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फरवरी महीने में कौन सी तारीख है खास? क्या रहेगा विशेष, पढ़ें पूरी खबर Thursday 01 February 2024 06:01 AM UTC+00 आज से फरवरी का महीना शुरू हो गया है। फरवरी की शुरुआत रवियोग से होगी। इसके बाद षटतिला एकादशी व्रत, प्रदोष व्रत, देवपितृकार्य, मौनी अमावस्या, गुप्त नवरात्र, बसंत पंचमी, देवनारायण एवं विश्वकर्मा जयंती सहित वैवाहिक एवं शुभ कार्यों की धूम रहेगी। कई महापुरुषों की जयंती और अनेक व्रत एवं त्योहार इस माह रहेंगे। |
अवैध खनन से कई पहाड़ हो गए खोखले...नाम की कार्रवाई Thursday 01 February 2024 06:15 AM UTC+00 प्रदेश में अवैध खनन पर चल रहा हथोड़ा...यहां बस थोड़ा-थोड़ा सीएम भजनलाल शर्मा के निर्देश पर पूरे प्रदेश में अवैध खनन पर हथोड़ा चल रहा है। बड़ी कार्रवाइयां हो रही हैं लेकिन यहां केवल नाम का ही अभियान चल रहा है। 15 दिन में 5 विभागों ने मिलकर करीब 3 करोड़ की पेनॉल्टी लगाई हैं और 15 लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई हैं। खनन माफियाओं से मिलीभगत का खेल जयपुर के अफसरों को समझ में आया तो उन्होंने एक ही घंटे में एक ही जगह छापा मारा और 8.87 करोड़ की पेनॉल्टी लगाकर चली गई। इससे साफ हो गया कि यहां बड़े पैमाने पर अवैध खनन हो रहा है। हैरत तो ये है कि जिला प्रशासन इसकी मॉनिटरिंग कर रहा है लेकिन जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। इस तरह आई जयपुर से टीम, सोता रह गया खान विभाग प्रदेश में यहां हुई बड़ी कार्रवाई - उदयपुर में एक ही दिन में टीम ने करीब 50 हजार मीटि्रक टन अवैध खनन पकड़ लिया। फैल्सफार के 29 वाहन जब्त किए। - जयपुर में 17-18 जनवरी को 210 लोगों पर एफआईआर कराई गई। 90 लोग गिरफ्तार किए गए। करोड़ों की पेनॉल्टी लगाई। जिले में यहां अवैध खनन की मंडियां
अवैध खनन पर कार्रवाई को लेकर संबंधित विभागों से कहा गया है। काफी कार्रवाई हुई हैं। इस कार्य की समीक्षा की जा रही है। आगे और बड़ी कार्रवाई होंगी। |
विद्या संबल के माध्यम से लगे प्रोफेसर हो जाएंगे बेरोजगार, केवल इतने शेष Thursday 01 February 2024 07:16 AM UTC+00 अलवर। स्कूली शिक्षा के साथ-साथ अब उच्च शिक्षा का ढांचा भी बिगड़ता जा रहा है। कॉलेजों में विद्यार्थियों को पढ़ाने वाले स्थाई प्रोफेसरों की कमी चल रही है। प्रदेश में पिछली कांग्रेस सरकार की ओर से नए कॉलेजों को खोला गया है। अब इन कॉलेजों का आलम इस प्रकार से है कि दो-तीन प्रोफेसरों के भरोसे ही कॉलेज को संभाला जा रहा है। कॉलेजों में स्थाई स्टॉफ नहीं होने के कारण विद्या संबल के माध्यम से प्रोफेसरों की नियुक्ति आयुक्तालय ने की। अब इन प्रोफेसरों के ऊपर रोजगार का संकट मंडरा रहा है। क्योंकि महज 27 दिनों के बाद विद्या संबल के माध्यम से नियुक्त किए गए प्रोफेसरों का समय पूरा हो जाएगा। उसके बाद बेरोजगार हो जाएंगे। पहले से नियुक्त प्रोफेसरों को लेकर कोई नोटिफिकेशन नहीं आयुक्तालय ने अब तक विद्या संबल के माध्यम से पढ़ाने वाले प्रोफेसरों की नियुक्ति के आदेश जारी नहीं किए हैं और न ही अब तक कोई नोटिफिकेशन जारी किया