसे घटाए हैं।
देश के महानगरों में पेट्रोल-डीजल का हाल
दिल्ली में पेट्रोल के दाम 101.84 रुपए व डीजल के दाम ८9.87 रुपए प्रति लीटर, मुंबई में पेट्रोल 107.83 रुपए व डीजल के दाम 97.45 रुपए प्रति लीटर, कोलकाता में पेट्रोल 102.08 रुपए और डीजल 93.02 रुपए प्रति लीटर, चेन्नई में पेट्रोल 102.49 रुपए और डीजल के दाम 94.39 रुपए प्रति लीटर पहुंच गए।
प्रति दिन छह बजे बदलती है कीमत
बता दें कि प्रति दिन सुबह छह बजे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है। सुबह छह बजे से ही नई दरें लागू हो जाती हैं। पेट्रोल व डीजल के दाम में कीमत में एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और अन्य चीजें जोडऩे के बाद इसका दाम लगभग दोगुना हो जाता है।
जानिए आपके शहर में कितना है दाम
पेट्रोल-डीजल की कीमत आप एसएमएस के जरिए जान सकते हैं। इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार, आपको आरएसपी और अपने शहर का कोड लिखकर 9224992249 नंबर पर भेजना होगा। हर शहर का कोड अलग-अलग है, जो आपको आईओसीएल की वेबसाइट से मिल जाएगा।

जयपुर। राज्य में छह जिलों में पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के लिए चुनाव की घोषणा हो चुकी है और अब इन जिलों के कांग्रेस या निर्दलीय विधायक टिकट बांटने और उम्मीदवारों की जीत के लिए रणनीति बनाने में व्यस्त हो जाएंगे। विधायकों को यह चिंता भी सताने लगी हैं कि कहीं इन चुनावों में वे अपने इलाकों में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए तो उनकी ये खराब परफार्मेंस कहीं आगामी संभावित मंत्री बनने में आड़े न आ जाए।

नहीं लेंगे कोई रिस्क— चुनाव की घोषणा होने के बाद अब कांग्रेस पार्टी की ओर से उम्मीदवारों के चयन को लेकर प्रकिया शुरू कर दी जाएगी। इसमें पार्टी की ओर से प्रभारियों की नियुक्ति की जाएगी और वे जिलों में जाकर राय शुमारी कर विधायकों से राय लेंगे। माना जा रहा है कि पार्टी की ओर से टिकट वितरण में विधायकों की राय को प्रमुखता मिलेगी। ऐसे में विधायक भी कोशिश करेंगे कि मजबूत उम्मीदवार ही मैदान में जाए ताकि पार्टी चुनाव जीत सके। इन उम्मीदवारों की हार विधायकों के भविष्य का भी फैसला करेगी।

इन छह जिलों में होंगे चुनाव
प्रदेश के 6 जिलों भरतपुर, दौसा, जयपुर, जोधपुर, सवाईमाधोपुर, सिरोही के जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव की घोषणा कर दी गई है। 3 चरणों में होने वाने चुनाव के लिए 26 अगस्त, 29 अगस्त और 1 सितंबर को मतदान होगा, जबकि 4 सितंबर को संबंधित जिला मुख्यालयों पर मतगणना करवाई जाएगी। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही इन सभी 6 जिलों के जिला परिषद एवं पंचायत समिति निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचरण संहिता के प्रावधान तुरन्त प्रभाव से लागू हो गए हैं, जो चुनाव प्रक्रिया समाप्ति तक लागू रहेंगे।

चुनावी रैली और सभाओं पर प्रतिबंध—
कोविड-19 के संक्रमण को देखते हुए सब प्रकार की चुनावी रैली, आम सभाओं पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। उम्मीदवार केवल 5 समर्थकों के साथ घर-घर जाकर जनसंपर्क कर सकेंगे। वर्तमान हालात को देखते हुए मतदान के समय में बढ़ोतरी करते हुए मतदान का समय प्रातः 7.30 बजे से सायं 5.30 बजे तय किया गया है। इसके साथ ही नामांकन पत्रों को प्रस्तुत करने के लिए भी उम्मीदवार को 1 दिन अतिरिक्त दिया गया है, ताकि भीड़ से बचते हुए आवेदन किया जा सके।

11 अगस्त से नामांकन प्रांरभ —
तीनों चरणों के चुनाव के लिए 11 अगस्त को अधिसूचना जारी होगी। नामांकन 16 अगस्त तक 3 बजे तक पेश किए जा सकेंगे। 15 अगस्त को (रविवार) को नाम निर्देशन पत्र प्रस्तुुत नहीं होंगे। जांच 17 अगस्त को की जाएगी, जबकि 18 अगस्त अपरान्ह 3 बजे तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। नाम वापसी के तुरंत बाद चुनाव प्रतीकों का आवंटन एवं चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची का प्रकाशन कर दिया जाएगा। 4 सितंबर को जिला मुख्यालयों पर प्र्रातः 9 बजे से मतगणना प्रारंभ हो जाएगी। प्रमुख, प्रधान का चुनाव 6 सितंबर को जबकि उप प्रमुख, उप प्रधान का चुनाव 7 सितंबर को होगा।

कोविड दिशा-निर्देशों की होगी कड़ाई से पालना
चुनाव के दौरान केंद्र, राज्य सरकार और आयोग की कोविड गाइडलाइन की पूर्ण पालना की जाएगी। जिला निर्वाचन अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए हैं कि इन आम चुनाव में चुनाव कार्य, मतदान दलों में नियुक्त किए जाने वाले कार्मिकों को कोरोना वैक्सीन की कम से कम एक डोज लग चुकी हो। इसके लिए नियोजित किए जाने वाले कार्मिकों के लिए आवश्यकतानुसार प्राथमिकता के आधार पर शिविर का आयोजन कर उनका टीकाकरण किया जाए।

अभ्यर्थियों के लिए चुनाव खर्च सीमा—
उम्मीदवारों के लिए चुनाव के दौरान वाहनों एवं लाउडस्पीकरों के उपयोग के लिए युक्तियुक्त प्रतिबंध लगाए गए हैं। इनमें कट आउट, होर्डिग्स, पोस्टर एवं बैनरों के प्रदर्शन को कम करने के लिए जिला परिषद सदस्य 1,50 हजार रुपए और पंचायत समिति सदस्य 75 हजार रुपए खर्च कर सकेगा।

फैक्ट फाइल—
छह जिलों में चुनाव
77 लाख 94 हजार 3 सौ मतदाता
200 जिला परिषद सदस्य
1564 पंचायत समिति सदस्य
6 जिला प्रमुख, उप जिला प्रमुख
78 प्रधान, उप प्रधानों का चुनाव

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की आज नीति आयोग के साथ बैठक होगी। शाम 5 बजे वीसी के जरिए होने वाली मुख्यमंत्री गहलोत के साथ बैठक में नीति आयोग के सदस्य प्रो. रमेश चंद, वरिष्ठ सलाहकार डॉ. योगेश सूरी और सलाहकार राजनाथ राम भी शामिल होंगे। नीति आयोग के साथ मुख्यमंत्री की बैठक के लिए पूरी तैयारियां कर ली गई है। इसको लेकर कल आर्थिक सलाहकार परिषद की बैठक में भी कई बिंदुओं को लेकर विचार विमर्श किया गया था।

जीएसटी सहित कई बिंदु उठेंगे—
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कल भी बैठक में कहा था कि कोविड की विषम परिस्थितियों के कारण राजस्व अर्जन में गिरावट आई है। केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं में लगातार राज्यांश बढ़ने, केंद्र द्वारा जीएसटी क्षतिपूर्ति का पूर्ण भुगतान नहीं होने तथा 15वें वित्त आयोग में अनुमान से कम राशि का हस्तांतरण सहित कई कारणों से प्रदेश को जटिल राजकोषीय स्थिति से गुजरना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल है, जिसने राजस्व में बड़ी गिरावट के बावजूद अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए अपने खर्च में वृद्धि की है। साथ ही बजट घोषणाओं को पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूरा करने के प्रयास किए हैं। हमारा वर्तमान बजट स्वास्थ्य को समर्पित रहा और प्रदेश में चिकित्सा का आधारभूत ढांचा मजबूत हुआ। इसी प्रकार अगला बजट कृषि क्षेत्र को समर्पित होगा।

50 के बजाय 32 हजार करोड़ ही दिए—

मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि 15वें वित्त आयोग ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2020-21 के लिए राजस्थान को 50 हजार करोड़ रूपए देने का अनुमान लगाया था, लेकिन वास्तविक रूप से करीब 32 हजार करोड़ रूपए ही दिए। इसी प्रकार जीएसटी मुआवजे का भी केंद्र की ओर से पूरा भुगतान राज्यों को नहीं मिल रहा है। जल सहित विभिन्न परियोजनाओं में पहले केंद्र और राज्य का अनुपात 90ः10 होता था, जो अब 50ः50 पर आ गया है। पेट्रोल एवं डीजल पर करों के डिविजिबल पूल में से राज्यों को मिलने वाले हिस्से को भी लगातार कम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों का तत्काल समाधान आवश्यक है अन्यथा राज्यों के विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

जयपुर। प्रदेश में फोन टैपिंग के मामले में सीएम अशोक गहलोत के ओएसडी लाेकेश शर्मा की याचिका पर आज दिल्ली हाईकाेर्ट में सुनवाई हाेगी। इस मामले में दिल्ली हाईकाेर्ट ने दिल्ली क्राइम ब्रांच और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत काे भी अपना जवाब पेश करने के लिए कहा था। सूत्रों के अनुसार आज इनका जवाब आ सकता है और इस पर बहस हाे सकती है।

शेखावत ने दर्ज कराई थी एफआईआर—
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने टैपिंग कांड में दिल्ली क्राइम ब्रांच में लाेकेश शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। क्राइम ब्रांच ने लाेकेश काे पेश हाेने का नाेटिस दिया था। इस नाेटिस के खिलाफ लाेकेश शर्मा ने दिल्ली हाईकाेर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इसमें लोकेश शर्मा ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर निरस्त करने की मांग की थी। इस पर हाईकोर्ट ने छह अगस्त तक कोई भी कार्रवाई करने पर रोक लगा दी थी।

पिछले साल आया था सियासी भूचाल— राजस्थान की राजनीति में पिछले साल भूचाल आया था। उस वक्त तत्कालीन पीसीसी अध्यक्ष और डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने सीएम गहलोत के खिलाफ बगावत कर दी थी। पायलट अपने समर्थक विधायकों के साथ हरियाणा के मानेसर में चले गए थे और वहां कैंप कर लिया था। इस बीच एक आडियो टेप सामने आया था। इस आडियों टेप में दावा किया गया था कि इसमें गहलोत सरकार गिराने की साजिश को लेकर बातचीत चल रही है। इसमें विधायक भंवरलाल शर्मा, संजय जैन और शिकायतकर्ता के बीच की बातचीत का दावा किया गया था। शेखावत की ओर से ये भी कहा गया कि ये आडियों अवैध तरीके से रिकार्ड की गई और मुख्यमंत्री के ओएसडी लोकेश शर्मा ने इसे वायरल किया।

पायलट की चली गई कुर्सी— इस दौरान सचिन पायलट की कुर्सी चली गई और उन्हें उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद गंवाने पड़े। इस बगावत के बाद अगस्त 2020 के विधानसभा सत्र में भाजपा विधायक कालीचरण सराफ के सवाल का जवाब देते हुए सरकार ने फोन टैपिंग की बात स्वीकार की थी। इसको लेकर विपक्ष ने मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की थी। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने राज्य सरकार, सीएम के ओएसडी और पुलिस अफसरों के खिलाफ दिल्ली में एफआईआर दर्ज करवाई थी। इस एफआईआर में उन्होंने विधानसभा में मंत्री शांति धारीवाल के जवाब को आधार बनाया था। धारीवाल ने विधानसभा में स्वीकार किया था कि आडियो मुख्यमंत्री के ओएसडी ने वायरल किए थे।

जयपुर। प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बीते कई दिनों से हो रही लगातार भारी बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। इससे निपटने के लिए राहत और बचाव अभियान जारी है। इससे सबसे ज्यादा परेशानी आमजन को हो रही है।

मौसम विभाग के मुताबिक बीते 24 घंटों में झालावाड़, बारां, टोंक, कोटा और बूंदी के कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई। राज्य के अन्य कई इलाकों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश दर्ज की गई। प्रदेश के 19 जिलों को लेकर आगामी तीन घंटे के लिए मध्यम दर्जे से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया।

मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी मध्यप्रदेश के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अगले 24 घंटों में धीरे-धीरे कमजोर होगा। आगामी 24 घंटों में कोटा, बूंदी, टोंक, सवाईमाधोपुर, झालावाड़, बारां जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है।

बीते 24 घंटे में शुक्रवार सुबह तक बारां के छबडा में 112, अटरू में 90, किशनगंज में 87, बूंदी में 54, जयपुर के नरैना में 61, झालवाड के भीमसागर में 230, खानपुर में 172, मनोहरथाना में 166, असनवार में 160, अखलेरा में 115,कोटा के रामगंज मंडी में 74, सवाईमाधोपुर में 30, डीडवाना में 72, टोंक के देवली में 45, बीसलपुर डेम में 24 एमएम बारिश दर्ज की गई।

कई राहत कहीं बनी आफत
बारिश कई जगह राहत तो कई जगह आफत बनी हुई है। बारिश मारवाड़-शेखावाटी में राहत तो हाड़ौती में आफत बनी हुई है।कई रास्तों से संपर्क पूरी तरह से टूट चुका है। हाड़ौती में भारी बारिश से कई इलाकों में हालात बाढ़ के पैदा हो चुके हैं। बीते दिन जयपुर में छितराई बारिश के साथ मौसम सुहावना बना रहा।

वहीं आज सुबह से ही कई इलाकों में बूंदाबांदी का दौर जारी है। गुलाबी नगरी पर छाई घनघोर घटाएं बरसने को बेताब है। शुक्रवार सुबह तक बीसलपुर में बीते पांच दिन में 100 दिन से अधिक आपूर्ति का पाना आ चुका है। वहीं अब तक मानसूनी सीजन में कुल 105 सेंटीमीटर पानी की आवक यहां हो चुकी है। वहीं पानी की आवक लगातार जारी है। बांध का जलस्तर 310.58 आरएल मीटर पहुंच चुका है। बीते 24 घंटे में 16 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी आया है।

