जयपुर
माली, कुशवाहा समेत समेत कई समाज के लोगों ने भरतपुर में आंदोलन कर रखा है। जयपुर आगरा नेशनल हाइवे को पिछले चार दिन से बंद है। व्यस्ततम हाइवेज में शामिल इस हाइवे पर आने जाने वाले वाहनों को अलग अलग रूट्स से निकाला जा रहा है जिससे समय और इंधन दोनो की ज्यादा खपत हो रही है। आरक्षण की यह आग आज भी जारी है और इसी कारण आज रात बाारह बजे तक इंटरनेट बंदी बढ़ा दी गई है। यानि आज रात बारह बजे तक भरतपुर जिले के वैर, कुम्हेर और अन्य प्रभावित इलाकों में इंटरनेट बंद रहेगा। ऐसे में आंदोनलकारियों को प्रदर्शन भी जारी है।
लेकिन आज आंदोलन स्थल से बड़ी खबर आई है। आंदोलन स्थल पर आज सवेरे एक युवक ने जान ने दी। बताया गया कि आरक्षण नहीं मिलने के चलते उसने ऐसा कदम उठाया है। उसकी लाश को पुलिस ने कब्जे में लेने की कोशिश की लेकिन आंदोलनकारियों ने लाश नहीं उठाने दी। अब उसकी मौत के बाद परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। माहौल खराब होने का भी डर स्थानीय पुलिस को सता रहा है।
पुलिस को सूचना मिली कि आज सवेरे आंदोनल स्थल पर बबूल के एक पेड से शव लटका मिला। उसकी पहचान मोहन सिंह पुत्र परभाती लाल के रुप में हुई। वह भरतपुर के ही मूंढिया गंधार गांव का रहने वाला था। उसकी पेंट की जेब से एक सुसाइड नोट भी मिलना बताया जा रहा है। उसमें लिखा हुआ है कि महात्मा ज्योतिराव फूले की जय 12 प्रतिश आरक्षण लेकर रहेंगे...। मौके पर चर्चा है कि नेताओं के द्वारा बार बार बयान बदलने के कारण मोहन सिंह आहत था।
उल्लेखनीय है कि समाज से जुड़े शीर्ष नेताओं की रिहाई के बाद अब आंदोलन दो फाड़ होता दिख रहा है। एक पक्ष आज सीएम और अन्य प्रशासनिक अफसरों से मुलाकात के बाद आंदोलन खत्म करने की तैयारी में है तो दूसरा पक्ष आंदोलन करने में अडा हुआ हैं। ऐसे में अगर शीर्ष नेता आंदोलन स्थगित कर देते हैं तो बाकि बचे हुए लोगों को पुलिस बल पूर्वक हटा सकती है।