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Table of Contents

भरतपुर में कांग्रेस के कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के भरतपुर के राष्ट्रीय लोकदल के विधायक डॉ. सुभाष गर्ग को लेकर दिए गए बयान के बाद खलबली मच गई है। इसमें डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस का मान-सम्मान करने वाला ही कांग्रेस में पद पाएगा।

अब असली कांग्रेस की ही चलेगी, जिसे जाना है वह जाओ। कांग्रेस किसी के दवाब में नहीं है। डॉ. सुभाष गर्ग को कांग्रेसियों ने विधायक बनाया है। डॉ. कांग्रेस की बदौलत हैं, गर्ग की वजह से कांग्रेस नहीं है। डॉ. गर्ग के लिए भी कांग्रेस के दरवाजे बंद हो सकते हैं। यदि वह पांच साल कांग्रेंस के लिए काम करेंगे तो हम उन्हें गले लगाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि गर्ग कहते हैं कि जयंत चौधरी ने समझौता कर लिया तो हमारा उनसे कोई वास्ता नहीं रहेगा। यहां कार्यकर्ता का सम्मान करने वाला ही सम्मान पाएगा।


इधर, डॉ. सुभाष गर्ग ने पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को ट्वीट कर लिखा है कि डोटासराजी पहले उन लोगों के खिलाफ तो एक्शन ले लीजिए। जिन्होंने पार्टी के खिलाफ काम किया व चुनाव लड़ा। इसके बाद सुखजिंदर सिंह को ट्वीट किया है कि जरा इनको भी ज्ञान दो कि कम बोला करें।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) भारत सरकार की ओर से संचालित एक मातृत्व लाभ कार्यक्रम है। यह 19 वर्ष या उससे अधिक उम्र की गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए पहले जीवित जन्म के लिए एक सशर्त नकद हस्तांतरण योजना है। सरकार ने अब इस योजना में बदलाव किया है। इसके बाद अब योजना के तहत लाभार्थियों को तीन किस्त में नहीं बल्कि दो किस्तों में पांच हजार रुपए दिए जाएंगे।

 

बेटी हुई तो एक हजार अतिरिक्त

दूसरी बार में यदि बेटी हुई तो 5 हजार के अलावा एक हजार अतिरिक्त मिलेगा। इस धनराशि का उपयोग गर्भवती अपने स्वस्थ्य प्रसव और खानपान में व्यय करेगी। इसके साथ ही अब आशा और एएनएम गर्भवती महिलाओं का विवरण अपने स्मार्ट फोन में ऑनलाइन ही आवेदन लाभार्थी के घर जाकर करेंगी। जिससे उनको कोई परेशानी न हो।

 

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY)

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) 2017 में शुरू हुई थी। योजना में पहले तीन किस्तों में पहली और दूसरी बार मां बनने वाली महिलाओं को पांच हजार रुपए दिए जाते थे ताकि गर्भवती महिलाएं समय-समय पर जांच कराने के साथ ही पौष्टिक आहार ले सकें। अब इस योजना में बदलाव किया है। जिसके तहत अब लाभार्थियों को तीन किस्तों में नहीं बल्कि दो किस्तों में पांच हजार रुपए दिए जाएंगे।

योजना में मजदूर वर्ग की महिलाओं को राहत देने का प्रयास किया है। अब सरकार के निर्देश पर लाभार्थियों को मिलने वाली धनराशि को दो किस्तों में कर दिया है। पहली बार 3 हजार व दूसरी बार 2 हजार दिया जाएगा। यह धनराशि गर्भवती महिलाओं के बैंक खाते में सीधी भेजी जाएगी।

 

PMMVY योजना लाभार्थी के सीधे बैंक खाते में पहुंचती है राशि

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में बदलाव होने के बाद विभाग ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को प्रशिक्षित कर दिया है। इसके बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने घर घर जाकर लाभार्थियों के पंजीकरण किए है। जिसको राशि भेजी जा रही है। लाभार्थी के सीधे बैंक खाते में राशि पहुंचती है। ताकि पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा किया जा सकें।