फसलों को भी नुकसान
बीते दिन झालावाड़ के कालीसिन्ध बांध में 15 मीटर ऊंचे पांच गेट खोलकर पानी की निकासी की गई। लगभग 64 हजार 549 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं भीमसागर डेम के भी 2 गेट खोले गए हैं। इसके साथ ही जयपुर, सीकर, नागौर, करौली, झालावाड़, अलवर और भरतपुर में फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। हालांकि किसानों को पीएम फसल बीमा योजना के तहत किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग भी की गई है।

अब धीरे-धीरे कम होगी बारिश
मौसम विभाग ने आगामी दिनों शुक्रवार से 19 अगस्त तक के लिए पूर्वानुमान जारी किया है। जिसके अनुसार अगले दो सप्ताह मानसून कमजोर रहेगा। बारिश में कमी आएगी। 7-10 अगस्त के दौरान पूर्वी राजस्थान के कुछ स्थानों पर हल्के से मध्यम बारिश होगी। पश्चिमी राजस्थान में छुटपुट स्थानों पर हल्के से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 11 अगस्त से आगामी एक सप्ताह के दौरान राज्य के अधिकांश भागों में बारिश की गतिविधियां कम होंगी। सप्ताह के दौरान पूर्वी राजस्थान में सामान्य के आस -पास एवं पश्चिमी राजस्थान में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है। 20 अगस्त के आसपास राज्य में पुन: बारिश हो सकती है।

जयपुर। बीसलपुर बांध में इस मानसून अब तक 105 सेंटीमीटर पानी की आवक हो चुकी है। जैसे-जैसे बांध का जलस्तर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे जयपुर और अजमेर को होने वाली पेयजल आपूर्ति के दिन भी बढ़ रहे हैं। बांध लबालब होता है तो लाखों लोगों को सालभर जमकर पानी दिया जा सकता है और यदि कमी रहती हो तो आगामी पेयजल आपूर्ति पर असर दिखाई दे सकता है। लेकिन अभी तक के आंकड़े बताते हैं कि बांध में इस मानसून आई बारिश से 100 दिन तक लोखों लोगों की प्यास बुझाई जाा सकती है। माानसून से पहले जलदाय विभाग का कहना था कि बांध का पानी नवंबर तक अजमेर और जयपुर की प्यास बुझा सकताा है। उधर, बांध के भराव क्षेत्र मे बह रही त्रिवेणी नदी लगातार चल रही है और बांध में धीरे-धीरे पानी आ रहा है।

बीसलपुर बांध का जलस्तर वर्तमान में 310.58 आरएल मीटर पहुंच गया है। पिछेले छह दिन से पानी की आवक बनी हुई है, हालाकि अभी भराव क्षेत्र में बारिश बंद हो चुकी है फिर भी त्रिवेणी 1.40 मीटर की ऊंचाई पर बह रही है। जिसके चलते माना जा रहा है कि त्रिवेणी से 20 सेंटीमीटर पानी और आ सकता है। उधर, मानसून को लेकर मौसम विभाग का कहना है कि अब कमजोर पड़ेगा। 11 से 20 अगस्त तक मानसून की गतिविधियां अति धीमी हो जाएंगी और 20 के बाद फिर से भारी बारिश होगी। बता दें कि वर्ष में बांध पर चादर चली थी और उस दौरान भी अगस्त में ही पानी की जमकर आवक हुई थी और सभी गेट खोलने पड़े थे। इस बार भी आस जग रही है कि 20 के बाद बांध में पानी की आवक तेजी के साथ बढ़ेगी।

12 ए क्लास बांधों के ठेके
प्रदेश में अच्छी बारिश और बांधों में पानी की लगातार आवक को देखते हुए मत्स्य विभाग ने गुरुवार को प्रदेश के 12 ए क्लास (बड़े) बांध के ठेके किए हैं। मत्स्य पालक विभाग संगठन राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष देवेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि राजस्थान के बांधोंं में इस मानसून पानी की आवक ज्यादा हो रही है जिससे मछली पालन अच्छा होने की उम्मीद है। जिन सूखे बांधों का पूर्व में ठेका हो चुका था, उनमें भी पानी आ रहा है ऐेसे में मत्स्य पालक की चिंता कुछ कम हो सकती है।

4 में अति भारी और 6 में भारी
मौसम विभाग की माने तो प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान 4 स्थानों पर अति भारी और 6 स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई है। झालावाड़ के खानपुर में सबसे अधिक 172 एमएम बारिश हुई। उधर, झालावाड़ के मनोहर थाना में 166, असनावर में 160, अकलेरा में 115 और झालावाड़ के ही पिड़ावा में 73 एमएम बारिश दर्ज की गई। इसी प्रकार बारां के छबड़ा में 112, अटरू में 90, किशनगंज में 87 और छीपाबड़ौद में 81 एमएम दर्ज की गई। कोटा की रामगंज मंडी में 74 और नागौर के डिडवाना में 72 एमएम बारिश दर्ज की गई।

जयपुर।

गुर्जर नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के स्वास्थ्य में सुधार है। बैंसला पिछले कुछ दिनों से पोस्ट कोविड के अलावा ह्रदय संबंधी बीमारी और सांस लेने में तकलीफ के कारण जयपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। उनके स्वास्थ्य में सुधार को लेकर उनके पुत्र व गुर्जर नेता विजय बैंसला ने जानकारी दी है।

विजय बैंसला ने कर्नल बैंसला के साथ की एक ताज़ा तस्वीर सोशल मीडिया पर भी साझा की है। पोस्ट में बताया आगया कि जल्द ही कर्नल बैंसला अस्पताल से डिस्चार्ज होकर सभी के बीच होंगे।

गौरतलब है कि जयपुर से पहले कर्नल बैंसला का हिंडौन के राजकीय अस्पतालके आईसीयू वार्ड में था। लेकिन स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने के चलते उन्हें चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद जयपुर रेफर कर दिया था।

जयपुर।

टोक्यो ओलंपिक में भारतीय खिलाड़ियों का मिला-जुला प्रदर्शन जारी है। इस बीच आज राजस्थान की बेटी भावना जाट महिला 20 किलोमीटर वॉक के फाइनल मुकाबले में अपनी दावेदारी पेश करने उतरेंगी। इस स्पर्धा का फाइनल मुकाबला आज भारतीय समयानुसार दोपहर 1 बजे होगा। लिहाज़ा ओलंपिक में पदक जीतकर देश का नाम रोशन करने से भावना अब बस चंद कदम दूरी पर हैं।

 

राजसमंद जिले के छोटे से काबरा गांव निवासी भावना जाट के आज के प्रदर्शन को लेकर न सिर्फ उनके परिवार या गांव के लोगों में उत्सुकता है बल्कि पूरे देश की निगाहें उनके पदक हासिल करने को लेकर उम्मीद लगाए हुए है।

 

गौरतलब है कि भावना ने स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (साई) के बेंगलुरु स्थित प्रशिक्षण केंद्र पर तैयारी की थी। 30 जून को वह टोक्यो के लिए रवाना हुई थीं। प्रतियोगिता में जाने से पहले भावना ने कहा था कि वह पहली बार सबसे बड़ी प्रतियोगिता में हिस्सा लेने जा रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि वह देशवासियों की उम्मीद पर खरा उतरेंगी।

 

ओलंपिक में चयन के साथ ही बनाया था नेशनल रिकॉर्ड
रांची में आयोजित सीनियर चैपियनशिप प्रतियोगिता में भावना जाट ने 20 किलोमीटर पैदल चाल को 1 घंटा 29 मिनिट 54 सेकंड में पूरी कर ओलंपिक 2021 में अपनी जगह निश्चित की थी। यही नहीं, इस अवधि में पैदल चाल पूर्ण कर राष्ट्र स्तर के रिकॉर्ड 1 घंटा 31 मिनिट को अपने नाम कर दिया।

 

काबरा की कई बेटियां भावना के नक्शे कदम पर बढ़ रहीं आगे
काबरा गांव की बेटियां स्लो रेस में पूरे जिले में आगे हैं। भावना के बाद यहां की कई बेटियों ने राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए पदक जीते हैं। इन खिलाडिय़ों में खेल का जज्बा पैदा करने वाले शारीरिक शिक्षक हीरालाल कुमावत ने बताया कि वर्ष 2008 से ही यहां की भावना जाट सहित सोनल सुखवाल, रानी सुखवाल, कविता शर्मा, गीता लौहार, पूजा जाट, वर्षा सुखवाल आदि ने राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर तक की प्रतियोगिता में अपना कौशल दिखाते हुए पदक जीते है।

 

जयपुर। राजस्थान में मानसून की भारी बारिश के बीच नदियां उफान पर हैं और बांधों में जमकर पानी की आवक हुई। इसी बीच सप्ताहभर चली भारी बारिश के दौरान में लम्बे समय से सूखे पड़े 140 बांध भी भर गए। यह बड़ी राहत भरी बात रही, क्योंकि पिछले दिनों हुए ठेकों में मत्स्य पालकों ने सूखे बड़े बांधों पर भी दाव खेला था। अब सूखे बांधों में पानी आया है तो मत्स्य पालकों को कमाई में कमाई की उम्मीद जगी है। हालाकि प्रदेश में 279 बांध अब भी सूखे पड़े हैं। उधर, पिछले साल के मुकाबले प्रदेश के बांधों में 10 प्रतिशत पानी की आवक ज्यादा हो चुकी है। उम्मीद है कि मानसून की रवानगी तक 20 प्रतिशत पानी ज्यादा आ सकता है।

मानसून की झमाझम बारिश के बीच प्रदेश में कई जगह बाढ़ के हालात बने। नदी-नालों में जमकर पानी आआ। ऐसे में बांधों को भी संजीवनी मिली। प्रदेश में छोटे-बड़े मिलाकर कुल 727 बांध हैं। 29 जुलाई तक प्रदेश के 419 बांध सूखे पड़े थे और मानसून की बारिश को लेकर भी ज्यादा आस नहीं थी। राजस्थान के आसपास कम दबाव का क्षेत्र बना और यहां जमकर बारिश शुरू हो गई। मानसून की महर के चलते सात दिन के भीतर 140 सूखे बांधों में भी पानी की आवक शुरू हो गई। पानी की आवक की बात करें तो 2 अगस्त तक 83 सूखे बांधों में पानी की आवक हुई। इसके बाद 3 अगस्त तक यह संंख्या 132 तक पहुंच गई और 5 अगस्त तक 140 सूखे बांधों में पानी आ गया। राजस्थान के लिए यह अच्छा संदेश माना जा रहा है। वर्तमान में 727 में से 279 बांध अब तक सूखे हैं। लेकिन उम्मीद है कि मानसून की बारिश में इनके भी भरने की संभावना है।

बांधों में अभी 51.89 प्रतिशत पानी

राजस्थान में पानी की अच्छी आवक के बीच बांधोंं में कुल भराव का 51.89 प्रतिशत पानी दर्ज हो चुका है। जबकि पिछले साल 5 अगस्त तक बांधों में कुल 41.28 प्रतिशत ही पानी था। जल संसाधन विभाग की माने तो कोटा संभाग के बांधों में सबसे ज्यादा पानी की आवक हुई है। संभाग के 87 बांधों में 83.9 प्रतिशत पानी है। जबिक दूसरे नंबर पर उदयपुर संभाग है। जहां 256 बांधों में 42.2 प्रतिशत पानी है। तीसरे नंबर पर जयपुर संभाग के 216 बांध है, जिनमें 33.4 प्रतिशत पानी की आवक हुई है। सबसे कम पानी जोधपुर के 123 बांधों में है। यहां कुल भराव का मात्र 9 प्रतिशत ही पानी है।

वर्तमान में कहां कितना पानी

राणा प्रताप सागर-----------350.40 आरएल मीटर----कुल भराव का 84.90 प्रतिशत
कोटा वैराज----------------259.60 आरएल मीटर----कुल भराव का 96.31 प्रतिशत
जवाहर सागर--------------297.30 आरएल मीटर---- कुल भराव का 81.67 प्रतिशत
माही बजाज सागर----------272.40 आरएल मीटर---- कुल भराव का 52.86 प्रतिशत
बीसलपुर------------------310.58 आरएल मीटर----कुल भराव का 30.53 प्रतिशत
पार्वती डेम----------------223.15 आरएल मीटर----कुल भराव का 94.93 प्रतिशत

- केंद्रीय योजनाओं के लिए आर्थिक भार बढ़ाने व जीएसटी भुगतान रोकने से राजकोष की स्थिति खराब
- राजस्थान उन चुनिंदा राज्यों में, जिन्होंने राजस्व में गिरावट के वाबजूद अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए खर्चे बढ़ाए

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास पर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मुख्यमंत्री आर्थिक सुधार सलाहकार परिषद की दूसरी बैठक में केंद्र पर जमकर निशाने साधे। उन्होंने कहा कि कोविड की विषम परिस्थितियों के कारण प्रदेश के राजस्व में गिरावट आई है। वहीं, केंद्रीय योजनाओं में लगातार राज्यांश बढ़ने, जीएसटी क्षतिपूर्ति का पूर्ण भुगतान नहीं होने तथा 15वें वित्त आयोग में अनुमान से कम राशि का हस्तांतरण करने जैसे मामलों से प्रदेश को जटिल राजकोषीय स्थिति से गुजरना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि राजस्थान देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल है, जिसने राजस्व में बड़ी गिरावट के बावजूद अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए अपने खर्च में वृद्धि की है।

50 हजार की जगह 32 करोड़ ही मिले

मुख्यमंत्री ने कहा कि 15वें वित्त आयोग ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2020-21 के लिए राजस्थान को 50 हजार करोड़ रुपए देने का अनुमान लगाया था, लेकिन वास्तविक हस्तांतरण करीब 32 हजार करोड़ रुपए ही रहा। जल सहित विभिन्न परियोजनाओं में पहले केंद्र और राज्य का अनुपात 90ः10 होता था, जो अब 50 ः50 पर आ गया है। पेट्रोल एवं डीजल पर करों से राज्यों को मिलने वाले हिस्से को भी लगातार कम किया जा रहा है। इन मुद्दों का तत्काल समाधान आवश्यक है, नहीं तो राज्यों के विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

अगला बजट कृषि को होगा समर्पित

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा वर्तमान बजट स्वास्थ्य को समर्पित रहा और प्रदेश में चिकित्सा का आधारभूत ढांचा मजबूत हुआ। इसी प्रकार अगला बजट कृषि क्षेत्र को
समर्पित होगा।

