>>: रोगनाशक व सुख-समृद्धि की प्रतीक है ‘हरिप्रिया’ तुलसी

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श्रीकरणपुर. श्रीयोग वेदांत समिति की ओर से रविवार को नेहरू पार्क में तुलसी पूजन दिवस मनाया गया। समिति पदाधिकारियों व अन्य वक्ताओं ने तुलसी पौधे का पौराणिक व औषधीय महत्व बताया। कार्यक्रम में शामिल श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से तुलसी पूजन भी किया।

मुख्य वक्ता समिति के सेवादार डॉ.मूलचंद भारद्वाज ने बताया कि तुलसी का पौधा लगाने से घर में सुख-समृद्धि और शांति मिलती है। वहीं, तुलसी के दर्शन मात्र से ही पाप का नाश होता है। इसके सेवन से स्मृति व रोग प्रतिकारक शक्ति बढ़ती है और करीब ८०० रोगों के उपचार में तुलसी काम आती है। उन्होंने बताया कि औषधीय गुणों से युक्त होने की वजह से ही इसे हरिप्रिया कहा जाता है। कार्यक्रम प्रभारी व समिति के तहसील संयोजक इंद्रचंद मित्तल ने कहा कि तुलसी पूजन से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। समिति अध्यक्ष केशव बिलंदी, उपाध्यक्ष बाबूलाल बागड़ी, नारायण मित्तल, शिवा मित्तल, सुनीता मित्तल, काजल, मोनिका मित्तल आदि ने व्यवस्थाएं संभाली। विशिष्ट अतिथियों पूर्व पालिकाध्यक्ष जुगल किशोर, मानव सेवा समिति अध्यक्ष डॉ.हजारीलाल मुटनेजा, राधेश्याम छाबड़ा, नरेश परनामी, ओमप्रकाश डोडा, जोतराम चाहर, अशर्फीचंद पैंसिया व शुभम नागपाल आदि सहित काफी संख्या में महिला व पुरुष श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल हुए।

साक्षात ईश्वर का रूप हैं माता-पिता

कार्यक्रम के दौरान वहां मातृ-पितृ पूजन भी किया गया। बच्चों ने थाली में दीपक जलाकर माता-पिता का पूजन कर आरती उतारी और उनका आशीर्वाद दिया। फूलमाला पहनाकर माता-पिता की परिक्रमा लगाई। वक्ताओं ने कहा कि धरती पर हमारे माता-पिता ही साक्षात ईश्वर रूपी अंश हैं। उनकी सेवा करना ही जीवन में सुखी रहने का सर्वोतम उपाय है। समिति के अन्य पदाधिकारियों ने भी माता-पिता की महत्ता का बखान किया।

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