>>: Digest for May 22, 2023

>>

Patrika - A Hindi news portal brings latest news, headlines in hindi from India, world, business, politics, sports and entertainment!

You are receiving a digest because your subscriptions have exceeded your account's daily email quota. Your quota has automatically reset itself.

निवाई. नवगठित अभिभाषक संघ की कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह कार्यक्रम न्यायालय परिसर में आयोजित हुआ। मुख्य अतिथि जिला एवं सत्र न्यायाधीश टोंक अय्यूब खान ने अभिभाषक संघ अध्यक्ष एवं समस्त कार्यकारिणी को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई।

इस दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश टोंक अय्यूब खान ने कहा कि लंबित प्रकरणों का जल्दी से जल्दी निस्तारण करने के अभिभाषकों को तत्पर रहना चाहिए। जिससे पीडित को समय पर न्याय मिल सके। पीडित को न्याय दिलाना ही पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। अभिभाषकों द्वारा चैंबर बनवाने के प्रस्ताव पर उन्होंने कहा कि जमीन देखने कार्य शुरू हो चुका है।

जहां सभी अधिवक्ताओं के लिए सुसज्जित चैबंर बनाए जाएंगे। एक बड़ा कॉफ्रेंस हॉल बनाया जाएगा। उक्त परिसर में नाई की दुकान, स्टेशनरी की दुकान सहित सभी आवश्यकताओं युक्त मिनी मॉल बनवाया जाएगा। समारोह की अध्यक्षता राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट राममनोहर शर्मा ने की।

विशिष्ट अतिथि के रूप में अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश तोशिता मालानी, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अंजुम खान, अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट अलका मीणा, पूर्व सदस्य राजस्थान बार कौंसिल जोधपुर के पूर्व सदस्य एडवोकेट विजयङ्क्षसह पूनिया, टोंक अभिभाषक संघ अध्यक्ष शैलेंद्र शर्मा ने शिरकत की।

इस दौरान अभिभाषक संघ अध्यक्ष श्यामसुंदर शर्मा, उपाध्यक्ष भंवरलाल तिवाड़ी, महासचिव तेजभंवर ङ्क्षसह राठौड़, कोषाध्यक्ष सरोज अग्रवाल और पुस्तकालय अध्यक्ष महेन्द्र कसाणा ने पद व गोपनीयता की शपथ ली। समारोह में एडवोकेट सीताराम शर्मा, रामफूल जैन, पुरुषोत्तम शर्मा, शिवप्रसाद चौधरी, हरिराम गुर्जर, अबरार अहमद, गिरधर तंवर, शंकर चौधरी, सतीश शर्मा, देवनारायण गुर्जर, रामकल्याण पूनिया, रणजीत ङ्क्षसह, देवनारायण गुर्जर, रमेश शर्मा,पूनम सोनी, बनवारी यादव सहित कई मौजूद थे।

टोंक . जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग टोंक के अध्यक्ष व सदस्यों ने दो अलग-अलग मामलों में फैसला सुनाया है। मंच अध्यक्ष राजेश ङ्क्षसह शेखावत, सदस्य अर्चना श्रीवास्तव व सदस्य कफील अहमद खान ने एसडीएफसी बैंक निवाई को सेवा दोष के आरोप में परिवाद को परिवाद व्यय के 5 हजार रुपए देने के आदेश दिए हैं। प्रकरण के मुताबिक खिड$की ग्राम पंचायत के भैंरूपुरा निवासी गिरधारी लाल जाट ने उपभोक्ता मंच में परिवाद दिया था कि उसने निवाई में एसडीएफसी बैंक से केसीसी ली थी।