विशेष राज्य का दर्जा मिले

गहलोत ने कहा कि राजस्थान की भौगोलिक परिस्थितियां काफी जटिल हैं। ऐसे में यहां बिजली-पानी-सड़क आदि सर्विस डिलीवरी की लागत अन्य राज्यों के मुकाबले काफी अधिक आती है। इन हालात में राजस्थान को विशेष राज्य का दर्जा मिलना चाहिए, लेकिन केंद्र सरकार ने इस दिशा में अभी तक कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया है।

81 हजार भर्तियां प्रक्रियाधीन

मुख्यमंत्री ने ढाई वर्ष की उपलब्धियां गिनाई कि सरकारी क्षेत्र में 90 हजार से अधिक भर्तियां की गई हैं और 81 हजार भर्तियां प्रक्रियाधीन हैं। हमारा प्रयास है कि विशेषज्ञों के अनुभव और सुझावों के आधार पर बड़े नीतिगत निर्णय लेकर राजस्थान के समग्र विकास के साथ-साथ मानव विकास सूचकांक को और बेहतर किया जाए। कोरोना की तीसरी लहर की तैयारी के तहत प्रतिदिन 1.50 लाख आरटी-पीसीआर टेस्ट करने की क्षमता हासिल कर ली गई है। ऑक्सीजन बेड 149 प्रतिशत, आईसीयू 64 प्रतिशत और वेंटीलेटर बेड 87 प्रतिशत तक बढ़े हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में अंग्रेजी माध्यम के 1200 विद्यालय शुरू किए हैं।

राज्य सरकार के प्राथमिकताएं

- राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए शहरी असंगठित क्षेत्र का उचित रूप से समायोजन
- स्कूली शिक्षा में डिजिटल डिवाइड को कम करना
- चिकित्सा सेवाओं का विस्तार
- ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि और कृषि प्रसंस्करण आधारित गतिविधियों को बढ़ाना
- कृषि-व्यवसाय के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना
- राज्य की सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण एवं संवर्धन
- सार्वजनिक बुनियादी सुविधाओं और सेवाओं का निर्माण
- निवेश प्रोत्साहन और सार्वजनिक-निजी भागीदारी को बढ़ाना

धारीवाल-कल्ला ने दिए सुझाव

नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में नजूल संपत्तियों, खाली जमीन एवं विभिन्न सरकारी संपत्तियों का सदुपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इनसे व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ ही राजस्व भी बढ़ेगा। ऊर्जा एवं जलदाय मंत्री डॉ. बीडी कल्ला ने कहा कि प्रदेश की विषम भौगोलिक परिस्थितियों
को देखते हुए वर्षा जल का संरक्षण करना तथा कृषि में सिंचाई की बूंद-बूंद और फव्वारा प्रणाली जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाना बेहतर होगा। शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने भी सुझाव दिए।

जयपुर। निश्चित ऑनलाइन कक्षाओं, गृहकार्य, गतिविधियों और खेलने के बाद भी बचे हुए समय के बीच करने के लिए बहुत कुछ है। वर्क फ्रॉम होम सेटअप में आपका अक्सर सुबह जल्दी या देर रात में काम करने का मन करता हैं, जब आपके बच्चे सो रहे होते हैं, तब आपको कई कार्यों पर ध्यान देने की आवश्यकता होती है। यह कामकाजी माता-पिता के लिए समय नियोजन का एक विवेकपूर्ण तरीका हो सकता है, लेकिन बच्चों के लिए, आपको अपने ऑन-स्क्रीन शेड्यूल से पहले उनको प्राथमिकता देते हुए देखना ही उनके लिए सही है।
पोदार शिक्षा के अध्यक्ष राघव पोदार का कहना है कि अधिकांश बच्चों के पास बड़े होने तक स्वतंत्र रूप से अपने शेड्यूल को व्यवस्थित करने के लिए अपनी सोच नहीं होती हैं और इसलिए उन्हें अपने समय की योजना बनाने और प्राथमिकता देने पर मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है। कम उम्र से ही बच्चों को समय नियोजन सिखाने से उन्हें इस प्रक्रिया को करने में मदद मिलती है, जो उन्हें आजीवन सफलता के लिए तैयार करती है। छोटे बच्चों के साथ, आपको उनकी जरूरतों पर ध्यान देना होगा, नहीं तो वे उपेक्षित महसूस कर सकते हैं। लेकिन मान लीजिए कि आपका एक बड़ा बच्चा है जो कुछ अतिरिक्त जिम्मेदारी ले सकता है। उस स्थिति में, आप उन्हें छोटे बच्चों की देखभाल करने या घर के कामों को पूरा करने के लिए कुछ निर्देशों के साथ वह काम करने को कह सकते हैं। आज एक उग्र महामारी के कारण, तनाव के साथ घर से काम करने की नई सामान्य प्रवृत्ति के कारण आपके बच्चों को स्कूल न जाने के करण मानसिक थकावट, होने लगी है। यह महसूस करना आवश्यक है कि घर से काम करना न केवल आपके लिए बल्कि बच्चों के लिए भी चुनौतीपूर्ण है। वे होमबाउंड हो चुके हैं।
आपकी स्थिति के आधार पर हम देखते हैं कि आप एक दिन में अपने कार्यालय के काम, बच्चे का पालन-पोषण और यहां तक कि स्कूली ऑनलाइन शिक्षा के साथ-साथ घर के कामों का भी सामना कर रहे हैं। कभी-कभी एक साधारण दृष्टिकोण हमें चीजों को अधिक सरल तरीके से नियोजित करने में मदद कर सकता है। अपने बच्चे को शारीरिक रूप से आपके आस-पास होने के साथ अकेला महसूस न होने दें, घर के चारों ओर सैर करें, कुछ किताबें पढ़ें या रसोई में एक साथ काम करते हुए पारिवारिक नृत्य पार्टी करें। आपके द्वारा बच्चे के साथ बिताए कुछ ही गुणवत्ता वाले पल भी उन्हें तरोताजा महसूस करा सकते हैं। यह आगे डोपामाइन, ऑक्सीटोसिन, सेरोटोनिन और एंडोर्फिन के हैप्पी हार्मोन को फिर से शरीर में भरने में मदद करेंगे, जो बच्चों की स्वस्थ मानसिकता को विकसित करते हैं ताकि उच्च कोटि की सोच कौशल का विकास हो सके। यदि आपके बच्चे स्कूल जाने वाले छात्र हैं, तो माता-पिता को इस भाग्यशाली अवसर का लाभ उठाना चाहिए कि बच्चों को कैसे सफल बनाया जाए। अपने दैनिक कार्यक्रम की योजना बनाकर, एक अच्छा कार्यक्रम स्थापित करे, जिससे दिन और सप्ताह के लिए लक्ष्य निर्धारित करके उन्हें समय के पाबंद होने में उनकी मदद करें।
यदि संभव हो, तो एक स्थायी होम-स्कूलिंग माता-पिता बनने का विकल्प न चुनें। यह संभव है कि आपका स्कूल-आयु वर्ग का बच्चा किसी प्रकार के वर्चुअल स्कूल में भाग ले रहा होगा। यह बहुत अच्छा होगा यदि वे अपने साथियों और शिक्षक के साथ बातचीत करते हैं, मुद्दा यह है कि आपके बच्चे को अभी भी आपके प्यार और देखभाल की जरूरत है, इसलिए आप शिक्षक न बने, उसके पास अपना एक शिक्षक है, महत्वपूर्ण बात यह है आप माता दृपिता है शिक्षक नहीं। बेशक, आपका काम आपकी प्राथमिकता है, लेकिन अपने बच्चे के उज्जवल भविष्य के लिए लक्ष्य तय नहीं किया जा सकता है। सीखने में उनका समर्थन करें और उन्हें प्रोत्साहित करें, लेकिन विभिन्न विषयों के बारे में अधिक व्याख्या न करें। सुनिश्चित करें कि बच्चे के पास आवश्यक आधुनिक तकनीक और साधन के साथ काम करने के लिए आवश्यक स्थान है, लेकिन हर पल उनकी निगरानी न करें। शिक्षकों को अपना काम करने दें, जबकि आप अपने बच्चे को कक्षा में शामिल होते समय आप अपना अन्य काम कर सकते हैं।
तकनीक हमेशा एक बुरी चीज नहीं होती है। बच्चों को व्यस्त रखने और उनके सीखने को आकार देने में मदद करने के लिए कई ऑनलाइन संसाधन हैं। नए जमाने की शिक्षा और शारीरिक गतिविधियों के बीच एक स्वस्थ संतुलन बनाए रखने के लिए, आपको एक दिन में खेल, पढऩे और आपस में मिलने की व्यवस्था करने के बारे में सावधान रहने की आवश्यकता है। न्यू नॉर्मल इकोसिस्टम में अपने काम को नए तरीके से करने के कारण अनुकूल बदलाव और विकास हो सकता है। यह महत्वपूर्ण स्थिति आपको अपने जीवन के सभी क्षेत्रों पर पुनर्विचार करने और उन्हें अपने अनुसार ढालने की अनुमति देती है। अपने बच्चे की भावनात्मक जरूरतों पर ध्यान दें। इस समय के दौरान आपके बच्चों को अतिरिक्तप्यार, स्नेेह और ध्यान देने की आवश्यकता हो सकती है ।

जयपुर।

भाजपा ने 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियां की शुरू कर दी है। सशक्त मंडल अभियान का शनिवार को शंखनाद किया जाएगा। भाजपा के प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां की मौजूदगी में तोतूका भवन सभागार में सुबह 11 बजे 'सशक्त मंडल अभियान' कार्यशाला के जरिए कार्यक्रम की शुरुआत की जाएगी।

इस कार्यशाला में पार्टी के सभी प्रदेश पदाधिकारी, मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष, पार्टी के जिला अध्यक्ष और जिला प्रभारी के साथ ही विधानसभा स्तर पर लगाए जाने वाले विस्तारक/प्रवासी शामिल होंगे। कार्यशाला में विभिन्न सत्रों के दौरान अभियान को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए जाएंगे। इसके अलावा 8 अगस्त को प्रदेश भाजपा हेल्थ वॉलिंटियर कार्यशाला भी करेगी। अरुण सिंह का शुक्रवार रात 10 बजे जयपुर पहुंचने का कार्यक्रम है।

6 अप्रेल तक 52009 बूथों पर करना है समितियों का गठन

पार्टी ने अभियान के तहत लक्ष्य तय किया है कि 6 अप्रेल को पार्टी के स्थापना दिवस तक राजस्थान के सभी 52009 बूथों पर समितियों का गठन किया जाए। हर बूथ पर 21 सदस्यीय समिति का गठन होगा। इस तरह से राजस्थान में बूथ स्तर तक 10 लाख 92 हजार 189 समिति सदस्यों की लंबी चौड़ी फ़ौज खड़ी होगी।

15 अगस्त को सौंपेंगे जिम्मेदारी

अभियान के तहत 15 अगस्त को प्रदेश के सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में प्रवासी—विस्तारकों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। प्रदेश के पदाधिकारी या वरिष्ठ नेताओं को प्रवासी—विस्तारक बनाया जाएगा। ये सभी विधानसभा क्षेत्रों में जाकर मंडलों का कामकाज की निगरानी के साथ ही मंडलों की टीम के गठन करवाएंगे। मंडल स्तर पर प्रवासी भेजे जाएंगे और अल्पकालीन विस्तारक बूथ स्तर पर जाएंगे। विस्तारकों को ही बूथ स्तर पर पन्ना प्रमुख के निर्माण और समितियों के गठन का जिम्मा सौंपा जाएगा।

जयपुर।

भाजपा के सिविल लाइन विधानसभा क्षेत्र के बनीपार्क और श्याम नगर मंडल की ओर से शुक्रवार को सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ पैदल मार्च निकालकर प्रदर्शन किया गया। भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी के नेतृत्व में हुए दोनों धरना—प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।

बनीपार्क मण्डल की ओर से बिगड़ी सफाई व्यवस्था, कच्ची बस्तियों में फैली अव्यवस्था सहित विभिन्न मांगों को लेकर पैदल मार्च निकाला गया। अरुण चतुर्वेदी के नेतृत्व में कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए सिविल लाइंस जोन कार्यालय पहुंचे। यहां सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। इसके बाद जोन उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान बनीपार्क मंडल अध्यक्ष राजकुमार शर्मा के साथ मंडल पदाधिकारी, भाजपा पार्षद, मोर्चा अध्यक्ष एवं वरिष्ठ कार्यकर्ता मौजूद रहे।

सहायक अभियंता को सौंपा ज्ञापन

बिजली बिलों के जरिए की जा रही लूट के विरोध में भाजपा के श्याम नगर मण्डल की ओर से पैदल मार्च निकाला गया। इसके बाद सहायक अभियंता, जेवीवीएनएल निर्माण नगर को ज्ञापन दिया गया। कार्यक्रम में मंडल कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।

ढाई साल में एक भी वादा पूरा नहीं किया

चतुर्वेदी ने कहा कि इस सरकार का ढाई साल से ज्यादा का कार्यकाल बीत चुका है, लेकिन जनता से किया एक भी वादा पूरा नहीं किया। बिजली बिलों में बढ़ोतरी नहीं करने का सरकार ने वादा किया था, लेकिन बिजली बिलों इतनी बढ़ोतरी कर दी गई कि आम आदमी के लिए बिली चुकाना मुश्किल हो गया है।



