>>: Digest for November 18, 2023

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Table of Contents

प्रमुख समाजसेवी ज्ञानचंद रांका के देहदान के संकल्प को उनके परिवार ने पूरा किया। वहीं उनसे प्रेरित होकर परिवार के सदस्यों ने भी मृत्यु उपरांत देहदान करने का संकल्प लिया। 83 वर्ष की उम्र में रांका ने देहदान का निर्णय लिया था।

मंगलवार को उनके निधन के बाद यहां आरएनटी मेडिकल कॉलेज में परिवार ने उनका देहदान किया। इस दौरान उनकी पत्नी प्रेमलता रांका और राजकीय सेवारत तीन पुत्रियां डॉ.अर्चना रांका (सांख्यिकी निदेशक), कल्पना रांका (सहायक लेखाधिकारी) व डॉ. वंदना (निजी सहायक) ने भी देहदान का संकल्प लिया।

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ससुर से प्रेरणा लेते हुए दामाद प्रोफेसर अजय कुमार चौधरी, दिनकर खमेसरा व संदीप बोल्या तथा नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जोधपुर में अध्ययनरत दोहित्री चार्मी खमेसरा ने भी देहदान का संकल्प लेते हुए समाज में देहदान की अलख जगाने का निश्चय किया। देहदान के दौरान एनाटॉमी विभाग की अध्यक्ष डॉ.परवीन ओझा ने ज्ञानचंद रांका की पत्नी प्रेमलता रांका को देहदान का प्रमाण पत्र पत्र प्रदान दिया।

पंकज वैष्णव
Rajasthan Assembly Election 2023 : राजस्थान विधानसभा चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशी प्रचार में पूरी जोर आजमाइश कर रहे हैं, वहीं इस दौरान कुछ रोचक पहलू भी सामने आ रहे हैं। एक पहलू ये भी है कि मेवाड़-वागड़ की 28 में से 6 सीटों पर सात प्रत्याशी ऐसे हैं, जिनकी दो-दो पत्नियां हैं। प्रतापगढ़ सीट पर भाजपा-कांग्रेस के दोनों प्रत्याशियों की दो-दो पत्नियां हैं। प्रत्याशियों की ओर से नामांकन दाखिले के दौरान दिए गए शपथ पत्र में यह स्थिति सामने आई है। प्रत्याशियों की दोनों पत्नियों ने हाल ही में करवा चौथ का पर्व भी उल्लास से मनाया।

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तीन प्रत्याशी ऐसे जिनकी 5 से अधिक संतान : प्रत्याशियों की संतान की स्थिति देखें तो तीन प्रत्याशी ऐसे हैं, जिनके 5 से अधिक संतान है। इसमें झाड़ोल से कांग्रेस के हीरालाल दरांगी के 7 व भाजपा के बाबूलाल खराड़ी के 5 संतान है। खेरवाड़ा से भाजपा के नानालाल अहारी के छह संतान है।

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उदयपुर सांसद भी चर्चा में
उदयपुर के सांसद अर्जुनलाल मीणा की भी दो पत्नियां है। करवा चौथ पूजा के दौरान दोनों पत्नियों ने एक साथ अर्जुनलाल का चेहरा देखकर व्रत तोड़ा। पिछले साल उनकी ऐसी तस्वीर सामने आई थी, जो काफी चर्चा में रही। सांसद की पत्नियां मीनाक्षी और राजकुमारी, दोनों बहनें हैं। दोनों खुशी—खुशी साथ-साथ रहती हैं। राजकुमारी सरकारी शिक्षक हैं, जबकि मीनाक्षी के नाम पर गैस एजेंसी है।

दो पत्नियों वाले प्रत्याशी

जिला सीट प्रत्याशी पार्टी
उदयपुर वल्लभनगर उदयलाल डांगी भाजपा
उदयपुर झाड़ोल बाबूलाल खराड़ी भाजपा
उदयपुर खेरवाड़ा दयाराम परमार कांग्रेस
प्रतापगढ़ प्रतापगढ़ हेमंत मीणा भाजपा
प्रतापगढ़ प्रतापगढ़ रामलाल मीणा कांग्रेस
बांसवाड़ा घाटोल नानालाल निनामा कांग्रेस
बांसवाड़ा गढ़ी कैलाशचंद्र मीणा भाजपा

रुण्डेड़ा (उदयपुर). जिलेभर में सुबह-शाम हल्की ठंडक का एहसास बढ़ गया है। मौसम अनुकूल होते ही स्मार्ट विलेज रुण्डेड़ा के तालाब पर मेहमान परिंदों का आगमन शुरू हो गया है। मेहमान परिंदों की दस्तक के बाद अब सुबह-शाम इन परिंदों की चहचहाट गूंजने लगी है। वर्तमान में इन पक्षियों को देखने के लिए पक्षी विशेषज्ञ तालाब पर पहुंचना शुरू हो गए है।

उदयपुर से आए वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर रोहित द्विवेदी ने रुण्डेड़ा तालाब पर ब्लैक नेक्ड स्टोर्क, ओस्प्रे, यूरेशियन स्पून बिल, इजिप्शियन वल्चर, इंडियन स्पोटेड ईगल, यूरेशियन विजन, स्पोटेड डक, बार हैडेड गूज, रडी शैल डक, नॉर्दन पिनटेल, कॉमन पोचार्ड, लिटिल ग्रीब, चेस्टनट बिल्ड सेण्ड ग्राउज, मार्श हैरियर, सारस क्रेन, कॉमन क्रेन,लिटिल रिग्ड प्लॉवर, ब्लैक टेल्ड गॉडविट, रफ, कॉमन सेंडपाईपर, वूलीनेक्ड स्टोर्क, ग्रे हेरॉन, पर्पल हेरॉन, ब्लैक विंग्ड काईट पक्षी देखे। साथ ही अपने कैमरे में पक्षियों की अठखेलियों को कैद किया।
उन्होंने बताया कि वे लंबे समय से रूण्डेड़ा तालाब पर आ रहे है। लेकिन यहां पहली बार ब्लैक नेक्ड स्टोर्क पक्षी को देखा है। इस पक्षी को काली गर्दन वाले सारस व एक बड़ा पक्षी के नाम से भी जाना जाता है। यह 129-150 सेमी लंबा होता है और इसके पंखों का फैलाव 230 सेमी तक होता है। काली गर्दन वाला सारस ( एफिपिओरिन्चस एशियाटिकस) सारस परिवार का एक लंबा गर्दन वाला पक्षी है। यह भारतीय उपमहाद्वीप और दक्षिण पूर्व एशिया में एक निवासी प्रजाति है। इसका सिर चमकदार नीला-काला इंद्रधनुषी जैसा होता है। नर और मादा में अंतर इसकी आंखों से किया जा सकता है। मादा की आंखें चमकदार पीली जबकि नर की आंखें गहरे भूरे रंग की होती है।
भारत में यह प्रजाति पश्चिम, मध्य उच्च भूमि और उत्तरी गंगा के मैदानी इलाकों में पूर्व में असम घाटी तक फैली हुई है। लेकिन प्रायद्वीपीय भारत में थोड़ा दुर्लभ है। काली गर्दन वाले सारस विभिन्न प्रकार के प्राकृतिक और कृत्रिम आर्द्रभूमि आवासों में भोजन करते हैं। वे अक्सर मीठे पानी, प्राकृतिक आर्द्रभूमि आवासों जैसे झीलों, तालाबों के आसपास अपने भोजन की तलाश करते हुए दिखाई देते है। भारत में घोंसले का निर्माण मानसून के चरम के दौरान शुरू होता है, अधिकांश घोंसले सितंबर-नवंबर के दौरान बनाए जाते है। ये अपने घोंसले बडे-बडे पेड़ो पर बनाते है।

