>>: Digest for February 15, 2024

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#drug smugglers नशीली दवाइयाें की तस्करी के जुर्म में अदालत ने विक्रेता को दस साल कठोर कारावास व दो लाख रुपए जुर्माना और खरीददार को आठ साल कठोर कारावास व एक लाख साठ हजार रुपए जुर्माने की सजा से दंडित किया हैं। यह निर्णय एनडीपीएस प्रकरणों की स्पेशल कोर्ट ने सुनाया। विशिष्ट लोक अभियोजक अजय बलाना ने बताया कि 23 अप्रेल 2019 को पुरानी आबादी की तत्कालीन एसएचओ अलका ने गश्त के दौरान श्यामनगर की कोढि़यों वाली पुली पर पहुंची तो वहां दो शख्स पुलिस दल को देखकर भागने लगे। किसी तरह पीछा कर इन दोनों को काबू किया और तलाशी ली। एक शख्स की पहचान भरतनगर वार्ड दो गली नम्बर एक निवासी 42 वर्षीय बाबर उर्फ बब्बर पुत्र शिवप्रकाश भाट और दूसरे की पहचान पुरानी आबादी हाउसिंग बोर्ड वार्ड सात निवासी 46 वर्षीय महेन्द्र उर्फ टोनी अरोड़ा पुत्र मुंकदलाल अरोड़ा के रूप में हुई। आरोपी बाबर उर्फ बब्बर के कब्जे से प्लास्टिक की थैली में 61 पत्ते ट्रामाडॉल की टेबलेट, 26 पत्ते एल्प्राजॉम टेबलेट, 36 पत्ते ट्रॉमाडॉल, 25 पत्ते ट्रामाडॉल और 26 पत्ते एल्प्रोजॉम टेबलेट के अलावा 2020 रुपए बिक्री राशि बरामद कर गिरफ़तार किया। वहीं दूसरे आरोपी महेन्द्र उर्फ टोनी ने पूछताछ में स्वीकारा कि उसने कुछ देर पहले आरोपी बाबर उर्फ बब्बर से पन्द्रह सौ रुपए में ट्रॉमाडोल के एक सौ कैप्सूल खरीद किए, इन कैप्सूल को पुलिस ने बरामद कर उसे भी गिरफ्तार किया। पुलिस ने इन दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर अदालत में चालान पेश किया।
अदालत ने आरोपी बाबर उर्फ बब्बर भाट को दोषी मानते हुए एनडीपीएस एक्ट की धारा 8-22 और धारा 8-29 को दस-दस साल कठोर कारावास व एक-एक लाख कुल दो लाख रुपए जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना राशि नहीं देने पर ढाई साल अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसी प्रकार आरोपी महेन्द्र उर्फ टोनी को दोषी मानते हुए एनडीपीएस एक्ट की धारा 8-22 और धारा 8-29 में आठ-आठ साल कठोर कारावास व 80-80 हजार रुपए कुल एक लाख साठ हजार रुपए जुर्माने की सजा से दंडित किया। जुर्माना नहीं चुकाने पर दो साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

Kisan Andolan : राजस्थान- पंजाब सीमा पर की गई बैरिकेडिंग लांघ कर पंजाब जाने का प्रयास कर रहे 100 के करीब किसानों को पुलिस ने यहां से आठ किलोमीटर दूर साधुवाली नाके पर गिरफ्तार कर लिया। किसान पंजाब होते हुए दिल्ली के संघू बॉर्डर तक जाने के लिए निजी वाहनों से इस नाके तक पहुंचे थे।

