>>: Digest for April 07, 2024

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Table of Contents

विद्याधर नगर स्टेडियम में शनिवार को होने वाली कांग्रेस की रैली के लिए 600 फीट लंबा और 150 फीट चौड़ा डोम तैयार किया गया है। इसमें 25 हजार से ज्यादा कुर्सियां लगाई गई हैं। इसके अलावा डोम के दोनों तरफ टैंट भी लगाए गए हैं। प्रदेश कांग्रेस का दावा है कि रैली में जयपुर शहर सहित 6 लोकसभा क्षेत्रों से 50 हजार से ज्यादा कार्यकर्ता शामिल होंगे।

 


बिहार, बंगाल, यूपी से आए मजदूर

रैली स्थल पर 50 से ज्यादा मजदूरों ने बुधवार सुबह 8 बजे से लेकर शुक्रवार रात 12 बजे तक 48 घंटे में डोम तैयार किया। मजदूर अमित और राहुल ने बताया कि अधिकांश मजदूर बिहार, बंगाल और उत्तर प्रदेश के हैं। मजदूरों ने बताया कि सीकर में हुई भाजपा की रैली में भी उन्होंने डोम तैयार किया था। रैली की समाप्ति के बाद से ही डोम खोलने का काम शुरू होगा। मजदूर विशाल ने बताया कि जितने घंटे डोम तैयार करने में लगे हैं उतने ही डोम को उतारने में लगेंगे।

 

गर्मी से बचाव के लिए पंखे और कूलर

डोम में कार्यकर्ताओं और आम जनता के लिए पंखें और बड़े कूलर भी लगाए गए हैं। डोम की छत पर पंखे लगाए गए हैं, जबकि मंच पर दोनों तरफ एसी लगाए हैं। मंच के अलावा रैली स्थल के आसपास पर पांच बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं।

 

डोम को चार श्रेणी में बांटा
डोम को चार श्रेणी में बांटा गया है। मंच के सामने वाले हिस्से में विधायक, पूर्व विधायक, पूर्व सांसद बैठेंगे तो वहीं उसके बगल में पीसीसी पदाधिकारी और जिलाध्यक्ष बैठेंगे। उनके पीछे की तरफ छह लोकसभा क्षेत्र से आने वाले ब्लॉक अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष और आम कार्यकर्ताओं को जगह दी जाएगी।

डेढ़ सौ नेताओं को जगह

मंच पर 150 नेताओं को जगह दी जाएगी। सबसे पीछे की पंक्ति में 6 जिलों के विधायक, विधानसभा प्रत्याशी को जगह मिलेगी। उसके आगे की तरफ 6 लोकसभा क्षेत्र के प्रत्याशी बैठेंगे। वहीं, सबसे आगे वाली लाइन में पार्टी के केंद्रीय नेताओं के साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा, प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट बैठेंगे।

जयपुर

लोकसभा आम चुनाव-2024 में 85 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ मतदाता तथा 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले मतदाता भारत निर्वाचन आयोग की पहल पर पहली बार घर से ही उत्साहपूर्वक मतदान कर रहे हैं। प्रदेश के 12 लोकसभा क्षेत्रों में शुक्रवार से होम वोटिंग की शुरुआत हुई।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने बताया कि लोकसभा आम चुनाव-2024 के अंतर्गत प्रदेश में 85 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ मतदाता तथा दिव्यांग मतदाताओं को घर से ही मतदान करने की सुविधा का विकल्प दिया गया है। प्रदेश में शुक्रवार को होम वोटिंग के पहले दिन 4619 बुजुर्ग तथा 1632 दिव्यांग मतदाताओं ने घर से मतदान करने की सुविधा का लाभ लिया है।
उन्होंने बताया कि प्रथम चरण के 12 लोकसभा क्षेत्रों के लिए पात्र 36,558 पात्र मतदाताओं के फॉर्म स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 27,443 वरिष्ठ नागरिक और 9,115 दिव्यांग शामिल हैं। विशेष मतदान दल ऐसे मतदाताओं के घर जाकर पूरी गोपनीयता के साथ डाक मतपत्र के माध्यम से उनका मतदान करवा रहे हैं। प्रथम चरण के लोकसभा क्षेत्रों में होम वोटिंग के लिए मतदान की प्रक्रिया 5 से 13 अप्रैल तक चलेगी। किसी कारण से मतदाता के होम वोटिंग के लिए अनुपस्थित या वंचित रह जाने पर दूसरा चरण 15 से 16 अप्रैल के बीच होगा।

कई दिव्यांग मतदाताओं ने किया पहली बार मतदान
प्रथम चरण के 12 लोकसभा क्षेत्रों में विशेष मतदान दलों ने पूरी सक्रियता के साथ शुक्रवार सुबह 9 बजे से होम वोटिंग के लिए मतदाताओं के घर-घर जाना प्रारम्भ किया। हनुमानगढ़ जंक्शन की बाबा श्याम कॉलोनी के 24 वर्षीय जगदीप सिंह (विशेष योग्यजन) का मतदान को लेकर उत्साह देखते ही बनता है..उन्होंने उत्साह के साथ कहा कि मैंने तो वोट किया, अब बुआ को भी बताऊंगा।
इसी तरह अलवर के हाउसिंग बोर्ड निवासी सुंदर सिंह ने कहा मतदान केंद्र पर मत डालने में असमर्थ था,घर पर ही मतदान कराया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने मुझ जैसे मतदाताओं को यह अच्छी सहूलियत दी है। मैंने तो वोट कर दिया है, मुझे बहुत अच्छा लगा। अब आप भी जरूर करना। मुझे से और मतदाताओं को भी प्रोत्साहन मिलेगा। अलवर शहर के ही तीजकी रोड़ निवासी 90 वर्षीय मतदाता श्रीमती अनारो देवी ने मताधिकार का उपयोग किया। अनारो देवी के पुत्र सत्यपाल ने कहा मतदान केंद्र तक माताजी को ले जाने में काफी परेशानी होती होम वोटिंग से बहुत सहूलियत हुई है।

जयपुर के बनीपार्क निवासी पूर्व न्यायाधीश वीएस दवे ने होम वोटिंग सुविधा के तहत घर से मतदान किया। उन्होंने बताया कि वे 1952 से वोट करते आ रहे हैं। उन्होंने कभी भी वोट देना नहीं छोड़ा।उम्र 92 साल होने के कारण उन्होंने होम वोटिंग के लिए आवेदन किया था। होम वोटिंग के तहत घर से मतदान की सुविधा मुहैया करवाए जाने पर उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग का आभार जताया। साथ ही उन्होंने सभी से मतदान जरूर करने की अपील भी की है। उन्होंने कहा- वोटिंग का दिन एक राष्ट्रीय पर्व की तरह है। हर वोटर का दायित्व और जिम्मेदारी है कि देश के लिए, विकास के लिए अवश्य मताधिकार का प्रयोग करें।

Weather Update : जयपुर सहित पूरे प्रदेश में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से बीते 72 घंटे से मौसम सुहावना बना हुआ है। इस बीच तापमान में उतार चढ़ाव के साथ ही कुछ जगहों पर राहत की बूंदों बरसने के साथ ही ओलावृष्टि से आमजन को गर्मी से राहत मिली है। अप्रेल के महीने में जहां दक्षिणी पश्चिमी राजस्थान में गर्मी झुलसाने लगती है और तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचता है। इन दिनों तापमान तीन से चार डिग्री सेल्सियस कम है। शुक्रवार को जयपुर में सुबह से बादल छाए हैं। हल्की ठंडी हवा भी चली।

 

आज भी बादल छाने के आसार
मौसम विभाग के मुताबिक वर्तमान समय में एक पश्चिमी विक्षोभ का परिसंचरण तंत्र सक्रिय है। इसके कारण बादल छाए रहने और कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई है। शनिवार को भी बादल छाए रहेंगे। उसके बाद सात और आठ अप्रेल को मौसम साफ रहेगा। उसके बाद 9 से 11 अप्रेल तक फिर बादल छाए रहेंगे। इस बीच हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई है।

 

जयपुर मौसम केंद्र के मुताबिक शुक्रवार को बाड़मेर के फलसूंड गांव में तेज तूफानी बारिश का दौर चला। इस दौरान ओले भी गिरे। 14 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश से गांव में जगह-जगह पानी जमा हो गया। माउंट आबू में भी सवेरे-शाम हवा चलने से मौसम खुशनुमा रहा। सैलानियों ने सड़कों, बाजारों में चहलकदमी करते हुए मौसम का लुत्फ उठाया। नागौर में भी ओले गिरे। इसबगोल, गेहूं व सौंफ की फसलों को नुकसान हो गया। फिरोजपुरा, रूपाथल, गाजू, लूणसरा, सिंधलास, आकेली बी, बुटाटी में अंधड़ के साथ चने के आकार के ओले गिरे। सवाईमाधोपुर में भी रिमझिम बारिश हुई।

प्रमुख जगहों का पारा
प्रदेश में शुक्रवार को अधिकतम तापमान पाली का 37.6, श्रीगंगानगर का 36.4, चित्तौड़गढ़ का 36.1, कोटा का 36.6, झालवाड़ का 36, पिलानी का 35.9, बारां का 38.4 , अलवर का 35, अजमेर का 34.1, भीलवाड़ा का 35.5, चूरू का 35.6, जयपुर का 35.1, जैसलमेर का 36.1, माउंटआबू का 26.8 डिग्री सेल्सियस पारा दर्ज किया गया।

 

 

Lok Sabha Elections 2024 : लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की पहली बड़ी जनसभा शनिवार को सुबह 11 बजे जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में होगी। जनसभा में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी सहित तमाम केन्द्रीय नेता मौजूद रहेंगे। रैली के जरिए कांग्रेस जयपुर शहर, जयपुर ग्रामीण, सीकर, अजमेर, दौसा, अलवर लोकसभा क्षेत्रों की 40 विधानसभा सीटों को साधने का प्रयास करेगी।

कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव को लेकर चुनाव घोषणा पत्र जारी कर दिया है, लेकिन प्रदेश की जनता को इस घोषणा पत्र के बारे में जनसभा में बताया जाएगा। कांग्रेस चाहती है कि उनके घोषणा पत्र को राज्यों में भी जनसभाओं में बताया जाए। जिससे उनके चुनावी वादे जमीनी स्तर पर पहुंच सके। इस मौके पर जनसभा में शामिल सभी लोगों को पार्टी का न्याय पत्र देने के साथ ही सभी का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा।

 

हेलीकॉप्टर से पहुंचेंगे जयपुर

 

खरगे-सोनिया और प्रियंका दोपहर 12 बजे हेलीकॉप्टर से जयपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे, जहां पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पीसीसी बीफ गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली उनका स्वागत करेंगे। इसके बाद तमाम नेता अलग-अलग वाहनों से जनसभा में पहुंचेंगे।

 

डोम को चार श्रेणी में बांटा


डोम को चार श्रेणी में बांटा गया है। मंच के सामने वाले हिस्से में विधायक, पूर्व विधायक, पूर्व सांसद बैठेंगे तो वहीं उसके बगल में पीसीसी पदाधिकारी और जिलाध्यक्ष बैठेंगे। उनके पीछे की तरफ छह लोकसभा क्षेत्र से आने वाले ब्लॉक अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष और आम कार्यकर्ताओं को जगह दी जाएगी।

डेढ़ सौ नेताओं को जगह

मंच पर 150 नेताओं को जगह दी जाएगी। सबसे पीछे की पंक्ति में 6 जिलों के विधायक, विधानसभा प्रत्याशी को जगह मिलेगी। उसके आगे की तरफ 6 लोकसभा क्षेत्र के प्रत्याशी बैठेंगे। वहीं, सबसे आगे वाली लाइन में पार्टी के केंद्रीय नेताओं के साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा, प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट बैठेंगे।

 

 

50मजदूरों ने 48 घंटे में तैयार किया 600 फीट लंबा डोम

 


विद्याधर नगर स्टेडियम में होने वाली कांग्रेस की रैली के लिए 600 फीट लंबा और 150 फीट चौड़ा डोम तैयार किया गया है। इसमें 25 हजार से ज्यादा कुर्सियां लगाई गई हैं। इसके अलावा डोम के दोनों तरफ टैंट भी लगाए गए हैं। प्रदेश कांग्रेस का दावा है कि रैली में जयपुर शहर सहित 6 लोकसभा क्षेत्रों से 50 हजार से ज्यादा कार्यकर्ता शामिल होंगे।

 

बिहार, बंगाल, यूपी से आए मजदूर

 

