>>: शहर में फरलो पर रहे सफाई कार्मिक

>>

Patrika - A Hindi news portal brings latest news, headlines in hindi from India, world, business, politics, sports and entertainment!

#Sanitation workers नगर परिषद प्रशासन ने शहर में लगे तीन सौ अस्थायी सफाई कार्मिकों की छुटटी कर दी। इसका असर यह रहा कि वार्डो में स्थायी सफाई कार्मिक भी फरलो पर रहे। हालांकि सफाई मजदूर यूनियन ने अस्थायी सफाई कर्मियों की हड़ताल का अल्टीमेटम चौबीस घंटे पहले दिया तो नगर परिषद प्रशासन ने रोजाना धरना प्रदर्शन से तंग आकर अस्थायी कर्मियों की सेवाएं समाप्त करने का निर्णय कर लिया। गुरुवार को आयुक्त यशपाल आहुजा के पास वार्डो से सफाई कार्मिक नहीं आने की शिकायतों के संबंध में घंटिया बजी तो वे अल सबेरे ही वार्डो में हाजिरी जांच करने के लिए खुद फील्ड में आ गए। अधिकांश वार्डो में पचास फीसदी स्थायी कार्मिक गैर हाजिर रहे।
आयुक्त यशपाल आहुजा बोले कि स्थायी सफाई कार्मिकों को वेतन दिया जा चुका हैं लेकिन अस्थायी कार्मिकों को भुगतान सीधे ठेकेदार को करना हैं, इस ठेके से वेतन मांगने की बजाय सीधे नगर परिषद परिसर में आकर बार बार धरना प्रदर्शन से जानबूझकर दबाव की राजनीति की जा रही हैं। यह अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस संबंध में उन्होंने साफ साफ आदेश जारी कर दिए हैँ कि अस्थायी तीन सौ कार्मिकों को अब नहीं लगाया जाएगा। इनकी सेवाएं समाप्त की जा रही हैं। वहीं ठेकेदार ने शहरहित में कचरा संग्रहित कार्य में सहयोग करने का आश्वासन भी दिया हैं।
नगर परिषद प्रशासन का कहना है कि शहर में सात सौ स्थायी सफाई कार्मिक हैं। इसके अलावा ट्रेक्टर ट्रॉलियों के चालक व हेल्पर भी हैं। लेकिन तीन सौ अस्थायी कार्मिकों को लगाकर नगर परिषद को हर महीने चालीस लाख रुपए का बजट वहन करना पड़ रहा हैँ। आयुक्त ने साफ बोला कि हमारे स्थायी सफाई कार्मिक सैनिक हैँ, इनके बलबूते से शहर की सफाई का कार्य करवाया जाएगा। वेतन भी नियमित दिया जा रहा हैं। नगर परिषद के पास खजाना इतना अधिक नहीं है कि ठेकेदार के तीन सौ अस्थायी कार्मिक रख सके।

You received this email because you set up a subscription at Feedrabbit. This email was sent to you at abhijeet990099@gmail.com. Unsubscribe or change your subscription.