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नगर निगम का बजट इस तरह समझें Wednesday 14 February 2024 05:55 AM UTC+00 नगर निगम : हंगामे के बीच पास हुआ 297 करोड़ का बजट, शहर के विकास पर खर्च होंगे 69 करोड़ - इस बार निगम 69.12 करोड़ रुपए जुटाएगा, हैरत की बात ये, निगम के पिछले वर्ष के 76 करोड़ बचे नगर निगम बोर्ड की बैठक हंगामेदार रही। इस दौरान वर्ष 2024-25 का बजट 297.63 करोड़ पास किया गया। ये बजट पिछले वित्तीय वर्ष से 79 करोड़ ज्यादा है। बजट में 177.50 करोड़ रुपए योजनाओं के अनुदान से लेकर वेतन-भत्ते आदि पर खर्च होंगे। जनता के हिस्से में 69 करोड़ आए हैं। इस पर पार्षदों ने सवाल उठा दिए। कहा कि सदन में जो प्रस्ताव पास होते हैं वह कभी लागू नहीं होते। इस तरह गर्माया माहौल...सफाई का छाया मुद्दा दो साल में नहीं हुआ कोई काम...पानी के लिए फिर होगा संग्राम बजट पास करने के लिए जैसे ही मेयर ने बोला तो पार्षदों ने कहा कि जब तक चर्चा पूरी न हो जाए, पास न समझा जाए। इस दौरान कांग्रेसी पार्षद विक्रम यादव ने आरोप लगाए कि मेयर ने दो साल में कोई काम नहीं करवाए। बजट में राशि बढ़ाई गई लेकिन जनता के काम फिर नहीं होंगे। पिछले वर्ष का बजट करीब 76 करोड़ बचा लिया गया और आगामी बजट का 51 करोड़ रुपए क्लोजिंग बैलेंस में डाला गया। वेतन-भत्तों पर खर्च करने वाला बजट है। जनता के लिए कुछ नहीं है। भाजपा पार्षद सतीश यादव ने कहा कि सीवर लाइन का काम शुरू ही नहीं हुआ। रोज गंदगी सड़कों पर बह रही है। बजट तनख्वाह के लिए है। जनता के कार्य के लिए नहीं। कहा कि दो-दो बोरिंग का प्रस्ताव पास हुआ। गर्मी आ रही है। हाहाकार मचेगा लेकिन इस पर काम नहीं करवाया गया। दो बैठकों में ये प्रस्ताव पास हुआ। वार्ड 60 को सीवर लाइन डालने के प्रस्ताव में शामिल न करने पर पार्षद ने नाराजगी जताई।
बोर्ड की बैठक नाम की...पास हो रहे प्रस्तावों पर आज तक नहीं हुआ काम, कहां गई बोरिंग पार्षद अजय पूनिया ने कहा कि दो-दो बोरिंग बनाने का प्रस्ताव पास हुआ था लेकिन इस पर काम नहीं हुआ। नाम की बैठकें हो रही हैं। सदन के पास किए हुए काम नहीं हो रहे हैं। मेयर पर आरोप लगाया कि जब से उन्होंने कुर्सी संभाली है तब से पार्षद सबसे अधिक बेइज्जत हुए हैं। पार्षद संजय ने सीवर लाइन डालने वाली सूची से उनके वार्ड का नाम काटने पर आपत्ति दायर की। पार्षद मुकेश सारवान ने मुद्दा उठाया कि सफाई कर्मियों की नियुक्तियों को रोका गया। कच्ची बस्तियों के पट्टे जारी नहीं किए गए। सफाई कर्मियों की पदोन्नति नहीं हो पाई है। पार्षद देवेंद्र कौर ने कहा कि उन्हें बोलने नहीं दिया गया। इसलिए वह जमीन पर बैठ गईं। उन्हें भी बमुश्किल उठाया गया।
कर राजस्व 2.30 करोड़, राजस्व एवं क्षतिपूर्तियों से 41.98 करोड़, निकाय संपत्ति किराये से 46 लाख, शुल्क एवं उपभोक्ता प्रभार से 6.84 करोड़, भाड़ा प्रभार से 1.12 करोड़, राजस्व अनुदान, अंशदान से 6 करोड़, अर्जित ब्याज से 80 लाख रुपए खजाने में आएंगे। कुल राजस्व 59.51 करोड़ आएगा। इसके अलावा 147 करोड़ रुपए पूंजीगत मद में रखा गया है। ये सरकार आदि जगहों से कई मदों में मिलता है।
सफाई व्यवस्था हुई महंगी...45.84 करोड़ खर्च होंगे शहर के विकास के लिए 297.63 करोड़ का बजट सदन से पास हो गया है। पिछले वर्षों के मुकाबले काफी बजट बढ़ा है। प्रदेश सरकार के नेतृत्व में पूरे शहर का विकास होगा। सड़कों से लेकर रोड लाइटों का काम होगा। सफाई व्यवस्था और सुधरेगी। बोरिंग आदि पर भी हम काम करेंगे। पार्षदों ने जो सुझाव दिए हैं हम उन पर काम करेंगे। |
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