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वैज्ञानिकों ने एक नए तरह के एंटीबॉडी की खोज की है, जोकि हमारे शरीर की रक्षा प्रणाली का हिस्सा होते हैं और वे कई तरह के फ्लू वायरस से लड़ने में मददगार हो सकते हैं।

फ्लू के टीके हमारे शरीर को वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी बनाने के लिए प्रेरित करते हैं। ये एंटीबॉडी वायरस के बाहरी हिस्से पर मौजूद एक प्रोटीन से चिपक कर उन्हें कोशिकाओं में घुसने से रोकते हैं।

समस्या यह है कि अलग-अलग एंटीबॉडी अलग-अलग तरीकों से इस प्रोटीन से चिपकते हैं और वायरस खुद भी समय के साथ बदलता रहता है, जिससे नए फ्लू स्ट्रेन बनते हैं जो पुराने एंटीबॉडी से बच सकते हैं।

इसलिए हर साल हमें नए फ्लू के टीके लगाने होते हैं, जिनमें सबसे खतरनाक फ्लू स्ट्रेन के खिलाफ एंटीबॉडी बनाने में मदद मिलती है।

कई वैज्ञानिक ऐसे टीके बनाने की कोशिश कर रहे हैं जो एक साथ कई तरह के फ्लू स्ट्रेन से बचा सकें, खासकर H1 और H3 नाम के फ्लू स्ट्रेन से, जो सबसे ज्यादा फैलते हैं।

अमेरिका के पिट्सबर्ग विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने इसी कोशिश में एक बड़ी बाधा पार की है। कुछ H1 स्ट्रेन में उनके बाहरी प्रोटीन में एक छोटा बदलाव होता है, जिससे कुछ पुराने एंटीबॉडी काम नहीं करते।

लेकिन अब शोधकर्ताओं ने रोगियों के खून के नमूनों के अध्ययन से यह पता लगाया है कि एक नया तरह का एंटीबॉडी है, जो H3 स्ट्रेन और कुछ H1 स्ट्रेन (उनमें भी चाहे वह छोटा बदलाव हो या न हो) दोनों को खत्म कर सकता है।

यह शोध PLOS Biology नाम की पत्रिका में प्रकाशित हुआ है और इससे उम्मीद है कि भविष्य में ऐसे फ्लू के टीके बन सकें जो ज्यादा किस्म के फ्लू से बचा सकें।

इस खोज से ये भी पता चलता है कि शायद हमें चिकन के अंडों में बनाए जाने वाले फ्लू के टीकों को छोड़कर दूसरे तरीकों से टीके बनाने पर विचार करना चाहिए।

पिट्सबर्ग विश्वविद्यालय के मेडिकल स्कूल की होली सिमंस कहती हैं, "हमें हर साल बदलते फ्लू वायरस के साथ बने रहने के लिए नए टीकों की जरूरत होती है। हमारे शोध से पता चलता है कि ज्यादा व्यापक सुरक्षा देने वाले टीके बनाना उम्मीद से ज्यादा आसान हो सकता है।"

उन्होंने आगे कहा, "अगर सही तरह से फ्लू वायरस के संपर्क या टीकाकरण से गुजरा जाए, तो इंसान अपने शरीर में ऐसे एंटीबॉडी बना सकते हैं जो अलग-अलग H1N1 और H3N2 वायरस को खत्म कर सकें। इससे बेहतर टीके बनाने के लिए नए रास्ते खुलेंगे।"
(आईएएनएस)

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Coronavirus Update Today : Rajasthan के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव शुभ्रा सिंह ने एक आदेश जारी कर प्रदेश में स्टेट कोविड मैनेजमेन्ट टीम का गठन किया है। शुभ्रा सिंह ने बताया कि केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों में कोविड केसेज की संख्या में वृद्धि को दृष्टिगत रखते हुए राजस्थान में कोविड प्रबंधन के लिए यह टीम गठित की गई है। चिकित्सा शिक्षा आयुक्त शिवप्रसाद नकाते को कमेटी का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रबन्धक निदेशक आरएमएससीएल अनुपमा जोरवाल, निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश माथुर, राजस्थान स्टेट हैल्थ एश्योरेंस एजेंसी के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. गौरव सैनी, अति. निदेशक ग्रामीण स्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा, एसएमएस अस्पताल की वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. भारती मल्होत्रा, आईडीएसपी के स्टेट नोडल अधिकारी डॉ. प्रवीण असवाल, आरयूएचएस के डॉ. अजीत सिंह एवं राजमेस की उप निदेशक डॉ. वन्दना शर्मा कमेटी के सदस्य होंगे। यह कमेटी कोविड-19 की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए राज्य में आवश्यक गतिविधियां सम्पादित करेगी।

दौसा के एक कोरोना पॉजिटिव मरीज की मौत

राजस्थान के दौसा के एक कोरोना पॉजिटिव मरीज की मौत हो गई है, चिकित्सा अधिकारियों ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि की। साथ ही बताया कि पांच अन्य भी पॉजिटिव पाए गए हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, दौसा के मरीज बाबूलाल मीना (48 वर्ष) को 4 दिसंबर को जयपुर के टीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में उन्हें 14 दिसंबर को छुट्टी दे दी गई। हालांकि, उन्हें 19 दिसंबर को फिर से भर्ती कराया गया। जब उनका कोरोना टेस्ट किया गया तो वह पॉजिटिव आया और उसी दिन उनकी मृत्यु हो गई।

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अभी तक राजस्थान में 5 कोविड मरीज

मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ विजय सिंह ने पुष्टि की कि दौसा के एक मरीज की मौत हो गई है। इस बीच, पिछले दो दिनों में राज्य में 5 मरीजों का कोविड-19 परीक्षण हुआ है। बुधवार को दो मरीज पॉजिटिव पाए गए। जबकि गुरुवार को, 16 दिन के बच्चे सहित भरतपुर, दौसा और झुंझुनू से तीन नए मामले पॉजिटिव पाए गए। अधिकारियों ने पुष्टि की कि इन पेटेंट के सैंपल्स जीनोम सीक्वेंस के लिए भेजे गए हैं।

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CM Bhajanlal Chairs Police Conference : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को सीएमओ में पुलिस के उच्च अधिकारियों की बैठक ली। सुबह 11 बजे शुरू हुई बैठक में पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) से ऊपर स्तर के अधिकारी शामिल हुए। इस बैठक में सीएम शर्मा ने अधिकारियों से परिचर्चा के बाद कानून-व्यवस्था पर चर्चा की। बैठक शुरू होते ही सीएम ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी हाल में प्रदेश में अपराध बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे, खासकर संगठित अपराध। पुलिस राज्य में चल रहे संगठित अपराधों को सख्ती से खत्म करें। वहीं, गैंग्स और गैंगस्टर भी बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। इन्हें भी पुलिस पूरी तरह से कुचलने का काम करे।

मुख्यमंत्री (CM Bhajanlal Sharma) ने आगे कहा कि महिला सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता है। इसलिए, महिलाओं की सुरक्षा के लिए रात में गश्त बढ़ाई जाए और गुंडागर्दी कमी लाने पर जोर दिया जाए। महकमें में सभी स्तरों पर भ्रष्टाचार खत्म हो।

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यही नहीं, महकमें के जो लोग भ्रष्टाचारियों का सहयोग करते हैं, उनके खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएं। प्रदेश में बढ़ रहे साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए भी सीएम ने अधिकारियों को उचित कदम उठाने के लिए निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए और संसाधनों की जरूरत हो तो उन्हें बढ़ाया जाए।

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आपको बता दें कि मुख्यमंत्री कार्यालय में हुई बैठक में पुलिस महानिदेशक उमेश मिश्रा, मुख्य सचिव उषा शर्मा, गृह सचिव आनंद कुमार सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सीएमओ पहुंचने पर पुलिस अधिकारियों ने सीएम शर्मा का फूलों के गुलदस्ता देकर स्वागत किया। अधिकारियों ने सीएम को अपना परिचय भी दिया।

जयपुर में होगी 58वीं महानिदेशक कॉन्फ्रेंस
राजधानी जयपुर में 58वीं महानिदेशक सह महानिरीक्षक कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की जाएगी। इसको लेकर भी समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

Year Ender 2023: साल 2023 खत्म होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं और नया साल 2024 दस्तक दे रहा है। साल 2023 में राजस्थान ने कई उपलब्धियां हासिल कीं, जिससे राजस्थान का नाम पूरी दुनिया में रोशन हुआ, लेकिन अच्छी घटनाओं के बीच इस साल दर्जनों ऐसी घटनाएं हुईं, जिससे जनता डर गई। जैसे जयपुर में श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी का हत्याकांड, भरतपुर में गैंगस्टर कुलदीप जघीना हत्याकांड। जिसके बाद पूरे राजस्थान में तहलका मचा दिया।

 

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सुखदेव सिंह हत्याकांड:

राजस्थान के जयपुर में श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या कर दी। सुखदेव सिंह श्यामनगर में अपने घर में थे। कुछ अज्ञात बदमाशों ने अचानक घर में फायरिंग शुरू कर दी। इस फायरिंग में सुखदेव सिंह पर ताबड़तोड़ कई गोलियां लगीं। उन्हें तुरंत मेट्रो अस्पताल ले जाया गया। कुछ देर बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद राजस्थान के कुछ जिलों में काफी हंगामा हुआ। पुलिस विभाग ने आरोपी को पकड़ लिया। गृह मंत्रालय ने सख्त कार्रवाई करते हुए गोगामेड़ी हत्याकांड की जांच एनआईए को सौंप दी है।

 

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गैंगस्टर कुलदीप जघीना हत्याकांड:

राजस्थान के भरतपुर में गैंगस्टर कुलदीप जघीना की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस गैंगस्टर कुलदीप और उसके साथी विजयपाल को जयपुर जेल से भरतपुर के कोर्ट में पेशी के लिए ले जा रही थी। तभी कुछ बदमाश बस में घुसे और फायरिंग कर दी। जिसमें कुलदीप की मौके पर ही मौत हो गई। कृपाल जघीना और कुलदीप जघीना के बीच एक बड़े भूखंड को लेकर विवाद चल रहा था। इस जमीन पर कुलदीप निर्माण करा रहा था, जबकि कृपाल ने इस पर स्टे ले रखा था। इसके बाद दोनों एक-दूसरे के जानी दुश्मन बन गए। 4 सितंबर 2022 को बीजेपी नेता और रेलवे सलाहकार समिति के सदस्य कृपाल सिंह जघीना की हत्या कर दी गई।

 

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भीलवाड़ा का भट्टी कांड:

भीलवाड़ा जिले के कोटड़ी थाना क्षेत्र के एक गांव में चौदह साल की किशोरी का अपहरण कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म करना का मामला सामने आया। इसके बाद हत्या कर शव को कोयले की भट्टी में जला दिया गया। देर रात इसका पता चला तो पुलिस विभाग में खलबली मच गई। पुलिस ने छह लोगों को हिरासत में लिया और उनसे गहन पूछताछ की।

 

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सुभाष चौक इलाके में हुई एक युवक की हत्या

राजस्थान की जयपुर के सुभाष चौक इलाके में कुछ युवकों ने एक युवक की पीट-पीट कर हत्या कर दी। महज दो बाइकों की टक्कर के मामले में इकबाल और उसके साथी को पीट-पीट कर लहूलुहान कर दिया गया। सवाई मानसिंह अस्पताल में इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई। इकबाल मौत के बाद अस्पताल में लोगों की भीड़ जुट गई और जमकर हंगामा किया। उसी दिन देर रात 12 बजे से भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया था ।माहौल न बिगड़े इसके लिए एसटीएफ की टुकड़ी भी तैनात की गई थी।

 

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झालाना में तिहरा हत्याकांड:

झालाना श्मशान के सामने खटीकों के मौहल्ले में मां सुमन और उसके मासूम बेटे जिव्यांश व हव्यांश की गला रेत कर नृशंस हत्या कर दी गई। सुमन के घर के सामने पड़ोसी शिवप्रताप तोमर का घर है। दोनों परिवारों के बीच आए दिन विवाद होता रहता था। दो माह पहले भी दोनों परिवारों के बीच झगड़ा हुआ था। पुलिस को सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से आरोपी का पता चला। तीन दिन की तलाश के बाद पड़ोसी शिवप्रताप तोमर को उत्तर प्रदेश में हिरासत में ले लिया गया।

 

उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि आज पार्टी ने मुझे जो यह पद दिया है। यह मेरे लिए बहुत बड़ी बात है। मैं यहां की विधायक नहीं बेटी और बहन हूं और मैं आप लोगों की हमेशा ऋणी हूं। दिया कुमारी शुक्रवार को विद्याधर नगर में विकसित भारत संकल्प यात्रा कार्यक्रम में बोल रही थीं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने 60 साल राज किया, लेकिन काम कुछ भी नहीं किया। अगर आप तुलना करेंगे तो यह लोग बहुत पीछे रह जाएंगे। मोदी की योजनाओं और गारंटी से राजस्थान में डबल इंजन की सरकार की स्थापना हुई है। इस यात्रा के जरिए अब राजस्थान की जनता को भी केंद्र की योजनाओं का लाभ मिलेगा, जिससे वह 5 साल से वंचित थी। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों की विकास यात्रा से देश ने तरक्की के नए आयाम स्थापित किए हैं। देश में आधारभूत संरचना का तेजी से सुदृढ़ीकरण और विस्तार हुआ है और व्यापार सुगम हुआ है। इससे पहले डिप्टी सीएम ने अभियान के तहत विद्याधर नगर स्टेडियम में लगे शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने लाभार्थियों से वार्तालाप भी किया। मंच पर पहुंचने पर विद्याधर नगर के पार्षदों और अन्य नेताओं ने उनका स्वागत किया।

प्रत्येक नागरिक को सशक्त बनाना यात्रा का मूल उद्देश्य

उन्होंने बताया कि भारत संकल्प यात्रा 26 जनवरी 2024 तक राजस्थान की सभी ग्राम पंचायतों में जाएगी। देश का प्रत्येक नागरिक को आर्थिक व सामाजिक रूप से सशक्त, समर्थ व समृद्ध बनाना इस यात्रा का मूल उद्देश्य है। यह यात्रा जन—जन को भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं के लाभों से अवगत करा रही है। यात्रा के दौरान न सिर्फ आमजन को योजनाओं की जानकारी मिल रही है, बल्कि जो लोग किन्हीं कारणों से इन योजनाओं के लाभ से वंचित रह गए हैं, उन्हें भी इनसे जुड़ने के लिये जागरूक किया जा रहा है।

जयपुर शहर सुंदर होना चाहिए

ग्रेटर नगर निगम महापौर सौम्या गुर्जर ने कहा कि यह विकसित भारत संकल्प यात्रा है। इस यात्रा के जरिए सभी पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाना है। जयपुर से सीएम और उप मुख्यमंत्री हैं। जयपुर शहर सुंदर होना चाहिए। हम सब मिलकर विकसित भारत बनाएंगे।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने लुभाया

इससे पहले सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। नगर निगम कर्मचारी काजल वाल्मीकि ने देशभक्ति से ओतप्रोत गाने सुनाकर तालियां बटोरी। वहीं स्कूली छात्राओं ने नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।

 

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जयपुर। पुलिस कमिश्नरेट की सीएसटी टीम ने ज्योति नगर में अवैध मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चार करोड़ रुपए कीमत की हेरोइन के साथ दो तस्करों को दबोच लिया। पुलिस ने उनके पास से 788 रग्राम हेरोइन एवं परिवहन के लिए काम में लिया गया दुपहिया वाहन बरामद कर लिया।
पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी रामधन गुर्जर नन्दपुरी सोडाला (26) और समय सिंह मीणा (28) अम्बेडकर नगर ज्योति नगर का रहने वाला हैं। दोनों आरोपी किराए के मकान में रहकर एस.के फाइनेंस कंपनी खासा कोठी सर्कल में नौकरी करते है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 788 ग्राम हेरोइन बरामद कर ली।
एडिशनल कमिश्नर कैलाश बिश्नोई ने बताया कि इंस्पेक्टर अनिल यादव के नेतृत्व में गठित टीम के सदस्य हरिनारायण, जितेन्द्र व कृष्णावतार को मिली सूचना के आधार पर ज्योति नगर में दबिश देकर कार्रवाई को अंजाम दिया। आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि ये हेरोइन रामधन के जीजा जमवारामगढ़ निवासी सूरजमल गुर्जर ने अलवर निवासी जितेन्द्र से बेचने के लिए लाकर दी थी। सूरजमल जयपुर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा हैं, जिसकी तलाश की जा रही है। आरोपी ज्योति नगर इलाके में स्थित कोचिंग व शिक्षण संस्थानों में पढाई करने वाले हाईप्रोफाइल बच्चों, होटल, बार व क्लब और फार्म हाउस जहां डांस पार्टिंया होती है उनको भी सप्लाई की जाती है।

प्रदेश के नए मुख्यमंत्री एक्टिव मोड पर हैं। पद संभालने के साथ ही जहां उन्होंने दिल्ली के दो दौरे कर राज्य के मंत्रिमंडल को फाइनल कर लिया है और जल्द ही शपथ ग्रहण समारोह भी हो जाएगा। वहीं, वे लगातार बैठकें कर राज्य की कानून व्यवस्था को सही करने के साथ ही कोविड के निपटने के निर्देश जारी कर रहे हैं।

इसी बीच सीएम भजन लाल ने एक बड़ा निर्णय किया है। वित्त विभाग के जरिए एक बड़ा आदेश जारी किया है। यह आदेश सभी विभागों को प्रभावित करने वाला है। इस आदेश के तहत विभाग ने सभी टेंडरों को निरस्त कर दिया है। आदेश में यह भी साफ कर दिया है कि पूर्व में जो भी प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति भी मंत्री व मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाएंगे। आपको बता दें कि सीएम शर्मा पिछले दिनों सभी विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव और प्रमुख सचिवों की बैठक ली थी। इसमें सभी को 100 दिन की कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए थे। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को खर्चे कम करने के भी निर्देश दिए थे।

यह दिया है आदेश

—जिन कार्यों के टेण्डर वर्तमान में आमंत्रित नहीं किए गए हैं, उन्हे आगामी निर्देशों तक आमंत्रित नहीं किया जाए

—जिन कार्यों के टेण्डर आमंत्रित करने के उपरांत कार्य आदेश नहीं दिए गए हैं, उनके कायदिश आगामी निर्देशों तक जारी नहीं किए जाएं

—जो कार्य कार्यादेश के उपरान्त प्रारम्भ नहीं हुए हैं, उन्हे आगामी निर्देशों तक प्रारम्भ नहीं किया जाए तथा सामग्री/सेवा के उपापन की स्थिति में आगामी निर्देशों तक कार्यादेश को स्थगित/लम्बित रखा जाए

 

 

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SMS Hospital Doctors Remove 13 KG Lump : जयपुर. सवाई मानसिंह अस्पताल (Sawai Man Singh Hospital) के सर्जरी विभाग के चिकित्सकों ने एक युवती के स्तन से 13 किलोग्राम की गांठ निकालर उसे जीवनदान दिया है। सर्जरी के बाद युवती पूरी तरह से स्वस्थ है। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अचल शर्मा ने बताया कि धौलपुर निवासी युवती के दाहिने स्तन में करीब छह माह से बड़ी गांठ थी। जिसकी वजह से मरीज से छाती और दाहिने कंधे में अत्यधिक दर्द रहता था। परिजन उसे गत दिनों एसएमएस अस्पताल लेकर पहुंचे। बीमारी की जटिलता को देखते हुए प्लास्टिक सर्जरी विभाग के चिकित्सकों से परामर्श लिया।

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उसके बाद 19 दिसंबर को मरीज की सर्जरी की गई और उस गांठ को निकाला गया। यह सर्जरी डॉ. प्रभा ओम के निर्देशन में हुई। ऑपरेशन करने वाली टीम में डॉ. राजेंद्र बुगालिया, डॉ.बी.पी.यादव, डॉ. प्रवीण जोशी, प्लास्टिक सर्जन डॉ. अमित शर्मा, निश्चेतना विभाग के डॉ. सुनील चौहान, डॉ. इंदु वर्मा, डॉ. रजनीश सिंघल के अलावा रेजिडेंट चिकित्सक व नर्सिंग स्टाफ शामिल रहे। डॉ. राजेंद्र बुगालिया ने बताया कि मरीज पूरी तरह से स्वस्थ है। यह सर्जरी चिरंजीवी बीमा योजना के तहत निशुल्क की गई है।

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राजधानी में लगातार दूसरे दिन शुक्रवार को भी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। सवाईमानसिंह अस्पताल में पांच नए मामले मिले हैं। जिनमें से तीन सीटी वार्ड में भर्ती हैं। यह पाली, जयपुर और झुंझुनूंं निवासी हैं। अस्पताल के वनएबी और इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड में भी एक-एक संक्रमित की पुष्टि हुई है। इनमें एक अलवर और दूसरा जयपुर निवासी है। ये सभी सर्जरी के लिए भर्ती हुए थे। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन में छह नए मरीजों की पुष्टि की गई है। जिनमें 3 जयपुर सहित एक-एक अलवर, धौलपुर और जोधपुर जिले का है।

जेके लोन अस्पताल में भरतपुर निवासी आठ वर्षीय बालक कोरोना संक्रमित पाया गया है। निमोनिया ग्रस्त होने पर उसे 19 दिसम्बर को आईसीयू में भर्ती किया गया था। संक्रमित मिलने के बाद उसे कोविड डेडिकेटेड आईसीयू वार्ड में शिफ्ट किया गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में कोविड-19 के नए वेरिएंट को लेकर सतर्कता बरतने, पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन बेड और दवाइयां की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।

कोविड प्रबंधन समिति का गठन

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव शुभ्रा सिंह ने एक आदेश जारी कर राज्य कोविड प्रबंधन समिति का गठन किया है। केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों में कोविड केसेज की संख्या में वृद्धि को देखते हुए यह टीम गठित की गई है। चिकित्सा शिक्षा आयुक्त शिवप्रसाद नकाते समिति के नोडल अधिकारी होंगे। राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन की प्रबंध निदेशक अनुपमा जोरवाल, निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रविप्रकाश माथुर, राजस्थान स्टेट हैल्थ एश्योरेंस एजेंसी के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. गौरव सैनी, अतिरिक्त निदेशक ग्रामीण स्वास्थ्य डॉ. रविप्रकाश शर्मा, एसएमएस अस्पताल की वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. भारती मल्होत्रा, आईडीएसपी के स्टेट नोडल अधिकरी डॉ.प्रवीण असवाल, आरयूएचएस अधीक्षक डॉ. अजीत सिंह और राजमेस की उप निदेशक डॉ. वंदना शर्मा कमेटी के सदस्य होंगे।

जोधपुर में स्टूडेंट कोरोना पॉजिटिव

जोधपुर शहर में एक 19 साल की स्टूडेंट कोरोना पॉजिटिव मिली है। वह ऑस्ट्रेलिया से आई थी। सर्दी खांसी जुकाम के हल्के लक्षण होने पर जांच करवाई और जांच में पॉजिटिव पाई गई है। महामंदिर क्षेत्र में इस युवती को होम क्वॉरंटीन किया गया है। पिछले दिनों युवती के संपर्क में आए परिवार के 10 लोगों के सैंपल भी लिए गए हैं।

कोविड-19 के नए वेरिएंट ने राजस्थान में एंट्री कर दी है। जिस तरह से इसका पूरे विश्व में प्रसार हो रहा है, उसने राजस्थान की नई सरकार के होश उड़ा दिए हैं। यह देख सीएम भजन लाल शर्मा ने इस नए वेरिएंट को लेकर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए है। सीएम शर्मा शुक्रवार को सीएमओ में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक ले रहे थे।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोविड-19 के नए वेरिएंट को लेकर पूरी तरह सतर्कता बरती जाए और पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन बेड और दवाईयां की समुचित व्यवस्था करें। सीएम ने विकसित भारत संकल्प यात्रा शिविरों में अधिक से अधिक लाभार्थियों को जोड़ने के निर्देश दिए। ताकि उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ मिल सके।वहीं इन शिविरों में डॉक्टर्स एवं अन्य चिकित्सा स्टाफ की अतिरिक्त व्यवस्था करने के लिए भी अधिकारियों को कहा। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन के साथ संवेदनशीलता के साथ व्यवहार किया जाए और उनसे संबंधित कार्यों को तत्परता से पूरा किया जाए।

इन पर भी चर्चा

बैठक में विकसित भारत संकल्प यात्रा के दौरान किए जाने वाले कार्यों जैसे राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम, राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन कार्यक्रम, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र, आयुष्मान आरोग्य मंदिर सहित विभिन्न योजनाओं के संबंध में भी चर्चा की गई।

इन बिन्दुओं पर बैठक में चर्चा

—मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोविड-19 के नए वेरिएंट को लेकर पूरी तरह सतर्कता बरती जाए और पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन बेड और दवाइयां की समुचित व्यवस्था करें
—मुख्यमंत्री ने विकसित भारत संकल्प यात्रा शिविरों में अधिक से अधिक लाभार्थियों को जोड़ने के निर्देश दिए ताकि उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ मिल सके
—मुख्यमंत्री ने इन शिविरों में डॉक्टर्स और अन्य चिकित्सा स्टाफ की अतिरिक्त व्यवस्था करने के लिए भी अधिकारियों को कहा
—मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन के साथ संवेदनशील ता के साथ व्यवहार किया जाए और उनसे संबंधित कार्यों को तत्परता से पूरा किया जाए

 

 

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जयपुर। संसद में 140 से ज्यादा सांसदों के निलंबन के विरोध में शुक्रवार को कांग्रेस ने प्रदेश भर में हल्ला बोल किया। सभी जिला मुख्यालयों पर धरना देकर कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के प्रति आक्रोश जताया। राजधानी जयपुर में भी शहीद स्मारक पर सुबह 11 से लेकर दोपहर 2 तक धरना दिया गया। विधानसभा चुनाव में हार के बाद प्रदेश कांग्रेस का ये पहले बड़ा प्रदर्शन था। धरने में प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, विधायक विद्याधर चौधरी, प्रशांत शर्मा, शिखा बराला, पूर्व विधायक संयम लोढ़ा, गोपाल मीणा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। धरने को 'लोकतंत्र बचाओ' दिवस का नाम दिया गया था।

सीपीआई भी धरने में शामिल

इधर इंडिया गठबंधन के सहयोगी दल 'सीपीआई' कार्यकर्ताओं ने भी पूर्व विधायक कामरेड अमराराम के नेतृत्व में शहीद स्मारक पर प्रदर्शन किया और कांग्रेस के धरने में शामिल हुए।

सुरक्षा पर सवाल पूछने वालों पर ही कार्रवाई

धरने को संबोधित करते हुए डोटासरा ने कहा कि संसद में सुरक्षा में चूक को लेकर सवाल करने वाले सांसदों को ही निलंबित कर दिया गया। इससे साफ है कि देश में लोकतंत्र की हत्या की जा रही है और अघोषित आपातकाल देश पर थोपा जा रहा है। पूरा विश्व हमारी तरफ देख रहा है कि भारत का इतना मजबूत लोकतंत्र होने के बावजूद भी मोदी सरकार उसे खत्म करने पर तुली हुई है।

 

पता नहीं आगे चुनाव भी होंगे क्या?

