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महिलाओं में थायराइड का खतरा अधिक, बचाव के लिए जागरूकता जरूरी Friday 26 May 2023 04:33 PM UTC+00 महिलाओं में थायराइड का खतरा अधिक, बचाव के लिए जागरूकता जरूरी अलवर. जीवन शैली में बदलवाव के साथ ही थायरॉइड के मरीज बढ़ रहे हैं। वहीं चिकित्सकों के अनुसार पुरूषों की तुलना में महिलाओं में थायरॉइड का खतरा अधिक रहता है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के अनुसार राजस्थान में एक लाख में से 1310 महिलाओं में थायरॉयड की बीमारी मिली है। इसका मुख्य कारण आयोडीन की कमी, फल-सब्जियों व सलाद में पेस्टिसाइड्स, तनाव, बदलती जीवन शैली, प्रदूषण, डिब्बा बंद खाना, जंक फूड, फास्ट फूड एवं पेय पदार्थ है। इसके साथ ही भोजन व पेय पदार्थों में प्रिजर्वेटिव्स, कलरिंग एजेंट, केमिकल व हेवी मेटल्स का होना है। समय पर जांच जरूरी महिलाओं को माहवारी खत्म होने की शुरुआत की उम्र में भी थायरॉयड हामोZन की जांच करानी चाहिए। थायरॉइड हार्माेन की अधिकता या हाइपरथायराइडिज्म में शरीर में इस हार्मोन की मात्रा बढ़ जाती है। इससे वजन कम होना, चिड़चिड़ापन, मासिक धर्म अधिक या जल्दी आना, बार-बार दस्त होने की शिकायत होती है। वहीं कुछ प्रतिशत मामलों में थायरॉइड रोग में गर्दन पर थायरॉइड ग्रंथि में नॉड्यूल बन जाते हैं तथा हार्मोन की मात्रा शरीर में सामान्य होती है। ऐसे में रोग ***** या बड़ी गांठें या जिनमे कैंसर की आशंका हो उन्हें ऑपरेशन से तुरंत निकालना आवश्यक है। -डॉ. अनीता माथुर, विभागाध्यक्ष नाक कान व गला रोग विभाग, सामान्य अस्पताल। |
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