शेखावाटी अंचल के दो दिग्गज नेताओं का 'वर्चुअल आमना-सामना' गुरुवार को दिनभर चर्चा का विषय बना रहा। विरोधी दलों के दोनों नेता सोशल मीडिया के सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर 'मैसेज-मैसेज' में एक-दूसरे से भिड़ते नज़र आए। दोनों दिग्गजों का ये मुकाबला आधी रात 12 बजे बाद तक जारी रहा।
रात 12.22 को राठौड़ का आखिरी मैसेज
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष व लक्ष्मणगढ़ से विधायक गोविंद सिंह डोटासरा और भाजपा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष व चूरू के पूर्व विधायक राजेंद्र राठौड़ के बीच गुरुवार सुबह 8:18 से शुरू हुआ 'वर्चुअल मुकाबला' दिन आधी रात बाद तक जारी रहा। आखिरी मैसेज राजेंद्र राठौड़ का देर रात 12.22 को आया।
राठौड़ ने अपने आखिरी मैसेज में लिखा, 'तुम्हारी और मेरी राहें अलग-अलग तो होनी ही हैं, क्योंकि तुम जहां को जा रहे हो मैं वहीं से आ रहा हूं। 4 बार की जीत से ही अगर आपने स्वाभिमान और अहंकार के अंतर को भुला दिया, कहीं एक बार और जीत आए तो मोदी जी के बनाए सिक्स लेन हाइवे से आगरा ले जाना पड़ेगा। मुझे भी गर्व है कि आपसे दोगुनी बार जीतने के बाद भी विनम्रता अभी जीवंत है क्योंकि यह भाजपा है, छल प्रपंच का अखाड़ा नहीं। जरा होश की बात करो, अब यहां नाथी का बाड़ा नहीं।'
राठौड़ ने कहा, 'जो करा है, वो ही सर्टिफ़िकेट में भरा है, "मेहनत" से 4-4 अभ्यर्थियों के एक जैसे अंक लाने से पहले सोचना था कि नम्बर तो थोड़े कम ज़्यादा कर लेते... नहीं सोचा, चूक हुई , इसीलिए सर्टिफ़िकेट दिया गया है। इसका भी दोष दूसरों पर? बच्चे सभी के पढ़ेंगे और कामयाब भी होंगे, "बशर्ते" पिछले दरवाज़े से पास होने वाले "फॉर्मूला" बाज़ों से बच सके। "बशर्ते" किसी ख़ुदगर्ज़ के "कलाम" उनकी राह के रोड़े ना बने।'
ये भी पढ़ें : फिर शुरू हुआ 'डोटासरा V/S राठौड़' का मुकाबला, जानें क्यों गरमा रहा सियासी पारा?
रात 11.59 को डोटासरा का मैसेज, 'दम है तो भंग करो आरपीएससी'
डोटासरा ने अपने आखिरी मैसेज में राठौड़ और भाजपा को फिर एक नई चुनौती दे डाली। आधी रात को किए अपने आखिरी मैसेज में डोटासरा ने लिखा, 'ये Hit & Run Politics छोड़िये, अब विपक्ष में नहीं सरकार में हो आप। हाथ पर हाथ रखकर क्यों बैठे हो बेरंग, अगर है दम, तो करके दिखाओ RPSC भंग, चाहे मर्जी जो लो एक्शन, पर बंद करो ये झूठा मिशन। किसानों के बच्चों पर ही छाती क्यों पिटते हैं स्वयंभू CM ! दबाने का दौर बीत चुका है, हमारे बच्चे पढ़ेंगे भी और कामयाब बनेंगे भी।'
इसलिए शुरू हुआ आमना-सामना
दरअसल, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ के बीच एक बार फिर से 'वार-पलटवार' का सिलसिला छिड़ चुका है। विधानसभा में मुख्यमंत्री भजनलाल के भाषण में 'किस चक्की का आटा खाते हो' बयान से शुरू हुए बयानी मुकाबले में अब अब ये दो नेता आपस में उलझते दिख रहे हैं।
ये भी पढ़ें : अब दिया कुमारी की बारी, 'डेब्यू' बजट पेश करेंगी राजस्थान की फाइनेंस मिनिस्टर
मुख्यमंत्री ने लिया था निशाने पर
दोनों नेताओं के बीच बयानबाज़ी दरअसल मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के उस भाषण पर शुरू हुई है जो उन्होंने विधानसभा में राज्यपाल अभिभाषण पर चर्चा के जवाब में कही थीं। पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में हुए पेपर लीक की घटनाओं पर हमलावर होते हुए मुख्यमंत्री ने पूर्व शिक्षा मंत्री रहे कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा को जमकर निशाने पर लिया था। मुख्यमंत्री ने भाषण में कहा कि डोटासरा जी बताएं, आप कौन सी चक्की का आटा खिलाते थे और कौन सा पानी पिलाते थे कि एक ही परिवार से 4-4 आरएएस अफसर बन गए। हैरानी की बात यह भी है कि उन सभी के नंबर भी एक समान है। एक भी नंबर ऊपर नीचे नहीं है।