रैली स्थल पर 50 से ज्यादा मजदूरों ने बुधवार सुबह 8 बजे से लेकर शुक्रवार रात 12 बजे तक 48 घंटे में डोम तैयार किया। मजदूर अमित और राहुल ने बताया कि अधिकांश मजदूर बिहार, बंगाल और उत्तर प्रदेश के हैं। मजदूरों ने बताया कि सीकर में हुई भाजपा की रैली में भी उन्होंने डोम तैयार किया था। रैली की समाप्ति के बाद से ही डोम खोलने का काम शुरू होगा। मजदूर विशाल ने बताया कि जितने घंटे डोम तैयार करने में लगे हैं उतने ही डोम को उतारने में लगेंगे।

 

गर्मी से बचाव के लिए पंखे और कूलर

 

डोम में कार्यकर्ताओं और आम जनता के लिए पंखें और बड़े कूलर भी लगाए गए हैं। डोम की छत पर पंखे लगाए गए हैं, जबकि मंच पर दोनों तरफ एसी लगाए हैं। मंच के अलावा रैली स्थल के आसपास पर पांच बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं।

 



 

जयपुर। जे.के. ऑर्गेनाइनेजेशन का इनिशिएटिव जे. के लक्ष्मीपत यूनिवर्सिटी (जेकेएलयू), अपने एक परिवर्तनकारी कार्यक्रम, 'मीट द मास्टर मेंटर' की मेजबानी करने के लिए तैयार है, जिसमें प्रसिद्ध शिक्षक और पद्मश्री पुरस्कार विजेता, सुपर थर्टी के फाउण्डर आनन्द कुमार शामिल होंगे। इस प्रेरक कार्यक्रम का मकसद प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करने वाले इच्छुक भावी इंजीनियरों को प्रेरित करना और मार्गदर्शन करना है और आज दोपहर तीन बजे से शाम पांच बजे तक कोटा में रेडिसन के कंट्री इन एण्ड सुइट्स में आयोजित किया जा रहा है।

आनन्द कुमार के शिक्षा के क्षेत्र में, विशेष रूप से वंचित छात्रों के साथ किया गया अपूर्व कार्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी सराहा गया है। संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) में सफल होने और प्रतिष्ठित आईआईटी में प्रवेश पाने में उनके छात्रों की असाधारण सफलता ने उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में एक आइकन बना दिया है। 'मीट द मास्टर मेंटर' कार्यक्रम में, आनन्द कुमार प्रतिष्ठित इण्डियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) की तैयारी के लिए अपना अमूल्य दृष्टिकोण और मार्गदर्शन साझा करेंगे।

इसके अतिरिक्त, आनंद कुमार की प्रतिष्ठित 'सुपर 10 स्कॉलर' सूची में शामिल होने के लिए 10 असाधारण छात्रों का चयन किया जाएगा। इन अभ्यर्थियों को न्यूनतम आवश्यकताओं को पूरा करने के अधीन, जेकेएलयू में 4 वर्षीय बी.टेक (कंप्यूटर विज्ञान कार्यक्रम) के लिए पूरी तरह से फायनेंस स्कॉलरशिप ऑफर की जाएगी। इस अवसर के लिए पंजीकरण निःशुल्क है और इच्छुक भावी इंजीनियर इस लिंक पर साइन अप कर सकते हैं।

इस आयोजन के बारे में जेके लक्ष्मीपत यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. धीरज सांघी ने कहा, हम 'मीट द मास्टर मेंटर' कार्यक्रम में आनंद कुमार की मेजबानी करने और छात्रों को हमारे समय के महानतम शिक्षकों में से एक से सीखने का अवसर प्रदान करने के लिए उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल महत्वाकांक्षी इंजीनियरों को पोषित करने के हमारे मिशन के अनुरूप है, बल्कि उन्हें विश्व स्तरीय शिक्षा और परामर्श अवसर प्रदान करने के लिए हमारे द्वारा किए गए वादों को भी दर्शाता है।

जयपुर। जे.के. ऑर्गेनाइनेजेशन का इनिशिएटिव जे. के लक्ष्मीपत यूनिवर्सिटी (जेकेएलयू), अपने एक परिवर्तनकारी कार्यक्रम, 'मीट द मास्टर मेंटर' की मेजबानी करने के लिए तैयार है, जिसमें प्रसिद्ध शिक्षक और पद्मश्री पुरस्कार विजेता, सुपर थर्टी के फाउण्डर आनन्द कुमार शामिल होंगे। इस प्रेरक कार्यक्रम का मकसद प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करने वाले इच्छुक भावी इंजीनियरों को प्रेरित करना और मार्गदर्शन करना है और आज दोपहर तीन बजे से शाम पांच बजे तक कोटा में रेडिसन के कंट्री इन एण्ड सुइट्स में आयोजित किया जा रहा है।

आनन्द कुमार के शिक्षा के क्षेत्र में, विशेष रूप से वंचित छात्रों के साथ किया गया अपूर्व कार्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी सराहा गया है। संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) में सफल होने और प्रतिष्ठित आईआईटी में प्रवेश पाने में उनके छात्रों की असाधारण सफलता ने उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में एक आइकन बना दिया है। 'मीट द मास्टर मेंटर' कार्यक्रम में, आनन्द कुमार प्रतिष्ठित इण्डियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) की तैयारी के लिए अपना अमूल्य दृष्टिकोण और मार्गदर्शन साझा करेंगे।

इसके अतिरिक्त, आनंद कुमार की प्रतिष्ठित 'सुपर 10 स्कॉलर' सूची में शामिल होने के लिए 10 असाधारण छात्रों का चयन किया जाएगा। इन अभ्यर्थियों को न्यूनतम आवश्यकताओं को पूरा करने के अधीन, जेकेएलयू में 4 वर्षीय बी.टेक (कंप्यूटर विज्ञान कार्यक्रम) के लिए पूरी तरह से फायनेंस स्कॉलरशिप ऑफर की जाएगी। इस अवसर के लिए पंजीकरण निःशुल्क है और इच्छुक भावी इंजीनियर इस लिंक पर साइन अप कर सकते हैं।

इस आयोजन के बारे में जेके लक्ष्मीपत यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. धीरज सांघी ने कहा, हम 'मीट द मास्टर मेंटर' कार्यक्रम में आनंद कुमार की मेजबानी करने और छात्रों को हमारे समय के महानतम शिक्षकों में से एक से सीखने का अवसर प्रदान करने के लिए उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल महत्वाकांक्षी इंजीनियरों को पोषित करने के हमारे मिशन के अनुरूप है, बल्कि उन्हें विश्व स्तरीय शिक्षा और परामर्श अवसर प्रदान करने के लिए हमारे द्वारा किए गए वादों को भी दर्शाता है।

जयपुर।बिंदायका थाना इलाके में सिरसी रोड़ स्थित श्रीराम पाल वाले बालाजी मंदिर के पास एक टैंट गोदाम में शुक्रवार सुबह आग लग गई। धीरे धीरे आग ने विकराल रुप धारण कर लिया। आग ने आस-पास बने तीस टीन शेड के कच्चे घरों को अपनी चपेट में लिया। गनीमत यह रही कि टैंट गोदाम व टीनशेड के कच्चे घरों में मजदूर नहीं थे वरना बड़ा हादसा हो सकता था। आग लगने के कारणों का पता नहीं चला है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के मुताबिक जानकारी के मुताबिक सिरसी में राकेश जैन को जैन टैन्ट डेकोरेटर्स के नाम से दो-ढाई बीघा जमीन में फैला टैंट गोदाम है। आग के समय गोदाम में दो कर्मचारी व गोदाम मालिक मौजूद थे। गोदाम में धुआं उठता देख उन्होंने इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम व फायर बिग्रेड को दी। आग की शुरूआत टैंट गोदाम के एक छोटे हिस्से में लगी थी लेकिन रेशमी कपड़ा, लकड़ी, सोफे, कारपेट, कुर्सियां, फर्नीचर सहित स्टेज का सामान में तेजी से आग फैलती चली गई। देखते ही देखते आग ने टैंट ऑफिस व गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। आग ने विकराल रूप धारण कर लिया जिससे गोदाम के पास ही बने नगर निगम में डोर-टू-डोर से कचरा उठाने वाले प्राइवेट कम्पनी के कर्मचारियों के टीनशेडनुमा कच्चे करीब 25-30 घर भी जलकर राख हो गए। आग से शादी समारोह में लगने वाले सजावटी टैंट के कपड़े, कारपेट, सोफे, गद्दे, कुर्सिया, फर्नीचर, डेकोरेशन का सामान जल गया। सूचना पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी गौत्तम लाल मौके पर पहुंचे। 8 दमकलों और तीन पानी के टैंकरों ने कई फेरे लगाकर ढाई घंटे में आग पर काबू पाया।

जयपुर। आदर्श नगर थाना इलाके में गुरुवार देर रात राजापार्क चौराहे पर ट्रक और बाइक में आमने सामने टक्कर हो गई। टक्कर लगने से बाइक सवार चार युवक घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को एसएमएस अस्पताल के ट्रोमा में भर्ती करवाया जहां दो जनों की उपचार के दौरान मौत हो गई। जबकि एक जने का उपचार चल रहा है और दूसरे को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया।
पुलिस के मुताबिक बालजी की कोठी का रास्ता घाटगेट निवासी अब्दुल शफीक खान ने रिपोर्ट दी। जिसमें बताया कि उनका भांजा घाटगेट निवासी अब्दुल सलाम गुरुवार रात 12 बजे बजे बाइक से ट्रांसपोर्ट नगर से राजापार्क जा रहा था। बाइक को हसनैन चला रहा था। बाइक पर अब्दुल सलाम, मोहम्मद सूफियान और अलफेज बैठे हुए थे। रात 12 बजे गुरुद्वारा मोड़ राजापार्क के पास पहुंचे। उसी समय त्रिमूर्ति सर्कल से आ रहे ट्रक ने उनके सामने से टक्कर मार दी। हादसे में अब्दुल सलाम और मोहम्मद सूफियान की मौत हो गई। अलफेज का एसएमएस अस्पताल में उपचार चल रहा है।

ट्रक छोड़कर भाग गया चालक
बताया जा रहा कि ट्रक टक्कर मारने के बाद ट्रक को साइड में खड़ा करके भाग गया। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया। पुलिस ट्रक नम्बरों के आधार पर चालक की तलाश कर रही है।

World Health Day 2024: विश्व स्वास्थ्य दिवस हर साल 7 अप्रैल को मनाया जाता है। यह दिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा दुनिया भर में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और लोगों को प्रभावित करने वाले स्वास्थ्य मुद्दों पर कार्रवाई करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए आयोजित किया जाता है।

अच्छा स्वास्थ्य और लंबा जीवन जीने के लिए कई चीज़ें ज़रूरी होती हैं, जैसे कि जीन, वातावरण और आपकी आदतें। वैसे तो जीन भी लंबा जीवन जीने में भूमिका निभाते हैं, लेकिन आपकी आदतें आपके स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं। इस लेख में हम ऐसी आदतों के बारे में जानेंगे जो आपको लंबा जीवन जीने में मदद कर सकती हैं।

लंबा जीवन जीने में मददगार आदतें: Habits helpful in living a long life:

1.

नियमित व्यायाम: Regular exercise


शारीरिक रूप से सक्रिय रहना वजन को संतुलित रखने, दिल और दिमाग को मजबूत बनाने, रक्त संचार को बेहतर बनाने और मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों के खतरे को कम करने में मदद करता है। लक्ष्य यह रखें कि आप हर हफ्ते कम से कम 150 मिनट मध्यम व्यायाम या 75 मिनट ज़ोरदार व्यायाम करें। साथ ही, हफ्ते में दो या उससे अधिक दिन मांसपेशियों को मजबूत बनाने वाली एक्सरसाइज भी ज़रूर करें।

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2.

स्वस्थ आहार: Healthy diet


फल, सब्जियां, साबुत अनाज, कम चर्बी वाला प्रोटीन और हेल्दी फैट से भरपूर संतुलित आहार खाने से पोषक तत्व, एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर मिलते हैं, जो लंबे समय तक स्वस्थ रहने में मदद करते हैं। पैकेटबंद खाने की चीज़ें, मीठे पेय पदार्थ और नमक और संतृप्त वसा का अधिक सेवन कम करें।

3. अच्छी नींद: Good sleep
अच्छी नींद शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत ज़रूरी है। हर रात 7 से 9 घंटे की नींद ज़रूर लें ताकि आपका शरीर आराम कर सके, खुद को ठीक कर सके और नई ऊर्जा पा सके। सोने से पहले आरामदायक दिनचर्या बनाएं, सोने से पहले कैफीन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से दूर रहें और सोने के लिए एक आरामदायक वातावरण बनाए रखें।

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4.