पीसीसी चीफ ने कहा कि जिस तरह से मोदी सरकार तानाशाही रवैया अपनाए हुए हैं उससे तो यही आशंका बनी हुई है कि आगे चुनाव भी होंगे या नहीं। पूरा देश इसे लेकर चिंतित है, लेकिन देश की जनता को अब इस बारे में सोचना होगा।

डोटासरा ने भजन लाल पर कसा तंज

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डोटासरा ने भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर तंज करते हुए कहा कि राजस्थान की जनता ने भाजपा को बहुमत दिया है, ऐसे में जो वादे जनता से किए हैं उन्हें पूरा करने में मुख्यमंत्री को अपनी शक्ति लगानी चाहिए न कि दिल्ली के फेरे लगाने में। मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्री दिल्ली के चक्कर लगा रहे हैं इन्हें चाहिए कि दिल्ली के चक्कर लगाने के बजाए विभागों का बंटवारा किया जाए जिससे की जनता के काम हों।

वीडियो देखेंः- Rajasthan Cabinet News : Rajasthan में मंत्रियों का शपथ ग्रहण | ये विधायक बनेंगे मंत्री

 

जयपुर। जैसे जैसे समय बदलता जा रहा है। उसी तरह शिक्षा के स्तर में भी बदलाव हो रहा है। ऐसे में आने वाले समय में भविष्य क्या होगा। शिक्षा का क्या स्वरूप रहेगा। नौकरियों की क्या स्थितियां रहेगी। इसे लेकर स्टेर लाइट इडीइंडिया फाउंडेशन की ओर से स्टडी की गई है। जिसके आधार पर एंटोनी ने कौशल शिक्षण दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक किताब द स्किल एज लिखी है। जिसमें बताया है कि आज की दुनिया अभूतपूर्व चुनौतियों से जूझ रही है। हम अनेकों अनिश्चितताओं से घिरे हुए हैं। वैश्वीकरण और तकनीकी विकास की तीव्र गति ने नए सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय मुद्दे पैदा किए हैं। जो हमारे जीने के पारंपरिक तरीकों को चुनौती दे रहे हैं। साथ-ही-साथ इसी वैश्वीकरण एवं तकनीकी विकास ने हमारे लिए नवाचार के अनेकों नए अवसर भी पैदा किए हैं और नए रास्ते खोले हैं। आने वाले दौर में अनिश्चितता का बने रहना लगभग निश्चित है। इस अनिश्चितता से परेशान होने की बजाय हमें यह सोचना चाहिए कि आने वाली पीढ़ी को इन अनिश्चितताओं का सामना करने के लिए कैसे तैयार करें।

जयपुर। प्रदेश के सबसे बड़े सवाई मानसिंह अस्पताल के डॉक्टरों ने एक बार फिर नाम रोशन किया है। एसएमएस में एक युवती के ब्रेस्ट से 13 किलो की गांठ निकाली गई है। ये एसएमएस में हुई ब्रेस्ट सर्जरी की सबसे बड़ी गांठ बताई जा रही है। इससे पहले इसी साल एक युवती के ब्रेस्ट से 12 किलोग्राम की गांठ निकाली गई थी।

एसएमएस के अधीक्षक डॉ अचल शर्मा ने बताया कि धौलपुर के रहने वाली मरीज सानिया (परिवर्तित नाम) के दाएं ब्रेस्ट में करीब 6 महीने से बड़ी गांठ थी। इसकी वजह से मरीज की छाती और दाएं कंधे में अत्याधिक दर्द रहता था। इसके लिए उन्होंने आगरा, ग्वालियर, भरतपुर समेत कई जिलों के हॉस्पिटल में दिखाया। इतनी बड़ी गांठ को निकालने से सबने मना कर दिया। आखिर में एसएमएस आने की सलाह दी।

मरीज ने पिछले सप्ताह ओपीडी में जनरल सर्जरी डिपार्टमेंट को दिखाया। वहां मौजूद डॉक्टरों ने जांच करवाने के बाद युवती को सर्जरी यूनिट 3 में भर्ती किया। जहां युवती की सर्जरी करने का निर्णय किया। एसएमएस सर्जरी डिपार्टमेंट के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राजेंद्र बुगालिया ने बताया कि युवती अविवाहित है। उसके भविष्य को देखते हुए हमे ऑपरेशन करके उसे फिर से सामान्य रूप में लाना चुनौती था। इसे देखते हुए हमने प्लास्टिक सर्जरी डिपार्टमेंट के डॉक्टरों से भी परामर्श लिया। ऑपरेशन किया, जो करीब ढाई घंटे चला। बुगालिया ने बताया कि 25 बाई 20 बाई 15 सेमी. की गांठ निकालने के लिए करीब 15 सेमी. लम्बाई में चीरा लगाना पड़ा। करीब 15 से ज्यादा टांके लगाने पड़े। डॉक्टर बुगालिया ने बताया कि युवती अब पूरी तरह स्वस्थ्य है।


ऑपरेशन डॉ प्रभा ओम के निर्देशन में डॉ. राजेंद्र बुगालिया, डॉ. बी.एल. यादव, डॉ. प्रवीण जोशी, प्लास्टिक सर्जन डॉ अमित शर्मा की टीम ने किया। रेजिडेंट डॉ. दर्शन, डॉ. संदीप, डॉ. जगदीश, एनिस्थिसिया डिपार्टमेंट विभाग से डॉ. सुनील चौहान, डॉ. इंदु वर्मा, डॉ रजनीश सिंघल और नर्सिंग स्टाफ जया चन्दानी का भी सहयोग रहा।

नई दिल्ली. चीन की वामपंथी सरकार के मुखर आलोचक रहे हॉन्गकॉन्ग के 76 वर्षीय मीडिया टायकून जिमी लाई पर देश की सुरक्षा से खिलवाड़ के आरोप लगे हैं। चीन का खुलकर विरोध करने के कारण इन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत इन पर देशद्रोह का मुकदमा चलाया जा रहा है। दोषी पाए गए तो उन्हें उम्रकैद की सजा हो सकती है। लोकतंत्र समर्थक छवि वाले जिमी चीन सरकार के तमाम आरोपों को खारिज करते हैं। जानिए कौन हैं जिमी लाई?

क्या आरोप लगे हैं?
लाई के खिलाफ सोशल मीडिया पर भडक़ाऊ पोस्ट लिखने के आरोप हैं। चार्जशीट के मुताबिक उन्होंने पश्चिमी देशों से चीन और हॉन्गकॉन्ग पर प्रतिबंध लगाने की अपील की है। अभियोजन पक्ष की दलील है कि उनके लेखों से राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का उल्लंघन हुआ है।

मछुआरों की नाव में छिपकर हॉन्गकॉन्ग गए
चीन के ग्वांगझू प्रांत में जन्मे जिमी 12 वर्ष की उम्र में मछुआरों की नाव में छिपकर हॉन्गकॉन्ग चले गए थे। एक मिठाई की दुकान में मजदूर के रूप में काम किया। लगातार संघर्ष के बाद कुछ दशकों में वह हॉन्गकॉन्ग के सबसे रईस व्यक्ति बन गए। हॉन्गकॉन्ग में अरबों डॉलर का साम्राज्य खड़ा करने वाले जिमी लाई लोकतंत्र के समर्थन में आवाज बुलंद करते रहे।

शी और चीन की खुलकर आलोचना
चीन में वामपंथी सरकार की सख्त नीतियों की परवाह किए बिना उन्होंने राष्ट्रपति शी जिनपिंग की विस्तारवादी नीतियों की खुलकर आलोचना की। उन्होंने चीन की नीति, सेंशरशिप, प्रेस की आजादी पर अंकुश और तियानमेन नरसंहार पर जितना भी लिखा, वह चीन के लिए परेशानी का सबब साबित हुआ। चीन में लाई की किताबों के बिकने पर रोक लगा दी गई। इसके बाद उन्होंने एपल डेली और डिजिटल मैगजीन नेक्स्ट की शुरुआत हुई। यहीं से उनकी मुश्किलें भी शुरू हुईं।

ब्रिटिश के अधीन था हॉन्गकॉन्ग
चीन के आधिपत्य से पहले हॉन्गकॉन्ग ब्रिटिश कॉलोनी रहा था। चीन ने वादा किया कि हॉन्गकॉन्ग 50 वर्षों तक पश्चिमी देशों की नागरिक स्वतंत्रता को बनाए रख सकता है। हालांकि, 1997 में चीनी शासन के अधीन आने के बाद चीन सरकार पर अभिव्यक्ति की आजादी को कुचलने का आरोप लगा है।

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इस्लामाबाद. आम चुनाव की सरगर्मियों के बीच पाकिस्तान में आंदोलन की आग सुलग रही है। सिंधुदेश की मांग लगातार जोर पकड़ती जा रही है तो अब राजधानी इस्लामाबाद में बलूचों के प्रदर्शन ने अंतरिम सरकार के लिए मुश्किलें पैदा कर दी हैं। पाकिस्तान में बलूच युवाओं की हत्या और सेना की ज्यादतियों के खिलाफ 19 दिसंबर को बड़ी संख्या में बलूचों ने डेरा गाजी खान से इस्लामाबाद के लिए करीब 1600 किलोमीटर लंबा लॉन्ग मार्च निकाला, लेकिन गुरुवार रात को इस्लामाबाद पहुंचने से पहले ही बलपूर्वक रोक दिया। प्रदर्शनकारियों को तितर बितर करने के लिए पानी की बौछारें छोड़ी और लाठियां भांजी। इनमें कई लोग घायल हुए हैं। 200 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर पुलिस इन्हें अज्ञात स्थान पर ले गई। इनमें बड़े बलूच नेता महरंग भी शामिल हैं। उधर इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने बलूच प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी को अवैध बताया है। हाईकोर्ट ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है।

जुल्म और युवकों की हत्या से भडक़ा असंतोष
सेना के जुल्म और युवाओं पर ज्यादती से असंतोष बढ़ रहा है। इस बीच, नवंबर में 24 वर्षीय बलूच युवक मोला बख्श की पुलिस हिरासत में मौत से आक्रोश फैल गया। 19 दिसंबर को बलूच यक जेहती कमेटी (बीवाइसी) की अगुवाई में लोगों ने इस्लामाबाद के लिए लॉन्ग मार्च निकाला। बीवाइसी के मुताबिक लाठीचार्ज में घायलों में महिलाएं भी हैं।

काकर ने बनाई समिति
कार्यवाहक पीएम अनवारुल हक काकर ने कहा कि बलूच प्रदर्शनकारियों की शिकायतों का समाधान करने के लिए मंत्री फवाद हसन की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। जिन लोगों ने कानून का उल्लंघन नहीं किया है उन्हें रिहा कर दिया जाएगा।

इधर जोर पकड़ रही सिंधुदेश की मांग
पाकिस्तान में सिंधुदेश की मांग फिर जोर पकडऩे लगी है। यह आंदोलन पिछले सात दशक से चल रहा है। बलूचिस्तान की तरह सिंधुदेश के लोगों पर भी पाकिस्तान की सेना पर लगातार दमन के आरोप लगते रहे हैं। सिंधु देश के लिए प्रदर्शन में बलूचिस्तान के अलावा सिंध और पंजाब प्रांत के लोग भी शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सिंध प्रांत में अवैध तरीके से लोगों को घुसाया जा रहा है, जिससे नौकरी के अवसर कम हो गए। उनके अधिकारों को कुचला जा रहा है और प्राकृतिक संसाधनों को लूटकर पंजाब की सेना और सरकार को भेजा रहा है। इस पर रोक लगाने के लिए जे सिंध फ्रीडम मूवमेंट (जेएसएफएम) लगातार प्रदर्शन कर रही है। जेएसएफएम सियासी दल भी है, जो सिंधु देश की मांग करती रही है।

कैसे उठी सिंधुदेश की मांग
सिंधुदेश आंदोलन की शुरुआत विवादित 'वन यूनिट प्लान' से हुई। साल 1950 में जब पाकिस्तान का केंद्रीकरण हो रहा था, तब सिंध, बलूचिस्तान, पाकिस्तान पंजाब और उत्तर-पश्चिम सीमांत प्रांतों (एनडब्ल्यूएफपी) को एक यूनिट में पुनर्गठित किया गया। 1970 में जनरल याह्या खान के सेना की कमान संभालने तक अत्यधिक केंद्रीकरण का यह निरंकुश कदम जारी रहा। सिंध के लोग इस दौर को अपने इतिहास का सबसे काला युग मानते हैं क्योंकि उस वक्त यह प्रांत पूरी तरह से पाकिस्तानी पंजाबियों के प्रभुत्व में आ गया था। फिर उर्दू को पाकिस्तान की राष्ट्र भाषा बनाए जाने से स्थिति और खराब हो गई, क्योंकि सिंध के लोगों में धारणा बन गई कि उनकी संस्कृति खतरे में है।

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IAS And IPS Transfer List : जयपुर। राजस्थान में नई सरकार के गठन के बाद से ही प्रदेश की नौकरशाही में बड़े फेरबदल को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं। आईएएस-आईपीएस और आरएएस अधिकारियों की बड़ी तबादला सूची आज-कल में जारी हो सकती है। इसे लेकर कार्मिक विभाग ने भी तैयारी कर ली है। तबादला सूची को लेकर मुख्यमंत्री स्तर पर मंथन हो चुका है। बताया जा रहा है कि एक-एक नाम पर गंभीरता से विचार हुआ है। सचिवालय में तैनात कई आईएएस अधिकारियों को बाहर भेजा जा सकता है, वहीं कई अधिकारियों को सचिवालय में लाया जा सकता है।

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कई जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को भी बदला जा सकता है। हालांकि, पहले यह माना जा रहा था कि नए साल की शुरुआत में अधिकारियों की तबादला सूची आएगी, लेकिन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दो बार दिल्ली जाने के बाद यह कयास शुरू हो गए थे कि मंत्रिमंडल विस्तार के साथ-साथ अधिकारियों की तबादला सूची भी जारी हो सकती है।

जयपुर. उत्तर पश्चिम रेलवे की ओर से 68वां विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार समारोह शुक्रवार को जगतपुरा स्थित उत्सव भवन में संपन्न हुआ। समारोह में अजमेर मण्डल को महाप्रबंधक की सम्पूर्ण कार्यकुशलता शील्ड देकर सम्मानित किया गया। साथ ही जयपुर मण्डल को रनर अप शील्ड प्रदान की गई।

सीपीआरओ कैप्टन शशिकिरण ने बताया कि महाप्रबंधक अमिताभ ने मण्डलों को विभिन्न कार्यक्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए कुल 32 उत्कृष्टता शील्ड प्रदान की गई। अजमेर मंडल को सर्वाधिक 9, जोधपुर मण्डल को 6, बीकानेर मंडल और जयपुर मंडल को 5-5 शील्ड प्रदान की गई।

साथ ही केन्द्रीय चिकित्सालय जयपुर और निर्माण संगठन जोधपुर को भी शील्ड प्रदान की गई। लोको एवं वैगन कारखाना अजमेर एवं बीकानेर कारखाना को 1 शील्ड संयुक्त रूप से 6-6 माह के लिए, अजमेर मण्डल एवं जीएसडी अजमेर को शील्ड संयुक्त रूप से 6-6 माह के लिए तथा बीकानेर मण्डल एवं जोधपुर कारखाना को 1 शील्ड संयुक्त रूप से 6-6 माह के लिए दी गई है। इस दौरान सांस्कृतिक दल ने कई मनमोहक प्रस्तुतियां दी।

जयपुर मण्डल को यह मिली शील्ड

लेखा: लेखा समग्र दक्षता शील्ड, वाणिज्य: समग्र दक्षता शील्ड, इंजीनियरिंग: ट्रैक शील्ड, यांत्रिक: सर्वश्रेष्ठ ट्रैक अनुरक्षण शील्ड, संकेत एवं दूरसंचार: संकेत शील्ड