जयपुर, 6 अगस्त
पशुपालन विभाग (Animal Husbandry Department ) में पशु चिकित्सा अधिकारियों (veterinary officers) की भर्ती (recruitment process)के लिए साक्षात्कार प्रक्रिया शुरू किए जाने की मांग के साथ ही भर्ती प्रक्रिया पर कैविएट लगाने की मांग को लेकर बेरोजगार पशु चिकित्सकों ने प्रदर्शन किया। इनका कहना था कि 8 साल बाद भर्ती संपन्न होने जा रही है इसके लिए संवीक्षा परीक्षा परिणाम और सफल 1878 अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन भी किया जा चुका है, लेकिन साक्षात्कार की तिथि जारी नही की गई है जिससे आगे की प्रक्रिया में देरी हो रही है। राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय बीकानेर में राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के बैनर तले प्रदर्शन किया गया। महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष उपेन यादव के नेतृत्व में बेरोजगार पशु चिकित्सकों ने प्रदर्शन कर मांग की कि भर्ती प्रक्रिया पर लग रोक को हटा कर तुरंत साक्षात्कार की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए। आरपीएससी ने 900 पदों की भर्ती 2019 में निकाली थी। 2 अगस्त 2020 को परीक्षा हुई जिसमें 1878 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए सफल घोषित किया गया है लेकिन साक्षात्कार अब तक नहीं हुए। पशु चिकित्सक डॉ. प्रतीक्षित सानेल ने कहा कि पशु रोगों के प्रभावी नियन्त्रण व इस सेक्टर में रोजगार बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय रोग नियन्त्रण कार्यकम शुरू किया गया है। इसके संचालन के लिए पदों पर भर्ती जरूरी है। उन्होंने कहा कि राजस्थान हाईकोर्ट ने पशु चिकित्साधिकारी भर्ती.2019 की कट ऑफ जारी किए बिना साक्षात्कार लेने पर रोक लगा दी है। साथ ही अदालत ने राज्य सरकार और आरपीएससी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। ऐसे में अब अभ्यर्थियों की मांग है कि इसकी कट ऑफ भी जारी की जाए जिससे यह पता चल सके कि किस वर्ग की कट ऑफ कितनी है। साथ ही भर्ती पर केविएट लगाने की मांग भी की है। उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग में पशु चिकित्सा सेवाएं अतिआवश्यक सेवाएं होने के बावजूद पशुचिकित्सा अधिकारियों के रूप में मानव संसाधन की सख्त जरूरत है जिसके अभाव में पशुपालन विभाग की समस्त योजनाएं जैसे वर्तमान में सुचारू रूप से संचालन नहीं हो रही हैं। विभाग में वर्तमान में पशु चिकित्सा अधिकारियों के आधे से अधिक पद रिक्त पड़े हैं।


जयपुर,6 अगस्त।
स्क्रीन राइटर और डायरेक्टर सौरभ रत्नू का कहना है कि पहले एक विचार का जन्म होता है, फिर लेखक उस विचार का निर्माण करता है जिससे कि वे बाद में इस आईडिया को स्क्रीन पर प्रस्तुत कर सकें। जवाहर कला केंद के कृष्णायन में शुरू हुई तीन दिवसीय स्क्रीनप्ले राइटिंग कार्यशाला में उनका कहना था कि स्क्रीनप्ले को इस तरह से लिखा जाना चाहिए कि इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे टेक्नीशियन्स को इसे समझने में आसानी हो। इसके बाद निर्माताओं के सामने कहानी को पिच किया जाता है और अभिनेताओं को अलग.अलग किरदार निभाने के लिए लाया जाता है। फिर शूटिंग शुरू होती है और कैमरा, साउंड और म्यूजिक जैसे विभिन्न एलिमेंट्स को शामिल किया जाता है। एक बार शूटिंग पूरी हो जाने के बाद फिल्म एडिटिंग के लिए जाती है जिसमें साउंड मिक्सिंग, कलर करेक्शन, विजुअल इफेक्ट्स आदि जैसी प्रक्रियाएं शामिल होती हैं। जब तक एडिटिंग पूरी नहीं होती,तब तक राइटर का काम खत्म नहीं होता।
उन्होंने कहा कि जब राइटर कहानी का पहला ड्राफ्ट लिखते हैं तो वे एक क्रिएटिव ब्लॉक में जा सकते हैं। उन्हें ऐसा लगने लगता है कि वे जो कहानी लिख रहे हैं वह पहले भी हो चुकी है। उन्होंने सलाह दी कि राइटर को बिना परवाह किए लिखते रहना चाहिए ताकि वह उस कहानी के करीब पहुंच सके जिसकी उसने कल्पना की थी। दूसरा ड्राफ्ट वह है जिसमें लेखन का बड़ा हिस्सा होता है। विभिन्न स्रोतों से प्रतिक्रिया के बाद राइटर अब खुले दिमाग से लिखना शुरू करता है और कहानी को फिर से लिखता है। ड्राफ्टिंग और री.ड्राफ्टिंग की प्रक्रिया से गुजरने के लिए राइटर को स्वयं को उचित समय देना चाहिए और काम को निष्पक्ष रूप से देखना चाहिए।
इससे पूर्व प्रतिभागियों ने जेकेके की महानिदेशक मुग्धा सिन्हा ने कहा कि महामारी के बाद से कौशल सीखने की आवश्यकता और भी बढ़ गई है। जेकेके की कार्यशालाओं का उद्देश्य लोगों को कला की विभिन्न शैलियों में कुशल बनाना है, जिससे कि वे स्वयं के लिए रोजगार उत्पन्न करने योग्य बन सकें। ये कार्यशालाएं लोगों पर केंद्रित हैं और उन्हें सीखने का उपयोगी अवसर प्रदान करेंगीं।

सीबीएसई : 25 अगस्त से इम्प्रूवमेंट परीक्षा, 30 सितंबर तक परिणाम
आईसीएसई : 16 अगस्त से इम्प्रूवमेंट परीक्षा, 20 सितंबर को रिजल्ट
सुप्रीम कोर्ट में पेश किया कार्यक्रम, अदालत की मंजूरी
जयपुर। सीबीएसई ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि वह 25 अगस्त से 15 सितंबर तक कक्षा 10 और 12 के उम्मीदवारों के अंकों में इम्प्रूवमेंट के लिए परीक्षा आयोजित करेगा और परिणाम घोषित करने की तारीख 30 सितंबर तय की गई है। इंडियन सर्टिफिकेट ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (आईसीएसई) बोर्ड ने कहा कि वह 16 अगस्त से इम्प्रूवमेंट परीक्षा शुरू करेगा और 20 सितंबर के आसपास परिणाम घोषित करेगा।
न्यायाधीश ए.एम. खानविलकर और न्यायाधीश संजीव खन्ना ने अपने-अपने हलफनामों में सीबीएसई और आईसीएसई की ओर से प्रस्तुत कार्यक्रम को मंजूरी दी। सीबीएसई ने कहा कि 10 अगस्त को उसका पोर्टल कक्षा 10 और 12 के इम्प्रूवमेंट, पत्राचार और निजी उम्मीदवारों के पंजीकरण के लिए खुल जाएगा। परीक्षा के लिए डेट शीट की घोषणा करते हुए एक परिपत्र जारी किया जाएगा। परीक्षाएं 25 अगस्त से शुरू होंगी और अंतिम पेपर 15 सितंबर को होगा। यह 30 सितंबर को परिणाम घोषित करेगा। आईसीएसई उम्मीदवारों के लिए पंजीकरण 4 अगस्त से शुरू होगा और यह 5 या 6 अगस्त तक विस्तृत परीक्षा कार्यक्रम घोषित करेगा। 16 अगस्त को सुधार परीक्षा शुरू होगी और सुधार परीक्षाओं के परिणाम 20 सितंबर के आसपास घोषित किए जाएंगे।

जयपुर. जेडीए की प्रवर्तन शाखा ने बुधवार को सीकर पर कार्रवाई कर 35 बीघा जमीन को अतिक्रमण से मुक्त करवाया। इसकी बाजार कीमत 14 करोड़ रुपए है। इसके अलावा मानसरोवर के पास नारायण विहार-बी योजना की पीएचईडी को आवंटित एक हजार वर्ग गज भूमि को भी अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
मुख्य नियंत्रक रघुवीर सैनी ने बताया कि सीकर रोड स्थित ग्राम जाहोता की ढाणी प्रतेहपुरा और ग्राम राजावास में जेडीए की भूमि पर काश्तकारो ने कई वर्षों से कब्जा कर रखा था। यहां पर खेती व अन्य कृषि कार्य कर रहे थे। 15 जुलाई को नोटिस देकर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे, लेकिन किसी ने अतिक्रमण नहीं हटाया और उसके बाद यह कार्रवाई की गई।
वहीं, नारायण विहार-बी योजना की पी.एच.ई.डी. को आवंटित 1000 वर्गगज भूमि के सुविधा क्षेत्र व सड़क सीमा में अतिक्रमण कर रखा था। इन सभी को हटा दिया गया। मौके पर जलदाय विभाग के अधिकारियों को कब्जा संभला दिया।

कर रहे थे बाजरे की खेती
जिस 35 बीघा पर जेडीए ने कार्रवाई की, उसमें से अधिकतर पर काश्तकारों ने बाजरे की फसल बो रखी थी। नोटिस देने के बाद अधिकतर काश्तकार फसल पकने का समय मांग रहे थे, लेकिन प्रवर्तन शखा के अधिकारियों का कहना है कि पिछले कई माह से यही विवाद चल रहा है। इस वजह से समय नहीं दिया।

जयपुर। शहर के उपनगरीय व आसपास के क्षेत्रों में खनन क्षेत्रों का चिन्हीकरण कर वैधानिक खनन में आ रही बाधाओं को दूर किया जाएगा, ताकि शहरी क्षेत्र के आसपास के इलाकों से अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाई जा सके और वैध खनन से रोजगार, निवेश व सरकार को राजस्व प्राप्त हो सके।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 22 जून को विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान शहरी क्षेत्र के आसपास अवैध खनन पर प्रभावी कार्यवाही करते हुए वैधानिक खनन की संभावनाओं को तलाशने के निर्देश दिए थे। जयपुर, जोधपुर, अजमेर, भीलवाड़ा और बीकानेर में शहरी क्षेत्रों में मेसेनरी स्टोन, लोह अयस्क, सेंड स्टोन, मार्बल आदि खनि संपदा है। इन क्षेत्रों मेें उपलब्ध मिनरल की पहचान, उससे होने वाली संभावित आय, संभावित पर्यावरणीय या अन्य मुद्दें, संभावित खनन क्षेत्र का एरिया, लोकेशन का सर्वें किया जाए। उन्होंने कहा कि सर्वे रिपोर्ट में क्षेत्र के नक्शें व फोटोग्राफ्स का भी समावेश किया जाए।
अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम डॉ. सुबोध अग्रवाल ने कहा कि जयपुर की आमेर तहसील के अरणिया लखेर, मेवल, सुन्दर का वास के साथ ही कालवाड़, खोराश्यामदास और दांतली-सरोली में मुख्यत: मेसेनरी स्टोन का चोरी छिपे खनन हो रहा है। इसी तरह से जोधपुर के बजली, केरु आदि में लेड जिंक और जोधपुरी सजावटी पत्थर सेंड स्टोन खनिज उपलब्ध है। भीलवाड़ा के जिपिया, धूलीखेड़ा आदि में लोहअयस्क व मेेसेनरी स्टोन की संभावनाएं है। बीकानेर की छोटी नाल व बड़ी नाल में बजरी और क्ले माइंस बताया जा रहा है तो अजमेर के दीपकनगर व आसपास के इलाकों में मार्बल और मेसेनरी स्टोन के भण्डार है। उन्होंने बताया कि यह सभी क्षेत्र शहर या उसकी पेराफेरी में स्थित है और इनमें से कई स्थानों पर अवैध खनन जारी है। इन व इस तरह के अन्य क्षेत्रों में माइनिंग प्लाट्स के चिन्हीकरण व ऑक्शन में आ रही बाधाओं को दूर कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

जेडीए की 35 बीघा जमीन पर खेती, कराया अतिक्रमण मुक्त
— जेडीए प्रवर्तन दस्ते की कार्रवाई
— पीएचईडी को आवंटित भूमि पर अवैध निर्माणों को किया ध्वस्त

जयपुर। जेडीए ने शुक्रवार को सीकर रोड पर जाहोता में प्रतेहपुरा व राजावास में करीब 35 बीघा जेडीए स्वामित्व की भूमि को अतिक्रमण मुक्त (Jaipur JDA Action encroachment free) कराया। दोनों स्थानों पर अतिक्रमण मुक्त कराई गई भूमि की कीमत करीब 14 करोड़ रूपए बताई जा रही है। वहीं मानसरोवर के पास नारायण विहार-बी योजना की पीएचईडी को आवंटित करीब एक हजार वर्ग गज भूमि को भी अतिक्रमण मुक्त कराया गया। साथ ही रोड सीमा व सुविधा क्षेत्र में अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया।

मुख्य नियंत्रक प्रवर्तन रघुवीर सैनी ने बताया कि जोन 12 में सीकर रोड स्थित जाहोता में प्रतेहपुरा में जेडीए स्वामित्व की करीब 33 बीघा बेशकीमती भूमि पर काश्तकारों की ओर से दशकों से कब्जा-अतिक्रमण कर अवैध रूप से खेती की जा रही थी, जिसे जेसीबी मशीन व मजदूरों की सहायता से हटा कर जेडीए स्वामित्व की बेशकीमती भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाया गया। वहीं जोन-13 में राजावास में जेडीए स्वामित्व की करीब 2 बीघा बेशकीमती भूमि पर कब्जा-अतिक्रमण कर अवैध रूप से बनायी गई बाउन्ड्रीवाल अन्य अवैध निर्माण-अतिक्रमण को हटाया गया। जेडीए की ओर से जोन 8 में मानसरोवर के पास नारायण विहार-बी योजना की पीएचईडी को आवंटित 1000 वर्गगज भूमि के सुविधा क्षेत्र व सड़क सीमा में पडोस के भूखण्डधारियों व काश्तकार ने बाउण्ड्रीवाल, तारबंदी कर अवैध रूप से खेती करना शुरू कर दिया, जिसे हटाया गया।

जयपुर।

भाजपा में पिछले दिनों पोस्टर और बैनर में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे का फोटो नहीं होने को लेकर खासा विवाद हुआ था। इसे लेकर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां ने बाकायदा स्पष्टीकरण दिया था कि पार्टी ने बैनर और पोस्टर में फोटो किसकी लगेगी, इसका एक प्रोटोकॉल तय कर रखा है।

मगर नई दिल्ली में गुरुवार को सांसदों की बैठक में मंच के पीछे लगे बैनर में भी राजे की फोटो गायब थी, जबकि राजे मंच पर बैठीं थी। इसे लेकर चर्चा का दौर का तेज हो गया है। उधर मामले में कोई भी नेता किसी भी तरह की टिप्पणी करने से बच रहे हैं। आपको बता दें कि गुरुवार को दिल्ली में सांसदों की बैठक हुई थी। इसमें मंच पर पीछे की तरफ एक बैनर लगा था। इस बैनर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया और प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनियां का फोटो शामिल था। हालांकि बैनर में प्रभारी अरुण सिंह का भी फोटो शामिल नहीं था। बैनर पर नई दिल्ली लिखा हुआ है।

