>>: अरे! नगर निगम भी खाद बेचेगा

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नगर निगम ने आय बढ़ाने का पहला साधन तलाशा, सस्ती दरों पर बेचेंगे खाद


- निगम अपने ब्रांड से बेचेगा ये खाद, एक, दो, पांच किलो के होंगे पैकेट

- कचरा निस्तारण प्लांट के जरिए तैयार होगी ये खाद, आय से होगा विकास
अलवर. नगर निगम बनते ही अफसरों ने आय बढ़ाने के साधनों पर काम करना शुरू कर दिया है। पहले साधन के रूप में उस खाद को लिया गया है जो कचरा निस्तारण प्लांट पर कचरे से बनेगी। इस खाद पर निगम अपना लेबल लगाकर बेचेगा। सस्ती दरों पर खाद उपलब्ध हो पाएगी। इससे लाखों रुपए की निगम को आमदनी होने की उम्मीद है।


इस तरह बन रहा है खाद
नगर परिषद के पास अपने साधन आय के नहीं थे। नगर निगम बनते ही इस पर काम शुरू हो गया। बोर्ड बैठक में भी नए प्रस्ताव आएंगे जिस पर अफसर काम करेंगे। करीब एक माह पहले कचरा निस्तारण प्लांट शुरू हुआ। प्लांट प्रतिदिन करीब 100 क्विंटल कचरे का निस्तारण कर रहा है। इस कचरे से करीब पांच हजार क्विंटल खाद प्रतिदिन तैयार हो रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक ये खाद पार्कों के अलावा घरेलू पौधों में प्रयोग की जा सकेगी। इस खाद के प्रयोग से पौधों में नई जान आएगी। यानी पौधों की ग्रोथ अन्य खाद से बेहतर होना बताई जा रही है।

10 रुपए प्रति किलो खाद का मूल्य तय हो सकता

नगर निगम एक किलो से लेकर 50 किलो के पैकेट खाद के बेचेगा। कोई भी व्यक्ति नगर निगम जाकर ले सकेगा। खाद का स्टोरेज अलग गोदाम में होगा। इसके लिए दो कर्मचारियों की तैनाती भी किए जाने की योजना है। बताते हैं कि ये खाद 10 रुपए से लेकर 20 रुपए किलो तक में बिक सकती है। हालांकि रेट का निर्धारण नगर निगम बोर्ड की ओर से किया जाएगा।


यूआईटी बड़ी मात्रा में खरीद सकेगी खाद
इसी के साथ-साथ नगर निगम ये खाद यूआईटी को भी उपलब्ध कराएगा। यूआईटी के अपने एक दर्जन से अधिक पार्क हैं। ऐसे में बड़ी मात्रा में यूआईटी खाद लेगी और बदले में निगम को पैसे मिलेंगे, जिससे खजाना भरेगा। ये प्लानिंग अंतिम चरण में चल रही है। बताते हैं कि सितंबर माह से निगम खाद बेचना शुरू कर सकता है।

आय बढ़ाने के लिए और तलाशने होंगे साधन

नगर निगम को आय के साधन बढ़ाने के लिए और साधन तलाशने होंगे। घर-घर कचरा संग्रह के जरिए टैक्स वसूलना होगा। इसके अलावा हाउस टैक्स भी इसी दायरे में आता है। मनोरंजन के साधन बढ़ाकर उन पर शुल्क लागू किया जा सकता है। इसके जरिए काफी मोटी रकम निगम के खजाने में आ सकती है। निगम अपनी प्रोपर्टी के जरिए भी आय कर सकती है।

कचरा निस्तारण प्लांट पर कचरे के निस्तारण के जरिए खाद तैयार हो रही है। ये खाद नगर निगम बेचेगा। इसकी योजना लगभग बन गई है। अंतिम मुहर जल्द लगेगी।

-- मनीष कुमार, नगर आयुक्त

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