>>Patrika - A Hindi news portal brings latest news, headlines in hindi from India, world, business, politics, sports and entertainment! |
95 रसूखदारों ने 1500 करोड़ की जमीन कैसे हथिया ली...इस तरह जानें Thursday 25 May 2023 06:13 AM UTC+00 अलवर. राजगढ़ के टहला में हुए सरकारी जमीन के बंदरबांट करने वालों के मंसूबों पर एक बार फिर जिला प्रशासन ने पानी फेर दिया। सरकारी जमीन की रातोंरात करवाई गईं 95 खातेदारी निरस्त कर दी गईं। बताते हैं कि रजिस्ट्री कराने के नाम पर बड़ा खेल हुआ है। भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा मिला है। हालांकि जिला प्रशासन को इसके कोई सुबूत नहीं मिले हैं लेकिन रेकॉर्ड की जांच करने के बाद अफसरों ने ये बड़ी कार्रवाई की है। बताया जाता है कि खातेदारी की जमीन करीब 470 बीघा थी, जिसका मूल्य करीब 1500 करोड़ बताया जा रहा है जो अब सरकारी हो गई। ये था पूरा प्रकरण वर्ष 2021 में प्रशासन गांवों के संग अभियान के तहत टहला क्षेत्र में करीब 803 लोगों को 2500 बीघा सरकारी जमीन का आवंटन किया गया। इनमें से करीब 95 लोग ऐसे थे जो प्रभावशाली थे और पैसे की उनके पास कमी नहीं थी। ऐसे में उन्होंने रातोंरात अपनी-अपनी जमीनों की खातेदारी भी करवा ली। यानी सरकारी जमीन पर उनका हक हो गया। जैसे ही मामला एक साल बाद खुला तो उसके बाद फिर नहीं रुका। जिला प्रशासन ने जांच पर जांच बैठाई। सरकार के भी प्रतिनिधि जांच को पहुंचे और मामला आगे बढ़ता गया। राजस्थान पत्रिका ने भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। आखिर में प्रशासन ने सभी 803 जमीनों के प्रस्ताव निरस्त कर दिए। उसके बाद जांच खातेदारी करवाने वाले केसों की चल रही थी।
पैसे का भी हुआ बंदरबांट सूत्रों का कहना है कि रजिस्ट्री करवाने के लिए जल्दबाजी काफी हुई। रातोंरात कुछ अधिकारी व पटवारियां ने इसमें दिलचस्पी ली। पैसे वाले लोग जमीन की खातेदारी करवाने में कामयाब हुए। बताते हैं कि इसके लिए लाखों रुपए खर्च किए गए। अब रजिस्ट्री निरस्त होने के बाद खोतेदार ही रजिस्ट्री करने वालों का भंडाफोड़ करेंगे। दी गई रकम आदि की मांग होगी। ऐसे में सिर फुटौव्वल की नौबत भी आ सकती है। - उत्तम सिंह शेखावत, एडीएम प्रथम |
| You received this email because you set up a subscription at Feedrabbit. This email was sent to you at rajisthanews12@gmail.com. Unsubscribe or change your subscription. |