तनाव कम करें: Reduce stress


तनाव का लंबे समय तक रहना आपकी सेहत और उम्र को कम कर सकता है। मन को शांत करने वाली तकनीकें अपनाएं जैसे ध्यान, गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज, योग या प्रकृति में समय बिताना। ऐसे शौक और काम करें जिनसे आपको खुशी और आराम मिले।

5.

लोगों से जुड़े रहें: Stay connected to people


अच्छे रिश्ते और समाज से जुड़ाव मानसिक स्वास्थ्य और लंबे जीवन जीने से जुड़े होते हैं। दोस्तों, परिवार और रिश्तेदारों के साथ नियमित रूप से बातचीत, गतिविधियों और सहायता नेटवर्क के माध्यम से जुड़े रहें।

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6. शराब का कम सेवन करें: Drink less alcohol

अत्यधिक शराब का सेवन लीवर की बीमारी, हृदय संबंधी समस्याओं और कुछ खास तरह के कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है। शराब का सेवन सीमित मात्रा में ही करें, सामान्य तौर पर यह महिलाओं के लिए एक पैग और पुरुषों के लिए दो पैग प्रतिदिन से अधिक नहीं होना चाहिए।

7.

तंबाकू का सेवन न करें: Do not use tobacco:


धूम्रपान दुनिया भर में होने वाली मौतों का एक मुख्य कारण है और यह कैंसर, हृदय रोग और सांस संबंधी बीमारियों जैसी कई स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा हुआ है। लंबा जीवन जीने और स्वस्थ रहने के लिए धूम्रपान और दूसरों के धूम्रपान से दूर रहें।

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8.

नियमित स्वास्थ्य जांच Regular health checkup


नियमित स्वास्थ्य जांच और जांच से संभावित स्वास्थ्य समस्याओं का शीघ्र पता लगाने में मदद मिल सकती है, जिससे समय पर हस्तक्षेप और उपचार की अनुमति मिलती है। रक्तचाप जांच, कोलेस्ट्रॉल परीक्षण, मैमोग्राम और कोलोरेक्टल स्क्रीनिंग जैसी स्क्रीनिंग के लिए अनुशंसित दिशानिर्देशों का पालन करें।

9.

स्वस्थ वजन बनाए रखें Maintain a healthy weight


मोटापा कई पुरानी बीमारियों के लिए एक महत्वपूर्ण जोखिम कारक है और जीवनकाल को छोटा कर सकता है। संतुलित आहार और नियमित व्यायाम के संयोजन के माध्यम से स्वस्थ वजन बनाए रखने का प्रयास करें। स्वस्थ सीमा (18.5-24.9) के भीतर बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) का लक्ष्य रखें।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें

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Earthquake in Rajasthan : राजस्थान के पाली जिले में शुक्रवार देर रात को भूकंप के झटके महसूस किए गए। इसका असर देसूरी सहित आसपास के एक दर्जन से ज्यादा गांवों में देखने को मिला। हालांकि, अभी तक किसी के हताहत होने की खबर सामने नहीं आई है। बता दें कि राजस्थान में इस साल ये दूसरी बार है, जब भूकंप आया है। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक राजस्थान के पाली जिले में शुक्रवार देर रात करीब 1.29 बजे भूंकप के हल्के झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 3.7 मापी गई है। भूकंप का केंद्र पाली से 71 किलोमीटर दूर पिपला गांव में रहा।

घरों से बाहर निकले लोग



पाली में आधी रात जब भूकंप आया, तब लोग गहरी नींद में सोए हुए थे। इसके चलते अधिकतर लोगों को भूकंप के झटकों का अहसास नहीं हुआ। लेकिन, भूकंप के झटकों ने कुछ लोगों में सिहरन दौड़ा दी और अपने परिवार वालों को भी जगा दिया। भूकंप के कारण घरों की खिड़कियां और पंखे हिलने लगे। ऐसे में घबराकर लोग तुरंत घरों से बाहर निकल आ गए।

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इन गांवों में महसूस हुए भूकंप के झटके



पाली सहित आसपास के एक दर्जन से ज्यादा गांवों में देर रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। जानकारी के मुताबकि देसूरी, सादड़ी, घाणेराव, मुंडारा, नाड़ोल, नारलाई, आना सहित आसपास के कई गांवों में भूकंप आया।

जनवरी में भी आया था भूकंप



बता दें कि राजस्थान में इस साल ये दूसरी बार है, जब भूकंप के झटके महसूस किए गए है। इससे पहले जनवरी में राजधानी जयपुर के सांभर इलाके में भूकंप आया था। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार जयपुर के सांभर में रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 2.9 की मापी गई थी। भूकंप का केंद्र सांभर में ही धरती की सतह के 11 किलोमीटर नीचे रहा था। हालांकि, जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ था।

क्यों आता है भूकंप?



भूकंप का आना एक प्राकृतिक क्रिया है। धरती के भीतर कई प्लेट्स होती हैं जो अक्सर विस्थापित होती हैं। प्लेट्स के इस विस्थापन के सिद्धांत को प्लेट टैक्टॉनिकक कहते हैं। इन प्लेट्स के विस्थापन के कारण धरती हिलती है और भूकंप आता है। बता दें कि पिछले 4-5 दिन से धरती पर टेक्टोनिक प्लेट्स में भारी मूवमेंट हो रहा है। ऐसे में दुनियाभर में फाल्ट लाइन्स के करीब भूकंप के झटके लग रहे हैं।

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देश की राजधानी दिल्ली में गर्मी तो पड़ रही है, लेकिन बच्चों के लिए एक राहत की खबर है। दिल्ली ने समर वेकेशन यानी कि गर्मी की छुट्टियां (Summer Vacation 2024) घोषित कर दी है, जिसे देखते हुए अभिभावक किसी ठंडी जगह पर छुट्टियां बीताने के लिए प्लान कर सकते हैं। आइए, जानते हैं कि दिल्ली के स्कूल कब से कब तक बंद (Delhi Schools Closed) रहेंगे।

दिल्ली में गर्मी की छुट्टियां कब होंगी? (Delhi School Summer Vacation 2024)


मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली में इस साल कुल 1 महीने 19 दिनों की गर्मी की छुट्टियां रहेंगी। समर वेकेशन 11 मई से 30 जून के बीच रहेगी। नए शैक्षणिक सत्र (New Academic Session 2024-25) में दिल्ली के स्कूल सिर्फ 220 दिन खुले रहेंगे। दिल्ली शिक्षा निदेशालय (DOE) ने सभी स्कूलों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि उनके यहां कुल 220 दिन पढ़ाई करवाई जाएगी। इस हिसाब से छुट्टियां प्लान की जाएं।


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समर वेकेशन के बाद भी रहेंगे दिल्ली के स्कूल बंद


वहीं राष्ट्रीय राजधानी के स्कूलों में समर वेकेशन (Summer Vacation 2024) के अलावा भी कई छुट्टियां रहेंगी। अप्रैल महीने में कुल तीन छुट्टियां रहेंगी। वहीं मई महीने में समर वेकेशन की छुट्टियां। जुलाई, अगस्त और सितंबर मिलाकर तीन छुट्टियां। अक्टूबर में चार छुट्टियां, नवंबर में एक और दिसंबर में एक छुट्टी रहेगी।

  • 11 अप्रैल- ईद-उल-फितर
  • 17 अप्रैल- राम नवमी
  • 21 अप्रैल- महावीर जयंती
  • 11 मई से 30 जून- समर वेकेशन
  • 17 जुलाई-मुहर्रम
  • 26 अगस्त-जन्माष्टमी
  • 16 सितंबर- ईद- ए- मिलाद
  • 02 अक्टूबर- गांधी जयंती (राष्ट्रीय अवकाश)
  • 12 अक्टूबर- दशहरा
  • 17 अक्टूबर- वाल्मीकि जयंती
  • 31 अक्टूबर- दिवाली
  • 15 नवंबर- गुरु नानक जयंती
  • 25 दिसंबर- क्रिसमस
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आज के डिजिटल दौर में हर कोई सोशल मीडिया से जुड़ा है। इसी मीडिया के जरिये तमाम युवाओं ने आमदनी का रास्ता निकाल लिया है। वह रील्स बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर शहर की खूबसूरती को लोगों तक पहुंचा रहे हैं। साथ ही ब्लॉग बनाकर कंटेट से खुद की पहचान को भी बढ़ा रहे हैं। इन युवाओं के सोशल मीडिया पर लाखों की संख्या में फॉलोअर्स है। पत्रिका से बातचीत में यंगस्टर्स ने कहा कि पत्रिका गेट पर बनी रील्स से सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा व्यू, लाइक और शेयर आते हैं। जयपुर में रील्स शूट कराने के लिए कई शहरों से लोग आते हैं। ऐसे में रील्स शूटिंग के लिए पत्रिका गेट उनकी पहली पसंद होता है।

अब चैनल पर हजारों फॉलोअर्स
शहर के सुजैन खान ने कहा कि कोरोना काल में रील्स बनाना शुरू किया था। वर्तमान में विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हजारों की संख्या में फॉलोअर्स है। उन्होंने बताया कि वे इंस्टाग्राम पर हफ्ते में पांच से छह पोस्ट शेयर करते हैं। अच्छे फॉलोअर्स है तो कई चीजों के विज्ञापन भी मिल जाते हैं, जिससे इनकम हो जाती है। सबसे ज्यादा रील्स पत्रिका गेट पर शूट की है।
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सीकर से आए रील्स शूट करने: सीकर से पत्रिका गेट पर ब्लॉग शूट करने आए साहिल इस्लामुद्दीन गौड़ का कहना है कि मेरा यूट्यूब पर ब्लॉग बना हुआ है। इस पर फूड, ट्रैवलिंग आदि से जुड़े वीडियो डालता हूं। बेहतर कंटेट परोसने से फॉलोअर्स भी बढ़ते रहते हैं। फॉलोअर्स तभी बढ़ेंगे जब आप बेहतर कंटेंट देते हैं। नयापन जरूरी है। इसके जरिये अच्छी खासी इनकम हो जाती है।
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आते हैं मिलियन व्यूज
जयपुर निवासी महावीर ने बताया कि यूट्यूब पर चैनल बनाकर पिछले दो वर्ष से वीडियो और रील्स शूट कर रहा हूं। पत्रिका गेट पर बनाई रील्स पर कई बार मिलियन में व्यूज आते हैं। उन्होंने बताया कि ये उनके लिए अब इनकम का जरिया बन गया है। इन दिनों तमाम नए विषय आ गए हैं, जिन पर वीडियो पोस्ट की जा रही है।

Pre diabetic symptoms feet : यदि आप नियमित रूप से अपने पैरों में झुनझुनाहट, जलन, सुन्न होना और दर्द का अनुभव कर रहे हैं, तो आप प्री-डायबिटीज (Pre diabetic) हो सकते हैं - यह इस बात का संकेत है कि आपके शरीर में इंसुलिन का स्तर बढ़ रहा है, ऐसा हैदराबाद के एक न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर कुमार का कहना है। प्री-डायबिटीज (Pre diabetic)को सामान्य से उच्च रक्त शर्करा के स्तर और टाइप 2 मधुमेह विकसित होने के उच्च जोखिम के रूप में परिभाषित किया जा सकता है।

इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में न्यूरोलॉजिस्ट डॉ सुधीर ने बताया, मधुमेह, जिसे दिल का दौरा, स्ट्रोक और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ाने के लिए जाना जाता है, को गंभीरता से लिया जाता है, हालांकि, प्री-डायबिटीज (Pre diabetic) को वह गंभीरता नहीं दी जाती है ।

आंकड़े बताते हैं कि भारत में लगभग 13.6 करोड़ लोग, या देश की आबादी का 15.3 प्रतिशत प्री-डायबिटीज (Pre diabetic) हैं - यह एक ऐसा चरण है जो मधुमेह को रोकने के लिए एक चेतावनी के रूप में कार्य कर सकता है।

डॉ. सुधीर ने कहा, "प्री-डायबिटीज (Pre diabetic) वाले लोगों को भी स्ट्रोक, दिल का दौरा, परिधीय न्यूरोपैथी (तंत्रिका क्षति) और रेटिनोपैथी (जिससे दृष्टि हानि हो सकती है) का अधिक खतरा होता है।

एचबीए1सी रक्त परीक्षण से मधुमेह के स्तर का पता लगाया जा सकता है

एचबीए1सी (HbA1c) नामक एक साधारण रक्त परीक्षण का उपयोग करके कोई आसानी से अपने मधुमेह के स्तर का पता लगा सकता है। हीमोग्लोबिन A1c (ग्लाइकेटेड हीमोग्लोबिन, ग्लाइकोसिलेटेड हीमोग्लोबिन, HbA1c, या A1c) परीक्षण का उपयोग किसी व्यक्ति के ग्लूकोज नियंत्रण के स्तर का मूल्यांकन करने के लिए किया जाता है।

