>>: महिलाओं में थायराइड का खतरा अधिक, बचाव के लिए जागरूकता जरूरी

>>

Patrika - A Hindi news portal brings latest news, headlines in hindi from India, world, business, politics, sports and entertainment!

महिलाओं में थायराइड का खतरा अधिक, बचाव के लिए जागरूकता जरूरी
-प्रदेश में एक लाख में से 1310 महिलाएं थायराइड से पीडि़त

अलवर. जीवन शैली में बदलवाव के साथ ही थायरॉइड के मरीज बढ़ रहे हैं। वहीं चिकित्सकों के अनुसार पुरूषों की तुलना में महिलाओं में थायरॉइड का खतरा अधिक रहता है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के अनुसार राजस्थान में एक लाख में से 1310 महिलाओं में थायरॉयड की बीमारी मिली है। इसका मुख्य कारण आयोडीन की कमी, फल-सब्जियों व सलाद में पेस्टिसाइड्स, तनाव, बदलती जीवन शैली, प्रदूषण, डिब्बा बंद खाना, जंक फूड, फास्ट फूड एवं पेय पदार्थ है। इसके साथ ही भोजन व पेय पदार्थों में प्रिजर्वेटिव्स, कलरिंग एजेंट, केमिकल व हेवी मेटल्स का होना है।
महिलाओं में बीमारी का खतरा अधिक
थायरॉइड हार्माेन विकास को नियंत्रित करता है। बालिकाओं में यौवन (प्यूबर्टी) या मासिक धर्म का समय से बहुत जल्दी या बहुत देरी से आना हो सकता है। इससे महिला का विकास प्रभावित होता है क्योंकि यह हार्मोन संपूर्ण यौन विकास के लिए आवश्यक है। इसलिए गर्भ धारण से पहले या गर्भ धारण के तुरंत बाद थायरॉइड की जांच आवश्यक है। चिकित्सकों के अनुसार गर्भावस्था में करीब 13 प्रतिशत महिलाएं थायरॉइड की शिकार होती हैं। इसके कारण प्रजनन चक्र में विकार, गर्भधारण में देरी, गर्भस्थ शिशु का शारीरिक व मानसिक विकास का प्रभावित होना, महिलाओं में खून की कमी, गर्भपात, बांझपन तथा नवजात बच्चे में भी थायरॉइड की कमी की संभावना बनी रहती है।

समय पर जांच जरूरी

महिलाओं को माहवारी खत्म होने की शुरुआत की उम्र में भी थायरॉयड हामोZन की जांच करानी चाहिए।
इसके सामान्य लक्षण (हाइपोथायरॉइडिज्म) थकान, सुस्ती, मोटापा, अनियमित माहवारी, बाल झड़ना, खाना नही पचना, खून की कमी, गर्भधारण में देरी अथवा बार-बार गर्भपात होना, डिप्रेशन व तनाव आदि हैं। इसलिए समय समय पर थायरॉइड की जांच आवश्यक है।
गांठ बनने पर ऑपरेशन कराएं

थायरॉइड हार्माेन की अधिकता या हाइपरथायराइडिज्म में शरीर में इस हार्मोन की मात्रा बढ़ जाती है। इससे वजन कम होना, चिड़चिड़ापन, मासिक धर्म अधिक या जल्दी आना, बार-बार दस्त होने की शिकायत होती है। वहीं कुछ प्रतिशत मामलों में थायरॉइड रोग में गर्दन पर थायरॉइड ग्रंथि में नॉड्यूल बन जाते हैं तथा हार्मोन की मात्रा शरीर में सामान्य होती है। ऐसे में रोग ***** या बड़ी गांठें या जिनमे कैंसर की आशंका हो उन्हें ऑपरेशन से तुरंत निकालना आवश्यक है।
वर्जन...
थायरॉइड बीमारी पुरूषों की तुलना में महिलाओं को अधिक होती है। थायराइड हामोZन की कमी होने पर भोजन में आयोडीन युक्त नमक, ताजा फल, सब्जिया, सलाद, दूध, दही, अंडे की जर्दी, मछली व सी फूड आदि फायदेमंद हैं।

-डॉ. अनीता माथुर, विभागाध्यक्ष नाक कान व गला रोग विभाग, सामान्य अस्पताल।

You received this email because you set up a subscription at Feedrabbit. This email was sent to you at rajisthanews12@gmail.com. Unsubscribe or change your subscription.