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Table of Contents

पाली के सेंदड़ा थाना क्षेत्र के सराधना के जंगल में बकरियां चरा रही एक वृद्धा की पत्थर मारकर युवक ने हत्या कर दी। युवक ने वृद्धा को नोंच खाया। जिससे आरोपी का पूरा चेहरा खून से लाल हो गया। घटना के बाद फरार हुए युवक को ग्रामीणों ने एक किलोमीटर तक पीछा कर पकड़ा और पुलिस के हवाले किया।

सेंदड़ा थाना अधिकारी धोलाराम परिहार ने बताया कि सराधना गांव की शांति देवी पत्नी नाना काठात (60) जंगल में बकरियां चराने गई। लौटते समय एक युवक ने उस पर बड़े पत्थर से हमला कर दिया। इससे महिला की मौके पर ही मौत हो गई। उसके बाद युवक मृतका के चेहरे को नोंच कर खाने लगा, तब उधर से गुजर रहे लोगों ने देखा तो ग्रामीणों को सूचना दी। ग्रामीणों को आता देख आरोपी मौके से भागने लगा। पीछा कर युवक को पकड़कर पुलिस को सौंपा। मृतका का शव सेंदड़ा हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखवाया। आरोपी के आधार कार्ड के जरिए उसकी पहचान सुरेंद्र ठाकुर पुत्र राम बहादुर निवासी पवई मुंबई के रूप में हुई है। आरोपी मुंबई से ब्यावर तक कैसे पहुंचा व वृद्धा की निर्मम तरीके से हत्या क्यों की, इसको लेकर पूछताछ की जा रही है।
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युवक का मुंह खून से हुआ लाल
वृद्धा की हत्या के बाद आरोपी युवक ने वृद्धा का मुंह पूरी तरह नोंच लिया और उसका मांस खाया। जिससे उसका चेहरा खून से लाल हो गया। बताया जा रहा है कि युवक नशेड़ी प्रवृत्ति का है। आरोपी युवक अपनी ही शर्ट को खोलकर मृत वृद्धा का चेहरा ढक कर भागने लगा।

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सहमे ग्रामीण
अचानक हुई इस वारदात से ग्रामीण सहम गए। जंगल में ही बकरियां चरा रहे प्रत्यदर्शी सलीम और साहिल ने बताया कि आरोपी ने पत्थर से वार कर वृद्धा की हत्या की और मुंह नोंच नोंच कर खा गया। बकरियां चरा रहे लोग जोर-जोर से चिल्लाए तो वह भाग गया। जिसे ग्रामीणों ने करीब एक किलोमीटर तक पीछा कर पकड़कर पुलिस को सौंपा।

Medical Equipment: सेहत को लेकर अब लोग जागरूक होने लगे हैं। अब ब्लड प्रेशर, शुगर, हार्ट रेट की जांच घर में करने के लिए लोग मेडिकल उपकरण रख रहे हैं। बाजार में कोरोेना के बाद मेडिकल इक्यूपमेंट की मांग बढ़ी है। तीन साल के दौरान थर्मामीटर, पल्स ऑक्सीमीटर, ब्लड प्रेशर मॉनिटर, ग्लूकोमीटर या ब्लड ग्लूकोज मॉनिटर, नेब्यूलाइजर जैसे उपकरणों की खरीदी शहर में तेजी से बढ़ी है। दवा मार्केट के व्यापारियों के अनुसार बाजार में 200 से लेकर 40 हजार रुपए तक के उपकरण उपलब्ध हैं। तीन साल में इनकी मांग लगभग 35 प्रतिशत तक बढ़ गई है।

हर घर में बीपी, शुगर के मरीज
आज के समय में बीपी, शुगर आदि बीमारी के मरीज हर घर में है। इसमें थोड़ी सी सावधानी उन्हें स्वस्थ रखने में मददगार हो सकती हैं। चिकित्सकों के अनुसार मरीज के स्वास्थ्य पर नियमित रूप से घर में भी नजर रखी जाए। वही मरीज को चिकित्सक की परामर्श पर डाइट और दवाइयां दी जाएं, तो काफी हद तक स्वास्थ्य बेहतर में सुधार हो सकता है।