यह पिछले 90 दिनों में रक्त शर्करा के स्तर का औसत दर्शाता है और एक प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करता है। कई लोगों के लिए, मधुमेह की निगरानी परीक्षण HbA1C 6 प्रतिशत दिखा सकता है और इसे आमतौर पर सामान्य माना जाता है।

डॉ सुधीर ने कहा, हालांकि, ऐसा नहीं है, डॉक्टर ने कहा। "ग्लाइकोसिलेटेड हीमोग्लोबिन (HbA1C) 6 प्रतिशत सामान्य नहीं है।

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5.7 से अधिक का HbA1C प्रीडायबिटीज कहलाता है

5.7 से अधिक का HbA1C प्रीडायबिटीज कहलाता है। 10 प्रतिशत से अधिक प्रीडायबिटीज रोगियों में पैरों में झुनझुनाहट, जलन, सुन्न होना और दर्द हो सकता है, जिसे प्रीडायबिटिक न्यूरोपैथी कहा जाता है।

उन्होंने समझाया, HbA1c परीक्षण को सामान्य वर्गीकृत करने के लिए, या गैर-मधुमेह रेंज में, मान 5.7 प्रतिशत से नीचे होना चाहिए। 5.7 प्रतिशत से 6.4 प्रतिशत के HbA1c मान वाले किसी को भी प्रीडायबिटिक माना जाता है, जबकि मधुमेह का निदान 6.5 प्रतिशत या उससे अधिक के HbA1c के साथ किया जा सकता है।

हालांकि, डॉक्टर ने चेतावनी दी कि 5.7 प्रतिशत से नीचे HbA1C का लक्ष्य केवल स्वस्थ लोगों, या मधुमेह/प्रीडायबिटीज वाले लोगों के लिए अनुशंसित है जो दवाओं पर नहीं हैं।

उन्होंने यह भी सलाह दी कि चावल, रोटी, इडली, डोसा, आलू और फलों का सेवन कम से कम करें, और वातस्नेह (एरोबिक व्यायाम) और शक्ति प्रशिक्षण के संयोजन का सुझाव दिया।

आईएएनएस

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Kota Coaching Admission 2024: सभी बोर्ड की परीक्षाएं खत्म हो चुकी हैं। इसी के साथ नए शैक्षणिक सत्र में प्रवेश और करियर की चिंता छात्रों के सामने आई है। राजस्थान बोर्ड परीक्षा (Rajasthan Board Exams) खत्म होते ही कोचिंग हब कहे जाने वाले कोटा (Coaching Hub Kota) शहर में गतिविधियां शुरू हो गई हैं। इंजीनियरिंग और मेडिकल क्षेत्र में भविष्य बनाने का सपना लिए कई छात्र अपने अभिभावक के साथ कोटा शहर आ रहे हैं।

45 हजार छात्र ले चुके हैं कोचिंग में प्रवेश (Kota Coaching)


नए शैक्षणिक सत्र 2024-25 के शुरू होते ही बढ़ती संख्या में छात्रों का कोटा में प्रवेश शुरू हो चुका है। कोचिंग हब (Coaching Hub) के नाम से मशहूर ये शहर एक बार फिर से गुलजार हो रहा है। एक खबर के अनुसार, अब तक करीब 45 हजार से अधिक स्टूडेंट्स ने कोटा कोचिंग (Kota Coaching) संस्थानों में दाखिला ले लिया है।


बस स्टैंड हो या रेलवे स्टेशन, रेस्तरां हो या चाय की दुकान हर जगह अभिभावकों और बच्चों की भीड़ दिख रही है। कोचिंग के साथ-साथ रेस्तरां आदि की भी कमाई का मौसम शुरू हो चुका है। कोचिंग संस्थानों की मानें तो इस साल कोटा में करीब 2 लाख छात्रों के आने की उम्मीद है। कोटा कोचिंग (Kota Coaching) संस्थानों का सलाना 6 हजार करोड़ से ज्यादा का टर्नओवर बताया जा रहा है।


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आसमान छू रही है कोचिंग की फीस (Kota Coaching Fees)


कोचिंग सेंटर की फीस करीब 40 हजार से शुरू होकर 2 लाख रुपये तक की है। इस फीस में बच्चों को स्कॉलरशिप दी जाती है। यह स्कॉलरशिप 10 प्रतिशत -60 प्रतिशत के करीब होती है। कोटा में बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों से छात्र आते हैं। ऐसे में कोचिंग संस्था के साथ-साथ यहां हॉस्टल, मेस, रेस्तरां आदि का बिजनेस भी बढ़ रहा है। छात्रों के लिए यहां कई तरह के हॉस्टल हैं, जिनका रेट 7 हजार से शुरू होकर 25 हजार रुपये तक है। इन हॉस्टल्स में न सिर्फ रहने की व्यवस्था होती है बल्कि भोजन, लॉन्ड्री, साफ-सफाई, आदि कई तरह की सुविधाएं शामिल हैं।

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सरकार ने जारी किया गाइडलाइन्स (Guidelines For Kota Coaching)


कोटा कोचिंग संस्थानों में सुसाइड मामले में वृद्धि को देखते हुए इस वर्ष कोचिंग गाइडलाइन (Coaching Guidelines) को लेकर जिला अधिकारी ने आदेश जारी किया है। अब सभी कोचिंग संस्थानों को सरकार की यह गाइडलाइन फॉलो करनी होगी। दरअसल, केंद्र सरकार ने छात्रों के बीच बढ़ते सुसाइड मामले को देखते हुए कुछ गाइडलाइन जारी किया था।


केंद्र सरकार द्वारा जारी की गई गाइडलाइन के मुताबिक, 16 साल से कम उम्र के बच्चों को कोचिंग में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। वहीं छात्रों को 10वीं कक्षा के बाद ही कोटा कोचिंग (Kota Coaching) में प्रवेश देने का निर्देश दिया गया। साथ ही एक दिन में 5 घंटे से अधिक की क्लास नहीं होनी चाहिए। छात्रों के लिए बैठने की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। क्लासेज सुबह जल्दी और देर शाम तक नहीं संचालित की जाएगी। कोचिंग संस्थानों द्वारा नियमों का पालन नहीं करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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Symptoms of heatstroke : डॉक्टरों ने गर्मी से संबंधित बीमारियों के बारे में चेतावनी दी है तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी में आने वाले हफ्ते में तापमान का 39 डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना जताई। बिहार, ओडिशा, महाराष्ट्र, और केरल जैसे देश के विभिन्न हिस्सों में पहले ही गंभीर गर्मी का सामना हो रहा है।

मैक्स हॉस्पिटल, वैशाली के आंतरिक चिकित्सा के वरिष्ठ सलाहकार, पंकज चौधरी, ने बताया, सतर्क रहें। चक्कर आना, भटक जाना, या गरम, गीली त्वचा के लक्षणों का ध्यान दें। ये अत्यधिक गर्मी से कार्डियोवास्कुलर तंगी के संकेत हो सकते हैं।

उन्होंने कहा, ध्यान रखें, गर्मी घातक हो सकती है, विशेष रूप से असंरक्षित जनसंख्या के लिए। चलो अपने भले को प्राथमिकता दें और इन बदलते जलवायु स्थितियों के अनुकूल होने का सामना करें।

हीट स्ट्रोक से बचाव के उपाय: Measures to prevent heat stroke


गर्मी के मौसम में लू से बचाव के लिए कुछ महत्वपूर्ण उपाय:

हाइड्रेशन:

- भरपूर मात्रा में पानी पीते रहें, भले ही आपको प्यास न लगे।
- पानी के अलावा, ORS घोल, नारियल पानी, छाछ, और फलों का रस भी पी सकते हैं।
- शराब और कैफीन युक्त पेय पदार्थों से बचें।

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स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मंदाविया ने कहा, मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश में गर्मी से संबंधित बीमारियों के लिए जनसारणी की तैयारी पर समीक्षा बैठाई। समय पर, पूर्वानुमान और लोगों में परिचित उपायों पर व्यापक जागरूकता, ऐसे गर्मी की तेज दबाव को कम करने में बहुत सहायक होगी।

"ठंडे रहें, सुरक्षित रहें। याद रखें, हिट रिलेटेड बीमारियों को दूर रखने में थोड़ी सावधानी बहुत बड़ी भूमिका निभाती है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने X.com पर गर्मी के मार्गदर्शिका जारी की।

Measures to prevent heat stroke: इसी बीच, डॉक्टरों ने सूरज के अधिक असर को कम करने के लिए सनस्क्रीन लगाने, टोपी पहनने, और छाया में रहने की सलाह दी; शीर्ष गर्मी के समय में कठिन व्यायाम से बचने के लिए, और आरामदायक रहने के लिए ढीले, हल्के और हल्के रंग के कपड़े पहनने का सुझाव दिया।


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बाहर जाते समय पानी की बोतल लेकर रखें

मारेंगो एशिया हॉस्पिटल, गुरुग्राम के आंतरिक चिकित्सा के वरिष्ठ सलाहकार, मोहन कुमार सिंह, ने आईएएनएस को बताया, जब गर्मी के समय में हिट वेव्स का खतरा होता है, तो खुद को सुरक्षित रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। पृथक्करण अत्यधिक महत्वपूर्ण है; बाहर जाते समय पानी की बोतल लेकर रखें ताकि शरीर का तापमान नियंत्रित हो सके और गर्मी से संबंधित बीमारियों से बचा जा सके।

उन्होंने कहा, ध्यान रखें, तनाव बढ़ता है तो यह सेरियस खतरे का कारण बन सकता है, इसलिए नियमित रूप से पानी पिए ताकि आप जलांतरित रहें और अपनी भलाई बनाए रखें। हाइड्रेशन को प्राथमिकता देते हुए और अत्यधिक सूरज के प्रति सावधानी बरतते हुए, आप गर्मियों के मौसम की शर्तों में सुरक्षित और सुखद रह सकते हैं।

लू के लक्षण: Symptoms of heat stroke

तेज बुखार: 104 डिग्री फ़ारेनहाइट या उससे अधिक
गर्म और सूखी त्वचा: पसीना आना बंद हो सकता है
तेज़ सांस लेना: सांस लेने में तकलीफ हो सकती है
सिरदर्द: तेज और लगातार सिरदर्द
चक्कर आना: बेहोशी हो सकती है
भ्रम: सोचने और समझने में कठिनाई
मितली और उल्टी: पेट खराब हो सकता है
दौरे: शरीर में अचानक झटके
यदि आपको लू के लक्षण दिखते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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जयपुर। राजस्थान में आयोजित हुई एसआई भर्ती परीक्षा 2021 पेपर लीक मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की लगातार कार्रवाई देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में एसओजी ने गिरफ्तार प्रशिक्षु उप निरीक्षक हरखू चौधरी व जोधपुर कमिश्नरेट के कांस्टेबल अभिषेक बिश्नोई का शुक्रवार को डमी साक्षात्कार लिया। थानेदार का प्रशिक्षण ले रही हरखू राजस्थान के डीजीपी का नाम तक नहीं जानती है।


उसने असम के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया को राजस्थान का वर्तमान गृहमंत्री बताया। जबकि गृह मंत्रालय राजस्थान के मुख्यमंत्री के पास है। एसओजी टीम ने गिरफ्तार प्रशिक्षु थानेदार हरखू के साथ उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा में चयन होने वाले जोधपुर कमिश्नरेट के कांस्टेबल (परीक्षा में बैठे साढ़े सात लाख परीक्षार्थियों में 8वीं रैंक आई) अभिषेक बिश्नोई का साक्षात्कार लिया।


दोनों आरोपियों से अंग्रेजी व हिंदी के शब्द लिखवाए गए, जो भी सही नहीं लिख सके। दोनों के जवाब सुनकर एसओजी अधिकारी भी सन्न रह गए। पर्यायवाची व स्वावलम्बन भी नहीं लिख पाए। आरोपियों को हिंदी में पर्यायवाची व स्वावलम्बन लिखना भी नहीं आया।

 

हरखू चौधरी व अभिषेक बिश्नोई के साक्षात्कार के दौरान किए सवाल-जवाब

फर्जी ट्रेनी थानेदार हरखू चौधरी


नाम व पता- हरखू चौधरी (निवासी बाड़मेर) पढ़ाई- दसवीं में 58%, 12वीं में 54% व स्नातक में 58% नंबर आए।

उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा में हिंदी में 200 में से 150 व सामान्य ज्ञान में 200 में से 119 और साक्षात्कार में 50 में से 17 नंबर आए।


हरखू ने साक्षात्कार में ये दिए जवाब-

Q कार्यपालक मजिस्ट्रेट व न्यायपालिका मजिस्ट्रेट में क्या अंतर है?

जवाब : आरएएस परीक्षा में ऊंची मेरिट वाले न्यायपालिका मजिस्ट्रेट व नीची रैंक वाले कार्यपालक मजिस्ट्रेट होते हैं।

Q भारतीय विदेश मंत्री कौन हैं?