गीता: कृष्ण की क्रान्त-दृष्टि

Friday 22 December 2023 06:17 PM UTC+00 | Tags: opinion

अग्नि सर्वत्र व्याप्त रहता है। नभ में सूर्य, थल में अग्नि और जल में विद्युत रूप में रहता है। ब्रह्म भी इसी प्रकार कर्म रूप में रहता है। कर्म ही धर्म बनते हुए पुन: ब्रह्म बन जाता है। आत्मा का एक भाग ईश्वर प्रजापति तथा दूसरा जीव प्रजापति है। यही ब्रह्म और कर्म रूप है। कर्म का आधार भी कामना ही है। अत: जैसे ही व्यक्ति कामना से मुक्त होता है, वह कर्म समाप्ति से अकर्म रूप ब्रह्म को प्राप्त हो जाता है। सृष्टि की शुरुआत ही कामना है। इस कामना का मूल भी 'काम' ही है-'एकोऽहं बहुस्याम्' ही है। कामना ही ब्रह्म की शक्ति है- माया है। ब्रह्म की सारी सृष्टि रचना का केन्द्र कामना है। हर प्राणी ब्रह्म है- आत्मस्वरूप है। उसका जीवन भी कामना पर आधारित है। ब्रह्म की कामना से विश्व और प्राणी की कामना से विश्व का प्रसार अथवा निरन्तरता।
सम्पूर्ण सृष्टि माया की कृति है। ब्रह्म प्रत्येक कृति के केन्द्र में प्रतिष्ठित है। दिखाई माया-स्त्री- ही देती है। ब्रह्म में अकर्ता भाव है, दृष्टा भाव है, किन्तु उसके बिना भी सृष्टि नहीं है। माया ही कामना बनकर कर्म रूप लेती है। कामना सदा मन में पैदा होती है, शरीर या बुद्धि में नहीं होती।
कामना को मन का बीज कहा है-
कामस्तदग्रे समवर्तताधि मनसो रेत: प्रथमं यदासीत। (ऋ.10.129.4)
सृष्टि की शुरुआत कामना-बीज से ही होती है। कामना का आधार स्वयं का प्रसार-ब्रह्म रूप में- सृष्टि रूप में। कर्म का आरंभ भी कामना ही है। कामना का आधार विषय-ज्ञान है। ज्ञान ही ब्रह्म है। अत: कर्म ही ब्रह्म है। कर्म का आधार जहां माया है, वहीं अकर्म का आधार ब्रह्म है। जिस कर्म में फल की कामना न हो, वह अकर्म है। कर्म करे और फल न चाहे अथवा फल को नष्ट करता जाए, वह विकर्म/कुकर्म है। प्रत्येक शास्त्र विरुद्ध कर्म विकर्म कहलाता है। विकर्म हमेशा दु:ख बढ़ाता है। कुकर्म शुद्ध नरक का द्वार है।
कामना शब्द में ही माया की भूमिका दिख जाती है। 'का-मना' अर्थात् मन कौन है, मन में क्या है। मन मायारूप कामना का- इच्छाओं का घर है। माया ही कामना बनकर जीवन में प्रवेश करती है। सृष्टि कर्मों में प्रेरित करती है। जन्मचक्र में उलझाए रखती हैं। इस प्रवृत्ति रूप कामना का दूसरा छोर है- 'काम-ना' अर्थात् कर्म से निवृत्ति। कर्म से सर्वथा विमुख होना दुरुह है अपितु यहां फल में आसक्ति रखकर कर्म करने का निषेध बताया है। माया ही इस निवृत्ति मार्ग पर चढ़ाकर नैष्कम्र्यता की ओर प्रेरित करती है। यही मुक्तिसाक्षी मार्ग है। कृष्ण इसी अकर्म के लिए संकेत करते हैं।
गीता में ब्रह्म और कर्म का विस्तार है। ब्रह्म की व्यापकता भी विभूति रूप में स्पष्ट है। परा-अपरा प्रकृतियां कर्म आवरण हैं- योनियां, कर्म का स्वरूप, दैवी/आसुरी सम्पदा की व्याख्या, त्रिगुण, वर्ण, आश्रम, भक्ति आदि सृष्टि स्वरूपता का वर्णन है। इनका आपसी व्यवहार, आहार और अन्न का ब्रह्म स्वरूप, यज्ञ-तप-दान रूप धर्म का त्रिगुणी भेद एवं निस्त्रैगुण्य होने के लिए मार्ग प्रशस्त किया है। मनोविज्ञान और कर्म-दर्शन गीता का बाहरी स्वरूप है, माया भाव है। ब्रह्म भाव का ज्ञान ही गीता का विज्ञान है। ब्रह्म तक पहुंचने का मार्ग भी माया ही है। माया रोक लगाती है। जीव को चुंगल से निकलने नहीं देती। एक विशेष आकर्षण-चकाचौंध से बांधे रखती है। माया के साम्राज्य का अन्तिम छोर ही ब्रह्म है।
सम्पूर्ण जीवन माया की माया है, ब्रह्म कहीं कर्ता भाव में नहीं है। लगता ऐसा है जैसे मैं ही कर्ता हूं। मैं ब्रह्म होकर भी कर्ता नहीं हूं- यही गीता का सार है। ''हजारों में कोई एक मेरी प्राप्ति के लिए यत्न करता है। उनमें भी कोई एक मुझे तत्त्व से जानता है।'' (गीता 7/3)। अगले ही श्लोक में कह दिया कि पंच महाभूत, मन, बुद्धि, अहंकार ये मेरी जड़ (अपरा) प्रकृति है। दूसरी जीवरूपा चेतन प्रकृति है। सम्पूर्ण भूत इन दोनों प्रकृतियों से ही उत्पन्न होते हैं। मैं जगत का प्रभव-प्रलय रूप कारण हूं। (7/6) । मैं ही सम्पूर्ण भूतों का सनातन बीज हूं। (7/10) । प्रकृति के त्रिगुण से परे हूं अत: ओझल रहता हूं।
जगत की 84 लाख योनियों में मानव योनि ही एकमात्र कर्मयोनि है। शेष सभी भोग योनियां हैं। अत: मानव योनि को श्रेष्ठ एवं दुर्लभ कहा है। अन्य योनियों में ब्रह्म का विस्तार भी प्रकृति के नियंत्रण में रहता है। मानव स्वतंत्र रहता है। स्वीकृति तो यहां भी दोनों की चाहिए। इसमें प्रारब्ध की बड़ी भूमिका रहती है। पशु-पक्षियों का संचरण एक समूह रूप में, वातावरण के अनुसार एक क्षेत्र विशेष में अधिक रहता है। उसका आहार भी प्रकृति द्वारा नियंत्रित रहता है। अन्न में एक ओर ब्रह्म यात्रा करता है, दूसरी ओर जीव भी यात्रा आहार से ही करता है। इस जीव के मन का निर्माण अन्न से ही होता है। वह भी प्रकृति के नियंत्रण में रहता है।
मानव शरीर में भी जीव और ईश्वर आत्मा आते तो अन्न के माध्यम से ही हैं, किन्तु आहार का निर्णय मानव स्वयं ही करता है। इस कारण उसके मन का निर्माण प्रकृति के साथ-साथ उसके स्वयं के विवेक पर भी निर्भर रहता है। आहार का अर्थ है, जिसका हम भोग करें, अपने स्वरूप निर्माण के लिए। इसी आधार पर हम स्त्री को भोग्या कहते हैं जो कि स्थूल दृष्टि है। सूक्ष्म मे स्त्री ही भोक्ता है। भीतर अग्नि है जिसमें पुरुष का सोम आहूत होता है। स्थूल में आहार सारा सोम होता है। अग्नि को समर्पित होता है। सृष्टि सूक्ष्म से चलती है। आत्मा भी सूक्ष्म है, मन-बुद्धि भी सूक्ष्म हैं।
बुद्ध्यते अनया सा बुद्धि: अर्थात् जिससे जाना जाता है, वह बुद्धि है। अध्यात्म संस्था में जो तत्त्व अपने स्थान पर प्रतिष्ठित रहता हुआ विषयों का ज्ञान करता है, वही बुद्धि कहलाता है। अव्यक्त (अक्षर) को मूल में प्रतिष्ठित कर व्यक्त (क्षर) की ओर जाना कर्मयोग है। व्यक्त से अव्यक्त की ओर जाना ज्ञानयोग है। कृष्ण ने अव्यक्त ज्ञान और अव्यक्त विज्ञान का समावेश कर उन्हें बुद्धियोग बताया है। सारा व्यक्त भाव अव्यक्त का ही रूपान्तर है। बिना व्यक्त विज्ञान को समझे अव्यक्त का ज्ञान प्राप्त कर लेना असम्भव है। इसी प्रकार बिना अव्यक्त ज्ञान के समावेश के व्यक्त ज्ञान ईश्वरता से वंचित है। बिना व्यक्त विज्ञान के समावेश के अव्यक्त ज्ञान ईश्वरता से वंचित है। ज्ञान-कर्म दोनों का सम्बन्ध ही योग है।
'समत्वं योग उच्यते।' कम्पन न होना, एक स्थान पर आत्मा प्रतिष्ठित रहे, यही शान्ति-समता है। क्योंकि आत्मा ज्ञानमूर्ति भी है, कर्ममूर्ति भी है। जब तक आत्मा के ज्ञान-कर्म समतुलित नहीं होंगे, तब तक समता का उदय नहीं होगा। दोनों का समतुलन ही 'योग: कर्मसु कौशलम्' है। इसी कौशल से शान्ति का उदय होता है। इसी कारण कृष्ण अर्जुन को योगी बनने का उपदेश देते है। 'तस्माद्योगी भवार्जुन।' बुद्धियोगी पुरुष का आत्मा अपने आप में पूर्ण तृप्त रहता है। वह सारी इन्द्रियों पर विजय प्राप्त कर चुकता है। कूटस्थ अवस्था में विराजमान रहने वाला वह योगी कंकर और कंचन को समान भाव में देखता है और वही पूरा युक्तयोगी कहा जाता है।
गीता से पूर्व भी कर्म-ज्ञान-भक्ति योग थे, जिनको आज भी दर्शन की तरह बताया जाता है। स्थूल जीवन जीने का मार्ग है वह। इस कारण आज भी गीता का विज्ञान प्रकाशित नहीं हो पाया। गीता कर्म संन्यास की बात नहीं करता। भक्ति का कर्म योग के बिना पूर्ण है? भक्ति स्वयं कर्म ही है। कर्म को ब्रह्म रूप जीने के लिए जो ज्ञान चाहिए, उसे कृष्ण ने बुद्धियोग कहा। वैराग्य बुद्धि योग की ऐसी व्याख्या गीता से पूर्व में नहीं हुई। आप गृहस्थ रहें, परिवार का पालन भी करें, व्यवसाय/युद्ध कुछ भी करें, इनका आपके योग पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। ये सारा आपका भौतिक जीवन है, स्थूल है। योग तो सूक्ष्म की व्यवस्था है। इनसे ही तो अलग ऊपर उठना है। भीतर के भी विषयों से विरक्त रहना है। इसके लिए शरीर से भीतर 'हृदय' में प्रतिष्ठित रहना है जहां आत्मा प्रतिष्ठित रहता है, ब्रह्मा-विष्णु-इन्द्र प्राणों का जो आश्रय है। आत्मरश्मियों के कारण हृदय को समत्व योगानुगत कहा गया है। संसार में मोह है, शरीर में राग है। इनसे हटने का नाम द्वेष है। हृदय में प्रतिष्ठित रहना राग-द्वेष-मोह से मुक्त होना है। स्थितप्रज्ञ हो जाना है। यही जीवन की समता है। अन्य सारे भाव विषमता है।
योगस्थ: कुरु कर्माणि सङ्गं त्यक्त्वा धनंजय।
सिद्ध्यसिद्ध्यो: समो भूत्वा समत्वं योग उच्यते।। (गीता 2.48)

क्रमश:

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मुंबई. इंडिफ्रा लिमिटेड पब्लिक इश्यू से रुपये 14.04 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। एसएमई पब्लिक इश्यू 21 दिसंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुला है और 27 दिसंबर को बंद हो जाएगा। पब्लिक इश्यू की आय का उपयोग अधिग्रहण के लिए वित्तपोषण, कार्यशील पूंजी की आवश्यकता को पूरा करने और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्य के लिए किया जाएगा। बीलाइन कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड इस इश्यू की लीड मैनेजर है। पब्लिक इश्यू में रु 65 प्रति शेयर (55 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के प्रीमियम सहित) की कीमत पर रु. 10 के अंकित मूल्य के 21.60 लाख इक्विटी शेयरों का एक फ्रेश इश्यू शामिल है, जो कुल मिलाकर रु.14.04 करोड़ तक का है। एप्लिकेशन के लिए न्यूनतम लॉट साइज 2000 शेयर है जो रुपये 1.30 लाख के निवेश के बराबर है। कंपनी को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के एनएसई इमर्ज प्लेटफॉर्म पर अपना पब्लिक इश्यू लॉन्च करने की मंजूरी मिल गई है 2009 में निगमित, इंडिफ्रा लिमिटेड इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट, गैस पाइपलाइन बिछाने और विद्युत उपकरण वितरण सेवाएं प्रदान करता है। कंपनी गैस आपूर्ति कंपनियों को उनकी गैस आपूर्ति पाइपलाइनों का प्रबंधन प्रदान करती है।


राजधानी में आए दिन चेन, पर्स और मोबाइल स्नैचिंग को देखते हुए पुलिस कमिश्नरेट की टीम ने शुक्रवार अलसुबह पांच बजे बदमाशों के 461 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। एक साथ सैकड़ों पुलिसकर्मियों को देख कॉलोनी में रहने वाले लोगों में हड़कंप मच गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कई बदमाशों को पकड़कर कॉलोनी में पैदल भी घुमाया, ताकि कॉलोनी और आस-पास के लोगों में भय कम हो सके।

पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ ने बताया कि जयपुर शहर में हिस्ट्रीशीटर, हार्डकोर और सक्रिय बदमाशों के ठिकानों पर दबिश दी गई। इस दौरान पुलिस ने 108 संदिग्धों को पकड़ा, जिनसे पूछताछ के बाद 76 आरोपियों को अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार कर लिया।
एडिशनल कमिश्नर कैलाश बिश्नोई ने बताया कि बदमाशों में डर और आमजन में विश्वास कायम करने के लिए अभियान चलाया गया। बदमाशों की सूची तैयार कर चारों जिलों के डीसीपी के नेतृत्व में सभी थानों से टीमों का गठन किया गया। ईस्ट जिले में 63, वेस्ट में 107, नॉर्थ में 230 व साउथ में 61 ठिकानों पर दबिश दी गई।

जयपुर. राजधानी के बिड़ला ऑडिटोरियम में शुक्रवार से शुरू हुए संयुक्त पावर गेम्स के पहले दिन सोनू, भारत, जोगेन्द्र और नितेश ने जीते बैक स्क्वैट स्पर्धा के खिताब जीता। राजस्थान बॉडी बिल्डिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन यादव और आयोजन सचिव संजेश अग्रवाल के अनुसार पहली बार पावरलिफ्टिंग, बॉडी बिल्डिंग और आर्म रेसलिंग की स्पर्धाओं का एक साथ आयोजन हो रहा है। बैक स्क्वैट के 0-59 वजन वर्ग में सोनू विजेता और राहुल शर्मा उपविजेता रहे, वहीं 59-74 किग्रा वर्ग में भारत भूषण और तुषार पलारिया, 74-93 किग्रा में नितेश रावत और आवेज खान तथा 93 किग्रा से अधिक भार वर्ग में जोगेन्द्र कुमार और हरदीप सिंह क्रमश: विजेता और उपविजेता रहे। इससे पहले पूर्व पुलिस महानिदेशक भूपेन्द्र सिंह ने तीन दिवसीय खेलों का उद्घाटन किया। शुक्रवार को ही आर्म रेसलिंग की स्पर्धाएं भी शुरू हुई वहीं बॉडीबिल्डिंग स्पद्र्धा के खिलाडिय़ों का वजन लिया गया। इस तरह की प्रतियोगिता गुलाबीनगरी में पहली बार हो रही है जिसमें एक साथ तीन इवेंट आयोजित किए जा रहे हैं।

First Big Order Of Rajasthan Government: राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी विभागों में नए कार्यों पर रोक लगा दी है। विभाग अपने स्तर पर नए टेंडर जारी नहीं कर सकेंगे और जिन कार्यों की निविदा जारी हो चुकी है लेकिन कार्यादेश नहीं दिया गया, ऐसे काम भी शुरू नहीं होंगे। वहीं, जिन मामलों में कार्यादेश जारी करने के बाद काम शुरू नहीं हुआ है, उनमें भी यह आदेश प्रभावी होगा। जिन कार्यों के लिए प्रशासनिक स्वीकृतियां जारी हो चुकी हैं, उनकी भी मुख्यमंत्री या मंत्री स्तर पर समीक्षा होगी और उसके बाद आवश्यक होने पर ही प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की शपथ के आठवें दिन शुक्रवार को वित्त विभाग ने यह आदेश जारी किया। इसे आर्थिक प्रबंधन और पिछली सरकार के कार्यों की समीक्षा के लिहाज से बड़ा कदम माना जा रहा है। इस आदेश से प्रदेश में कई बड़े प्रोजेक्ट अटक गए हैं। आवश्यक कार्य मुख्यमंत्री या मंत्री स्तर पर अनुमति के बाद कराए जा सकेंगे।

इसमें भी होगा प्रभावी
पूर्व में जारी प्रशासनिक, वित्तीय स्वीकृति की स्थिति में भी यह आदेश प्रभावी होगा। ऐसी सभी स्वीकृतियां विभाग के मंत्री और मुख्यमंत्री के संज्ञान में लानी होंगी। इनके स्तर पर तय होगा कि कौनसे कार्यों को आगे बढ़ाना है।


गहलोत सरकार में खोला था पिटारा
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल में कई लोकलुभावनी योजना शुरू की गईं। बिजली-पानी के बिलों पर सब्सिडी भी बढ़ाई गई। विषय विशेषज्ञों के मुताबिक इससे भी प्रदेश पर ज्यादा आर्थिक बोझ पड़ा है। ऐसी स्थिति में मौजूदा सरकार के लिए आर्थिक संतुलन बैठाना किसी चुनौती से कम नहीं है।

प्रदेश पर कर्ज की स्थिति
राजस्थान पर वर्ष 2022-23 में अनुमानित कर्ज 5,16,815 करोड़ रुपए था, जिसके इस वर्ष के अंत तक 5,79,781 करोड़ रुपए हो जाने का अनुमान है। इस वर्ष में ही राजस्थान 26,008 करोड़ रुपए का कर्ज ले चुका है।

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सीएम ने पहले ही दे दिए थे संकेत
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 18 दिसम्बर को वरिष्ठ अधिकारियों की मीटिंग में भी इस तरह के संकेत दे दिए थे। इसके दो दिन बाद वित्त विभाग के आला अफसरों से भी बातचीत हुई थी। सरकार शुरुआती चरण में खर्च में कटौती कर पैसा बचाएगी और फिजूल खर्चों को बंद करेगी।

आज का सुविचार

पानी जिस रंग में मिलता है उसी रंग जैसा हो जाता है, ठीक इसी तरह हमारा जीवन जिन विचारों से मिलता हैं उसी तरह का हो जाता हैं


आज क्या खास

- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज दोपहर जैसलमेर जिले की पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में आयोजित सेना के कार्यक्रम और शहीद पूनम सिंह स्टेडियम में राजीविका मिशन के कार्यक्रम में होंगी शामिल, राज्यपाल कलराज मिश्र और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा स्वागत करेंगे
- राजस्थान की भजनलाल सरकार में आईएएस, आईपीएस और आरएएस अफसरों की जम्बो तबादला सूची आज-कल में संभव, कार्मिक विभाग दे रहा लिस्ट को अंतिम रुप

भजनलाल सरकार में आईएएस, आईपीएस और आरएएस अधिकारियों की बड़ी तबादला सूची आज या कल में जारी हो सकती है। इसे लेकर कार्मिक विभाग ने तैयारी कर ली है। तबादला सूची को लेकर मुख्यमंत्री स्तर पर मंथन हो चुका है। सचिवालय में तैनात कई आईएएस अधिकारियों को बाहर भेजा जा सकता है, वहीं कई अधिकारियों को सचिवालय में लाया जा सकता है।
- राजस्थान की अदालतों में आज से लेकर 31 दिसंबर तक शीतकालीन अवकाश, अब 2 जनवरी से खुलेंगे कोर्ट
- जैसलमेर से मुंबई के लिए आज से शुरू होंगी स्पाइसजेट व इंडिगो की दो उड़ानें
- कर्नाटक की शिक्षण संस्थाओं में हिजाब पहने पर लगा प्रतिबंध आज से हटेगा
- वैष्णव सम्प्रदाय के लोग आज मना रहे वर्ष 2023 की आखिरी 'मोक्षदा एकादशी', जयपुर में गोविंददेवजी मंदिर और जगतपुरा स्थित श्री कृष्ण बलराम मंदिर में 'गीता जयंती महोत्सव' का हो रहा आयोजन
- जयपुर के चांदपोल बाजार स्थित मंदिर श्री रामचन्द्रजी में खाटू धाम का द्वादश वार्षिकोत्सव आज, पांच मेवा महल का दरबार होगा आकर्षण का केंद्र, खाटू नरेश देंगे भक्तों को दर्शन
- राजस्थान मे सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर के आज कई जिलों में बादलों की आवाजाही के बीच हल्का कोहरा छाने, व मेघगर्जन के साथ बूंदाबांदी के आसार

 

खबरें आपके काम की

- जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती पांच मरीज कोरोना संक्रमित पाए गए, एक ही वार्ड में मिले तीन केस, बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य कोविड प्रबंधन समिति का गठन, जोधपुर में ऑस्ट्रेलिया से आई सैलानी युवती मिली कोरोना संक्रमित
- देश में नए कोरोना के 640 और मामले सामने आए, केरल में सबसे ज्यादा 265 केस, देश में अब तक मिले कुल 2997 केस, केरल में एक मरीज की मौत
- कोरोना के नए वेरिएंट जेएन- 1 के लिए टीका तैयार करेगा सीरम इंस्टीट्यूट
- राजस्थान में चिरंजीवी योजना के तहत इलाज लगभग बंद, अब राज्य में एक करोड़ 42 लाख परिवारों के बनेंगे आयुष्मान कार्ड, तब शुरू होगा मुफ्त इलाज, 25 लाख की जगह अब पांच लाख रुपए तक का ही मिलेगा मुफ्त इलाज
- जयपुर में 5 से 8 जनवरी तक होने वाले 58वें पुलिस महानिदेशक-महानिरीक्षक सम्मेलन की तैयारियों की मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने की समीक्षा, सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृहमंत्री अमित शाह करेंगे शिरकत
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का अस्थाय़ी आवास सहकार मार्ग स्थित बिजली विभाग के गेस्ट हाउस से बदल कर जेएलएन मार्ग स्थित ओटीएस हो गया है, वे नए अस्थायी आवास में शिफ्ट हो गए हैं
- राजस्थान में सरकार बदलने के साथ ही 86 नव गठित नगर पालिकाओं के चुनाव कराने की तैयारी, स्वायत्त शासन विभाग का जिला कलक्टरों को होमवर्क करने का निर्देश
- राजस्थान के नए सीएम भजनलाल शर्मा के नाम पर सोशल मीडियां पर बने फर्जी अकाउटं, तस्दीक के बाद पुलिस करवा रही है बंद
- जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर की गई आतंकी हमले की मॉक ड्रिल
- जयपुर विकास प्राधिकरण में सेवाएं दे रहे 15 सलाहकारों की सेवाएं समाप्त, जेडीए सचिव ने निकाले आदेश, सलाहकारों में शामिल पूर्व नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल के ओएसडी नवीन सक्सेना का त्यागपत्र भी स्वीकार
- राजस्थान हाईकोर्ट ने लगाई बाड़मेर के पूर्व विधायक मेवाराम जैन की गिरफ्तारी पर रोक, गैंगरेप के मामले में हैं जैन पर आरोप
- बांसवाड़ा शहर से सटे जाना मेड़ी क्षेत्र में काल भैरव मंदिर में कल रात घर जाने से पहले ताला लगा रहे पुजारी की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर की हत्या
- उत्तर-पश्चिम रेल मंडल के 68वें विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार समारोह में जयपुर मंडल को मिली पांच शील्ड
- उत्तर पश्चिम रेलवे एम्पलाइज यूनियन का जयपुर के जगतपुरा स्थित रेलवे अधिकारी क्लब में अधिवेशन सम्पन्न, पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग पर 8 से 11 जनवरी तक क्रमिक अनशन का फैसला
- प्रवर्तन निदेशालय ईडी ने कथित शराब घोटाले को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भेजा तीसरा समन, तीन जनवरी को पेश होने का आदेश
- 17वीं लोकसभा में अब तक पारित किए गए विधेयकों में से आधे से ज्यादा ऐसे रहे जिन पर दो घंटे भी नहीं हुी चर्चा
- 18 साल की उम्र पार कर चुके लोगों को अब आधार कार्ड बनवाने पर पासपोर्ट वेरिफिकेशन जैसी मुश्किल प्रक्रिया से गुजरना होगा, यूआईडीएआई का आदेश
- फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों होंगे भारत के गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि
- तेल कंपनियों ने माह के बीच में कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में 39 रुपए की कमी की घोषणा की, आम तौर पर हर माह की एक तारीख को किया जाता है कीमतों में बदलाव का ऐलान
- राजधानी दिल्ली स्थित बीकानेर हाउस समेत भारत की पांच धरोहरों को नवाजा गया यूनेस्को अवार्ड से
- मशहूर कवि और चित्रकार इमरोज (इंद्रजीत सिंह) का 97 वर्ष की आयु में मुंबई में निधन
- कैंसर से लड़ने वाली कोशिकाओं का अब शरीर के अंदर ही हो सकेगा निर्माण, महंगे इलाज से निजात मिलने की उम्मीद, अमरीकी वैज्ञानिकों ने नई ईजाद की गई तकनीक का बंदरों पर किया सफल परीक्षण
- फ्रांस ने 303 भारतीयों को लेकर दुबई से निकारागुआ लेकर जा रहे विमान को मानव तस्करी की आशंका के चलते रोका

- एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने जूनियर असिस्टेंट समेत विभिन्न 119 पदों के लिए 26 जनवरी तक मांगे ऑनलाइन आवेदन
- पटना हाईकोर्ट में जिला जज के 30 पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तारीख 20 जनवरी
- न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन इंडिया में ट्रेन व टेक्निशियन के 53 पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तारीख 5 जनवरी

Good News: केन्द्र सरकार ने राज्यों को त्योहारी सीजन व नववर्ष पर 72,961.21 करोड़ रुपए का तोहफा दिया। इसमें से राजस्थान को 4396.64 करोड़ रुपए मिलेंगे। शुक्रवार को जारी यह राशि 10 जनवरी 2024 को राज्यों को मिलने वाली कर हिस्से की राशि व 11 दिसंबर 2023 को जारी की गई 72,961.21 करोड़ रुपए की किस्त से अलग है।

 

केंद्र सरकार ने विभिन्न सामाजिक कल्याण के कार्यों और ढांचागत विकास की बुनियादी योजनाओं को धन मुहैया कराने के लिए राज्य सरकारों को 72,961.21 करोड़ रुपए की मदद दी है। इसमें सबसे अधिक राशि उत्तरप्रदेश को दी गई है, जो 13088.51 करोड़ रुपए है।

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बिहार को 7338.44 करोड़, मध्यप्रदेश को 5727.44 करोड़, पश्चिम बंगाल को 5488.88 करोड़, राजस्थान को 4396.64 करोड़, महाराष्ट्र को 4608.96 करोड़, ओडिशा को 3303.69 करोड़, तमिलनाडु को 2976.10 करोड़,कर्नाटक को 2660.88 करोड़, गुजरात को 2537.59 करोड़, छत्तीसगढ़ को 2485.79 करोड़, झारखंड को 2412.83 करोड़, तेलंगाना को 1533.64 करोड़, केरल को 1404.50 करोड़, पंजाब को 1318.40 करोड़, रुपए जारी किए गए है। अन्य राज्यों को राज्यवार एक हजार करोड़ रुपए से कम मिले हैं।

Rajasthan News: अलवर जिले से बेहद दुखद घटना सामने आई है। देर रात करीब दो बजे के आसपास दबे पैर मौत आई और लगभग पूरे परिवार को ही चपेट में ले लिया। तीन सदस्यों के परिवार में से दो की मौत हो चुकी है। तीसरी सदस्य की हालत गंभीर है। पुलिस ने बताया कि अलवर जिले के तिजारा क्षेत्र में स्थित मुंडाना गांव का यह मामला है। शेखपुरा पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।

पुलिस ने बताया कि गांव में रहने वाले दीपक यादव के परिवार के साथ यह हादसा हुआ है। दीपक यादव, उनकी पत्नी संजू देवी और तीन माह की उनकी बेटी की रात अपने कमरे में सो रहे थे। रात करीब दो बजे के आसपास अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ। कमरे की वायरिंग जल गई। जिस रजाई मेें परिवार सोया था उस रजाई पर भी चिंगारी गिरी। देखते ही देखते रजाई और पूरे बिस्तर जल गए। जब तक पड़ोसियों ने आग पर काबू पाया तब तक पूरा परिवार इसकी चपेट में आ चुका था।

संजू अचेत हालत में मिली। वह साठ फीसदी तक जल चुकी है। वहीं दीपक और उनकी बेटी करीब अस्सी फीसदी तक झुलए गए। दोनो ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। गनीमत रही कि यह आग कमरे में ही काबू कर ली गई, पूरा घर इसकी चपेट में नहीं आया। नहीं तो और ज्यादा बड़ा नुकसान हो सकता था। गांव के लोग भी ताज्जुब कर रहे हैं कि इस तरह से कैसे मौत हो सकती है। पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है।

जयपुर। कोरोना को लेकर प्रदेशभर में अलर्ट है। इसे लेकर चिकित्सा विभाग की ओर से एडवाइजरी भी जारी कर दी गई है। अब 26 दिसंबर को सभी अस्पतालों में मॉकड्रिल की जाएगी। इस दौरान अस्पतालों में आॅक्सीजन, दवाओं व अन्य तैयारियों की समीक्षा की जाएगी। सभी सीएमएचओ व अन्य चिकित्साधिकारियों ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी है। ताकी किसी तरीके से कोई भी लापरवाही होने से बचा जा सके। वहीं प्रदेश में लगातार कोरोना के मामले सामने आ रहे है। ऐसे में कोरोना को लेकर लोगों में डर है। लेकिन चिकित्सा विभाग का कहना है कि लोगों को डरने की जरूरत नहीं है। लोगों को सर्तक रहने की जरूरत है। ताकी कोरोना से बचा जा सके। चिकित्सा विभाग का कहना है कि अभी कोई गंभीर स्थिति नहीं है। लेकिन फिर भी सर्तकता जरूरी है।

पिछले 4 दिन में जयपुर में 4 पाॅजिटिव मिलने के बाद इनके सैंपलिंग काे जीनाेम सीक्वेंसिंग के लिए लैब में भेजा गया है। रिपाेर्ट के बाद ही पता चलेगा कि ये मरीज नए वैरिएंट जेएन-1 से संक्रमित हैं या नहीं। एक्सपर्ट का मानना है कि नया वैरिएंट ज्यादा घातक नहीं है, लेकिन लक्षण पाए जाने पर इलाज लेना जरूरी है। पिछले 15 दिन में जयपुर में 1923 के सैंपल लिए हैं, इनमें 4 पाॅजिटिव आए। पाॅजिटिविटी रेट 0.20 प्रतिशत है। अब बिना कोविड जांच अस्पतालों में मरीज भर्ती नहीं होंगे।

राजधानी में सैंपल की जीनाेम सीक्वेंसिंग जांच की प्रक्रिया एसएमएस अस्पताल की वायराेलाॅजी लैब में शुरू कर दी गई है। डाॅ. भारती मल्हाेत्रा ने बताया कि 0-25 सैम्पल का बैच बनाकर जीनाेम सीक्वेंसिंग की जाती है, लेकिन अभी राज्य सरकार के आदेश हैं कि कम सैंपल पर भी जांच की जाए। एक हफ्ते में कोरोना संक्रमितों की रिपाेर्ट आएगी।

जेके लोन में कोई केस नहीं...