जिला पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा ने बताया कि ग्रामीण किसान मजदूर समिति के नेता संतवीर सिंह मोहनपुरा के नेतृत्व में 100 के करीब किसान नारेबाजी करते हुए साधुवाली नाके पर पहुंचे। वहां तैनात पुलिस अधिकारियों के रोके जाने के बावजूद यह लोग राजस्थान-पंजाब सीमा पर की गई बैरिकेडिंग की तरफ बढ़ने लगे तो इन्हें सीआरपीसी की धारा 129 में गिरफ्तार कर लिया गया। किसानों को दो बसों में भर कर अज्ञात स्थान पर ले जाकर छोड़ दिया गया।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि राजस्थान-पंजाब सीमा पर साधुवाली नाके पर की गई बैरिकेडिंग 16 फरवरी तक नहीं हटाई जाएगी। किसान संगठनों ने 16 फरवरी को भारत बंद का आह्वान किया है। तब तक इस मार्ग पर आवागमन बंद रहेगा। राजस्थान से पंजाब जाने और पंजाब से राजस्थान आने के लिए कोठा और पतली मार्ग खुले रहेगे।

 

गुरुद्वारे में इकट्ठे हुए


साधुवाली नाके पर जाने से पहले किसान कालूवाला बाइपास के पास गुरुद्वारे में इकट्ठे हुए। सभी किसान निजी वाहनों में आए थे। यहां से किसान अपने वाहनों से साधुवाली नाके पर पहुंचे। नारेबाजी करते हुए किसान राजस्थान-पंजाब सीमा पर की गई बैरिकेडिंग की ओर बढ़ने लगे तो वहां तैनात पुलिस कर्मियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान किसानों और पुलिस कर्मियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। बाद में पुलिस ने सभी किसानों को गिरफ्तार कर दो बसों में बैठा दिया और अज्ञात स्थान पर ले जाकर तितर-बितर कर दिया।

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पिछली बार भी गए थे


किसान संगठनों ने 2021 में दिल्ली बॉर्डर पर मोर्चा लगाया था तब श्रीगंगानगर जिले से बड़ी संख्या में किसान गए थे। इस बार पहले से ही रास्ते रोके जाने के कारण किसान दिल्ली कूच नहीं कर पाए। ग्रामीण किसान मजदूर समिति के नेता संतवीर सिंह मोहनपुरा ने बताया कि हमें यह आभास हो गया था कि इस बार हरियाणा और राजस्थान सरकार पहले से ही नाकाबंदी कर लेगी, सो कई नेता नाकाबंदी से पहले ही यहां से रवाना हो गए थे।

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श्रीकरणपुर. नगरपालिका मंडल की बजट बैठक बुधवार को हुई। तय समय से करीब 11 मिनट देरी से शुरू हुई बैठक में 32 करोड़ रुपए का बजट दो मिनट में पारित किया गया। इसके बाद साधारण सभा की बैठक में पार्षदों ने शांतिपूर्ण तरीके से मुद्दे विशेष भी उठाए। हालांकि, बाद में कई पार्षदों ने एक साल से बैठक नहीं होने पर रोष जताया।

बैठक की शुरुआत में लेखाकर्मी मुकेश कुमार ने अनुमानित आय-व्यय का ब्यौरा पेश किया। उन्होंने बताया कि आगामी वित्तीय वर्ष में विभिन्न विकास कार्यों व अन्य मदों पर 31 करोड़ 92 लाख 04 हजार रुपए खर्च किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि तीन करोड़ 20 लाख रुपए सीसी व डामर सड$क निर्माण पर खर्च होगा। वहीं, शेष राशि में से ढाई करोड़ रुपए पीएम आवास योजना, पौने तीन करोड़ रुपए 15वें वित्त आयोग, 50 लाख रुपए स्वच्छ भारत मिशन, 50 लाख ठोस कचरा प्रबंधन, 50 लाख अग्निशमन वाहन, 50 लाख रुपए सार्वजनिक मूत्रालय सहित अन्य कई मदों पर खर्च की जाएगी। पालिकाध्यक्ष रमेश बंसल, उपाध्यक्ष अशोक गरूड़ा व जेइएन पवन बुड़ाकिया सहित मौजूद पार्षदों ने इस पर सहमति जताते हुए बजट पारित कर दिया।

