आंधी के साथ आई बरसात ने जिले में उखाड़ दिए सात हजार बिजली के पोल
-हजारों की संख्या में गिरे पोल से डिस्कॉम को हुआ आठ से 10 करोड़ का नुकसान
-एक साथ इतनी संख्या में पोल गिरने से जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों का घंटों बिजली से कटा रहा संपर्क
-जिले में 33 केवी लाइन 185, 11 केवी लाइन के 4752 एवं एलटी लाइन के 2055 बिजली के पोल गिरे
-तकरीबन सात हजार पोल गिरने से डिस्कॉम का हुआ भारी-भरकम नुकसान
-बिजली के अभाव में शहर के साथ ग्रामीण भी गर्मी से रहा परेशान
-डिस्कॉम अधिकारियों को फोन कर बिजली आने की जानकारी लेने में लगे रहे लोग
नागौर. आंधी के साथ आई तेज बरसात ने गत गुरुवार को देर रात्रि जिले के करीब सात हजार बिजली के पोलों को उखाड़ दियाा। गिरने वाले पोलों में 33 केवी, 11 केवी एवं एलटी लाइन के पोल शामिल हैंं। नागौर, मूण्डवा, खींवसर, कुचामन, डेगाना एवं लाडनू आदि सहित पूरे जिले में शहर ग्रामीण क्षेत्रों का बिजली से संपर्क कई घंटे कटा रहा। स्थिति यह यह रही जिला मुख्यालय लेकर नागौर के अंतिम छोर के एरिया के गांवों व शहरी क्षेत्र पूरी से अंधकार में डूबे नजर आए। हालांकि डिस्कॉम की ओर से किए गए प्रयासों के चलते कुछ जगहों पर आधी रात के बाद बिजली तो आई, लेकिन ज्यादातर क्षेत्रों में पूरी रात अंधेरा का राज कायम रहा। विकट गर्मी में मौसम के बदलते तेवर के साथ आई इस मुसीबत से हर कोई परेशान नजर आया। लोग डिस्कॉम के अधिकारियों को फोन कर बिजली आने की जानकारी लेने में लगे रहे। डिस्कॉम के अधिकारियों की माने तो मौसम के टूटे इस कहर के चलते विभाग को तकरीबन आठ से दस करोड़ का नुकसान हो गया है।
नागौर जिले में गुरुवार का दिन इस बार डिस्कॉम के साथ ही आमजन के लिए भी बेहद तकलीफदेह बनकर आया। आंधी के साथ आई बरसात ने बिजली के पोलों को जड़ से उखाड़ दिया। आंधी के साथ हो रही बरसात के चलते जिले का लगभग पूरा एरिया इससे प्रभावित रहा। डिस्कॉम के अनुसार बिजली के पोल बेहद मजबूती के साथ खड़े किए जाते हैं, लेकिन आंधी इतनी तेज थी कि कई जगहों पर से अपने बेस के पास से ही टूटकर गिर गए। इस तरह की स्थिति कई जगहों पर रही। डिस्कॉम के अनुसार 33 केवी के 185 पोल, 11 केवी के 4752 पोल एवं एलटी लाइन के 2055 पोल गिरे हैं। बताते हैं कि यह पोल गिरने के साथ ही कई जगहों पर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। ऐसे में व्यवस्था को सुचारु रूप से बनाए रखने के लिए जिले में डिवीजनवार टीम लगाई जा चुकी है। इसके चलते कई क्षेत्रों में अब बिजली व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित होने लगी है। शेष जगहों पर भी व्यवस्था जल्द ही यथावत किए जाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।