>>: Medical and Health Department: जाने क्यों आरजीएचएस में बदली गई व्यवस्था

>>

Patrika - A Hindi news portal brings latest news, headlines in hindi from India, world, business, politics, sports and entertainment!

प्रदेश के नागरिकों, सरकारी कर्मचारियों व मंत्रियों, विधायकों आदि को चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना और राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना (आरजीएचएस) का अलग-अलग संचालन किया जा रहा था। अब एक एजेंसी राजस्थान राज्य हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी (आरएचएसएए) के तहत यह दोनों योजनाएं क्रियान्वित होंगी।
आरजीएचएस योजना के तहत प्रदेश के इससे जुड़े निजी अस्पतालों व दवा विक्रेताओं का भुगतान समय पर नहीं हो रहा था। पाली में ही दुकानदारों व चिकित्सालयों के 15 से 20 करोड़ रुपए बकाया चल रहे है। ऐसे में कई निजी चिकित्सालयों ने आउटडोर तो कइयों ने आउटडोर व इनडोर दोनों सुविधाएं बंद कर दी। इससे खासकर पेंशनर्स को दवा नहीं मिलने से अधिक परेशानी हो रही है। इसके साथ ही चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में भी कई जगह भुगतान सहित अन्य समस्या आ रही थी। इन दोनों योजनाओं के बेहतर संचालन के लिए राजस्थान सरकार वित्त विभाग ने परियोजना निदेशक आरजीएचएस व आरजीएचएस टीम को राजस्थान राज्य हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के अधीन कर दिया है। इसके साथ ही निदेशक राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग को मिली शिक्त्यों का उपयोग भी मुख्य कार्यकारी अधिकारी आरएचएसएए को दे दिया है।

पाली में करीब 70 दुकानें
आरजीएचएस के तहत सहकारी उपभोक्ता भंडार के साथ कई निजी मेडिकल स्टोर पर दवा मिलती है। निजी चिकित्सालयों में भी कैशलेस उपचार मिलता है, लेकिन पिछले कुछ समय से प्रदेश के कई मेडिकल स्टोर व चिकित्सालयों को योजना के तहत उपचार व दवा पर्ची का भुगतान नहीं मिल रहा है। ऐसे में उन्होंने दवा देना व उपचार करना बंद दिया है। पाली जिले में आरजीएचएस के तहत दवा देने वाले करीब 70 मेडिकल स्टोर के अलवा कई चिकित्सालय इस येजना से जुड़े हैं।
इनको मिलती है सुविधा
मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत आम नागरिकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा सरकारी के साथ उन निजी चिकित्सालयों में मिलती है, जो इस योजना से जुड़े हैं। राज्य सरकार के मंत्रियों, विधायकों, पूर्व विधायकों तथा अधिकारियों, कर्मचारियों व पेंशनर्स को आरजीएचएस के तहत कैशलेस सुविधा मिलती है।
एजेंसी बदली है
आरजीएचएस के तहत एजेंसी को बदला गया है। योजना का संचालन तो पहले की ही तरह अभी चलेगा। उसमें किसी तरह का बदला नहीं है।
माधोसिंह ड्रग कंट्रोल अधिकारी, पाली

You received this email because you set up a subscription at Feedrabbit. This email was sent to you at abhijeet990099@gmail.com. Unsubscribe or change your subscription.