विधानसभा आम चुनाव- 2023 लोकतंत्र के प्रति अटूट आस्था और हौंसलों की नई इबारत लिख रहा है। भारत निर्वाचन आयोग के आदेशानुसार बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं को घर बैठे वोटिंग की सुविधा देने के लिए चल रही होम वोटिंग प्रक्रिया के तीसरे दिन भी मतदाताओं के साथ-साथ मतदान दलों का उत्साह देखते ही बना। गोगुन्दा विधानसभा क्षेत्र में मतदान दल घने जंगल और नदी-नालों की पथरीली राहों से होकर मतदाताओं के घरों तक पहुंचा और उनसे मतदान कराया।

निर्वाचन आयोग ने इस बार 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक तथा 40 प्रतिशत से अधिक विकलांगता वाले दिव्यांगजनों के लिए होम वोटिंग सुविधा उपलब्ध कराई है। इसके लिए उदयपुर जिले में कुल 82 मतदान दल गठित किए गए हैं। 14 नवम्बर से शुरू हुए होम वोटिंग के प्रथम चरण के तीसरे दिन गुरूवार को सभी रिटर्निंग अधिकारी मुख्यालयों से दल अपने निर्धारित रूट पर रवाना हुए तथा चिन्हित मतदाताओं के घरों पर दस्तक देकर उनसे मतदान प्रक्रिया पूर्ण कराई।

नदी-नालों को पारकर मतदान दल ने पूरा किया लक्ष्य
गोगुन्दा के रिटर्निंग अधिकारी हनुमान सिंह ने बताया कि जिले के गोगुन्दा विधानसभा क्षेत्र के पोलिंग स्टेशन डांग तक पहुंचने के लिए मतदान दल को करीब तीन किलोमीटर घने जंगल और पथरीली राहों से पैदल गुजरना पड़ा। मतदान दल हाथ में मतदान पेटी सहित सभी पत्रावलियां थामे घने जंगल के बीच से कच्ची, उखड़-खाबड़ राहों से होकर गुजरे। कहीं-कहीं नदी-नालों के छिछले पानी में से होकर भी गुजरना पड़ा, लेकिन लोकतंत्र के उत्सव को लेकर उनका उत्साह तनिक भी कम नहीं हुआ। इस मतदान दल ने 3 मतदाताओं से होम वोटिंग करवाकर अपना लक्ष्य पूरा किया। मतदान दल में पीठासीन अधिकारी नारायण सिंह मीणा, मतदान अधिकारी विकास एव ंबीएलओ फूलाराम आदि शामिल थे।

आगामी विधानसभा चुनाव-2023 में अधिक से अधिक मतदाताओं की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता जागरूकता अभियान के तहत सतरंगी सप्ताह का आगाज हुआ। सप्ताह के प्रथम दिन की पूर्व संध्या पर लोक नृत्य और लोक अभिव्यक्ति की थीम और हम भी नाचेंगे-गाएंगे, वोट डालकर आएंगे नारे के साथ लोक कला मंडल परिसर में रंगारंग कार्यक्रम हुआ।

जिला निर्वाचन अधिकारी अरविन्द पोसवाल एवं स्वीप प्रकोष्ठ प्रभारी कीर्ति राठौड़ के निर्देशन में भारतीय लोक कला मंडल परिसर में आदि महोत्सव के तहत लोक कलाकारों ने मतदाता जागरूकता का संदेश देते हुए रंगारंग प्रस्तुतियां दी। लोक कला मंडल निदेशक लईक हुसैन के नेतृत्व में कलाकारों ने नृत्य, नाटिका आदि के माध्यम से आमजन को 25 नवम्बर को मतदान करने और लोकतंत्र को सुदृढ बनाने का संदेश दिया।
स्वीप प्रकोष्ठ सह प्रभारी एवं सीपीओ पुनीत शर्मा ने बताया कि सतरंगी सप्ताह के तहत 17 नवम्बर को अंगुली पर निशान, राष्ट्र के नाम नारे के साथ संगीतमय बैण्डवादन एवं मतदाता प्रतिज्ञा का आयोजन होगा। 18 नवम्बर को कर्तव्य पथ पर राष्ट्रहित में नारे के साथ सर्विस वोटर्स एवं सरकारी कर्मचारियों के लिए समावेशी वॉकाथन, 19 नवम्बर को दिव्यांग वोटर्स के लिए हम भी सक्षम, राष्ट्र भी सक्षम नारे के साथ ट्राई साइकिल रैली, 20 को युवा मतदाताओं के लिए मताधिकार का प्रयोग करेंगे, वोट करेंगे-वोट करेंगे नारे के साथ रैली व फ्लेश मोब, 21 को महिलाओं के लिए वोट करूंगी, तभी तो बढूंगी नारे के साथ रंगोली व महिला मार्च तथा 22 नवम्बर को लालच पर होगी चोट, सोच समझ कर करेंगे वोट नारे के साथ वोट ट्री, दीपदान व नैतिक एवं शुचितापूर्ण मतदान संबंधी कार्यक्रम होंगे।