जेके लोन प्रदेश में बच्चों का सबसे बड़ा अस्पताल है। लेकिन यहां इस महीने कोई भी केस कोरोना पॉजिटिव नहीं मिला है। जेके लोन अस्पताल में अधीक्षक डॉ कैलाश मीणा ने कहा कि साल 2023 में जून तक 42 कोरोना पॉजिटिव केस मिले है। इसके बाद जुलाई से अब तक एक भी कोरोना केस पॉजिटिव सामने नहीं आया है। वहीं जेके लोन में बच्चों को देखते हुए पूरी तैयारियां की गई है। आॅक्सीजन, दवा व हर तरीके से सभी तैयारियां की जा चुकी है। यह तैयारियां तब ही कर ली गई थी, जब चाइना में बच्चों में बीमारी हो रही थी। डॉ मीणा ने कहा कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन सर्तकता बरतनी चाहिए। ताकी आप और आपका परिवार सुरक्षित रहें।

Rajasthan Winter Vacation: प्रदेश में कल से स्कूलों में शीतकालीन अवकाश शुरू होने जा रहे है। शिक्षा विभाग ने स्कूलों की छुट्टी की घोषणा कर दी है। स्कूलों में छुट्टी की सूचना के बाद से स्कूली छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने राज्य के स्कूलों में शीतकालीन अवकाश शुरू करने की घोषणा की है। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के आधार पर राजस्थान की स्कूलों में शीतकालीन छुट्टियां 24 दिसंबर से शुरू होगी। यह छुट्टियां 5 जनवरी 2024 तक रहेगी। यानि की 13 दिन तक स्कूलों में अवकाश रहेगा।

शीतकालीन अवकाश सरकारी स्कूलों के साथ-साथ निजी स्कूलों में भी रहेगा। हर वर्ष राजस्थान के स्कूलों में शीतकालीन छुट्टियां रखी जाती है। इस बार भी राजस्थान शिक्षा विभाग के सुविधा पंचांग के आधार पर शीतकालीन की 13 दिन की छुट्टियां हैं। इस शीतकालीन अवकाश का लुफ्त विद्यार्थियों के साथ अध्यापक भी उठा सकेंगे। इसके साथ ही एसएससी परीक्षा केंद्र वाले स्कूलों में भी छुट्टी रहेगी।

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राजस्थान के अलावा शीत लहर को देखते हुए उत्तर प्रदेश व दिल्ली में भी विंटर वेकेशन की घोषणा कर दी गई है। उत्तर प्रदेश राज्य में 31 दिसंबर 2023 से 14 जनवरी 2024 तक विंटर वेकेशन की घोषणा की गई है। इसके अलावा दिल्ली में 1 जनवरी से 6 जनवरी 2024 तक स्कूलों को बंद रखा जाएगा। सभी शिक्षा बोर्ड की ओर से शीत लहर पर नजर रखी जाएगी। अगर ठंड लगातार बनी रहती है तो विंटर वेकेशन को एक्सटेंड किया जा सकता है।


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CM Bhajanlal Social Media: राजस्थान में विधायक भजनलाल शर्मा के मुख्यमंत्री बनने के बाद सोशल मीडिया पर उनके नाम से फर्जी अकाउंट की बाढ़ सी आ गई। सोशल मीडिया के हर प्लेटफार्म पर मुख्यमंत्री भजनलाल के नाम से अकाउंट बन गए। अब राजस्थान पुलिस की साइबर विंग फर्जी अकाउंट का पता कर उन्हें बंद करवा रही है।

पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया पर बने फर्जी अकाउंट के जरिए लोगों को गुमराह किया जा रहा है। हालांकि पुलिस ने बड़ी संख्या में मुख्यमंत्री के नाम से बने फर्जी अकाउंट बंद करवाए हैं। सोशल मीडिया पर उप मुख्यमंत्री और अन्य विधायकों के नाम से भी फर्जी अकाउंट बने हुए हैं। पुलिस ने आशंका जताई कि फर्जी अकाउंट के जरिए नेताओं की छवि धूमिल करने का प्रयास भी किया जा सकता है। साइबर विंग की सोशल मीडिया सेल ऐसे फर्जी अकाउंट पर लगातार नजर रख रही है।

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Rajasthan Cabinet Expansion: मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और दो डिप्टी सीएम को शपथ लिए हुए कई दिन हो चुके हैं और हर कोई अब इसी इंतजार में है कि मंत्रिमंडल का गठन कब होगा?

यह इंतजार यूं तो सबको है, लेकिन विधायकों को विशेष रूप से इसका इंतजार हो रहा है। मंत्रिमंडल में जगह पाने के लिए सीएम से भी विधायकों की मुलाकातें बढ़ रही है, वहीं अन्य नेताओं से मिलकर भी विधायक लॉबिंग कर रहे हैं।

सियासी गलियारों में चर्चा है कि राजस्थान में सीएम की तरह ही मंत्री भी चौंकाने वाले हो सकते हैं। कुछ वरिष्ठ विधायकों को जरूर मंत्री पद दिया जाना लगभग तय माना जा रहा है।

इसके अलावा युवा और नए चेहरों को मौका मिल सकता है। मंत्रिमंडल के गठन में पहली और दूसरी बार के विधायकों के चेहरे ज्यादा देखने को मिल सकते हैं।

कहा जा रहा है कि अगले एक-दो दिन में कभी भी मंत्रिमंडल का गठन हो सकता है। बताया जा रहा है कि मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले विधायकों के नाम तय हो गए हैं। बस एलान होना है। पहले चरण में 15 से 20 विधायकों को मंत्री बनाया जा सकता है।

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। उनके साथ डिप्टी सीएम दिया कुमारी, प्रेमचंद बैरवा भी रहे।

मंत्रिमंडल के गठन को लेकर सीएम भजनलाल शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष सी पी जोशी, संगठन महामंत्री चन्द्रशेखर और पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ के बीच कई बार मंथन हो चुका है।

जयपुर। भरतपुर में अवैध खनन के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे बाबा हरिबोलदास जयपुर में एसएमएस अस्पताल में भर्ती है। जहां उनका इलाज चल रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा स्वयं बाबा के इलाज को लेकर गंभीर है। उन्होंने डॉक्टरों को बेहतर इलाज करने को लेकर दिशा निर्देश दिए है। इससे पहले बाबा हरिबोलदास भरतपुर के आरबीएम अस्पताल में भर्ती थे। जहां से उन्हें कल जयपुर रैफर कर दिया गया है।

बता दें कि बाबा हरिबोलदास पिछले करीब 30 साल से बृज में खनन के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं। बाबा हरिबोलदास पहाड़ी खनन क्षेत्र में ओवरलोड व अवैध खनन की शिकायत करने के लिए भरतपुर स्थित संभागीय आयुक्त कार्यालय आ रहे थे। क्योंकि पिछले एक माह के अंदर डीग जिला कलक्टर के पास शिकायत करने के बाद उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। ऐसे में वे शुक्रवार दोपहर बाइक से पहाड़ी से भरतपुर आ रहे थे। जहां प्रेम गार्डन के पास उन्हें चक्कर आए तो वे बाइक खड़ी कर बैठने लगे तो गिर पड़े। जहां उनका सिर एक पत्थर से जा टकराया। इससे वह घायल हो गए।

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राहगीरों ने उन्हें घायल अवस्था में पड़ा देखकर आरबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया। अब उन्हें जयपुर रैफर किया गया है। इसके बाद यह मामला सीएमओ तक पहुंचा। जिसके बाद सीएम भजनलाल शर्मा ने मामले में संवेदनशीलता दिखाई है। अब बाबा का एसएमएस में इलाज चल रहा है।

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प्रदेश की भजनलाल सरकार के मंत्रिमंडल का जितना बेसब्री से इंतज़ार हो रहा है, उतना ही ज़्यादा इंतज़ार पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की आगामी भूमिका को लेकर भी हो रहा है। भजनलाल सरकार में राजे की भूमिका क्या रहेगी? क्या उन्हें मंत्री पद दिया जाएगा? मंत्री बनाया गया तो कौन सा महकमा दिया जाएगा? और मंत्री बनाया भी गया, तो पहली बार के विधायक से मुख्यमंत्री बने भजनलाल अपने से 'सुपर सीनियर' राजे को भविष्य में किस तरह निर्देशित करेंगे? इस तरह के तमाम सवाल राजनीति में दिलचस्पी रखने वाले लोगों में उठ रहे हैं।


फिलहाल दिल्ली में एक्टिव हैं पूर्व सीएम
वसुंधरा राजे फिलहाल नई दिल्ली में ही सक्रीय दिखाई दे रही हैं। राजस्थान विधानसभा के पहले सत्र के पहले दिन उन्होंने विधायक पद पर पद और गोपनीयता की शपथ ली थी। दो दिवसीय इस सत्र में शामिल होने के बाद से वे राष्ट्रीय राजधानी में ही हैं। वे वहां भाजपा पदाधिकारियों की दो दिवसीय बैठक में शामिल हो रही हैं। गौरतलब है कि पूर्व सीएम होने के साथ ही राजे भाजपा पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं।

 

 

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समर्थकों को 'बड़ी ज़िम्मेदारी' का इंतज़ार
वसुंधरा राजे के समर्थकों को भले ही अपनी नेता के तीसरी बार मुख्यमंत्री नहीं बनाने से मायूसी हुई है, लेकिन उन्हें अब भी उम्मीद है कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व उन्हें कोई बड़ी ज़िम्मेदारी सौंप सकता है।

 

 

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नड्डा के संकेत- 'बढ़ेगा कद'!
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने हाल ही में राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे, मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान और छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम रमन सिंह के 'भविष्य' को लेकर बड़ा बयां दिया था। नई दिल्ली में आयोजित एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में नड्डा ने साफ़ किया था कि इन तीनों पूर्व मुख्यमंत्रियों के अब तक के अनुभव और पार्टी में भूमिका को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाएगा। उन्हें उनके कद के अनुसार नया ज़िम्मा ज़रूर दिया जाएगा।

 

तीन दिन में पचास से ज्यादा विधायक मिले सीएम से

मंत्री पद की आस लिए पिछले तीन दिन में पचास से ज्यादा विधायक सीएम से मिले हैं। एक दिवसीय दौरे पर दिल्ली गए सीएम से दिल्ली में भी कुछ विधायकों ने मुलाकात की। पिछले तीन दिन में विधायक हमीर सिंह भायल, अनीता भदेल, संजय शर्मा, धर्मपाल गुर्जर, जवाहर सिंह बेडम, डॉ. शेलेष सिंह, छगन सिंह राजपुरोहित, शत्रुघन गौतम सहित कई विधायक मुलाकात कर चुके हैं।

 

किसे पता क्या होगा?

भाजपा के एक विधायक, जो पांच बार से विधायक बनते आ रहे हैं। पिछले दिनों दिल्ली में राजस्थान से जुड़े नेताओं से मुलाकात कर रहे थे और मंत्री बनने के लिए लॉबिंग कर रहे थे। एक बड़े नेता ने मारवाड़ के इन विधायक को बस यही कहा कि सीएम और डिप्टी सीएम में जिस तरह से सबको चौंकाया गया है, वैसा ही मंत्रिमंडल में भी दिखेगा। लॉबिंग करने से कुछ हासिल होने की उम्मीद कम ही है।

Murder of priest in Rajasthan: राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में देर रात एक पुजारी की हत्या कर दी गई। वे मंदिर बंद कर अपने बेटे के साथ घर जाने की तैयारी कर रहे थे इस दौरान बाइक पर आए हमलावरों ने उनको पीछे से गोली मार दी। दो गोली शरीर में धंस गई और मौके पर ही प्राण निकल गए। इस हत्याकांड के बाद बेटे ने हत्यारों का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। शव को मुर्दाघर में रखवाया गया है। अस्पताल में परिजनों और समाज के लोगों की संख्या बढ़ रही है। देर रात सदर थाना इलाके की यह घटना है।

दरअसल सदर थाना इलाके के जानामेड़ी गांव में रहने वाले पुजारी रणछोड़ भगत की हत्या कर दी गई। वे बीस साल से गांव में रह रहे थे और घर से करीब एक सौ पचास मीटर की दूरी पर स्थित काल भैरव मंदिर के पुजारी थे। वे ही सवेरे मंदिर खोलते थे और रात तक पूजा पाठ कर रात को ताला लगाकर जाते थे। हर रोज का यही रूटीन था। कल रात को बेटे के साथ जा रहे थे तो इस दौरान पीठ पर गोली मारी गई।

बेटे ने कहा कि हमारे परिवार का या पिता का किसी से भी कोई झगड़ा नहीं था। किसी भी तरह का कोई विवाद नहीं था। उसके बाद भी हत्यारों ने हत्या कर दी। परिवार ने कहा कि जिस तरह से हत्या की गई ऐसा लग रहा है कि उनको टारगेट कर मारा गया है। जिस जगह पर मंदिर है वहां से दो रास्ते कट रहे हैं जो उदयपुर और डूंगरपुर की ओर जाते हैं। पुलिस टीमों को दोनो जगह रवाना कर दिया गया है। शव का आज पोस्टमार्टम किया जाना है और शव परिजनों को सौंपा जाना है।

राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) के तहत सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में इलाज और दवा दुकानों से नि:शुल्क दवाइयां नहीं मिलने से कर्मचारियों में आक्रोश है। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि कर्मचारियों के वेतन से हर माह 700-800 रुपए की कटौती आरजीएचएस खाते के लिए की जाती है। लेकिन इसके बाद भी कर्मचारियों और उनके परिजन को इलाज और दवाइयों के लिए भटकना पड़ रहा है।

आरजीएचएस की सुविधा नहीं मिलने पर कर्मचारी और उनके परिजन को नकद राशि देकर इलाज करवाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि महासंघ का प्रतिनिधिमंडल मुख्य सचिव को पूरे मामले से अवगत कराएगा। राठौड़ ने आरोप लगाया कि नवनियुक्त सरकार के प्रति आक्रोश पैदा करने के लिए जानबूझकर ऐसा किया जा रहा है। नर्सेज पदाधिकारियों ने आरजीएचएस के तहत पेंशनर्स और सरकारी कर्मचारियों के नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग रखी। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष प्यारेलाल चौधरी और कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्रसिंह शेखावत ने कहा कि वेतन से करोड़ों रुपए की कटौती किए जाने के बावजूद नि:शुल्क इलाज नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि छह माह से कर्मचारी और पेंशनर परेशान हैं। न तो सूचीबद्ध अस्पतालों में नि:शुल्क इलाज होता है और न ही डॉक्टर की लिखी दवा नि:शुल्क दी जा रही है। पुनर्भरण नहीं होने से भी कई कार्मिक व पेंशनर परेशान हैं।

ये दवाइयां भी खुद खरीदनी पड़ रही

बीमार व्यक्ति को विटामिन, आयरन और कैल्शियम सहित विभिन्न मिनरल लिखे जाते हैं। जिसकी बीमारी के दौरान आवश्यकता होती है, लेकिन उनका भुगतान राज्य सरकार की ओर से दवा विक्रेताओं को नहीं किए जाने से ये दवाइयां भी मरीज को खुद खरीदनी पड़ रही है।

वाशिंगटन। वैज्ञानिकों ने विलुप्त मेगालोडन शार्क के प्राकृतिक आवास में संरक्षित इसके दांत की खोज की है। अमरीका के व्योमिंग विश्वविद्यालय के जीवाश्म विज्ञानियों को हवाई के पास उत्तरी प्रशांत क्षेत्र में लगभग 10,000 फीट नीचे एक समुद्री पर्वत पर 35 लाख साल पुराना दांत मिला है। तीन इंच लंबा यह दांत समुद्री गहराई में पाया जाने वाला पहला दांत है क्योंकि ऐसे अधिकांश जीवाश्म समुद्र तल की तलछट से बरामद होते हैं। यह नमूना केवल आंशिक रूप से जीवाश्मीकृत था जिस पर खनिज की हल्की परत थी। वैज्ञानिकों को ऐसा बढ़िया नमूना पहले कभी देखने को नहीं मिला था जिसमें अंदर की इनेमल लेयर और स्पंजी पल्प अभी भी बरकरार था।

अचानक हुई इस जीवाश्म की खोज:

शार्क अपने जीवनकाल में बहुत सारे दांत खो देती हैं लगभग 40,000 तक। ऐसा सिर्फ आज की शार्क में ही नहीं, बल्कि प्राचीन मेगालोडन में भी होता था। लाखों साल पहले समुद्र में मेगालोडन शार्क का राज था। मेगालोडन शार्क 16-18 मीटर होती थीं। यह खोज अचानक हुई जब वैज्ञानिकों ने गहरे समुद्र के भूविज्ञान और जीव विज्ञान को समझने के लिए रोबोट (रिमोटली ऑपरेटेड व्हीकल-आरओवी) से क्षेत्र का सर्वे किया। जैसे ही आरओवी समुद्री पर्वत के पार आया, यह दांत चट्टानों के बीच बिना किसी रुकावट के पड़ा हुआ था।

दांतेदार काटने वाले किनारे थे बरकरार:

व्योमिंग विश्वविद्यालय के जीवाश्म विज्ञानी टायलर ग्रीनफील्ड के अनुसार यहां समुद्र तल के ऐसे क्षेत्र हैं, जहां लंबे समय तक बहुत कम या कोई तलछट जमा नहीं होती। आशंका रहती है कि शार्क के दांत वहां घिस जाएं लेकिन इस मामले में शायद ऐसा नहीं हुआ। इसके दांतेदार काटने वाले किनारे अभी भी बरकरार थे, जिससे पता चलता है कि यह पाए जाने से पहले समुद्र में इधर-उधर नहीं गिरा था। इस दांत ने लाखों साल समुद्र के नीचे एक पहाड़ी पर बिताए हैं, जहां समुद्री लहरें रेत को इसे ढकने से रोकती थीं।

भविष्य के लिए उपयोगी होगी खोज:

वैज्ञानिकों का कहना है कि शोध के निष्कर्ष ऐसी दुर्लभ और महत्त्वपूर्ण खोजों के लिए भविष्य में गहरे समुद्र में अनुसंधान की उपयोगिता को रेखांकित करते हैं। जीवाश्म संबंधी यह खोज जर्नल हिस्टोरिकल बायोलॉजी में प्रकाशित हुआ है। इसी साल टाइटैनिक के मलबे से मेगालोडन शार्क के दांतों से बना एक हार भी खोजा गया था। हालांकि विशेष नियमों के तहत इसे स्पर्श नहीं किया जा सका।

समुद्र में राज करती थी मोगालोडन शार्क

  • 2-3 गुना था आज की वाइट शार्क से मोगालोडन का आकार
  • 50-75 टन के लगभग होता था इसका वजन
  • 20-40 साल की उम्र तक जीवित रहती थी यह शार्क
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संसद से सांसदों के निलंबन पर जहां कांग्रेस ने प्रदेशभर में प्रदर्शन किया, वहीं भाजपा भी कांग्रेस पर हमलावर हो गई है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता लक्ष्मीकांत भारद्वाज ने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस का प्रदर्शन फ्लॉप शो रहा है। इसमें न तो कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और न ही आम जनता ने इसमें रुचि दिखाई। कांग्रेस व घमंडिया गठबंधन के सांसदों ने जिस प्रकार संसद के सदनों में अमर्यादित आचरण किया है, उससे जनता में कांग्रेस के खिलाफ आक्रोश बढ़ा है। देश की जनता के बीच कांग्रेस पार्टी अपना विश्वास खो चुकी है। जिस तरह कांग्रेस व अन्य दलों के सांसदों ने लोकसभा और राज्यसभा में जो आचरण किया है, उसने पूरे देश को शर्मसार किया है।

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कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा के बयान पर पलटवार करते हुए भारद्वाज ने कहा कि डोटासरा शायद भूल गए हैं कि वे आज जिस पद पर बैठे हैं वह कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की आपसी कलह के कारण ही उन्हें दिया गया है।

'मिशन लोकसभा' में जुटी कांग्रेस पार्टी के मेनिफेस्टो में राजस्थान के नेताओं की कोई भूमिका नहीं होगी। वजह साफ़ है, कि शुक्रवार को जारी हुए 16 सदस्यीय मेनिफेस्टो कमेटी में प्रदेश के एक भी नेता को शामिल नहीं किया गया है। यहां तक कि अमूमन हर बड़ी कमेटियों में शामिल किए जाते रहे पूर्व सीएम अशोक गहलोत, पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट और पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जीतेन्द्र सिंह सरीखे वरिष्ठ नेताओं को भी इस महत्वपूर्ण कमेटी में एन्ट्री नहीं मिली है।

 

ये हैं मेनिफेस्टो कमेटी के सदस्य
कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी 16 सदस्यीय मेनिफेस्टो कमेटी का चेयरमैन पूर्व वित्त मंत्री पी.चिदंबरम को जबकि संयोजक का ज़िम्मा वरिष्ठ नेता टीएस सिंह देव को दिया गया है। इनके अलावा वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया, प्रियंका गांधी वाड्रा, आनंद शर्मा, जयराम रमेश, डॉ शशि थरूर, गायखंगम, गौरव गोगोई, प्रवीण चक्रवर्ती, इमरान प्रतापगढ़ी, के राजू, ओमकार सिंह मारकम, रंजीत रंजन, जिग्नेश मेवाणी और गुरदीप सप्पल को शामिल किया गया है।

 

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इंडिया गठबंधन के लिहाज़ से कांग्रेस की ये वो सबसे महत्वपूर्ण कमेटी है, जो अन्य विपक्षी दलों के साथ मिलकर सीट शेयरिंग और अन्य मामलों पर चर्चा करेगी।

 

