>>: Jaipur City Market: परम्परागत परिधानों और स्वाद के खजाने के लिए पहचाना जाता है घी वालों का रास्ता

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जयपुर। हैरिटेज हवेलियां, मिठाई नमकीन की दुकानें, सजे कुर्तें—पजामे और फीणी—घेवर की महक, ये सब घी वालों का रास्ता में प्रवेश के साथ ही लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने को काफी है। जौहरी बाजार के प्रमुख रास्तों मे एक घी वालों का रास्ता ने परम्परागत परिधानों और स्वाद के खजाने के लिए देशभर में अपनी पहचान बनाई है। बाजार में देशभर से लोग कुर्ते—पजामे खरीदने आते हैं, वहीं यहां का जवाहरात का व्यवसाय भी देश—दुनिया में अपनी पहचान बनाए हुए है।

घी वालों का रास्ता में ट्रेडिशनल आउटफिट कुर्ते—पजामे के अलावा फीणी—घेवर, मिठाई नमकीन के साथ कच्ची रसोई का सामान की दुकान लोगों को अपनी ओर खींच लाती है। कुर्ते—पजामे की लोकप्रियता ने बाजार में दिनों—दिन व्यवसाय में इजाफा भी किया। आज बाजार में 80 से अधिक दुकानें सिर्फ कुर्ते—पजामे की ही है। इसके अलावा यहां बच्चों के कपड़े भी मिलते है।

250 से अधिक दुकानें
250 से अधिक दुकानें है घी वालों का रास्ता में
400 से लेकर एक लाख तक के कुर्ते पजामे है यहां
बच्चों के कपड़ों का बेहतरीन कलेक्शन
प्रसिद्ध मिठाईयों की दुकानें
बाजार में पुराने जैन मंदिर और हवेलियां

वाहन बने बड़ी समस्या
घी वालों का रास्ता अतिक्रमण की भेंट चढ़ा हुआ है। करीब 20 फीट चौड़ा रास्ता अतिक्रमण के चलते सिकुड़कर 8 से 10 फीट चौड़ा रह गया है। यहां दिनभर सड़क पर ही दुपहिया वाहन खड़े रहते है।
बाजार में अतिक्रमण के चलते हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है। इससे ग्राहक भी बाजार में आने से बचता है।
बाजार में हमेशा सीवरेज जाम से न केवल यहां के लोग, बल्कि दुकानदार भी परेशान है। व्यापारियों की मानें तो जौहरी बाजार की सीवरेज का बेक वाटर यहां आता है।

हैरिटेज हवेलियां बाजार की शान
घी वालों का रास्ता व्यापार मंडल के अध्यक्ष नीरज लुहाड़िया ने बताया कि घी वालों का रास्ते ने कुर्ते—पजामे के लिए अपनी पहचान बनाई है। यहां हेरिटेज हवेलिया और 7 से 8 जैन मंदिर बाजार की शान है, लेकिन बाजार में पार्किंग और सीवरेज जाम की समस्या से लोग आहत है। बंदरों का आतंक बाजार में दिनभर रहता है। इससे दुकानदार भी परेशान है। ग्राहकों के बीच व्यापारियों को बंदरों को भी ध्यान रखना पड़ रहा है। बाजार से बिजली के तारों को भूमिगत कर दिया गया, लेकिन खंभे नहीं हटाए गए। बिजली के बॉक्स भी टूटे पड़े है, जिनमें हमेशा करंट का डर बना रहता है। बाजार में पार्किंग की समस्या दूर होनी चाहिए। केबलों का जाल हटना चाहिए।

पार्किंग सबसे बड़ी समस्या
घी वालों का रास्ता व्यापार मंडल के महामंत्री कुंदनलाल पठानी ने बताया कि बाजार में पार्किंग सबसे बड़ी समस्या है। जौहरी बाजार सहित अन्य गलियों के लोग इस बाजार में सुबह जल्दी ही अपने दुपहिया वाहन खड़े कर जाते है, जो दिनभर खड़े रहते है। इससे ग्राहक बाजार में आने से बचता है। जौहरी बाजार सहित अन्य जगहों पर दो घंटे की पार्किंग व्यवस्था लागू होनी चाहिए।

दुकानदारों के लिए बड़ी परेशानी
घी वालों का रास्ता व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष महेन्द्र जैन ने कहा कि घी वालों का रास्ता अपनी प्रसिद्धि के चलते जाना जाता है, लेकिन यहां बंदरों का आतंक दुकानदारों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। जौहरी बाजार में पहले रोड कट था, जिससे ग्राहक यू—टर्न लेकर बाजार में आ जाता था, लेकिन उसे अब बंद कर दिया गया, जिससे व्यापार 50 फीसदी गिर गया।

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