कलक्टर ने किया सतरंगी सप्ताह के पोस्टर का विमोचन
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता जागरूकता अभियान के तहत आयोजित हो रहे सतरंगी सप्ताह के पोस्टर का विमोचन जिला निर्वाचन अधिकारी (कलक्टर) अरविंद पोसवाल ने किया। इस अवसर पर जिला समन्वयक देवीलाल गर्ग, समन्वयक अभिमन्यु दीवान, जिला आइकॉन से कुलदीप सिंह राव उपस्थित थे

लोकतंत्र के उत्सव को सतरंगी बनाने तथा आमजन को मतदान प्रक्रिया से जोड़ने के लिए भारत निर्वाचन आयोग नित नए नवाचार कर रहा है। हर विधानसभा क्षेत्र में महिलाओं, युवाओं एवं दिव्यांगजनों के लिए विशेष बूथ स्थापना के साथ ही अब हर विधानसभा में उस क्षेत्र के पर्यटन, कला, संस्कृति की थीम पर आधारित बूथ भी तैयार किया जाएगा। साथ ही हर विधानसभा क्षेत्र में इको फ्रेण्डली बूथ भी बनाए जाएंगे। इसके अलावा विशिष्ठ बूथों पर सेल्फी पोईंट भी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त और भी कई नवाचार किए जा रहे हैं, जिससे आमजन को निर्वाचन प्रक्रिया से अधिक से अधिक संख्या में जोड़ा जा सके।


बूथ पर जीवंत होगी कला-संस्कृति
भारत निर्वाचन आयोग ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में वहां के पर्यटन स्थल, दर्शनीय स्थल, स्थापत्य कला-संस्कृति पर आधारित विशिष्ठ मतदान केंद्र तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसमें बूथ पर संबंधित क्षेत्र के विशिष्ट स्थल, कला और लोक संस्कृति को प्रदर्शित किया जाएगा। आयोग के निर्देशानुसार जिला निर्वाचन अधिकारी अरविन्द पोसवाल ने पर्यटन विभाग से जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों के प्रमुख पर्यटन स्थलों की सूची प्राप्त कर जारी कर दी है। साथ ही संबंधित रिटर्निंग अधिकारियों को उक्त पर्यटन स्थलों के आधार पर थीम बेस मतदान केंद्र स्थापित करने के लिए निर्देशित किया है।


सेल्फी अपलोड करने पर मिलेगा डिजिटल सर्टिफिकेट
आयोग ने विशिष्ठ बूथों पर सेल्फी पोईंट भी स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। इन पॉइंट पर सेल्फी लेकर सीईओ राजस्थान की वेबसाइट पर अपलोड करने पर संबंधित मतदाता को मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजस्थान की ओर से डिजिटल सर्टिफिकेट भी जारी किया जाएगा। सेल्फी पॉइंट पर उक्त सूचना भी प्रदर्शित की जाएगी।


ग्रीन पोलिंग स्टेशन बनेंगे
आयोग ने हर विधानसभा क्षेत्र में ग्रीन पोलिंग स्टेशन (इको फ्रेंडली) स्थापित करने के भी निर्देश दिए हैं। इसके तहत संबंधित बूथों पर यथासंभव पर्यावरण को क्षति पहुंचाने वाली वस्तुओं का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। इसके अलावा बूथ पर माकूल साफ-सफाई व्यवस्था रहेगी तथा डस्टबिन भी लगाए जाएंगे।


पहले पांच मतदाता करेंगे पौधरोपण
चुनाव आयोग ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा नवाचार करते हुए हर बूथ पर पौधरोपण कराने के भी निर्देश दिए हैं। इसके तहत प्रत्येक बूथ पर पहले पांच मतदाता पौधरोपण करेंगे। इसके लिए जिला निर्वाचन अधिकारी ने उप वन संरक्षक को पत्र भेज कर जिले के 8 विधानसभा क्षेत्रों में स्थापित 2209 बूथों के लिए कुल 11045 पौधे संबंधित विकास अधिकारियों को अविलम्ब उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।


बूथों पर मतदाताओं के लिए रहेंगी व्यवस्थाएं
आयोग ने प्रत्येक बूथ पर मतदाताओं के लिए बैठने की व्यवस्था, पेयजल, छाया की उचित व्यवस्था, रोशनी की व्यवस्था के भी निर्देश दिए हैं। इसके अलावा मतदान केंद्रों पर मैस्कॉट का भी प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं चिन्हित मतदान केंद्रों के बाहर स्थानीय कलाकारों के माध्यम से मतदाता जागरूकता संबंधित प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी। केंद्र पर वोटर आईडी के अलावा प्रस्तुत किए जा सकने वाले 12 दस्तावेजों का पोस्टर भी प्रदर्शित किया जाएगा।


त्रि-स्तरीय वार रूम स्थापित
निर्वाचन प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार राज्य, जिला एवं विधानसभा स्तर पर वार रूम स्थापित किए गए हैं। राज्य स्तरीय वार रूम का नेतृत्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी करेंगे। वहीं जिला स्तरीय वार रूम में जिला स्वीप नोडल अधिकारी तथा विधानसभा स्तर पर डी-एईआरओ के नेतृत्व में टीम काम करेगी। वार रूम पर फील्ड में काम करने वाले सभी कार्मिकों के नाम, पदनाम व मोबाइल नंबर की सूची उपलब्ध रहेगी। टीम प्रत्येक दो घंटे में मतदान प्रतिशत का सूक्ष्य निरीक्षण करते हुए रिपोर्ट तैयार करेगी। औसत से कम मतदान वाले केंद्रों पर तुरंत रणनीति बनाकर कार्यवाही की जाएगी। इसके लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।

विधानसभा चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशी प्रचार में पूरी जोर आजमाइश कर रहे हैं, वहीं इस दौरान कुछ रोचक पहलू भी सामने आ रहे हैं। एक पहलू ये भी है कि मेवाड़-वागड़ की 28 में से 6 सीटों पर सात प्रत्याशी ऐसे हैं, जिनकी दो-दो पत्नियां हैं। प्रतापगढ़ सीट पर भाजपा-कांग्रेस के दोनों प्रत्याशियों की दो-दो पत्नियां हैं। प्रत्याशियों की ओर से नामांकन दाखिले के दौरान दिए गए शपथ पत्र में यह स्थिति सामने आई है। प्रत्याशियों की दोनों पत्नियों ने हाल ही में निकले करवा चौथ का पर्व भी उल्लास से मनाया।

