>>: पांच भीषण अग्निकांड, करोड़ों का नुकसान... फिर भी नहीं टूटी निद्रा

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दीपक सोनी/राजेन्द्र सोनी

पोकरण/रामदेवरा. लोकदेवता बाबा रामदेव की कर्मस्थली रामदेवरा, जहां प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु बाबा रामदेव की समाधि के दर्शनों के लिए आते है। यही नहीं हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते है। रामदेवरा में एक हजार से अधिक दुकानें व 500 से अधिक होटलें एवं धर्मशालाएं स्थित है। जबकि यहां आग की घटनाओं को काबू करने के लिए कोई प्रबंध नहीं है। बीते 7 वर्षों में आग की 5 बड़ी घटनाओं में करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ, लेकिन अभी तक रामदेवरा में दमकल की व्यवस्था करने को लेकर जिम्मेदारों की निद्रा नहीं टूट रही है। गौरतलब है कि लोकदेवता बाबा रामदेव की समाधि रामदेवरा गांव में स्थित है। पोकरण से मात्र 13 किमी की दूरी पर स्थित रामदेवरा में प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु आते है। इसके अलावा माघ मेले, दो बार नवरात्र के दौरान यहां मेले का आयोजन होता है। इस दौरान हजारों श्रद्धालु पहुंचते है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर 500 से अधिक होटलें व धर्मशालाएं स्थित है। जिसके चलते छोटा सा गांव भी किसी बड़े शहर की तरह नजर आता है। साथ ही श्रद्धालुओं की आवक से रोनक और भी बढ़ जाती है।
इसलिए बढ़ती है आग
रामदेवरा गांव में एक हजार से अधिक दुकानें स्थित है। इनमें से अधिकांश दुकानों के शटर की बजाय कपड़े के पर्दे लगे हुए है। साथ ही छाया के लिए बाहर पर्दे लगाए गए है। ऐसे में आग की घटना होने पर कपड़े के पर्दों के कारण आग बढ़ती चली जाती है। किसी एक दुकान या कचरे मेंं आग लगने पर पर्दों के कारण आग आगे बढ़ते हुए पास स्थित अन्य दुकानों को भी चपेट में ले लेती है।
7 सालों में 5 घटनाएं
- 30 अगस्त 2016 को रामदेव अन्नक्षेत्र के पास 12 दुकानों में आग लगी।
- 26 फरवरी 2019 की मध्यरात्रि बाद मुख्य बाजार में एक दुकान में लगी आग ने पास स्थित 32 दुकानों को चपेट में ले लिया।
- 31 मार्च 2021 को ग्राम पंचायत की 3 दुकानों में आग लगी। जिससे लाखों रुपए का सामान जला।
- 4 अप्रेल 2021 को वीआइपी रोड पर एक दुकान में आग लगी। जिससे हजारों रुपए का सामान जलकर नष्ट हुआ।
करोड़ों का नुकसान, बाहरी पीडि़तों का बेहाल
बीते 7 सालों में 5 बार आग की घटनाएं हो चुकी है। इन घटनाओं में एक दुकान में लगी आग कपड़े के पर्दों के कारण आगे बढ़ी। इन 5 घटनाओं में एक साथ ही कई दुकानों में लगी आग के कारण करोड़ों रुपए का नुकसान हो चुका है। यही नहीं इन घटनाओं में कई पीडि़त तो बाहरी प्रदेशों से यहां आकर आजीविका के लिए दुकान लगाकर बैठे है। जिनका आग के कारण हुए नुकसान से बेहाल हो गया।
13 किमी में लग जाती है देर
रामदेवरा से पोकरण की दूरी मात्र 13 किमी ही है। आग की घटना होने पर नजदीकी पोकरण नगरपालिका की दमकल को सूचित किया जाता है। कई बार दमकल के पहुंचने में देरी हो जाती है। जिसके कारण आग आगे बढ़ जाती है। जिससे नुकसान अधिक हो जाता है। जबकि रामदेवरा में आग बुझाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।
हालात हो जाते है विकट
रामदेवरा को वर्षों बाद भी दमकल का इंतजार बना हुआ है। हालांकि ***** मेले के दौरान जैसलमेर से एक दमकल रामदेवरा में लगाई जाती है, लेकिन अन्य महिनों में यहां दमकल की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण आग की घटना होने पर पोकरण से दमकल बुलवानी पड़ती है। कई बार दमकल के देरी से पहुंचने की स्थिति में आग बढ़ जाती है और हालात विकट हो जाते है।
क्या हुआ तेरा वादा...
रामदेवरा गांव में 26 फरवरी 2019 की मध्यरात्रि बाद लगी आग से 32 से अधिक दुकानें एवं करोड़ों रुपए का सामान जलकर नष्ट हो गया था। जिसके बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और अल्पसंख्यक मामलात मंत्री व पोकरण विधायक शाले मोहम्मद ने आग की घटना का जायजा लिया। मंत्री ने विधायक मद से रामदेवरा में दमकल की घोषणा की, लेकिन ग्राम पंचायत की ओर से सारसंभाल की सहमति नहीं देने और अन्य कोई इंतजाम नहीं होने के कारण दमकल नहीं मिल पाई। इसके बाद एक बार जिला कलक्टर ने भी यहां स्थायी रूप से दमकल की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया, लेकिन वह आश्वासन भी कोरा ही निकला।
फैक्ट फाइल:-
- 10 हजार है रामदेवरा गांव की आबादी
- 50 लाख से अधिक श्रद्धालु आते है प्रतिवर्ष रामदेवरा
- 5 भीषण अग्निकांड हो चुके है बीते वर्षों में
- 13 किमी दूर है पोकरण उपखंड मुख्यालय
करवाया है अवगत
रामदेवरा में आग लगने पर पोकरण से दमकल भिजवाते है। मात्र 13 किमी दूरी के कारण समय ज्यादा तो नहीं लगता, लेकिन कई बार कुछ कारणों से थोड़ी देरी हो जाती है। दमकल की घोषणा की उन्हें जानकारी नहीं है। धार्मिक नगरी में दमकल की व्यवस्था के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया गया है।
- प्रभजोतसिंह गिल, उपखंड अधिकारी, पोकरण

 

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