>>: मीणा समाज ने ही पारिवारिक विवाद को आपसी सहमति से सुलझाया

>>

Patrika - A Hindi news portal brings latest news, headlines in hindi from India, world, business, politics, sports and entertainment!

सीकर/खाटूश्यामजी. मीणा समाज के मातृ-संगठन राजस्थान आदिवासी मीणा सेवा संघ की बैठक रविवार को गोयल धर्मशाला में दांतारामगढ़ तहसील अध्यक्ष मदनसिंह मीणा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में पुराने व लम्बित पारिवारिक विवाद में समझाइस एवं परस्पर सहमति से फैसला किया गया। सीकर व नीमकाथाना जिला महामंत्री बाबूलाल कांवट ने बताया कि पारिवारिक विवाद के पुराने मामले में गहन समझाइस के बाद पिछली बैठक में दोनों पक्षों के मध्य बनी स्वैच्छिक सहमति के आधार पर उनके बीच न्यायालयों में लम्बित 3 केसों में राजीनामा कराया गया।

दोनों पक्षकारों को उनके परिजनों व रिश्तेदारों की उपस्थिति में अंतिम चर्चा कर समझाइस के बाद सर्वसम्मति से सामाजिक फैसला जारी किया गया, जिसे दोनों पक्षों ने स्वीकार किया। सोनू कुमारी मीणा ने बताया कि आदिवासी मीणा समाज की निशुल्क एवं सुगम सामजिक न्याय प्रक्रिया की जानकारी के अभाव में, मैं पारिवारिक विवाद मामले में न्याय के लिए मई 2000 से 3 वर्र्ष तक पुलिस, प्रशासन तथा न्यायालयों में चक्कर लगाते हुए बहुत परेशान होकर थक गई थी। मेरे आवेदन पर राजस्थान आदिवासी मीणा सेवा संघ सीकर जिले के पदाधिकारियों ने मात्र 3 महीने में दोनों पक्षों की सुनाई तथा समझाइस से फैसला हुआ। अजय कुमार मीणा मंडावा ने बताया कि राजस्थान आदिवासी मीणा सेवा संघ सीकर ने हमारे मामले में किये गए सामाजिक निर्णय से मैं और मेरे परिजन संतुष्ट हैं। स्वतंत्रता सेनानी दिवंगत लक्ष्मीनारायण झरवाल की ओर से वर्ष 1958 में स्थापित गठन तथा इसके न्यायप्रिय एवं व्यवहार कुशल पदाधिकारियों की टीम काम कर रही है। इस दौरान सीकर जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष सीमा मीणा, दांतारामगढ़ तहसील मंत्री रामपाल मीणा, तहसील कोषाध्यक्ष गोपाल मीना, सोनू मीना, संतोष देवी, अजय मीणा बाजीसर, ताराचंद मीणा बाजीसर, प्रदीप मीणा बाजीसर, महेन्द्र मीणा शिशु राणोली, सुभाष आदि थे।

You received this email because you set up a subscription at Feedrabbit. This email was sent to you at abhijeet990099@gmail.com. Unsubscribe or change your subscription.