जिला उदयपुर
- वल्लभनगर से भाजपा प्रत्याशी उदयलाल डांगी के दो पत्नियां है।
- झाड़ोल से भाजपा के प्रत्याशी बाबूलाल खराड़ी की दो पत्नियां है।
- खेरवाड़ा से कांग्रेस प्रत्याशी दयाराम परमार की भी दो पत्नियां है।

जिला प्रतापगढ़
- प्रतापगढ़ से भाजपा प्रत्याशी हेमंत मीणा की भी दो पत्नियां है।
- प्रतापगढ़ से कांग्रेस प्रत्याशी रामलाल मीणा की भी दो पत्नियां है।

जिला बांसवाड़ा
- घाटोल से कांग्रेस प्रत्याशी नानालाल निनामा की भी दो पत्नियां है।
- गढ़ी से भाजपा प्रत्याशी कैलाशचंद्र मीणा की भी दो पत्नियां है।

ये प्रत्याशी भी चर्चा में
प्रत्याशियों की संतान की स्थिति देखें तो तीन प्रत्याशी ऐसे हैं, जिनके 5 से अधिक संतान है। इसमें झाड़ोल से कांग्रेस प्रत्याशी हीरालाल दरांगी के सात संतान, खेरवाड़ा से भाजपा प्रत्याशी नानालाल अहारी के छह संतान है। झाड़ोल के भाजपा प्रत्याशी बाबूलाल खराड़ी के भी पांच संतान है।

पत्नियों के नाम जेवर-जमीनें
प्रत्याशियों की ओर से शपथ पत्रों में किए गए सम्पत्ति के उल्लेख देखें तो दोनों पत्नियों के नाम काफी जेवर और जमीनें हैं। हालांकि किसी के पास कम तो किसी के पास ज्यादा है। संबंधित प्रत्याशियों में से कुछ ने तो पत्नियों के नाम और सम्पत्ति का पूरा उल्लेख किया है, जबकि कुछ ने नाम का भी उल्लेख नहीं किया और पत्नी के कॉलम में ए और बी लिख दिया है। प्रत्याशियों की ओर से दी गई जानकारी में दो पत्नियों में से एक ऐसी भी है, जो सरकारी जॉब में है, जबकि दूसरी घर संभालती है।

उदयपुर सांसद भी रहे चर्चा में
उदयपुर के सांसद अर्जुनलाल मीणा की भी दो पत्नियां है। करवा चौथ पूजा के दौरान दोनों पत्नियों की ओर से एक साथ अर्जुनलाल का चेहरा देखकर व्रत तोड़ा गया। पिछले साल उनकी ऐसी तस्वीर सामने आई थी, जो काफी चर्चा में रही। सांसद की पत्नियां मीनाक्षी और राजकुमारी, दोनों बहनें हैं। दोनों साथ खुशी—खुशी साथ रहती हैं। राजकुमारी सरकारी शिक्षक है, जबकि मीनाक्षी के नाम पर गैस एजेंसी है।

दुनिया का बेस्ट टूरिस्ट और वेडिंग डेस्टिनेशन लेकसिटी... जहां सेलिब्रिटीज आकर अपनी वेडिंग को यादगार बनाना चाहते हैं तो पर्यटक यहां की मेहमाननवाजी और खूबसूरती को देखने खिंचे चले आते हैं। सेफ सिटी फॉर सोलो ट्रेवलर से लेकर रोमांटिक सिटी जैसे कई खिताब पा चुकी ये सिटी साल के 12 महीनों में से 8 महीने पर्यटकों से पैक ही रहती है। लेकिन जब बात पर्यटकों की सुविधाओं की आती है तो यहां सुविधाएं कम और समस्याओं की भरमार मिलती है। अब सबसे बड़े फेस्टिवल दिवाली की तैयारियां उदयपुर में चल रही हैं। इस बार शहर को दुल्हन की तरह सजाया जाएगा। लेकिन, ये भी जरूरी है कि जो पावणे यहां आएं उनको किसी तरह की समस्याएं ना हों। उनकी परवाह करने की जिम्मेदारी मेजबानों की ही है।

गुजरात या बाहरी राज्य का नंबर देखते ही रोकते हैं गाड़ी

होटल व्यसायियों के अनुसार उदयपुर में आने वालों में खासकर गुजराती पर्यटकों की संख्या अधिक रहती है। लेकिन आए दिन देखा जाता है कि उदयपुर में प्रवेश लेते ही पारस तिराहे, उदियापोल चौराहे, अशोकनगर चौराहे पर गुजराती नंबर की गाड़ियाें को यातायात पुलिस द्वारा रोका जाता है। कई बार ट्रैफिक नियमों का हवाला देकर तो कई बार और कारणों से उनसे पैसे वसूले जाते हैं। बाहर से आने वाले पर्यटक शहर में घूमने के लिए आते हैं, वे परिवार सहित आते हैं, शहर में प्रवेश करते ही उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कोई व्यवस्था इस तरह की जाए कि बाहर से आने वाले पर्यटकों को चौराहे पर इस तरह की समस्याओं से ना जूझना पड़े।

रास्ते ढूंढते रह जाओ, गूगल मैप भी भटका रहा

शहर में बहुत सारे पर्यटक घूमने के लिए आते हैं, उनमें से कई स्वयं के वाहनों से आते हैं। उन्हें यहां के रास्ते मालूम नहीं होते। ऐसे में वे गूगल मैप की सहायता लेते हैं पर कभी-कभी गूगल मैप की सहायता लेने पर पर्यटक संकरे रास्तों पर चले जाते हैं, जहां उन्हें जाने के बाद कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। शहर के सभी पर्यटक स्थलों से पूर्व उचित एवं व्यवस्थित दिशा निर्देश ही नहीं हैं, जिनके माध्यम से पर्यटक स्थलों पर आसानी से पहुंचा जा सके। गुलाब बाग क्षेत्र के आसपास कई पर्यटक स्थल हैं। यहां गुलाब बाग, बर्ड पार्क, गुलाबबाग ट्रेन, सिटी पैलेस, जगदीश मंदिर, गणगौर घाट, माणिक्यलाल वर्मा पार्क, पिछोला लेक, दूध तलाई, जंगल सफारी पार्क ,सीसारमा रोड इत्यादि पर्यटक स्थल हैं। जहां एक भी साइन बोर्ड नहीं दिखता। इन सभी जगहों पर साइन बोर्ड की महती आवश्यकता है।

