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विद्या की देवी माता सरस्वती के पूजन का दिन बसंत पंचमी। जो इस बार 14 फरवरी को है। उस दिन श्रद्धालु मां शारदे का पूजन कर माता से विद्या प्रदान करने का आशीर्वाद लेंगे। इस बार बसंत पंचमी कई शुभ योगों के साथ आ रही है।

बसंत पंचमी के दिन शुभ योग, शुक्ल योग, रवि योग, कुमार योग व रेवती नक्षत्र का निर्माण हो रहा है। इन सभी योगों को पूजा-पाठ के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। बसंत पंचमी के दिन शुभ योग शाम 7:59 बजे तक रहेगा। इसके बाद शुक्ल योग शुरू होगा। वहीं रवि योग एवं कुमार योग सुबह 10:44 बजे से शुरू होगा। रवि योग 15 फरवरी की सुबह 9:26 तक रहेगा। रेवती नक्षत्र भी सुबह 10:44 बजे से तक रहेगा। बसंत पंचमी के दिन इन तीन योगों का संयोग इस बार से पहले वर्ष 1989 में बना था।

इस तरह प्रकट हुई मां सरस्वती
पौराणिक कथाओं के अनुसार देवी सरस्वती का जन्म माघ शुक्ल पंचमी के दिन पर हुआ था। एक बार ब्रह्मा ने यज्ञ किया। जिसमें से एक युवा लड़की सफेद साड़ी और शानदार गहनों से सजी प्रकट हुई। उनके हाथों में वीणा और पांडुलिपि थी। ब्रह्मा ने तुरंत उसे अपनी पत्नी के रूप में पहचान लिया, जो उसके विचारों से उत्पन्न हुई थी। वह युवती दिव्य ज्ञान और लालित्य से संपन्न थी। सरस्वती का अर्थ है स्वयं का सार।

इस तरह करना चाहिए पूजन
ज्योतिषाचार्य शास्त्री प्रवीण त्रिवेदी के अनुसार बसंत पंचमी के दिन सुबह स्नान आदि से निवृत होकर पीले या सफेद रंग का वस्त्र पहनने चाहिए। उसके बाद माता सरस्वती पूजन का संकल्प करना चाहिए। पूजा स्थान पर मां सरस्वती की मूर्ति या तस्वीर स्थापित कर उसे गंगाजल से स्नान कराएं, फिर उन्हें पीले वस्त्र पहनाएं।

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पीले फूल, अक्षत, सफेद चंदन या पीले रंग की रोली, पीला गुलाल, धूप, दीप, गंध आदि अर्पित करें। सरस्वती माता को गेंदे के फूल की माला पहनाएं। पीले रंग की मिठाई का भोग लगाएं। सरस्वती वंदना एवं मंत्र से मां सरस्वती की पूजा करें। पूजा के समय सरस्वती कवच का पाठ भी कर सकते हैं। आखिर में हवन कुंड बनाकर हवन सामग्री तैयार कर लें। ओम श्री सरस्वत्यै स्वाहा मंत्र से 108 आहुति देनी चाहिए। इससे मां की कृपा प्राप्त होती है और वाणी में मधुरता आती है।

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Pali News: पाली जिले के बर के समीप इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसीएल) की पाइप लाइन में वाल्व लगाकर क्रूड ऑयल चोरी करने का खेल पुलिस थाने से चंद कदमों की दूरी पर ही हो रहा था। शातिर आरोपियों ने पाइप लाइन से पेट्रोल पम्प तक जमीन के नीचे 2 इंच का पाइप लगाकर क्रूड ऑयल चुराने का रास्ता बना लिया था। पाइप लाइन से सीधे ही टैंकर भरे जा रहे थे। मुंदरा पोर्ट से हरियाणा के पानीपत तक पाइप लाइन बिछी हुई है। यही पाइप लाइन रायपुर उपखण्ड के ग्राम बर के ब्यावर रोड पर स्थित पेट्रोल पम्प के पास से गुजर रही है। ऑयल चोरी के मामले की पड़ताल अब एसओजी करेगी। इसके लिए पुलिस ने फाइल चला दी है।

