>>Patrika - A Hindi news portal brings latest news, headlines in hindi from India, world, business, politics, sports and entertainment! | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
You are receiving a digest because your subscriptions have exceeded your account's daily email quota. Your quota has automatically reset itself. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
Table of Contents
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
आदिवासी अंचल में जैविक खेती की अलख जगा रहे युवा किसान Saturday 06 April 2024 11:21 AM UTC+00 मदनसिंह राणावत/झाड़ोल. आजकल खेती में लगातार हो रहे रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग से खेत की उर्वरा शक्ति घटती जा रही है। तेजी से बढ़ती आबादी की खाद्य जरूरतों को पूरा करने के लिए खेती में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के बढ़ते इस्तेमाल का आम लोगों के स्वास्थ्य व पर्यावरण पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। अनाज और सब्जियों के माध्यम से इस जहर के लोगों के शरीर में पहुंचने के कारण वे तरह-तरह की बीमारियों का शिकार बन रहे हैं। ऐसे में खेत की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक जैविक खाद का प्रयोग करने की किसानों से अपील करते हैं। आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र झाड़ोल के प्रशिक्षण प्राप्त युवा किसान इन दिनों किसानों को जैविक खेती के प्रति जागरुक कर रहे हैं। इन युवा किसानों ने पहले सेवा मंदिर से प्रशिक्षण लिया। इसके बाद ये गांव गांव पहुंच कर किसानों को जैविक खेती के बारे में बता रहे है। इन युवा किसानों का कहना है कि अधिक से अधिक जैविक खाद का इस्तेमाल करें। इससे लागत कम आएगी और पैदावार भी बढ़ेगी। इससे प्रदूषण नहीं होता और यह पर्यावरण हितैषी भी है। साथ ही जैविक खेती के कारण किसानों की आय में बढ़ोतरी होती है। फसल प्रदर्शन केे माध्यम से प्रयोग करके कर रहे है जागरुक प्रशिक्षण कार्यक्रम के सहयोगी भगीरथ सिंह मीणा ने बताया कि ग्राम पंचायत देवास के ढाकला चौड़ा गांव की निवासी सूरज बाई (40) एवं भैंषाणा निवासी वालूराम मीणा (45) ने सेवा मंदिर झाड़ोल से जैविक खेती करने का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद गांव में नर्सरी लगाकर फसल प्रदर्शन केे माध्यम से प्रयोग करके आदिवासी अंचल में किसानों को जैविक खेती करने के लिए जागरुक कर रहे है। इससे क्षेत्र में आम लोगों को रासायनिक खाद से मुक्त अनाज व सब्जियां मिल पाए और स्थानीय बाजार झाड़ोल मुख्यालय पर सब्जी विक्रेताओं को बेचकर अच्छी आय भी प्राप्त कर सके। जैविक खेती से किसानों को लाभ ही लाभ
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांसवाड़ा में होगा त्रिकोणीय मुकाबला तो उदयपुर, चित्तौड़ में बड़े वोट बैंक में सेंध लगाएगी बीएपी Saturday 06 April 2024 11:51 AM UTC+00 बांसवाड़ा संसदीय सीट पर कांग्रेस व बीएपी (भारत आदिवासी पार्टी) का गठबंधन नहीं होने के बाद नए राजनीतिक समीकरण उपजे हैं। इसका असर समूचे मेवाड़-वागड़ क्षेत्र में देखने को मिलगा। खासकर बांसवाड़ा और उदयपुर की जनजाति आरक्षित सीट को नए समीकरण प्रभावित करेंगे। वहीं पहली बार लोकसभा चुनाव मैदान में उतरी बीएपी चित्तौड़ में भी बड़े वोट बैंक में सेंध लगाएगी। पार्टी ने प्रदेश की छह आदिवासी बहुल लोकसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में बांसवाड़ा संसदीय सीट पर स्पष्ट रूप से त्रिकोणीय मुकाबला होता दिख रहा है। यहां भाजपा की ओर से कभी कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे महेंद्रजीत सिंह मालवीया मैदान में हैं तो कांग्रेस ने नए चेहरे अरविंद डामोर को मैदान में उतारा है। वहीं बीएपी से चौरासी (डूंगरपुर) विधायक राजकुमार रोत चुनाव मैदान में हैं। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव की दृष्टि से देखा जाए तो बांसवाड़ा संसदीय क्षेत्र की आठ विधानसभा सीटों में पांच पर कांग्रेस, दो पर भाजपा और एक पर कांग्रेस का कब्जा है। लेकिन यहां सभी सीटों पर बीएपी टक्कर में रही। वहीं उदयपुर लोकसभा क्षेत्र की आठ विधानसभा सीटों में दो पर बीएपी का कब्जा है। -----विधानसभा चुनाव में यह रहे थे संसदीय क्षेत्र के हाल उदयपुर (अजजा) लोकसभा सीटभाजपा - 5 कांग्रेस - 1 बीएपी - 2 विधानसभा विधायक दल 1. उदयपुर शहर ताराचंद जैन भाजपा 2. उदयपुर ग्रामीण फूलचंद मीणा भाजपा 3. गोगुंदा प्रताप भील भाजपा 4. झाड़ोल बाबूलाल खराड़ी भाजपा 5. सलूम्बर अमृतलाल मीणा भाजपा 6. खेरवाड़ा दयाराम परमार कांग्रेस 7. धरियावद, प्रतापगढ़ थावरचंद मीणा बीएपी 8. आसपुर, डूंगरपुर उमेश मीणा बीएपी------- बांसवाड़ा (अजजा) लोकसभा सीट भाजपा - 2 कांग्रेस - 5 बीएपी - 1 1. बांसवाड़ा अर्जुन बामनिया कांग्रेस 2. बागीदौरा महेंद्रजीत ङ्क्षसह मालवीया कांग्रेस 3. घाटोल नानालाल निनामा कांग्रेस 4. गढ़ी कैलाशचंद्र मीणा भाजपा 5. कुशलगढ़ रमिला खडिय़ा कांग्रेस 6. डूंगरपुर गणेश घोघरा कांग्रेस 7. चौरासी राजकुमार रोत बीएपी 8. सागवाड़ा शंकर लाल डेचा भाजपा कहां किसके बीच मुकाबला उदयपुर भाजपा - डॉ. मन्ना लाल रावत कांग्रेस - ताराचंद मीणा बीएपी - प्रकाश बुझ --- बांसवाड़ा भाजपा - महेंद्रजीत सिंह मालवीया कांग्रेस - अरविंद डामोर बीएपी - राजकुमार रोत चित्तौड़गढ़ भाजपा - चंद्रप्रकाश जोशीकांग्रेस - उदयलाल आंजना बीएपी - मांगीलाल निनामा प्रदेश में यहां भी बीएपी के उम्मीदवार उदयपुर, बांसवाड़ा व चित्तौड़गढ़ के अलावा सिरोही, पाली-जालोर व टोंक-सवाई माधोपुर जैसी आदिवासी बहुल्य सीटों पर भी बीएपी ने अपने उम्मीदवार उतारे हैं। जाहिर है सभी जगह भाजपा और कांग्रेस के जुड़े आदिवासी वोट बैंक पर ये उम्मीदवार असर डालेंगे। --- हम प्रदेश में छह लोकसभा सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ रहे हैं। खासकर बांसवाड़ा, उदयपुर में मजबूत िस्थति में हैं। आदिवासी अधिकारों के लिए लड़ना हमारा प्रमुख मुद्दा है। - रमेश मईडा, प्रदेशाध्यक्ष, बीएपी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
22 लाख 30 हजार 971 मतदाता चुनेंगे अपना नेता Saturday 06 April 2024 11:57 AM UTC+00 Loksabha Election 2024: लोकसभा आम चुनाव को लेकर मतदाताओं के फाइनल आंकड़ें जारी कर दिए हैं। उदयपुर संसदीय क्षेत्र के लिए डूंगरपुर जिले के आसपुर और प्रतापगढ़ जिले के धारियावाद विधानसभा क्षेत्र सहित कल 22 लाख 30 हजार 971 मतदाता अपना सांसद चुनेंगे। उप जिला निर्वाचन अधिकारी एडीएम प्रशासन दीपेन्द्रसिंह राठौड़ ने बताया कि 8 मार्च को मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन किया था। इसके पश्चात 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले पात्र मतदाताओं से 24 मार्च तक आवेदन आमंत्रित किए गए। प्राप्त आवेदनों की जांच के बाद पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल कर पूरक प्रकाशन किया गया। उदयपुर संसदीय क्षेत्र में 11 लाख 33 हजार 207 पुरुष, 10 लाख 97 हजार 745 महिला तथा 19 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। संसदीय क्षेत्र में विधानसभा वार मतदाताओं की स्थिति