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कागजों से बाहर नहीं आ पाई नाइट बाजार की फाइल

शहर में नाइट बाजार को लेकर लंबे समय पर चल रहे प्रयास कागजों तक ही सीमित रह गए। अब तक नाइट बाजार की फाइल बाहर नहीं निकल पाई। तत्कालीन कलक्टर ने निगम आयुक्त को शीघ्र जगह तय कर नाइट बाजार के आदेश दिए थे, लेकिन आज तक यह बाजार नहीं खुल पाया। नाइट बाजार नहीं खुलने से आने वाले पर्यटकों को यहां 11 बजे खरीदारी तो छोड़ो खाने पीने की चीजें भी नहीं मिल पाती।

मनमाना किराया, पर्यटक परेशान

शहर में ऑटो चालकों द्वारा पर्यटकों से मनमाना किराया वसूला जाता है। प्रशासन व आरटीओ द्वारा किराया दर तय नहीं होने से ऑटो चालक मनमाना किराया वसूलते हैं। एक पर्यटक स्थल या होटल पर जाने का भी वह 100 से 200 रुपए लेते हैं। इसको लेकर आए दिन पर्यटक ऑटो चालक से उलझते रहते हैं। पर्यटकों को घुमाने के लिए यहां अन्य पर्यटक सिटी की तरह ही सिटी ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था नहीं है, इस कारण मजबूरन टूरिस्ट ऑटो में सफर करते हैं या फिर स्वयं की गाडिय़ों में जाते हैं, लेकिन इन गाडिय़ों को भी पार्क करने के लिए शहर में पार्किंग की व्यवस्था नहीं है।

दिवाली पर शहर हो जाता है जाम

दिवाली पर धनतेरस से लेकर लाभ पंचमी तक सबसे ज्यादा पर्यटक शहर में होते हैं। पिछले साल इस सीजन में लगभग 1 लाख से अधिक पर्यटक शहर में थे। इस सीजन में नए रिकॉर्ड बनने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन को यहां आने वाले पर्यटकों के लिए शहर के पर्यटन स्थलों पर पार्किंग की व्यवस्था सबसे पहले करानी चाहिए। वहीं, मैकेनाइज्ड और बड़े पार्किंग स्थलों जैसे टाउनहॉल, सूरजपोल आदि के साइन बोर्ड भी लगाए जाने चाहिए, ताकि पर्यटक वहां अपने वाहन पार्क कर सकें। दिवाली पर गुलाबबाग से लेकर समोर बाग, जगदीश चौक, फतहसागर मार्ग, सहेलियों की बाड़ी जाने वाला रास्ता जाम ही रहता है। ऐसे में अतिरिक्त पार्किंग स्थल भी बनाए जाने चाहिए।

इनका कहना ....

हाल ही होटल, व्यावसायिक संगठनों के प्रतिनिधियों व पर्यटन व्यवसायियों की बैठक जिला कलक्टर ने ली। इसमें कई तरह के मुद्दे उठाए गए। इसमें सभी से चर्चा कर प्रतिनिधियों से सुझाव प्राप्त कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। वहीं, पर्यटक स्थलों पर भी यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था को लेकर जरूरी बंदोबस्त किए जा रहे हैं।

शिखा सक्सेना, उपनिदेशक, पर्यटन विभाग

केस 1 : जर्मनी और उत्तराखंड से आए कुछ पर्यटक कार से मेनार गांव से उदयपुर की ओर आ रहे थे। वे गूगल मैप के सहारे रास्ता तय कर रहे थे। जब वे नवानिया राजमार्ग पर थे, तब एप ने उन्हें एक वैकल्पिक मार्ग दिखाया, लेकिन इस वैकल्पिक मार्ग के चक्कर में उनकी कार ऐसे सुनसान रास्ते पर जाकर फंस गई, जहां से निकलने में ही उन्हें घंटों लग गए।

केस 2 : गुजरात से आए पर्यटक जब कार लेकर करणी माता जाना चाहते थे तो पारस और आसपास के क्षेत्र से करणी माता मंदिर को सर्च करने पर गूगल मैप माछला मगरा स्थित गोसिया कॉलोनी में उन्हें ले गया। ऐसे में कई लोगों से रास्ता पूछने के बाद वे करणी माता मंदिर तक पहुंचे।

क्या आप कभी किसी फॉरेन कंट्री में घूमने गए हैं तो वहां हर स्ट्रीट पर दिशासूचक और पर्यटन स्थलों के लिए साइन बोर्ड लगे आसानी से नजर आ जाएंगे। वहीं देश में भी केरल, हिमाचल आदि जगहों के प्रमुख पर्यटन स्थलों के लिए साइन बोर्ड रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट पर लगे नजर आ जाएंगे। कई ने तो ये व्यवस्था भी कर रखी है कि पर्यटकों को उस राज्य के पर्यटन विभाग के एप से ही सारे पर्यटन स्थलों की जानकारी आसानी से मिल जाती है। अब उदयपुर भी देश का एक पॉपुलर डेस्टिनेशन बन चुका है, लेकिन यहां के रास्ते और गलियां बिना मैप और साइन बोर्ड के भूलभुलैया से कम नहीं है।

केवल एयरपोर्ट पर लगा आधुनिक साइन बोर्ड, बाकी कहीं भी मैप व साइन बोर्ड नहीं

उदयपुर के महाराणा प्रताप एयरपोर्ट कुछ समय पूर्व आधुनिक साइन बोर्ड लगाया गया है, जिसमें क्यूआर कोड स्कैन करते ही शहर का मैप मोबाइल पर खुल जाता है। इसके अलावा शहर के रेलवे स्टेशन, बस स्टेंड और शहर के एंट्री गेट जैसे पारस तिराहा, भुवाणा, अम्बेरी, प्रतापनगर आदि किसी चौराहे पर ना तो शहर के मैप लगे हैं और ना ही कहीं शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर जाने के लिए कोई साइन बोर्ड ही लगे हैं। पर्यटन व्यवसायियों के अनुसार लेकसिटी का नाम दुनियाभर में मशहूर है, लेकिन जब पर्यटक यहां आते हैं तो कहीं भी उन्हें शहर का मैप नहीं मिलता। एक भी जगह पर शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों का प्रचार-प्रसार वाले बोर्ड नजर नहीं आते। ऐसे में पर्यटकों को गूगल मैप के भरोसे ही रहना पड़ता है।