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राजस्थान में एक ऐसा कुआं है जिसके पानी में बीमारियों को ठीक करने की अद्भुत शक्ति है। ऐसा माना जाता है कि इसके पानी से नहाने मात्र से ही त्वचा संबंधी समस्याएं ठीक हो जाती हैं। स्थानीय लोग इसे किसी चमत्कार से कम नहीं मानते हैं। उनका कहना है कि इसके पानी से हजारों लोग लाभान्वित हुए हैं। यह अद्भुत कुआं भरतपुर जिले में शीतला माता मंदिर की मूर्ति के सामने स्थित है। इसलिए, यह माना जाता है कि इस कुएं में शीतला माता की चमत्कारी शक्ति है, जो इसके पानी को शुद्ध करती है और भक्तों के कष्टों को दूर करती है।

 

कुएं से ही शीतला माता हुईं थी प्रकट

यह मंदिर भरतपुर जिला मुख्यालय से लगभग 45 किलोमीटर की दूरी पर ब्रह्मबाद में स्थित है। मंदिर के पुजारी बताते हैं कि यह मंदिर काफी पुराना है। इस मंदिर में पूजा पाठ वर्षों से चली आ रही है। उनका कहना है कि इस कुएं से ही शीतला माता प्रकट हुई थी और लोगों के लिए दर्शन दिए थे। पुजारी कहते हैं कि चैत्र मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी को यहां पर विशाल मेले का आयोजन होता है। इस मेले में राजस्थान सहित देश के अन्य राज्यों के लोग शीतला माता का दर्शन करने एवं जल से स्नान करने के लिए आते हैं।

 

 

पानी की शक्ति करती है आश्चर्यचकित

पुजारी ने यह भी कहा कि इस कुएं के पानी से स्नान करने के बाद लोग बहुत खुश होते हैं और पानी की शक्ति से आश्चर्यचकित हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि यहां साल भर लोगों का आना-जाना लगा रहता है।

गौरतलब है कि देश में कई ऐसे चमत्कारी स्थान हैं जिनसे हजारों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास जुड़ा हुआ है। दुख और सुख दोनों ही क्षणों में भक्त ऐसे स्थानों पर पहुंचते हैं। आप दौसा में मेहंदी बालाजी, बाड़मेर में किराडू मंदिर या अजमेर में पुष्कर मंदिर के बारे में बात कर सकते हैं। राज्य के इन स्थानों पर साल भर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है।

नोट: लोगों की भक्ति और श्रद्धा के आधार पर इस खबर को बनाया गया है। पत्रिका इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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भरतपुर। साइबर ठग (cyber fraud) इन दिनों 'आप पहचान गए' की तर्ज पर लोगों को फोन कर रिश्तेदार या दोस्त होने का झांसा देकर ठगी का नया ट्रेंड चला रहे हैं। जिले में आधा दर्जन से अधिक लोग झांसे में आकर रकम गंवा बैठे हैं तो कुछ समझदारी दिखाते हुए साइबर ठग के मकडज़ाल में फंसने से बच गए। पुलिस की माने तो किसी भी नम्बर से फोन आने पर लेनदेन से पहले यह पुष्टि जरूर कर लें कि जो आपको रुपए भेजने या मांगने वाला अपना है या साइबर तो नहीं है।

 

पहचानिए कौन बोल रहा हूं..