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इमरजेंसी में कामगार
घर में अचानक किसी का स्वास्थ्य बिगड़ने पर मेडिकल उपकरण से मरीज की जांच की जाती है। उसके आधार पर ही चिकित्सक मरीजों को परामर्श देते है। ऐसे में इमरजेंसी की स्थिति में चिकित्सक से फोन पर बात होने पर मरीज को दवाई देकर जान का जोखिम कम हो जाता है।


थर्मामीटर -150 से 250 रुपए तक
पल्स ऑक्सीमीटर - 500 से 800 रुपए तक
ब्लड प्रेशर माॅनिटर - 1000 से 1700 रुपए तक
ग्लूकोमीटर - 800 से 1500
नेब्यूलाइजर - 1200 से 1700 रुपए तक

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हर टेस्ट की एक प्रक्रिया होती है। मशीन के मानक भी हैं। चिकित्सक के उपयोग करने वाली मशीन व घर पर जांच करने वाली मशीन में अंतर जरूर आता है। इसलिए वेल्यू में अंतर आने पर चिकित्सक का परामर्श अवश्य लेना चाहिए। वही किसी भी जांच करने वाली मशीन का इस्तेमाल कैसे किया जाना चाहिए। इसका भी विशेष ध्यान रखना चाहिए।
डॉ. राकेश कुमार सोनी, फिजीशियन, बांगड़ अस्पताल

Mahangai Rahat Camp : महंगाई राहत कैंप के शुरुआती दौर में पाली का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ जिलों में शुमार था। अब धीरे-धीरे निचले पायदान पर जा रहा है। जिलों की रैंकिंग में पाली दूसरे स्थान से पन्द्रहवें पर खिसक गया है। कैंपों में भी कई जगह भीड़ कम दिख रही है। राजधानी जयपुर और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का गृह जिला जोधपुर भी महंगाई राहत कैंपों की परफोर्मेंस में पिछड़ रहा है।

प्रदेशभर में महंगाई राहत कैंप चल रहे हैं। इनमे सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए पंजीयन कराना आवश्यक है। राहत कैंपों में पाली का प्रदर्शन शुरुआत में बेहतर रहा। यहां तक की पिछले दिनों मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जवाई बांध में चल रहे कैंप का अवलोकन करने आए थे। उन्होंने पाली के प्रदर्शन की सराहना भी की थी।

छोटे जिले आगे, पिछड़ गए बड़े
महंगाई राहत कैंपों में छोटे जिलों का प्रदर्शन काफी बेहतर है। डूंगरपुर, बांसवाड़ा, करौली, धोलपुर जैसे जिले श्रेष्ठ प्रदर्शन कर रहे हैं। जबकि, जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर, भरतपुर जिले रैंकिंग में निचले पायदान पर हैं। पाली भी टॉप 10 से बाहर हो गया। हाल ही जिला कलक्टर ने बैठकों में उपखण्ड अधिकारियों को कैंपों में पंजीयन की रफ्तार बढ़ाने की हिदायत दी है।

ये टॉप 5
डूंगरपुर-75.4
सीकर-73.0
बांसवाड़ा-72.1
श्रीगंगानगर-71.7
करौली-70.9

ये निचले पायदान पर
कोटा-61.7
जोधपुर-60.3
राजसमंद-60.2
जयपुर-59.6
अलवर-56.1

फैक्ट फाइल - पाली जिला
लाभांवित परिवार - 4,24,213
लक्ष्य परिवार - 6,45,925
लाभांवित परिवार - 65.7 %
( 26 मई शाम 6.15 बजे तक का अपडेट)