विधानसभा चुनाव में थे स्टार प्रचारक

पूर्व सीएम अशोक गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट अमूमन कांग्रेस की महत्वपूर्ण कमेटियां में शामिल रहे हैं। हालिया हुए पांच राज्यों के चुनावों के दौरान भी पार्टी ने गहलोत-पायलट को स्टार प्रचारक का ज़िम्मा दिया था। हालांकि चुनाव परिणाम में कांग्रेस को तेलंगाना छोड़कर और राजस्थान समेत अन्य चार राज्यों में हार का सामना करना पड़ा।

cctv footage viral: राजस्थान के राजसमंद जिले से बड़ी खबर है। एक मौहल्ले में रहने वाले लोग रात भर समझते रहे कि छत पर बंदर कूद रहे हैं, लेकिन जैसे ही सवेरा हुआ और नजदीक लगे सीसीटीवी फुटेज पर परिवार की नजर गई तो उनकी सांसे अटक गई। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई, वन विभाग वालों को जानकारी दी गई। अब पूरे मौहल्ले में दहशत का माहौल है। कई परिवार टेंशन मेें हैं। मामला राजसमंद जिले के राजनगर थाना इलाके में स्थित धोइंदा कस्बे के रेगर मौहल्ले का है।

दरअसल इस कस्बे के पास ही जंगलात है। यहां से कई बार पेंथर घरों में आ जाते हैं शिकार की तलाश के लिए। इस इलाके से कई बार पेंथर पकड़े भी जाते हैं और जंगलात में छोड़ दिए जाते हैं। कल रात भी कुछ ऐसा ही नजारा सामने आया। रैगर मौहल्ले में एक पेंथर का मूवमेंट देखा गया।

वह एक छत से दूसरी छत पर कूद रहा था। कुछ देर छत पर ठहरता और फिर वहां से आगे चला जाता। इस बीच एक घर की छत पर लगे सीसीटीवी कैमरे में वह कैद हो गया। कुछ देर वह छत पर ठहरा और फिर वहां से दूसरी छत पर कूद गया। हांलाकि उसे कोई शिकार नहीं मिल सका। आज सवेरे इसकी जानकारी वन विभाग के कार्मिकों को दी गई है। अब वहां पर पिंजरा लगाने की तैयारी की जा रही है। आसपास के पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। वन विभाग के कार्मिकों का कहना है कि बिल्ली, कुत्ते या अन्य छोटे जानवरों का शिकार करने पैंथर रात में बस्तियों तक आ जाते हैं।

नई दिल्ली। अमरीका में 1980 के बाद से राहगीरों की सड़क हादसों में मृत्यु के मामलों में कमी आने लगी थी। लेकिन 2009 में अचानक से यह तादाद फिर से बढ़ने लगी। इसकी असल वजह रात के समय राहगीरों की दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को माना गया। दशकों के दौरान अमरीका में सुरक्षा सुधारों को लेकर तरह-तरह के उपाय किए गए हैं फिर भी सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर में वृद्धि जारी है।

किन कारणों ने बढ़ाई चिंता?
2021 में अमरीका में 7,300 से अधिक पैदल यात्रियों की मृत्यु हुई। इनमें से चार में से तीन सूर्यास्त और सूर्योदय के बीच के घंटों के दौरान मारे गए। यह प्रवृत्ति अमरीका और अन्य देशों के बीच सड़क पर होने वाली मौतों में पहले से ही बढ़ते अंतर के साथ शीर्ष पर मौजूद है। जानकारों के अनुसार अमरीकी सड़कों पर वाहनों की तेज गति, खतरनाक ड्राइविंग के खिलाफ सख्त कानूनों की कमी, उपनगरीय क्षेत्रों में बिना फुटपाथ के बनाई गई सड़कें या स्मार्टफोन का अधिक प्रयोग इसके पीछे कारण हो सकते हैं।

बड़े वाहन क्यों पड़ रहे भारी?
अमरीका में नए वाहन अब पहले से अधिक चौड़े, लंबे, ऊंचे और भारी हैं। ये वाहन पैदल चलने वालों को ज्यादा ताकत से हिट करते हैं और इनका ब्रेक टाइमिंग भी अक्सर खराब होता है। अध्ययनों में यह भी पाया गया कि लंबे हुड वाले वाहन यदि राहगीरों से टकराते हैं तो उनके मरने की आशंका अधिक होती है क्योंकि वे लोगों को पैरों के बजाय सिर या धड़ के करीब मारते हैं।

दूसरे देशों में क्या है स्थिति?
तुलनात्मक रूप से अन्य धनी देशों में स्थिति ऐसी नहीं है। कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे स्थानों में सड़क पर पैदल चलने वालों की मौतें रात के समय कम ही होती हैं। इन देशों में ऐसे मामलों में लगातार कमी ही देखी गई है। जबकि अमरीका में ये बढ़ते मामले चिंता का विषय बने हुए हैं।

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पत्रिका न्यूज नेटवर्क/जयपुर। भाजपा के सत्ता में आते ही स्वायत्त शासन विभाग भी नवगठित निकायों को लेकर सक्रिय हो गया है। ऐसे 86 नगरपालिकाओं (छोटे शहर) का सीमा क्षेत्रफल, जनसंख्या, वार्डों का आरक्षण (एससी, एसटी, ओबीसी) के आधार पर वर्गीकरण होगा। विभाग के इस होमवर्क के आधार पर सरकार यहां चुनाव कराने का फैसला करेगी।

इसके लिए संबंधित सभी जिला कलक्टर को तत्काल जानकारी भेजने के निर्देश दिए हैं। अभी तक वहां न तो परिसीमन हो पाया और न ही चुनाव की प्रक्रिया। इनकी इमारत तक का पता नहीं है। केवल नगरपालिकाओं की संख्या बढ़ाकर वाहवाही लूटी गई। इससे स्थानीय लोगों को नगरपालिका से जुड़ी सुविधाएं नहीं मिल पा रही है।

अभी सरपंच को ही जिम्मा:
सभी नवगठित नगर पालिकाओं में अभी संबंधित सरपंच को ही सभापति का जिम्मा दिया हुआ है। इनमें ज्यादातर कांग्रेस विचारधारा से जुड़े हुए हैं। इन ग्राम पंचायतों में जो सबसे बड़ी है, उसके सरपंच को सभापति और वार्ड पंचों को वार्ड सदस्य माना गया है।

सुनियोजित विकास की राह: नगरपालिका के पास कर्मचारियों से लेकर संसाधन का अलग सिस्टम होगा। इसमें सफाई, लाइट, ड्रेनेज, सीवरेज मुख्य रूप से है। नई स्कीम तत्काल लाई जा सकेगी। महत्वपूर्ण यह है कि सुनियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान व जोनल प्लान बनाना अनिवार्य हो जाएगा।

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जिलेवार नवगठित नगरपालिका


अजमेर- सावर

नागौर- बोरावड़, जायल, बासनी

टोंक- दूनी

भीलवाड़ा- हमीरगढ़, रायपुर

बीकानेर- खाजूवाला

हनुमानगढ़- टिब्बी, गोलूवाला

गंगानगर- लालगढ़ जाटान

जयपुर- बस्सी, पावटा-प्रागपुरा, नरायना, मनोहपुर, वाटिका, फागी, दूदू

सीकर- दांता, अजीतगढ़

झुंझुनूं-गुढ़ागौडजी,सिंधाना,पौंख

अलवर- लक्ष्मणगढ़, रामगढ़, बानसूर, मण्डावरी, गोविन्दगढ़, कोटकासिम, बड़ौद, बड़ौदामेव, बहादुरपुर (किशनगढ़बास), टपूकड़ा, नीमराना, मुबारिकपुर, नौगांव,रैणी, कठुमर, मुण्डावर, मालाखेड़ा

दौसा- मण्डावर, सिकराय, भांडारेज, लवाण, बसवा, रामगढ़-पचवारा

भरतपुर- सीकरी, उच्चैन

धौलपुर- सरमथुरा, बसेड़ी

करौली- सपोटरा, मण्डरायल

सवाईमाधोपुर- बामनवास, बौंली, खिरनी, वजीरपुर

जोधपुर- भोपालगढ़, बालेसर, बाप, शेरगढ़

बाड़मेर- सिवाना

जैसलमेर- रामदेवरा

पाली-मारवाड़ जंक्शन, रानीवाड़ा

सिरोही- जावाल

जालौर- आहोर

उदयपुर- ऋषभदेव, सेमारी, मावली, वल्लभनगर, खैरवाड़ा, सराड़ा-चावंड

चित्तौड़गढ़- आकोला

राजसमंद- भीम

बांसवाड़ा- घाटोल

प्रतापगढ़- धरियावद, दलोट

डूंगरपुर- सीमलवाड़ा, आसपुर

कोटा- सुल्तानपुर, सुकेत

बारां- अटरू, सीसवाली, केलवाड़ा

बूंदी- हिण्डौली, देई

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भवनेश गुप्ता
राजस्थान विधानसभा चुनाव में जीत से उल्लासित भाजपा ने लोकसभा चुनाव की तैयारी तेज कर दी है। पार्टी ने इसके लिए नया प्लान तैयार किया है। इसमें जनता के जरिए ही जनता तक पीएम नरेन्द्र मोदी सरकार की उपलब्धियां पहुंचाई जाएगी। एक्टिव लोगों को 100 दिन का टास्क दिया जा रहा है। इनमें बेहतर काम करने वाले सदस्य से पीएम मोदी मिलेंगे। इन्हें विकसित भारत एम्बेसेडर बनाया जाएगा। इसके लिए पार्टी ने 132 स्पेशल सोशल मीडिया एक्सपर्ट को जिम्मेदारी दी है, जिन्होंने मंडल स्तर के 4500 कार्यकर्ताओं को जोड़ा है।

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10 भागों में बांटा टास्क
नरेन्द्र मोदी ऐप के जरिए ही लोग टास्क पूरा करेंगे। प्रदेश भाजपा के सोशल मीडिया सह संयोजक अजय विजयवर्गीय ने बताया कि टास्क को 10 भागों में बांटा गया है। इसमें वीडियो, आर्टिकल, न्यूज कटिंग का सोशल मीडिया पर प्रसार, केंद्र सरकार की योजनाओं का इंफोग्राफिक कंटेंट, विकसित भारत यात्रा के दौरान बनाए जाने वाले वीडियो को लोगों तक पहुंचाना है। ऑनलाइन पाइंट के आधार पर परफॉर्मेंस रिर्पोट तैयार होगी।

टॉप 5 में जयपुर सांसद बोहरा
केंद्र स्तर पर संचालित इस टास्क में जयपुर की सूची में शहर सांसद रामचरण बोहरा भी शामिल हैं और अभी टॉप 5 में हैं। वे चौथे नंबर पर हैं, जिन्होंने इस पर काम शुरू कर दिया है। अब तक 1110 पाइंट लिए हैं।

राज्य में लोकसभा से सीटें

वर्ष भाजपा कांग्रेस अन्य
1999 16 9 0
2004 21 4 0
2009 4 20 1
2014 25 0 0
2019 24 0 1

*2019 के चुनाव में भाजपा ने आरएलपी से गठबंधन किया और एक सीट छोड़ी थी। इस आधार पर देखें तो सभी सीट जीतीं)

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हर माहटॉप पांच को ये सम्मान
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलने का मौका
भाजपा की पांच प्रण पुस्तिका, जिस पर पीएम के हस्ताक्षर होंगे
नमो प्रोडक्ट, पीएम की हस्ताक्षरयुक्त मन की बात पुस्तक
विकसित भारत एम्बेसेडर नियुक्ति पत्र

एक नए शोध में पता चला है कि दुनिया के दो-तिहाई लोगों में पाए जाने वाला पेट का एक सामान्य बैक्टीरिया अल्जाइमर रोग के बढ़ते जोखिम से जुड़ा हो सकता है।

यह अध्ययन, जो अल्जाइमर एंड डिमेंशिया: द जर्नल ऑफ द अल्जाइमर एसोसिएशन में प्रकाशित हुआ है, ने इस बात की जांच की कि क्या 50 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाले हेलिकोबैक्टर पायलोरी (एच. पायलोरी) संक्रमण से अल्जाइमर का खतरा बढ़ जाता है।

एच. पायलोरी संक्रमण अपच, गैस्ट्रिटिस, अल्सर और यहां तक कि पेट के कैंसर को भी ट्रिगर करने के लिए जाना जाता है।

मैकगिल विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं की एक टीम ने यूके में 50 वर्ष से अधिक आयु के 4 मिलियन से अधिक लोगों के स्वास्थ्य डेटा का विश्लेषण किया। निष्कर्षों से पता चला कि जिन लोगों में एच. पायलोरी का लक्षणात्मक संक्रमण था, उनमें अल्जाइमर रोग विकसित होने का जोखिम 11 प्रतिशत अधिक था।

जबकि अल्जाइमर का कारण बहुआयामी है, निष्कर्ष संक्रमणों, विशेष रूप से एच. पायलोरी की संभावित भूमिका पर सबूतों के बढ़ते हुए शरीर पर आधारित हैं।

अध्ययन भविष्य के शोध के लिए रास्ते खोलता है, विशेष रूप से यह पता लगाने के लिए कि क्या इस जीवाणु को खत्म करने से कुछ लोगों में अल्जाइमर को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है।

शोधकर्ताओं ने कहा कि अल्जाइमर विश्व स्तर पर लाखों लोगों को प्रभावित करता है, और जनसांख्यिकीय बदलाव के साथ संख्या में तेजी से वृद्धि होने की उम्मीद है।

"बढ़ती उम्र की आबादी को देखते हुए, अगले 40 वर्षों में मनोभ्रंश की संख्या तीन गुना होने की उम्मीद है। हालांकि, इस बीमारी के लिए प्रभावी उपचार विकल्पों का अभाव है," मैकगिल के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. पॉल ब्रासार्ड ने कहा।

"हमें उम्मीद है कि इस जांच के निष्कर्ष अल्जाइमर में एच. पायलोरी की संभावित भूमिका पर अंतर्दृष्टि प्रदान करेंगे ताकि जनसंख्या स्तर पर संक्रमण को कम करने के लिए व्यक्तिगत उन्मूलन कार्यक्रमों जैसे रोकथाम रणनीतियों के विकास को सूचित किया जा सके," ब्रासार्ड ने कहा, जो मैकगिल विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र में एक सार्वजनिक स्वास्थ्य और निवारक चिकित्सा चिकित्सक हैं।

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग के कामकाज की समीक्षा की। जिसमें उन्होंने कोविड-19 के नए वेरिएंट को लेकर पूरी तरह सतर्कता बरतने सहित भारत संकल्प यात्रा के शिविरों में अधिक से अधिक लाभार्थियों को जोड़ने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने इन शिविरों में डॉक्टरों और अन्य चिकित्सा स्टाफ की अतिरिक्त व्यवस्था करने के लिए भी अधिकारियों को कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन के साथ संवेदनशीलता के साथ व्यवहार किया जाए और उनसे संबंधित कार्यों को तत्परता से पूरा किया जाए। बैठक में विकसित भारत संकल्प यात्रा के दौरान चलाए जाने वाले कार्यों राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम, राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन कार्यक्रम, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र, आयुष्मान आरोग्य मंदिर सहित विभिन्न योजनाओं के संबंध में भी चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को तत्परता के साथ उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। इसके लिए आवश्यक है कि आमजन के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ व्यवहार हो और चिकित्साकर्मी अपने कर्तव्यों का जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिम्मेदारी के साथ चिकित्सकीय सुविधाओं को प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। बैठक में वीसी के माध्यम से अतिरिक्त मुख्य सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य शुभ्रा सिंह ने मुख्यमंत्री को राजस्थान के बुनियादी चिकित्सकीय ढ़ांचे के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राजस्थान की शिशु मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत से कम है। अन्य राज्यों की तुलना में राजस्थान में मातृ मुत्यु में सर्वाधिक गिरावट आई है और राज्य के संस्थागत प्रसवों में भी सर्वाधिक बढ़ोतरी हुई है। मुख्यमंत्री ने चिकित्सा सुविधाओं को और अधिक मजबूत करने के लिए अधिकारियों को चरणबद्ध रूप से कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

बैठक में राज्य में कोविड-19 की स्थिति पर भी चर्चा की गई। सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजीव बगरहट्टा ने जानकारी दी कि हाल ही में देश में पाया गया कोविड-19 का नया वेरिएन्ट से घबराने की बजाय सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। बैठक में विकसित भारत संकल्प यात्रा के दौरान किए जाने वाले कार्यों के बारे में चर्चा की गई। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निदेशक डॉ जितेन्द्र कुमार सोनी ने वीसी के माध्यम से बताया कि यात्रा के दौरान राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम, राष्ट्रीय सिकल सैल एनीमिया उन्मूलन कार्यक्रम, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केन्द्र, आयुष्मान आरोग्य मंदिर कार्यक्रम सहित विभिन्न योजनाओं से संबंधित कार्य किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविरों में आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग की जाए और वहां चिकित्सकीय स्टाफ के साथ ही दवाइयों की अतिरिक्त व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि शिविरों में पात्र व्यक्तियों का अधिक से अधिक संख्या में जनकल्याणकारी योजनाओं में पंजीकरण किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को शिविरों की लगातार मॉनिटरिंग करने तथा जवाबदेही तय कर समयबद्ध रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए।

कानोता बांध के कंठ घोंटे जा रहे हैं। बहाव और भराव क्षेत्र में मिट्टी डालकर ऊंचे टीले बनाए जा रहे हैं। जिम्मेदार कार्रवाई करने की बजाय अतिक्रमणकारियों का साथ दे रहे हैं। तभी तो जेडीए सड़क बनाता है और जल संसाधन विभाग कार्रवाई के नाम पर नोटिस देकर भूल जाता है। वर्षों से मिलीभगत का यही खेल चल रहा है।

राजस्थान पत्रिका की टीम ने बांध के आस-पास क्षेत्र का निरीक्षण किया। यहां 20 से अधिक फॉर्म हाउस और रिसोर्ट मिले। कुछ तो बाकायदा किराए पर संचालित हो रहे हैं। ज्यादातर फॉर्म हाउस और रिसोर्ट रसूख वालों के बताए जाते हैं। ऐसे में जेडीए और जल संसाधन विभाग के अधिकारी भी आंख बंद कर बांध को मरने के लिए छोड़ चुके हैं। पुलिस भी कोई कार्रवाई नहीं करती। यदि ऐसे ही भराव क्षेत्र में मिट्टी डाली जाती रही तो आने वाले दिनों में कानोता बांध भी रामगढ़ बांध की तरह सूख जाएगा।

जेडीए ने बनाईं चमाचम सड़कें
भले ही शहर की कई कॉलोनियों में सड़कें न होने से लोग परेशान हो रहे हों। लेकिन, अधिकतर रिसोर्ट और फॉर्म हाउस तक पहुंचने के लिए सड़कें चमाचम हैं। कुछ जगह तो सड़कों का निर्माण हाल ही हुआ है। जबकि, जामडोली और आस-पास के आबादी वाले क्षेत्र में लोग सड़क के लिए तरस रहे हैं।

सुमेल रोड स्थित दिशा फॉर्म हाउस को जल संसाधन विभाग ने पिछले माह नोटिस जारी किया। इसके बाद 31 अक्टूबर को सहायक अभियंता ने कानोता थाना पुलिस को पत्र लिखा। सहायक अभियंता ने अपने पत्र में लिखा कि शिकायत पर जब टीम मौके पर पहुंची तो जेसीबी-ट्रैक्टर आदि मिट्टी डालते मिले। इन लोगों ने विभाग के प्रतिनिधियों से अभद्रता की और मोबाइल छीनने की भी कोशिश की।

एक ओर सड़क, दूसरी ओर बांध
अधिकतर रिसोर्ट और फॉर्म हाउस के एक ओर सड़क है और दूसरी ओर बांध है। ऐसे में जरूरत के हिसाब से लोग बांध के भराव क्षेत्र में मिट्टी डालकर अपने रिसोर्ट और फॉर्म हाउस का दायरा बढ़ाते जाते हैं। पत्रिका की टीम को एक कतार में बने कुछ रिसोर्ट की ओर मलबे और मिट्टी की ट्रॉली जाती हुईं भी मिलीं।

पिछले कुछ वर्षों में आई तेजीस्थानीय लोगों की मानें तो बांध में मिट्टी डालकर दम घोंटने का काम पिछले पांच से सात वर्षों से तेेज हुआ है। यहां लोग जमीन खरीदते हैं और बांध की ओर बढ़ जाते हैं। इन लोगों का कहना है कि यह सभी की मिलीभगत से ही हो रहा है। जेडीए प्रवर्तन शाखा के अधिकारी नियमित रूप से यहां घूमते हैं, लेकिन किसी भी रिसोर्ट पर अब तक कार्रवाई नहीं की गई।


ऐसे हो रही मनमानी
रिसोर्ट और फॉर्म हाउस संचालक बांध में मिट्टी डालने का ठेका देते हैं। जेडीए की जमीन से मिट्टी खोदी जाती है और उसे बांध में लाकर डाला जाता है।-स्थानीय लोगों की मानें तो ज्यादातर काम रात को होता है। कई जगह तीन से चार फीट के ऊंचे टीले बन गए हैं।

डूब क्षेत्र में बन रहे फॉर्म हाउस
कानोता बांध के डूब क्षेत्र में खेती करने वाले बरसात के दिनों में पानी के लिए जगह को छोड़ देते थे। खातेदारी खुलने के बाद सरकार ने डूब और भराव क्षेत्र के खातेदारों को मुआवजा व दूसरी जगह पर भूमि आवंटन कर दिया था। कई खातेदारों ने मुआवजा और जमीन नहीं ली। उन्होंने अपना मुआवजा सरकार में जमा करा दिया था। अब जमीन का भाव बढऩे पर खातेदारों ने बड़े कारोबारियों को रजिस्ट्री से जमीन का बेचना कर दिया। अब ये कारोबारी बांध के डूब क्षेत्र में फार्म हाउस, होटल बना रहे हैं। इतना ही नहीं, भराव क्षेत्र में मिट्टी डालकर अपनी जमीन दायरा भी बढ़ा रहे हैं।

प्रेग्नेंसी में महिलाओं को मॉर्निंग सिकनेस की समस्या रहती है। सुबह के समय मतली और उल्टी की समस्या रहती है। लगभग 2 प्रतिशत महिलाएं सबसे गंभीर रूप हाइपरमेसिस ग्रेविडेरम (एचजी) से पीड़ित हैं, जिसके कारण वजन कम होना, निर्जलीकरण और अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है। नेचर जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में पाया गया कि गर्भवती महिलाओं में मॉर्निंग सिकनेस की गंभीरता इस संयोजन पर निर्भर करती है कि भ्रूण द्वारा जीडीएफ15 का कितना उत्पादन होता है और गर्भवती होने से पहले मां को इस हार्मोन का कितना जोखिम था।

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गर्भ में पल रहा बच्चा कर रहा है हार्मोन का उत्पादन
गर्भ में पल रहा बच्चा उस स्तर पर हार्मोन का उत्पादन कर रहा है जिसकी मां को आदत नहीं है। वह इस हार्मोन के प्रति जितनी अधिक संवेदनशील होगी, उन्हें उतनी ही अधिक मॉर्निंग सिकनेस होगी। टीम ने पाया कि एक दुर्लभ आनुवंशिक संस्करण जो महिलाओं को एचजी के बहुत अधिक जोखिम में डालता है, गर्भावस्था के बाहर रक्त और ऊतकों में हार्मोन के निम्न स्तर से जुड़ा था। इसी तरह, आनुवंशिक रक्त विकार बीटा थैलेसीमिया से पीड़ित महिलाएं, जिसके कारण गर्भावस्था से पहले उनमें स्वाभाविक रूप से जीडीएफ15 का स्तर बहुत अधिक होता है, उन्हें बहुत कम या कोई मतली या उल्टी का अनुभव नहीं होता है।

अब मिलेगा समाधान
शोधकर्ताओं के समान अब जब हम हाइपरमेसिस ग्रेविडेरम के कारण को समझ गए हैं, तो हम प्रेग्नेंट महिलाओं के उस अनुभव को रोकने के लिए प्रभावी उपचार विकसित करने की दिशा में एक कदम करीब आ गए हैं। इस खोज से समस्या का समाधान भी मिलेगा।

