>>: Digest for December 24, 2023

>>

Patrika - A Hindi news portal brings latest news, headlines in hindi from India, world, business, politics, sports and entertainment!

You are receiving a digest because your subscriptions have exceeded your account's daily email quota. Your quota has automatically reset itself.

Table of Contents

किसान, जो धरती के सीने पर हल चलाकर पसीने की बूंदों से सभी की जठराग्नि को शांत करते हैं। वे आज के समय में नवाचारों के साथ पसीना बहाकर नई इबारत लिख रहे हैं। ऐसी फसलों का उत्पादन कर रहे हैं, जिसके बारे में मारवाड़-गोडवाड़ क्षेत्र में सोचा तक नहीं जाता था। उन्होंने परम्परागत खेती को पीछे छोड़कर फसलों के उद्यान लगा दिए हैं। इससे उनकी आर्थिक िस्थति को सम्बल मिलने के साथ मारवाड़-गोडवाड़ में खेती के नए रास्ते भी खुले हैं। इसी का परिणाम है कि आज पाली जिले में 22 हैक्टेयर से अधिक भूमि में नींबू, बेर, अनार, आंवला, गूंदा, ड्रेगन फूड आदि के बगीचे लहलहा रहे हैं। कई किसानों ने रसायनों का उपयोग भी खेती में करना बंद कर दिया है। अब वे ऑर्गेनिक खेती से ही उत्पादन ले रहे हैं। वहीं कई नई तकनीक पॉलीहाउस आदि बनाकर खेती कर रहे हैं।

उचित बाजार का किसानों को इंतजार
किसानों ने नवाचार कर पसीने की बूंदों से भूमि को सिंचा, लेकिन उनकी मेहनत का फल देने वाले बाजार विकसित करने के किसी स्तर पर प्रयास नहीं हुए। नींबू तो स्थानीय स्तर पर बिक जाते हैं, लेकिन आंवरा, बेर, अनार, ड्रेगन फ्रूट जैसे उत्पाद बेचने के लिए उनको जिले से बाहर या राज्य से बाहर जाना पड़ता है। इससे लागत बढ़ जाती है और उनका मुृनाफा कम रह जाता है।
करीब 800 हैक्टेयर क्षेत्र बढ़ा
उद्यानिकी की फसलों का पहले जिले में चलन नहीं के बराबर था। इसका बड़ा कारण यह था कि उद्यानिकी के तहत उगाई जाने वाली फसलों से उत्पादन आने में तीन से चार साल का समय लग जाता। ऐसे में किसान परम्परागत खेती पर ही निर्भर थे, लेकिन अब उसके लाभ के कारण पिछले दस साल में जिले में करीब 800 हैक्टेयर में उद्यानिकी की फसल अधिक बोई जा रही है। किसानों का रुझान भी बढ़ता जा रहा है।
पाली में लगे बगीचों से इतना हो रहा उत्पादन
नींबू: करीब 1650 हैक्टेयर में लगे बगीचों से हर साल 23-24 हजार मैटि्रक टन उत्पादन
बेर: करीब 140 हैक्टेयर में बुवाई से प्रति वर्ष 280 मैटि्रक टन उत्पादन
अनार: 115 हैक्टेयर के बगीचों में लगी फसल से हर साल 650 मैटि्रक टन उत्पादन
आंवला: 245 हैक्टेयर में लहलहाने वाली फसल से साल में 500 मैटि्रक टन उत्पादन
लसोड़ा (गूंदा): 60 हैक्टेयर क्षेत्र की फसल से हर साल 160 मैटि्रक टन उत्पादन
ड्रेगन फ्रूट: जिले में करीब 14 हजार हैक्टेयर में उगाया जा रहा

farming: खेती में नवाचार ने खोली समृदि्ध की राह

गुजरात के कच्छ में देखा और पाली में उगा दिया
वरकाणा के जब्बरसिंह सोलंकी गुजरात गए थे। वहां कच्छ के भूज में ड्रेगन फ्रूट देखा तो अपने खेत में भी उगाने का विचार किया। जानकारी जुटाकर गांव लौटे और एक हैक्टेयर में ड्रेगन फ्रूट की खेती शुरू कर दी। वे इसके साथ ही नींबू का भी उत्पादन करते हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 में उन्होंने ड्रेगन फ्रूट की बुवाई की थी। इससे पहली बार फसल 2021 में मिली। इसके बाद वर्ष 2022 में उत्पादन बढ़ा और 2023 में उत्पादन और बढ़ गया। उनको भी बाजार नहीं मिलने के कारण फसल बेचने के लिए अलग-अलग जगह जाना पड़ता है। उन्होंने उदयपुर, जोधपुर व अजमेर में फ्रूट बेचा। अहमदाबाद तक गए। नींबू की फसल तो स्थानीय स्तर पर बिक जाती है, लेकिन ड्रेगन फ्रूट के लिए मशक्कत करनी पड़ती है।