प्रोटोकॉल का दे चुके हैं हवाला

राजे का फोटो पोस्टर-बैनर में शामिल नहीं होने के मामले में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां और पिछले दिनों जयपुर आए सांसद सी.टी. रवि प्रोटोकॉल क हवाला दे चुके हैं। दोनों नेताओं का कहना है कि मानक के हिसाब से मुख्य होर्डिंग या बैनर में प्रधानमंत्री, राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेशाध्यक्ष और विधायक दल के नेता की ही फोटो लगेगी।

वसुंधरा समर्थकों ने जताई थी नाराजगी

पोस्टर-बैनर से राजे का फोटो गायब होने के मामले में वसुंधरा समर्थक नाराजगी जता चुके हैं। जयपुर में भाजपा मुख्यालय पर लगे बड़े होर्डिंग में राजे के फोटो को शामिल नहीं किया गया था। यही नहीं भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी फोटो में भी राजे का फोटो शामिल नहीं किया गया था। इसे लेकर उन्होंने प्रदेश नेतृत्व पर आरोप भी लगाए थे।

जयपुर।

सांगानेर विधायक अशोक लाहोटी ने शुक्रवार को वार्ड-93 सांगानोर कस्बे की विभिन्न कॉलोनियों का दौरा कर आम नागरिकों से जन समस्याओं की सुनवाई की। इस दौरान स्थानीय निवासियों ने लाहोटी को कई समस्याओं का मौका मुआयना भी कराया। लाहोटी ने जयपुर नगर निगम ग्रेटर महापौर व आयुक्त को तुरंत पत्र लिखकर इन समस्याओं का निवारण करने के लिए कहा है।

लाहोटी ने बताया कि मानसरोवर में करंट से एक बच्चे की मौत होने के बाद भी नगर निगम कार्यालय के सामने ही मुख्य सड़क पर लाइट के खम्भों पर बॉक्स नहीं हैं। जिसकी वजह से नंगे तार झूल रहे हैं। नगर निगम के विद्युत शाखा के अधिकारियों व अन्य अधिकारियों ने खुले लाईट के तारो की कवर्ड करने या बॉक्स लगाने की व्यवस्था अभी तक नहीं की हैं। मेयर व आयुक्त ऐसे लापरवाह अधिकारियों पर तुरंत कार्रवाई करें।

नालियां ही नहीं, कैसे हो पानी का निकास

लाहोटी ने बताया कि नगर निगम के सामने वाली मुख्य बाजार की सड़क पर नालियां नहीं है। जिस कारण सड़कों पर पानी भरा रहता है। इस समस्या ने स्थानीय निवासियों और व्यापारियों का जीना मुश्किल कर रखा है। इसी तरह यहां सार्वजनिक शौचालय की भी कोई व्यवस्था नहीं है।

जयपुर।

केंद्र सरकार द्वारा राजीव गांधी खेल रत्न का नाम बदलकर मेजर ध्यानचंद के नाम पर करने को लेकर कांग्रेस ने जुबानी वार शुरू कर दिए हैं। मुख्य सचेतक महेश जोशी ने केंद्र के इस निर्णय पर पलटवार किया है।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक द्वेषतावश केंद्र सरकार ने राजीव गांधी खेल रत्न का नाम बदला है। इससे खेल और खिलाड़ियों का कोई हित होने वाला नहीं है। मेजर ध्यानचंद का देश ही नहीं दुनियाभर में सम्मान है। अच्छा होता कि नाम बदलने के बजाय केंद्र सरकार मेजर ध्यानचंद के नाम पर नया पुरस्कार शुरू करती। पुरस्कारों की संख्या बढ़ाई जाती तो खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन होता। पूर्व पीएम राजीव गांधी पुरस्कार से वर्षों से खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन होता रहा है। राजीव गांधी पुरस्कार का नाम बदलना दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि बीजेपी की चाहे केंद्र सरकार हो चाहे बीजेपी की पूर्व राज्य सरकार। ये केवल नाम बदलने की राजनीति करते हैं। पीएम काम की बात तो करते नहीं मन की बात करके जनता को भ्रमित करते हैं। जनता सब देख समझ रही है, आने वाले समय में इन सबके लिए जनता इन्हें जवाब देगी।

जयपुर।

केंद्र सरकार द्वारा राजीव गांधी खेल रत्न का नाम बदलकर मेजर ध्यानचंद के नाम पर करने को लेकर कांग्रेस ने जुबानी वार शुरू कर दिए हैं। मुख्य सचेतक महेश जोशी ने केंद्र के इस निर्णय पर पलटवार किया है।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक द्वेषतावश केंद्र सरकार ने राजीव गांधी खेल रत्न का नाम बदला है। इससे खेल और खिलाड़ियों का कोई हित होने वाला नहीं है। मेजर ध्यानचंद का देश ही नहीं दुनियाभर में सम्मान है। अच्छा होता कि नाम बदलने के बजाय केंद्र सरकार मेजर ध्यानचंद के नाम पर नया पुरस्कार शुरू करती। पुरस्कारों की संख्या बढ़ाई जाती तो खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन होता। पूर्व पीएम राजीव गांधी पुरस्कार से वर्षों से खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन होता रहा है। राजीव गांधी पुरस्कार का नाम बदलना दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि बीजेपी की चाहे केंद्र सरकार हो चाहे बीजेपी की पूर्व राज्य सरकार। ये केवल नाम बदलने की राजनीति करते हैं। पीएम काम की बात तो करते नहीं मन की बात करके जनता को भ्रमित करते हैं। जनता सब देख समझ रही है, आने वाले समय में इन सबके लिए जनता इन्हें जवाब देगी।

जयपुर।

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने प्रदेश में हो रही लगातार बारिश से हुए नुक़सान का आकलन कर लोगों को मुआवज़ा देने की मांग की है। राजे ने कहा कि सरकार यदि मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान को बंद न करती तो इतने ख़राब हालत न होते। उससे पानी का संचय तो होता ही। साथ ही नुक़सान से भी बचाव होता। सरकार को इस अभियान को फिर से चालू करना चाहिये।

उन्होंने कहा है कि भारी वर्षा से पूरे प्रदेश में फ़सलों को तो नुक़सान हुआ ही है। कई लोगों की जान भी गई है। लोगों का पशुधन नष्ट हुआ है और मकान ढहें हैं। हाड़ौती में खरीपफ की अस्सी फ़ीसदी फ़सल बर्बाद हो गई है। वहां सोयाबीन, उड़द और चावल की फ़सले चौपट हुई है। इसके अलावा प्रदेशभर में मक्का, ज्वार, तिल, ज़ीरा, मूंग, मूंगफली जैसी फ़सल भी पूरी तरह भारी बरसात की भेंट चढ़ गई है। राज्य सरकार इस नुक़सान का सर्वे करवाकर प्रभावित लोगों को शीघ्र सहायता राशि दिलवाए।

सड़कों की मरम्मत करवाई जाए

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा है कि अधिकांश खेत जलमग्न हो गए हैं, आवागमन अवरुद्ध हो गया है। ऐसे में सरकार जहां सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, वहां सड़कों को भी शीघ्र ठीक करवाकर आवागमन सुचारू करे।


जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने प्रदेश में बारिश से हुए नुकसान का आकलन कर लोगों को मुआवजा देने की मांग की है। राजे ने कहा कि सरकार यदि मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान को बंद न करती तो इतने खराब हालात नहीं होते। इस अभियान के तहत बारिश के पानी संचय का बेहतर प्रबंधन होता। साथ ही नुकसान से भी बचाव होता। सरकार को इस अभियान को फिर से शुरू करना चाहिए।

उन्होंने कहा है कि भारी वर्षा से पूरे प्रदेश में फसलों को तो नुकसान हुआ ही है, कई लोगों की जान भी गई है। लोगों का पशुधन नष्ट हुआ है और मकान ढहे हैं। हाड़ौती में खरीफ की अस्सी फीसदी फसल बर्बाद हो गई। वहां सोयाबीन, उड़द और चावल की फसल चौपट हुई है। इसके अलावा प्रदेश में मक्का, ज्वार, तिल, जीरा, मूंग, मूंगफली जैसी फसल भी प्रभावित हुई। राज्य सरकार इस नुकसान का सर्वे कराकर प्रभावित लोगों को जल्द सहायता राशि दिलवाए।

सड़कों की मरम्मत करवाई जाए

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा है कि अधिकांश खेत जलमग्न हो गए हैं, आवागमन अवरुद्ध हो गया है। ऐसे में सरकार जहां सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, वहां सड़कों को भी जल्द ठीक करवाकर आवागमन सुचारू करे।


जयपुर। प्रदेश की बिजली कंपनियों में भर्ती के लिए ऑनलाइन परीक्षा 4 सितंबर से शुरू होगी। पहले चरण में कनिष्ठ अभियंता, सहायक अभियंता, सूचना सहायक, लेखाधिकारी और पर्सनल ऑफिसर के पद के लिए परीक्षा होगी। परीक्षा 12 सितंबर तक चलेगी। राज्य विद्युत उत्पादन निगम स्तर बतौर नोडल एजेंसी 1075 अभियंता और नॉन टैक्नीकल पदों पर भर्ती निकाली गई, जिनके 1.04 लाख आवेदन आए हैं। पहले चरण में 504 पद पर परीक्षा होगी। दूसरे चरण में सहायक अभियंता (इलेक्ट्रिकल) के 571 पदों पर परीक्षा होगी, जिसकी तिथि जल्द घोषित करेंगे। अभ्यर्थियों को काॅल लेटर की जाकनारी आवेदन पत्र में अंकित ईमेल आईडी एवं मोबाइल पर भेजी जाएगी। कॉल लेटर के को विद्युत निगमों की वेबसाइट से डाउनलोड कर सकेंगे।

किसके लिए कितने पद

सहायक अभियन्ता— 39
लेखा अधिकारी— 11
कार्मिक अधिकारी— 6
कनिष्ठ अभियन्ता— 375
कनिष्ठ रसायनज्ञ— 27
सूचना सहायक— 46

कब, किसकी होगी परीक्षा

सहायक अभियंता (इलेक्टिकल, मैकेनिकल), कनिष्ठ अभियंता (मैकेनिकल)— 4 सितम्बर
कनिष्ठ अभियंता (सिविल), पर्सनल ऑफिसर— 5 सितम्बर
कनिष्ठ अभियंता (कम्यूनिकेशन), सूचना सहायक— 6 सितम्बर
सहायक अभियंता (सिविल, आईटी, फायर एण्ड सेफ्टी), जूनियर कैमिस्ट — 9 सितम्बर
लेखाधिकारी— 10 सितम्बर
सहायक अभियंता (कम्यूनिकेशन), कनिष्ठ अभियंता (फायर एण्ड सेफ्टी)— 12 सितम्बर



जयपुर, 6 अगस्त
शिक्षा विभाग ( Education Department ) ने शिक्षा अधिकारियों (education officers ) के पदस्थापना आदेश (posting orders) गुरुवार देर रात जारी कर दिए। विभाग ने संयुक्त निदेशक, उपनिदेशक और जिला शिक्षा अधिकारियों के पदस्थापना आदेश (posting orders of Joint Director, Deputy Director and District Education Officers. ) जारी किए हैं। इन शिक्षा अधिकारियों (education officers )को तकरीबन एक माह पूर्व पदोन्नत किया गया था। इस पदस्थापना के बाद अब विभाग में बड़ा फेरबदल हुआ है। कई अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है। शिक्षा विभाग ग्रुप 2 की ओर से जारी की गई लिस्ट में रविंद्र कुमार डीईओ हैडक्र्वाटर सैकेंडरी जयपुर और जगदीश नारायण मीणा डीईओ हैडक्र्वाटर प्रारंभिक जयपुर का पद भार संभालेंगे। रामचंद्र पिलानिया अब डीईओ सैकंडरी हैडक्र्वाटर सीकर की जिम्मेदारी संभालेंगे। इसी प्रकार बीकानेर के उप निदेशक कार्यालय में कार्यरत सुनीता चावला को माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में जिम्मेदारी दी गई है। वीना सौलंकी को प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में लगाया गया है तो, रमेश कुमार ढल्ला को प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय से माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में पदस्थापित किया गया है।
गौरतलब है कि विभाग ने गत माह प्रदेश के 323 प्रधानाचार्यों को जिला शिक्षा अधिकारी के पद पर पदोन्नति प्रदान की थी लेकिन उन्हें पदभार प्रधानाचार्य के पद ही ग्रहण करवा दिया था जबकि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में डीईओ यानी जिला शिक्षा अधिकारी के पद होते ही नहीं। डेली न्यूज ने 3 जुलाई 2021 को प्रधानाचार्य पदों पर पदोन्नत डीइओ को करवाया पदग्रहण नाम से खबर प्रकाशित कर इस मुद्दे को उठाया था, जिसके बाद कई शिक्षक संगठनों ने भी शिक्षा विभाग के इस आदेश का विरोध किया था।
यहां बदल गए डीईओ
राज्य में कई जिलों के डीईओ इस आदेश के बाद बदले हैं। इसमें अमृतलाल कलाल डीईओ (हेडक्वार्टर)सेकंडरी डूंगरपुर, वासुमित्र सोनी डीईओ (हेडक्वार्टर), सेकंडरी प्रतापगढ़, केसरदान रतनू डीईओ (हेडक्वार्टर),एलीमेंट्री बाड़मेर, जगदीश नारायण मीणा डीईओ (हेडक्वार्टर), एलीमेंट्री जयपुर, गंगा कलावत को डीईओ (हेडक्वार्टर) , सेकंडरी सिरोही, सेकंडरी धोलपुर, राजेश कुमार कटारा डीईओ (हेडक्वार्टर) एलीमेंट्री डूंगरपुर, रामकिशन बैरवा को डीईओ (हेडक्वार्टर) एलीमेंट्री भरतपुर, नेकीराम को डीईओ (हेडक्वार्टर)एलीमेंट्री अलवर, मदनलाल पंवार को डीईओ (हेडक्वार्टर) एलीमेंट्री पाली, नत्थूलाल खटीक डीईओ (हेडक्वार्टर), सेकंडरी सवाई माधोपुरख् रविंद्र कुमार डीईओ (हेडक्वार्टर), सेकंडरी जयपुर, भरतलाल मीणा डीईओ (हेडक्वार्टर), सेकंडरी करौली, अनिल कुमार अग्रवाल डीईओ (हेडक्वार्टर), एलीमेंट्री बीकानेर, कृष्णा शर्मा को डीईओ (हेडक्वार्टर), एलीमेंट्री दौसा, शैलेंद्र कुमार भट्‌ट को डीईओ (हेडक्वार्टर) एलीमेंट्री बांसवाड़ा, सुरेंद्र सिंह भाटी को डीईओ (हेडक्वार्टर), सेकेंडरी बीकानेर, निसार अहमद खान को डीईओ (हेडक्वार्टर) सेकंडरी चूरू,मुकेश पालीवाल को डीईओ (हेडक्वार्टर), सेकंडरी उदयपुर, अरविन्द शर्मा डीईओ (हेडक्वार्टर), हंसराज को डीईओ (हेडक्वार्टर) सेकंडरी हनुमानगढ़, लालचंद नेहलिया को डीईओ (हेडक्वार्टर) एलीमेंट्री, संतोष को डीईओ (हेडक्वार्टर) एलीमेंट्री जोधपुर, योगेशचंद्र पारीक को डीईओ (हेडक्वार्टर) एलीमेंट्री भीलवाड़ा, कृष्ण कुमार शर्मा को डीईओ (हेडक्वार्टर) एलीमेंट्री कोटा, महेशचंद्र अमेटा को डीईओ (हेडक्वार्टर) एलीमेंट्री प्रतापगढ़, सुरेंद्र सिंह शेखावत को डीईओ (हेडक्वार्टर) एलीमेंट्री नागौर, गिरिजेश कांत शर्मा को डीईओ (हेडक्वार्टर)एलीमेंट्री गंगानगर,सुरेश कुमार महरिया को डीईओ (हेडक्वार्टर) सेकेंडरी नागौर, रविंद्र कुमार लाटा डीईओ ;लीगलद्ध जयपुर, वीरेंद्र सिंह यादव डीईओ (हेडक्वार्टर)एलीमेंट्री उदयपुर, केदार गिरी गोस्वामी डीईओ (हेडक्वार्टर) एलीमेंट्री धोलपुर, बंशीलाल कीर डीईओ (हेडक्वार्टर) सेकंडरी भीलवाड़ा, मनोज कुमार ढाका डीईओ (हेडक्वार्टर) एलीमेंट्री झुंझुंनूं, भंवर सिंह डीईओ (हेडक्वार्टर) एलीमेंट्री सिरोही, रामचंद्र पलानिया को डीईओ(हेडक्वार्टर) सेकंडरी सीकर, अमृत लाल डीईओ (हेडक्वार्टर) सेकंडरी जोधपुर, धर्मेंद्र कुमार जाटव डीईओ(हेडक्वार्टर) सेकंडरी अजमेर के पद पर लगाया गया है।


