>>: सूफ़ी हमीदुद्दीन चिश्ती नागौरी के उर्स पर देश के विभिन्न क्षेत्रो से पहुँचे जायरीन

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-दुआओ के लिए झुके हजारों सर, सलामती की मांगी दुआएं
-दरगाह परिसर के साथ आसपास के एक किलोमीटर के दायरे मे नजर आ रहे थे जायरीन, मेला स्थल पर लगे झूलो मे भी उमड़ी भीड़
धूमधाम के साथ मनाया गया सूफी का बडा उर्स, पेश हुई चादर
हजारों की तादाद में लोगों ने की शिरकत,
कुल की रस्म आज
नागौर. ख्वाजा साहब के खलीफा हजरत सूफी हमीदुद्दीन चिश्ती न ागौर रहमतउल्लाह अलैह का बड़ा उर्स शुक्रवार को अकीदत के साथ मनाया गया। उर्स में शामिमल होने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे जायरीनों में चादर के साथ अकीदत के फूल पेश करने की होड़ लगी रही। इस मौके पर अजमेर शरीफ से लाई गई चादर के साथ जुलूस निकला तो हजारों की भीड़ में शामिल जायरीन चादर को चूमने का प्रयास करते नजर आए। रास्ते में कलंदरों ने हैरतअंगेज करतब दिखाए। देर रात्रि हुए मुशायरा के कार्यक्रम में कव्वालों ने सूफी साहब की शान में एक बढकऱ एक कलाम पेश किए। उर्स के दौरान हजारों की भीड़ को लंगर में भोजन भी खिलाया गया। उर्स में आए जायरीनों ने बगल में खाली मैदान में लगे झूलों एवं फूड स्टॉल में खाने-पीने का भी लुफ्त उठाया। कुल की रस्म शनिवार को की जाएगी।
सुबह से ही जायरीनों उमडऩे लगी भीड़
सूफी हमीदुद्दीन चिश्ती नागौरी के बड़ा उर्स मौके पर देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए जायरीनों की ओर से सुबह से ही चादर के साथ अकीदत के फूल पेश कर दुआएं करने का सिलसिला चलता रहा। दोपहर तक दरगाह परिसर में जायरीनों की भीड़ नजर आई। दरगाह परिसर से मुख्य गेट से लेकर अंदर तक चारों ओर जायरीन ही नजर आ रहे थे। इस दौरान हर कोई सूफी साहब की दरगाह में दुआ करता नजर आया। दरगाह के चारो ओर सुरक्षाकर्मी के साथ ही दरगाह कमेटी की ओर से लगाए गए लोग जायरीनों की भीड़ को नियंत्रित करने में लगे रहे।
जुमे की नमाज के बाद निकला चादर का जुलूस
बड़ा उर्स के मौके पर जुमे की नमाज के बाद शाहजानी मस्जिद से चादर का जुलूस रवाना हुआ। अजमेर शरीफ से लाई चादर को सिर पर रखकर ऊटनी पर सवार काजी वहीद अली रवाना हुए। चादर का जुलूस सदर बाजार, तिगरी बाजार, लोढ़ा चौक एवं माही दरवाजा होते हुए शाम को करीब पांच बजे सूफी साहब की दरगाह पहुंचा। यहां पर मौजूद हजारों की तादाद में मौजूद जायरीनों ने चादर को चूमने की कोशिश की, लेकिन दरगाह कमेटी की ओर से की गई व्यवस्थाओं के चलते लोग कामयाब नहीं हो पाए तो दूर से ही चादर की जियारत की। इस दौरान चादर शरीफ के जुलूस के साथ दरगाह के सज्जादानशीन पीर अब्दुल बाकी चिश्ती फारूकी, नायब सज्जादानशीन पीर मोहम्मद जमाल अख्तर आदि मौजूद रहे।
कलंदरों ने दिखाए करतब
जुलूस के दौरान कलंदरों के हैरतअंगेज करतब देखकर जायरीनों ने दांतोतले उंगलियां दबा ली। रास्ते में करतब दिखाते चल रहे कलंदरों को देखने के लिए जायरीनों की भीड़ लगी रही। दरगाह की ओर से हुई लंगर की व्यवस्था दावते इस्लामी सदस्य मौलाना रमजान अपनी टीम के साथ संभालते नजर आए। रात्रि में हुए मुशायरा के कार्यक्रम में कव्वालों ने हर जमाना मेरे हुसैन का है... हम सारे गरीबों का मददगार है ख्वाजा.... जिस पर है मुझ पर यकीन वो है काजी हमीदुदीन नागौरी सरीखे कलाम पेश किए। इस दौरान विशेष फातिहा का भी आयोजन किया गया।