कुड़की गांव के रहने वाले नाथुराम जाट पिछले छह साल से पॉलीहाउस बनाकर खीरे की खेती कर रहे है। वे बताते है कि पॉलीहाउस बनाने के लिए सरकार की ओर से सब्सिडी मिलती है। इस तरह से खेती करने पर पैदावार में दो से तीन गुना तक बढ़ोतरी हो गई। पानी की जरूरत कम पड़ती है। उन्होंने यह खेती करने के लिए खेत के एक हिस्से में फार्म पौंड भी बना रखा है। इसमें बरसात का पानी एकत्रित कर सिंचाई करते हैं। उनका कहना है कि फसल तो अच्छी होती है, लेकिन स्थानीय स्तर पर बाजार नहीं है। इस कारण फसल बेचने के लिए ब्यावर, पुष्कर व जयपुर जाना पड़ता है। इससे फसल की लागत बढ़ जाती है।

20 साल से सिर्फ ऑर्गेनिक खेती
बलाड़ा के रहने वाले किसान चैनसिंह की उम्र 70 वर्ष हो चुकी है। वे ऑर्गेनिक खेती ही करते हैं। फसलों से कीट नष्ट करने के लिए भी छाछ व हिंग मिलाकर छिड़काव करते हैं। इसके अलावा अन्य देसी नुस्खे ही उपयाेग में लेते हैं। वे कहते हैं कि जैविक खेती से उत्पादन अधिक होता है। यह अनाज सेहत के लिए बेहतर है। इसके साथ ही भूमि भी अधिक समय तक उपजाऊ रहती है। इसकी लागत के बारे में उनका कहना था कि यह भ्रम है कि ऑर्गेनिक खेती की लागत अधिक आती है। जबकि वास्तव में लागत कम आती है। वे धनिया, मैथी, जीरा व गेेहूं का उत्पादन लेते है। इसके अलावा तिल, मूंग व बाजरा भी उगाते हैं।

जैन युवा संगठन की ओर से 25 दिसम्बर को रवाना होने वाले शत्रुंजय, गिरनार, बाहुबली तीर्थ यात्रा संघ महोत्सव से शहर आस्था के रंग में रंग गया है। जैन समाजबंधु भक्ति में लीन है। महोत्सव के तहत नवलखा मंदिर में श्रावक-श्राविकाओं ने भक्ति गीतों की सरगम के साथ अन्तराय कर्म निवारण पूजन कर भगवान की आराधना की। मुनिसुव्रत महिला मंडल व नवलखा महिला मंडल की ओर से गाए भक्ति गीतों से श्रावक-श्राविकाएं भक्ति में लीन हो गए। पूजा के लाभाथीZ ज्ञानचंद, लीला देवी, गौरव कुमार, पूजा लोढा, सौरभ कुमार, सपना लोढा ने मंडलों का स्वागत किया। संगठन के सुरेश लुंकड़, मनोज लुंकड़, हितेश चौपड़ा ने भी भगवान की आराधना की।

बीस स्थानक पूजा व गांव सांझी आज
जैन युवा संघठन महिला विंग की संतोष बाफना ने बताया कि शनिवार सुबह 10 बजे बीस स्थानक पूजा नवलखा मंदिर में की जाएगी। इसके बाद दोपहर 2 बजे गांव सांझी महिला संगीत का कार्यक्रम नवलखा आरधना भवन में आयोजित किया जाएगा। इसे लेकर महिलाओं ने हथेलियों पर मेहंदी रचाई। महिला विंग की नीलम कुण्डलिया व पारुल लोढ़ा ने बताया कि गांव सांझी के लिए युवक-युवतियां पिछले 10 दिनों से तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए भानु सुंदेशा, प्रेक्षा कावड़िया ने धार्मिक नृत्य सिखाया। वहीं राजू जैन, निर्मल बालिया के नाटक की प्रस्तुति तैयार की है।
ट्रेन टिकट का वितरण शुरू
यात्रा को लेकर बागबेड़ा दादावाड़ी में संघ ट्रेन टिकट वितरण शुरू किया गया है। जैन युवा संगठन के पूर्व अध्यक्ष विनय बम्ब व परेश बाफना ने बताया कि 15 दिवसीय स्पेशल एसी तीर्थ यात्रा ट्रेन टिकट के साथ दैनिक दिनचर्या के उपयोग में आने वाली सामग्री का एक किट भी दिया जा रहा है। किट का लाभ लेने वाले उगमराज चौपड़ा, अशोक कुमार चौपड़ा का स्वागत संगठन के गौतमचंद गोगड़, नितेन्द्र जैन, दीपक बोहरा, धवल भंडारी, निहालचंद कावड़िया, अशोक तलेसरा, अरविंद धारीवाल, राकेश कुण्डलिया, कल्पेश लोढ़ा ने किया।