जवाब: पता नहीं

Q राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश कौन हैं?

जवाब: पता नहीं

Q राजस्थान उच्च न्यायालय की मुख्य पीठ कहां है?

जवाब: जयपुर में (सही जवाब जोधपुर में)

Q इलाहाबाद का नया नाम क्या है?

जवाब: पता नहीं

Q राजस्थान पुलिस का डीजीपी कौन है ?

जवाब: पता नहीं

Q राजस्थान में कुल कितने जिले हैं?

जवाब : 45 ( सही जवाब 50 )


फर्जी ट्रेनी थानेदार अभिषेक बिश्नोई


नाम व पताः अभिषेक बिश्नोई (निवासी जोधपुर)

पढ़ाई- दसवीं में 53 प्रतिशत, 12वीं में 62 प्रतिशत व स्नातक में 50 प्रतिशत नंबर आए।उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा में हिंदी में 200 में से 177 व सामान्य ज्ञान में 200 में से 169 और साक्षात्कार में 50 में से 28 नंबर आए।

अभिषेक ने साक्षात्कार में ये दिए जवाब-

Q पुलिस मुख्यालय कहां है?

जवाब : जलेब चौक जयपुर (सही जवाब जयपुर स्थित लालकोठी क्षेत्र में)

Q भारत की पांच मुख्य नदियों के नाम बताओ?

जवाब: गंगा, यमुना

Q तक्षशिला अब किस राज्य में है?

जवाब: पता नहीं

Q धारा 370 क्या है?

जवाब: कश्मीर में लागू है

Q राजस्थान में पाकिस्तान से लगती सीमा कितनी है ?

जवाब: पता नहीं

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Lok Sabha Election 2024 : लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की पहली बड़ी जनसभा शनिवार को जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में हुई। इस जनसभा में सोनिया गांधी ने पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि ये देश चंद लोगों की जागीर नहीं है। हमारे पूर्वजों ने इसे खून से सींचा है। देश से ऊपर कोई नहीं होता, लेकिन मोदी खुद को महान मानते हैं। पूरे तंत्र में डर बैठा रहे हैं। यह तानाशाही है।


तानाशाही का जवाब देंगेः सोनिया गांधी
उन्होंने कहा कि केंद्र की बीजेपी सरकार के 10 साल के कार्यकाल के दौरान महंगाई अपने चरम पर पहुंच गई। आज बढ़ती कीमतों से माताओं-बहनों को रसोई चलाने में मुश्किलें हो रही हैं। इसलिए यह समय हताशा से भरा हुआ है, लेकिन जान लीजिए हताशा के साथ उम्मीद का भी जन्म होता है। मुझे पूरा यकीन है कांग्रेस के हमारे साथी न्याय के दीपक को सीने की आग से जलाएंगे और हजारों की आंधियों से संभाल आगे बढ़ेंगे। सोनिया ने आगे कहा कि विपक्षी नेताओं को भाजपा में शामिल होने की धमकी दी गई है। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि आज हमारे देश का लोकतंत्र खतरे में है। लोकतांत्रिक संस्थाओं को बर्बाद किया जा रहा है। पिछले 10 साल में इस सरकार ने बेरोजगारी, महंगाई, अत्याचार को बढ़ावा देने में कोई कसर नहीं छोड़ी। ये सब तानाशाही है और हम सब इसका जवाब देंगे।

खड़गे ने भी साधा निशाना
वहीं राजस्थान में हुए विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि एयरपोर्ट, आईआईटी और एम्स कांग्रेस लाई और पीएम मोदी कहते हैं देश का विकास हो रहा है। मैं देश के विकास के लिए काम कर रहा हूं। खड़गे ने कहा कि हम कभी झूठ बोलने वालों में नहीं है। जैसा मोदी झूठ बोलते हैं। हर जगह कुछ न कुछ नया झूठ बोलकर आते हैं। उन्होंने कितनी गारंटी हमसे पहले दी है। मोदी हमेशा लोगों को भ्रमित करते हैं। आपने देश के लिए कुछ नहीं किया, फिर भी कहते रहते हैं कांग्रेस वालों ने कुछ नहीं किया, 70 सालों में कुछ नहीं किया। खड़गे ने आगे कहा कि किसान परेशान हैं, आत्महत्या कर रहे हैं और राजस्थान में पीएम मोदी आकर कहते हैं कि मैंने 370 हटा दिया है। यह बात यहां क्यों बोलते हैं, जम्मू-कश्मीर में जाकर बोलें तो इसका कुछ मतलब है।

आपका वोट, लोकतंत्र को बचाएगा : प्रियंका
वहीं प्रियंका गांधी ने कहा कि आप जो वोट डालने जा रहे हैं, वह देश के लोकतंत्र को बचाएगा। आप सोच रहे होंगे कि हमारा लोकतंत्र कैसे खतरे में है। ऐसा इसलिए है क्योंकि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए जो बड़ी-बड़ी संस्थाएं बनाई गई थीं, वे कमजोर हो रही हैं, उनका दुरुपयोग हो रहा है। जनता को अब ईवीएम पर भी भरोसा नहीं रहा। उन्हें नहीं पता कि वो जिसे वोट डालेंगे उसी को जाएगा या नहीं। आज देश में बेरोजगारी चरम पर है, 10 साल से भाजपा की सरकार ने इस समस्या के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार आते ही राजस्थान में चिरंजीवी योजना बंद हो गई। 25 लाख का बीमा अब 5 लाख हो गया। क्या ये पढ़ने को मिला। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री से पूछना चाहता हूं। आपके सीएमओ में तैनात सीआई के बेटे ने हत्या कर दी और आपने मामला तक दर्ज नहीं किया। 36 कौम के लोग राजस्थान में ऐसा गुल खिलाएंगे कि मोदी सरकार का मोरिया बोलेगा। बता दें कि इस रैली के जरिए कांग्रेस ने जयपुर शहर, जयपुर ग्रामीण, सीकर, अजमेर, दौसा, अलवर लोकसभा क्षेत्रों की 40 विधानसभा सीटों को साधने का प्रयास किया। इस दौरान कांग्रेस की टॉप टीम ने चुनावी घोषणा पत्र लॉन्च किया।

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Weather Forecast: राजस्थान में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिल रहा है। अगले 3 घंटे के लिए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए राजस्थान के 5 जिलों अलवर, भरतपुर, दौसा, गंगापुरसिटी और करौली में आंधी के साथ बारिश की संभावना जताई है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश भर में के अधिकतर जिलों में तापमान औसत से कम दर्ज किया गया। अजमेर 34.1, भीलवाड़ा 35.5, अलवर 35.0, जयपुर 35.1, सीकर 34.8, कोटा 36.6, चितौड़गढ़ 36.1 बाड़मेर 35.1, जैसलमेर 36.1, जोधपुर 35.4, बीकानेर 33.4, चूरू 35.6, श्रीगंगानगर 36.4, सीकर फतेहपुर 37.9, करौली 37.0, डिग्री अधिकतम पारा दर्ज किया गया है। वनस्थली में सबसे अधिक 37.8 डिग्री तापमान दर्ज किया।

आगे ऐसा रहेगा मौसम (Weather Forecast)


- मौसम विभाग के अनुसार आज भी राज्य के दक्षिणी और पूर्वी भागों के जोधपुर, अजमेर, उदयपुर, कोटा और जयपुर संभाग में कहीं-कहीं दोपहर बाद मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है।
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- जिसके बाद 7 से 9 अप्रैल तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है।
- वहीं 10 और 11 अप्रैल से पूर्वी हवाओं के प्रभावी होने से राजस्थान के दक्षिणी और दक्षिण पूर्वी के कुछ भागों में मेघगर्जन और बारिश गतिविधियां होने की संभावना है।
- विभाग के अनुसार 13 से 15 अप्रैल के दौरान एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से राज्य के कुछ भागों में आंधी-बारिश होने की संभावना है।

Prostate cancer screening : प्रोस्टेट कैंसर (Prostate cancer) की जांच के लिए किया जाने वाला एक सरल रक्त परीक्षण, जो प्रोस्टेट-विशिष्ट एंटीजन (पीएसए) की जांच करता है, हर पांच साल के अंतराल पर किया जाए तो सुरक्षित और पर्याप्त है, यह एक नए अध्ययन में पाया गया है।

प्रोस्टेट कैंसर (Prostate cancer) की जांच एक विवादास्पद विषय रहा है। जबकि पीएसए परीक्षण कैंसर के खतरे की जांच में प्रभावी रहा है, लेकिन यह गलत सकारात्मक नतीजों के लिए भी जाना जाता है, जिसके कारण अनावश्यक इनवेसिव उपचार और गलत नकारात्मक नतीजे सामने आते हैं, जिससे कैंसर का पता नहीं चल पाता।

जर्मनी के डसेलडोर्फ में हेनरिक-हेने विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने कहा, "यह स्थिति धीरे-धीरे बदल रही है, क्योंकि एमआरआई स्कैन अनावश्यक बायोप्सी से बच सकते हैं और 'एक्टिव सर्विलांस' का उपयोग किया जा सकता है, जहां शुरुआती चरण के कैंसर वाले पुरुषों की निगरानी की जाती है और केवल उनकी बीमारी बढ़ने पर ही उनका इलाज किया जाता है।"

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पुरुषों के लिए पांच साल में जांच कराना काफी है

शोधकर्ताओं की टीम का अध्ययन, जो पेरिस, फ्रांस में यूरोपियन एसोसिएशन ऑफ यूरोलॉजी (ईएयू) कांग्रेस में चल रहा है, से पता चला है कि कम जोखिम वाले पुरुषों के लिए पांच साल में जांच कराना काफी है।

उन्होंने पाया कि "कम जोखिम वाले लोगों के लिए जांच का अंतराल बहुत लंबा हो सकता है और अतिरिक्त जोखिम भी कम होगा."

यह निष्कर्ष ऐसे समय में सामने आए हैं, जब लैंसेट कमीशन में प्रकाशित एक नए विश्लेषण से पता चला है कि प्रोस्टेट कैंसर के मामले दुनिया भर में दोगुने होने की संभावना है, जो सालाना 2.9 मिलियन हो जाएंगे, जबकि वार्षिक मौतों में 85 प्रतिशत तक वृद्धि होने का अनुमान है - 2040 तक लगभग 700,000 मौतें।

नए अध्ययन में 45 वर्ष की आयु के 20,000 से अधिक पुरुषों को शामिल किया गया, जिन्हें तीन समूहों में बांटा गया। जिन पुरुषों का पीएसए का स्तर 1.5 नैनोग्राम प्रति मिलीलीटर (एनजी/एमएल) से कम था, उन्हें कम जोखिम वाला माना गया और पांच साल बाद दूसरे परीक्षण के लिए बुलाया गया।

जिन पुरुषों का पीएसए का स्तर 1.5-3 एनजी/एमएल के बीच था, उन्हें मध्यम जोखिम वाला माना गया और दो साल में दोबारा जांच की गई, वहीं 3 एनजी/एमएल से अधिक पीएसए स्तर वाले पुरुषों को उच्च जोखिम वाली श्रेणी में पाया गया और उन्हें एमआरआई स्कैन और बायोप्सी कराई गई।

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अध्ययन में शामिल 20,000 से अधिक पुरुषों में से 12,517 को अब 50 साल की उम्र में दूसरा पीएसए टेस्ट करा लिया गया है, जिन्हें कम जोखिम वाला माना गया था।

यूरोपियन यूरोलॉजी जर्नल में प्रकाशित होने वाले परिणामों से पता चला है कि इनमें से केवल 1.2 प्रतिशत (कुल 146) पुरुषों में ही पीएसए का स्तर अधिक (3 एनजी/एमएल से अधिक) पाया गया और उन्हें एमआरआई और बायोप्सी के लिए भेजा गया। इनमें से केवल 16 पुरुषों में बाद में कैंसर पाया गया - जो कुल प्रतिभागियों का केवल 0.13 प्रतिशत है।

उन्होंने कहा, "हमारा अध्ययन अभी भी चल रहा है, और हम पा सकते हैं कि अतिरिक्त जोखिम के बिना सात, आठ या दस साल का और भी लंबा स्क्रीनिंग अंतराल संभव है।"

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जयपुर। राजस्थान में एसआई पेपर लीक मामले में एसओजी लगातार कार्रवाई में जुटी हुई है। इसी कड़ी में एसओजी ने गिरफ्तार आरोपी श्रवणराम बाबल का अपराधिक रिकॉर्ड निकलवाया। जिसमें पता चला कि आरोपी श्रवणराम के खिलाफ 20 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। ।