बैंक ने दो ऋण खाता अपनी शाखा में खुलवाए थे। दोनों खातों में केसीसी ऋण की राशि जमा करवा दी। परिवादी ने अदेयता प्रमाण पत्र देने की मांग बैंक से की। बैंक ने अदेयता प्रमाण पत्र देने में आनाकानी करते रहे। बैंक ने मंच को बताया कि परिवादी ने बैंक से तीन ऋण लिए थे। इसमें वह डिफाल्टर है। उसके खिलाफ निवाई एसडीएम, तहसीलदार निवाई के समक्ष रोडा एक्ट की कार्रवाई की थी।

परिवादी ने केसीसी में चल रही बकाया राशि जमा करा दी। इसके बाद परिवादी को एनओसी जारी कर दी गई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद मंच अध्यक्ष व सदस्यों ने कहा कि परिवादी ने परिवाद दायर करने के बाद उसे एनओसी दी गई। जिससे परिवादी को मानसिक संताप हुआ है। इसी प्रकार दूसरे मामले में कंपू निवासी सीता देवी पत्नी लादूलाल सैनी ने परिवाद में बताया कि उसने सहारा से सहारा-ए-शाईन योजना के तहत तीन एफडीआर 96 माह के लिए करवाई थी।

72 दिन बाद जब एफडीआर के लाभांश के लिए संपर्क किया तो लाभांश देने से इंकार कर दिया। सुनवाई के दौरान सहारा ने अपने पक्ष में आर्थिक संकट व वित्तीय बाधा के कारण संपूर्ण मैच्यूरिटी राशि का भुगतान करने में असमर्थता जताई। परिवादिया को किश्तों में अपनी एफडीआर राशि प्राप्त करने को कहा। इस पर परिवादिया ने मना कर दिया और मूल प्रमाण पत्र सरेंडर नहीं किया।

मंच अध्यक्ष राजेश ङ्क्षसह शेखावत, सदस्य अर्चना श्रीवास्तव, सदस्य कफील अहमद खान ने आदेश दिया कि परिवादिया की ओर से मूल प्रमाण पत्र सरेंडर करने के बाद एक माह में परिवाद एफडीआर की 30 हजार रुपए मय लाभांश का भुगतान अदा करे। साथ ही मानसिक संताप के 10 हजार व परिवाद खर्च के 5 हजार रुपए परिवादी को अदा करे।

टोंक/निवाई. शिवाड़ का घुश्मेश्वर मंदिर प्रदेश ही नहीं देशभर में प्रसिद्ध है। लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए टोंक जिले से ही सड$क के हाल खराब है। ऐसे में मंदिर तक पहुंचने वाले श्रद्धालुओं में भी कमी आने लगी है। सार्वजनिक निर्माण विभाग इसमें अनदेखी बरत रहा है। बरोनी से शिवाड़ तक रोड में जगह जगह गड्ढे हैं। हिचकोले खाते वाहन और हमेशा हादसे का अंदेशा रहता है।

स्थिति ये है कि राज्य सरकार ने करीब डेढ़ साल पूर्व बरोनी से कुड$गांव तक इस रोड को मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड से स्टेट हाइवे में घोषित तो कर दिया मगर टोंक जिले के बरोनी से कंवरपुरा तक इस रोड में डामर के नामोनिशान तक मिट चुके हैं। टोंक जिले के इस टुकडे को बनाने के लिए अभी तक भी स्वीकृति का इंत•ाार है। हालात ये है कि •ािम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही का नतीजा राहगीरों को चुकाना पड़ रहा है।