नया साल आने में अब चंद दिन शेष है। इस नए साल से पहले ही 31 दिसम्बर को गुरु ग्रह चार महीने बाद मेष राशि में मार्गी होने वाले हैं। गुरु ग्रह 4 सितंबर को मेष राशि में वक्री हुए थे। गुरु का मार्गी होकर गोचर करना बेहद शुभ माना जा रहा है। जनवरी की शुरुआत में ग्रहों के राजकुमार बुध ग्रह भी राशि परिवर्तन करेंगे। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार सूर्य औऱ गुरु का नवपंचम योग बनेगा। बुध और सूर्य की युति से बुधादित्य योग बनेगा। कर्क, सिंह और धनु राशि के जातकों को वर्ष भर ग्रहों की इस चाल का लाभ मिलेगा। कुछ राशियों के लिए सतर्क रहने का भी समय है।

बृहस्पति को राशि चक्र पूरा करने में लगते 13 वर्ष
वर्ष 2023 के अंत में देवताओं के गुरु बृहस्पति 31 दिसंबर को सुबह 8.12 बजे मेष राशि में मार्गी होंगे। गुरु की चाल में बदलाव का मीन, तुला व वृषभ राशियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। देवगुरु को राशि चक्र पूरा करने में 13 वर्ष लगते हैं। इस ग्रह को सत्तगुण प्रदान करने वाला माना जाता है। बृहस्पति को स्वभाव से महान, दयालु और सकारात्मक माना गया है। यह मनुष्य में रक्त, धमनियों, पैरों और वसा को नियंत्रित करते हैं। गुरु ग्रह उच्चतर शिक्षा, काउंसलर, बैंक, धर्म गुरु और एंटरटेनमेंट से जुड़े क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
बुध बनाएंगे धन लाभ के योग
ग्रहों के राजकुमार बुध 7 जनवरी को धनु राशि में प्रवेश करेंगे। ऐसे में तीन राशि वालों के लिए यह गोचर लाभकारी रहने वाला है। इस दौरान अचानक धन लाभ और तरक्की के योग बन सकते हैं। धनु, सिंह और कर्क राशि वालों के लिए यह समय बेहद शुभ रहने वाला है।
इन राशियों को लाभ
नवपंचम योग बनने से कर्क राशि के जातकों के लिए नए साल की शुरुआत शुभ फलदायक होगी। आय के नए स्रोत बनेंगे। सिंह राशि के लिए समय उत्तम है। परीक्षा में शानदार परिणाम मिलने की संभावना है। आय में वृद्धि होगी, आय के स्रोत बढ़ेंगे। धनु राशि के लिए लक्ष्मी राजयोग नए साल में आयवृद्धि कर सकता है।

सोजतरोड में रेलवे लाइन पर अंडरब्रिज की मांग की जा रही थी। जिसे अब स्वीकृति मिल गई है। रेलवे की अम्ब्रेला योजना 2022-23 के तहत इस ब्रिज के लिए 5 करोड़ 70 लाख राशि की स्वीकृति केन्द्र सरकार की ओर से दी गई है। सोजत रोड में अंडर ब्रिज बनवाने के लिए सांसद पीपी चौधरी की ओर से प्रयास किए जा रहे थे। उन्होंने इसके लिए हाल में ही में केन्द्रीय रेलमंत्री अश्विनी से मुलाकात की थी। इसके बाद अब ब्रिज को स्वीकृति मिली है। इससे आवागमन सुगम हो सकेगा। सांसद चौधरी ने बताया कि सोजतरोड क्षेत्रवासियों ने सोजतरोड रेलवे स्टेशन के नजदीक स्थित लेवल क्रॉंसिंग (एलसी-53) पर रेलवे अंडर ब्रिज की मांग की थी। इस पर उन्होंने दिल्ली में केन्द्रीय रेल मंत्री से मिलकर इसके लिए आग्रह करने के साथ पत्र दिया था।
ओवरब्रिज तो मिला, आरयूबी की थी कमी
सांसद ने केन्द्रीय मंत्री को दिए पत्र में बताया था कि सोजतरोड रेलवे लाइन पर यात्री ट्रेनों के अलावा मालगाड़ियों की आवाजाही के कारण यह लेवल क्रॉसिंग संख्या-53 काफी समय बंद रहता था। हालांकि, अब तो यहां ओवरब्रिज बन चुका है। लेकिन, स्थानीय लोगों को इस पार से उस पार जाने में परेशानी थी। अब इ निर्णय से क्रॉसिंग से जुड़े मार्ग इस क्षेत्र सहित अन्य क्षेत्रवासियों की आवाजाही सुगम हो सकेगी।

