>>: कैसे रूके अपराध: पुलिस कर्मियों के पास अब नजर नहीं आते वॉकी-टॉकी

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बहरोड़. बढ़ते टेक्नोलॉजी के युग में अब पुलिस कर्मी भी टेक्नोलॉजी का बेहतर उपयोग नहीं कर पा रहे है। अगर क्षेत्र में किसी तरह की कोई घटना हो जाए तथा पुलिसकर्मियों को थाने पर घटना की सूचना देनी पड़े और इस दौरान थाने व अन्य पुलिस अधिकारियों के फोन नम्बर नहीं मिले तो पुलिस कर्मियों को नेटवर्क का इंतजार करना पड़ता है लेकिन उसके बाद भी पुलिस कर्मी उच्च अधिकारियों को समय पर सूचना देने के लिए आवश्यक संसाधनों से महरूम है।
बड़े शहरों में जहाँ पुलिस कर्मियों के पास सूचना देने के लिए वॉकी टॉकी दिखाई दे जाते है लेकिन बहरोड़ में पुलिस कर्मियों को सूचना देनी हो तो इसके लिए अपने फोन का उपयोग करना पड़ता है। पुलिस थाने से भी अब वॉकी टॉकी खत्म हो गए है। यहाँ पर भी किसी भी पुलिस कर्मी व अन्य अधिकारियों के पास वॉकी टॉकी नजर नहीं आते है।
जबकि पहले थाने के जिम्मेदार पुलिस कर्मी हर समय वॉकी टॉकी से लैस रहते थे ताकि किसी भी तरह की कोई घटना घटित हो तो उसकी समय रहते थाने व उच्च अधिकारियों को सूचना दी जा सके और अपराधियों को समय रहते पकड़ा जा सके।

नहीं है वायरलेस सेट
कस्बे की सुरक्षा व्यवस्था में आधा दर्जन यातायात पुलिसकर्मी तैनात रहते है लेकिन किसी भी पुलिस कर्मी के पास कस्बे में होने वाली घटना की त्वरित सूचना पुलिस थाने में देने के लिए आवश्यक वॉकी टॉकी व वायरलेस सेट तक की सुविधा नहीं है। जिसके कारण यातायात पुलिस कर्मियों को फोन के माध्यम से सूचना देनी पड़ती है लेकिन अनेक बार फोन नहीं मिलने पर यातायात पुलिस कर्मी थाने पर या फिर अन्य पुलिस कर्मियों के फोन मिलने का इंतजार करते रहते है।

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