पर्यटन विकास समिति की बैठक में कई बार उठ चुका मुद्दा

पर्यटन विकास समिति की बैठक में भी शहर में पर्यटन स्थलों के साइन बोडर्स लगाने को लेकर मुद्दा कई बार उठ चुका है। शहर में कहीं पर भी पुराने व नए पर्यटन स्थलों के आकर्षक साइन बोर्ड नहीं लगा रखे हैं। नई जगहों को लेकर भी प्रचार-प्रसार के लिए मैप्स होने चाहिए। पर्यटन व्यवसायियों के अनुसार हर बार शहर की तुलना विदेश के खूबसूरत शहरों से की जाती है, लेकिन वहां हर जगह साइन बोर्ड, इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले, मैप्स आदि लगे होते हैं। अब डिजिटल जमाना है तो उसके अनुसार एलइडी डिस्प्ले बोर्ड, जो रात में भी आकर्षित करें, डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाने चाहिए।

इनका कहना है ...

पर्यटकों को शहर में प्रवेश करते ही बहुत से स्थान पर साइन बोर्ड नहीं होने के कारण गलत दिशाओं में भटक जाना पड़ता है। इसलिए उचित मार्ग निर्देशन के लिए साइन बोर्ड और पर्यटन स्थलों के प्रचार-प्रसार करने वाले बोर्ड और उन तक पहुंचने के निर्देश भी सभी जगह पर्यटक स्थलों से पूर्व लगाने चाहिए।

राजेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष,होटल एसोसिएशन उदयपुर

Alliance Air New Time Table : महाराणा प्रताप एयरपोर्ट उदयपुर से दिल्ली व अहमदाबाद के रूट पर चलने वाली फ्लाइट्स के समय में गुरुवार से परिवर्तन हो गया है। ये फ्लाइट्स पहले शाम को उदयपुर पहुंचा करती थी, लेकिन अब इनका समय सुबह कर दिया गया है। ये परिवर्तन अलायंस एयर की फ्लाइट में किया गया है। पर्यटन व्यवसायी अशोक जोशी के अनुसार अलायंस एयर की फ्लाइट संख्या 91695 उदयपुर-दिल्ली वाया अहमदाबाद की फ्लाइट सुबह 9.30 बजे दिल्ली से चलेगी, जो सुबह 11.15 बजे उदयपुर पहुंचेगी। वहीं, उदयपुर से अहमदाबाद के लिए सुबह 11.40 पर रवाना होगी और दोपहर 12.40 बजे अहमदाबाद पहुंचा देगी। इसके बाद अहमदाबाद से दोपहर 1.05 बजे रवाना होकर 2.00 बजे उदयपुर पहुंचेगी। उदयपुर से वापस करीब 2.25 पर रवाना होगी, जो 4.15 बजे दिल्ली पहुंचाएगी। ये फ्लाइट सप्ताह में 4 दिन यानी सोमवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार को होगी। वहीं, बुधवार को ये फ्लाइट दिल्ली से दिन में 1.15 बजे रवाना होगी। जो अपराह्न 3.00 बजे उदयपुर पहुंचेगी।

इसके बाद उदयपुर से अपराह्न 3.25 को रवाना होकर 4.25 बजे अहमदाबाद पहुंचाएगी। अहमदाबाद से वापस 4.50 पर रवाना होगी और शाम 5.45 पर उदयपुर आएगी। उदयपुर से शाम 6.10 पर रवाना होकर रात 8.00 बजे दिल्ली पहुंचेगी।

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ये है फ्लाइट की समयसारिणी -

रूट - रवानगी समय - आगमन समय - सप्ताह में इतने दिन
दिल्ली - उदयपुर - सुबह 9.30 - सुबह 11.15 - 1,5,6,7 (सोम, शुक्र, शनि, रवि)

उदयपुर - अहमदाबाद - सुबह 11.40 - 12.40 - 1,5,6,7
अहमदाबाद - उदयपुर - दोपहर 1.05 - 2.00 - 1,5,6,7

उदयपुर - दिल्ली - दोपहर 2.25 - 4.15 - 1,5,6,7
दिल्ली - उदयपुर - दोपहर 1.15 - 3.00 - 3 (बुधवार)

उदयपुर - अहमदाबाद - दोपहर 3.25 - 4.25 - 3
अहमदाबाद - उदयपुर - शाम 4.50 - 5.45 - 3

उदयपुर - दिल्ली - शाम 6.10 - 8.00 - 3।

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Special Train Information : रेलवे की ओर से स्पेशल ट्रेन शुरू करने की सूचना दो से तीन दिन पहले दी जाती है। इसके साथ ही स्पेशल ट्रेन को एक दिन पूर्व ऐप पर ऑनलाइन चढ़ाया जाता है। ऐसे में जो यात्री इन ट्रेनों में सफर करना चाहते हैं, वे असमंजस की स्थिति में रहते हैं और अधिकतर ट्रेनों में आशानुरूप यात्री भार नहीं मिल पाता। उदयपुर से हर साल अलग-अलग सीजन में स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाता है। इन ट्रेनों का संचालन एक से लेकर 10 फेरे तक किया जाता है। लेकिन शुरुआती फेरे की आम लोगों को जानकारी देने में रेलवे काफी पिछड़ा हुआ है। गत दिनों रेलवे की ओर से छठ पूजा को लेकर उदयपुर-पटना-उदयपुर स्पेशल ट्रेन के तीन फेरे शुरू किए गए। इस ट्रेन का पहला ट्रिप 14 नवंबर को उदयपुर से पटना के लिए जाना था।

इसके एक दिन पूर्व 13 नवंबर को ट्रेन को सिस्टम पर चढ़ाया गया। ऐसे में त्योहार और पर्यटन सीजन होने के बावजूद इस ट्रेन में आशानुरूप यात्री भार नहीं मिल पाया। इसी प्रकार 27 अक्टूबर को रेलवे ने उदयपुर से पानीपत तक एक ट्रिप स्पेशल ट्रेन चलाई थी। इसकी सूचना आम लोगों को 26 अक्टूबर को ही जारी की गई। ऐसे में इस ट्रेन में यात्री भार काफी कम रहा और अधिकतर कोच खाली ही गए।