रेलगाडि़यों को किया रद्द, कई गाडि़यों का बदला समय
उत्तर-पश्चिम रेलवे की ओर से अजमेर मण्डल के मदार-पालनपुर रेलखण्ड पर जेठी-चित्रासणी स्टेशनों के मध्य ब्रिज संख्या 845 पर तकनीकी कार्य के कारण ब्लॉक लिया गया है। मंडल रेल प्रबंधक पंकज कुमार सिंह के अनुसार प्रारम्भिक स्टेशन से गाड़ी संख्या 14821 जोधपुर-साबरमती रेलसेवा 25 दिसम्बर, गाड़ी संख्या 14822 साबरमती-जोधपुर 26 दिसम्बर को रद्द रहेगी। वहीं गाड़ी संख्या 20475 बीकानेर-पुणे एक्सप्रेस रेलसेवा 25 दिसम्बर को बीकानेर से निर्धारित समय से 1 घंटे देरी से रवाना होगी। इसी तरह रेवाडी-रींगस-फुलेरा रेलखण्डों के बीच आरयूबी निर्माण के कारण गाड़ी संख्या 14087 दिल्ली-जैसलमेर रेलसेवा 9 जनवरी को दिल्ली से रवाना होकर परिवर्तित मार्ग रेवाड़ी-अलवर-बांदीकुई-जयपुर-फुलेरा होकर संचालित की जाएगी।
इन गाडि़यों का भी बदला मार्ग
प्रारम्भिक स्टेशन से गाड़ी संख्या 14087 जोधपुर-दादर रेलसेवा 26 दिसम्बर को जोधपुर से रवाना होकर परिवर्तित मार्ग खोडियार-चांदलोडिया -साबरमती जंक्शन-अहमदाबाद होकर संचालित होगी। गाड़ी संख्या 19224 जम्मूतवी-अहमदाबाद 25 दिसम्बर को जम्मूतवी से रवाना होकर परिवर्तित मार्ग खोडियार-चांदलोडिया-साबरमती जंक्शन-अहमदाबाद होकर संचालित होगी।

 

Ranakpur-Jawai Dam Festival 2023: अरावली की वादियों में सुरों संग भपंग वादन ने ऐसी राग छेड़ी कि देसी-विदेशी सैलानी मोहित हो गए। मौका था जिला प्रशासन, पर्यटन विभाग व पालिका मण्डल की मेजबानी में आयोजित रणकपुर-जवाई बांध महोत्सव के दूसरे दिन शुक्रवार का। इससे पहले वनपथ भ्रमण व जीप सफारी से कार्यक्रम का आगाज हुआ, जिसमें वन्यजीवों की अठखेलियों ने सैलानियों व प्रशासनिक अधिकारियों को रोमांचित किया। इसके साथ ही चम्मच दौड़, मूंछ का ताव, साफा बांधना, रस्साकशी, मटका दौड़ सहित कई स्पर्धाएं हुई। इधर, सूर्य मंदिर पुजारी महेश शर्मा ने भगवान सूर्य नारायण का आंगी श्रंगार किया।

