भरतपुर. साहब.. गत वर्ष की तुलना में इस बार ना तो सरसों के भाव ही मिल रहे हैं और ना ही पैदावर मिल रही है। मंडी में बेचने जाए तो लैब के चक्कर में 4600-4700 रुपए क्विंटल ही भाव हाथ में आता है और खरीद केन्द्र पर लाएं तो यहां पर रजिस्ट्रेशन कराने में समय लगता है और फिर बाद में रुपए भी खाते में आने में 8-10 दिन लग जाते हैं।
कुछ इस तरह का कहना है किसानों का। यहां अनाज मंडी स्थित क्रय विक्र खरीद केन्द्र पर समर्थन मूल्य पर सरसों बेचने पहुंचे किसानों ने कुछ इस तरह अपनी व्यथा सुनाई। उनका कहना है कि गत वर्ष सरसों के भाव 6500-7000 रुपए प्रति क्विंटल था, लेकिन इस बार लैब काटकर 4600-4700 रुपए प्रति क्विंटल ही मिल पाते हैं। क्योंकि लैब में 42 प्रतिशत तेल की मात्रा कम ही निकल पाती है। ऐसे में 37-38 प्रतिशत ही रह जाती है।
जाटोली रतभान निवासी मोहनसिंह एवं रणवीरसिंह के अनुसार गत वर्ष की तुलना में भाव एवं उत्पादन का अंतर बहुत ज्यादा है। उन्होंने एक सीधे-साधे अंदाज में कहा कि गत वर्ष 20 बीघे जमीन में 6 लाख की सरसों बिकी थी, लेकिन इस बार 24 बीघे में भी सिर्फ 3 लाख रुपए की सरसों बिकी है। पहले उत्पादन भी अच्छा हुआ था और भाव भी अच्छा था, लेकिन इस बार उत्पादन के साथ भाव भी गिर गया है। उन्होंने कहा कि भाव, पैदावार और लैब के कारण इस बार किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
इसी प्रकार नगला खुशीयाल निवासी महेश सिनसिनवार ने बताया कि लैब में 36-37 प्रतिशत ही तेल की मात्रा आने के कारण हाथ में 4500-4600 रुपए प्रति क्विंटल का भाव ही मिल रहा है। इसलिए समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए आना पड़ रहा है। इसमें भी ऑलनाइन पंजीकरण के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सिर्फ आधार कार्ड या जनाधार कार्ड के आधार पर ही खरीदी शुरू हो तो किसानों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े।
76 किसानों की तुलाई सरसों
अनाज मंडी स्थित क्रय-विक्रय सहकारी मंडी के प्रभारी मनीष कुमार शर्मा के अनुसार अभी तक 200 किसानों से यहां पर पंजीकरण कराया है, जिनमें से 100 किसानों को सरसों तुलाई का मैसेज भेज दिया गया है और 76 किसानों की सरसों खरीदी जा चुकी है। 19 अप्रेल से खरीद चालू है। दूसरी ओर, गेहूं का अभी तक किसी ने पंजीकरण नहीं कराया है।
जिले में 356 किसानों ने बेची सरसों
भरतपुर जिले में सरकारी खरीद पर 25 अप्रेल तक 356 किसानों ने 7253.50 क्विंटल सरसों बेची है। इसमें भरतपुर शहर के दोनों केन्द्रों पर 104 किसानों ने 2127 क्विंटल सरसों बेची है। इसी प्रकार रुदावल में सात किसानों ने 91.50 क्विंटल, रूपवास में 19 ने 428.50, बयाना में 19 ने 406 क्विंटल, शीशवाड़ा में 5 ने 91.50, डीग में 63 ने 1228, कुम्हेर में 57 ने 1111 क्विंटल, नदबई में 48 ने 1031, नगर में 1 किसान ने 8.50 और वैर में 33 किसानों ने 730.50 क्विंटल सरसों की बिक्री की है।
प्रति किसान 25 क्विंटल तक बेच सकता है
खरीद केन्द्र पर प्रति किसान 25 क्विंटल तक सरसों की बिक्री कर सकता है। जिसका भाव 5450 रुपए प्रति क्विंटल है। इसमें भी यदि फसल खराबी दिखाई गई है तो जितने प्रतिशत फसल खराब हुई है उसके हिसाब से उतना प्रतिशत काटकर ही सरसों खरीदी जाती है।