पार्षदों ने उठाए ये मुद्दे

साधारण बैठक की घोषणा होने पर पार्षदों ने कई मुद्दे उठाए। वार्ड चार के विपक्षी पार्षद विनोद रेगर ने सबसे पहले राजकीय महाविद्यालय के भवन निर्माण का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि सरकारी स्कूल में चल रहे कॉलेज में पर्याप्त कक्ष नहीं होने विद्यार्थियों की पढ़ाई पर विपरीत असर पड़ रहा है। उन्होंने स्थानीय सीएचसी पर महिला चिकित्सक व सर्जन नहीं होने के साथ क्षेत्र में फैल रहे नशे के कारोबार का मुद्दा भी उठाया। पार्षद योगराज बुड़ाकिया ने सार्वजनिक शौचालय बनाने व हरीश बुड़ाकिया ने सभी पार्कों के सुचारू रखरखाव व इंद्र कौर ने सुचारू स्ट्रीट लाइट का मुद्दा उठाया। पार्षद शुभम मूंदड़ा ने उनके वार्ड में शिलान्यास के बाद सड$क निर्माण संबंधी, पार्षद बादामी देवी ने बाबा रामदेव मंदिर में पक्के आंगन निर्माण तथा पार्षद विकास तनेजा रुके हुए सभी निर्माण कार्य शुरू करने की बात कही। मौके पर पार्षद डॉ.रेशमङ्क्षसह संधू, भंवरलाल मेघवाल, सुमन मोहनपुरिया, सीमारानी रेवाड़, सोनू, विशाल छाबड़ा, बंटी कंबोज, ज्योति वाल्मीकि, ओमप्रकाश नायक व बलकरण ङ्क्षसह आदि ने उनके वार्डों में नालियों व सड$कों संबंधित मुद्दे उठाए। कार्यवाहक इओ (तहसीलदार) सुभाषचंद शर्मा के अलावा चार पार्षद भी बैठक से अनुपस्थित रहे।

पत्रिका की खबर बनी मुद्दा

शांत माहौल में पार्षदों के मुद्दे उठाने के बाद पार्षद ओमप्रकाश डाबला ने एक साल से पालिका बैठक नहीं होने पर रोष जताया। इसके बाद पार्षद इंद्रकौर छिम्पा व पार्षद विनोद रेगर भी इस पर आक्रोशित हुए। उनका कहना था कि यदि एक-एक साल तक बैठक ही नहीं होगी तो जनता की समस्याएं उचित मंच तक कैसे पहुंचेगी। उन्होंने पालिकाध्यक्ष को प्रति तीन माह पर बैठक रखने की मांग उठाई। गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका ने 14 फरवरी के अंक में ही बजट बैठक के साथ होती है साधारण सभा, फिर सालभर तुम कहां-हम कहां शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर पार्षदों की पीड़ा को उजागर किया था।

#stray dog lover चूनावढ़ थाना क्षेत्र गांव 11 जी सागरवाला में आवारा श्वानों को ब्रेड खिलाने के विवाद में दो पड़ोसियों के बीच झगड़ा इतना अधिक बढ़ा कि एक दूसरे पर गंडासी मारने लगे। इसमें एक चपेट में आया तो गंभीर घायल हो गया। उसकी हालत नाजुक बनी हुई हैं। चिकित्सकों ने उसे बीकानेर रैफर कर दिया। इस संबंध में चूनावढ़ पुलिस ने मामला भी दर्ज किया हैं।
चूनावढ़ थाने में गांव सागरवाला निवासी नवीनकुमार ने रिपोर्ट दी कि 12 फरवरी की शाम करीब सात बजे उसका भाई पशु चिकित्सक हरीश कुमार राेजाना की तरह गली के आवारा श्वानों काे ब्रेड खिला रहा था, पड़ौसी राजकुमार बावरी का पालतू श्वान भी वहां आ गया। जब यह पालतू श्वान जबरदस्ती ब्रेड काे खाने लग गया। इस पर हरीश कुमार ने एतराज किया ताे पड़ौसी राजकुमार आया और उससे गाली गलौज करने लगा। इस दौरान पड़ोसी का बेटा वीरेंद्र बावरी व पत्नी कर्मजीत कौर ने आकर भी गलत बोलने लगे। राजकुमार, वीरेन्द्र और कर्मजीत तीनों ने लाठियों और गंडासी से हमला कर दिया। राजकुमार ने जान से मारने की नियत से लोहे के गंडासे से हरीश कुमार के सिर में चोट मारी। इससे हरीश गंभीर रूप से घायल हो गया। झगड़े में बीच करने के लिए गली के लोग और परिजन आए तो तीनों भाग गए। किसी तरह हरीश को राजकीय जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। हालत बिगड़ने पर चिकित्सकोें ने गंभीर घायल को पीबीएम बीकानेर के लिए रेफर कर दिया।