कुम्भलगढ़ अभयारण्य कार्यवाह एसीएफ भैरूसिंह राठौड़, रेंजर किशनसिंह राणावत, ईश्वरसिंह, सतीश प्रजापत, कल्पेश शर्मा के सान्निध्य में जंगल सफारी व निशुल्क नेचर भ्रमण करवाया। माना रिसोर्ट के समीप हेलीपेड ग्राउंड पर विभिन्न स्पर्धाएं हुई। गोडवाड़श्री स्पर्धा में 25 प्रतियोगियों में से सोजत के महेंद्रसिंह राव गोडवाड़ श्री 2023 बने। वहीं सात प्रतिभागी महिलाओं में से भावना सोनी मिस गोडवाड़ श्री बनी। मूंछ का तांव स्पर्धा में नरसिंह चौहान पनोता प्रथम, धीरेन्द्रसिंह भैंसाणा द्वितीय, प्रकाशसिंह पाली व बुधराज तृतीय रहे। साफा बंधन में डिकेन्द्रसिंह प्रथम, अमरसिंह द्वितीय, श्रवण कुमार व मादाराम तृतीय तथा मटका दौड़ में प्रथम सुशीला, द्वितीय अंजली पंवार व तृतीय पायल देवड़ा रही। इसी प्रकार चम्मच दौड़ में हर्षिता प्रथम, योगेश बाफना द्वितीय व अंजली पंवार तृतीय तथा बेस्ट फोटो स्पर्धा में लक्ष्मण पारंगी प्रथम रहे। रस्साकशी में नेशनल एडवेंचर व ब्रीड क्लब के बीच रोमांचक मुकाबले हुए। इसमें ब्रीड क्लब 2-1 से जीता। विजेताओं को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस दौरान श्रवणकुमार ने मशक वादन प्रस्तुति दी। गेर नृत्य कलाकार तगाराम की लाल आंगी गेर व उगमाराम की लाल गेर के बीच रोचक गेर नृत्य मुकाबला हुआ।

आस्ट्रेलिया व अर्जेंटीना के सैलानियों ने अश्व स्पर्धाओं में दिखाया दमखम
इच्छापूर्ण हनुमान मंदिर खेल मैदान में हॉर्स इंडिया संयोजक डॉ. अजीतसिंह राव नारलाई, पर्यटन विभाग डॉ सरिता फिड़ौदा, डॉ. नथाराम, डॉ. परीक्षित पुरोहित, बस्तीमल हिंगड़ के सान्निध्य में अश्व दौड़ व प्रतिस्पर्धा हुई। विदेशी मेहमानों ने भी घोड़ों पर सवार होकर प्रतियोगिता में भाग लिया। घुड़दौड़ में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को प्रशस्ती-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। अश्व श्रंगार में प्रथम जोगेंद्र राणा- तिलक घोड़ा, द्वितीय सुरेन्द्र सिंह-अश्व ज्योति व रणजीत सिंह-घोड़ा कजरी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। डांस में प्रथम पवन जोधपुर- बादल, द्वितीय संदीप नांदेसमा व अजित कुमार-घोड़ा चांद ने तृतीय स्थान पाया। बाल एण्ड बकेट में प्रथम जोगेन्द्र कुमार, द्वितीय महेश बाली व तृतीय जाकिर हुसैन रहे। इसी तरह श्रेष्ठ घोड़ा-घोड़ी प्रतियोगिता में प्रथम हिम्मतसिंह राणावत- घोड़ा शगुन, द्वितीय कानसिंह नाणा व तृतीय रणजीतसिंह-घोड़ा ज्योति रहा।

शो पीस नजर आई हॉट एयर बैलून व एडवेंचर स्पोर्टस
हॉट एयर बैलून व एडवेंचर स्पोर्ट्स एक्टिविटी पर प्रशासनिक अधिकारियों के परिवारजनों व रसूखदारों का कब्जा रहा। पेरासिलिंग का सिर्फ डेमो प्रदर्शन किया। हॉट एयर बैलून के लिए इंतजार करते बच्चे व ग्रामीण निराश होकर लौट गए। हवा व लंच का बहाना बनाते हुए हॉट एयर बैलून एक्टिविटी को बन्द करा दिया।

इन्होंने की शिरकत
इस मौके सम्भागीय आयुक्त वंदना सिंघवी, जिला कलक्टर नमित मेहता, एडीएम जब्बरसिंह चारण, एडीएम जितेंद्र पांडेय, सिविल न्यायाधीश राजेन्द्रसिंह चारण, कार्यवाहक एसीएफ भैरूसिंह राठौड़, रेंजर किशनसिंह राणावत, बाली एसडीएम भागीरथ राम चौधरी, देसूरी तहसीलदार प्रवीण रतनू, नायब तहसीलदार शंकर परिहार, निर्णायक मुकेश राजपुरोहित, अजय कुमार, शरद कुमार, डॉ. राजेश राठौड़, डॉ. राजेन्द्र पुनमिया, सुरेशपुरी गोस्वामी, पटवारी परशराम जाट, डॉ परीक्षित पुरोहित, अधिशासी अधिकारी नरपतसिंह राजपुरोहित, किशन चौधरी, नरेंद्र हर्ष, मुकेशसिंह सोनाणा, हीरसिंह, रणकपुर पेढ़ी जसराज गहलोत, अमृत राव महेश शर्मा आदि ने सहयोग किया।