अंजान नम्बर (unknown phone call) से एक फोन आता है और सामने वाला कहता है पहचानिए कौन बोल रहा हूं, आप पहले तो समझ नहीं पाते और फिर कहते हैं जयपुर वाले शर्मा जी, कॉल करने वाला कहता है अरे आप ने तो पहचान लिया। फोनकर्ता फिर कहता है, मेरे अकाउंट में तकनीकी समस्या की वजह से रुपए का ट्रांजेक्शन नहीं हो रहा है, यूपीआई के माध्यम से पांच हजार या अधिक रकम डालने की बात कहता है। फोनकर्ता कहता है कि मैं एक रुपए भेज रहा हूं आए तो पुष्टि करिएगा। रुपए गए या नहीं कहते हुए जानकारी लेता हैं, उसके बाद वह पांच हजार या अधिक रुपए भेजने का मैसेज भेजता है।

 

साइबर ठगी की ट्रिक

इसका मैसेज के माध्यम से यूपीआई मैसेज पहुंचता है। इसके माध्यम से 20 हजार या अधिक रुपए आने का मैसेज प्राप्त होता है। टेस्ट मैसेज देख कर लगता है कि अकाउंट में रुपए आ गए हैं। कुछ देर बाद साइबर ठग (cyber fraud) बने रिश्तेदार का फोन आता है और आवश्यकता का हवाला देते हुए कहता है कि पांच हजार रुपए भेज दीजिए कहता हैं। फिर से रुपए मांगने के लिए कॉल आता है। साइबर ठग यूपीआई को हैक करने की ट्रिक आजमाते हैं, जो जाल में फंस जाता है उससे लाखों की ठगी हो जाती है और जो साइबर ठग की ट्रिक को समझ लेते हैं वे बच जाते हैं।

 

केस 01: मामा होने का झांसा देकर 20 हजार की ठगी

नगर निवासी संजीव शर्मा ने शिकायत में बताया कि उनके पास अनजान नम्बर से फोन आया। फोनकर्ता ने पहचान कौन की तर्ज पर बात की उसके बाद संजीव का मामला बोल रहा हूं कहते हुए एक परिचित को हॉस्पिटल जाने का झांसा देकर 20 हजार पेटीएम के माध्यम से ले लिया। रुपए वापस न आने पर मामा को फोन करने पर पता चला वह साइबर ठगी का शिकार हो गया।

केस 02: जीजा का भाई बताकर डलवाए आठ हजार रुपए

सहयोग नगर निवासी दीपक कुमार ने शिकायत में बताया कि उसके पास अज्ञात नम्बर से फोन आया। पहचान कौन की तर्ज पर पहले बात की फिर जीजा का भाई बताते हुए कहा, मेरा पेटीएम काम नहीं कर रहा है एक व्यक्ति को 10 हजार रुपए देने हैं, कहते हुए नम्बर भेजा। नम्बर पर पेटीएम करने के बाद दो किस्त में आठ-आठ हजार कट गए। जीजा को फोन किया तो पता चला जिसने फोन किया वो ठग है।

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डीग जिले के कुम्हेर थाना इलाके में लुटेरी दुल्हन का एक और मामला सामने आया है। एक लाख रुपए में शादी करने के बाद लुटेरी दुल्हन दूसरे ही दिन करीब छह लाख रुपए आभूषण लेकर फरार हो गई। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें..

भरतपुर। जनाना अस्पताल परिसर में संचालित यूनानी चिकित्सा विभाग जयपुर के अंतर्गत प्रदेश के रेजिमेंटल थैरेपी के पहले उत्कृष्ट संस्थान में लीच थेरेपी ( इरसाल अल अलक ) के जरिए एक 23 वर्षीय महिला रोगी का सफल इलाज किया है। युवती 6 माह से इस रोग से पीड़ित थी एवं विभिन्न प्रकार की औषधियां लेने पर भी लाभ नहीं मिल पा रहा था, बल्कि रोग बढ़ता जा रहा था और पूरे चेहरे पर फैल गया। इसके चलते खुजली, दाने, रक्त और मवाद के रिसाव के कारण पपड़ी जमने लगी और रोगी को मानसिक तनाव भी महसूस होने लगा।