दरसअल सार्वजनिक निर्माण विभाग टोंक के अधिकारियों की ढिलाई से बरोनी से कंवरपुरा तक 15.5 किलोमीटर का ये रोड अधरझूल में अटका पड़ा है। इन अधिकारियों की लापरवाही से इस रोड पर पैदल चलना भी मुश्किल है। इस रोड पर तीन विधानसभा टोंक, निवाई, खंडार के गांव और कस्बे लगते हैं। मगर कोई ध्यान विधायकों का इस ओर नहीं हैं। ऐसे में लोग आये दिन विभाग के अधिकारियों के साथ इन विधायकों को भी कोसते नजर आते है।
केवल नाम का स्टेट हाइवे: बरोनी से कुड$गांव (करौली) तक इस रोड को राज्य सरकार ने स्टेट हाइवे तो घोषित कर दिया। मगर •ािम्मेदारों की लापरवाही से इस रोड के दिन नहीं फिरने से ये केवल नाम का ही स्टेट हाइवे है। इस रोड की हालत अत्यंत खराब है। डेढ़ साल पूर्व हुई घोषणा के बाद भी टोंक जिले में इस रोड का कार्य शुरू नहीं हो सका है। अभी तक तो इस रोड की स्वीकृति भी नहीं मिली है, जो विभाग के अधिकारियों की लापरवाही दिखा रही है।

आए दिन खराब होते वाहन

बरोनी से कंवरपुरा तक रोड में डामर के नामोनिशान नहीं है और गड्ढे ही गड्ढे हैं। जिससे इस रोड पर आने वाले वाहन चालकों के चेम्बर गड्डों में फूट रहे है और गड्डों में गाडिय़ां भी फंस रही है। •ािम्मेदार अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। इस रोड पर बजरी के ओवरलोड ट्रक दौड़ रहे हैं।

श्रद्धालुओं के लिए मुसीबत बना ये रोड

शिवाड़ में प्रसिद्ध घुश्मेश्वर महादेव का ज्योतिर्लिंग मंदिर, नटवाड़ा में बद्री विशाल, चौथ का बरवाड़ा में चौथ माताजी का मंदिर तो सवाई माधोपुर में त्रिनेत्र गणेश जी का मंदिर और रणथंभौर उद्यान जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को इस रोड के खराब होने से भारी परेशानी हो रही है। उन्हें टोंक जाकर सवाई माधोपुर होते हुए आना पड़ रहा है, जिससे 100 से 120 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। इस रोड के खराब होने और नहीं बनने से श्रद्धालुओं की संख्या में भी कमी आई है।

टोंक के पीडब्लूडी अधिकारी नहीं दे रहे कोई ध्यान

जहां ये रोड तीन जिलों में बनना है। वहीं सवाई माधोपुर जिले में सारसोप से इस स्टेट हाइवे का कार्य करीब 3 माह पूर्व ही शुरू हो चुका है। टोंक जिले में अभी तक इस बरोनी से कंवरपुरा रोड के 15.5 किलोमीटर टुकड़े की स्वीकृति ही नहीं मिली है। ये स्टेट हाइवे 158 किमी लंबी बरोनी, शिवाड़, आदलवाड़ा, सवाईमाधोपुर, भूरी पहाड़ी, सपोटरा होते हुए कुड$गांव तक बनना है।

मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव,विधायक सब से कर चुके मांग: घुश्मेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर ट्रस्ट शिवाड़ के अध्यक्ष प्रेमप्रकाश शर्मा ने बताया कि वो इस बरोनी से कंवरपुरा रोड की मांग के लिए मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को 2 से 3 बार पत्र लिख कर अवगत करवा चुके हैं। दो बार प्रमुख शासन सचिव में व्यतिगत मिल चुके हैं और ज्ञापन दे चुके हैं। इसके साथ ही निवाई विधायक से भी व्यतिगत मिलकर यात्रियों के हित में इस रोड को स्वीकृत करवाने की मांग कर चुके हैं। आश्वासनों के अलावा अभी तक कुछ नहीं
मिला है।

इनका कहना है...
&अभी तक हमें बरोनी से कंवरपुरा रोड की कोई स्वीकृति आगे से नहीं मिली है। प्रपोजल बनाकर आगे भेज रखा है।
-रविन्द्र कुमार, सहायक अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग निवाई

You received this email because you set up a subscription at Feedrabbit. This email was sent to you at abhijeet990099@gmail.com. Unsubscribe or change your subscription.