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Table of Contents
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कॉलेजों में शुरू होंगे एआई रोबोटिक्स व वर्चुअल रियलिटी जैसे 28 कोर्स Friday 22 December 2023 05:27 AM UTC+00 कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में अब आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस रोबोटिक्स, वर्चुअल रियलिटी, डाटा साइंस एंड एनालिटिक्स और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे कोर्स भी संचालित होंगे। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत यूजीसी ने इस संबंध में गाइडलाइन जारी की है। जिसमें कौशल विकास के लिए विश्वविद्यालयों व कॉलेजों को स्किल डेवलपमेंट सेंटर शुरू कर 28 तरह के शॉर्ट टर्म कोर्स शुरू करने को कहा गया है। अपने स्तर पर जुटाने होंगे संसाधन 30 स्टूडेंट पर एक शिक्षक इन 28 कोर्स पर रहेगा फोकस नई शिक्षा नीति में कौशल विकास पर बल |
भू-रूपांतरण एवं आवंटन के लंबित आवेदनों का हो निस्तारण-भारद्वाज Friday 22 December 2023 07:30 AM UTC+00 नीमकाथाना. जिले के राजस्व अधिकारियों की मीटिंग कलक्ट्रेट सभागार में जिला कलक्टर श्रुति भारद्वाज की अध्यक्षता में हुई। बैठक में कलक्टर ने अधिकारियों से राजस्व मामलों की प्रगति रिपोर्ट ली। उन्होंने कहा कि अधीनस्थ न्यायालयों में जो लम्बित प्रकरण है, उनको मिशन मोड पर लेकर त्वरित निस्तारण करें। उन्होंने एलआर एक्ट के विचाराधीन मामलों, तथा जिले में नामांतरण, भू-रूपांतरण एवं आवंटन एवं रास्तों के वर्षों से लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण करने की बात कही। उन्होंने सार्वजनिक रास्तों के सीमांकन एवं सरकारी भूमि पर अतिक्रमण हटाने के संबंध में कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिकारियों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में लाभान्वितों की ईकेवाईसी के कार्य में प्रगति लाने, लोकायुक्त में लंबित राजस्व मामलों के निस्तारण करने को कहा। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर अनिल महला, एसडीएम राजवीर सिंह, खेतड़ी एसडीएम जयसिंह, उदयपुरवाटी एसडीएम कल्पित शिवरान, श्रीमाधोपुर एसडीम दिलीप सिंह, तहसीलदार सुनील कुमार मील, नायब तहसीलदार विजेंद्र सिंह राठौड, पाटन तहसीलदार मुनेश कुमार, श्रीमाधोपुर तहसीलदार लोकेंद्र मीणा, उदयपुरवाटी तहसीलदार दौलाराम ़ सहित कई अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। ई-फाइलिंग से करें पत्राचार जिला कलक्टर ने अधिकारियों को सभी प्रकार के पत्राचार एवं फाइलों का संचालन राजकाज के ई-फा इल सिस्टम के जरिए करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि ई-फाइलिंग के माध्यम से पत्राचार करने में समय की बचत होगी एवं आमजन को जल्द राहत मिलेगी। सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के उपनिदेशक मुकेश गाड़ोदिया ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से ई-फाइलिंग की जानकारी दी। कलक्टर ने उपखंड अधिकारियों को विकसित भारत संकल्प यात्रा के प्रभावी मॉनिटरिंग करने और वंचितों को सरकारी योजनाओं से जोड़ऩे के निर्देश भी दिए। |
खेल मैदान की चारदिवारी निर्माण में गड़बड़ी! Friday 22 December 2023 07:38 AM UTC+00 सीकर/नेछवा. कस्बे के केबी मोर राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान में चारदिवारी निर्माण में कथित अनियमितता का मामला सामने आया है। इसको लेकर स्कूल के प्रधानाचार्य ने समग्र शिक्षा के जिला परियोजना समन्वयक को शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। हालांकि इस मामले में प्रशासन ने बुधवार को कर्मचारी भेजकर सीमा ज्ञान करवाया है। मामले के अनुसार विद्यालय को आवंटित खेल मैदान की चार दिवारी के लिए मुख्यमंत्री बजट घोषणा 2023 में 28 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई थी। इस पर मैसर्स सिद्धार्थ कंस्ट्रक्शन कंपनी को टेंडर जारी कर दिया गया। विद्यालय स्तर पर चारदिवारी निर्माण कार्य के लिए छह सदस्यीय कमेटी का गठन