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मेरी पहली प्राथमिकता, कम से कम 40 दिन चले विधानसभा- देवनानी Friday 22 December 2023 07:05 AM UTC+00 अजमेर उत्तर से भाजपा विधायक वासुदेव देवनानी विधानसभा के नए अध्यक्ष अध्यक्ष होंगे। देवनानी 17 वें विधानसभा अध्यक्ष चुने गए हैं। हर बार की परम्परा की तरह ही इस बार भी विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी का चयन सर्वसम्मति से हुआ। देवनानी ने अध्यक्ष की कुर्सी संभालने के बाद अपने इरादे भी साफ कर दिए। उन्होंने कहा कि नियमों और परम्पराओं से सदन चलाया जाएगा। ऐसी नौबत ना आए कि कठोर कार्यवाही करनी पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी कोशिश रहेगी कि सदन इसी साल से कम से कम चालीस दिन चले। अभी तक एक साल में 29-30 दिन ही सदन चलता आया है। देवनानी ने दोपहर करीब 3.35 पर अध्यक्ष की कुर्सी संभाली। करीब एक घंटे तक सदन चला। इसके बाद 19 जनवरी सुबह 11 बजे तक के लिए सदन स्थगित कर दिया गया।
विधायकों की एक ही मांग, बोलने का दें समय सदन में देवनानी को अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठाया गया तो करीब बीस विधायकों ने उनके सम्मान में अपनी बात रखी। इस दौरान कई निर्दलीय, छोटे दलों के विधायकों ने देवनानी से मांग की कि उनको भी बोलने का पूरा मौका दिया जाए, जिससे सरकार तक वे अपनी बात पहुंचा सकें। पर्ची सिस्टम भी फिर से शुरू करने की मांग उठी। अध्ययन करने की आदत डालें, नियमों का पालन करें- देवनानी वासुदेव देवनानी ने अध्यक्ष पद पर बैठने के बाद नियमों और परम्पराओं से यह सदन चलेगा। उनकी कोशिश रहेगी कि यह सदन देश के सर्वश्रेष्ठ सदनों में से एक बने। सदन की गरिमा बनी रहे। सभी से सहयोग की अपेक्षा है। सभी विधायकों से निवेदन है कि वे सदन चलते समय पूरे दिन बैठें। कई नए सदस्य जीत कर आए हैं। सभी को अध्ययन करने की आदत डालनी चाहिए, जिससे नियमों की जानकारी हो। विशेष रूप से नियम 269 को जरूर पढ़ना चाहिए। नए विधायकों के लिए दो दिन की कार्यशाला करवाने की भी सोच रहे हैं। देवनानी ने कहा कि वे शिक्षक रहे हैं, जिस तरह से कॉपी जांचते समय निष्पक्ष भूमिका में रहा। उसी तरह सदन में भी निष्पक्ष रहकर काम करूंगा।
- उम्मीद है कि नए विधानसभा अध्यक्ष साथ-सबका विकास की अवधारना को मूर्त रूप देंगे। लोकसभा और राज्यसभा का संचालन हमारे इसी विधानसभा के सदस्य रहे ओम बिरला और जगदीप धनखड़ कर रहे हैं। हम सब मिलकर सदन की मर्यादा और सम्मान को कभी ठेस नहीं पहुंचाएंगे तथा दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जनता से जुड़े मुद्दों को संसदीय परम्परा के अनुरूप उठाएंगे- भजनलाल शर्मा, मुख्यमंत्री - सदन की परम्परा रही है कि विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव सर्वसम्मति से हो। हमें लग रहा था कि इस बार चुनाव होगा, लेकिन वासुदेव देवनानी का नाम आया तो तय किया की सर्वसम्मति से ही तय होगा। उम्मीद है कि जो परिपाटी बनी हुई है, नए अध्यक्ष उसे निभाएंगे। जो चर्चा होगी, उसमें अहम भूमिका होगी। समय के आवंटन में विपक्ष का पूरा ध्यान रखेंगे। - सचिन पायलट, पूर्व उपमुख्यमंत्री - हम सबने मिलकर आपको अध्यक्ष चुना है। अध्यक्ष हमेशा सत्ता पक्ष से भी ज्यादा विपक्ष के लिए लिबरल रहता है। आपकी उम्र को देखते हुए हमने सोचा था आप अंडमान-निकोबार के राज्यपाल बनेंगे, लेकिन आप अध्यक्ष बने हैं। उम्मीद है कि कितना ही दबाव चाहे दिल्ली से आए या किसी भवन से। आप किसी दबाव में नहीं आएंगे- गोविन्द सिंह डोटासरा, अध्यक्ष, प्रदेश कांग्रेस
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