#City Council नगर परिषद प्रशासन ने बजट बैठक के चौबीस घंटे के अंदर ही सख्ती दिखाते हुए शहर में लगे तीन सौ अस्थायी सफाई कार्मिकों की छुटटी कर दी। बुधवार को सफाई मजदूर यूनियन से वार्ता का दौर भी चला लेकिन सुलह नहीं हुई तो अध्यक्ष उमेश वाल्मीकि ने अस्थायी कर्मचारियों की हड़ताल गुरुवार से शुरू करने और डोर टू डोर कचरा संग्रहण करने की प्रक्रिया ठप करने की घोषणा की है। इससे पहले यूनियन पदाधिकारियों ने नगर परिषद और कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर अस्थायी कार्मिकों का वेतन दिए जाने की मांग की।
आयुक्त यशपाल आहुजा बोले कि स्थायी सफाई कार्मिकों को वेतन दिया जा चुका हैं लेकिन अस्थायी कार्मिकों को भुगतान सीधे ठेकेदार को करना हैं, इस ठेके से वेतन मांगने की बजाय सीधे नगर परिषद परिसर में आकर बार बार धरना प्रदर्शन से जानबूझकर दबाव की राजनीति की जा रही हैं। यह अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस संबंध में उन्होंने साफ साफ आदेश जारी कर दिए हैँ कि अस्थायी तीन सौ कार्मिकों को अब नहीं लगाया जाएगा। इनकी सेवाएं समाप्त की जा रही हैं। वहीं ठेकेदार ने शहरहित में कचरा संग्रहित कार्य में सहयोग करने का आश्वासन भी दिया हैं।
नगर परिषद प्रशासन का कहना है कि शहर में सात सौ स्थायी सफाई कार्मिक हैं। इसके अलावा ट्रेक्टर ट्रॉलियों के चालक व हेल्पर भी हैं। लेकिन तीन सौ अस्थायी कार्मिकों को लगाकर नगर परिषद को हर महीने चालीस लाख रुपए का बजट वहन करना पड़ रहा हैँ। आयुक्त ने साफ बोला कि हमारे स्थायी सफाई कार्मिक सैनिक हैँ, इनके बलबूते से शहर की सफाई का कार्य करवाया जाएगा। वेतन भी नियमित दिया जा रहा हैं। नगर परिषद के पास खजाना इतना अधिक नहीं है कि ठेकेदार के तीन सौ अस्थायी कार्मिक रख सके। ऐसे में इन तीन सौ कार्मिकों की छुट़टी करने के आदेश किए हैँ।
इधर, नगर परिषद प्रशासन ने बुधवार शाम को सफाई मजदूर यूनियन के पदाधिकारियों की सूची तैयार की हैं। इन पदाधिकारियों को अपने अपने हलके में सफाई कार्य की डयूटियां भी करनी होगी। इस संबंध में नगर परिषद प्रशासन ने सभापति गगनदीप कौर पांडे और विधायक जयदीप बिहाणी को भी अवगत कराया हैं।

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