>>: सरिस्का का ये टाइगर सबसे ताकतवर

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सरिस्का का राजा वर्ष 2005 से पहले सांगा नामक टाइगर था। इसकी दहाड़ इतनी प्रभावशाली थी कि उसे सुनकर अन्य कोई वन्यजीव उसके इलाके में घुसने की हिम्मत नहीं जुटा पाता था। करीब 20 साल बाद युवराज में उसी की खूबी नजर आती है। वही कद, उसी तरह चाल। उसी तरह दहाड़। ये इस समय सरिस्का में छाया हुआ है। सरिस्का में वर्तमान में शावक बड़े हो रहे हैं, जो नई पीढ़ी को आगे बढ़ा रहे हैं। युवराज इनमें सबसे ताकतवर माना जा रहा है।


ये है युवराज की टेरेटरी

एसटी-21 का नाम युवराज है। इसकी उम्र करीब 5 साल है लेकिन देखने में 10 साल जितना लगता है। ये एडल्ट एज मानी जाती है। युवराज का वजन करीब 250 किलो है। उनकी जोड़ी एसटी-9 के साथ बनी है। ये मादा टाइगर है। दोनों ही पर्यटकों का मनोरंजन करते हैं। अक्सर साथ ही देखे जाते हैं। कालाकुआं, घानका चौकी, सरिस्का होटल गेट, सरिस्का पैलेस, उदयनाथ धाम के आसपास ये देखे जाते हैं। युवराज की टेरेटरी करीब 40 किमी लंबी है।


एसटी-19 के शावक बाला किला घूमकर बड़े हुए
एक बार शिकार करने के बाद ये दो से तीन दिन उसका आनंद उठाता है और फिर तीन से चार दिन तक ये लगातार चलता है। करीब एक सप्ताह में शिकार करता है। हालांकि यही खूबी अन्य टाइगरों की है। इस समय पर्यटकों का युवराज मनोरंजन कर रहा है। इसकी साइटिंग सबसे ज्यादा हो रही है। इसी तरह एसटी 19 के तीन शावक हैं। ये बाला किला क्षेत्र में घूमकर बड़े हुए हैं। मां से प्रशिक्षण पाए हैं। सरिस्का के सीनियर गाइड रामौतार कहते हैं कि ये शावक अब शिकार करने लगे हैं। टेरेटरी बना रहे हैं। इसी तरह एसटी-12 के दो शावक हैं। ये भी करीब तीन साल के हैं। एसटी 17 के भी शावक बड़े हो गए हैं। इनका आकार बड़ा हो गया है। ये मां से अलग होकर शिकार कर रहे हैं। शावकों की जो पीढ़ी थी वह एडल्ट अवस्था में पहुंच गई है। माना जा रहा है कि अब ये शावक पर्यटकों को लुभाएंगे।


ये थी सांगा की खूबियां
सरिस्का वर्ष 2005 में बाघविहीन घोषित होने से पूर्व वृद्ध बाघ (सांगा) का कई इलाकों में एक तरफा राज कायम रहा। इस बाघ की दहाड़ में इतना दम होता था कि उसकी दहाड़ सुन इलाके में अन्य कोई वन्यजीव घुसने की हिम्मत नहीं जुटा पाते थे। इस कारण इस बाघ का नाम वन्यजीव प्रेमियों ने सांगा रख दिया। वर्ष 2003- 04 में बाघ सांगा की मौत हो गई। बाद में उसके इलाके में अन्य वन्यजीवों का विचरण शुरू हुआ।


युवराज एडल्ट अवस्था में है। बड़ा हो गया है। इसकी टेरेटरी काफी लंबी है। शिकार अन्य टाइगर की तरह ही करता है और उसका आनंद उठाता है। सांभर, नीलगाय आदि खाना इन्हें अच्छा लगता है। अन्य शावक भी बड़े हो गए हैं।
--- महेश शर्मा, सरिस्का निदेशक

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