अलवर. अपराध के बूते अकूत सम्पत्ति अर्जित करने वाले हार्डकोर अपराधियों की अब खैर नहीं। पुलिस ने ऐसे हार्डकोर अपराधियों को 'आर्थिक झटका' देने की तैयारी कर ली है। इसके लिए अपराधियों की सम्पत्ति का रेकॉर्ड जुटाना शुरू कर दिया है।
प्रदेश में हजारों ऐसे हार्डकोर अपराधी हैं, जिनका अपराध ही पेशा बन चुका है। ये हार्डकोर अपराधी लूट, डकैती, ठगी-धोखाधड़ी, साइबर फ्रॉड, रंगदारी तथा अवैध हथियार, शराब और मादक पदार्थों की तस्करी कर रहे हैं। अपराध के इस पेशे से इन अपराधियों ने काफी सम्पत्ति अर्जित कर चुके हैं। जिससे उनके हौंसले भी काफी बुलंद हैं। पुलिस मुख्यालय ने हाल ही वीडियो कॉंफ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को हार्डकोर अपराधियों की अवैध सम्पत्ति खरीद-फरोख्त की जांच करने के निर्देश दिए हैं। ऐसी सम्पत्ति मिलने पर उसे रेकॉर्ड पर लेने को कहा है। इसी कड़ी में अपराधियों की सम्पत्ति अर्जित करने के स्रोत का पता लगाकर गैर कानूनी रूप से अर्जित की गई सम्पति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई कर उसे जब्त या नष्ट करने को कहा गया है। पुलिस की इस सख्ती से लगने वाले 'आर्थिक झटके' से हार्डकोर अपराधियों के हौंसले कमजोर पड़ेंगे।
सोशल मीडिया से बैंक खातों तक नजर
मुख्यालय के निर्देश के बाद पुलिस ने हार्डकोर अपराधियों के सोशल मीडिया अकाउंट से लेकर बैंक खातों तक खंगालना शुरू कर दिया है। साथ ही इन हार्डकोर अपराधियों की मकान व प्रोपर्टी आदि के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं, सोशल मीडिया पर इन अपराधियों को फॉलो करने वाले लोगों की कुंडली भी पुलिस तैयार कर रही है।
प्रदेश में कई जगह हो चुकी है कार्रवाई, अलवर में भी तैयारी
राजस्थान पुलिस ने पिछले दिनों उदयपुर से जुड़े पेपर लीक मामले में आरोपियों के जयपुर में बने मकानों में तोड़ा गया था। वहीं, उदयपुर में हिस्ट्रीशीटर के रेस्टोरेंट को तोड़ा गया था। अब अलवर पुलिस ने ऐसे हार्डकोर अपराधियों और उनकी सम्पत्ति के चिन्हिकरण का काम तेजी से शुरू कर दिया है। अपराधियों की अवैध सम्पत्ति का रेकॉर्ड जुटाने के बाद अलवर में भी इन अवैध सम्पत्तियों को नष्ट कराया जाएगा।
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कुंडली तैयार कर रहे
अलवर जिले में ऐसे हार्डकोर अपराधियों की कुंडली तैयार की जा रही है जिन्होंने अपराध के बल पर अवैध सम्पत्ति अर्जित की है। पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार ऐसे अपराधियों की अवैध सम्पत्ति का रेकॉर्ड जुटाकर उन्हें नष्ट करने की कार्रवाई की जाएगी।
- आनंद शर्मा, जिला पुलिस अधीक्षक, अलवर।