जयपुर। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की सदस्य अंजना पवार शुक्रवार को स्वायत्त शासन विभाग में बैठक लिए बिना ही लौट आई। विभाग के निदेशक मौजूद नहीं होने से पवार नाराज हो गई और कार्यालय के गेट से वापिस रवाना हो गई। अफसरों ने पवार को बताया कि निदेशक दीपक नंदी जोधपुर हाईकोर्ट में एक अवमानना के केस में गए हैं, लेकिन वे नहीं मानी। उन्होंने अफसरों को दो टूक कह दिया कि क्या उन्हें मेरे कार्यक्रम का पता नहीं था। वे पिछले दिनों से जयपुर में ही थीं तो पहले नहीं बता सकते थे। उनकी मौजूदगी में ही विभिन्न मुद्दों पर बेहतर चर्चा हो सकती थी।
इस पर अतिरिक्त निदेशक संजीव पाण्डेय ने कहा कि न्यायालय की अवमानना का मामला था इसलिए हाईकोर्ट में उपस्थिति होना जरूरी था। इस बीच अंजना पवार के साथ आए लोग भी कहते रहे कि उन्हें वापिस लौट जाना चाहिए। इसके बाद वे बैठक लिए बिना ही लौट गईं। इससे पहले अतिरिक्त निदेशक ने गेट पर ही फूलों का गुलदस्ता देकर स्वागत किया। इसके बाद ही पवार ने निदेशक के लिए पूछा।
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-हाईकोर्ट में बेहद जरूरी केस होने के कारण निदेशक का जोधपुर जाना जरूरी था। आयोग सदस्य को इसकी जानकारी दी थी। शायद वे निदेशक की मौजूदगी में ही बैठक करना चाह रही होंगी।

-संजीव पाण्डेय, अतिरिक्त निदेशक, स्वायत्त शासन विभाग

जयपुर। भाजपा के सिविल लाइन विधानसभा क्षेत्र के बनीपार्क और श्याम नगर मंडल की ओर से शुक्रवार को सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ पैदल मार्च निकालकर प्रदर्शन किया गया। भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण चतुर्वेदी के नेतृत्व में हुए दोनों धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। चतुर्वेदी ने कहा कि सरकार का ढाई साल से ज्यादा का कार्यकाल बीत चुका है, लेकिन जनता से किया एक भी वादा पूरा नहीं किया। बिजली बिलों में बढ़ोतरी नहीं करने का सरकार ने वादा किया था, लेकिन बिजली बिलों इतनी बढ़ोतरी कर दी गई कि आम आदमी के लिए बिल चुकाना मुश्किल हो गया है।

उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन
बनीपार्क मण्डल की ओर से बिगड़ी सफाई व्यवस्था, कच्ची बस्तियों में फैली अव्यवस्था सहित विभिन्न मांगों को लेकर पैदल मार्च निकाला गया। नगर निगम के सिविल लाइंस जोन कार्यालय में उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। इसी तरह बिजली बिलों के जरिए की जा रही लूट का आरोप लगाते हुए श्याम नगर मण्डल की ओर से पैदल मार्च निकाला गया। सहायक अभियंता, जेवीवीएनएल निर्माण नगर को ज्ञापन दिया गया।

—मनाया गया 66वों रेल सप्ताह समारोह
—अजमेर मंडल रहा अव्वल,जयपुर दूसरे स्थान पर

जयपुर
उत्तर पश्चिम रेलवे ने रेलवे अधिकारी क्लब जगतपुरा में शुक्रवार को 66वां रेल सप्ताह मनाया गया। इसमें समारोह में विभिन्न मंडलों और कार्यशालाओं को अलग-अलग कार्यक्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शील्ड प्रदान की। श्रेष्ठ कार्य करने वाले रेलकर्मियों को मुख्य अतिथि और रेलवे जीएम आनंद प्रकाश ने नकद राशि, प्रमाण पत्र, तथा मेडल प्रदान कर पुरस्कृत किया।


मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी लेफ्टिनेंट शशि किरण ने बताया कि समारोह में 158 रेलकर्मियों को महाप्रबंधक स्तर पर पुरस्कृत किया गया। इसके साथ 15 सामूहिक पुरस्कार भी प्रदान किए गए। कोरोना प्रोटोकॉल को देखते हुए प्रधान कार्यालय और जयपुर मंडल के पुरस्कार विजेता कर्मचारी समारोह स्थल पर उपस्थित रहे। अन्य को वर्चअल माध्यम से मंडल और कार्यशाला पर पुरस्कार प्रदान किए गए।


लेफ्टिनेंट शशिकिरण ने बताया कि इस अवसर पर मण्डलों को विभिन्न कार्यक्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिये कुल 35 शील्ड प्रदान की गई। इसमें अजमेर मंडल को 11, जोधपुर मण्डल को 10, जयपुर को 10 और बीकानेर मंडल को 03 शील्ड दी गई। अजमेर मंडल को महाप्रबंधक की सम्पूर्ण कार्यकुशलता शील्ड एवं जयपुर मण्डल को रनर-अप शील्ड दे कर सम्मानित किया गया है।


इस मौके पर महाप्रबंधक आनंद प्रकाश ने समारोह के दौरान उपस्थित रेलकर्मियों को संबोधित करते हुए उत्तर पश्चिम रेलवे जोन की प्रगति हेतु सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को भारतीय रेल में अपने श्रेष्ठतम प्रदर्शन करने के लिये बधाई दी।

इस समारोह में उत्तर पश्चिम रेलवे के सांस्कृतिक दल ने अनेक मनमोहक प्रस्तुतियां दी। प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी प्रभाश कुमार ने सभी अतिथियों का स्वागत व अभिन्नदन किया। इस अवसर पर गौतम अरोडा, अपर महाप्रबंधक, यशा प्रकाश, अध्यक्षा, उत्तर पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन सहित अधिकारीगण व कर्मचारीगण उपस्थित थे। समारोह में उपस्थित सभी लोगों ने कोरोना प्रोटोकोल का पालन किया।

अजमेर मण्डल
1. सम्पूर्ण कार्यकुषलता शील्ड
2. वाणिज्य-सर्वश्रेष्ठ यात्री सुविधा एवं सफाई (छोटा स्टेषन) शील्ड-रानी स्टेशन
3. इंजीनियर - ट्रैक शील्ड
4. इंजीनियरिंग-सम्पूर्ण कार्य कुशलता शील्ड
5. बिजली-सर्वश्रेष्ठ रनिंग रूम कप (मारवाड़)
6. यांत्रिक-सर्वश्रेष्ठ रैक अनुरक्षण शील्ड (गाड़ी संख्या 02963/64 मेवाड एक्सप्रेस)
7. चिकित्सा-सर्वश्रेष्ठ स्वास्थ्य सेवा शील्ड: मण्डल रेलवे चिकित्सालय
8. सरंक्षा शील्ड
9. सुरक्षा- यात्री अपराध नियंत्रण शील्ड
10. सम्पूर्ण नवपरिवर्तन शील्ड- सिगनल एवं दूरसंचार
11. निर्माण-इन्फ्रास्ट्रेक्चर (आधारभूत संरचना) शील्ड-उप मुख्य इंजी/नि/प्रथम, अजमेर

जयपुर मण्डल

1. सम्पूर्ण कार्यकुशलता षील्ड (उपविजेता)
2. सर्वश्रेष्ठ ई-ऑफिस, एचआरएमएस एवं सूचना प्रौद्योगिकी शील्ड
3. वाणिज्य -सम्पूर्ण कार्यकुशलता शील्ड
4. परिचालन-सम्पूर्ण कार्यकुशलता शील्ड
5. कार्मिक शील्ड
6. सुरक्षा - सम्पूर्ण कार्य कुशलता शील्ड
7. भण्डार - सर्वश्रेष्ठ कार्य कुशलता शील्ड
8. दूरसंचार शील्ड
9. राजभाषा शील्ड
10. चिकित्सा-सर्वश्रेष्ठ अस्पताल रखरखाव शील्ड (केन्द्रीय चिकित्सालय)

जोधपुर मण्डल

1. लेखा- सम्पूर्ण कार्यकुशलता शील्ड
2. वाणिज्य - उत्कृष्ठ ग्राहक सेवा शील्ड
3. वाणिज्य - सर्वश्रेष्ठ व्यवसाय विकास शील्ड
4. इंजीनियरिंग-वर्क्स एण्ड ब्रिज शील्ड
5. बिजली-बिजली ऊर्जा संरक्षण शील्ड
6. यांत्रिक - कैरिज व वैगन शील्ड
7. बिजली - सर्वश्रेष्ठ डीजल शेड शील्ड-भगत की कोठी
8. यांत्रिक - सर्वश्रेष्ठ कारखाना शील्ड
9. भण्डार- सर्वश्रेष्ठ डिपो शील्ड
10. सर्वश्रेष्ठ कोविड प्रबंधन शील्ड

बीकानेर मण्डल

1. वाणिज्य -सर्वश्रेष्ठ यात्री सुविधा एवं सफाई (बड़ा स्टेशन शील्ड)-भिवानी स्टेशन
2. यांत्रिक - पर्यावरण प्रबंधन शील्ड
3. संकेत शील्ड

संयुक्त रूप से मण्डलों दी गई शील्ड

(प्रथम मण्डल प्रथम छः माह एवं द्वितीय मण्डल अन्तिम छः माह)

1. परिचालन -सम्पूर्ण कार्यकुशलता शील्ड (अजमेर, बीकानेर)


जयपुर। भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर कवायद शुरू कर दी है। इसके तहत सशक्त मंडल अभियान की शुरुआत शनिवार को होगी। भाजपा के प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया की मौजूदगी में तोतूका भवन सभागार में सुबह 11 बजे 'सशक्त मंडल अभियान' कार्यशाला होगी। इसमे संगठन के सभी प्रदेश पदाधिकारी, मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष, जिला अध्यक्ष और जिला प्रभारी के साथ ही विधानसभा स्तर पर लगाए जाने वाले विस्तारक,प्रवासी शामिल होंगे। कार्यशाला में विभिन्न सत्रों के दौरान अभियान को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए जाएंगे। इसके अलावा 8 अगस्त को प्रदेश भाजपा हेल्थ वॉलिंटियर कार्यशाला भी करेगी।

52009 बूथ पर होना है समितियों का गठन
संगठन ने अभियान के तहत लक्ष्य तय किया है कि 6 अप्रेल को पार्टी के स्थापना दिवस तक राजस्थान के सभी 52009 बूथों पर समितियों का गठन किया जाए। हर बूथ पर 21 सदस्यीय समिति का गठन होगा। इसी तरह से बूथ स्तर तक 10 लाख 92 हजार 189 समिति सदस्य होंगे।

प्रवासी-विस्तारकों को सौंपेंगे जिम्मेदारी
अभियान के तहत 15 अगस्त को प्रदेश के सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में प्रवासी-विस्तारकों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। प्रदेश के पदाधिकारी या वरिष्ठ नेताओं को प्रवासी—विस्तारक बनाया जाएगा। ये सभी विधानसभा क्षेत्रों में मंडलों का कामकाज की निगरानी के साथ ही टीम गठन भी करवाएंगे। मंडल स्तर पर प्रवासी भेजे जाएंगे और अल्पकालीन विस्तारक बूथ स्तर पर जाएंगे। विस्तारकों को ही बूथ स्तर पर पन्ना प्रमुख के निर्माण और समितियों के गठन का जिम्मा सौंपा जाएगा।