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CCTV Footage Viral: एक मिनट 37 सेकेंड का यह सीसीटीवी फुटेज राजस्थान के राजसमंद जिले का है। इस फुटैज में एक मिनट के बाद जो घटना हुई वह घटना हर माता पिता को जरूर देखनी चाहिए। बच्चों को बिना सुरक्षा घर से बाहर निकलने देने का जो खामियाजा है। वह इतना भयानक होने वाला था कि समय पर मदद नहीं मिलती तो बच्चे की जान जाना तय था। लेकिन अपने साथी के पानी में गिरते ही उसके साथियों ने शोर मचा दिया, इतना शोर मचाया कि आसपास के लोग वहां आ गए और बच्चे की जान बचा ली गई।

दरअसल राजसमंद जिले के देलवाड़ा इलाके में स्थित इंद्र कुंड का यह पूरा घटनाक्रम है। शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे के आसपास के पांच से सात साल के चार बच्चे कुंड के नजदीक ही खेल रहे थे। उनके माता पिता या परिजन उनके साथ नहीं थे। कुंड के आसपास भागदौड़ कर रहे बच्चे खेलने के दौरान एक गंभीर हादसे का शिकार हुए। एक बच्चा कुंड में जा गिरा।

साथी बच्चे उसे बचा नहीं सके लेकिन कुंड से सड़क की ओर जाने वाले रास्ते पर जाकर जोर जोर से चीखने लगे। अचानक वहां से गुजर रही एक युवती वहां दौड़ी और कूदकर बच्चे को बाहर निकाल लिया। एक अन्य युवक ने भी उनका साथ दिया। यह पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई। अब यह वीडियो वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर बच्चे के परिजनों की लापरवाही पर लोग उनकी खिंचाई कर रहे हैं और साथ ही उस युवती की तारीफ कर रहे हैं जो सही जगह पर सही समय पर पहुंच गई। बच्चे की जान बचा ली गई।

जयपुर। राजधानी जयपुर में एक सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही सामने आ रही है। मामला सांगानेर स्थित वार्ड नंबर 46 स्थित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का है। जहां शनिवार सुबह सरकारी अस्पताल में डॉक्टर अपनी ड्यूटी पर नहीं आए। इस दौरान चाकसू के पूर्व विधायक प्रकाश चंद बैरवा अस्पताल में पहुंचे। पूर्व विधायक भी अस्पताल में किसी मरीज को लेकर पहुंचे थे।

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अस्पताल में पूर्व विधायक ने मरीजों की भीड़ को देखा। भीड़ को कम नहीं होती देखकर जब पूर्व विधायक ने मालुम किया तो उन्हें पता चला कि डॉक्टर ही नहीं है। मरीज व उनके तीमारदार अस्पताल में परेशान हो रहे है। इसके बाद पूर्व विधायक ने मेडिकल स्टॉफ से बात की तो मेडिकल स्टॉफ ने बताया कि डॉक्टर छुट्टी पर है। इस पर पूर्व विधायक प्रकाश चंद बैरवा ने रजिस्टर मांगा। स्टॉफ ने रजिस्टर दिया तो पूर्व विधायक ने उसमें डॉक्टरों के लिए शिकायत लिख डाली।


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पूर्व विधायक प्रकाश चंद बैरवा ने रजिस्टर में लिखा कि डॉक्टर लगातार तीन चार दिन से नहीं बैठ रहा है। इसके अलावा कोई व्यवस्था नहीं है। गरीबों व मजदूरों की बस्ती है। लोग डॉक्टर के बिना परेशान है। मरीज परेशान है। यहां पर स्थाई डॉक्टर की व्यवस्था कराई जाएं। तथा नहीं आने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएं।

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वहीं मरीजों ने बताया कि वह अस्पताल में आए। लेकिन डॉक्टर नहीं होने के कारण उन्हें दवा नहीं मिली। मेडिकल स्टॉफ ने साफ मना कर दिया कि डॉक्टर नहीं है। दवा नहीं मिल सकती है। ऐसे में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बगैर इलाज के वह अस्पताल से घर मजबूरन जा रहे है।

जयपुर. सामोद. सफेद चंदन की बागवानी में नवाचार कर सामोद निवासी एमबीए पास अनिल धाबाई ने मिसाल पेश की है। कुछ अलग करने की चाहत के चलते उन्होंने बागवानी करने की ठानी। इसके चलते अनिल ने निजी कंपनी की नौकरी छोड़ दी। हर कोई उनका मजाक बनाने लगा, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और मजाक को अपनी ताकत बनाया। इसके बाद अनिल कृषि सेमिनारों में जाने लगे। इस दौरान एक सेमिनार में विदेशी कृषि वैज्ञानिकों ने सफेद चंदन की बागवानी से लाखों रुपए कमाने की तकनीक बताई।
नई तकनीक होने से रिस्क अधिक थी। इस कारण बेंगलूरु जाकर प्रशिक्षण लिया। वर्ष 2016 में पहली बार अबोहर से सफेद चंदन के 200 पौधे लाए और अपने खेत पर लगाए, लेकिन मात्र तीन पौधे ही जीवित बचे। उन्होंने फिर से पौधों को लगाने व रख-रखाव का प्रशिक्षण लिया। इसके बाद सफेद चंदन के 400 पौधे लगाए। पौधों में जैविक खाद डाली और बच्चों की तरह देखभाल की। अब अधिकांश पौधे आकार लेने लगे हैं। अनिल की सफलता देख क्षेत्र के अन्य किसान भी सफेद चंदन की बागवानी करने लगे हैं। उपखंड में अन्य किसानों के खेतों में 10 हजार से अधिक सफेद चंदन के पेड़ महक बिखेर रहे हैं।

विदेशी बाजार में विशेष मांग

अनिल ने बताया कि चंदन के पेड़ को तैयार होने में 15 साल का समय लगता है। राष्ट्रीय व विदेशी बाजार में इसकी विशेष मांग है। पेड़ के पत्ते, टहनियां, छाल, लकड़ी, जड़ सभी की अच्छी कीमत मिलती है। इसके इत्र की खाड़ी देशों में अधिक मांग है। इसके अलावा चंदन की लकड़ी फर्नीचर, सौन्दर्य प्रसाधन, अगरबत्ती, हवन आदि में काम आती है। उन्होंने बताया कि चंदन की बागवानी के लिए यहां की जलवायु अनुकूल है। अनिल अब किसानों को जागरूक कर रहे हैं। अब तक 10 हजार किसानों को प्रशिक्षण दे चुके हैं।

इस स्थिति में अगर शीघ्र ही धमनियों में आई रुकावट को फिर से दूर नहीं किया जाता है तो हार्ट का वह हिस्सा कमजोर होने लगता है। इससे हृदय कमजोर होकर अपनी संकुचन क्षमता खोने लगता है। इस तरह रोगी की हालत गंभीर होने लगती है और कई बार तो इससे मृत्यु तक हो जाती है।

लक्षण
छाती में दर्द (लगातार 15 मिनट से ज्यादा समय तक), जलन व भारीपन, जकड़न या दबाव, कंधों व बाजुओं में दर्द के साथ ही कमर, जबड़े या गले में दर्द का जाना, सांस लेने में परेशानी, एकदम से पसीने आ जाना, जी घबराना, चक्कर आना आदि।

1. भ्रम: हृदय रोग में कार्य क्षमता कम और ज्यादा भागदौड़ नहीं करनी चाहिए!
सत्य : गतिहीन होने से पैरों की नसों में रक्त के थक्के जमा हो सकते हैं एवं शारीरिक शिथिलता आ सकती है। गतिशीलता से हृदय की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। विशेषज्ञ की मदद ले सकते हैं।

2. भ्रम: कोलेस्ट्रॉल घटाने की दवा लेते हैं तो कुछ भी खा सकते हैं!
सत्य : ये दवाएं उन प्रक्रियाओं को धीमा करती हैं, जो कोलेस्ट्रॉल बनाती हैं। दवा के साथ आहार में सैचुरेटेड फैट लेते हैं तो शरीर को कोलेस्ट्रॉल मिलता रहता है, दवा प्रभावी नहीं रह पाती।

3. भ्रम: विटामिन लेने से हृदय रोगों का खतरा कम हो जाता है।
सत्य : शरीर के लिए जरूरी विटामिन सामान्यत: भोजन से प्राप्त हो जाते हैं। शोध से यह पता चलता है कि विटामिन (एंटी-ऑक्सीडेंट्स, विटामिन ई, सी) हृदय रोगों के खतरे को कम नहीं करते।

डॉक्टर हेमंत चतुर्वेदी
हृदय रोग विशेषज्ञ , जयपुर

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Big Accident : पंजाब और कनाड़ा की दूरी दस हजार किलोमीटर से भी ज्यादा है। लेकिन नियति का खेल ही कहिए कि इतनी दूर से भी मौत खींच लाई। पांच साल से कनाड़ा में रह रहा युवक जब वापस अपने गांव लौटा, उसकी शादी कराई गई और वह जल्द ही वापस लौटने वाला था। लेकिन लौटने से पहले उसकी, उसकी पत्नी समेत चार को बेहद दर्दनाक मौत मिली। परिवार गंगानगर जिले के नजदीक ही स्थित अनूपगढ़ जिले का रहने वाला है। हादसा पंजाब के मोगा इलाके में होना सामने आया है।

दरअसल मूल रूप से अनूपगढ़ जिले के रामगंज मंडी का रहने वाला परिवार पंजाब के मोगा इलाके में अपने किसी रिश्तेदार की शादी में शामिल होने गया था। कल दोपहर मोगा इलाके में पास से गुजर रहे पत्थरों से भरे एक ट्रक का का टायर फट गया और वह ट्रक पत्थरों समेत कार पर पलट गया। कार में सोहावत सिंह, उनकी नई दुल्हन लवप्री, भाई कर्मवीर और भाई की पत्नी मनप्रीत थे। साथ ही मनप्रीत की पांच साल की बच्ची नवनीत भी कार में ही थी। अचानक धमाके से ट्रक पलट गया। बच्ची शीशे के नजदीक ही बैठी थी। वह कार से बाहर आ गिरी। बाकि दोनो भाई और उनकी पत्नियों की हड्डियां तक चूर चूर हो गई।

आज अनूपगढ़ में कई बाजार बंद कर दिए गए हैं। शोक पसरा हुआ है। सन्नाटा इतना है कि सिर्फ महिलाओं के रोने की आवाजें सुनाई दे रही हैं। पिता ने एक ही पल में अपने दो जवान बेटे खो दिए हैं। पूरे कस्बे में कोहराम मचा हुआ है।

सिर पर चप्पल, कमर में झाड़ू तथा गले में हांडी लटकाए गुरुवार को विधानसभा के बाहर पहुंचा शख्स सरकारी शिक्षक निकला। हरिसिंह मीणा नामक यह शख्स पारोली के राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में अध्यापक है। इसका वीडियो वायरल हो रहा है। उसमें हवामहल विधायक बालमुकुंद आचार्य शिक्षक के सिर पर बंधी चप्पल उतरवाकर समस्या सुनते दिख रहे हैं।

वीडियो में विधायक आचार्य को शिक्षक बताता है कि अच्छी तरह से स्कूल चलाता हूं। बावजूद अधिकारी निरीक्षण के दौरान आते हैं और हटा देते हैं। वीडियो वायरल होने के बाद पड़ताल में सामने आया कि शिक्षक मीणा पहले भी चर्चा में रहा है। 25 जुलाई 2019 को कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास की 25 बालिकाएं एक साथ बीमार हो गई थी।लापरवाही बरतने पर छात्रावास प्रभारी शिक्षकमीणा को हटा दिया था। मीणा पर सोशल मीडिया पर भी हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ तथा पीएम मोदी, बाबा रामदेव व शंकराचार्य के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी का भी आरोप है।
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तब मीणा के माफी मांगने पर मामला शांत हुआ था। मीणा 17 से 19 वर्षीय बालिका वर्ग खेलकूद में नियम दरकिनार कर खुद टीम प्रभारी बनकर भगुनगर चला गया जबकि विद्यालय में महिला शिक्षिका थी। तब शिक्षा अधिकारियों ने शिक्षक को नोटिस किया था। शिक्षक हरिसिंह अजीबोगरीब वेशभूषा पहनकर स्कूल भी आ चुका है।

राजस्थान के एक भाजपा विधायक का एक महिला एसडीएम को सार्वजनिक रूप से खरी-खरी सुनाने का वीडियो वायरल हो रहा है। एक मिनट 11 सेकंड के इस वीडियो में भाजपा विधायक एक महिला एसडीएम को निर्देशों का पालन नहीं करने पर सख्त कार्रवाई झेलने को लेकर चेताते दिख रहे हैं।

वायरल वीडियो भीलवाड़ा के शाहपुरा क्षेत्र का बताया गया है। इसमें शाहपुरा से नवनिर्वाचित भाजपा विधायक लालाराम बैरवा एक महिला एसडीएम को सार्वजनिक रूप से हड़काते दिख रहे हैं।


सामने आया है कि शाहपुरा के रायला ग्राम पंचायत मुख्यालय में भारत संकल्प यात्रा के तहत कार्यक्रम जारी था। यहां आमजन से संवाद के दौरान क्षेत्र में अवैध कोयला भट्टियों के खिलाफ कार्रवाई और महिला मेटो को बदलने की बात हुई। तभी अचानक विधायक लालाराम बैरवा तैश में आ गए और महिला एसडीएम को तल्ख़ अंदाज़ में निर्देश देते दिखे।

इसी बीच विधायक ने एसडीएम को ''नई-नई नौकरी है, तकलीफ हो जाएगी'' कहते हुए चेताया भी। भाजपा विधायक का यही वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा। है

Weather Forecast: मौसम विभाग ने अभी-अभी नया अलर्ट जारी किया है जिसमें कल कई जिलों में घना कोहरा छाया रहेगा। पिछले पूर्वानुमान के अनुसार आज कई इलाकों में हल्की बारिश हुई। वहीं मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान में आगामी एक सप्ताह के दौरान मौसम शुष्क रहेगा। बादल छंटने से न्यूनतम तापमान में अगले 48 घंटों के दौरान 2-3 डिग्री सेल्सियस की फिर गिरावट होगी। उत्तरी और पूर्वी भागों में अगले 2-3 दिन मध्यम से कहीं-कहीं घना कोहरा भी छाए रहने की संभावना हैं।

आज पूर्वी और पश्चिमी इलाकों में हुई बारिश
आज 23 दिसंबर को एक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पिछले 24 घंटो में राज्य में कहीं-कहीं हल्की बारिश दर्ज की गई है और न्यूनतम तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस बढ़ोतरी भी दर्ज की गई है। पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में 1 से.मी. से कम बारिश दर्ज की गई।

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कल इन जिलों में अलर्ट जारी
मौसम विभाग के अनुसार कल 24 दिसंबर को राजस्थान के 6 जिलों में घना कोहरा छाया रहेगा। इन जिलों में अलवर, भरतपुर, झुंझुनूं, चूरू, हनुमानगढ़ और श्री गंगानगर शामिल है।

10वीं पास संतोष बनीं किसान वैज्ञानिक
गांव का माहौल, उस पर शैक्षणिक योग्यता केवल 10वीं पास लेकिन अपने हौंसले के बल पर बन गईं किसान वैज्ञानिक। हम बात कर रहे हैं सीकर जिले के बेरी गांव की संतोष देवी की, जिन्हें किसान वैज्ञानिक के रूप जाना जाता है। संतोष साल भर में पांच बीघा जमीन ने अनार, मौसमी, नींबू और सेब की बागवानी और पौध नर्सरी से करीब 30 से 35 लाख रुपए कमाती हैं। बचपन से ही खेती से जुड़ी संतोष ने 2008 में जैविक खेती शुरू की, वह भी मजबूरी में क्योंकि उनके पति होमगार्ड थे और तीन हजार रुपए के वेतन से घर का गुजारा मुश्किल हो रहा था। ऐसे में संतोष ने अपने खेत में अनार लगाने की शुरुआत की। आज उन्होंने सेब, अनार, मौसमी और नींबू के बाग लगा रखे हैं। बागवानी के साथ साल भर में 80 हजार नर्सरी पौध भी बेचती हैं। जिससे उन्हें एक साल में 20 लाख रुपए की कमाई हो जाती है और फलों से 10 लाख रुपए की कमाई होती है।
तकनीक का सहारा
संतोष देवी कहती हैं कि उनके पास जमीन कम है, ऐसे में उन्होंने सघन बागवानी की तकनीक अपनाई है। पौधों को पानी ड्रिप इरिगेशन तकनीक से दिया जाता है। वह खुद ही जैविक खाद तैयार करती है। करती हैं। उनके बाग में देश भर से किसान विजिट करते हैं जिन्हें यहां प्रशिक्षण दिया जाता है।
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असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी छोड़ बनीं किसान
रायपुर जिला मुख्यालय से करीब 80 किमी दूर छोटे से गांव सिर्री (बागबाहरा) की बेटी वल्लरी चंद्राकर को खेती के प्रति जुनून इस कदर था कि वह कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी छोडकऱ अपने गांव आ गईं और आज लाखों रुपए कमा रही हैं। वल्लरी के मुताबिक उनके पिता रायपुर में कार्यरत थे और पैतृक गांव में उनकी जमीन थी जिसे देखने वह पिता के साथ जाया करती थीं। वहीं से उन्हें खेती के प्रति लगाव पैदा हुआ और उन्होंने तकरीबन चार एकड़ भूमि पर टमाटर की खेती से अपनी शुरुआत की। उन्होंने ट्रेक्टर चलाना सीखा।
कई शहरों में सप्लाई
वल्लरी कहती हैं कि जब टमाटर से उन्हें आय होने लगी तो उन्होंने खेती को और विस्तार दिया। आज वह यहां कई तरह की सब्जियां खीरा, करेला,बैंगन, लौकी, शिमला मिर्च आदि की खेती कर रही हैं। उनके खेतों में उगाई गई सब्जियां स्थानीय मंडी के साथ दिल्ली, भोपाल्र उडिय़ा, नागपुर और बैंगलुरू जैसे शहरों में सप्लाई हो रही हैं। उनका कहना है कि उन्होंने अपना फार्म तैयार किया है, जिसमें वह काम करती हैं।
दे रही कम्प्यूटर शिक्षा
एमटेक कर चुकी वल्लरी गांव के गरीब बच्चों को निशुल्क कम्प्यूटर शिक्षा भी दे रही हैं। दिन में वह खेत संभालती हैं और शाम को बच्चों को पढ़ाती हैं। युवा सोच और ड्रीप ऐरिगेशन से सब्जी-भाजी की खेती को वल्लरी ने लाभदायक बनाया है।

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पहले सालों तक गणित पढ़ाई फिर खेती के जरिए न केवल ऑर्गेनिक फूड का कारोबार खड़ा कर दिया बल्कि 1300 से अधिक किसानों को भी अपने साथ जोड़ा। हम बात कर रहे हैं भोपाल की प्रगतिशील किसान और एंटरप्रेन्योर प्रतिभा तिवारी की जो किसानों को उनकी आय दोगुनी करने में मदद कर रही हैं। प्रतिभा बताती हैं कि शादी के बाद भोपाल आईं और वहां बतौर मैथ्स टीचर पढ़ाने लगी। पति के साथ जब कभी भोपाल से 150 किमी दूर हरड़ा जहां उनके कुछ खेत थे। धीरे-धीरे उनकी रुचि भी इस ओर होने लगी। उन्होंने जैविक खेती पर आधारित वर्कशॉप अटैंड की और एक कोर्स किया। फिर परिवार और किसानों को जैविक खेती के लिए प्रेरित किया। लेकिन यह आसान नहीं था क्योंकि कैमिकल खेती से जैविक खेती की ओर जाने में उपज कम होती है। जब उन्होंने खुद इसकी शुरुआत की तो उनके साथ भी यही हुआ लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
इंडोनेशिया बनाई पहुंच
आज वे किसानों को प्रशिक्षण के साथ बीज देती हैं। उन्हें औषधीय पौधे लगाने के लिए प्रोत्साहित करती हैं साथ ही ऑर्गेनिक फूड बिजनेस को और बढ़ाने के लिए काम कर रही हैं। 2023 को बाजरा के अंतरराष्ट्रीय वर्ष के रूप में मनाए जाने पर उन्होंने एक नई कंपनी शुरू की है, जिसमें मिलेट्स प्रोडक्ट््स पर काम किया जा रहा है। उन्होंने इंडोनेशिया की दो कम्पनियों के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। वह ऑर्गेनिक फूड को ग्राहकों के लिए भी किफायती बनाना चाहती हैं।
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पिछले एक महीने में दुनियाभर में कोरोना के नए मामलों में 52% की बढ़ोतरी हुई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने शनिवार को यह जानकारी दी।

WHO ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि 20 नवंबर से 17 दिसंबर के बीच कुल 850,000 से ज्यादा नए मामले दर्ज किए गए। हालांकि, पिछले 28 दिनों के मुकाबले मौत के मामलों में 8% की कमी आई है, जिसमें 3,000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई।

17 दिसंबर तक, दुनियाभर में 772 मिलियन से ज्यादा संक्रमित मामले और लगभग 7 मिलियन मौतें दर्ज की गई हैं।

पिछले 28 दिनों में 118,000 से ज्यादा लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया और 1,600 से ज्यादा लोगों को आईसीयू में भर्ती कराया गया। इनमें से ज्यादातर मामले उन देशों से आए हैं जो नियमित रूप से WHO को रिपोर्ट करते हैं।

WHO ने पिछले हफ्ते BA.2.86 ओमिक्रॉन वैरिएंट के सब-लाइनेज JN.1 को एक अलग वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट (VOI) के रूप में नामित किया है। इसकी वजह हाल के हफ्तों में तेजी से बढ़ते मामलों को बताया गया है।

हालांकि, EG.5 अभी भी वैश्विक स्तर पर सबसे ज्यादा पाया जाने वाला VOI है।

पिछले 28 दिनों के दौरान, 58 देशों से कुल 118,958 नए अस्पताल में भर्ती मामले और 36 देशों से 1,610 नए आईसीयू मामले दर्ज किए गए।

दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में पिछले 28 दिनों के मुकाबले 9,200 से ज्यादा नए मामले दर्ज किए गए, जो 388% की बढ़ोतरी है।

इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा मामले इंडोनेशिया (3,725), भारत (3,241) और थाईलैंड (2,120) से आए हैं।

क्षेत्र में पिछले 28 दिनों के मुकाबले नए मौतों की संख्या में 317% की बढ़ोतरी हुई है, जिसमें 50 नए मौतें दर्ज किए गए।

भारत (21 नए मौत), थाईलैंड (16 नए मौत) और इंडोनेशिया (12 नए मौत) से सबसे ज्यादा नए मौतें दर्ज किए गए।

WHO ने इस बात पर जोर दिया कि मौजूदा टीके JN.1 वैरिएंट और SARS-CoV-2 के अन्य वैरिएंट से गंभीर बीमारी और मौत के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करते हैं। संगठन JN.1 के जोखिम के मूल्यांकन की लगातार निगरानी कर रहा है और जरूरत पड़ने पर इसे अपडेट करेगा।

इन सांस की बीमारियों के प्रसार को कम करने के लिए, WHO ने व्यक्तियों को सलाह दी है कि वे भीड़भाड़ वाले या खराब हवादार क्षेत्रों में मास्क पहनें, सुरक्षित दूरी बनाए रखें, श्वसन शिष्टाचार का पालन करें, नियमित रूप से हाथ धोएं और यदि लक्षण दिखाई दें या संपर्क में आने के बाद कोविड या इन्फ्लूएंजा का परीक्षण करवाएं।

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संयुक्त राष्ट्र संघ ने 2023 को अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष मनाने की घोषणा की थी। अपने देश में मोटे अनाज खाने का चलन प्राचीन समय से है लेकिन पिछले कुछ दशकों से लोगों ने इससे दूरी बना ली थी। यही वजह है कि देश में मोटापे और लाइफस्टाइल से जुडे रोगियों की संख्या बहुत बढ़ी है। पहले हमारे खाने की थाली में ज्वार, बाजरा, जौ, कोदो, रागी (मडुआ), सांवा, सामा, कुटकी, लघु धान्य, चीना, कांगनी आदि हुआ करते थे। इनमें मिलने वाले पोषक तत्त्व हमें हर तरह की बीमारियों से बचाते थे।

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इसलिए होते सुपर फूड

चावल-गेहूं की तुलना में मोटे अनाज में 3.5 गुना अधिक पोषक तत्व पाए जाते हैं। इन्हें खाने से वजन, बीपी व कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहता है। इससे हृदय रोग, मधुमेह और कैंसर जैसे रोगों का जोखिम घटता है।

