>>: आसीन्द चुनाव में पानी व पलायन का उठा मुद्दा

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नरेन्द्र वर्मा

मेवाड़, मारवाड़ व मेरवाड़ा के हद्यस्थली, अंतरराष्ट्रीय सवाईभोज एवं मालासेरी देवडूंगरी की पावनधरा आसींद विधानसभा क्षेत्र में मतदाता खामोश है। क्षेत्र की समस्याओं पर लोग बोल रहे हैं, लेकिन हवा किसके पक्ष में यह बोलने से बच रहे हैं। गांव की चौपालों पर जरूर बड़े-बुजुर्ग विकास या अनदेखी को लेकर आपस में बतियाते मिले। प्रत्याशियों की अनदेखी पर उन्हें लपटेने की कोशिश करते दिखे।


खारी नदी व बांध रीत चुके
चार दशक से अकाल की मार झेल रहे आसींद क्षेत्र की जीवनरेखा खारी नदी व बांध रीत चुके हैं। पानी की कमी से क्षेत्र का विकास नहीं हो पाया। विकास में पिछड़ने व युवाओं के पलायन को लेकर क्षेत्र के लोगों में अंदरखाने कड़वाहट है। क्षेत्र के करीब पच्चीस हजार से अधिक वोटर परदेस में पाव भाजी व आइसक्रीम बेच रहे हैं। कुछ के अपने कारोबार भी है। इनका वोट भी उम्मीदवारों का सियासी पद और कद घटाने की ताकत रखता है।


वाहनों के काफिले
क्षेत्र में आसींद कस्बे के अलावा गुलाबुपरा, हुरड़ा, मोड का निम्बाहेड़ा, ब्राह्मणों की सरेरी, शम्भूगढ़ आदि शामिल हैं। प्रत्याशियों या उनके समर्थकों के आने व जाने के दौरान ही पार्टी के बैनर व पोस्टर भी गांवों में नजर आ रहे हैं। प्रत्याशियों के वाहनों के काफिले व पार्टियों के चुनावी रथ देखने को लेकर भी उत्सुकता है।

वोटर्स की टटोली नब्ज
पालड़ी में ईश्वरलाल, रामचन्द्र, कंवरलाल व सम्पती बाई ने कहा, इलाका विकास व पानी को तरस रहा है। सवाई भोज मंदिर के पास शम्भूलाल गुर्जर व कमलेश ने कहा, मंदिर क्षेत्र का विकास हो तो पर्यटक भी बढ़े। मालासेरी देव डूंगरी मंदिर के पास हीरा देवी की पीड़ा थी कि वोट लेने आने के बाद दोबारा कोई नहीं आता। यहीं पर दिनेश ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आए तो बड़ी उम्मीद जगी, लेकिन विश्रामलय का अभी पूरा नहीं हुआ। जलसंकट बरकरार है।

वोट किसे देंगे, तय नहीं
आसींद में किरणसिंह चुंडावत ने कहा कि इस चुनाव में मुकाबला कड़ा है, लेकिन रोजगार की बात कोई नहीं करता। शाहीद डायर बोले कि काम धंधे की कमी है। फल व्यवसायी भंवरलाल मेघवंशी बोले कि फैक्टि्रयां नहीं है। फल फ्रूट से परिवार पल रहा। गोविंदपुरा के रामेश्वर रेगर का कहना था कि वोट की तारीख पता है, किसको देना है यह तय नहीं किया। जाल का खेड़ा के भैरूलाल प्रजापति ने बताया कि क्षेत्र में इंटरनेट की समस्या बड़ी है। सरेरी चौराहा पर सब्जी विक्रेता ने छोटू ने बताया कि सरेरी बांध में पानी आए तो क्षेत्र में विकास की गंगा बहे।


त्रिकोणीय मुकाबले का आसार
आसींद विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस ने हगामी लाल मेवाड़ा के बेटे मनीष का टिकट काट दिया। इस बार हगामी को चुनाव मैदान में उतारा है। भाजपा ने मौजूदा विधायक जब्बरसिंह सांखला पर विश्वास जताया। रालोपा से धनराज गुर्जर भी चुनौती दे रहे हैं। इससे मुकाबला त्रिकोणीय होने के आसार हैं।

आसींद : फैक्ट-
मतदान केन्द्र: 308
कुल मतदाता: 2,96,753
पुरुष कुल मतदाता: 1,49,102
महिला कुल मतदाता: 1,47,651

चुनावी गणित
यहां एक उपचुनाव समेत पन्द्रह चुनाव हुए हैं। भाजपा सर्वाधिक छह बार जीती। गत तीन चुनाव में भाजपा ही जीत रही है। वर्ष-2008 और 2013 में भाजपा के रामलाल गुर्जर जीते। वर्ष-2018 भाजपा के जब्बरसिंह सांखला विजयी रहे। इससे पहले वर्ष-2003 में निर्दलीय हगामीलाल जीते। ओबीसी बहुल सीट पर गुर्जर व जाट आदि अच्छी तादाद में हैं।

तीन प्रमुख मुद्दे
- गत तीन दशक से अकाल के हालात, रोजगार के अवसर बढ़े
- नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित हो, रेलवे सेवा से क्षेत्र जुड़े।
- खारी बांध में पानी का ठहराव, सिंचाई के स्राेत मजबूत हो।

नेताओं के वायदे
- मेमू रेल कोच कारखाना व अन्य उद्योग खुले, इसके प्रयास होंगे।
- स्थानीय औद्योगिक इकाइयों में दिलाएंगे नौकरी।
- खारी बांध का कराएंगे जीर्णोद्धार ।
- सभी गांवों को सड़कें व परिवहन सेवा से जोड़ेगे
- धार्मिक स्थलों का विकास होगा

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