चादर चढाकर अकिदत के फूल पेश
दरगाह कमेटी के अध्यक्ष शमशेर खान ने बताय कि बड़े उर्स के मौके पर अल सुबह ही बासनी के ग्रामिणों की तरफ से मुफ्ती वली मोहम्मद के नेतत्व में चादर दरगाह पहुंची। यहां सूफी के दर पर यह चादर के साथ अकीदत के फूल पेश किए गए। इसके बाद खास दुआ का भी आयोजन किया गया। बडे उर्स के मौके पर पूर्व चैयरमैन अशोक कुमार मच्छी एवं ताजू खां की तरफ से लंगर का आयोजन किया गया।
फूलों एवं बिजली की झालरों से सजा नजर आया
बड़ा उर्स के मौके पर सूफी हमीदुद्दीन चिश्ती नागौरी की दरगाह को फूलों एवं बिजली की झालरों से सजाया गया था। दरगाह के लगभग हर हिस्से में फूलों की महक जायरीनों तक पहुंचती रही। शाम होने के बाद बिजली की रंग-बिरंगी झालरों की रोशनी में सूफी साहब की दरगाह अपने अनूठे रूप में नजर आई। इस दौरान कई जायरीन वहां पर सेल्फी लेते भी नजर आए। बिजली के झालरों रोशनी में सजी दरगाह दूर से ही देखने पर अपने आकर्षक रूप में नजर आई।
व्यवस्थाओं को संभालने में यह टीमें लगी रहीं
दरगाह वक्फ कमेटी की ओर से टीम में आरिफ गौरी, नदीम, तबरेज खान, खालिद खान के साथ टीम खिदमत- ए- खल्क की टीम ने दुकानों को आवंटित करने के साथ व्यवस्थित करने, उस्मान खां शांति व्यवस्था बनाए रखने, जायरीनों को लंगर खिलाने की जिम्मेदारी दावते इस्लामी टीम के नदीम खान व असलम मुल्तानी, याकूब मुल्तानी, मुराद खान, सलीम बल्की ने आदि ने संभाली। इसी क्रम में जायरीनों को व्यवस्थित रूप से ठहराने का जिम्मा मोहम्मद रफीक गौरी, इलियास गौरी, अब्बास खान, मोहम्मद फारूख , दरगाह में सफाई व्यवस्था एवं अन्य सुविधाओं के देखरेख का काम बुलाकी खां, उम्मेद खां, सलाउद्दीप कुरैशी, शौकत खां, नूरखानी, जावेद सोढा,सलीम खान , दिगर इंतजाम उपसभापति सदाकत सुलेमानी, मकबूल अंसारी, मोहम्मद अली अंसारी, अहमद बाबू लोहार, सगीर आलम अंसारी, किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए निगरानी का काम सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से सादाब मुल्तानी, मुजीबुर्रहमान की टीम ने किया। टीमों की गतिविधियों के साथ ही पूरी व्यवस्थाओं की कमान दरगाह वक्फ कमेटी के सदर हाजी शमशेर खान, सैयद सदाकत सुलेमानी, आबिद अल्वी व दिगर कमेटी के सदस्य हाजी मोहम्मद सरदार बासनी, सकील अहमद ताकली, शौकत खान, अब्दुल हमीद गौरी आदि ने संभाली।
पांच सौ से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने संभाली व्यवस्था
दरगाह वक्फ कमेटी अध्यक्ष हाजी शमशेर खान, उप सभापति सदाकत सुलेमानी, आबिद हुसैन अल्वी, उस्मान खान, बाबू लोहार, रफिक गौरी, शकील अहमद ताकली, अब्बास अहमद, तबरेज खान, अब्दुल गनी खरादी, मकबुल अंसारी, आरिफ गौरी, शौकत खान, मोहम्मद अली अंसारी, अब्दुल हमीद गौरी, बुलाकी खान, उस्मान खान, उम्मेद खान फौजी, सलाउदीन कुरैशी, असलम मुल्तानी, याकूब दरखान, शौकत खान नूरखानी, जावेद सोढा, खालिद हुसैन, फारूख अंसारी, मोहम्मद इलियास गौरी, अय्यूब खान सोढा, नदीम खान, शौकत हाजी, जलालुदीन खान, बिलाल रंगरेज, सगीर आलम अंसारी, सैयद तौकीर शेरू कुरेशी, हनीफ भाटी, रफीक खान, चांद खान, इब्राहिम खान, शहबाज मुल्तानी, अकरम खान सहित 500 से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने व्ययवस्था संभाली।

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