आईओसीएल के निरीक्षण में पकड़ में आई चोरी
पिछले कुछ दिनों से आईओसीएल को अपनी पाइप लाइन में कम दबाव की शिकायत मिल रही थी। कम्पनी ने कम दबाव की जांच के लिए सर्वे करवाया। सोमवार को आईओसी व पुलिस को टीमों ने खुदाई करवाई तो जमीन के नीचे सुरंग देखकर दंग रह गए। जमीन के नीचे पेट्रोल पम्प से लगाकर पाइप लाइन तक सुरंग बना रखी थी, जो पेट्रोल पम्प के पास 4 मीटर गहरी व पाइप लाइन तक डेढ़ मीटर गहरी व 4 फीट चौडी व लगभग 100 फीट लम्बी है। सुरंग को जमीन के नीचे लोहे की चददरों को वेल्ड कर ऐसे तैयार किया गया, ताकि मिट्टी नहीं धंसे। सुरंग से मिट्टी निकालने व आने जाने के लिए ट्रोली का इस्तेमाल किया गया। सुरंग में रोशनी के लिए लाइट, हवा के लिए पंखा भी लगा रखा था।

कुछ दिनों पूर्व ही शुरू किया गया था पम्प
एचपीसीएल का यह पेट्रोल पम्प पिछले कई वर्षों से बंद पड़ा था। कंपनी ने यह पम्प लगभग तीन माह पूर्व ही राजेंद्र जैन को आवंटित किया था। उसने यह पम्प आकाश जैन व सोहनलाल विश्नोई को लीज पर दे दिया। पुलिस को संदेह है कि पम्प के पास से ही आईओसी की पाइप लाइन निकल रही थी। इसमें से क्रूड ऑयल चोरी कर बेचने के लिए ही पंप को आरोपियों ने फिर से शुरू किया था।

देर रात पहुंच सकती है एसओजी की टीम
ब्यावर पुलिस अधीक्षक नरेन्द्र सिंह मंगलवार को मौके पर पहुंचे। उन्होंने आईओसी के अधिकारियों से घटना के बारे में जानकारी ली। आईओसीएल के अधिकारियों की ओर से मामला दर्ज करवाया गया। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान के लिए मामला एसओजी को भेजा गया है। संभवतया एसओजी की टीम मंगलवार रात तक घटना स्थल पर पहुंच सकती है।

पेट्रोल पंप के सीसीटीवी बंद मिले
तेल चोरी की सूचना पर जैतारण सीओ सीमा चौपड़ा, सेंदड़ा थाना प्रभारी बुधाराम चौधरी तथा बर थाना पुलिस ने घटनास्थल का मौका मुआयना किया। पंप पर महज दो सीसीटीवी कैमरे लगे हुए मिले। जांच के दौरान वे भी बंद पाए गए। सुरंग बनाने के दौरान निकलने वाली मिट्टी पर किसी को संदेह न हो, इसके लिए पंप संचालक ने परिसर में सीसी ब्लॉक लगाने का कार्य शुरू करवा दिया।

Protest by Kshatra Purusharth Foundation : पाली में श्री क्षात्र पुरुषार्थ फाउंडेशन ने केन्द्र व राज्य सरकार को साफ तौर पर चेताया है। फाउंडेशन के तत्वावधान में मंगलवार को कलक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन कर चेताया कि आरक्षण की विसंगतियों को दूर नहीं किया तो चुनाव में वोट की उम्मीद न रखें। कलक्ट्रेट के बाहर धरने में जिलेभर से लोग शामिल हुए।

धरनास्थल को संबोधित करते हुए पुरुषार्थ फाउंडेशन केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य दिग्विजय सिंह कोलिवाड़ा ने कहा कि विसंगतियों के कारण आर्थिक पिछड़ों को इसका समुचित लाभ नहीं मिल रहा है। केंद्र में आर्थिक पिछड़ा वर्ग के आरक्षण की पात्रता में आय के साथ संपत्ति की शर्तों को भी शामिल किया गया है। यह न्यायोचित नहीं है। ज़िला प्रभारी अजयपाल सिंह गुड़ा पृथ्वीराज ने बताया कि केंद्र में अधिकतम आयु सीमा, न्यूनतम अर्हता, फीस आदि में अन्य वर्गों को मिले आरक्षण की तरह छूट दी जानी चाहिए। प्रमाणपत्र की वैधता भी एक वर्ष की अपेक्षा तीन वर्ष हो।

क्षत्रिय युवक संघ के वरिष्ठ स्वयं सेवक बहादुर सिंह सारंगवास ने इन शर्तों को नहीं हटाने पर चुनाव में बहिष्कार की बात की। धरने में मोहब्बतसिंह धींगना, हीरसिंह लोड़ता, करणसिंह लोरता, मनोहरसिंह निंबली उड़ा, ओमसिंह सोढ़ा, रूपेन्द्रपाल सिंह सारंगवास, प्रेम सिंह जाड़न, सवाईसिंह गुड़ाराम सिंह, झुंझारसिंह देणोक, विक्रमपाल सिंह, भगवत सिंह बगड़ी नगर समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