कुपोषण दूर करने में सक्षम

भरपेट भोजन के बावजूद कुपोषण की समस्या देश में हो रही है। इसका मुख्य कारण गेहूं-चावल अधिक खाना है। इनमें खनिज लवण व फाइबर कम होते हैं इसलिए सभी प्रकार की बीमारियां होती हैं। मोटे अनाज खाद्य सुरक्षा और पोषण सुरक्षा की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण हैं।

संक्रामक बीमारियों को रोकते हैं ये अनाज

मोटे अनाज में पाए जाने वाले सूक्ष्म पोषक तत्त्वों से इम्युनिटी बढ़ती है। इनमें बीटा-कैरोटीन, नियासिन, विटामिन-बी6, फोलिक एसिड, पोटेशियम, मैग्नीशियम, जस्ता आदि खनिज लवण और विटामिन प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। स्वास्थ्य की दृष्टि से फायदेमंद डायटरी फाइबर भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ये पाचन ठीक रख इम्युनिटी कम नहीं होने देते हैं।

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नई सरकार के गठन के साथ ही लोगों को मकान का पट्टा देने की तैयारी शुरू हो गई है। हालांकि इसमें एक बड़ी अड़चन सामने आई है। पट्टों का जो प्रारूप है, उसमें पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का फोटो है। ऐसे में जयपुर नगर निगम ग्रेटर सहित कई निकायोंने डीएलबी को प्रारूप बदलने के लिए पत्र लिखा है।

डीएलबी अधिकारियों का कहना है कि एक बार मंत्रिमंडल विस्तार हो जाए और विभाग को नए मंत्री मिल जाएं, इसके बाद जल्द ही प्रारूप को बदलवाकर नए पट्टे देने का काम शुरू किया जाएगा। गौरतलब है कि गहलोत सरकार के समय प्रशासन शहरों के संग अभियान शुरू किया गया था। इस अभियान में 10 लाख पट्टे देने का लक्ष्य रखा गया था। मगर सरकार 9 लाख 33 हजार ही पट्टे दे पाई। अभी सभी निकायों के पास करीब 50 हजार पट्टों के आवेदन लंबित पड़े हैं। जनता को यह भी इंतजार है कि क्या सरकार पूर्व में मिल रही छूट को यथावत रखती है या फिर नए सिरे से अभियान को शुरू करती है।

12 हजार से ज्यादा आवेदन लंबित

जयपुर की बात की जाए तो यहां भी 12 हजार से ज्यादा आवेदन लंबित चल रहे हैं। इसमें जयपुर विकास प्राधिकरण के 10 हजार और दोनों नगर निगम के करीब 2500 आवेदन लंबित चल रहे हैं। पूर्ववर्ती सरकार ने अभियान की अवधि को मार्च, 2024 तक बढ़ा दिया था। ऐसे में जो छूट है, वह भी मार्च तक लागू रहेगी।

 

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Recipes- मिलेट्स पिन्नी

Saturday 23 December 2023 11:11 AM UTC+00 | Tags: indian-regional

मौसम में बदलाव के साथ ही अब लगातार सर्दी तेज हो रही है। ऐसे में जरूरी है हम अपने खानपान का भी ध्यान रखें। छत्तीसगढ़ स्थित कोरबा की स्मिता पटेल ने पत्रिका के पाठकों के लिए शेयर की यह मिलेट्स पिन्नी की यह रेसिपी-

सामग्री : 1 कप गेंहू आटा, 1/4 कप मक्के का आटा, 1/4 कप बाजरा आटा, 1/4 कप ज्वार आटा, 1/4 कप रागी आटा, गोंद 1/4 कप, 1 कप घी, 2 कप गुड़, सूखा नारियल 50 ग्राम, काजू, किशमिश, बादाम।

विधि 1/4 कप घी में सभी मेवों को एक-एक करके भूनें और बड़ी थाली में निकालें। फिर घी डालकर गोंद को तलें । ठंडा होने पर पीस लें। बाकी बचे घी में सभी आटे मिलाकर खुशबू आने तक भूनें। गुड़ को पिघला कर आटा, मेवा और गोंद सभी को मिलकर लड्डू बनाएं। मिलेट्स पिन्नी तैयार है। - स्मिता पटेल, कोरबा, छत्तीसगढ़

हरीरे के लड्डू
सामग्री- 500 ग्राम आटा, ढाई सौ ग्राम बूरा, 2 चम्मच हल्दी, 2 चम्मच अजवाइन, 2 चम्मच जीरा, 2 चम्मच सौंठ, खसखस, मखाना, काजू नारियल का बुरादा, बादाम, पिस्ता 25 -25 ग्राम 4 इलायची, 300 ग्राम घी।
विधि: अजवाइन, हल्दी, सौंठ, जीरा, इलायची और खसखस को बारीक पीस लीजिए। सूखे मेवा, मखाना, पिस्ता, बादाम और काजू आदि को दरदरा कर लीजिए। चार चम्मच घी डालकर बारीक मिस मिश्रण और मेवा भूनें। घी डालकर आटा भूनिए और इसमें मिश्रण और मेवा डालकर अच्छी तरह से मिक्स करिए। इस मिश्रण के लड्डू बनाएं। हरीरे के लड्डू सर्दी में गुणकारी होते हैं। - प्रीति रंजन

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Rakhi Hajela

अपने मनोभावों को कागज पर उतार कर उन्हें गुनगुनाने की शौकीन नीलम शर्मा नीलू का जन्म झुंझुनू के गुढ़ा गौड़ जी में हुआ लेकिन शादी के बाद वह जयपुर की होकर रह गईं। विद्यार्थी जीवन से ही वह स्कूल और कॉलेज में शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय रहते हुए लेखन शुरू किया। विज्ञान संकाय से ग्रेजुएशन करने के बाद नर्सिंग की तकनीकी शिक्षा प्राप्त की और अब चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग में नॢर्संग अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। यानी मानवीय सेवा के साथ लेखन भी कर रही हैं। उनकी रचनाएं विभिन्न पत्र पत्रिकाओंं में नियमित रूप से प्रकाशित होती हैं। वह कविता और कहानी दोनों विधाओं में लेखन करती हैं। नीलम का कहना है कि परिवार के साथ से ही यह संभव हो पाया है। उनका कहना है कि नौकरी के दौरान अपने आसपास जो कुछ भी वह अनुभव करती हैं उसे कलम से कागज पर उतारने का प्रयास करती हैं। कई मंचों पर सम्मानित हो चुकी नीलम का कहना है कि महिलाओं को घर की जिम्मेदारी के साथ अपने पैशन को फॉलो करना चाहिए।

शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की ओर से 23 से 26 तक जयपुर के अग्रवाल कॉलेज परिसर में प्रांत संयोजक बैठक का आयोजन किया जाएगा। इस बैठक में सभी प्रमुख प्रांत स्तरीय कार्यकर्ता शामिल होंगे। मध्य प्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी के संचालक और न्यास के राष्ट्रीय सह संयोजक अशोक कड़ेल ने बताया कि 24 को न्यास की राष्ट्रीय कार्यसमिति होगी। 25 और 26 को संयोजक और सह संयोजकों की बैठक होगी, जिसमें संगठछनात्मक दृष्टि से चर्चा होगी।

26 दिसंबर को शाम 5 बजे अग्रवाल कॉलेज में शिक्षा में भारतीयता और व्यवस्था परिवर्तन पर जनगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। गोष्ठी के मुख्य वक्ता न्यास के सचिव अतुल भाई कोठारी होंगे। अध्यक्षीय उद्बोधन संघ के सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले का होगा। कड़ेल ने बताया कि सार्थक शिक्षा द्वारा ही देश में आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी तथा सामाजिक परिवर्तन होते हुए महान भारत का निर्माण संभव है। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास इसी दिशा में कार्य कर रहा है।। हमारा दृढ़ विश्वास है की देश को बदलना है तो शिक्षा को बदलना होगा। समस्याओं की नहीं समाधान की चर्चा करो।

 

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Weather Update : मौसम का मिजाज एक सप्ताह में लगातार बदल रहा है। पहले मौसम शुष्क रहा, फिर दिसम्बर के पिछले दो दिन पश्चिमी विक्षोभ की वजह से राजस्थान में कई जिलों में बारिश हुई। अब राजस्थान का मौसम एक बार फिर 24 दिसम्बर से बदल जाएगा। मौसम विभाग का नया अपडेट है कि राजस्थान में आगामी एक सप्ताह मौसम शुष्क रहेगा। बादल छंटने से न्यूनतम तापमान में अगले 2 दिन के दौरान 2-3 डिग्री सेल्सियस की पुनः गिरावट होगी। राज्य के उत्तरी व पूर्वी भागों में आने वाले 2-3 दिन मध्यम से कहीं-कहीं घना कोहरा छाए रहने की संभावना हैँ। जिन जिलों में बारिश हुई है अब उन जिलों का न्यूनतम तापमान 2-4 डिग्री सेल्सियस नीचे गिर जाएगा।

जयपुर का मौसम कल कैसा रहेगा?

जयपुर के न्यूनतम तापमान में बीते एक सप्ताह में सिर्फ 2 डिग्री का अंतर आया है। बादलों की वजह से सर्दी का असर ज्यादा है। जयपुर में शनिवार को न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 24 डिग्री सेल्सियस रहा। 24 दिसम्बर को जयपुर का मौसम बदल जाएगा। मौसम विज्ञानियों के अनुसार आसमान पर रविवार 24 दिसम्बर को बादल छाए रहेंगे। न्यूनतम और अधिकतम तापमान एक सार रहेगा। उसमें कोई बदलाव नहीं होगा।

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बीते 24 घंटे में सबसे ठंडा शहर रहा फतेहपुर

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार सूबे का सबसे ठंडा शहर फतेहपुर रहा। यहां न्यूनतम तापमान 1.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। चूरू में न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री रहा। राजस्थान के कई इलाकों में कई इलाकों में सुबह अब घन कोहरे छाया रहेगा। जिस वजह से विजिबिलटी कम रहेगी।

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गीता में कृष्ण के उपदेश के माध्यम से कर्म, ज्ञान और भक्ति योग की गहन व्याख्या करते पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी की आलेखमाला 'शरीर ही ब्रह्मांड' के आलेख 'गीता : कृष्ण की क्रान्त-दृष्टि' को प्रबुद्ध पाठकों ने ईश्वर से योग लगाने की प्रेरणा देने वाला बताया है। लेख कर्म, विकर्म और कुकर्म के अंतर को भी अच्छी तरह परिभाषित करते हुए विकर्म और कुकर्म को जिंदगी से दूर रखने की सीख देता है। पाठकों की प्रतिक्रियाएं विस्तार से

मनुष्य के जीवन में कर्म प्रधान होता है। श्रीमद् भगवत गीता में भी भगवान श्रीकृष्ण ने मनुष्य को कर्म करने के लिए प्रेरित किया है। गुलाब कोठारी ने अपने आलेख में इसी प्रेरणा का उल्लेख किया है। उन्होंने ब्रह्म और कर्म पर प्रकाश डाला है और कर्म व कुकर्म के अंतर के साथ फल और दुष्परिणाम को स्पष्ट किया है।
डॉ. डीके मिश्रा, सचिव रेडक्रॉस सोसायटी, सिंगरौली

कर्म और कुकर्म सदियों से मानव जानता है। इसके बावजूद वह कर्म से ज्यादा कुकर्म कर क्षणिक सुख के फेर में पड़ा रहता है। जबकि वह जानता है कि ये कुकर्म उसके दु:ख का कारण बनेंगे। कर्म करने वाले फल को यदि नकार रहे हैं तो वे स्वयं को ब्रह्मा से ऊपर मानने लगे हैं। यानि अब उन्हें दुखों और नर्क के बीच ही रहना होगा। ईश्वरीय कृपा से प्राप्त कर्म फल सही मायनों में वरदान या आशीर्वाद होता है। लेख में जिस प्रकार से कर्म, विकर्म और कुकर्म को परिभाषित किया गया है, वह ज्ञान चक्षुओं को खोलने के लिए पर्याप्त है। मनुष्य को चाहिए वे ईश्वर से योग लगाएं, कर्म करें और जो फल मिल रहा है उसे सहर्ष स्वीकार करें।
डॉ.सत्येन्द्र स्वरूप शास्त्री, ज्योतिषाचार्य, जबलपुर

आलेख में अन्न ही ब्रह्म के महत्त्व को सूक्ष्मता से प्रतिपादित किया गया है। अन्न के माध्यम से ही हमारे शरीर में ईश्वर का वास होता है। परंतु मानव अन्न का महत्त्व ही नहीं समझ रहा है। यह सत्य है कि मानव शरीर में जीव और ईश्वर आत्मा अन्न के माध्यम से ही आते हैं। जगत की 84 लाख योनियों में मानव योनि ही कर्मयोनि है।
राहुल कर्मा, खरगोन

व्यक्ति को अपने जीवन में काम करते रहना चाहिए। उसके बदले फल भगवान अपने आप अच्छा देते हैं। साथ ही जब आपको फल मिले तो उसको भी सहेज कर रखें तभी आपके अच्छे कर्म करने का फायदा है। सही है कि शास्त्रों के विरुद्ध कार्य करना विकर्म कहलाता है जिसको हम कुकर्म भी बोल सकते हैं।
गजेंद्र यादव, एडवोकेट, शिवपुरी

आज के लेख में मनुष्य की कामना अनुसार होने वाली गति को समझाया गया है। यह सत्य है कि प्रत्येक व्यक्ति के अंदर ब्रह्म है। कुकर्म नरक का द्वार है। अच्छे कर्म करने वाला व्यक्ति ब्रह्म में लीन हो जाता है। श्रीकृष्ण ने गीता में उपदेश में जीवन की संपूर्ण यात्रा को व्यक्त किया है। अन्न से जीवन का निर्माण होता है। लेकिन वह भी प्रकृति के नियंत्रण में रहता है।
डॉ. मनोज जैन, सचिव सुप्रयास, भिण्ड

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जेएन.1 पहली बार अगस्त में लक्ज़मबर्ग में पाया गया था और अब तक करीब 41 देशों में पहुंच चुका है, जिनमें भारत भी शामिल है.

इसके तेजी से फैलने के कारण विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे अलग वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट (VOI) घोषित किया है. पहले इसे BA.2.86 सब-लाइनएज का ही हिस्सा माना जाता था.

WHO ने चिंता जताई है कि जेएन.1 कई देशों में सांस की बीमारियों को बढ़ा सकता है.

भारत में भी इसका असर दिख रहा है. शनिवार को देश में कोरोना के 752 नए मामले दर्ज किए गए, जो 21 मई 2023 के बाद सबसे ज्यादा है. सक्रिय मामलों की संख्या भी बढ़कर 3,420 हो गई है.

भारत में अभी तक सिर्फ 22 जेएन.1 मामले पाए गए हैं (21 गोवा से और 1 केरल से).

जेएन.1, BA.2.86 का ही एक उप-वंश है और इसकी पहली पहचान 25 अगस्त 2023 को हुई थी. BA.2.86 की तुलना में, जेएन.1 स्पाइक प्रोटीन में अतिरिक्त L455S म्यूटेशन के कारण ज्यादा तेजी से फैलता है.

हालांकि, अभी तक इस वेरिएंट से किसी नए या असामान्य लक्षण की सूचना नहीं मिली है. अब तक बताए गए लक्षण ज्यादातर ऊपरी श्वसन तंत्र संक्रमण से जुड़े हैं.

अमेरिकी रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (CDC) के अनुसार, अलग-अलग कोरोना वेरिएंट के लक्षणों में बदलाव लोगों की प्रतिरक्षा पर निर्भर करता है. ये वैक्सीन लगने, पुराने संक्रमणों या दोनों के कारण हो सकते हैं.

कोच्चि के अमृता अस्पताल में संक्रामक रोग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. दीपू टीएस ने बताया कि जेएन.1 के सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी, थकान, नाक बंद होना, बहती नाक, दस्त और सिरदर्द शामिल हैं.

यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी के जोनाथन मेलोर ने कहा कि चूंकि इन्फ्लूएंजा और RSV जैसे अन्य मौसमी श्वसन रोग भी फैल रहे हैं, इसलिए ये लक्षण किसके कारण हैं ये तभी पता चल सकता है जब लोग विशेष रूप से कोरोना या अन्य संक्रमणों के लिए टेस्ट कराएं.

CDC के अनुमान के मुताबिक अमेरिका में अब 44 फीसदी मामले जेएन.1 के हैं.

CDC ने शुक्रवार को कहा, "जेएन.1 का लगातार बढ़ना बताता है कि यह वेरिएंट अन्य वेरिएंट की तुलना में या तो ज्यादा संक्रामक है या हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली से बच निकलने में ज्यादा सक्षम है. अभी यह कहना मुश्किल है कि जेएन.1 संक्रमण या अस्पताल में भर्ती के मामलों को कितना बढ़ाएगा."

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राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड एक्शन मोड में आ गया है। बोर्ड अब भर्ती परीक्षाओं में नकल रोकने को लेकर गंभीर है। इसके लिए बोर्ड ने एक एक्शन प्लान तैयार किया है। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की नई योजना के तहत अभ्यर्थियों को नकल करने में दिक्कत आ सकती है। बोर्ड के अनुसार अब अभ्यर्थी आधार या 10वीं की मार्कशीट को आवेदन फॉर्म से लिंक कर भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड अध्यक्ष मेजर जनरल आलोक राज ने बताया- बीते 2 माह में बोर्ड ने 21 अभ्यर्थियों पर FIR दर्ज करवाई है। इन अभ्यर्थियों ने किसी दूसरे के स्थान पर या डमी अभ्यर्थी बन भर्ती परीक्षा में शामिल होने की कोशिश की थी। बोर्ड की सख्ती की वजह से यह सभी पकड़े गए। भविष्य में यह गलती न हो इसलिए बोर्ड भर्ती प्रक्रिया के नियमों में संशोधन करने जा रहा है।

आवेदन पत्र की प्रक्रिया को लिंक करना होगा

बोर्ड अध्यक्ष मेजर जनरल आलोक राज ने एक बड़ा खुलासा किया कि, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की भविष्य में होने वाली सभी भर्ती परीक्षाओं की आवेदन पत्र की प्रक्रिया को आधार कार्ड या फिर दसवीं की मार्कशीट से लिंक किया जाएगा। ताकि अभ्यर्थी बोर्ड को गुमराह न कर सकें।

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पहली प्राथमिकता आधार कार्ड फिर दसवीं की मार्कशीट

बोर्ड अध्यक्ष मेजर जनरल आलोक राज ने बताया कि वैसे तो बोर्ड की प्राथमिकता आधार कार्ड रहेगी पर किसी वजह से कोई अभ्यार्थी आवेदन को आधार कार्ड से लिंक नहीं कर पाया। तो उसे दसवीं की मार्कशीट के रोल नंबर से आवेदन फार्म को भरना होगा। यह नई प्रक्रिया आने वाले समय में होने वाली सभी प्रतियोगी भर्ती परीक्षाओं में लागू होगी।

बोर्ड के पास पहले से होगी सभी बेसिक जानकारी

बोर्ड अध्यक्ष मेजर जनरल आलोक राज ने अपनी योजना का खुलासा करते हुए बताया गया कि, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की इस प्रक्रिया के लागू होने के बाद अभ्यार्थी का सही नाम, माता-पिता का नाम, डेट ऑफ बर्थ और उनका मूल एड्रेस सही-सहीं मालूम चल सकेगा। क्योंकि अभ्यर्थियों की सभी बेसिक जानकारी बोर्ड के पास पहले से ही होगी।

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Passport Like Verification Must For New Aadhar Card : अगर आपकी उम्र 18 साल है और पहली बार आधार कार्ड बनवाने के बारे में सोच रहे हैं तो आपको एक लंबे और मुश्किल प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है। यूआइडीएआइ ने कहा है कि 18 वर्ष पार लोगों को पहली बार आधार कार्ड बनवाने के लिए फिजिकल वेरिफिकेशन के दौर से गुजरना पड़ सकता है, जिस तरह पासपोर्ट के लिए वेरिफिकेशन होता है।

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केंद्र सरकार आधार कार्ड के लिए नियमों में बदलाव करने जा रही है। इसके तहत 18 साल से अधिक उम्र के लोगों के आधार कार्ड के लिए वेरिफिकेशन यूआइडीएआइ नहीं, बल्कि राज्य सरकार की ओर से किया जाएगा। इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए राज्य सरकार की ओर से जिला और सब डिविजनल लेवल पर नोडल ऑफिसर की नियुक्ति की जाएगी।

यह होगी प्रक्रिया
जो लोग 18 साल की उम्र के बाद पहली बार अपना आधार कार्ड बनवाएंगे उन्हें नॉमिनेटिड सेंटर्स पर जाना होगा। ऐसे सेंटर्स जिले में मुख्य डाकघर और यूआइडीएआइ के तय आधार सेंटर्स होंगे। आधार एप्लीकेशन को सर्विस पोर्टल से वेरिफिकेशन के लिए रिवाइज करने से पहले डेटा क्वालिटी चेक से गुजरना होगा। सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट सेवा पोर्टल के जरिए प्राप्त आधार के सभी अनुरोधों के वेरिफिकेशन की निगरानी करेंगे। सभी तरह की मंजूरी मिलने के 180 दिन के अंदर आधार कार्ड आवेजक को दिया जाएगा। अगर वेरिफिकेशन के दौरान कोई भी गलती पाई जाती है तो आधार के लिए नामांकन रद्द हो सकता है।

उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने चुनाव के दौरान अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए किए गए वायदों को पूरा करने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। उन्होंने शुक्रवार सीकर-जयपुर नेशनल हाईवे पर रोड नंबर 14 से लेकर हरमाड़ा तक लगने वाले जाम की समस्या के निराकरण के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों के साथ मौके का जायजा लिया।

इसके साथ ही दिया कुमारी ने नेशनल हाइवे अथॉरिटी के अधिकारियों के साथ 14 नंबर पुलिया से नींदड मोड़ और टोडी इलाक़े का भी मौक़ा मुआयना किया। दिया कुमारी ने जाम की समस्या को हल करने के लिए फ्लाईओवर व रोड के चौड़ाई बढ़ाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस मामले में तत्काल प्रभाव से कार्य शुरू किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को सीकर रोड पर हाइवे क्रॉसिंग के समय जाम की समस्या के समाधान, दुर्घटनाओं को रोकने और बारिश के पानी का भराव रोकने के लिए ठोस कदम उठाने का भी निर्देश दिया। इस दौरान उनके साथ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के निजी उप-सचिव शैलेश शर्मा, एनएचएआई के रीजनल ऑफिसर हरीश कुमार, प्रोजेक्ट डारेक्टर अजय आर्य व अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे ।

पानी की समस्या भी हल करें

सीकर-जयपुर हाइवे पर पानी के भराव के कारण स्थानीय लोगों को कई वर्षों से बारिश के मौसम में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। एनएचएआई के अधिकारियों को दिया कुमारी ने निर्देश दिए हैं कि इंजीनियरिंग ख़ामियों के चलते आम जन को परेशानी का सामना ना करना पड़े।

जलदाय विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक

डिप्टी सीएम दिया कुमारी ने विद्याधर नगर में पीने के पानी की समस्या को हल करने लिए जलदाय विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक भी की औऱ इलाके में पीने के पानी की समस्या के समाधान के लिए भी निर्देश दिए। जलदाय विभाग के अधिकारियों को भी उपमुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश जारी कर विद्याधर नगर विधानसभा क्षेत्र की हर कॉलोनी में पीने के पानी की सप्लाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

 

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सवाईमानसिंह अस्पताल के सर्जरी विशेषज्ञों की टीम ने एक मरीज के अग्नाशय कैंसर की रोबोट से डबल बायपास सर्जरी करने में सफलता प्राप्त की है। जनरल सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ.सुमिता.ए.जैन ने बताया कि मरीज एक वर्ष से इस कैंसर से पीडि़त था। पहले उसे कीमोथैरेपी दी गई। इसके बाद गेस्ट्रोजेजुनोस्टोमी और जेजुनोस्टोमी (डबल बायपास) कर आंतों में आ रही रुकावट को दूर किया गया।

