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Conversion In Bharatpur : भरतपुर के एक होटल में धर्मांतरण के केस में अब पुलिस की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। धर्मांतरण के मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों को पुलिस ने न्यायालय में पेश किया गया है। जहां से उन्हें चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया।

 

 

जांच के लिए पुलिस हो सकती है पंजाब रवाना

 

 

अब पुलिस आरोपियों के अन्य बैंक खातों को भी खंगालने में जुटी है। साथ ही पंजाब के जिस संस्था के माध्यम से आरोपियों के खातों में हर सप्ताह रकम आती थी, उनकी जांच भी शुरू की गई है। आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस अब पंजाब भी जांच के लिए जाएगी। ताकि अन्य तथ्यों का भी खुलासा हो सके।

 

हर सप्ताह आते थे 25 हजार रुपए

 

 

जानकारी के अनुसार 11 फरवरी को राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित एक होटल में बड़ी संख्या में लोगों का सामूहिक रूप से धर्म परिवर्तन कराने के प्रयास करने के मामले में पुलिस ने दो धर्म प्रचारकों कुंवर सिंह पुत्र बदन सिंह निवासी तुहिया हाल निवासी रसाला मोहल्ला तथा शैलेन्द्र सिंह पुत्र जोगेन्द्र सिंह निवासी टीकरी थाना नगला सिंघी जिला फिरोजाबाद को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। मंगलवार को पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। इस संबंध में संदीप गुप्ता पुत्र सुभाषचंद निवासी मथुरा गेट ने मामला दर्ज कराया था। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि दोनों आरोपी पिछले करीब साढ़े तीन-चार वर्ष से प्रोफेट बिजेन्द्र सिंह चंड़ीगढ़ से जुड़े हुए थे। वहां से ही उन्हें हर सप्ताह 25-25 हजार रुपए बैंक खाते में मिलते थे। साथ ही साहित्य व अन्य सामान पंजाब से ही भेजा जाता था। उनका काम सिर्फ लोगों को धर्म सभा व बैठकों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को ईसाई धर्म से जोडऩा होता था। हर माह जोड़े गए सदस्यों की सूची व पूरी विस्तृत रिपोर्ट भी मेल के माध्यम से भेजी जाती थी। उसका सत्यापन होने के बाद भी उन्हें अगले सप्ताह रकम मिलती थी। हालांकि अभी पुलिस ने दोनों आरोपियों को अन्य बैंक खातों की भी जानकारी जुटा रही है। इनके अन्य साथियों के बारे में भी रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। ताकि असल मुख्य आरोपी तक पहुंचा जा सके।

 

 

खुद नहीं बदला धर्म, कमाई पर ध्यान

 


पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपी ईसाई मिशनरी से जुड़े हुए जरूर है, लेकिन इनका व इनके परिवार का धर्म परिवर्तन नहीं हुआ है। वह सिर्फ धन कमाने के लालच में प्रोफेट बिजेंद्र सिंह चंडीगढ़ से जुड़े हुए हैं। जहां से उन्हें हर सप्ताह धन प्राप्त होता है। साथ ही धर्मांतरण करने वाले लोगों के केस बनाकर भेजने के बाद उनको दी गई राशि का बिल भी ऑनलाइन पास होता है।

 

राजस्थान में हजारों धर्मांतरण का दावा

 

 

धर्मांतरण प्रकरण में रिपोर्ट दर्ज कराने वाले परिवादी के अधिवक्ता उत्तम शर्मा ने बताया कि आरोपियों की ओर से अभी तक की रिपोर्ट के आधार पर राजस्थान में हजारों के लोगों के धर्मांतरण की बात कही जा रही है। अगर इस प्रकरण की सही तरह से जांच कराई जाए तो बड़ा खुलासा हो सकता है।

 

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भरतपुर। वृक्ष कबहूं न फल भखै, नदी न संचय नीर। परमार्थ के कारने साधुन धरा शरीर।। इस दोहे को शहर में चरितार्थ कर रहे हैं सुभाष नगर निवासी जय प्रकाश दास। जय प्रकाश दास समाज सेवा के क्षेत्र में पिछले 14 साल से अपने तन, मन, धन, वचन और कर्म से लगे हुए हैं। श्री बांके बिहारी सेवा समिति के बैनर तले जरुरतमंद बेटियों के सर्वजातीय सामूहिक विवाह सम्मेलन कर रहे हैं। वे अब तक 200 बेटियों का विवाह करा चुके हैं। जिन कन्याओं के माता-पिता नहीं होते हैं, उनका कन्यादान वे स्वयं सपत्नीक करते हैं। इसके अलावा वे बीते करीब 6 साल से श्रीजी रोटी बैंक का संचालन कर रहे हैं, जिसके माध्यम से रोजाना करीब 125-150 जरुरतमंद लोगों को भोजन करा रहे हैं। इतना ही नहीं वे बीते करीब 4 साल से सुंदरकांड, रामायण और भागवत सप्ताह का निशुल्क संगीतमय कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं। इन धार्मिक आयोजनों में जो चढ़ावा मिलता है, उस धन का सदुपयोग वे जरुरतमंदों के भोजन एवं बेटियों के विवाह समारोह में जरुरतों की पूर्ति के लिए करते हैं।

 

