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प्रमोद स्वामी
Khatu Shyam: वसंत पंचमी का दिन श्याम नगरी ही नहीं अपितु संपूर्ण श्याम जगत के लिए खास है। आज लखदातारी श्याम का पीले रंग का अंगवस्त्र उतारकर नया वस्त्र धारण करवाने के बाद पीले फूलों से सजाया जाएगा। इस विशेष दिन के लिए देशभर से भारी संख्या में भक्त खाटूधाम में उमड़ेंगे। बाबा के उतारे गए वस्त्र को पाने के लिए भक्तों में होड़ मचेगी। इससे पहले दूरदराज बैठे श्रद्धालु खाटू में रहने वाले अपने परिचितों आदि से इस वस्त्र रूपी प्रसाद के लिए फोन पर संपर्क कर अनुनय विनय कर रहे है।

भक्तों को रहता है इस दिन का इंतजार
वसंत पंचमी के दिन बाबा श्याम के शीश का पंचामृत से स्नान करवाकर फिर से पीले रंग का अंगवस्त्र पहनाकर उस पर पोशाक और पीले फूलों का श्रृंगार किया जाता है। भक्त लखदातार के इस मनोहारी रूप का दर्शन करने के लिए विशेषकर खाटूधाम आते हैं। इससे पहले उनके अंगवस्त्र उतारे जाते हैं। यह
एक केसरिया रंग का वस्त्र होता है, जो बाबा सालभर पहने रहते हैं। साल में सिर्फ एक बार वसंत पंचमी के दिन इसे बदला जाता है। हर साल वसंत पंचमी के दिन जब बाबा को नया वस्त्र पहनाया जाता है, तब उतारा हुआ पुराना वस्त्र श्याम प्रेमियों को प्रसाद रूप में बांट दिया जाता है।

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वस्त्र से जुड़ी है भक्तों की अनूठी आस्था
बाबा को पहनाया जाने वाला अंगवस्त्र सामान्य सा होता है। यह करीब डेढ़ से दो मीटर लंबा होता है। इसमें कोई सिलाई या सजावट नहीं होती है। फिर भी इससे भक्तों की अनूठी आस्था जुड़ी है। यह वस्त्र नहीं अपितु वरदान है जिसके मिलने से हर घर में वसंत सा माहौल हो जाता है। इससे संतान प्राप्ति, शादी, व्यापार, नौकरी, सुख शांति सहित जीवन के सभी दुख दूर होकर जीवन में खुशहाली आती है।

प्रशासन की बैठक, पुलिसकर्मी तैनात
बसंत पंचमी के अवसर पर बाबा श्याम के यहां श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंगलवार को उपखंड प्रशासन ने विभागीय अधिकारियों की बैठक ली। दांतारामगढ़ उपखंड अधिकारी गोविंद भींचर ने सभी विभागों को बैठक में व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। बैठक में एसडीएम ने पालिका व पुलिस को रोज अस्थाई अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। वंसत पंचमी के अवसर पर 57 पुलिसकर्मी तैनात होंगे।

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सीकर जिले का राजशाही इतिहास रियासती मुकाबलों के साथ मोहब्बत की मिठास से भी जुड़ा है। जिसमें प्रेम की निशानी के रूप में दर्ज एक स्तंभ 80 साल से उसके पन्नों को प्रकाशित कर रहा है। ये स्तंभ सीकर के अंतिम शासक राव राजा कल्याण सिंह के बेटे युवराज हरदयाल सिंह व उनकी पत्नी आद्या देवी के प्रेम का गवाह है। जिसे वेलेंटाइन डे के दिन 14 फरवरी को ही लगाया गया था।

घूमने के दौरान हुई मुलाकात
1921 में जन्में हरदयाल सिंह अजमेर की मेयो कॉलेज में पढ़े थे। युवराज घोषित होने के बाद वह नीलगिरी, मसूरी व देहरादून घूमने गए थे। जहां उनकी मुलाकात नेपाल के मंत्री राणा जंग बहादुर की बेटी आद्या कुमारी से हुई। दोनों के बीच प्रेम प्रसंग शुरू होने के बाद 8 फरवरी 1942 में लखनउ के चंद्र भवन में दोनों की शादी हुई। लेकिन, आद्या कुमारी से युवराज का साथ दो साल ही रहा। बेहद धार्मिक आद्याकुमारी का 1944 में देहांत हो गया। जिनका मौजूदा दीवान मार्केट स्थित राजघराने के शमशान में अंतिम संस्कार हुआ। इतिहासकार महावीर पुरोहित बताते हैं कि युवरानी की मौत पर युवराज हरदयाल काफी टूट गए और वह उनकी समाधि पर ही लंबा समय बिताने लगे। शाम को अंधेरा होने पर वह उन्हें खटकने लगता तो उन्होंने वहां प्रकाश स्तंभ लगवा दिया। बकौल पुरोहित यूरोपियन कल्चर में पढ़े- बढ़े युवराज ने यह पीलर वेलेंटाइन डे के दिन ही लगाया था। जो आज भी उनके प्रेम का प्रतीक बना हुआ है। उन्ही आद्याकुमारी के नाम पर राव राजा कल्याण सिंह ने स्टेशन रोड पर गुलाबचंद सागरमल सोमाणी के सौजन्य से जनाना अस्पताल का निर्माण कराया था।