—सरकार ने नहीं मानी मांग तो 27 अक्टूबर को चक्काजाम

जयपुर
राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के छह श्रमिक संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर शुक्रवार को अर्धनग्न प्रदर्शन किया। सिंधी कैंप बसअडडे पर करीब एक घंटे तक हुए प्रदर्शन में कर्मचारियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध किया। विरोध प्रदर्शन में एटक, इंटक, बीजेएमएम, कल्याण समिति सहित संयुक्त मोर्च सभी घटक संगठन पदाधिकारी मौजूद रहे।
संयुक्त मोर्चा संयोजक एमएल यादव ने बताया कि सेवानिवृत कर्मचारियों को अभी तक सेवा से निवृत होने का परिलाभ नहीं मिला है। ऐसे एक दो नहीं बल्कि पांच हजार कर्मचारी हैं। उन्होंने कहा कि रोडवेज कर्मचारी संयुक्त मोर्चा की मांग है सभी को जून और जुलाई 2021 का वेतन, दो माह का सेवानिवृति परिलाभ तत्काल प्रभाव से किया जाए।
यादव ने कहा कि अगर हमारी बातें नहीं मानी जाती है कि तो हम 11 मांगों को लेकर अगले तीन माह तक लगातार प्रदर्शन करेंगे। 27 अक्टूबर 2021 को 24 घंटे का चक्काजाम कर दिया जाएगा। इस प्रदर्शन को लेकर शुक्रवार को रोडवेज की वित्तीय सलाहकार वीना गुप्ता ने मोर्चे के सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल से मुलाकात की। दो माह का बकाया वेतन, पेंशन का भुगतान सोमवार तक और एक माह के परिलाभ का भुगतान दस दिन में करने की बात कही है।

ये है संयुक्त मोर्चा की मुख्य मांग
1 वेतन और पेंशन का पहले कार्यदिवस को भुगतान
2 जुलाई 2021 से महंगाई भत्ता में बढोतरी
3 सातवें वेतन आयोग के अनुसार पेंशन और वेतन
4 पांच साल में सेवानिवृत कर्मचारियों के परिलाभ का एकमुश्त भुगतान
5 1500 नई बसों की खरीददारी
6 रोडवेज के 9 हजार पदों पर भर्ती
7 रोडवेज बस स्टैंड के 2 किलोमीटर के बाद निजी बसों का संचालन

डीएसटी उत्तर और शास्त्री नगर थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए पांच शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी पांच वाहन बरामद किए हैं। आरोपी जयपुर शहर और राजस्थान के अलग अलग क्षेत्रों से वाहन चोरी करते हैं। पुलिस पूछताछ में बदमाशों ने करीब दो दर्जन वाहन चोरी की वारदातों का खुलासा किया हैं।
डीसीपी (उत्तर) परिस देशमुख ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी जगदीश बैरवा (23) पुत्र हनुमान, पचेवर टोंक, राजेश बेनीवाल (21) पुत्र हंसराज और विष्णु बैरवा (18) पुत्र प्रकाश मालपुरा टोंक और रमेश सिंह गुर्जर (23) पुत्र लड्डू लाल और हंसराज वर्मा (18) पुत्र हेमराज रैगर बाटौदा सवाई माधोपुर का रहने वाला हैं।

सस्ती कीमतों में बेचते थे वाहन
पुलिस ने बताया कि टोंक और सवाई माधोपुर के वाहन चोर जयपुर शहर और राजस्थान के अन्य क्षेत्रों से वाहन चोरी कर उन्हें सस्ती कीमत में बेचते हैं। पुलिस ने पांच वाहन चोरों को पकड़कर उनके कब्जे से चोरी की पांच बाइक बरामद की हैं। पुलिस पूछताछ में बदमाशों ने मानसरोवर, प्रताप नगर, महेश नगर, शिप्रापथ, मोतीडूंगरी, सांगानेर, दूदू बजाज नगर, सवाई माधोपुर में दो दर्जन वाहन चुराना स्वीकार किया हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपी रमेश गुर्जर और हंसराज वर्मा अव्वल दर्जे के चोर है जो जेल से छुटने के बाद लगातार वाहन चोरी की वारदात को अंजाम दे रहे हैं।

दो युवकों ने पहले यूट्यूब से एटीएम उखाड़ना सीखा। इसके बाद खोह नागोरियान थाना इलाके में एटीएम उखाड़ने पहुंच गए। वह अपने मकसद में सफल हो पाते उससे पहले ही गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों ने दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से लोहे का सरिया और प्लास जब्त किया हैं।
डीसीपी (पूर्व) प्रहलाद कृष्णियां ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी बाबू मंडल (33) पुत्र निरंजन मुर्शिदाबाद पश्चिम बंगाल हाल खटीको की मंडी रामगंज और और राधेश्याम (35) पुत्र नन्दराम गंगापुरसिटी सवाईमाधोपुर हाल खटिकों की मंडी रामगंज इलाके के रहने वाले हैं। पुलिस ने उनके पास से लोहे का सरिया,प्लास, सूखी मीर्च और छोटी बैटरी बरामद हुई है।

इस तरह पकड़ा-
थानाप्रभारी भवानी सिंह ने बताया कि एएसआई झंडूराम के नेतृत्व में गश्तीदल गोनेर रोड से गुजर रहा था। उनको गोनेर रोड पर एटीएम के भीतर दो व्यक्तिों की गतिविधियां संदिग्ध नजर आई। इस पर गश्तीदल ने एटीएम से दोनों व्यक्ति को बाहर लाकर पूछताछ की। उनके पास से एटीएम तोड़ने के सरिए, पेंचकस सहित अन्य सामान बरामद हुआ। आरोपियों ने बताया कि एटीएम तोड़ना यू—ट्यूब पर एक वीडियो में देखा था। मौजमस्ती और कर्जा उतारने के लिए एटीएम तोड़ने की योजना बनाई थी। पुलिस ने दोनों गिरफ्तार कर लिया। गौरतलब है कि पू4व में 14 मार्च 2020 और 24 अक्टूबर 2020 को खोह नागोरियान पुलिस ने चार लोगों को और गोनेर रोड पर प्रेम नगर पुलिया आगरा रोड पर एटीएम तोड़कर कैश निकालने की कोशिश करते दो जनों को गिरफ्तार किया था।

उदयपुरिया/जयपुर। चौमूं तहसील के अणतपुरा-चिमनपुरा में शुक्रवार को कान में लगा ईयरफोन तेज धमाके के साथ फट जाने से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा एक युवक गम्भीर रूप से घायल हो गया, जिसे चौमूं के एक निजी चिकित्सालय में ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शव का पोस्टमार्टम भी नहीं करवाया गया है। परिजनों ने सामोद थाने में मामला दर्ज नहीं करवाया है।

जानकारी के अनुसार उदयपुरिया निवासी राकेश नागर (27) पुत्र प्रकाशचंद नागर ग्राम अणतपुरा-चिमनपुरा में एसएनजी गु्रप के पास अपने खेत पर स्थित मकान में कम्प्यूटर पर ऑनलाइन कॉम्पिटिशन की पढ़ाई कर रहा था। उसने कम्प्यूटर में केबल लगाकर ईयरफोन लगाए हुए थे। उसके छोटे भाई रोशन एवं परिजनों ने बताया कि इसी दौरान तेज धमाके के साथ कान में लगा ईयरफोन फट गया।

धमाके की आवाज सुनकर परिजन कमरे में गए तो राकेश बेहोश पड़ा था। उसके दोनों कान जख्मी हो गए। आनन-फानन में परिजन उसे चौमूं के एक निजी चिकित्सालय में लेकर पहुंचे, जहां उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। बाद में अस्पताल प्रबंधन ने मृतक का शव परिजन को सौंप दिया। मौत की खबर के बाद उसके घर-परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो- रो कर बुरा हाल था। मृतक ने पॉलिटेक्निक डिप्लोमा किया हुआ था। वह नौकरी के लिए कॉम्पिटिशन की तैयारी कर रहा था।

काफी दिनों से चल रहे इंतजार के बाद एडिशनल एसपी की तबादला सूची आ गई। गृह विभाग ने शुक्रवार को एक आदेश जारी कर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के 60 आरपीएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। आदेश के अनुसार सैयद मुस्तफा अली जैदी को अतिरिक्त उपायुक्त यातायात, सतवीर सिंह को एएसपी एटीएस, अनिल राव को आरपीए, करण शर्मा अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त एवं सतर्कता, भरत मीणा अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त दक्षिण, रामप्रकाश मीणा एएसपी सिविल राइट्स लगाया हैं। दीप्ति जोशी एएसपी महिला अपराध अनुसंधान, तृप्ति विजयवर्गीय एएसपी सीआईडी सिविल राइट्स, देशराज यादव डिप्टी कमांडेंट पांचवी बटालियन, भूपेंद्र सिंह यादव एएसपी आरपीए, रानू शर्मा एएसपी लीव रिजर्व पुलिस दूरसंचार, सीमा भारती एएसपी महिला अपराध अनुसंधान सेल, रामेश्वर प्रसाद दारिया एएसपी महिला अपराध अनुसंधान सेल, सुनील कुमार शर्मा एएसपी राज्य मेला प्राधिकरण, हिम्मत सिंह एएसपी सीआईडी सीबी डाबरी सेल, अवनीश कुमार शर्मा अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त पूर्व, सुमन चौधरी एएसपी हाइवे ट्रेफिक और रेवतदान एएसपी अपराध एवं सतर्कता जयपुर रेंज लगाया गया है।

जयपुर। मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की सुगबुगाहट के बीच शुक्रवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नीति आयोग के सदस्यों के साथ बैठक कर पुरजोर तरीके से राजस्थान की मांगें उठाई और केन्द्र से मिलने वाले आर्थिक एवं नीतिगत सहयोग को बढ़ाने का आग्रह किया है। सीएम ने नीति आयोग के सदस्य प्रो. रमेशचंद्र, वरिष्ठ सलाहकार योगेश सूरी और सलाहकार राजनाथ राम के साथ बैठक में राज्यहित से जुड़े विभिन्न लंबित मुद्दों पर चर्चा की।

बैठक में जलदाय मंत्री बीडी कल्ला, उद्योग मंत्री परसादी लाल मीणा, परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा और महिला बाल विकास मंत्री ममता भूपेश भी मौजूद रहीं। बैठक में सीए्म ने कहा कि बीते कुछ सालों में आर्थिक मंदी, कोरोना महामारी, प्राकृतिक आपदाओं सहित अन्य कारणों से देश के सभी राज्यों की राजकोषीय स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।

साथ ही सामाजिक सुरक्षा का दायरा और अधिक बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है। ऐसे में आर्थिक एवं सामाजिक विकास से जुड़ी गतिविधियों के सुचारू संचालन के लिए केन्द्र सरकार राज्यों को अधिक सहयोग करे। सीएम ने कहा कि कोविड महामारी के चलते राज्यों का अर्थतंत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ है। राजस्व में बड़ी कमी के साथ-साथ जरूरतमंद वर्गों को अधिक सामाजिक सुरक्षा देने की आवश्यकता है। इन स्थितियों में केन्द्र सरकार के सहयोग के बिना किसी भी राज्य के लिए अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना आसान नहीं है।

जल जीवन मिशन में मिले 90 प्रतिशत केंद्रीय अंश
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए केन्द्र सरकार राज्य को जल जीवन मिशन में उत्तर-पूर्वी एवं पहाड़ी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों की तरह 50ः50 के स्थान पर 90ः10 के अनुपात में केन्द्रीय सहायता उपलब्ध कराए।

लंबित रेल परियोजनाओं पर जल्द शुरू हो काम
गहलोत ने कहा कि डूंगरपुर-रतलाम वाया बांसवाड़ा, अजमेर (नसीराबाद) से सवाई माधोपुर (चैथ का बरवाड़ा) वाया टोंक, धौलपुर सरमथुरा-आमान परिवर्तन एवं गंगापुर सिटी तक रेल लाइन के विस्तारीकरण तथा गुलाबपुरा-भीलवाड़ा में मेमू कोच फैक्ट्री की स्थापना के कार्य को भी जल्द शुरू करवाया जाए।

स्वदेश दर्शन योजना में राज्य के प्रस्तावों को मिले जल्द मंजूरी
गहलोत ने कहा कि राजस्थान की पर्यटन की दृष्टि से पूरी दुनिया में अलग पहचान है और यहां पर्यटन के विकास की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। ऐसे में स्वदेश दर्शन योजना के तहत राज्य सरकार की ओर से प्रेषित विभिन्न पर्यटन अवसंरचना विकास प्रस्तावों एवं परियोजनाओं पर पुनर्विचार कर इनकी प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति जल्द जारी की जाए।

सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि बढ़ाए केंद्र
सीएम गहलोत ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय पेंशन योजनाओं में लाभार्थियों की संख्या और पेंशन राशि को बढ़ाने का आग्रह करते हुए कहा कि इन पेंशन योजनाओं में लाभार्थियों की संख्या की सीमा के कारण पात्र सभी व्यक्तियों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके चलते शेष पात्र व्यक्तियों को राज्य पेंशन योजनाओं में लाभान्वित किया जा रहा है। ऐसे में केन्द्रीय पेंशन योजनाओं में पेंशनर्स की संख्या की सीमा को समाप्त किया जाए।

पीसीपीआईआर के लिए जल्द जारी हो नोटिफिकेशन
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बाड़मेर जिले में पेट्रोलियम, केमिकल्स एण्ड पेट्रोकेमिकल्स इन्वेस्टमेंट रीजन की स्थापना कर रही है। जिसमें रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर आधारित विभिन्न औद्योगिक इकाइयों की स्थापना प्रस्तावित है। केन्द्र सरकार इसका नोटिफिकेशन शीघ्र जारी करे। उन्होंने बजरी खनन के लिए प्रवर्तन एवं निगरानी गाइडलाइन-2020 की समीक्षा एवं संशोधन की भी मांग रखी।

कोविड का किया बेहतरीन प्रबंधन
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में कोविड की पहली और दूसरी लहर के प्रभावी प्रबंधन के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि राज्य ने तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर प्रदेशभर में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार और सुदृढ़ीकरण किया है। ऑक्सीजन और आईसीयू बैड की संख्या दोगुनी की जा रही है। एक हजार मीट्रिक टन ऑक्सीजन उत्पादन की दिशा में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं तथा 40 हजार ऑक्सीजन कॅन्सन्ट्रेटर खरीदे गए हैं। ह

नीति आयोग ने राजस्थान की परफोर्मेंस को सराहा
नीति आयोग के सदस्य प्रो. रमेश चंद्र ने ईज ऑफ डूईंग बिजनेस, निर्यात क्षेत्र, स्कूली शिक्षा, मनरेगा, कृषि एवं पशुपालन, स्वास्थ्य, रिन्यूएबल एनर्जी, महिला सशक्तीकरण, एमएसएमई सेक्टर क्षेत्रों में राज्य की परफोरमेंस को सराहा।

उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना में प्रदेश में रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में अन्य राज्यों की तुलना में काफी बेहतर काम हुआ है। स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में हुए गुणात्मक सुधार पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि इतने बड़े राज्य में शिक्षा का बेहतर स्तर अच्छा संकेत है। उन्होंने कहा कि राज्य में कृषि प्रसंस्करण और उद्योग आधारित गतिविधियों को बढ़ाकर रोजगार के अधिक अवसर सृजित किए जा सकते हैं।

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को अपने निवास पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना का शुभारंभ किया। शुभारंभ समारोह में उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी, मंत्रिमंडल के कई सदस्य, विधायक और मुख्य सचिव निरंजन आर्य भी मौजूद रहे।

समारोह में मुख्यमंत्री गहलोत ने स्कूटी प्राप्त करने वाली लाभार्थी छात्राओं से संवाद कर उनसे उनकी पढ़ाई, परिवार की स्थिति, करिअर के लक्ष्य पर चर्चा की तथा बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए शुरू की गई योजनाओं पर फीडबैक लिया।

उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों, जिला कलक्टरों और कॉलेज प्राचार्यों को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों के लिए शुरू की गई सभी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद एवं पात्र छात्र-छात्राओं तक जरूर पहुंचाना चाहिए। छात्राओं से संवाद करते हुए सीएम ने कहा कि राज्य सरकार धरातल से प्राप्त सुझावों के आधार पर अपनी आगामी योजनाओं को बेहतर बना सकेगी।

3 साल में 123 नए कॉलेज खोले
सीएम ने कहा कि राजस्थान को तेज गति से तरक्की के रास्ते पर ले जाने के लिए राज्य सरकार ने प्रदेश में शिक्षा के लिए अवसर बढ़ाए हैं। युवाओं को नजदीकी स्थान पर कॉलेज की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए पिछले लगभग 3 सालों में 123 नए कॉलेज खोले हैं, जिसमें से 32 महिला कॉलेज हैं। सरकार ने हर उपखण्ड मुख्यालय पर महाविद्यालय खोलने की योजना बनाई है। राजस्थान आज प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च और तकनीकी शिक्षा का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है।

राजकीय शिक्षण संस्थाओं के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी अंचल में शिक्षा की अलख जगाने के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाली वीर बालिका कालीबाई भील नौजवानों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।गहलोत ने कहा कि महिला शिक्षा और सशक्तीकरण का एक और उदाहरण महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्री बाई फुले का है।

इन्होंने समाज और जाति के बंधनों को तोड़कर महिला शिक्षा के लिए अलख जगाई। सामाजिक चेतना की प्रतीक कालीबाई को भावी पीढ़ी के सामने एक मिसाल के रूप में पेश करने के लिए राज्य सरकार की मेधावी छात्राओं के लिए संचालित सभी स्कूटी योजनाओं को एकीकृत कर कालीबाई के नाम से शुरू किया है। उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में बीते लगभग 3 वर्षों में 123 नए कॉलेज खोलने के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों की मांग के अनुसार 17 स्नातक महाविद्यालयों को स्नातकोत्तर स्तर पर अपग्रेड किया है।

स्कूटी योजना पर खर्च होंगे 60 करोड़
उच्च शिक्षा विभाग के शासन सचिव एनएल मीणा ने समारोह में बताया कि इस स्कूटी योजना के तहत साल 2020-21 में कुल 10,050 स्कूटी वितरण का लक्ष्य रखा गया, जिस पर लगभग 60 करोड़ रूपए खर्च होंगे।

सभी लाभार्थियों को स्कूटी के साथ ही छात्रा के नाम रजिस्ट्रेशन, पांच साल का बीमा, दो लीटर पेट्रोल और हेलमेट भी दिया जा रहा है। पंचायतीराज चुनाव आचार संहिता के कारण भरतपुर, दौसा, जयपुर, जोधपुर, सवाईमाधोपुर और सिरोही को छोड़कर शेष 27 जिलों में स्कूटी वितरण किया जा रहा है।

12 अगस्त से समन्वय और निगरानी की होगी शुरूआत
जयपुर
जयपुर अतंरराष्ट्रीय हवाईअडडे को अंबानी समूह को सौंपने की तैयारी पूरी हो चुकी है। 12 अगस्त से अडानी समूह का 2 माह का निगरानी और समन्वय का काम शुरू हो जाएगा। इस समयावधि में अंबानी समूह की टीम विमान संचालन के सभी बिंदुओं पर समन्वय के साथ काम करेगी। समूह के कर्मचारी हवाईअडडा भवन, एप्रन एरिया, पार्किंग, टर्मिनल सहित सभी जगहों पर कामकाज को समझेंगे। इसके बाद अक्टूबर से अडानी समूह स्वयं परिचालन करेगा।


अडानी समूह ने विष्णु मोहन झा को जयपुर का मुख्य हवाईअडडा अधिकारी नियुक्त किया है और पीके श्रीवास्तव यहां संचालन प्रमुख के रूप में काम करेंगे। हवाईअडडे की सुरक्षा व्यवस्था पहले की तरह ही सीआईएसएफ संभालती रहेगी। इस बदलाव के साथ ही हवाई यात्रियों के लिए अडानी समूह कई नई सुविधाएं शुरू करने की तैयारी कर रहा है।


जयपुर हवाईअडडा निदेशक जयदीप सिंह बलहारा ने बताया कि 12 अक्टूबर के बाद भी एटीसी, कम्यूनिकेशन और निवेगेशन सिस्टम के अधिकारी पहले की तरह ही काम करते रहेंगे। प्रशासन, वित्त, कमर्शियल, फायर, ऑपरेशन्स और इंजीनियरिंग के अधिकारी अगले तीन साल तक अडानी समूह के साथ काम करेंगे। इसके बाद वह वह निजी कंपनी के साथ जुड़े रहने या फिर हवाई अडडा प्राधिकरण के साथ काम करने का विकल्प चुन सकते हैं।

जयपुर। प्रदेश के बहुचर्चित फोन टैपिंग मामले में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई टल गई। इस मामले पर अगली सुनवाई अब 8 अक्टूबर को होगी, तब तक इस मामले में दिल्ली पुलिस को कोई कार्रवाई नहीं करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने फोन फोन टैपिंग मामले में मुख्यमंत्री के ओएसडी लोकेश शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। दिल्ली पुलिस की इस एफआईआर को लोकेश शर्मा ने दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। 3 जून को दिल्ली हाईकोर्ट ने सीएम के ओएसडी की याचिका पर सुनवाई करते हुए 6 अगस्त तक कार्रवाई पर रोक लगा दी थी।

लोकेश शर्मा ने दी थी एफआईआर को हाईकोर्ट में चुनौती
दरअसल दिल्ली पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए सीएम के ओएसडी लोकेश शर्मा ने इससे क्षेत्राधिकार का मामला बताते हुए इसे राजस्थान ट्रांसफर करने की मांग की थी।

हाल ही में भी दिल्ली पुलिस ने बीते दिनों ओएसडी लोकेश शर्मा को पूछताछ के लिए पेश होने का नोटिस भी दिया था, जिस पर लोकेश शर्मा ने दिल्ली पुलिस को मेल भेजकर व्यस्तता का हवाला देते हुए वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए पेश होने की बात कही थी, साथ ही कहा था कि बाद में इस मामले में दिल्ली पुलिस के सामने व्यक्तिगत तौर पर पेश हो जाएंगे।

ये है पूरा मामला
बीते साल सचिन पायलट कैंप की ओर से बगावत करने के बाद गहलोत सरकार पर आए सियासी संकट के दौरान गहलोत कैंप की ओर से सरकार गिराने और विधायकों की खरीद-फरोख्त के ऑडियो वायरल हुए थे। इसमें केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की आवाज होने के दावे भी किए गए थे।

विधानसभा में सरकार नहीं माना था कि मुख्यमंत्री के ओएसडी लोकेश शर्मा की ओर से वीडियो वायरल किए गए थे, जिस पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत ने इसे निजता का उल्लंघन मानते हुए मुख्यमंत्री के ओएसडी लोकेश शर्मा के खिलाफ दिल्ली पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई थी, जिस पर लोकेश शर्मा ने क्षेत्राधिकार का मामला बताते हुए दिल्ली पुलिस की एफआइआर को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

जयपुर
उत्तर पश्चिम रेलवे के पूर्व मुख्य जनसंपर्क अधिकारी और वर्तमान में सीपीटीएम के रूप में रेलवे की यातायात व्यवस्था संभाल रहे तरूण जैन को अहमदाबाद का रेलवे मंडल प्रबंधक बनाया गया है। राष्ट्रपति के आदेशानुसार रेलवे बोर्ड ने शुक्रवार को यह आदेश जारी कर दिया। तरूण जैन इससे पहले अहमदाबाद में ही डीओएम के रूप में साढे पांच साल तक काम कर चुके हैं। सबसे बडी बात यह है कि मंडल परिकल्पना के समय जैन वहीं कार्यरत थे। इसके अलावा गांधीधाम में भी वह क्षेत्रीय प्रबंधक के रूप में कार्यरत रहे।


तरूण जैन को रेलवे में उनके नवाचार और मानवीय पहलू के कारण विशेष रूप से जाना जाता है। जैन उस समय सुर्खियों में आए थे जब कोरोना लॉकडाउन के दौरान तीन साल के एक विशेष बच्चे को 20 लीटर ऊंट का दूध पहुंचाने के लिए उन्होंने न केवल पूरी पार्सल ट्रेन रोक दी थी बल्कि दूध पहुंचाने का भी इंतजाम किया था। इस बच्चे की बीमारी ऐसी थी कि दूध ही उसके दवा के रूप में काम करती थी।


1993 बैच के आईआरटीएस अधिकारी तरूण जैन उत्तर पश्चिम रेलवे में ही डीजीएम और मुख्य जनसंपर्क अधिकारी के पद पर कार्य कर चुके हैं। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी के रूप में वह उत्तर पश्चिम रेलवे के सबसे लंबा कार्यकाल का रिकार्ड स्थापित किया। इसके अलावा कानकोर, सीनियर डीओएम जोधपुर सहित कई अन्य पदों पर कार्य कर चुके हैं।

परकोटे में फिर बरामदें कराए खाली, चलेगा अभियान
— हेरिटेज नगर निगम ने शुरू किया अतिक्रमण हटाओ अभियान
— जौहरी बाजार और त्रिपोलिया बाजार से हटाए अतिक्रमण
— आयुक्त अवधेश मीना ने भी बाजार में घूमकर स्थिति देखी


जयपुर। चारदीवारी के बाजारों और बरामदों से अतिक्रमण हटाने की हेरिटेज नगर निगम ने फिर से तैयारी शुरू कर दी है। बरामदों से अतिक्रमण हटाने (encroachment removal) के लिए निगम अब बड़ा अभियान शुरू करेगा। इसकी शुरुआत शुक्रवार को निगम प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई कर की। निगम सतर्कता आयुक्त इस्लाम खान के साथ हवामहल जोन उपायुक्त और संबंधित थाना इंचार्ज ने बरामदों में घूमकर अतिक्रमण हटवाए। इस दौरान करीब 36 दुकानों के बाहर से अतिक्रमण हटाकर सामान जब्त किया गया। इस बीच व्यापारियों ने विरोध भी किया। शाम को निगम आयुक्त अवधेश मीना ने भी बाजार में घूमकर स्थिति देखी।

हेरिटेज निगम आयुक्त अवधेश मीना ने बताया कि जौहरी बाजार व त्रिपोलिया बाजार के बरामदों और सड़क से अतिक्रमण हटा दिए गए है। शहर में अतिक्रमण हटाने का यह अभियान जारी रहेगा। निगम सतर्कता आयुक्त इस्लाम खान ने बताया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सांगानेरी गेट से शुरू की, इसके बाद जौहरी बाजार, बड़ी चौपड़, त्रिपोलिया बाजार होते हुए छोटी चौपड़ तक कार्रवाई की। इस दौरान बरामदों को खाली करवाया गया। उन्होंने बताया कि परकोटे में बरामदों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नियमित जारी रहेगी। इसके लिए तैयारी कर ली गई है। पहले दिन कार्रवाई के दौरान बरामदों से दुकानों के बाहर से सामान जब्त किया। इस दौरान बरामदों में कई दुपहिया वाहन भी खड़े मिले। कुछ वाहनों को जब्त भी करवाया। हालांकि दुकानदारों ने निगम की कार्रवाई का मालूम चलते ही बरामदों से सामान समेट लिया।

जयपुर| कोरोना महामारी की वैक्सीन गांवों में लोग पहले अफवाहों के चलते लगवाने से कतराते थे। वहीं संभावित तीसरी लहर के बीच अब जागरूकता बढऩे पर वैक्सीन लगवाने (Corona vaccination in Jaipur) को लोगों की भीड़ उमड़ रही है। ऐसा ही मामला शुक्रवार को गोनेर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर देखने को मिला। स्वास्थ्य केंद्र पर सुबह से ही महिलाओं-पुरुषों की फस्र्ट व सैकंड वैक्सीन की डोज लगाने के लिए भीड़ देखने को मिली।

महिलाओं और पुरुष की अलग-अलग लाइन लगवाई गई। इसके बावजूद पहले मैं-पहले मैं को लेकर कोविड वैक्सीन लगवाने के लिए महिलाएं सोशल डिस्टेंसिंग छोड़कर धक्का-मुक्की करने लग गईं। महिलाओं की छीना-झपट्टी में आधार कार्ड की फोटो कॉपी तक फट गई। उन्हें वापस फोटोकॉपी कराने के लिए जाना पड़ा। वहीं एक युवक ने स्वास्थ्य केंद्र के रजिस्ट्रेशन विंडो का शीशा तोड़ा दिया।

नंबर आते ही वैक्सीन खत्म, नाराज हुआ युवक
लोगों ने बताया कि युवक का रजिस्ट्रेशन कराने का नंबर आया तो विंडो से नर्सिंग स्टाफ ने बोला वैक्सीन खत्म हो गई है। इतने में गुस्से में आए युवक ने हाथ से विंडो का शीशा तोड़ दिया। शीशा तोडऩे से नर्सिंगकर्मी बाल-बाल बच गया। जानकारी के अनुसार केंद्र पर 200 लोगों के वैक्सीन लग पाई और 300 लोग हताश होकर वापस लौट गए।

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