>>: ड्रेस कोड में दिखेंगे स्ट्रीट वेंडर, ठेले पर लगा होगा बार कोड!

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उदयपुर . आपके शहर में सार्वजनिक स्थानों, गली मोहल्लों व चौराहे के आसपास ड्रेस कोड वाले स्ट्रीट वेंडर नजर आएं तो कैसा लगेगा। सभी की ड्रेस का एक ही कलर हो, उस पर नेम व बेच नम्बर लिखी प्लेट लगी हो या फिर ठेले पर बार कोड लगे हो, सभी व्यवस्थित होकर चिह्नित जगह पर खड़े हों। उन्हें वहां सभी तरह की सुविधा मिले। ऐसी व्यवस्था हो तो किसे अच्छा नहीं लगेगा। शहरवासियों के साथ स्ट्रीट वेंडर भी खुश होंगे। रोज-रोज की दुत्कार, डंडाराज से वे भी बचेंगे। बिना लाइसेंसधारी, इधर-उधर खड़े होने वाले भी पकड़ में आएंगें। उन्हें भी व्यवसाय करना होगा तो लाइसेंस लेकर चिह्नित स्थान पर खड़े होंगे।

शहर में कुछ ऐसी व्यवस्था पर जिला प्रशासन मंथन कर रहा है। पहले चरण में स्ट्रीट वेंडर की संख्या के आधार पर अलग-अलग जगह चयनित की जा रही है। उन स्थानों पर शौचालय व पानी की व्यवस्था पर फोकस किया जा रहा है। सुविधा के आधार पर हर प्वाइंट पर स्ट्रीट वेंडर को व्यवस्थित किया जाएगा।

वेडिंग जोन बनाने में आ रही दिक्कत, कइयों के पास लाइसेंस नहीं

- नगर निगम स्ट्रीट वेंडर को एक जगह बिठाने के बजाए उन पर बेदखली का डंडा चला रहा है। कानून में स्पष्ट है कि पहले स्ट्रीट वेंडर के लिए वेंडर जोन घोषित कर उन्हें वहां शिफ्ट करे, लेकिन अब तक एक भी वेंडिंग जॉन नहीं बनाया गया।

  • शहर में टाउन वेंडिंग कमेटी बनी हुई है, उस पर अभी तक एक राय नहीं हो पाई।
  • निगम ने जितने स्ट्रीट वेंडर को चिह्नित किया, उनसेे कई ज्यादा वेंडर है।
  • जनसंख्या के अनुपात में ढाई प्रतिशत को लाइसेेंस देना है। उदयपुर की 5 लाख की जनसंख्या के हिसाब से साढ़े 12 हजार स्ट्रीट वेंडर होने चाहिए, लेकिन लाइसेंस आधे के पास भी नहीं है।
  • स्मार्ट सिटी के बजट का पांच प्रतिशत स्ट्रीट वेंडर के विकास व रोजगार पर खर्च करना है, लेकिन ढेला भी खर्च नहीं हुआ।

30 जगह वेंडिंग जोन चिह्नित

निगम ने अभी टाउन वेंडिंग कमेटी के साथ मिलकर शहर में अलग-अलग जगह पर 30 वेंडिंग जोन घोषित किए। इन्हें अनुमोदन के लिए स्वायत्त शासन विभाग निदेशालय जयपुर भिजवाया जा रहा है। अनुमोदन होने के बाद स्ट्रीट वेंडर अपनी तयशुदा जगह पर व्यापार कर पाएंगेें।

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