पेपर लीक मामले में गिरफ्तार जोधपुर के फिटकासनी निवासी श्रवणराम बाबल का आपराधिक रिकॉर्ड निकलवाने पर सामने आया कि आरोपी श्रवणराम के खिलाफ 20 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। अब तक वर्ष 2004 में जोधपुर के लूणी थाना क्षेत्र में साथियों के साथ श्यामी नाम के व्यक्ति की हत्या कर दी। इस मामले में सजा भी हो गई थी। वर्ष 2011 में पैरोल पर छूटने के बाद साथियों के साथ दिनेश नांदू की हत्या कर दी। मादक पदार्थ तस्करी सहित कई अन्य आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।

 

ऐसे हुआ जगदीश से श्रवणराम का संपर्क

 

पेपर लीक सरगना जगदीश की एक जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। जेल से बाहर आने पर श्रवणराम ने उस जमीन विवाद का निस्तारण करवाया था। इसके बाद दोनों में घनिष्ठता बढ़ गई थी। श्रवण ने पुत्री चंचल का एसआई भर्ती परीक्षा का आवेदन पत्र भरवाया था। जगदीश ने परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र हासिल कर लिया था। चूंकि उसने जमीन विवाद का निस्तारण करवाया था इसलिए जगदीश ने बगैर रुपए लिए प्रश्न पत्र श्रवण को दिया था। हालांकि एसओजी ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है।

 

कई और अभ्यर्थियों को दिए थे लीक प्रश्न पत्र

 

हिस्ट्रीशीटर ने गिरोह के सरगना जगदीश बिश्नोई से पेपर लेकर पुत्री चंचल बिश्नोई को पढ़वाया था और फिर उसने कोटा में परीक्षा दी थी। श्रवणराम ने अभी तक पुत्री चंचल बिश्नोई को लीक प्रश्न पत्र से थानेदार बनवाना कबूला है। पुलिस को अंदेशा है कि उसने कई और अभ्यर्थियों को भी एसआई व अन्य परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लीक करके बेचे होंगे।

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अविनाश केवलिया: इस बार का लोकसभा चुनाव जितना धरातल पर लोगों के बीच जाकर वादों-घोषणाओं के बूते लड़ा जा रहा है, उससे कहीं रोचक तरीके से सोशल मीडिया पर है। दरअसल, इस बार पॉलिटिकल इन्फ्लूएंजर मार्केटिंग ज्यादा मजबूत तरीके से इस्तेमाल हो रही है। हालांकि पिछले दो चुनावों में सोशल मीडिया का बड़ा रोल रहा है। नामांकन सभाओं में भीड़ जुटा कर ताकत दिखाने और इसे सोशल मीडिया पर वायरल करने का भी काफी प्रचलन है।

 

 

 

दो तरीके से मजबूत कर रहे सोशल मीडिया

 

 

1. खुद का प्लेटफॉर्म - कई नेताओं व प्रत्याशियों ने खुद का प्लेटफॉर्म खड़ा कर उसे मजबूत बनाया है। खास तौर पर वे प्रत्याशी जो पहली बार चुनावी मैदान में उतर रहे हैं। इसके लिए कई कंपनियों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ऑपरेशन का काम दिया गया है। यह काम सामान्य दिनों में 20 से 50 हजार रुपए महीने में होता है, लेकिन चुनावी सीजन में वीडियो बनाने से लेकर पोस्ट करने तक का पूरा काम 3 से 8 लाख रुपए तक में किया जा रहा है।

 

2. इन्फ्लूएंसर मार्केटिंग - यह सोशल मीडिया पर चर्चित रहने का सबसे नया और तेजी से उभरता माध्यम है। उस क्षेत्र के सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर को इससे जोड़ा जा रहा है। एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप वायरल हो रहे हैं। इन इन्फ्लूएंसर को भुगतान भी किया जा रहा है।

 

 

 

ऐसी है दोनों पार्टियों की रणनीति

 

 

भाजपा का तीन स्तर पर आक्रमण

 

पहला - भाजपा अभी पूरी तरह से विपक्षी दलों के गठबंधन को ही निशाना बना रही है। केजरीवाल की गिरफ्तारी व भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाया जा रहा है।


दूसरा- प्रदेश स्तर पर पूर्व सरकार पर लगातार आक्रमण हो रहे हैं। पेपरलीक पर हो रही कार्रवाई और इसको सोशल मीडिया पर जमकर भुनाया जा रहा है, जिससे युवा वोटर्स को साधा जा सके।


तीसरा- कई जगह स्थानीयता व राम मंदिर को ही भुनाया जा रहा है। देवालयों के दर्शन और इसी का सोशल मीडिया प्रचार वायरल है।

 

 

 

कांग्रेस का पलटवार

 

 

- कांग्रेस भी भाजपा के आक्रमणों को उसी अंदाज में जवाब देने की रणनीति बना चुकी है। केन्द्र के हमले को लोकतंत्र पर खतरा व केन्द्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग के जरिये भुनाया जा रहा है।

 

- जिस अंदाज में प्रदेश स्तर के नेता आरोप लगा रहे हैं, ठीक उसी लहजे और भाषा में यह जवाब वायरल हैं।

 

- स्थानीय स्तर पर कई प्रत्याशियों के खिलाफ सोशल मीडिया पर एंटी इनकबेंसी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। ठप विकास का हवाला दिया जा रहा है।

 

 

 

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क्लासिकल डांसर बनना मेरा बचपन का सपना था। जब मैं डांस करती थी तो मुझमें अलग ही एनर्जी आ जाती थी लेकिन कुछ समय बाद जब तबियत खराब हुई और चैकअप हुआ तो पता चला कि एक किडनी में इन्फेक्शन है। डॉक्टर ने कहा डांस नहीं कर पाऊंगी लेकिन मैं पिछले 17 साल से डांस कर रही हूं। बीपी हाई रहता है लेकिन मैं लगातार कई घंटे तक प्रस्तुति दे सकती हूं क्योंकि कथक करने से मुझमें एनर्जी आती है और भूल जाती हूं कि कोई समस्या है। यह कहना है जानी-मानी कथक डांसर अनुराधा वी सिंह का। अनुराधा बताती हैं कि जब वह तकरीबन 7-8 साल की थीं, अपने नाना के साथ दिल्ली एक कल्चरल प्रोग्राम में जाना हुआ। नाना सांसद थे। प्रोग्राम खत्म हुआ तो मंत्री, सांसद, विधायक, ऑफिसर्स के साथ 10 हजार से ज्यादा की ऑडियंस खड़ी होकर तालियां बजा रही थी। तब मुझे लगा कि अब तो क्लासिकल डांसर ही बनना है।


पापा चाहते थे
मैं डॉक्टर बनूं
अनुराधा कहती हैं कि जब उन्होंने पापा से कहा कि क्लासिकल डांसर बनना है, तो उन्होंने पूछा था कि क्या इसमें कोई कॅरियर स्कोप है? तब मैंने उनसे कहा था कि डॉक्टर-इंजीनियर तो हर कोई बनता है, लेकिन क्लासिकल डांसर तो हजारों में से कोई एक बनता है। पापा तो राजी हो गए लेकिन आसपास के लोगों के ताने शुरू हो गए। अनुराधा कहती हैं उन्होंने ठान लिया था कि वही करना है जिसे करके खुशी मिलती है। 1986 में पंडित बिरजू महाराज सलेक्शन प्रोसेस के लिए भोपाल आए थे। बिरजू महाराज ने उनसे पूछा कि वह क्या कर रही हैं? तो उनका कहना था एमबीबीएस की तैयारी। ऐसे में बिरजू महाराज को लगा कि अगर उन्हें सलेक्ट कर लिया तो एक सीट बेकार हो जाएगी। तब उन्होंने अनुराधा को कहा कि अगर डांस के लिए सलेक्शन हो गया तो एमबीबीएस छोडऩी होगी। सलेक्शन हो गया और डांसशुरू हो गया। वह कहती हैं कि उन्होंने 2019 में एक वाद्ययंत्र की खोज की थी, जो पैर से बजता है क्योंकि ज्यादातर यंत्र हाथ या मुंह से बजाए जाते हैं। वह कहती हैं कि उन्होंने अपनी लाइफसे रिटायरमेंट शब्द हटा दिया है।

भारत में आज भी डांस की परमिशन नहीं
क्लासिकल डांस की प्रस्तुति को लेकर अनुराधा का कहना है कि भारत में आज भी महिलाओं को डांस की स्वीकृति नहीं मिलती। उनके पास एक महिला डांस सीखने के लिए आती थी। चार साल तक परफॉर्म किया लेकिन शादी के बाद उसे डांस करने की परमिशन नहीं मिली। वह कहती हैं कि भारतीयों को समझ पाना जरा मुश्किल है। विदेशों में ऐसा नहीं है।

RPSC Bharti 2024: राजस्थान पब्लिक सर्विस कमीशन (RPSC) ने असिस्टेंट प्रॉसिक्यूशन ऑफिसर के पदों पर भर्ती निकाली है। आरपीएससी द्वारा जारी सूचना के मुताबिक, कुल 181 पद पर उम्मीदवारों की भर्ती होगी। आइए, जानते हैं इस वैकेंसी से जुड़ी सभी जरूरी बातें।

अंतिम तारीख (RPSC Bharti 2024 Last Date)


इस सरकारी नौकरी (Sarkari Naukri) के लिए आवेदन 12 मार्च से हो रहे हैं। वहीं आवेदन करने की आखिरी तारीख 12 अप्रैल 2024 है। इस तारीख से पहले सभी इच्छुक उम्मीदवार आवेदन कर लें। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन है। आप RPSC की आधिकारिक वेबसाइट rpsc.rajasthan.gov.in पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं।


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योग्यता (Sarkari Naukri Eligibility)


उम्मीदवार के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से लॉ में स्नातक की डिग्री होनी चाहिए। इसके अलावा उम्मीदवार के पास राजस्थानी भाषा और वहां की संस्कृति की समझ होनी चाहिए।

उम्र सीमा (RPSC Job Age Limit)


RPSC द्वारा जारी इस भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार से अनुरोध है कि वो पहले उम्र सीमा संबंधित बाध्यता के बारे में अच्छी तरह जान लें। अप्लाई करने के लिए न्यूनतम उम्र 21 वर्ष और अधिकतम उम्र 40 वर्ष तय की गई है। हालांकि, आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए अधिकतम उम्र सीमा में छूट है। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।

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चयन प्रक्रिया (Rajasthan Sarkari Naukri Selection Process)


अन्य सरकारी नौकरी (Sarkari Naukri) की तरह ही इस नौकरी में भी कई राउंड की परीक्षाओं से गुजरना होगा। कैंडिडेट्स को लिखित परीक्षा, मेडिकल टेस्ट और डॉक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन तीनों फेज में पास होना होगा।

पद का विवरण और आवेदन शुल्क (Rajasthan Sarkari Naukri)


आरपीएससी भर्ती (RPSC Bharti 2024) के माध्यम से कुल 181 पद भरे जाएंगे। इसमें से जनरल कैटेगरी के लिए 70 पद हैं और बाकी पद अन्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए हैं। आवेदन करने के लिए अनारक्षित वर्ग के उम्मीदवार को 600 रुपये देने होंगे। वहीं आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार को आवेदन शुल्क में छूट दी गई है। आरक्षित वर्ग के लिए यह शुल्क 400 रुपये है।

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Hand Sanitizers Linked to Brain Cell Damage : पहले जब कोरोना का डर था, तब हाथ साफ करने का सामान (Hand Sanitizers) ना सिर्फ जरूरी हो गया था बल्कि ये एक ऐसा चीज बन गया था जो वायरस से लड़ने और जान बचाने में मदद करता था। उस वक्त से इनका इस्तेमाल बहुत बढ़ गया था. लेकिन महामारी का दौर कम होने के बाद भी बार-बार सैनिटाइजर इस्तेमाल करने की आदत बनी हुई है.

हाल ही में एक स्टडी की गई, जिसमें ये पाया गया कि घर में इस्तेमाल होने वाले कई चीजों जैसे फर्नीचर, कपड़े, कीटाणुनाशक और गोंद में पाए जाने वाले रसायन दिमाग की सहायक कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं, खासकर दिमाग के विकास के शुरुआती चरण में.

अमेरिका के ओहायो की केस वेस्टर्न रिजर्व यूनिवर्सिटी के मॉलिक्यूलर बायोलॉजिस्ट एरिन कोहन और उनकी टीम ने 1823 ऐसे रसायनों पर रिसर्च की जिनका असर मालूम नहीं था. उन्होंने पाया कि इनमें से दो तरह के रसायन या तो दिमाग की ऑलिगोडेंड्रोसाइट्स नाम की कोशिकाओं को खत्म कर देते हैं या उनके विकास को रोक देते हैं. ये रिसर्च लैब में की गई थी.

