>>: इस शहर में 30 करोड़ की आइसक्रीम ही खा जाते हैं लोग

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कढ़ी-कचौड़ी के लिए मशहूर अजमेर में आइसक्रीम की भी दीवानगी देखी जा रही है। यहां साल भर धड़ल्ले से इतनी आइसक्रीम बिक रही है की पूरे राज्य में चर्चा है। आइसक्रीम इंडस्ट्रीज करीब 20 से 30 करोड़ का कारोबार कर रही हैं। गर्मी का सीजन शुरू होते ही इसकी डिमांड बढ़ी है। परंपरागत कुल्फी बाजार के साथ विभिन्न आइसक्रीम कंपनियों के फ्लेवर उपलब्ध हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि कंपनियां डायबिटीज के रोगियों के लिए स्पेशल शुगर फ्री आइसक्रीम और कुल्फी बना रही हैं। इसमें फ्लेवर के विकल्प नहीं दिए जाते। मिठास के लिए आर्टिफिशियल स्वीटनर का इस्तेमाल होता है।

कुल्फी भी मशहूर
आइसक्रीम मार्केट में वेनिला, स्ट्रॉबैरी, कसाटा, चॉकलेट, मैंगो जैसे फ्लेवर जहां आम हैं, वहीं परंपरागत कुल्फी बाजार भी मशहूर है। पिश्ता, काजू-बादाम कतरन युक्त मलाई, मावे फ्लेवर के मामले में पीछे नहीं हैं। नया बाजार, पुरानी मंडी, आगरा गेट, केसरगंज, रामगंज और अन्य इलाकों में कुल्फी के 200 से ज्यादा ठेले, आइसक्रीम वैन और पुरानी दुकानें मशहूर हैं।

मटका कुल्फी
मटका कुल्फी में केसर पिस्ता के साथ सीताफल, स्ट्रॉबेरी, मेंगो चॉकलेट, ब्लू बैरी, किवी, कोकोनट, वॉटर मेलन और जामुन सहित एक दर्जन से ज्यादा फ्लेवर हैं। इनमें से कई फ्लेवर दो-तीन साल में लॉन्च हुए हैं।

हर साल 10 से 15 प्रतिशत की ग्रोथ
इंडियन आइसक्रीम मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के आकलन के अनुसार 2027 तक भारत में आइसक्रीम का बाजार 45 हजार करोड़ तक पहुंच जाएगा। हर साल मार्केट 10 से 15 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। अजमेर में लोकल और ब्रांडेड आइसक्रीम का सालाना कारोबार 20 से 30 करोड़ या इससे भी ज्यादा है।

इनका कहना है...
मौसम अनुकूल आइसक्रीम खाने में कोई हर्ज नहीं है, लेकिन डायबिटीज और हृदय रोगियों को आइस्क्रीम से परहेज करना चाहिए। घर पर ड्रायफ्रूट से बनी आइसक्रीम- कुल्फी खा सकते हैं। अत्यधिक ठंडी अथवा अधिक पुरानी आइसक्रीम नुकसानदायक होती है।

प्रो. ऋतु माथुर, फूड-न्यूट्रिशियन विभाग, मदस विश्वविद्यालय

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