भी किया गया। आरोप है कि कमेटी को भी निर्माण के बारे में संवेदक ने कोई जानकारी नहीं दी तथा मनमाने तरीके से बिना सीमाज्ञान ही चारदिवारी का निर्माण शुरू कर दिया गया। प्रधानाचार्य ने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए है। मनमर्जी से बन रही चारदिवारी प्रधानाचार्य ने परियोजना समन्वयक को भेजे पत्र में बताया कि 14 जुलाई को कार्यादेश के बाद भी संवदेक ने काम समय पर चालू नहीं किया। उसके बाद अचानक बिना स्कूल कमेटी को जानकारी दिए काम शुरू कर दिया गया। खेल मैदान की सही सीमा पर चारदिवारी का निर्माण नहीं किया जा रहा है। प्रधानाचार्य का आरोप है कि खेल मैदान क़ी मिट्टी को दूसरी जगह डाला जा रहा है तथा कमेटी की जानकारी के बिना मिट्टी को बेचा जा रहा है। उपखंड प्रशासन को दिया आवेदन इधर ्स्कूल के प्रधानाचार्य ने तहसीलदार को पत्र भेजकर खेल मैदान के सीमांकन की मांग की है। इस मामले में तहसीलदार नारायण राम दैया ने बताया कि मंगलवार को राजस्व बैठक होने के कारण सीमाज्ञान नहीं हो सका था। बुधवार को कर्मचारी भेजकर सीमा ज्ञान करवा दिया गया है। |
ओपीएस बनाम एनपीएस: कर्मचारी चाहें पेंशन की गारंटी Friday 22 December 2023 10:05 AM UTC+00 कांग्रेस के चुनावी रण का मास्टर स्ट्रोक रही कर्मचारियों की पेंशन स्कीम ओपीएस ने अब प्रदेश के सवा छह लाख से अधिक कर्मचारियों की चिन्ता बढ़ा दी है। वजह यह है कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा ने ओपीएस को लेकर अपना रूख फिलहाल स्पष्ट नहीं किया है। वहीं कर्मचारी नई सरकार से भी पेंशन की गारंटी चाहते हैं। कई कर्मचारी संगठनों की ओर से राजस्थान में ओपीएस ही लागू रखने का मुद्दा उठाया जा रहा है। रिजर्व बैंक का तर्क फिलहाल इन राज्यों में ओपीएस केद्र ने सुधार के लिए समिति बनाई कर्मचारियों को चाहिए पेंशन की गारंटी इनका कहना है फैक्ट फाइल |
OPS: सरकार बदलते ही ओपीएस-एनपीएस के फेर में उलझे कर्मचारी, 6.25 लाख कर्मचारियों को हुई चिंता Friday 22 December 2023 10:48 AM UTC+00 rajasthan old pension scheme update: कांग्रेस के चुनावी रण का मास्टर स्ट्रोक रही कर्मचारियों की पेंशन स्कीम ओपीएस (old pension scheme) ने अब प्रदेश के सवा छह लाख से अधिक कर्मचारियों की चिन्ता बढ़ा दी है। वजह यह है कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा ने ओपीएस को लेकर अपना रूख फिलहाल स्पष्ट नहीं किया है। वहीं कर्मचारी नई सरकार से भी पेंशन की गारंटी चाहते हैं। कई कर्मचारी संगठनों की ओर से राजस्थान में ओपीएस ही लागू रखने का मुद्दा उठाया जा रहा है। हालांकि भाजपा की चुनावी रैलियों में पार्टी नेताओं ने ओपीएस को लेकर कोई वादा नहीं किया गया। ऐसे में कर्मचारियों की चिन्ता है कि कहीं भाजपा सरकार पहले की तरह उनको एनपीएस (new pension scheme)के ही दायरे में नहीं ले आए। ऐसे में कर्मचारियों को अब फिर से भविष्य की चिन्ता सताने लगी है। वैसे भी किसी भी भाजपा शासित राज्य में अभी ओपीएस लागू नहीं है। जबकि गहलोत सरकार ने पहले चरण में ही राज्य कर्मचारियों को ओपीएस के दायरे में लिया था। इसके बाद बोर्ड, आयोग व निगम कर्मचारियों की मांग पर उनको भी ओपीएस में शामिल किया। हालांकि कर्मचारियों के एनपीएस अंशदान के 41 हजार करोड़ की राशि नहीं लौटाने से केन्द्र व राज्य में एक साल काफी टकराव रहा। रिजर्व बैंक का तर्क ओपीएस को लागू करने पर रिजर्व बैंक के अधिकारियों का तर्क है कि यह अर्थव्यवस्था के लिए ठीक नहीं है। यूपीए सरकार में रिजर्व बैंक के गर्वनर रह चुके रघुराम राजन भी कह चुके हैं कि ओपीएस लाने पर राज्य सरकारों की भविष्य में देनदारियां बढ़ेंगी। फिलहाल इन राज्यों में ओपीएस (OPS in indian States) फिलहाल देश के हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और झारखंड में ओपीएस लागू है। जबकि पश्चिम बंगाल में पहले से ही ओपीएस लागू है। कांग्रेस ने वोट बैंक में सेंधमारी के लिए ओपीएस को चुनावी मुद्दा बनाया था। फैक्ट फाइल कर्मचारियों को चाहिए पेंशन की गारंटी |
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