चित्तौड़गढ़ में शामिल हैं मावली-वल्लभनगर ये दो विधानसभाएं चित्तौगढ़ लोकसभा क्षेत्र में शामिल हैं। मावली में कुल 259502 मतदाताओं में पुरुष 131165, महिलाएं 128332 एवं 5 थर्ड जेंडर मतदाता तथा वल्लभनगर में कुल 265701 मतदाताओं में पुरुष 135032, महिलाएं 130667 एवं 2 थर्ड जेंडर मतदाता हैं। फैक्ट फाइल उदयपुर संसदीय क्षेत्र में कुल 2230 मतदान केंद्र और 34 सहायक मतदान केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इसमें गोगुन्दा में 286 मुख्य व 2 सहायक, झाड़ोल में 290, खेरवाड़ा में 314 मुख्य व 1 सहायक, उदयपुर ग्रामीण में 262 मुख्य व 12 सहायक, उदयपुर शहर में 216 मुख्य व 9 सहायक, सलूम्बर में 296 मुख्य व 2 सहायक, धरियावाद में 292 मुख्य व 6 सहायक तथा आसपुर में 274 मुख्य व 2 सहायक मतदान केंद्र रहेंगे। | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
2019 में प्रत्याशियों ने खर्च किए 27 करोड़, 11 ने नहीं दिया विवरण Saturday 06 April 2024 12:35 PM UTC+00 मधुसूदन शर्मा 1996 के बाद तेजी से बढ़ी खर्च राशि जानकारी के अनुसार पहले लोकसभा चुनाव के दौरान ये राशि 25 हजार रूपए तय थी। लेकिन जैसे-जैसे मतदाता बढ़े, महंगाई बढ़ी राशि में भी बढोतरी होती गई। लेकिन 1996 में खर्च राशि में बढोतरी की गई। इस वर्ष 4.5 लाख रुपए किए गए। 1998 में ये राशि बढ़कर 15 लाख कर दी गई। 2004 में 25 लाख व 2014 में दोगुनी से ज्यादा 70 लाख रुपए कर दिए गए। अब 2024 में इस राशि को बढ़ाकर 95 लाख रुपए कर दी गई है। क्या कहता है नियम आयोग ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1991 की धारा 10 (क) के तहत कार्रवाई की है। इसके तहत चुनाव परिणाम घोषित होने के 30 दिनों के भीतर उम्मीदवारों को चुनाव खर्च की जानकारी देनी होती है। इस निर्धारित अवधि में चुनाव खर्च का लेखाजोखा आयोग को नहीं देने या जानकारी देने का कोई उचित कारण नहीं बताने पर तीन वर्ष की अवधि के लिए अयोग्य ठहराया जा सकता है। 2019 में प्रत्याशियों का खर्च विवरण
छह लोकसभा क्षेत्रों में प्रत्याशियों ने नहीं दिया खर्च विवरण निर्वाचन आयोग की ओर से जारी किए गए आंकड़ों में 25 में से 6 लोकसभा क्षेत्र ऐसे रहे। जिन्होंने ये चुनाव के दौरान खर्च राशि का भी विवरण नहीं दिया है। इनमें इनमें सीकर से दो, अलवर से एक, भरतपुर से दो, टोंक-सवाईमाधोपुर से तीन, नागौर से एक और राजसमंद से दो प्रत्याशियों ने खर्च विवरण नहीं दिया है। | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उदयपुर से स्पेशल ट्रेनों के संचालन से मिल सकती है यात्रियों को राहत Saturday 06 April 2024 04:18 PM UTC+00 उदयपुर. अगर आप ट्रेन से यात्रा करने का प्लान बना रहे हैं तो एक बार ट्रेनों में बुकिंग की िस्थति जरूर देख लें। उदयपुर आवागमन करने वाली अधिकतर ट्रनों में आगामी एक से डेढ़ माह तक वेटिंग आ रही है। अब रेलवे की ओर से स्पेशल ट्रेन शुरू की जाती है तो यात्रियों को राहत मिल सकती है। इन ट्रेनों में चल रही वेटिंग इन जगहों के लिए चाहिए स्पेशल ट्रेन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| You received this email because you set up a subscription at Feedrabbit. This email was sent to you at abhijeet990099@gmail.com. Unsubscribe or change your subscription. |