सवाई भाट व महमूद ने सजाई सांस्कृतिक शाम
देरशाम सूर्य मंदिर के मुक्ताकाशी मंच पर स्टार नाइट में इंडियन आइडल फेम कलाकार सवाई भाट व अलवर के भपंग वादक महमूद खां ने सांस्कृतिक शाम में अपने फन का जादू बिखेरा। दर्शकों की फरमाइश पर सवाई ने एक से बढ़कर एक गाने गाकर खूब गुदगुदाया। सवाई ने फिल्मी गीतों के साथ ही राजस्थानी गीतों, कव्वाली, गजल व सूफियाना गीत प्रस्तुत किए। स्टार नाइट्स का आयोजन सेलो ग्रुप के आर्थिक सहयोग से हुआ।

पाली जिले के सुमेरपुर के बलवना गांव में शनिवार दोपहर बाद जवाई नहर में स्कूली बच्चे के डूबने की सूचना पर प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना के बाद गोताखोरों की मदद से नहर में बलवना से कोलीवाडा तक परिजन बच्चे की तलाश करते रहे। इधर, घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है।

सब इंस्पेक्टर ललिता मीणा ने बताया कि बलवना निवासी आकाश पुत्र दुर्गाराम देवासी की जो 11वीं कक्षा का छात्र था। जो घर के पीछे से गुजर रही जवाई नहर आर.डी. 7000 के नजदीक जहां पास में स्थित एक मैदान में क्रिकेट खेल रहे थे। इस दौरान हाथ मुंह धोने एवं पानी पीते वक्त पैर फिसलने से नहर में गिर गया जिसे दोस्तों ने बचाने का प्रयास किया लेकिन तेज बहाव के कारण वह आंखों से ओझल हो गया। सूचना पर तहसीलदार प्रांजल कंवर, वृताधिकारी भूपेंद्र सिंह, जवाई बांध चौकी प्रभारी श्याम सिंह सहित जल संसाधन विभाग के अधिकारी व जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे और गोताखोरों की मदद से छात्र को ढूंढने का प्रयास देर शाम तक किया लेकिन देर शाम तक नहर में दुबे छात्र का सुराग नहीं लगने के कारण उच्च अधिकारी एवं प्रशासन अधिकारियों की सहमति के उपरांत नहर को पूर्ण रूप से बंद करने का निर्णय लिया गया।

नहर में डुबे स्कूली छात्रों को ढूंढने के लिए नहर को किया बंद
जवाई नहर से सिंचाई के लिए दूसरी पाण का पानी दिया जा रहा है। उपखंड अधिकारी हरिसिंह देवल ने बताया कि स्कूली छात्र की तलाश को लेकर नहर को बंद करने का निर्णय किया है। जवाई नहर खंड सुमेरपुर अधिशाषी अभियंता गंगाराम सुथार ने बताया कि जवाई मुख्य नहर बलाना के पास आकर.डी. 7000 के नजदीक नहर में स्कूली छात्र के गिरने की सूचना पर उच्च अधिकारियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों की सहमति उपरांत जवाई नहर को रविवार सुबह 3 बजे तक पूर्ण रूप से बंद कर दी जाएगी ताकि युवक की तलाश नहर में की जा सके। जिसमें बताया कि जिन किसानों की बाराबंदी का समय नहर बंद होने के कारण प्रभावित होगा उनका समय बाराबंदी में आगे बढ़ा दिया जाएगा।

आक्रोशित लोगों ने किया प्रदर्शन
नहर में डूबे स्कूली छात्र को लेकर ग्रामीणों ने नहर को बंद करने के लिए प्रदर्शन कर रोड जाम किया। जहां पर उच्च अधिकारियों की समझाइस के बाद रोड को खोल दिया गया, हालांकि प्रशासन ने नहर में डूबे छात्र की तलाश को लेकर नहर बंद करने का निर्णय लिया।

You received this email because you set up a subscription at Feedrabbit. This email was sent to you at abhijeet990099@gmail.com. Unsubscribe or change your subscription.