- अलवर पुलिस जिले में फील्ड के 8 में से 4 डीएसपी के पद रिक्त
अलवर. alwar police संवेदनशील अलवर जिले में पुलिस नफरी ही नहीं बल्कि अफसरों की कमी से भी जूझ रही है। अलवर पुलिस जिले पुलिस उपाधीक्षकों (डीएसपी) के कई महत्वपूर्ण पद रिक्त पड़े हैं। जिसके कारण बलात्कार, पोक्सो और एससी-एसटी जैसे मुकदमों के अनुसंधान प्रभावित हो रहा है।
अलवर पुलिस में पुलिस उपाधीक्षकों के कुल 12 पद स्वीकृत हैं। जिनमें 8 उपाधीक्षकों के पद फील्ड ड्यूटी के हैं, लेकिन इनमें से 4 उपाधीक्षकों के पद खाली हैं। पुलिस उपाधीक्षक शहर उत्तर काफी महत्वपूर्ण पद है। इनके कंधों पर शहर की कानून व्यवस्था और गश्त-नाकेबंदी आदि भार रहता है, लेकिन ये पद प्रशिक्षु आईपीएस सुशील कुमार का 14 फरवरी तबादला होने के बाद से खाली पड़ा है। पुलिस उपाधीक्षक ग्रामीण रहे अमित सिंह का मार्च माह में ट्रांसफर हो गया था। उनके बाद से इस पद पर कोई अधिकारी नहीं लगाया गया है। वहीं, पुलिस उपाधीक्षक राजगढ़ और थानागाजी भी करीब एक सप्ताह पहले खाली हो गए। पुलिस उपाधीक्षक राजगढ़ अंजली जोरवाल और पुलिस उपाधीक्षक मनराज मीणा तबादले के बाद यहां से रिलीव हो चुके हैं।
अतिरिक्त चार्ज देकर चला रहे काम
अलवर जिले में डीएसपी के पद खाली होने पर मौजूदा अधिकारियों को अतिरिक्त चार्ज देकर काम चलाया जा रहा है। डीएसपी उत्तर का चार्ज नारायणसिंह, डीएसपी ग्रामीण का चार्ज हरिसिंह धायल, डीएसपी राजगढ़ का सीओ ट्रैफिक और डीएसपी थानागाजी का चार्ज एएसपी सिकाऊ को दिया हुआ है।
मुकदमों अनुसंधान में परेशानी आ रही
बलात्कार, पोक्सो और एससी-एसटी आदि के मुकदमों में अनुसंधान डीएसपी या उससे उच्च स्तर के अधिकारी की कर सकते हैं। अलवर ग्रामीण, राजगढ़ और थानागाजी ऐसे क्षेत्र हैं जहां बलात्कार, पोक्सो और एससी-एसटी के प्रकरण काफी अधिक दर्ज होते हैं। ऐसे में इन मुकदमों के अनुसंधान में पुलिस को परेशानी हो रही है तथा मुकदमों का अनुसंधान भी अटका हुआ है।
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फिलहाल पद खाली
अलवर पुलिस जिले में फिलहाल चार उपाधीक्षकों के पद खाली हैं। अन्य अधिकारियों को अतिरिक्त चार्ज देकर काम कराया जा रहा है। रिक्त पदों को भरने के लिए पुलिस महानिदेशक से निवेदन किया गया है।
- आनंद शर्मा, जिला पुलिस अधीक्षक, अलवर।