>>: रियासतकालीन चांदी के फव्वारे के बीच गोविंददेवजी की जलयात्रा

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जयपुर। ज्येष्ठ मास 6 जून से शुरू हो रहा है। इससे पहले वैशाख पूर्णिमा पर आज शहर के मंदिरों में विशेष झांकी के दर्शन हुए, इसके साथ ही शहर के मंदिरों में जलविहार झांकी सज रही है। ठाकुरजी को जलविहार कराया जा रहा है। शहर के आराध्य गोविंददेवजी मंदिर में दोपहर 12.30 से 12.45 बजे तक जल विहार झांकी के दर्शन होंगे। ठाकुरजी रियासतकालीन चांदी के फव्वारे के बीच जलविहार करेंगे। वहीं शहर के राधा गोपीनाथजी, राधा दामोदरजी, आनंदकृष्ण बिहारीजी सहित अन्य मंदिरों में भी ठाकुरजी को जलविहार कराया जाएगा।

गोविंददेवजी मंदिर प्रवक्ता मानस गोस्वामी ने बताया कि ठाकुरजी के जलयात्रा उत्सव 5 मई से शुरू होगा, जो 4 जून को ज्येष्ठाभिषेक तक चलेगा। राजभोग झांकी के बाद दोपहर 12.30 बजे से 12.45 बजे तक ठाकुरजी को जलयात्रा करवाई जाएगी। जलयात्रा उत्सव के दौरान ठाकुरजी को रियासतकालीन चांदी के फव्वारे के बीच करीब 15 मिनट तक जलविहार कराया जाएगा। झांकी के दौरान सुगंधित जल की धारा प्रवाहित की जाएगी। वहीं ठाकुरजी को झीनी सफेद धोती और दुपट्टा धारण करवाया जाएगा। झांकी के बाद ठाकुरजी को पांच प्रहार के फलों और हलवे-पूड़ी का भोग लगाया गया। ठाकुरजी का चंदन श्रृंगार किया गया।

एकादशी पर आधे घंटे तक करेंगे जलविहार
ज्येष्ठ माह की दोनों एकादशी पर गोविंददेवजी को शाम के समय जलविहार कराया जाएगा। 15 मई को अपरा एकादशी और 31 मई को निर्जला एकादशी पर ठाकुरजी को शाम 5 बजे से 5.30 बजे तक जलविहार कराया जाएगा।

गोविंददेवजी मंदिर में कब—कब जलयात्रा उत्सव
दिनांक — समय
5 मई — दोपहर 12.30 से 12.45 बजे तक
10 मई — दोपहर 12.30 से 12.45 बजे तक
14 मई — दोपहर 12.30 से 12.45 बजे तक
15 मई एकादशी — शाम 5 बजे से 5.30 बजे तक
18 मई — दोपहर 12.30 से 12.45 बजे तक
19 मई — दोपहर 12.30 से 12.45 बजे तक
21 मई — दोपहर 12.30 से 12.45 बजे तक
24 मई — दोपहर 12.30 से 12.45 बजे तक
30 मई — दोपहर 12.30 से 12.45 बजे तक
31 मई एकादशी — शाम 5 बजे से 5.30 बजे तक
3 जून — दोपहर 12.30 से 12.45 बजे तक
4 जून ज्येष्ठाभिषेक — दोपहर 12.30 बजे से एक बजे तक

यहां भी सजेगी जल विहार झांकी
शुक संप्रदाय पीठ सरस निकुंज में दोपहर को जल विहार की झांकी के दर्शन होंगे। पीठाधीश्वर अलबेली माधुरी शरण के सान्निध्य में जल विहार के पदों का गायन किया जाएगा। श्री सरस परिकर के प्रवक्ता प्रवीण बड़े भैया ने बताया कि ठाकुर श्री राधा सरस बिहारी सरकार को ठंडक प्रदान के लिए चंदन में औषधि मिलाई जाएगी। इत्र, केसर, गुलाब जल का प्रयोग किया जाएगा। ठाकुरजी को ऋतु फलों के साथ ही रबड़ी कुल्फी भी भोग में अर्पित की जाएगी। अक्षरधाम मंदिर, अक्षयपात्र मंदिर, इस्कॉन, गोपीनाथजी, राधा दामोदरजी, आनंद कृष्ण बिहारीजी सहित अन्य मंदिरों में भी ठाकुरजी को जलविहार कराया जाएगा।

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