करौली. प्रदेश में पांचवें टाइगर रिजर्व की सौगात के लिए वन विभाग की कवायद लगातार जारी है। धौलपुर-करौली के वन क्षेत्र को जोड़कर प्रस्तावित पांचवें टाइगर रिजर्व को लेकर पिछले दिनों उच्च स्तरीय टीम द्वारा करौली-धौलपुर वन क्षेत्र के जंगलों का मौका-मुआयना किया गया था।
विभाग के विशेषज्ञ दल द्वारा किए गए भ्रमण के बाद दल की ओर से अब धौलपुर-करौली के प्रस्तावित टाइगर रिजर्व में करौली व धौलपुर की 31 ग्राम पंचायतों में आने वाली भूमि को टाइगर रिजर्व के बफर में शामिल करने के लिए उपयुक्त माना है। इनमें 18 ग्राम पंचायत करौली जिले क्षेत्र की हैं, जबकि धौलपुर जिले के बाड़ी, सरमथुरा, बसेड़ी उपखण्ड की 13 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। टीम की ओर से इसकी रिपोर्ट उच्च स्तर पर भिजवाई गई है। गौरतलब है कि सरकार की ओर से गठित की गई कमेटी में शामिल सेवानिवृत वनाधिकारी डॉ.सतीश शर्मा, रणथम्भौर बाघ परियोजना के सीसीएफ सेडूराम यादव, चंबल घडियाल अभयारण्य के उपवन संरक्षक अनिल यादव, करौली के उपवन संरक्षक डॉ. रामानंद भाकर, उपवन संरक्षक सुरेश मिश्रा, भरतपुर के उपवन संरक्षक व सेवानिवृत एसीएफ व एनटीसीए के प्रतिनिधि दौलतङ्क्षसह शक्तावत आदि ने गत 4 व 5 अप्रेल को करौली व धौलपुर के प्रस्तावित टाइगर रिजर्व का दौराकिया था।
विशेष ग्राम सभाओं में करेंगे विचार-विमर्श
उपवन संरक्षक सुरेश मिश्रा ने बताया कि करौली जिले में ग्राम पंचायतों में आने वाली भूमि को टाइगर रिजर्व के बफर जोन में शामिल करने को लेकर अब इन ग्राम पचंायतों में विशेष ग्राम सभाएं आयोजित होंगी। इन ग्राम सभाओं में ग्रामीणों को इस बारे में जानकारी देने के साथ उनसे विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
इन पंचायतों की भूमि को माना उपयुक्त
वन विभाग सूत्रों के अनुसार वन अधिकारियों की टीम ने करौली जिले की ग्राम पंचायत चंदेलीपुरा, औण्ड, दरगमां, धौरेटा, गुरदह, भांकरी, बाटदा, रानीपुरा, नींदर, पांचौली, बहादुरपुर, राहिर, बुगडार, कैलादेवी, निभैरा, मोंगेपुरा, रोंधई, श्यामपुर आदि 18 ग्राम पंचायतों की वन क्षेत्र की भूमि को टाइगर रिजर्व के लिए उपयुक्त माना है। इसी प्रकार धौलपुर जिले की सेवरपाल, कुदिन्ना, चन्द्रावली, खरौली, गौलारी, बीलौनी, डोमई, धौंध, मदनपुर, बटीकरा, झिरी, खनपुरा, धौर्र आदि 13 ग्राम पंचायतों की वन क्षेत्र की भूमि को टाइगर रिजर्व के लिए उपयुक्त माना है।
इनका कहना है
प्रदेश के पांचवें टाइगर रिजर्व के लिए पिछले दिनों विशेषज्ञ दल ने करौली-धौलपुर क्षेत्र के जंगल का भ्रमण किया था। करौली जिले में 18 ग्राम पंचायतों की भूमि को टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में शामिल करने को उपयुक्त माना है, इस बारे में उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी है। अब इन पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएं आयोजित कर ग्रामीणों से चर्चा की जाएगी।
सुरेश मिश्रा, उपवन संरक्षक, वन विभाग करौली