जय प्रकाश दास बताते हैं कि वर्ष 2010 में जब वे अपने काम से अनाह गेट बजरिया में एक दुकान पर बैठे थे तो एक महिला वहां आई, जिसने अपने आपको विधवा, बेहद गरीब एवं लाचार बताते हुए अपनी बेटी के विवाह के लिए कुछ सहयोग मांगा। उसके हालातों देखकर उनका मन द्रवित हुआ और उससे बातचीत की। महिला के घर जाकर देखा तो सारी बातें सच निकलीं। घर पहुंचकर अपनी पत्नी श्यामा गोयंका को उस बेवा महिला के परिवार के हालात और बेटी के विवाह के संबंध में बताया। इस पर पत्नी ने उस बेवा की बेटी का विवाह करने के लिए तन, मन, धन से सहयोग करने के लिए प्रेरित किया। इतना ही नहीं पत्नी ने स्वयं साथ होकर उस कन्या के विवाह में यथा संभव मदद की। उसी दिन से वे परमार्थ के मार्ग पर ऐसे चल पड़े कि फिर कभी पीछे मुडकर नहीं देखा। वर्तमान में उनके कारवां में करीब 100 से अधिक ऐसे सक्रिय सदस्य हैं, जो परमार्थ के कार्य के लिए उनके साथ तत्पर रहते हैं।

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धार्मिक कार्यक्रम में नहीं की जाती यजमान से कोई डिमांड

जय प्रकाश दास बताते हैं बीते चार साल में वे 100 से अधिक सुंदरकांड पाठ, 40 से अधिक रामायण पाठ एवं 7 भागवत सप्ताह करा चुके हैं। खास बात यह है कि वे इन धार्मिक आयोजनों को आम लोगों की डिमांड पर पूरी तरह निशुल्क कराते हैं। उनकी जिजमानों से कोई पैसे की कोई डिमांड नहीं होती है। आयोजन में जिजमान अपनी स्वेच्छा से जो भेंट दक्षिणा दे देते हैं या जो श्रद्धालु भक्त जनों से चढ़ावा आता है, वे उसी से संतुष्ट रहते हैं। धार्मिक आयोजनों से जो पैसा या सामग्री उनको भगवत कृपा से प्राप्त होती है, उस धन का उपयोग वे श्री जी रोटी बैंक के संचालन एवं सर्वजातीय सामूहिक विवाह सम्मेलन के आयोजन में खर्च कर देते हैं। इसके अलावा वे अन्य दानदाताओं और भामाशाहों के सहयोग से अपने समाज सेवा के कार्यों को मूर्त रूप प्रदान करते हैं।

डीग. प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं की तैयारी शुरू हो गई है। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर की ओर से जिला शिक्षा अधिकारियों की बैठक लेकर उन्हें विशेष दिशा-निर्देश दिए हैं। बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने के अलावा पूर्व में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई पेपर लीक की घटनाएं फिर नहीं हों, इस पर विशेष फोकस रहेगा। इसके तहत फ्लाइंग के साथ फोटो वीडियोग्राफी कराई जाएगी।

संवेदनशील परीक्षा केन्द्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी भी रखी जाएगी। परीक्षा की तैयारी व विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर सभी निर्णय जिला कलक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय परीक्षा संचालन समिति करेगी। 12वीं की परीक्षा 29 फरवरी से चार अप्रेल तक होगी। दसवीं की परीक्षा सात मार्च से तीस मार्च तक होगी। बोर्ड परीक्षा को लेकर विद्यार्थी भी तैयारी में जुटे हुए हैं।

मिला प्रशिक्षण, अब बनाएंगे नियंत्रण कक्ष -

परीक्षा समय सारिणी घोषित होने और जिला स्तरीय अधिकारियों को बैठक लेकर दिशा-निर्देश देने के अलावा जिले के प्रधानाचार्यों को दक्ष प्रशिक्षक का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। अब दोनों दक्ष प्रशिक्षक जिले में केन्द्राधीक्षकों को प्रशिक्षण देंगे। परीक्षा में निगरानी के लिए बोर्ड स्तर से उडऩ दस्ते, पर्यवेक्षक एवं माइक्रो ऑब्जर्वर्स की टीम के अलावा जिला स्तरीय टीमें भी निरीक्षण करती रहेगी। इसी तरह जिला स्तर पर भी अलग से नियंत्रण कक्ष किया जाएगा। नियंत्रण कक्ष परीक्षा तिथि से चार दिन पहले शुरू कर दिया जाएगा।

थानों में लॉक और सील्ड रहेंगे पेपर -

परीक्षा के दौरान प्रश्न पत्रों की सुरक्षा, गोपनीयता एवं पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रश्न-पत्र पुलिस थानों में डबल लॉक में रखे जाएंगे। प्रश्न-पत्र आलमारियों को सील्ड रखा जाएगा। इसके लिए पुलिस की ओर से अलग से पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी।

डीग!!...फैक्ट फाइल....................

-कक्षा - 10

-परीक्षा केंद्र - 90

-निजी परीक्षा केंद्र - 11

-पंजीकृत - 15416

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-कक्षा - 12

-परीक्षा केंद्र - 90

-निजी परीक्षा केंद्र - 11

-पंजीकृत - 10920

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दो संवेदनशील परीक्षा केंद्र

-राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कौंरेर

-राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गोपालगढ

गोपनीयता और पारदर्शिता जरूरी................

बोर्ड परीक्षाओं में गड़बड़ी नहीं हो, इसके निर्देश दिए हैं। जिले में दूर-दराज क्षेत्र के परीक्षा केन्द्रों पर विशेष फोकस रहेगा। प्रश्न पत्रों की सुरक्षा, गोपनीयता एवं पारदर्शिता के साथ परीक्षा के समय चाक-चौबंद व्यवस्था प्राथमिकता रहेगी।

-नीलकमल गुर्जर, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक मुख्यालय डीग

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