नागौर. बालवा रोड स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की सार-संभाल करने वाले जिम्मेदारों की बेपरवाही के चलते पालीटेक्निक कॉलेज के सामने चेंबर से ओवरफ्लो होकर खुली जगह पर फैल रहा है। इसके चलते यहां लगभग सौ मीटर से ज्यादा के हिस्से में गंदे पानी का छोटा तालाब बन गया है। इस ओर ध्यान नहीं दिए जाने के कारण आसपास की आवासीय कॉलोनियों के साथ ही करीब आधा दर्जन सरकारी भवनों पर संकट उत्पन्न हो गया है।
शहर से सीवरेज प्लांट में जाना वाला अब लोगों के लिए खतरा बनने लगा है। बताते हैं कि शहर से सीवरेज का पानी ट्रीटमेंट प्लांट जाता है। प्लांट की ओर ओर से सीवरेज का पूरा पानी नहीं लिए जाने के चलते यह वहां पर लगे हुए चेंबर्स से ओवरफ्लो होकर बाहर निकलकर एकत्रित हो रहा है। यह सिलसिला पिछले कई दिनों से लगातार चल रहा है, लेकिन इस पर प्लांट के जिम्मेदारों का ध्यान ही नहीं गया। इसके चलते यह काफी बड़े हिस्से में अब तक फैल चुका है। इसके चलते अल्पसंख्यक बालिका छात्रावास, उसके पास राजकीय किशोर एवं संप्रेषण गृह परिसर व डॉ. भीमराव अम्बेडकर आवासीय कॉलोनी एवं पालीटेक्निक कॉलेज आदि भवनों की बुनियाद खतरे में पड़ गई है। स्थिति यह हो गई है कि अल्पसंख्यक छात्रावास की दीवारों में जहां दरारें आ गई है, वहीं अन्य भवनों की स्थिति भी अब बिगडऩे लगी है। इसके साथ ही यहां पर पर्यावरणीय का संकट भी उत्पन्न हो गया है। बताते हैं कि सीवरेज के बहते गंदे पानी के कारण लोगों का इस राह से गुजरना भी मुश्किल हो गया है। पूरे वातावरण में हमेसा दुर्गन्ध बनी रहती है। रात्रि में हालत और ज्यादा खराब हो जाती है। इससे यहां पर छात्रावास में दुर्गन्ध के साथ पहुंचते विषैले मच्छरों की वजह लोगों का रहना मुश्किल हो गया है। पानी का जमाव होने के कारण यह गंदा रिसकर धीरे-धीरे जमीन के अंदर पहुंचने लगा है। इसकी वजह से यहां के भूजल के भी प्रदूषित होने की स्थिति बन गई है। इस संबंध में जल्द ही कुछ नहीं किया गया तो फिर हालात और ज्यादा विकट हो सकते हैं।
इनका कहना है...
सीवरेज का पानी चेंबर्स से ओवरफ्लो हो रहा तो इसकी जांच करा कर इसका समाधान कराता हूं।
देवीलाल बोचल्या, आयुक्त नगरपरिषद नागौर