मरीज अब ट्यूमर के इलाज के लिए रेडियोथैरेपी ले रहा है। सर्जरी टीम में डॉ.जैन के साथ डॉ.दिनेश शर्मा, डॉ.चरण और ऐनेस्थीसिया से डॉ.सुनील चौहान और डॉ.कंचन शामिल थीं। जनरल सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ.सुमिता.ए.जैन ने बताया कि मरीज एक वर्ष से इस कैंसर से पीडि़त था। पहले उसे कीमोथैरेपी दी गई। इसके बाद गेस्ट्रोजेजुनोस्टोमी और जेजुनोस्टोमी (डबल बायपास) कर आंतों में आ रही रुकावट को दूर किया गया। मरीज अब ट्यूमर के इलाज के लिए रेडियोथैरेपी ले रहा है। सर्जरी टीम में डॉ.जैन के साथ डॉ.दिनेश शर्मा, डॉ.चरण और ऐनेस्थीसिया से डॉ.सुनील चौहान और डॉ.कंचन शामिल थीं।

लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर कांग्रेस आलाकामान ने अपनी कमर कस ली है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अपनी टीम में आज बदलाव किया है। पांच राज्यों में हुए चुनावों के बाद कांग्रेस संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए राजस्थान कांग्रेस के दिग्गज नेता सचिन पायलट को नई और बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। सचिन पायलट को छत्तीसगढ़ का प्रभारी बनाया गया है। चर्चाओं के अनुसार सुखजिंदर स‍िंह रंधावा पर संकट के बादल मंडरा रहे थे पर कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें नहीं छेड़ा और उनका राजस्थान प्रभार का पद बहाल है। सचिन पायलट से पहले छत्तीसगढ़ की प्रभारी कुमारी शैलजा थीं। जिन्हें अब उत्तराखंड का प्रभारी बनाया गया है।

भंवर जितेन्द्र सिंह को असम का प्रभारी बनाया गया, मध्य प्रदेश का एडिशनल चार्ज मिला

राजस्थान कांग्रेस दिग्गज नेता एवं अलवर के पूर्व सांसद भंवर जितेन्द्र सिंह को असम का प्रभारी बनाया गया है। भंवर जितेन्द्र सिंह को इसके साथ ही मध्य प्रदेश का भी एडिशनल चार्ज दिया गया है।

सचिन पायलट टोंक सीट से चुने गए हैं विधायक

राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में सचिन पायलट टोंक सीट से विधायक चुने गए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना कि एक बार फिर से अशोक गहलोत का दांव काम आ गया है। सचिन पायलट को जयपुर से रायपुर भेज दिया गया है। सचिन पायलट राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके हैं। इसके साथ ही राजस्थान डिप्टी सीएम के पद की भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। छत्तीसगढ़ के प्रभारी के तौर पर सचिन पायलट के सामने कई चुनौतियां होंगी।

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राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में जनता से एक बड़ा लुभावना वादा किया गया कि राजस्थान की जनता को 450 रुपए में सिलेंडर दिया जाएगा। पर घबराने की बात नहीं है राजस्थान में उज्जवला योजना के लाभार्थियों को 450 रुपए में घरेलू गैस सिलेंडर मिलेगा। केंद्र सरकार उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को 600 रुपए में घरेलू गैस सिलेंडर दे रही है। बीते दिनों राज्यसभा में एक सवाल का जवाब में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विभाग के राज्य मंत्री रामेश्वर तेली ने कहा केंद्र सरकार की 450 रुपए में गैस सिलेंडर देने की कोई योजना नहीं है। इस जवाब के बाद सब भौचक्के हो गए। क्या राजस्थान में भाजपा अपने चुनावी वादे को पूरा नहीं करेगी क्या।

पर राजस्थान की भजनलाल सरकार ने तुरंत एक्शन लेते हुए कहा, भाजपा सरकार घोषणा पत्र के हर वादे को पूरा करेगी। इसके बाद सीएम भजनलाल शर्मा ने अपने अफसरों को एक योजना बनाने का निर्देश दिया। अब सवाल है कि राजस्थान सरकार 450 रुपए के ऊपर की राशि यानी 150 रुपए का भुगतान खुद करेगी।

हर माह कुल 105 करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च

केंद्र सरकार उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को 600 रुपए में घरेलू गैस सिलेंडर दे रही है। राजस्थान में भजनलाल सरकार को 450 रुपए के ऊपर की राशि 150 रुपए का भुगतान अपने खजाने से करना होगा। राजस्थान में उज्ज्वला योजना से करीब 70 लाख परिवार जुड़े हैं। इन लाभार्थियों को प्रति गैस सिलेंडर 150 रुपए का भुगतान करने के लिए राज्य सरकार हर महीने कुल 105 करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च करना पड़ेगा। जिसका भार राज्य सरकार पर पड़ेगा।

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डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से मिलेगी सब्सिडी

बताया जा रहा है कि भजनलाल सरकार की ओर से लाभार्थियों को सब्सिडी की राशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) की जाएगी। मतलब गैस सिलेंडर का पूरा भुगतान लिया जाएगा। सब्सिडी की राशि बाद में लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर कर दी जाएगी। पर 450 रुपए में गैस सिलेंडर कब से मिलेगा। अभी इसकी कोई जानकारी नहीं है।

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जब पोर्टफोलियो के डेट साइड की बात आती है, तो फंड सरकार, अर्ध-सरकारी एजेंसियों और अच्छी तरह से रिसर्च किए गए कॉर्पोरेट प्रतिभूतियों की ओर से जारी फिक्स्ड इनकम सेक्यूरिटीस में निवेश करता है। फंड चतुराई पूर्वक एए और उससे ऊपर की क्रेडिट रेटिंग वाली लंबी अवधि की निश्चित आय प्रतिभूतियों को आवंटित करता है, जो उचित संचय प्रदान करती हैं। कॉर्पोरेट प्रतिभूतियों में एक्सपोजर पोर्टफोलियो को उचित आय अर्जित करने में सक्षम बनाता है। 30 नवंबर 2023 को डेट एक्सपोजर 27.5 प्रतिशत था। डेट होल्डिंग्स के भीतर, स्कीम में हाई कैरी से लाभ के लिए अच्छी क्रेडिट क्वालिटी इन्स्ट्रमेंट के प्रति उचित जोखिम है। पोर्टफोलियो का शेष 2.1 प्रतिशत रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट के यूनिट्स में निवेश किया गया है।

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अपनी कैटेगरी के प्रतिस्पर्धियों से काफी आगे

पिछले एक साल में भी इस फंड ने न केवल बेंचमार्क से बेहतर परफॉर्मेंस किया है, बल्कि अपनी कैटेगरी के प्रतिस्पर्धियों से काफी आगे निकल गया है और यह लगभग सभी समय-सीमा के दौरान अपनी कैटेगरी में लगातार बेहतर परफॉर्मेंस करने वाले फंड के रूप में उभरा है। एसआईपी में भी शुरुआत में 10,000 रुपए का मासिक निवेश इस समय बढ़कर 2.8 करोड़ रुपए हो गया होगा, जबकि निवेश केवल 28.9 लाख रुपए का ही किया गया है। इसका मतलब 16.12 प्रतिशत का सीएजीआर की दर से रिटर्न मिला है। निफ्टी 50 में इस निवेश पर केवल 14.43 प्रतिशत का सीएजीआर रिटर्न मिला है।

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लार्ज, मिड और स्मॉल कैप में निवेश करने की सुविधा

इस योजना में बाजार पूंजीकरण यानी लार्ज, मिड और स्मॉल कैप में निवेश करने की सुविधा है। 30 नवंबर 2023 तक लार्ज, मिड और स्मॉल कैप शेयरों में एक्सपोजर क्रमशः 90 प्रतिशत, 5 प्रतिशत और 5 प्रतिशत है। आवंटन इन-हाउस प्राइस टू बुक मॉडल के अनुसार योजना के शुद्ध इक्विटी स्तर पर निर्भर करेगा। स्टॉक चयन के लिए, योजना टॉप-डाउन और बॉटम-अप अप्रोच के मिक्स का उपयोग करती है और अपने निवेश अप्रोच में सेक्टर को ज्यादा महत्व नहीं देता है। यह फंड पावर, टेलीकॉम, ऑटो और ऑयल एंड गैस पर ज्यादा भरोसा नहीं करता है।

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डेट फंड ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया

सेबी के स्कीम वर्गीकरण नियम के अनुसार, फंड का इक्विटी एक्सपोजर 65 प्रतिशत से 80 प्रतिशत के बीच होता है, जबकि डेट एक्सपोजर 20 प्रतिशत से 35 प्रतिशत के बीच बनाए रखा जाता है। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल इक्विटी एंड डेट फंड का एयूएम 26,272 करोड़ रुपए है। अगर फंड की 24 साल की यात्रा पर नजर दौड़ाई जाए तो पता चलेगा कि 3 नवंबर, 1999 एक लाख रुपए का एकमुश्त निवेश 30 नवंबर, 2023 तक कुल निवेश मूल्य का 29.33 लाख रुपए होता है और इसका अर्थ है 15.06 प्रतिशत का सीएजीआर। ‌इसी दौरान निफ्टी 50 टीआरआई ने 13.48 प्रतिशत का सीएजीआर दिया है और उसी निवेश का मूल्य 21.03 लाख रुपए होता। इसका मतलब यह है कि कम इक्विटी एक्सपोजर यानी कम जोखिम के साथ भी यह फंड निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन करने में सक्षम था।

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Anju Interview : इस साल अपने फेसबुक दोस्त से मिलने के लिए राजस्थान से पाकिस्तान गई अंजू पिछले महीने भारत वापस लौट आई। वह अटारी-बाघा सीमा के जरिए भारत में दाखिल हुईं। जब उनसे पूछा गया कि वह भारत वापस क्यूं लौटी हैं, तो उन्होंने बस इतना ही कहा कि मैं खुश हूं और इसके आगे मुझे कुछ नहीं कहना है। राजस्थान के भिवाड़ी की रहने वाली अंजू पहले से ही शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं।

वर्ष 2019 में फेसबुक के जरिए उसकी नसरुल्लाह से मुलाकात हुई थी और कथित तौर पर दोनों के बीच प्यार हो गया जिसके बाद इस साल अपने परिवार वालों को बिना बताए अपने प्रेमी से मिलने के लिए अंजू पाकिस्तान चली गई थी। अंजू के पति अरविंद ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा था कि वह यह कहकर घर से गई थी कि वह जयपुर जा रही है। बाद में मीडिया के जरिए उन्हें पता चला कि वह पाकिस्तान में है। बाद में अंजू ने इस्लाम कबूल कर नसरुल्लाह से शादी करली और अपना नाम बदलकर फातिमा रख लिया।

अब अंजू ने एक इंटरव्यू दिया है। इसमें उन्होंने अरविंद और नसरुल्लाह को लेकर खुलकर बात की। जब उनसे पूछा गया कि वह अरविंद या नसरुल्लाह दोनों में से किसके साथ रहना पसंद करेंगी, इसपर उनका जवाब था कि उनकी पहली प्राथमिकता बच्चे हैं। साथ ही यह भी कहा कि बच्चों के भविष्य के बारे में भी सोचना है, उसके आधार पर ही आगे के बारे में सोचा जाएगा। कौनसा नाम ज्यादा पसंद है-अंजू या फातिमा? इसपर उनका कहना था कि दोनों ही नाम अच्छे हैं, लेकिन मैं अंजू कहलाना पसंद करूंगी। यह इंटरव्यू नवभारत टाइम्स में छपा है।

सीमा हैदर पर भी खुलकर बोली अंजू
वहीं, अपने बच्चों के साथ भारतीय प्रेमी से मिलने आई सीमा हैदर ने भी खूब सुर्खियां बटोरी थी। जब अंजू से पूछा गया कि सीमा ने कहा कि भारत एक बहुत खूबसूरत देश है और यहां के लोग भी बहुत अच्छे हैं तो कोई इस देश को छोड़कर कैसे जा सकता है, तो अंजू का जवाब था कि इसमें कोई शक नहीं है कि भारत दुनिया का सबसे अच्छा देश है, इसलिए मैं वापस आई हूं।

यह मेरा निजी मामला
अंजू से जब नसरुल्लाह से हुए निकाह के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बस इतना ही कहा कि यह मेरा निजी मामला है और इस मामले पर ज्यादा कुछ नहीं बोलना चाहती। बच्चों को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मैं भारत की नागरिक हूं। मैं पाकिस्तान बसने नहीं गई थी। बच्चों से मिलने के लिए वापस आई हूं। पहले भी बच्चों को अपनी मां के पास छोड़कर जाती थी। मैंने कभी यह नहीं कहा कि मैं पाकिस्तान स्थायी रूप से बसने गई हूं।

राजस्थान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा समृद्ध महिलाओं से ही समाज, प्रदेश व देश की खुशहाली संभव है। हमारी सरकार महिला सशक्तिकरण और उनके सर्वांगीण विकास के लिए कृत संकल्पित है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने नारी शक्ति के महत्व को समझते हुए लखपति दीदी योजना की शुरूआत की है। यह बातें राजस्थान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जैसलमेर के शहीद पूनम सिंह स्टेडियम में लखपति दीदी सम्मेलन आयोजन में कहीं। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और राज्यपाल कलराज मिश्र की गरिमामयी उपस्थिति भी थी। सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए इस योजना की शुरूआत की गई है। इस योजना के माध्यम से स्वयं सहायता समूह से जुड़ी देश की 2 करोड़ माताओं-बहिनों को रोजगारोन्मुखी कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इस योजना के अंतर्गत राजस्थान की 11.24 लाख महिलाओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 3 लाख महिलाओं को इस श्रेणी में लाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार स्वयं सहायता समूहों को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। कार्यक्रम में सीएम भजनलाल शर्मा ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को 150 करोड़ रुपए के चेक भी वितरित किए।

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देशभर में 2 करोड़ लखपति दीदी बनाने का पीएम मोदी का संकल्प

सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा पीएम नरेन्द्र मोदी ने देशभर में 2 करोड़ लखपति दीदी बनाने का संकल्प लिया है। इसे साकार करने के लिए 1,000 करोड़ रुपए के निवेश के साथ महिला सशक्तिकरण एसएचजी मिशन शुरू किया जाएगा। इसमें 2 लाख नई महिला सदस्यों को एसएचजी से जोड़ने का लक्ष्य है और उन्हें सरल ऋण सुविधाएं व मार्केट लिंकेज की सुविधा प्रदान करने की कार्ययोजना बनाई जा रही।

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1 लाख रुपए तक का ऋण उपलब्ध कराने का रोडमैप तैयार

सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा एसएचजी में काम करने वाली लगभग 28 लाख महिलाओं को महिला सशक्तिकरण क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से न्यूनतम दर पर 1 लाख रुपए तक का ऋण उपलब्ध कराने के लिए रोडमैप तैयार किया जाएगा।

हर जिले में स्थापित होगा महिला थाना

सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा महिला सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। इसी क्रम में प्रदेश के हर जिले में एक महिला थाना स्थापित होगा। हर पुलिस थाने में महिला डेस्क की स्थापना होगी तथा सभी प्रमुख शहरों में एंटी रोमियो स्क्वॉड का गठन भी होगा।

महिलाओं के माध्यम से देश का विकास

केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा आज हर क्षेत्र में महिलाओं के लिए नवीन द्वार खुल रहे हैं। आज हम महिला सशक्तिकरण के दौर से आगे बढ़कर महिलाओं के माध्यम से देश के विकास के दौर में प्रवेश कर गए हैं।

उपलब्ध होंगे आजीविका के नवीन साधन

केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा महिला सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही लखपति दीदी योजना के माध्यम से आने वाले समय में प्रदेश की महिलाएं सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक दृष्टि से मजबूत होंगी।

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जयपुर। प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म हो गया है। रविवार से तापमान में गिरावट दर्ज होगी। शनिवार को प्रदेश में दो से चार डिग्री तापमान में बढ़ोतरी हुई।
सबसे कम न्यूनतम तापमान एक डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा फतेहपुुर में रात का पारा पांच डिग्री दर्ज किया गया। 14 जगहों पर रात का पारा 10 डिग्री से कम रहा। मौसम विभाग के अनुसार आगामी कुछ दिनों तक तापमान में गिरावट रहेगी। नए साल में एक बार फिर से तेज सर्दी का दौर शुरू हो सकता है।

मौसम केन्द्र जयपुर के अनुसार आगामी एक सप्ताह के दौरान मौसम शुष्क रहेगा। बादल छंटने से न्यूनतम तापमान में अगले दो दिनों के दौरान 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होगी। राज्य के उत्तरी और पूर्वी भागों में अगले 2-3 दिन मध्यम से कहीं-कहीं घना कोहरा भी छाए रहने की संभावना हैं।
न्यूनतम तापमान डिग्री सेल्सियस में
जगह : रात का पारा
माउंट आबू : एक डिग्री
भीलवाड़ा : 9.8
वनस्थली : 9.8
अलवर : 9.1
पिलानी : 8.5
चित्तौडगढ़ : 9.8
डबोक : 8.8
चूरू : 8.4
धौलपुर : 9.5
अंता, बारां : 9
संगरिया : 8
जालोर : 8.2
सिरोही : 8.4
फतेहपुर : 5
करौली : 9.6

भारत में बांग्लादेश से घुसपैठ करने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इनमें से अधिकांश घुसपैठिये राजस्थान में ठिकाना बना रहे हैं। खुफिया एजेन्सियों की रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान में करीब 590 बांग्लादेशी घुसपैठिये हैं। इनमें से जयपुर में 576, अजमेर में 8 और अलवर के डिटेंशन सेंटर में 6 घुसपैठिये रह रहे हैं। बताया जाता है कि बांग्लादेश में बढ़ती आबादी भारत पर भारी पड़ रही है। बड़ी संख्या में बांग्लादेशी अवैध तरीके से सीमा पार कर भारत में आ रहे हैं। इनमें कई आपराधिक पृष्ठभूमि के होते हैं। अवैध तरीके से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों को वापस भेजना सरकार के सामने चुनौती रहेगी।


आज तक नहीं पकड़े गए बांग्लादेशी बदमाश

करीब नौ वर्ष पहले वैशाली नगर में बांग्लादेशी बदमाशों ने एक परिवार को बंधक बनाकर डकैती डाली। बदमाशों ने पीडि़त परिवार के सदस्यों को चाकू से गोदकर लहूलुहान कर दिया और महिला से घिनौनी करतूत की। बांग्लादेश भागते समय डकैतों की लूटे गए मोबाइल से पहचान की गई। हालांकि वारदात को अंजाम देने वाले डकैत आज तक नहीं पकड़े जा सके।

आतंकी संगठनों से जुड़ रहे
भारत में अवैध तरीके से रह रहे बांग्लादेशी आपराधिक वारदात को अंजाम देते रहे हैं। वर्ष 2022 में भोपाल पुलिस ने आतंकी मॉड्यूल का खुलासा किया था, जिसमें 6 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया। ये सभी बांग्लादेश निवासी थे। इसी प्रकार असम में बांग्लादेश निवासी दो आतंकी पकड़े गए, जिनका संबंध अल-कायदा से जुड़ा था।


जोधपुर में सात माह से रह रहा था

जोधपुर में बांग्लादेश निवासी महमूद आलम को 17 दिसंबर को हॉस्पिटल कर्मचारियों की सजगता से पकड़ा गया। महमूद सात माह पहले अवैध तरीके से भारत आया था। उसने किशोर कुमार के नाम से फर्जी आधार कार्ड बनवा लिया था। स्थानीय पुलिस ने पूछताछ के बाद आरोपी को इंटेलिजेंस के सुपुर्द कर दिया।


अलवर में पकड़े गए थे 29 बांग्लादेशी
पिछले वर्ष अलवर में बांग्लादेश के 29 निवासियों को पकड़ा गया था। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। पुलिस पड़ताल में सामने आया कि सबसे पहले एक परिवार यहां आकर रहने लगा था। उसी परिवार ने बांग्लादेश से अन्य लोगों को बुला लिया। इन लोगों का अवैध तरीके से बांग्लादेश आना जाना रहता था। पुलिस कार्रवाई की भनक लगने पर कई बांग्लादेशी भाग गए।


भरतपुर में पकड़े आठ लोग
भरतपुर में पिछले वर्ष बांग्लादेश के आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया। सभी ने फर्जी आधार कार्ड बनवा लिए थे। पुलिस जांच में सामने आया कि सभी आरोपी बिना वीजा के भारत में अवैध तरीके से आकर रहने लगे थे।


बांग्लादेश वापस लेता नहीं
बांग्लादेशियों की पहचान तो कर ली गई है, लेकिन अवैध तरीके से भारत आने वाले लोगों को बांग्लादेश नहीं लेता है। इनको वहां भेजने में समस्या आती है।
- एस. सेंगाथिर, एडीजी इंटेलिजेंस, राजस्थान

वाशिंगटन. अमरीका में खालिस्तानियों की एक ओर शर्मनाक हरकत सामने आई है। कैलिफोर्निया के नेवार्क में खालिस्तानी कट्टरपंथियों ने स्वामीनारायण मंदिर में तोडफ़ोड़ की और दीवारों पर भारत विरोधी नारे लिख दिए। यह मंदिर वाशिंगटन डीसी से 100 किलोमीटर की दूरी पर है। हिंदू अमरीकी फाउंडेशन की ओर से सोशल मीडिया पर साझा तस्वीरों में मंदिरों पर खालिस्तान समर्थक नारे देखे जा सकते हैं। मंदिर के बोर्ड पर भी भारत विरोधी चित्रकारी की गई है। भारत ने इस घटना पर नाराजगी जाहिर की है। सैन फ्रांसिस्को स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने घटना की निंदा करते हुए कहा, इस तरह की घटनाएं भारतीय समुदाय की भावनाओं को आहत करने वाली है। उधर, अमरीका के गृह विभाग ने घटना की निंदा करते हुए जांच का भरोसा दिलाया है। गौरतलब है कि उत्तरी अमरीका और कनाडा में सक्रिय कुछ खालिस्तानी समर्थक संगठन हिंदू मंदिरों में तोडफ़ोड़ की घटनाओं को अंजाम देते रहे हैं। कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में इसी वर्ष अगस्त में स्वामीनारायण मंदिर को निशाना बनाया गया था। मंदिर के गेट पर खालिस्तानी आतंकी हरदीप निज्जर की तस्वीर भी लगाई थी।

ऐसे तत्त्वों को किसी देश में जगह न मिले: जयशंकर
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा, किसी भी देश में कट्टरपंथी, अलगाववादी और ऐसी किसी भी ताकत को बिल्कुल जगह नहीं जानी चाहिए। उन्होंने कहा, अमरीका में हमारे वाणिज्य दूतावास ने सरकार से शिकायत की है, जिसके बाद कैलिफोर्निया पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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वाशिंगटन. चिकित्सा विज्ञान में कई दुर्लभ घटनाएं होती हैं। ऐसी ही मामला अलबामा की 32 वर्षीय केल्सी हैचर का है। केल्सी हैचर ने जुड़वां बेटियों को जन्म दिया है और वह भी अलग-अलग दिन। दरअसल, केल्सी को जन्मजात दो गर्भाशय हैं और वह दोनों से ही गर्भवती हुई। इस मंगलवार को शाम 7.49 बजे पहली बेटी रॉक्सी लैला का जन्म हुआ और अगले दिन यानी बुधवार सुबह 6.9 बजे दूसरी बेटी रेबेका लेकन जन्मी। केल्सी की यह चौथी गर्भावस्था थी। केल्सी ने शुक्रवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर यह जानकारी दी। केल्सी ने बताया कि 17 साल की उम्र में उसे डिडेल्फिक गर्भाशय यानी दो गर्भाशय के बारे में बता चला। केल्सी के अनुसार, दोनों गर्भाशयों में से प्रत्येक में उसकी गर्भधारण की संभावना 50 मिलियन में से 1 थी। दिलचस्प बात यह है कि डॉक्टरों ने अनुमान लगाया था कि क्रिसमस डे ही नियत तारीख होगी, लेकिन क्रिसमस से पहले ही बच्चों का जन्म हुआ। केल्सी ने अपनी प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा, अब हम क्रिसमस की छुट्टियों का आनंद ले सकेंगे। डॉक्टरों के मुताबिक दोनों गर्भाशय में बच्चे की संभावना पांच करोड़ में एक मामले में होती है।

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