यात्रियों की रेलवे से मांग

यात्रियों का कहना है कि रेलवे किसी भी स्पेशल ट्रेन को शुरू करने से पांच दिन पूर्व सूचना जारी करे और उस ट्रेन को तीन-चार दिन पहले ऑनलाइन कर दे तो आशानुरूप यात्री भार मिल सकता है। इससे रेलवे को जहां राजस्व का लाभ होगा, वहीं यात्रियों को भी आवागमन में काफी सुविधा रहेगी।

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Rajasthan Assembly Election 2023 : राजस्थान विधानसभा चुनाव मतदान से पहले प्रचार खत्म होने में महज एक सप्ताह बचा है। इस सप्ताह में मेवाड़-वागड़ में कई राष्ट्रीय स्तर के नेताओं की मौजूदगी रहेगी। जहां भाजपा से पीएम नरेंद्र मोदी, सीएम आदित्यनाथ योगी, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा, वसुंधरा आएंगे, वहीं कांग्रेस से राहुल गांधी, प्रियंका गांधी व राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े की मौजूदगी रहेगी। पूर्व केंद्रीय मंत्री आनन्द शर्मा और राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा का भी आना प्रस्तावित है।

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आज सीएम गहलोत आएंगे
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शुक्रवार को उदयपुर आएंगे। वे सुखाडिय़ा सर्कल से दोपहर 3 बजे बाद रोड शो करेंगे। पंचवटी, चेतक सर्कल, हाथीपोल, देहलीगेट, बापू बाजार होते हुए सूरजपोल पहुंचेंगे। शाम 5 बजे परशुराम चौराहे पर सभा को संबोधित करेंगे।

प्रियंका की आज तीन सभाएं
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी शुक्रवार सुबह 10 बजे सागवाड़ा, 12 बजे चित्तौडग़ढ़ और 1 बजे नाथद्वारा में सभाओं को संबोधित करेंगी। श्रीनाथजी दर्शन के साथ ही कांग्रेस गारंटी पर संवाद करेंगी। सीएम गहलोत, सीपी जोशी साथ होंगे।

सांसद तिवारी भी आज आएंगे
राज्यसभा सांसद एवं उपनेता प्रमोद तिवारी शुक्रवार शाम 7.20 बजे दिल्ली से उदयपुर पहुंचेंगे। शहर कांग्रेस के कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हुए रात्रि विश्राम करेंगे। शनिवार सुबह जिला कांग्रेस के कार्यक्रमों में शामिल होकर शाम 7.10 बजे जयपुर जाएंगे।

राहुल गांधी 21 को करेंगे पदायात्रा
21 नवम्बर को राहुल गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े मावली में सभाएं करेंगे। इसी दिन शाम 4 बजे सुखाडिय़ा सर्कल से गांधी ग्राउंड तक पदयात्रा और सभा होगी। प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, सीएम गहलोत मौजूद रहेंगे।

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भाजपा में इनके दौरे
- 17 नवम्बर को पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे डूंगरपुर व गोगुन्दा में सभाएं करेंगी
- 18 नवम्बर को यूपी के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी मावली व वल्लभनगर में
- 18 को ही असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिसवा झाड़ोल, खेरवाड़ा व सलूम्बर में
- 22 नवम्बर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी डूंगरपुर के सागवाड़ा में सभाएं करेंगे
- 22 या 23 नवम्बर को राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का उदयपुर में रोड शो होगा

Rajasthan Assembly Election 2023 : वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस गारंटी यात्रा रामपोल बस स्टैंड भीण्डर पहुंचने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। उड़ीसा से पूर्व राज्यसभा सांसद व कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. रामचंद्र कुन्थिया, राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त जगदीशराज श्रीमाली, यात्रा संयोजक जाहिदा शबनम का स्वागत किया। सभी ने पूर्व गृहमंत्री गुलाबसिंह शक्तावत की मूर्ति पर माल्यार्पण किया। पूर्व सांसद डॉ. कुन्थिया ने कहा कि गहलोत सरकार ने 10 वादे पूरे करने के बाद 7 वादे और किए हैं। कांग्रेस के वादे सिर्फ जुमले नहीं है, गारंटी है। यात्रा रामपोल भींडर से शुरू हुई, जो भटेवर होते हुए वल्लभनगर आकरिया चौराहा पहुंची, जहां जनसभा हुई।

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वल्लभनगर विधायक एवं कांग्रेस प्रत्याशी प्रीति शक्तावत ने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत ने वल्लभनगर में पिता की भूमिका निभाते हुए विकास कार्य करवाए। भाजपा कहती है कि गुंडागर्दी हटाओ, कमल खिलाओ, लेकिन भाजपा प्रत्याशी पर कितने मामले दर्ज है, सभी जानते हैं। उन्होंने जनता सेना प्रत्याशी पर भी निशाना साधा। कांग्रेस सरकार ने शिक्षा, चिकित्सा, सड़क, पानी में कोई कमी नहीं छोड़ी। उन्होंने राज्य सरकार की योजनाओं का बखान किया।

लेकसिटी दुनिया के प्रमुख पर्यटन शहरों और खूबसूरत शहरों में शुमार हो चुकी है। यहां हर साल लाखों देसी-विदेशी पर्यटक आते हैं। वे अपने साथ कई यादें ले जाते हैं। लेकिन शहर में उन्हें जो कमी खलती है, वह है यहां रात में किसी तरह की सुविधा का ना मिल पाना। यहां देर रात ना तो खाने-पीने, ना खरीदारी की सुविधा मिलती है।शहर के बाजार करीब 10 बजे तक अमूमन बंद हो जाते हैं। वहीं, रात 11 बजे बाद तो शहर में कहीं भी खाने-पीने की दुकानें ढूंढना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में जो पर्यटक रात को यहां पहुंचते हैं अथवा रात को घूमने के शौकीन पर्यटकों को इससे निराशा होती है।

दरअसल, शहर में नाइट बाजार को लेकर लंबे समय से चल रहे प्रयास कागजों तक ही सीमित रह गए हैं। अब तक नाइट बाजार की फाइल बाहर नहीं निकल पाई। तत्कालीन कलक्टर ने निगम आयुक्त को शीघ्र जगह तय कर नाइट बाजार शुरू करने के आदेश दिए थे, लेकिन आज तक यह बाजार नहीं खुल पाया। हालांकि कुछ पर्यटन स्थल जरूर 10 बजे तक खुले रहते हैं, लेकिन इंदौर, अहमदाबाद आदि शहरों में जिस तरह का नाइट टूरिज्म डवलप हो चुका है, उसकी कमी यहां खलती है।

