>>: शहरवासियों को रास आ रहे गुजरात के टोंटीदार मटके, इनमें पानी रहता है शीतल

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अलवर. इन दिनों जिले में तेज गर्मी पड़ रही है और तापमान 43 डिग्री पहुंच गया हैं। ऐसे में ठंडे पानी से प्यास बुझाने के लिए शहरवासी अब गुजरात के टोंटीदार मटके का पानी पीना पसंद कर रहे हैं। शहर के अशोका टाकीज, एसएमडी चौराहा, नगर परिषद, रोड नंबर दो पर मिटटी के बर्तन बेचने वाले कुंभकार अब गुजरात से लाए गए टोंटीदार मटकों को बेच रहे हैं। खास बात यह है कि टोंटी लगी होने के कारण इन मटकों में पानी लेने के लिए बर्तन अंदर डालने की बजाय सीधे ही टोंटी से पानी लिया जा सकता है। पहले शहर में स्थानीय स्तर पर तैयार किए गोल आकार वाले सामान्य मटके ही बिकते थे लेकिन अलवर में टोंटीदार मटके की मांग को देखते हुए स्थानीय स्तर पर भी अब मटके तैयार किए जाने लगे हैं। अलवर में तैयार गोल मटकों की कीमत 50 से 80 रुपए आकार अनुसार रहती हैं। इन मटकों की कीमत 150 रुपए से 200 रुपए तक है। महंगे होने के बावजूद लोग इन्हें खरीद रहे हैं। अलवर में पहले गोल आकार वाले सामान्य मटके ही मिलते थे, लेकिन अब टोंटीदार मटकों को अलग- अलग रंग से सुंदर चित्रकारी कर और भी सुंदर बनाया जा रहा है।

महंगा पड़ता है मिट्टी के मटके तैयार करना

कुंभकार का काम करने वाले कुम्हार पाडी निवासी हुकुमचंद बताते हैं कि इन दिनों मिटटी के बर्तन बनाने के लिए मिटटी बहुत महंगी मिल रही है। शहर में मिटटी खत्म हो चुकी हैं, अब गांव में भी महंगे दामों में मिल रही है। मटके बनाने के लिए चिकनी मिटटी चाहिए जो नहीं मिल पा रही है। इसके साथ ही हाव चलाने के लिए ईंधन भी महंगा हो गया हैं। इसलिए बाहर से मटके लाना ही सस्ता पड़ रहा है। शहर में मांग को देखते हुए अलग डिजायन में टोंटीदार मटके व सामान्य मटके तैयार किए जा रहे हैं जो गर्मी में खूब बिक रहे हैं।

सेहत के लिए स्वास्थ्यवर्धक है मटकों का पानी

फ्रीज का ठंडा पानी पीने से पेट संबंधी रोग होने की संभावना रहती है। लेकिन गर्मी में मिटटी से बने मटके का पानी पीना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना गया हैं। मिटटी के मटके में पानी ठंडा भी रहता है। इसलिए पुरानी पीढ़ी के लोग आज भी मटके का ही पानी पीते हैं। ज्यादातर घरों में फ्रिज होने के बाद भी मटका आवश्यक रूप से रखा जाता है।

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