है। प्रदेश में विद्या संबल के माध्यम से लगे प्रोफेसरों की संख्या एक हजार है। हालांकि, वहीं, विद्या संबल योजना के माध्यम से प्रोफेसरों की भर्ती जारी है। इसको पूरा होने में लगभग दो साल का समय लगेगा। ये भर्ती एक हजार 900 पदों पर चल रही है। यह भी पढ़ें : राजस्थान में पेट्रोल-डीजल के सस्ते होने को लेकर आई बड़ी खबर, पूरी होगी PM Modi की एक और गारंटी! ये है स्थिति: प्रदेश की 190 कॉलेजों में विद्या संबल के माध्यम से लगे प्रोफेसरों के द्वारा विद्यार्थियों को पढाया जा रहा है। इनकी संख्या एक हजार है। अब इनका कार्यकाल पूरा होने वाला है। आयुक्तालय की ओर से विद्या संबल के माध्यम नोडल कॉलेज और राजस्थान कॉलेज एजुकेशन सोसायटी के माध्यम से कॉलेजों में नियुक्ति की गई। वहीं, सरकारी कॉलेजों में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। क्योंकि विद्या संबल के माध्यम से लगे प्रोफेसरों को हटा दिया जाएगा। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित होगी। राजर्षि भर्तृहरि मत्स्य विश्वविद्यालय में भी विद्यार्थियों को पढ़ाने वाले प्रोफेसरों की कमी चल रही है। सत्र प्रभावित होने की संभावना प्रदेश में इस सत्र से पूरे प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत सेमेस्टर पद्धति को लागू किया गया। ऐसी स्थिति में प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाओं के बाद फिर से दूसरे सेमेस्टर की पढ़ाई शुरू हो जाएगी। ये आदेश जयपुर विश्वविद्यालयों की ओर से जारी किए गए हैं। वहीं, अगर विद्या संबल के माध्यम से लगे प्रोफेसरों को हटा दिया गया तो आगे आने वाला सत्र प्रभावित होगा। |
जन्म के बाद नवजात की मौत, मां ने चिकित्सा स्टाफ पर इंजेक्शन ना देने के लगाए आरोप Thursday 01 February 2024 09:24 AM UTC+00 अलवर। उस मां की क्या मनोस्थिति होगी जिसने अस्पताल में दूसरी बार अपने बच्चे को जन्म के बाद उसे खो दिया। मामला राजकीय महिला अस्पताल अलवर का है। नवजात के परिजन ने चिकित्सक सहित स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पीड़ित काला कुआं निवासी प्रेम प्रकाश भाटिया ने बताया कि उसकी पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां चिकित्सकों ने दबाव डालकर उससे ऑपरेशन के लिए लिखवाया। जबकि उसकी पत्नी को प्रसव पीड़ा हो रही थी और ऑपरेशन की जरुरत नहीं थी। इसके बाद 29 जनवरी को सुबह 8 बजे ऑपरेशन से उसकी पत्नी ने बेटी को जन्म दिया। इसके बाद से उसकी बच्ची लगातार रो रही थी और मां का दूध भी नहीं पी रही थी। इसके साथ ही उसकी पत्नी को भी दर्द हो रहा था, लेकिन चिकित्सक से बार-बार गुहार लगाने के बाद भी वह देखने के लिए नहीं आया। इसके बाद मंगलवार रात करीब 2 बजे नवजात बालिका की मौत हो गई। नर्सिंग स्टाफ ने कहा, इंजेक्शन खत्म हो गया पीड़ित का आरोप है कि उसकी बच्ची के जन्म के बाद हाथ व पैर पर टीके लगाए गए थे। इसके अगले दिन जब वह बच्ची को गोद में लेकर इंजेक्शन लगवाने गया नर्सिंग स्टाफ ने बच्ची के पैर में तो इंजेक्शन लगा दिया, लेकिन हाथ में लगने वाले इंजेक्शन के खत्म होने की जानकारी दी। नर्सिंग स्टाफ ने कहा कि अस्पताल में इंजेक्शन खत्म हो गए हैं, बच्ची ठीक है, अगले दिन इंजेक्शन लगवा लेना। इस संबंध में पीड़ित की ओर से कोतवाली थाने में डॉ. टेकचंद सहित अन्य नर्सिंग स्टाफ के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है। 