रात 11 बजे बाद नहीं मिलता कुछ

नाइट बाजार नहीं खुलने से पर्यटकों को यहां 11 बजे खरीदारी तो छोड़ो खाने-पीने की चीजें भी नहीं मिल पाती। गुजरात से आने वाले पर्यटक हाइवे के ढाबों पर खाकर यहां आते हैं या फिर यहां से पर्यटक हाइवे की तरफ खाने के लिए निकलते हैं, जो वापस शहर में नहीं आकर आगे माउंट आबू निकल जाते हैं। शहर के व्यापारी वर्ग व होटल एसोसिएशन लंबे समय से नाइट बाजार की मांग कर रहे हैं। होटल एसोसिएशन से जुड़े प्रतिनिधि पूरा शहर खोलने के बजाय चुनिंदा जगह को खोलने का सुझाव भी दे चुके हैं।

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उदयपुर. मेनार. पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के बाद जिलेभर सहित मेनार कस्बे में रात के तापमान में गिरावट दर्ज हुई है। सुबह शाम हल्की सर्द हवाओं से क्षेत्र में ठंड में इजाफा हुआ है। इससे मेनार मेले में ऊनी कपड़ों का बाजार गर्म हो गया है। खरीदारी के लिए लोगो की भीड़ उमड़ने लगी है। मेला ग्राउंड में लगे ऊनी मार्केट में पिछले 3- 4 दिनों में चहल-पहल बढ़ी है। बाजार में इस बार महिलाओं के लिए आकर्षक ऊनी कार्डिगन, ऊनी टोपी के साथ जैकेट व जर्सी भी लड़कियों की पहली पसंद बनी हुई है। गत वर्ष की तुलना में इस बार गर्म कपड़ों के भाव लगभग बराबर ही हैं। सर्दी की शुरुआत के बावजूद बाजार में स्वेटर 350 से 700, जर्सी 350 से 1400, जर्सी 1000 से 2200, लेदर जैकेट 2000 से 3000, रेक्सीन जैकेट 350 से 500, टोपी 70 से 100, ऊनी दस्ताने 60 से 80, स्कार्फ 100 से 200 रुपए के बीच उपलब्ध हैं।
दुकानदारों ने बताया कि सर्दी बढ़ने के साथ अब दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ होने लगी है। गौरतलब है कि ऊनी व्यापारी उदयपुर में टाउन हाॅल में लगने वाले मेले तक मेनार में ही रुकते है।

धरियावद में तेज हुई सर्दी, रात का पारा 10 डिग्री पहुंचा

धरियावद. क्षेत्र में 3 से 4 दिनों में सर्दी तेज हो गई है। उत्तरी हवाएं चलने से अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान 2 से 4 डिग्री लुढ़क गया है। रात्रि के तापमान में भी अधिक गिरावट दर्ज की गई है। इधर, नगर में सुबह सर्द हवाओं के चलते वातावरण में ठिठुरन एवं गलन महसूस की जा रही है, जिससे बचाव के लिए आमजन गर्म कपड़ों में लिपटे दिखाई दिए।वहीं जगह- जगह सुबह- शाम अलाव तापते नजर आए। आलोक ऋतु वैधशाला के अनुसार शुक्रवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री एवं रात्रि का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री दर्ज किया गया।

उदयपुर.सलूम्बर. विधानसभा चुनाव के तहत होम वोटिंग व स्वीप कार्यक्रम के आयोजन हुए। सल्लाडा़ की 108 वर्षीय वृद्ध महिला ने मतदान कर मौके पर पहुंची होम वोटिंग टीम का हाथ जोड़कर अभिवादन किया ।

विधानसभा सलूम्बर रिटर्निंग अधिकारी सुरेन्द्र बी. पाटीदार एवं सहायक रिटर्निंग अधिकारी डॉ. मयूर शर्मा के निर्देशानुसार गत चुनावों में न्यून मतदान वाले एलपीटी मतदान केन्द्रों पर स्वीप गतिविधियों के तहत आयोजन हुआ। ग्रामीण क्षेत्र में रंगोली, मेहंदी मतदाता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर मतदाताओं को शत- प्रतिशत मतदान के लिए प्रेरित किया गया। विधान सभा क्षेत्र में होम वोटिंग के तहत गठित 5 मतदान दलों द्वारा मतदान के लिउ प्रपत्र 12 घ में आवेदन करने वाले निःशक्तजन एवं 80 वर्ष से अधिक आयु वाले वरिष्ठ नागरिकों को मतदान कराया गया। सेक्टर ऑफिसर मांगीलाल गर्ग व टीम ने सल्लाडा गांव निवासी 108 वर्षीय धुली बाई पत्नी पूनमचंद खींची से मतदान करवाया । मतदान के दौरान वृद्ध महिला टीम का हाथ जोडकर अभिवादन करना नहीं भूली। सबका अभिवादन कर आशीर्वाद भी दिया । होम वोटिंग के तहत शुक्रवार को 80 प्लस 44 मतदाताओं ने तथा 3 दिव्यांग मतदाताओं सहित 47 मतदाताओं ने होम वोटिंग के तहत मतदान किया। 14 से 17 नवंबर गुरुवार तक होम वोटिंग में 80 प्लस 133 व दिव्यांग 17 मतदाताओं सहित 150 मतदाताओं ने मताधिकार का उपयोग किया।

खेरोदा. कस्बे में शुक्रवार को होम वोटिंग के तहत बुजुर्ग मतदाताओं ने घर पर ही मतदान किया। यहां बुजुर्ग मतदाता मोहन कुंवर, जतन देवी सहित अन्य 10 बुजुर्ग मतदाताओं ने पोस्टल बैलेट के माध्यम से मतदान किया। इस दौरान रिटर्निग अधिकारी सहित कई आला अफसर मौजूद थे।

झाड़ोल. निर्वाचन आयोग की ओर से बुजुर्ग व दिव्यांग मतदाताओं के लिए होम वोटिंग की सुविधा की गई है। झाडोल विधानसभा में शुक्रवार को होम वोटिंग प्रक्रिया के तहत मतदान दल मतदाताओं के द्वार पहुंचे। प्रकोष्ठ होम वोटिंग प्रभारी बंशीलाल ने बताया कि विधानसभा में 12 मतदान दलों ने घर-घर जाकर दिव्यांगजनों और 80 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजनों को मतदान कराया।

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