माता- पिता के पैर छूना सिखाया
इतिहासकारों के मुताबिक आद्याकुमारी आध्यात्मिक महिला थी। उन्हें सीकर की मीरा बाई कहा जाने लगा था। उन्होंने युवराज की शराब पीने की आदत छुड़वा कर डेली सुबह माता पिता के पैर छूने की आदत डलवाई थी। उनकी मौत के बाद युवराज की दूसरी शादी नेपाल सम्राट त्रिभुवन की बेटी त्रैलोक्य राजलक्ष्मी से 25 फरवरी 1948 में काठमांडु में हुई थी।

नीमकाथाना. इलाके के भराला मोड़ पर मंगलवार रात को ट्रोला व गाड़ी की भिड़ंत हो गई। हादसे में बोलेरो में सवार तीन लोगों की मौत हो गई। टक्कर इतनी जबर्दस्त थी कि गाड़ी ट्रोला के नीचे घुस गई। सदर थाना पुलिस ने बड़ी मशक्कत के बाद क्रेन की सहायता से घायलों को गाड़ी से बाहर निकाला। तथा 108 एंबुलेंस की सहायता से राजकीय कपिल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां तीनों को मृत घोषित कर दिया गया। सदर थानाधिकारी भवंरलाल कुमावत ने बताया कि बोलरो पाटन की तरफ जा रही थी व ट्रोला नीमकाथाना की तरफ आ रहा था। भराला मोड़ के पास दोनों वाहनों की आमने सामने की टक्कर हो गई। हादसे के बाद सड़क पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस ने दोनों वाहनों को साइड में हटाकर जाम खुलवाया। वहीं घटना के बाद चालक ट्रोले को मौके पर ही छोड़कर भाग गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि गाड़ी ट्रोले के नीचे जा घुस, जिससे तीनों गाड़ी में फंस गए। हादसे को देख मौके जमा भीड़ ने मृतकों को बाहर निकालने की कोशिश की, मगर वह निकाल नहीं पाए। सूचना से मौके पर पहुंची पुलिस ने क्रेन बुलाकर मृतकों को बाहर निकाला। पुलिस की सूचना पर मृतकों के परिजन देर रात जिला अस्पताल पहुंचे। मृतकों की शिनाख्त खेतड़ी के बड़ाउ रसूलपुर निवासी संजीव पुत्र रामावतार, ढाणी खरबासो वाली गुढ़ा निवासी संदेश पुत्र रणवीर व नवलगढ़ कोलसिया निवासी मोहित पुत्र मोहर सिंह के रूप में हुई। मृतकों का पोस्टमार्टम बुधवार को सुबह किया जाएगा।

कार की टक्कर से बाइक सवार की मौत

पाटन.इलाके के रायपुर मोड़ के पास स्थित घुमाव पर मंगलवार सुबह अनियंत्रित कार की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत हो गई। मामले के अनुसार सोहिल खान पुत्र साबू खान (18) निवासी डोकन बाइक से नीमकाथाना की ओर जा रहा था । सामने से पाटन की ओर आ रही तेज रफ्तार कार ने रायपुर मोड़ के पास घुमाव में बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक चालक दूर जाकर गिरा जिससे साहिल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सूचना मिलने पर पाटन पुलिस मौके पर पहुंची व युवक को पाटन सीएचसी लेकन पहुंची। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बाद में पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त कर लिया है।

JEE Mains Result 2024: जेईई-मेन 2024 जनवरी रिजल्ट में सीकर स्थित आईआईटी जेईई एवं नीट कोचिंग संस्थान पीसीपी, प्रिंस के ध्रुव श्रीवास्तव ने कक्षा 12वीं के साथ 99.88 परसेंटाइल अंक हासिल किए हैं। मूलत: रामपुरा, कोटा निवासी ध्रुव के पिता मनीष श्रीवास्तव शिक्षक हैं, माता पूनम श्रीवास्तव गृहिणी हैं। ध्रुव ने कक्षा 8वीं से 10वीं प्रिंस एकेडमी से एवं कक्षा 11वीं व 12वीं पीसीपी फाउंडेशन कोर्स से की है।

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पिता मनीष श्रीवास्तव के अनुसार प्रिंस के बेहतर शैक्षणिक माहौल एवं ओवरऑल पर्सनैलिटी डवलपमेंट के कारण उन्होंने कोटा की बजाय सीकर को चुना। ध्रुव सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व क्लाउड कम्प्यूटिंग के क्षेत्र में नई तकनीकें विकसित करना चाहता है। इस सफलता के लिए ध्रुव ने रोज 8-9 घंटे अध्ययन किया। ध्रुव ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता एवं पीसीपी की फैकल्टी टीम को दिया है। पढ़ाई के साथ ध्रुव क्रिकेट एवं बैडमिंटन का भी शौक रखता है।

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