रोगी का इलाज डॉ. शमसुल हसन तारिक एमडी यूनानी चिकित्सा एवं प्रभारी अधिकारी के नेतृत्व में रक्त की आवश्यक जांच कराकर प्रारम्भ किया गया, जिसमें 15 दिन के अंतराल में दो से तीन लीच लगाई गई और दो माह इलाज किया गया। साथ में चेहरे को नीम के पत्तों के जोशांदे से धोने की सलाह दी, जिसको दो माह करने के बाद अब रोगी पूर्ण रूप से रोग मुक्त हो गई।

 

लीच थैरेपी यूनानी चिकित्सा में महत्वपूर्ण

डॉ. तारिक ने बताया की लीच थैरेपी का सबसे पहला वर्णन यूनानी चिकित्सा के ग्रन्थ में मिलता है एवं प्रमुख यूनानी चिकित्सक इसका उपयोग दाद, सोरिएसिस, सफेद दाग, एक्जिमा, गठिया, पुराने ज़ख्म, दूषित रक्त को साफ करने एवं वेरिकोस वैन जैसी बीमारियों में करते आ रहे हैं। वर्तमान में प्लास्टिक सर्जन इसका प्रयोग मॉइक्रो सर्जरी में करते हैं ताकि रक्त का संचार ठीक रहे।

आम तौर से औषधीय लीच का ही प्रयोग किया जाता है, जिसको पहचान कर रोगी के शरीर पर लगा दिया जाता है। यह रक्त को चूस कर लीच खुद शरीर से अलग हो जाती है। इसके बाद मरीज की ड्रेसिंग कर दी जाती है ताकि रक्त के बहाव को रोका जा सके। टीम में डॉ. तारिक सहित डॉ. निकहत बी, डॉ. अरीबा हुसैन, कम्पाउंडर रविन्दर कुमार, रोहिताश कुमार, परिचारक बाबूलाल एवं परिचारिका पार्वती देवी का सहयोग रहा।

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कामां कस्बा के अम्बेडकर सर्किल स्थित एक झोलाछाप चिकित्सक के गलत इंजेक्शन लगाने से मंगलवार शाम को एक 34 वर्षीय युवक की मौत हो गई। मृतक युवक अपनी पत्नी के साथ झोलाछाप डॉक्टर के पास गर्दन के पीछे दाद की दवा लेने गया था। जहां चिकित्सक ने युवक के इंजेक्शन लगाया। इसके बाद युवक अपनी पत्नी के साथ घर आ गया। घर आते ही वह बेहोश हो गया। युवक की पत्नी उसे लेकर अस्पताल पहुंची जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। वहीं मृतक के छोटे भाई ने कामां थाने में झोलाछाप चिकित्सक के खिलाफ तहरीर रिपोर्ट दी है।


कामां कस्बा के इन्द्रा कॉलोनी निवासी मृतक के भाई बलवीर ने बताया कि मेरा बड़ा भाई रंजीत सिंह पुत्र ऋ षिपाल सिंह पंजाबी घर के पास ही अम्बेडकर सर्किल पर मौजूद झोलाछाप चिकित्सक भगवान सिंह यादव के पास दवा लेने गया था। रंजीत के साथ उसकी पत्नी सोनिया भी गई थी। रंजीत की गर्दन के पीछे खुजली हो रही थी। रंजीत ने झोलाछाप डॉक्टर भगवान सिंह को अपनी समस्या के बारे में बताया। डॉक्टर ने रंजीत के एक इंजेक्शन लगा दिया।

जिसके बाद रंजीत अपनी पत्नी सोनिया के साथ घर आ गया। घर आते ही अचानक रंजीत बेहोश हो गया। रंजीत के बेहोश होते ही उसके परिजन तुरंत रंजीत को लेकर अस्पताल पहुंचे। जहां उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों का आरोप है कि झोलाछाप डॉक्टर भगवान सिंह ने रंजीत के गलत इंजेक्शन लगा दिया।

जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई। वहीं पुलिस ने मृतक रंजीत के शव को मोर्चरी में रखवा दिया है। वहीं झोलाछाप अपनी दुकान को बंद कर फरार हो गया है। मृतक का पोस्टमार्टम बुधवार सुबह होगा।

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