2012 में बेटे की भी हो चुकी मौत पीड़ित ने बताया कि इससे पहले साल 2012 में उसके ऑपरेशन से बेटा हुआ था। उसका वजन भी साढ़े 3 किलो था। तब भी उसने इसी चिकित्सक को दिखाया था, लेकिन उस दौरान भी चिकित्सक की लापरवाही से 3 दिन बाद उसकी मौत हो गई थी। यह भी पढ़ें : गोदभराई से लौट रही युवती की सडक़ हादसे में मौत, खुशियां मातम में बदलीं |
मशरूम की खेती ने किसान को बनाया करोड़पति, आप भी ऐसे कर सकते है शुरुआत Thursday 01 February 2024 09:40 AM UTC+00 Mushroom Farming : अवधेश सिंह/मालाखेड़ा (अलवर)। जिले के बिजवाड़ नरूका गांव में हजारीलाल सैनी बटन मशरूम की खेती कर अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं। इनसे खेती करने की जानकारी हासिल करने के लिए दूर-दूर से किसान आते हैं। यहां तक कि शहर के लोग भी अपने खाली पड़े प्लॉट पर इस प्रकार की व्यवस्था कर मशरूम की खेती करने का मानस बनाने लगे हैं। सैनी ने कभी किराए का मकान लेकर खेती शुरू की थी, जहां आज वह खुद करोड़ों रुपए के मकान का मालिक बन गया है। कड़ी मेहनत से दिन-रात इसी खेती में लगने से यह मुकाम हासिल किया है। प्रति रेक 25000 रुपए बचत नए भूसे से बनाएं कम्पोस्ट ऐसे करें शुरुआत |
राजस्थान : एक्शन में दिखे वन मंत्री, अपने ही विभाग में अवैध खनन को किया बेनकाब, 2 लोगों पर दर्ज करवाई एफआईआर Thursday 01 February 2024 04:05 PM UTC+00 Rajasthan Minister Action Against Illegal Mining : अलवर। बिल्ली को दूध की रखवाली। ये कहावत आज वन विभाग पर फिट बैठी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अवैध खनन पर एक्शन करने वाली टीम में वन विभाग को भी शामिल कि या है, लेकिन गुरुवार को वन विभाग में अवैध खनन के पत्थर जाते पकड़े गए। यह कार्रवाई खुद विभाग के ही मंत्री संजय शर्मा ने की। उन्होंने दो लोगों पर एफआईआर दर्ज कराई है। मंत्री की इस कार्रवाई से साफ हो गया है कि पूरे जिले में अवैध खनन का खेल बदस्तूर है, लेकिन कार्रवाई करने वाली टीमों के लोग खुद ही इसमें मिले हुए हैं। जिला प्रशासन इस कार्य की मॉनिटरिंग कर रहा है लेकिन उस पर सवाल खड़े हो रहे हैं। दौड़ते ट्रैक्टर को इस तरह पकड़े इस पर मंत्री ने चालक से पूछा कि इस सामग्री का कोई रवन्ना है या नहीं, इस पर ट्रैक्टर चालक कुछ नहीं बोल पाए। मंत्री ने अंदाजा लगा लिया कि सब ऐसे ही चल रहा है। उन्होंने अरावली विहार थाना प्रभारी को बुलाया और ट्रैक्टर जब्त करवाए। संबंधित चालक व वन विभाग के संबंधित कार्मिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए। डीएफओ से कहा कि इस मामले में लिप्त अफसरों व कार्मिकों पर कार्रवाई करें। इससे वन विभाग के अफसरों में हड़कंप मच गया। क्यों नहीं कर रही टीम कार्रवाई...तमाम सवाल खड़े हुए |
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