Health Aware: सेहत को लेकर अब लोग जागरूक होने लगे हैं। अब ब्लड प्रेशर, शुगर, हार्ट रेट की जांच घर में करने के लिए लोग मेडिकल उपकरण रख रहे हैं। बाजार में कोरोेना के बाद मेडिकल इक्यूपमेंट की मांग बढ़ी है। तीन साल के दौरान थर्मामीटर, पल्स ऑक्सीमीटर, ब्लड प्रेशर मॉनिटर, ग्लूकोमीटर या ब्लड ग्लूकोज मॉनिटर, नेब्यूलाइजर जैसे उपकरणों की खरीदी शहर में तेजी से बढ़ी है। दवा मार्केट के व्यापारियों के अनुसार बाजार में 200 से लेकर 40 हजार रुपए तक के उपकरण उपलब्ध हैं। तीन साल में इनकी मांग लगभग 35 प्रतिशत तक बढ़ गई है।

हर घर में बीपी, शुगर के मरीज
आज के समय में बीपी, शुगर आदि बीमारी के मरीज हर घर में है। इसमें थोड़ी सी सावधानी उन्हें स्वस्थ रखने में मददगार हो सकती हैं। चिकित्सकों के अनुसार मरीज के स्वास्थ्य पर नियमित रूप से घर में भी नजर रखी जाए। वही मरीज को चिकित्सक की परामर्श पर डाइट और दवाइयां दी जाएं, तो काफी हद तक स्वास्थ्य बेहतर में सुधार हो सकता है।

इमरजेंसी में कामगार
घर में अचानक किसी का स्वास्थ्य बिगड़ने पर मेडिकल उपकरण से मरीज की जांच की जाती है। उसके आधार पर ही चिकित्सक मरीजों को परामर्श देते है। ऐसे में इमरजेंसी की स्थिति में चिकित्सक से फोन पर बात होने पर मरीज को दवाई देकर जान का जोखिम कम हो जाता है।

थर्मामीटर -150 से 250 रुपए तक
पल्स ऑक्सीमीटर - 500 से 800 रुपए तक
ब्लड प्रेशर माॅनिटर - 1000 से 1700 रुपए तक
ग्लूकोमीटर - 800 से 1500
नेब्यूलाइजर - 1200 से 1700 रुपए तक

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टाॅपिक एक्सपर्ट
हर टेस्ट की एक प्रक्रिया होती है। मशीन के मानक भी हैं। चिकित्सक के उपयोग करने वाली मशीन व घर पर जांच करने वाली मशीन में अंतर जरूर आता है। इसलिए वेल्यू में अंतर आने पर चिकित्सक का परामर्श अवश्य लेना चाहिए। वही किसी भी जांच करने वाली मशीन का इस्तेमाल कैसे किया जाना चाहिए। इसका भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। -डॉ. राकेश कुमार सोनी, फिजीशियन, बांगड़ अस्पताल

पाली के सरधना गांव निवासी 60 साल की शांति देवी पत्नी नाना काठात कनक कॉलेज के निकट जंगल में बकरियां चराने गई। खेत से हरी सब्जी लेकर वह घर लौट रही थी। इस दौरान जंगल में एक युवक ने उस पर बड़े पत्थर से हमला कर सिर फोड़ दिया। पत्थर के कई वार से महिला की मौके पर ही मौत हो गई। उसके बाद युवक ने मृतका के चेहरे का मांस नोंच कर खा लिया। उधर से गुजर रहे लोगों ने देखा तो ग्रामीणों को सूचना दी। ग्रामीणों को आता देख आरोपी मौके से भागने लगा जिसे पीछा कर ग्रामीणों ने पकड़ा और सेंदड़ा धौलाराम को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में लिया। मामले में पुलिस ने संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया। आधार कार्ड के जरिए उसकी पहचान मुम्बई निवासी 24 साल के सुरेंद्र के रूप में हुई है। मृतक ने वृद्धा की निर्मम तरीके से हत्या क्यों की। इसको लेकर पुलिस आरोपी से पूछताछ में जुटी है।