ओलिगोडेंड्रोसाइट्स दिमाग की सहायक कोशिकाएं होती हैं. ये न्यूरॉन्स (तंत्रिका कोशिकाओं) को ढककर एक इंसुलेटिंग परत बनाती हैं ताकि दिमाग के सिग्नल तेज गति से चल सकें.

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ये रसायन दिमाग की कोशिकाओं को कैसे नुकसान पहुंचा रहे हैं?

विशेषज्ञों ने पाया कि इन दो तरह के रसायनों में से एक क्वाटरनेरी कंपाउंड्स हैं, जिनका इस्तेमाल वाइप्स, सैनिटाइजर (Hand Sanitizers) , स्प्रे और टूथपेस्ट व माउथवॉश जैसे चीजों में बैक्टीरिया और वायरस खत्म करने के लिए किया जाता है. इन चीजों को इस्तेमाल करते वक्त हम इन रसायनों को खा या सूंघ सकते हैं.

दूसरे तरह के रसायन हैं ऑर्गनोफॉस्फेट. ये आमतौर पर कपड़ों, गोंद, बिजली के सामान और फर्नीचर जैसी चीजों में पाए जाते हैं और इन्हें जल्दी आग लगने से रोकने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

इन फैट-सॉल्यूबल (वसा में घुलने वाले) ऑर्गनोफॉस्फेट को हमारी त्वचा सोख लेती है और ये दिमाग तक पहुंच सकते हैं.

एक प्रयोग में चूहों को तीन क्वाटरनेरी कंपाउंड्स में से एक को मुंह के रास्ते दिया गया और कुछ दिनों बाद वैज्ञानिकों ने पाया कि ये रसायन उनके दिमाग के टिश्यू में मौजूद थे.

साथ ही ये भी पाया गया कि जब एक खास तरह के क्वाटरनेरी कंपाउंड (सेटिलपिरिडीनियम क्लोराइड) को दिमाग के विकास के महत्वपूर्ण समय में 10 दिन तक चूहों को दिया गया तो उनके दिमाग में ओलिगोडेंड्रोसाइट्स की संख्या कम हो गई.

कोहन ने बताया कि "हमने पाया कि ओलिगोडेंड्रोसाइट्स - और दिमाग की दूसरी कोशिकाएं नहीं - क्वाटरनेरी अमोनियम कंपाउंड्स और ऑर्गनोफॉस्फेट फ्लेम रिटार्डेंट्स के प्रति काफी संवेदनशील हैं."

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निलोक फाउंडेशन की ओर से शनिवार को स्वच्छ भारत व स्वच्छ मुख अभियान के तहत स्कूली बच्चों में मुख के स्वास्थ्य व दांतों की सुरक्षा व् सफाई को लेकर जागरूकता पैदा करने के अभियान के तहत राजकीय प्राथमिक विद्यालय नारायण विहार में नि:शुल्क दंत रोग जांच व परामर्श शिविर लगाया गया। डॉक्टर असित त्रिवेदी ने सभी स्कूली छात्रों व उनके उपस्थित अभिभावकों को दाँतों की देखभाल व् उनके जीवन पर्यंत महत्व के बारे में समझाया और दाँतों को सही तरीके से साफ़ करने का डेमो भी दिया। 80 से अधिक स्कूली छात्र व आंगनबाड़ी के बच्चे व उनके अभिभावक इस शिविर के माध्यम से लाभान्वित हुए , सभी बच्चों को निशुल्क टूथब्रश का वितरण भी किया गया । विद्यालय की प्रधानाचार्य मंजु लता जैन ने अपना पूरा सहयोग दिया। निलोक फ़ाउंडेशन की मेघा सैनी व रीतिका शर्मा ने कैम्प का संचालन किया, संयोजक श्री आशुतोष भटनागर ने बताया की निलोक फाउंडेशन इसी तरह के कैम्प लगा कर लोगो को सामान्य व दंत स्वास्थ्य के बारे में जागरुक करते हुए स्वस्थ समाज की दिशा में कार्य करता रहेगा ।

जयपुर. टोंकरोड मिलापनगर स्थित श्याम देव सद्भावना फाउंडेशन की ओर से श्रद्धालुओं का जत्था श्याम बाबा के दर्शनों के लिए रवाना हुआ। खाटूश्यामजी के लिए सत्ताईसवीं नि:शुल्क बस यात्रा को समाजसेवी पुष्पेन्द्र सैन ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यात्रा संयोजक देव सैन ने बताया कि श्रद्धालुओं ने विश्व में शांति व सुख-समृद्धि की कामना की। साथ ही श्याम बाबा के दर्शन कर सभी भक्तों ने भजन संध्या में भाग लिया और श्याम बाबा के भजनों का आनंद उठाया। समिति अध्यक्ष शिव कुमार चौधरी ने बताया कि श्री श्याम देव सद्भावना फाउंडेशन द्वारा हर महीने की पूर्णिमा के बाद आने वाली एकादशी को मिलाप नगर, दुर्गापुरा जयपुर से 50 श्रद्धालुओं को नि:शुल्क बस द्वारा श्याम बाबा के दर्शनों के लिए खाटूश्यामजी कि यात्रा करवाई जाती हैं। इस बीच यात्रियों को खाना और नाश्ता श्री श्याम देव सद्भावना फाउंडेशन कि ओर से ही नि:शुल्क उपलब्ध करवाया जाता हैं। इस अवसर पर शिवराम चौधरी,बलराज सिंह, उम्मेदसिंह, धनपत कुमावत सहित अन्य लोग उपस्थित रहें।

जयपुर।
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने बताया कि लोकसभा आम चुनाव-2024 की ड्यूटी में लगे लगभग 3.76 लाख प्रशासनिक-पुलिस एवं अन्य राजकीय अधिकारियों-कार्मिकों पोस्टल बैलट से मतदान किया जाएगा। प्रथम चरण के 12 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाता के लिए फेसिलिटेशन सेंटर्स पर पोस्टल बैलट के माध्यम से मतदान प्रारंभ हो गया है। प्रदेश में प्रथम चरण के सभी लोकसभा क्षेत्रों में चुनाव कार्य में नियुक्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए डाक मतपत्र जारी कर दिए गए हैं।
गुप्ता ने बताया कि इस सुविधा के लिए जिलों में फेसिलिटेशन सेंटर स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर प्रथम चरण के 12 लोकसभा क्षेत्रों के लिए 18 अप्रैल तक मतदान किया जा सकेगा। दूसरे चरण के 13 लोकसभा क्षेत्रों के लिए फेसिलेटशन सेंटर पर मतदान की सुविधा 25 अप्रैल तक विभिन्न दिवसों पर उपलब्ध रहेगी।
गुप्ता के अनुसार, पहले चरण के मतदान के लिए कार्मिकों के पोस्टल बैलट विभिन्न जिलों में भेजने के लिए शुक्रवार को जयपुर में एक 'क्लीयरिंग हाउस' शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 33 निर्वाचन जिलों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस चरण के लिए लगभग 85,000 पोस्टल बैलट जारी हुए हैं। दूसरे चरण के लिए 'क्लीयरिंग हाउस' सत्र का आयोजन 13 अप्रैल को होगा, जिसमें लगभग 60,000 पोस्टल बैलट का आदान-प्रदान किया जाएगा

जयपुर। अपनी समृद्ध भवन निर्माण परंपरा, सुव्यवस्थित बसावट, सरस संस्कृति और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध गुलाबी नगर में मौसम के साथ सियासत का पारा भी चढ़ता जा रहा है। सियासी गर्माहट के बीच दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दल भाजपा और कांग्रेस ने जयपुर लोकसभा सीट पर राजनीति में सक्रिय खिलाड़ियों को मैदान में उतारा है। लेकिन कांग्रेस में टिकट को लेकर ऐनवक्त पर जो घटनाक्रम हुआ वो भाजपा की गढ़ रही जयपुर सीट पर कांग्रेस के लिए गरीबी में आटा गीला वाली कहावत को चरितार्थ कर गया।

 

पत्रिका ने इस सीट के आठों विधानसभा क्षेत्रों में जनता की नब्ज टटोली। पानी की कमी, बदहाल ट्रैफिक, महंगी बिजली के मुद्दे मतदाता के जेहन में बने हुए हैं। चारदीवारी के प्राचीन चीनी की बुर्ज के जहीर अहमद बोले- कई चुनाव गुजर गए, लेकिन लटकते बिजली के तारों से आज भी हादसे की डर में डूबे रहते हैं। नगीना बैंगल्स के बाहर इमाम मेराज आलम और अब्दुल रहीम बोले- ऐसा नेता चाहिए जो भीड़ के बीच में खड़ा रहकर अपनों की परेशानी समझने वाला हो। घी वालों का रास्ता में भवानी सिंह, आयुष पण्ड्या, रोहित शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय मुद्दे और चेहरे पर चुनाव हो रहा है, ऐसे में स्थानीय मुद्दे ज्यादा असरकारक होंगे, ऐसा उन्हें नहीं लगता।

 

 

सीधा मुकाबला भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशी के बीच

जयपुर शहर से 13 प्रत्याशी किस्मत आजमा रहे हैं। सीधा मुकाबला भाजपा की मंजू शर्मा और कांग्रेस के प्रताप सिंह खाचरियावास के बीच है। मंजू 2008 में विधानसभा चुनाव लड़ी थीं, मामूली अंतर से हार गई थी। वहीं, प्रताप सिंह पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे, पिछला विस चुनाव हार गए। कांग्रेस ने पहले सुनील शर्मा को टिकट दिया, लेकिन अंदरूनी विवाद के चलते प्रत्याशी बदलना पड़ा। टिकट बदले जाने के बाद प्रताप सिंह के बयान से कांग्रेस कमजोर दिखाई पड़ रही है।

 

17 सांसद पहुंचे संसद, महिला केवल एक

इस सीट का इतिहास यह है कि शहरवासियों ने 1952 से अब तक 17 बार सांसद चुने, इनमें महिला को एक बार ही चुना। तीन बार संसद पहुंची जयपुर पूर्व राजपरिवार की गायत्री देवी के बाद कोई महिला इस सीट से लोकसभा के लिए नहीं चुनी गई।

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weather update : मौसम बहुत तेजी से पलट रहा है। राजस्थान के कई जिलों में 2 दिन झमाझम बारिश हुई, ओले गिरे और अंधड भरी हवाएं चलीं। राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से आज सुबह तक कई जिलों में बारिश हुई। मौसम विभाग का नया अलर्ट है कि 7 अप्रैल से राजस्थान में मौसम साफ होने की संभावना है और तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया, 7 से 10 अप्रैल तक राज्य में मौसम शुष्क बने रहने की संभवना है। 10 अप्रैल की शाम से एक नया वेदर सिस्टम फिर से प्रभावी होने की उम्मीद है। इस सिस्टम के प्रभाव से 10 अप्रैल की शाम और 11 अप्रैल को अजमेर, उदयपुर, कोटा और भरतपुर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं बादल छाने के साथ बारिश हो सकती है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि राजस्थान में 12-13 अप्रैल तक तापमान कंट्रोल में रहेगा।

इन जिलों में आज बारिश का अलर्ट

मौसम केंद्र जयपुर ने आज भरतपुर संभाग के भरतपुर, करौली, धौलपुर, जबकि कोटा संभाग के कोटा, बारां, झालावाड़ के क्षेत्र में दोपहर बाद हल्की बारिश होने और तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया है।

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जयपुर में 7 अप्रैल को कैसा रहेगा मौसम जानें

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार जयपुर में कल देर शाम मौसम बदलाव के बाद बारिश हुई। बारिश से पहले जयपुर शहर में देर रात धूलभरी हवा चली। यहां कल रात न्यूनतम तापमान 24.1 डिग्री सेल्सियस, जबकि कल दिन का अधिकतम तापमान 35.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विज्ञानियों के अनुसार रविवार को मौसम राहत भरा होगा। आसमान पर बादल छाए रहेंगे।

राजस्थान के प्रमुख शहरों का तापमान

शहर अधिकतम न्यूनतम
कोटा 36.6 24.1
गंगानगर 36.4 19.1
चित्तौड़गढ़ 36.1 20.9
जैसलमेर 36.1 22.2
पिलानी 35.9 17.6
चूरू 35.6 19.5
जोधपुर 35.4 21
बाड़मेर 35.1 23.2
जयपुर 35.1 24.1

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Lok Sabha Elections 2024 : बाड़मेर लोकसभा सीट पर शिव विधायक रविंद्र भाटी ने हलचल मचा रखी है। रविंद्र भाटी की वजह से भाजपा और कांग्रेस की सांस फूल रही है। भाजपा ने मौजूदा सांसद कैलाश चौधरी को टिकट दिया है तो कांग्रेस ने आरएलपी से आए उम्मेदा राम को अपना उम्मीदवार बनाया है। अब निर्दलीय रविंद्र भाटी ने इस हॉट सीट का मुकाबला त्रिकोणीय बना दिया है। पर नामांकन रैली के बाद रविंद्र भाटी मुसीबत में फंसें नजर आ रहे हैं। कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज करते हुए कहा कि भाटी ने अपनी नामांकन सभा में झूठ बोला था। उसके बाद अब भाजपा ने भी चुनाव आयोग से रविंद्र भाटी के खिलाफ आदर्श आचार संहिता के उल्लघंन की शिकायत दर्ज कराई है। तो जानें मामला क्या है।

रविंद्र भाटी के खिलाफ भाजपा ने दर्ज कराई शिकायत



भाजपा ने एक वायरल पोस्टर को लेकर निर्दलीय प्रत्याशी रविंद्र सिंह भाटी के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई है। चुनाव आयोग में भाजपा के चुनाव प्रबंधन समिति ने आदर्श आचार संहिता उल्लंघन और भ्रामक प्रचार कर मतदाताओं को प्रभावित करने का आरोप लगाया है।

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जानें विवादित पोस्टर में क्या है?