ये भी मांगें
-आय की गणना अन्य क्रिमीलेयर आरक्षण की तरह केवल माता पिता की आय से की जाए।
- विद्यार्थियों के लिए छात्रावास, छात्रवृत्ति आदि की सुविधा की जाए।
-राष्ट्रीय आर्थिक पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया जाए।

पाली जिले सहित प्रदेश भर के पशुपालकों को उनके दर पर ही पशुओं के दर्द दूर करने के लिए गत वर्ष दिसम्बर में आए करोड़ों रुपए के मोबाइल वेटेनरी यूनिट वाहन बिना उपयोग के ही पड़े हैं। करीब दो माह गुजरने के बाद भी निदेशालय से वाहनों के उपयोग या वापस भेजने संबंधित आदेश नहीं मिल पाए हैं। ऐसे में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त यह वाहन प्रदेश भर के पशु चिकित्सालयों में इन दिनों धूल चाट रहे हैं।

यह थी योजना
प्रदेश पशु सम्पदा की दृष्टि से काफी समृद्ध है। प्रदेश सरकार की ओर से पशुओं के लिए दवाएं तो नि:शुल्क है। पर, कई बार पशुओं को समय पर उपचार नहीं मिल पाने की वजह से असमय ही पशुधन साथ छोड़ देते हैं। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से पशुओं को पशु चिकित्सालय तक लाने में भी कई समस्याएं सामने आती हैं। इस समस्या के निवारण के लिए पशुपालन विभाग ने जिले सहित पूरे प्रदेश में मोबाइल वेटेनरी यूनिट वाहन दिसम्बर 2023 में भेजे थे। इसके तहत पूरे प्रदेश में 536 वाहनों की आपूर्ति पूरे प्रदेश में करनी थी। इनमें से 328 वाहनों की भी आपूर्ति हो गई थी।

वाहन आते ही लगा ब्रेक
दिसम्बर 2023 में वाहन आने के कुछ दिनों के उपरांत ही पशुपालन विभाग के निदेशक ने वित्त विभाग का हवाला देते हुए सेवा प्रदाता संस्थानों को पत्र जारी कर वाहनों की आपूर्ति रोकने के आदेश दिए। साथ ही आपूर्ति की गई वाहनों के उपयोग पर भी रोक लगा दी। इसके बाद से वाहन पशुपालन विभाग के जिला कार्यालयों में जस के तस पड़े हुए हैं।

अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस
मोबाइल वेटेनरी यूनिट वाहन अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त हैं। इसमें पशुओं को आपातकालीन समय में दी जा सकने वाली समस्त चिकित्सा उपकरण तथा सुविधाएं उपलब्ध हैं। प्रत्येक वाहन के साथ एक चिकित्सक, एक सहायक और एक चालक की व्यवस्था की गई थी। इन वाहनों में आवश्यक दवाएं भी उपलब्ध करने के निर्देश थे। इस वाहन में पशुओं के गोबर, मूत्र एवं रक्त जांच की सुविधा भी हैं। यह वाहन संचालन की जिम्मेदारी अनुबंधित संस्था के माध्यम करने के प्रावधान तय किए थे। योजना के अनुसार एक लाख मवेशियों पर एक वाहन की व्यवस्था करते हुए नियमित आठ घंटे की सेवाएं लेना तय किया था।

यह भी थी व्यवस्था
योजना के तहत जिला मुख्यालय पर नियंत्रण कक्ष स्थापित करने, ब्लॉक अधिकारी को योजना से जोडऩे, वाहन को ब्लॉक मुख्यालय पर रखने, कॉल आने पर पशुपालकों के घर भेजने, टोल फ्री नम्बर भी पशुपालकों को जारी करना था। पशुपालक टोल फ्री पर कॉल कर पशुओं के टीकाकरण, उनके गर्भादान सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाएं देना तय किया था।

फैक्ट फाइल
- 536 वाहनों की समूचे प्रदेश में करती थी आपूर्ति
- 328 वाहनों की गई आपूर्ति
- 208 गाडिय़ों की आपूर्ति करनी बाकी
- 20 वाहन मिलने थे पाली को
- 13 वाहन ही मिल पाए जिले में

पाली में पशुओं की स्थिति
3, 60 हजार गाय-बैल हैं पाली में
3,29,807 भैस हैं जिले में
15 लाख भेड़-बकरी हैं जिले में

अधिकारी ने कहा...
जिले के लिए 20 वाहन आवंटित होने थे, लेकिन 13 वाहन मिले। वाहनों का उपयोग अब तक नहीं हुआ है, लेकिन अब कार्ययोजना बना रहे हैं। शीघ्र ही शुभारंभ करेंगे।
- मनोज पानवा, संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग, पाली

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