परबतसर @ पत्रिका . ग्राम जंजिला के 11 वर्षीय बालक युवराज सिंह की होद में डूबने से हुई मौत के मामले में परिजनों ने शनिवार को 72 घंटे बाद शव ले लिया।
पुलिस के अनुसार 18 मई को युवराज का शव पास के खेत में बने टांके में मिला था। इस पर हत्या की आंशका जताते हुए नामजद मुकदमा थाने में दर्ज करवाया था। पुलिस ने 18 मई की शाम को ही पोस्टमार्टम करवाया दिया था, लेकिन परिजन नामजद में आरोपियों की गिरफ्तारी , 50 लाख मुआवजा , एक व्यक्ति को संविदा पर नौकरी देने की मांग पर अड गए और शव लेने से इनकार कर दिया। । शव दो दिन अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया। परिजन अस्पताल में धरने पर बैठे रहे। शनिवार को परिजनों तथा समाज के लोगों के साथ मकराना पुलिस उपाधीक्षक रविराज सिंह तथा परबतसर तहसीलदार फारूक अली के बीच दो तीन चरण में हुई बातचीत के बाद समझौता हुआ और परिजन शव लेने पर राजी हुए ।
इन बिन्दुओं पर बनी सहमति
1..निष्पक्ष जांच करने का आश्वासन ।
2.. मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना से परिजनों को 5 लाख रुपए की मुआवजा राशि दिलवाने।
3.. परिवार के किसी एक सदस्य को संविदा पर नौकरी का प्रस्ताव सरकार को भेजने।
4.. भूमि का सीमा ज्ञान कर नाप चौक करने के पर सहमति होने पर परिजन शव लेने के लिए राजी हुए
परिजनों के साथ समाज के मौजिज लोगों महिपाल सिंह हरनावा, भीम सिंह किनसरिया , जितेन्द्र सिंह ढुढिया, भूपेंद्र सिंह बातचीत में शामिल थे। इस दौरान परबतसर सीआई विनोद कुमार, पीलवा थानाधिकारी सूरज चौधरी , मारोठ थाना अधिकारी सहित मकराना थाना क्षेत्र का जाप्ता अस्पताल परिसर में तैनात रहा।
फोटो केप्शन परबतसर : शव उठाने को लेकर बातचीत करते प्रशासन के अधिकारी और परिजन ।