पीएम नरेंद्र मोदी और भाजपा के चुनाव चिन्ह कमल के निशान का एक पोस्टर तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस पोस्टर में पीएम मोदी के फोटो कमल के निशान के साथ 'मैं हूं मोदी का परिवार' के साथ भाजपा प्रत्याशी कैलाश चौधरी की जगह रविंद्र सिंह भाटी की फोटो लगी है। इस पोस्टर पर लिखा है... माफ करना मोदी जी हम आपको कैलाश की जगह रविंद्र दे रहे हैं।

पत्र लिखकर कार्यवाही करने की मांग की



इसके बाद भाजपा बाड़मेर के जिला अध्यक्ष दिलीप पालीवाल ने भाजपा चुनाव प्रबंधन समिति में शिकायत दर्ज करवाई थी। इसके बाद भाजपा प्रबंध समिति के योगेंद्र सिंह तंवर ने मुख्य चुनाव अधिकारी को पत्र लिखकर कार्यवाही करने की मांग की है।

जानें कांग्रेस ने क्यों की शिकायत



कांग्रेस ने भी रविंद्र भाटी के खिलाफ चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया। चुनाव आयोग में दर्ज की गई शिकायत रविंद्र भाटी के बयान को लेकर है। कांग्रेस ने अपनी शिकायत में कहा, भाटी ने अपनी नामांकन सभा में झूठ बोला था। दरअसल रविंद्र भाटी ने नामांकन सभा में राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को लेकर कहा था कि आपके साथ मंच पर जो व्यक्ति बैठा है, उसे एसओजी तलाश रही है। कांग्रेस ने रविंद्र भाटी के इस आरोप को गलत बताया है।

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जयपुर। देश में लोकसभा चुनाव को लेकर सोनिया गांधी ने जयपुर में शनिवार को पहली जनसभा की। सोनिया राजस्थान से राज्यसभा सदस्य बनीं है। यही कारण रहा कि उन्होंने चुनावी रैली की शुरूआत जयपुर से की। चुनावी सभा में राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी भी मौजूद थीं। रैली सुबह 11 बजे रखी गई थी। लेकिन दो घंटे की देरी से दोपहर 1 बजे सोनिया, खरगे और प्रियंका पहुंचने पर शुरू हुई। मंच पर नेताओं के हिसाब से कांग्रेस एकजुट थी, लेकिन उनकी एकजुटता भीड़ में नहीं दिखीं।

 

यह रैली छह लोकसभा सीट जयपुर, जयपुर ग्रामीण, अजमेर, दौसा, सीकर, अलवर को लेकर रखी गई थी। बावजूद इसके सुनने वालों की संख्या रैली के दौरान ही पंडाल ही नहीं मंच पर भी खुसुरफुसुर का विषय बन गई। सभा में सभी नेताओं ने एक ही संदेश देने की कोशिश की कि कांग्रेस जो कहती है वो करती है, और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी झूठ के सिवाय कुछ नहीं बोलते। यदि मोदी को सत्ता मिली तो संविधान को बदल देंगे और संवैधानिक संस्थाएं खत्म हो जाएंगी। आरएसएस के नेता दो-तिहाई बहुमत की बात कर रहे हैं, जिससे संविधान को बदला जा सके।


जनसभा में कांग्रेस ने जनघोषणा पत्र की 25 गारंटियों को जनता के बीच रखा और कहा कि जो वादा किया जा रहा है वो पूरा करेंगे। पहले राज्यों में जो गारंटी दी वो पूरी की है, इसके राजस्थान, कर्नाटक, हिमाचल और तेलंगाना गवाह है। अब आप सोच-समझकर अपने मुद्दों पर वोट करें। कांग्रेस का घोषणा-पत्र महज घोषणाओं की सूची नहीं, जिसे चुनाव के बाद भूल जाएंगे। ये एक संघर्ष की आवाज है, देश की आवाज है, जो आज न्याय मांग रही है।


सोनिया ने उठाए मुद्दे... लोकतंत्र की मर्यादा का चीरहरण कर रहे

- मोदी खुद को महान मानते हैं और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का चीरहरण कर रहे, विपक्ष के नेताओं को डराया-धमकाया जा रहा और जेल में डाला जा रहा है। चारों तरफ अन्याय और तानाशाही का माहौल है।
- ये देश चंद लोगों की जागीर नहीं है, हमारे पूर्वजों ने इसे खून से सींचा है। ये देश हमारे बच्चों का आंगन है, उन्हें पता होना चाहिए कि देश से ऊपर कोई नहीं
- देश में 10 साल से ऐसी सरकार है जिसने महंगाई, बेरोजगारी बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी
- देश से बड़ा होने के बारे में कोई सोच रहा है तो देश की जनता सबक सिखा देगी
- देश में संविधान बदलने की साजिश हो रही है। लोकतंत्र का चीर हरण हो रहा है
- इतने साल बाद महान ज्योति मद्दम पड़ गई हैं। चारों ओर अन्याय का अंधकार बढ़ा है। हमारा संकल्प होना चाहिए कि हम इसके खिलाफ लड़ेंगे और न्याय की रोशनी खोजेंगे।
- मुझे पूरा यकीन है कांग्रेस के हमारे साथी न्याय के दीपक को सीने की आग से जलाएंगे और हजारों की आंधियों से संभाल आगे बढ़ेंगे।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी बोली...

- राजस्थान में भाजपा आते ही चिरंजीवी योजना बंद हो गई और 25 लाख का बीमा अब 5 लाख हो गया।
- भाजपा के नेता और मोदी खोखले संसार रह रहे हैं। गाजे बाजे में, शोहरत में, आपको केवल अच्छा दिखता है, बड़ी इवेंटबाजी दिखती है। ये सब सच्चाई छिपाने के लिए है
- दो सीएम जेल भेज दिए, कहते हैं भ्रष्टाचार पर वार है, लेकिन सब भ्रष्टाचारियों को अपनी पार्टी में शामिल कर रहे हैं, वहां जाकर वे स्वच्छ हो रहे हैं
- हम न्याय की गारंटी दे रहे हैं, लोकतंत्र की रक्षा करेंगे। हमारे पूर्वजों ने लोकतंत्र को बचाया है, नेताओं ने जान दी।
- असलियत को पहचानने का समय आ गया है, सुनने को मिलता है अबकी बार 400 पार।
- सभी को मोदी कहां भ्रमण कर रहे हैं, हवाई जहाज, कभी समुंदर में पानी के नीचे, यही दिख रहा है
- लेकिन आपकी तकलीफों को कोई नहीं दिखा रहा, मदद के लिए कोई नहीं आ रहा, बेरोजगारी चरम पर है
- योजनाएं बडे उद्योगपतियों के लिए हैं, ये 5 किलो राशन देंगे पर रोजगार नहीं, आपके बच्चों को पैरों पर खड़ा नहीं होने देंगे
- अग्निवीर जैसी योजना लाकर सेना में जाने वाले युवाओं की आशाएं तोड़ दी
- देश के हर प्रदेश में पेपर लीक हो रहे हैं और नौकरी नहीं मिल रही।
- पांच साल से आपके संघर्ष के बारे में टीवी या मीडिया पर नहीं दिख रहा। अखबारों में पढ़ने को नहीं मिल रहा
- किसान सड़क पर आंदोलन कर रहे हैं, उनकी सुनवाई नहीं हो रही, हर चीज पर जीएसटी लागू की जा रही है

अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा...

- मोदी जहां जाते हैं वहां नया झूठ बोलते हैं, उन्होंने जो गारंटियां दी वे अब तक पूरी नहीं हुई हैं। वे केवल गांधी परिवार को गालियां देने का काम करते हैं।
- मोदी आजकल रेलवे लाइनों को लेकर चर्चा में हैं, लाइनें तो ब्रिटिश काल और नेहरूजी के जमाने से हैं, मोदी उन लाइनों पर एक-एक ट्रेन को हरी झंडी दिखा रहे हैं, लेकिन ये इंफ्रास्ट्रक्चर तो हमने तैयार किया, क्रेडिट खुद ले रहे
- मोदी की पहली गारंटी युवाओं को हर साल दो-दो करोड़ नौकरियां देंगे, 10 साल में 20 करोड़ नौकरी देनी थी, क्या मिली
- मोदी हमसे 70 साल का हिसाब मागते हैं, हम 55 साल सत्ता में रहे और हिसाब देने अब जयपुर आए हैं। अब आप भी दो हिसाब क्या किया
- मोदी जी कहते हैं देश का विकास हो रहा है, एयरपोर्ट, आईआईटी और एम्स तो कांग्रेस लाई
- मोदी इस बार नया सॉन्ग और ड्रामा लाए हैं, मोदी की गारंटी..। गारंटी शब्द हमारा चुरा लिया है.

 

वीडियो देखेंः- Sonia Gandhi On PM Modi: लोकतांत्रिक मर्यादाओं का चीरहरण कर रहे मोदी, देश चंद लोगों की जागीर नहीं

लंदन. लंदन की क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने दृष्टि और स्पर्श के बारे में सदियों पुराने दार्शनिक प्रश्न का समाधान निकालने का दावा किया है। डॉ. एलिसबेटा वर्साचे के नेतृत्व में टीम ने 1688 में विलियम मोलिनेक्स द्वारा पूछे गए प्रश्न का जवाब ढूंढने के लिए चूजों की मदद ली। प्रश्न था, क्या कोई जन्म से दृष्टिहीन व्यक्ति दृष्टि प्राप्त करने के तुरंत बाद वस्तुओं को पहचान सकता है। मोलिनेक्स की थ्योरी के मुताबिक जन्म से दृष्टिहीन व्यक्ति घन और गोले में अंतर करना सीखता है। लेकिन दृष्टि प्राप्त करने के बाद वह बिना स्पर्श किए घन (क्यूब) और गोले (स्फेयर) को पहचानने में सक्षम होगा? डॉ. वर्साचे का कहना है कि इंसानों में इस प्रश्न का जवाब खोजना नैतिक रूप से चुनौती था, इसलिए चूजों का उपयोग किया गया। स्कूल ऑफ बायोलॉजिकल एंड बिहेवियरल साइंसेज के व्याख्याता डॉ. वर्साचे बताते हें कि इंसान और अन्य स्तनधारियों के विपरीत चूजे अच्छी तरह से विकसित संवेदी प्रणालियों के साथ पैदा होते हैं।

चूजों को 24 घंटे के लिए अंधेरे में रखा
शोधकर्ताओं ने चूजों को जीवन के पहले 24 घंटों के लिए चिकनी और ऊबड़-खाबड़ वस्तुओं के संपर्क में रखा गया, जो उनका पहला स्पर्श था। लेकिन जैसे ही इन चूजों को पहली बार प्रकाश में लाया गया, तो जिन चूजों ने चिकनी वस्तुओं को स्पर्श किया था, वे उनके करीब पहुंचे, जबकि ऊबड़-खाबड़ वस्तुओं को छूने वाले चूजे ऐसी वस्तुओं के ही करीब गए। इससे शोधकर्ताओं ने पाया कि चूजे बिना किसी पूर्व दृश्य अनुभव के भी स्पर्श को दृष्टि से जोड़ सकते हैं। डॉ. वर्साचे ने कहा, यह ख्चाोज पारंपरिक सिद्धांतों का खंडन करती है। इससे पता चलता है कि हमारा दिमाग अलग-अलग इंद्रियों के बीच संबंध बनाने के लिए पहले से ही तैयार है। इससे यह समझ भी विकसित होती है कि हमारी इंद्रियां कैसे विकसित होती हैं और हमारे आसपास की दुनिया के साथ कैसे संवाद करती हैं?

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  • science-and-tech
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