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युवक का मुंह खून से हुआ लाल
वृद्धा की हत्या के बाद आरोपी युवक ने वृद्धा का मुंह पूरी तरह नोंच लिया और उसका मांस खाया। जिससे उसका चेहरा खून से लाल हो गया। बताया जा रहा है कि युवक नशेड़ी है। आरोपी युवक ने अपनी शर्ट खोलकर मृत वृद्धा का चेहरा ढका।


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मेडिकल बोर्ड से करवाया पोस्टमार्टम
आरोपी मानसिक योगी जैसा व्यवहार कर रहा था। जिसे इलाज के लिए पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लाया गया है। मृतका का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंपा है।

Thunderstorm In Rajasthan : राजस्थान में 24 घंटे के भीतर नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसका असर चार दिन तक बना रहने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 28 मई को भारी आंधी-अंधड़ के साथ ओलावृष्टि होगी। मौसम विभाग ने 18 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बतादें कि बीते तीन दिन के भीतर आंधी-अंधड़ से तबाही के बीच 20 लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों गांवों में भारी नुकसान हुआ है।

इन जिलों में दिखाई देगा असर
मौसम केन्द्र जयपुर की माने तो 28 मई से शुरू हो रहे पश्चिमी विक्षोभ का असर 24 घंटे के भीतर दिखाई देने लगेंगा। तभी तो अलवर, बांसवाड़ा, बारां, चित्तौड़गढ़, झुंझुनूं, कोटा, प्रतापगढ़, राजसमंद, सीकर, सिरोही, उदयपुर, बाड़मेर, बीकानेर, चूरू, जैसलमरे, जालौर, जोधपुर, नागौर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी कर वज्रपात, मेघगर्जन और 50 से 70 किलोमीटर की रफ्तार से आंधी-अंधड़ की चेतावनी जारी की गई है। उधर, मारवाड़ में दो दिन पहले ही तबाही का मंजर दिखाई दिया था और अब फिर से आंधी-अंधड़ का अलर्ट जारी किया गया है।

20 जिलों का तापमान 40 से नीचे
राजस्थान के मौसम में आए बदलाव के कारण अधिकतम तापमान अब जोर नहीं दिखा रहा है। पिछले 24 घंटों के बीत करें तो अजमेर, भीलवाड़ा, अलवर, जयपुर, सीकर, कोटा, चित्तौड़गढ़, जोधपुर, फलौदी, बीकानेर, चूरू, श्रीगंगानगर, धौलपुर, टोंक, डूंगरपुर, जालौर, सिरोही, पाली, सवाईमाधोपुर, करौली का तापमान 40 डिग्री से नीचे रहा है। जयपुर और श्रीगंगानर का तापमान सामान्य से 11 डिग्री कम दर्ज किया गया है। जबकि अजमेर और कोटा में न्यूनतम तापमान सामान्य से 10 डिग्री कम रहा है।

जून की गर्मी सताएगी
मौसम केन्द्र जयपुर की माने तो मई का आखिरी सप्ताह गर्मी का लिहाज से सही निकलेंगे। लेकिन जून की गर्मी प्रदेशवासियों को पसीना-पसीना कर सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि जून के दौरान राजस्थान सहित कई राज्यों में अधिकतम व न्यूनतम तापमान सामान्य से ज्यादा रहने की संभावना है। ऐसे में जोधपुर, उदयपुर और कोटा में जून का पहला पखवाड़ा गर्म रहेगा।

पिछले साल 10 जून को हुई थी प्री मानसून बारिश
जून की शुरूआत में मानसून केरल में दस्तक देगा, उसके जून के अंतिम सप्ताह में राजस्थान में मानसून की झमाझम की संभावना जताई जा रही है। इसी बीच बतादें कि पिछले साल 10 जून को प्री मानसून की बारिश दर्ज की गई थी। हालाकि प्री मानसून की मेहर दो से तीन जिलों में ही बरस पाई थी और बाकी जिले में हीटवेव का असर रहा था। इस बार भी जून के पहले पखवाड़े के दौरान कुछ जिलों में प्री मानसून की बारिश की संभावना है।

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