>>: वीआईपी नंबर लेने की होड़...0001 के लिए 2 लाख की बोली

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अलवर. गाडिय़ों पर वीआईपी नम्बर का अलग ही क्रेज है। इसमें भी अगर 0001 या 0007 जैसे नम्बर हों तो फिर क्या कहने। अलवर जिले में भी लोगों में अपनी गाडिय़ों पर वीआईपी नम्बर लेने की होड़ मची हुई है। अपनी मनपसंद का नम्बर लेने के लिए लोग लाखों रुपए खर्च करने से भी नहीं चूक रहे।
अलवर में शुरू हुई वाहन नंबरों की नई सीरिज में लोग वीआईपी नंबर खूब चाव से खरीद रहे हैं। दरअसल, परिवहन विभाग ने कुछ माह पहले आरटीओ अलवर को नई सीरीज आवंटित की थी। एक जनवरी से 23 मई तक 26 हजार 895 वाहनों पर सामान्य नम्बर लिए गए हैं। वहीं, 280 वीआईपी नंबर लोगों ने अपने दुपहिया और चौपहिया वाहनों के लिए खरीदे। इनमें से कई नंबरों के लिए लोगों ने बोली भी लगाई। वाहन मालिकों द्वारा 10 हजार रुपए से लेकर 2 लाख रुपए तक विभिन्न वीआईपी नंबर खरीदे गए।


वीआईपी नंबर के लिए 46.67 लाख रुपए चुकाए
अलवर आरटीओ से पिछले करीब साढ़े पांच माह में दुपहिया और चौपहिया वाहनों के लिए 280 वीआईपी नम्बर खरीदे गए हैं। जिनकी एवज में वाहन मालिकों ने सरकार को 46 लाख 67 हजार रुपए की राशि जमा कराई है। इनमें दुपहिया वाहन पर 0001 नम्बर के लिए 10 हजार से 20 हजार रुपए तथा चौपहिया वाहन पर 0001 नम्बर के लिए 51 हजार रुपए से 2 लाख 2 हजार रुपए तक की बोली लगाई गई।


ऐसे ले सकते हैं वीआईपी नंबर
प्रदेश में किसी भी जिले के किसी भी कोड में आसानी से नंबर अलॉट कर सकते हैं। इसके लिए संबंधित आरटीओ कार्यालय में जाने की आवश्यकता भी नहीं है।
0001, 0002, 0004, 00006, 0007, 9999, 8888, 7000, 0777 व 5555 सहित अन्य नंबरों को फैंसी नंबर कहा जाता है। कार या बाइक के लिए मनचाहा नंबर पाने के लिए रजिस्ट्रेशन कराना होता है। इसके बाद वीआईपी नंबर्स की बोली लगती है। अलग-अलग राज्यों के लिए अलग-अलग नबंर्स के विकल्प दिए जाते हैं। नंबर के अनुसार परिवहन विभाग को पैसा चुकाना होता है। कार या बाइक का नंबर जितना फैंसी होता है, उसकी कीमत उतनी ज्यादा होती है। यदि एक नंबर के लिए ज्यादा लोग आवेदन करते हैं तो फिर ऑनलाइन बोली लगती है।
चौपहिया वाहन का कौनसा फैंसी नंबर कितने में बिका
फैंसी नंबर राशि (रुपए में)
आरजे 02 सीजे 0001 2,02,000
आरजे 02 यूसी 0006 1,02,000
आरजे 02 यूसी 5555 1,02,000
आरजे 02 सीजे 0007 1,01,000
आरजे 02 सीएच 0002 51000
आरजे 02 सीजी 0004 51000
आरजे 02 सीजी 0777 51000
आरजे 02 यूसी 0004 51000

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